BSF jawan detained Pakistan

Pregnant wife plea: गलती से सरहद पार पहुंचे BSF जवान को पाकिस्तानी रेंजरों ने नहीं छोड़ा, परेशान गर्भवती पत्नी ने की यह गुजारिश

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के अगले दिन यानी 23 अप्रैल को पंजाब के फिरोजपुर में एक सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का जवान पूर्णम कुमार साव, जो कि गलती से बॉर्डर पार करके पाकिस्तान चला गया था। इस गलती की वजह से उसे पाकिस्तानी रेंजर्स ने हिरासत में ले लिया। आज छह दिन बीत जाने के बाद भी जवान को पाकिस्तान रेंजर्स ने नहीं रिहा किया है। होती देरी को देख इस बीच बीएसएफ जावन की परेशान पत्नी अपने पति का कुशलक्षेम जानने के लिए सोमवार को कोलकाता से पंजाब पहुंच गई। बता दें कि बीएसएफ (BSF) जवान की पत्नी रजनी जो कि गर्भवती है, वो सोमवार देर शाम को अपने 8 साल के बेटे आरव, 2 बहनों और 1 भाई के साथ चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर (Pregnant wife plea) पहुंची। इस दरम्यान कोलकाता से रवाना होने से पहले बीएसएफ जावन के बेटे ने भावुक होते हुए कहा कि “पाकिस्तान हमारा सब कुछ ले ले, बस मेरे पिता को छोड़ दे।” जरूरत पड़ी तो दिल्ली का भी दरवाजा (Pregnant wife plea) खटखटाएंगी- रजनी  बीएसएफ जवान की पत्नी ने कहा कि “उनके पति को छह दिन पाकिस्तानी सेना ने कैद कर रखा है। वो पंजाब जाकर सीमा सुरक्षा बल के अफसरों से बात करेंगी। और जरूरत पड़ी तो दिल्ली का भी दरवाजा (Pregnant wife plea) खटखटाएंगी।” इस बीच उन्होंने साफ़ कहा कि “बीएसएफ के अधिकारियों ने उनसे कहा है कि वो चिंता न करें, उनके पति ठीक हैं।” जवान की पत्नी ने कहा कि “उनके पति दुश्मन देश की सेना की कैद में तो उनको चिंता कैसे नहीं होगी भला।” इस पूरे मामले पर बीएसएफ जवान की पत्नी ने कहा कि “उनको संदेह हो रहा है कि उनसे अवश्य कुछ छिपाया जा रहा है। दरअसल, 23 अप्रैल को बीएसएफ के जवान पूर्णम कुमार साव फिरोजपुर में भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर फसल काट रहे किसानों पर नजर रखने और उनकी सुरक्षा हेतु गए थे, लेकिन गलती से पूर्णम कुमार साव बॉर्डर पार गए। जहां पाकिस्तानी रेंजर्स से उनको पकड़ लिया।  इसे भी पढ़ें:-  पहाड़ पर मिली नक्सलियों की सीक्रेट गुफा, एक साथ हजारों लोग छुप सकते हैं यहां, शिवलिंग और जलस्त्रोत भी मिला जवान को रिहा करने की गुजारिश भी कि लेकिन पाक रेंजर्स जवान को रिहा करने के लिए तैयार नहीं (Pregnant wife plea) हुए ऐसा नहीं है कि बीएसएफ के अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक जिस रोज पूर्णम कुमार साव बॉर्डर पार गए थे उसी दिन बीएसएफ के अधिकारियों ने पाक रेंजर्स से दो बार फ्लैग मीटिंग की। इस दौरान उन्होंने जवान को रिहा करने की गुजारिश भी कि लेकिन पाक रेंजर्स जवान को रिहा करने के लिए तैयार नहीं (Pregnant wife plea) हुए। इतना ही नहीं, बाद में बार-बार फ्लैग मीटिंग बुलाने पर भी पाकिस्तान का कोई भी अधिकारी बैठक में नहीं आया। कहने की जरुरत नहीं कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच एक फिर चरम पर पहुंच गया है। दोनों देशों के बीच युद्ध की स्थिति बानी हुई है। भारत पहलगाम हमले को पाकिस्तानी सेना की साजिश बता रहा है। पाकिस्तान में भय का माहौल है।  Latest News in Hindi Today Hindi Pregnant wife plea #BSFJawan #PakistanRangers #PregnantWife #BorderIncident #IndiaPakistanTensions #BSFNews #EmotionalPlea #SoldierDetained #BSFUpdate #BreakingNews

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West Bengal Teacher News

Muslim teacher leaves Islam: पहलगाम हमले से आहत पश्चिम बंगाल के मुस्लिम टीचर ने इस्लाम त्यागते हुए कही यह बड़ी बात

 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए कायराना हमले में 26 निर्दोष लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। कुल 28 टूरिस्टों ने इस हमले में जान गंवाई थी, जिनमें दो विदेशी नागरिक भी थे। इस हमले में 20 से अधिक लोग घायल हुए थे। निश्चित ही इस घटना को कभी भुलाया जा सकता है। इस घटना को लेकर देश के साथ-साथ दुनिया भर के अमन पसंद लोगों में रोष व्याप्त है। लोग इस बात को लेकर इस कदर चिंतित हैं कि भला कोई कैसे इस तरह धर्म पूछ कर किसी को मार सकता है? इस बात से कोई इंकार नहीं कर सकता कि दुनिया का सबसे बड़ा धर्म मानवता है। मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं है। पहलगाम की घटना का असर ऐसा कि लोग अपने आप विशेष धर्म से जोड़ने से भी शर्मिंदा महसूस करने लगे हैं। ऐसे ही एक शख्स हैं पश्चिम बंगाल से जिनका ह्रदय इस कदर द्रवित हुआ कि उन्होंने अपना मजहब ही (Muslim teacher leaves Islam) छोड़ दिया। दरअसल, इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल के एक मुस्लिम टीचर साबिर हुसैन ने इस्लाम मजहब छोड़ने का फैसला लिया है। यह फैसला स्वतंत्र रूप से (Muslim teacher leaves Islam)  लिया है बता दें कि पहलगाम में आतंकियों ने लोगों का धर्म देखकर और कलमा पढ़वाकर निर्दोष लोगों को मारा था। इससे साबिर हुसैन इस कदर आहत हुए कि इस्लाम छोड़ने का ही मन बना लिया। वो दक्षिण 24 परगना जिले के बादुरिया स्थित निर्माण आदर्श विद्यापीठ में विज्ञान के शिक्षक हैं। स्कूल टीचर साबिर हुसैन ने कहा है कि “देश में आए दिन मजहब के नाम पर हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे वो बेहद दुखी हैं।” पहलगाम आतंकी हमले से आहत साबिर हुसैन ने इस्लाम छोड़ने के लिए कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया है। साबिर हुसैन के मुताबिक उन्होंने यह फैसला स्वतंत्र रूप से (Muslim teacher leaves Islam)  लिया है और कहा है कि उनकी पत्नी और उनके बच्चे जो भी रास्ता चुने वह उन्हें पूरी आजादी देंगे। इसे भी पढ़ें:- मोदी सरकार ने की वॉटर स्ट्राइक, बूंद-बूंद के लिए तरसेगा पाकिस्तान मैं सिर्फ एक इंसान के रूप में जाना जाना चाहता हूं, किसी धार्मिक पहचान की वजह से (Muslim teacher leaves Islam) नहीं स्थनीय मीडिया से बात करते हुए साबिर हुसैन ने कहा कि “हिंसा फैलाने के लिए बार-बार धर्म का गलत इस्तेमाल किया जाता है, जो सही नहीं है।” उन्होंने इसपर आगे कहा कि “मैं किसी धर्म का अनादर नहीं कर रहा हूं। यह मेरा निजी फैसला है। मैंने देखा है कि किस तरह हिंसा फैलाने के लिए एक हथियार के रूप में धर्म का इस्तेमाल किया जाता है। कश्मीर में ऐसा कई बार हुआ है। मैं अब इसे बर्दाश्त नहीं कर सकता।” व्यथित मन से उन्होंने आगे कहा कि “मैं सिर्फ एक इंसान के रूप में जाना जाना चाहता हूं, किसी धार्मिक पहचान की वजह से (Muslim teacher leaves Islam) नहीं। इसलिए मैं कोर्ट में आवेदन करने आया हूं। पहलगाम जैसी हिंसक घटनाओं में महजब का गलत इस्तेमाल किया जाता है। किसी को उसके धर्म की वजह से मारना कैसे ठीक है? ये मुझे बहुत आहत करता है।” वो यहीं नहीं रुके, साबिर ने आगे कहा कि “मौजूदा माहौल पर टिप्पणी करते हुए हुसैन ने कहा कि वह ऐसी दुनिया में नहीं रहना चाहते हैं, जहां सब कुछ मजहब के इर्द-गिर्द घूमता रहता है। आजकल सब कुछ धर्म के इर्द-गिर्द घूमता हुआ लगता है। मैं ऐसी दुनिया में नहीं रहना चाहता।”  Latest News in Hindi Today Hindi Muslim teacher leaves Islam #MuslimTeacher #LeavesIslam #PahalgamAttack #ReligiousConversion #WestBengalTeacher #IslamToHumanity #FaithChange #AfterPahalgamAttack #NewsUpdate #ViralNews

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Rahul Gandhi controversy

BJP social media posts: भाजपा आईटी सेल को राहुल गांधी के खिलाफ सोशल मीडिया पर पोस्ट करना पड़ा भारी,  एफआईआर दर्ज

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ सोशल मीडिया पर पोस्ट करना कर्नाटक भाजपा के आईटी सेल को भारी पड़ता (BJP social media posts) दिख रहा है। जानकारी के मुताबिक बेंगलुरु के हाई ग्राउंड्स पुलिस स्टेशन में भाजपा आईटी सेल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। बता दें कि केपीसीसी लीगल यूनिट के अध्यक्ष सीएम धनंजय ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कराया है। धनंजय ने आरोप लगाते हुए कहा कि “प्रदेश भाजपा आईटी सेल ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट डाला है। पोस्ट में लिखा है कि जब भी कांग्रेस नेता राहुल गांधी विदेश जाएंगे, कश्मीर में एक के बाद ऐसे हमले होंगे। इस प्रकार के भड़काऊ पोस्ट डालकर राहुल गांधी के खिलाफ गलत जानकारी और भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है।”  इस तरह के पोस्ट से देश में शांति और सद्भाव का माहौल हो (BJP social media posts) सकता है खराब  धंनजय का कहना है कि “इस तरह के पोस्ट से देश में शांति और सद्भाव का माहौल खराब हो (BJP social media posts) सकता है। राहुल गांधी के खिलाफ झूठी खबरें फैलाने और उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने की कोशिश की जा रही है।” दरअसल, धनंजय का आरोप है कि इस प्रकार के पोस्ट से उनकी छवि को जनता की नजर में बिगाड़ने के लिए की जा रही है। इस बीच अब उन्होंने पुलिस से पोस्ट के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने की अपील की है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पोस्ट का उद्देश्य जनता की भावनाओं को भड़काना और वैमनस्य पैदा करना था। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इसे भी पढ़ें:- मधुबनी में गरजते हुए पीएम मोदी ने कहा, आतंकियों को उनकी सोच से भी ज्यादा दी जाएगी बड़ी सजा जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में कायराना आतंकी हमले के बाद सर्वदलीय (BJP social media posts) हुई बैठक  बता दें कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में कायराना आतंकी हमले के बाद सर्वदलीय बैठक (BJP social media posts) हुई। इस बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि “सरकार ने सुरक्षा पर कैबिनेट समिति में लिए गए निर्णयों के बारे में जानकारी दी। तो वहीं आईबी और गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादी घटना कैसे हुई और चूक कहां हुई। हमले के बारे में और जानकारियां जुटाई जा रही हैं।” बता दें कि सर्वदलीय बैठक में गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और बीजेपी प्रमुख जेपी नड्डा शामिल हुए थे। इसके अलावा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, समाजवादी पार्टी के राम गोपाल यादव, एनसीपी-एसपी नेता सुप्रिया सुले, एनसीपी के श्रीकांत शिंदे, एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल और श्रीकांत शिंदे सहित तमाम दलों के नेता थे। कहने की जरूरत नहीं, पहलगाम हमले के बाद भारत सरकार पकिस्तान के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के मूड में है।  Latest News in Hindi Today Hindi BJP social media posts #RahulGandhi #BJPITCell #FIRAgainstBJP #PoliticalControversy #SocialMediaWar #IndianPolitics #BJPvsCongress #OnlineDefamation #PoliticalNews #ViralPolitics

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Congress Questions Govt Over Pahalgam Terror Attack

पहलगाम आतंक हमला- जनहित में सवाल उठाना जरूरी है: कांग्रेस 

22 अप्रैल 2025 वो काला दिन जब आतंकियों ने टूरिस्ट पर हमला कर दिया और लोगों की जान ले ली। बंदूकधारियों ने निशाना बनाकर आम नागरिकों की जान ली जिसमें 26 लोगों की जान चली गई और 17 से ज्यादा गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun kharge) की अगुआई में पार्टी ने शोक व्यक्त करते हुए इसे “कायराना एवं सुनियोजित हमला” कहा, जिसकी साजिश पाकिस्तान स्थित आतंकी तंत्र ने रची है। आधिकारिक बयान में बताया गया है कि हमलावरों ने हिंदू पर्यटकों को जानबूझकर चुनकर देश‑भर में सांप्रदायिक तनाव भड़काने की कोशिश की। कांग्रेस (Congress) ने जनता से शांति बनाए रखने और “हमारी सामूहिक शक्ति” दिखाने की अपील की—यह संकेत है कि आतंकवाद का असली उद्देश्य समाज में दरार पैदा करना है, जिसे विफल करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। कांग्रेस की सर्वदलीय बैठक  पार्टी ने हमले की रात ही प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की, जो आज निर्धारित है। ऐसे वक्त में राजनीतिक मतभेदों को किनारे रखकर साझा रणनीति बनाना आवश्यक है। सीमा‑पार आतंकवाद के प्रति दृढ़ता और एकता दोहराने का संदेश न सिर्फ सुरक्षा एजेंसियों का मनोबल बढ़ाता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी भारत की दृढ़ इच्छा‑शक्ति जाहिर करता है। सुरक्षा तंत्र की पड़ताल क्यों जरूरी पहलगाम को हाई‑सिक्योरिटी ज़ोन (High Security Zone) माना जाता है; यहाँ त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा और लगातार गश्त आम बात है। फिर भी हमला कैसे संभव हुआ? चूँकि केंद्रशासित प्रदेश सीधे केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन है, इसलिए व्यवस्था में कहां चूक हुई—यह सवाल लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अनिवार्य हिस्सा है। कांग्रेस (Congress) ने स्वतंत्र और निष्पक्ष जाँच की माँग करते हुए जोर दिया कि त्रुटियों को उजागर करना राष्ट्रविरोधी नहीं, बल्कि पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की संवैधानिक शर्त है। इसे भी पढ़ें:- मोदी सरकार ने की वॉटर स्ट्राइक, बूंद-बूंद के लिए तरसेगा पाकिस्तान अमरनाथ यात्रा की समय‑सापेक्ष चुनौती कुछ ही हफ्तों में वार्षिक अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra) आरंभ होगी, जिसमें देशभर से लाखों श्रद्धालु भाग लेते हैं। पहलगाम इसी मार्ग पर पड़ता है, इसलिए हालिया घटना ने सुरक्षा चिंताओं को कई गुना बढ़ा दिया। कांग्रेस कार्यसमिति ने “ठोस, पारदर्शी और सक्रिय” उपायों की तत्काल आवश्यकता रेखांकित की—ड्रोन निगरानी, आईडी‑आधारित ट्रैकिंग और स्थानीय स्वयंसेवकों का प्रशिक्षित दस्ता जैसे कदम अब विलम्बित नहीं हो सकते। साथ ही पार्टी ने सचेत किया कि पर्यटन‑आधारित अर्थव्यवस्था पर संकट का सीधा असर स्थानीय रोज़गार पर पड़ेगा; अत: सुरक्षा‑व्यवस्था ऐसी हो जो यात्रियों का विश्वास भी लौटा ए और स्थानीय आजीविका भी संरक्षित करे। उल्लेखनीय है कि जम्मू‑कश्मीर के सभी राजनीतिक दलों, धार्मिक संगठनों और सामाजिक वर्गों ने एक स्वर में इस नरसंहार की भर्त्सना की है। यह सर्वसम्मति आतंकियों के उस मंसूबे को नाकाम करती है जो घाटी को फिर से अस्थिर करने पर टिका था। कांग्रेस की संवेदनाएँ सिर्फ शोक संदेश नहीं, बल्कि उस बड़े राष्ट्रीय दृढ़‑संकल्प की अभिव्यक्ति हैं जिसका लक्ष्य है—आतंकवाद को परास्त करके शांति और विकास को मजबूत करना। आख़िरकार पहलगाम की इस त्रासदी ने एक बार फिर रेखांकित किया कि भारत की विविधता उसकी शक्ति है। जब निर्दोष पर हमला होता है, तो राजनीति, धर्म या क्षेत्र से ऊपर उठकर एकजुट होना ही सच्चा राष्ट्रधर्म है। आतंक चाहे कहीं से आए, जवाब हमेशा उसी सामूहिक एकता में निहित है जो 22 अप्रैल को शहीद हुए उन गाइडों की तरह निःस्वार्थ और अडिग रहती है। Latest News in Hindi Today Hindi Congress #PahalgamAttack #CongressStatement #JammuKashmir #TerrorAlert #IndiaNews #SecurityBreach #PahalgamNews #PoliticalDebate #NationalSecurity #BreakingNews

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PM Modi thundered in Madhubani,

PM Modi Madhubani speech: मधुबनी में गरजते हुए पीएम मोदी ने कहा, आतंकियों को उनकी सोच से भी ज्यादा दी जाएगी बड़ी सजा

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में टूरिस्टों पर आतंकवादियों द्वारा किए गए कायराना हमले में 26 लोग मारे गए थे। इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से पहली प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ देश का रूख साफ किया है। पीएम मोदी ने मधुबनी में (PM Modi Madhubani speech) आतंकवादियों को कड़ी सजा देने का वादा किया। उन्होंने आतंकियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि “भारत न्याय मिलने तक चैन से नहीं बैठेगा।  भारत आतंकवादियों को धरती के आखिरी छोर तक खदेड़ देगा।” दरअसल, बिहार के मधुबनी में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में जिस क्रूरता से आतंकवादियों ने निर्दोष नागरिकों की हत्या की, उससे पूरा देश दुखी है। इस बीच पीएम मोदी ने कहा कि “आइए हम सभी इस दुख की घड़ी में एक साथ खड़े हों और एक मिनट का मौन रखें। मैं सभी से आग्रह करता हूं कि 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकवादी हमले में खोए गए परिवार के सदस्यों को श्रद्धांजलि देने के लिए दो मिनट का मौन रखें।” बता दें कि इस दौरान प्रधानमंत्री ने ओम शांति का जाप भी किया। आतंकवाद को दंडित किए बिना नहीं छोड़ा (PM Modi Madhubani speech) जाएगा इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि “22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने देश के निर्दोष लोगों की हत्या कर दी। इस घटना के बाद पूरा देश शोक और पीड़ा में है। हम पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं। आज बिहार की धरती से भारत हर आतंकवादी, उसके आकाओं और उसके समर्थकों की पहचान करेगा, उन्हें ट्रैक करेगा और उन्हें सजा देगा। हम उन्हें धरती के आखिरी छोर तक खदेड़ेंगे। आतंकवाद से भारत कभी नहीं टूटेगा। आतंकवाद को दंडित किए बिना नहीं छोड़ा (PM Modi Madhubani speech) जाएगा। न्याय सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। पूरा देश इस संकल्प पर अडिग है। मानवता में विश्वास रखने वाला हर व्यक्ति हमारे साथ है। मैं विभिन्न देशों के लोगों और उनके नेताओं को धन्यवाद देता हूं, जो इस मुश्किल समय में हमारे साथ खड़े हैं।” उन्होंने आगे कहा कि मैं साफ शब्दों में कहना चाहता हूं कि इन आतंकवादियों और इस हमले की साजिश रचने वालों को उनकी कल्पना से भी बड़ी सजा मिलेगी। 140 करोड़ भारतीयों की इच्छाशक्ति अब आतंक के आकाओं की कमर तोड़ देगी।” बता दें कि इससे पहले, पीएम मोदी ने बिहार के मधुबनी में पहलगाम आतंकवादी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक मिनट का मौन रखा।” इसे भी पढ़ें:- मोदी सरकार ने की वॉटर स्ट्राइक, बूंद-बूंद के लिए तरसेगा पाकिस्तान दुनियाभर को संदेश देते हुए पीएम मोदी ने (PM Modi Madhubani speech) कहा कि “आतंकवाद को जड़ से मिटाने का समय आ गया है” बता दें कि बिहार दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के साथ दुनियाभर को संदेश देते हुए (PM Modi Madhubani speech) कहा कि “आतंकवाद को जड़ से मिटाने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि देश के दुश्मनों ने भारत की आत्मा पर हमला करने का दुस्साहस किया है। सख्त लहजे में उन्होंने कहा कि “मैं साफ कह रहा हूं, जिन्होंने ये हमला किया है, उन आतंकियों और हमले की साजिश रचने वालों को उनकी कल्पना से बड़ी सजा मिलेगी। अब आतंकियों की बची कुची जमीन को भी मिट्टी में मिलाने का समय आ गया है। निर्दोष पर्यटकों को मारने वाले आतंकियों को मिटाने के साथ-साथ पाकिस्तान का नाम लिए बगैर सख्त चेतावनी दी है। पीएम ने इस बात को हिंदी में ही नहीं बल्कि अंग्रेजी में भी दोहराया है, जिसका सीधा का मतलब है कि प्रधानमंत्री ने बिहार और देश के साथ-साथ दुनिया तक अपनी बात पहुंचाने की है। पीएम मोदी ने पहलगाम में मरने वालों को श्रद्धांजली देकर अपना भाषण शुरू किया था और आखिर में आतंकियों के साथ-साथ उन्हें भी सख्त लहजे में बता दिया है कि उनकी सोच से भी ज्यादा बड़ी सजा दी जाएगी।  Latest News in Hindi Today Hindi PM Modi Madhubani speech #PMModi #MadhubaniSpeech #ModiInBihar #NarendraModi #Terrorism #ModiRally #IndiaPolitics #Modi2025 #BiharElections #ModiLive

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Pahalgam Terror Attack Mastermind Exposed

Terror attack mastermind: कुर्सी के चक्कर में पहलगाम पर कराया हमला, पाकिस्तानी पत्रकार ने किया मास्टरमाइंड के नाम का खुलासा

मंगलवार को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में दोपहर तकरीबन तीन बजे हुए कायराना आतंकी हमले 26 निर्दोष नागरिकों को मौत के घाट उतार दिया गया था। इस हमले के बाद देश भर में रोष व्याप्त है। भारत ही नहीं दुनिया भर के देशों ने इस कायराना हमले की भर्त्सना की है। इस हमले की शक की सुई पाकिस्तान की ओर थी। भारत का शक सही साबित हुआ भी। ऐसा इसलिए कि पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार आदिल राजा ने गंभीर आरोप अपने ही देश पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आदिल राजा का दावा है कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर (Terror attack mastermind) के इशारे पर ही पहलगाम में आतंकी हमला हुआ है। दरअसल, आदिल राजा ने पाकिस्तान के खुफिया सूत्रों के हवाले से कहा है कि “असीम ने जानबूझकर पहलगाम में हमला कराया है, जिससे उसके खिलाफ चल रहे मामले को शांत किया जा सके।” बता दें कि आदिल राजा पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार होने के साथ-साथ ह्यूमन राइट्स वाच के लिए भी काम करते हैं। इस बीच पोस्ट लिखते हुए आदिल राजा ने कहा कि “यह पोस्ट जब मैं लिख रहा हूं तो लोग मुझे भारतीयों का एजेंट बताएंगे, लेकिन जो सच है कि वो यह कि पहलगाम का हमला मुनीर के कहने पर ही हुआ है। कई वरिष्ठ अधिकारियों ने यह बात ऑफ रिकॉर्ड कही है।” बता दें कि राजा ने खुफिया सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि मुनीर ने जानबूझकर यह हमला करवाया। जनके इस खुलासे ने पाकिस्तान में भी हलचल मचा दी है।  विदेशी पाकिस्तानियों को बुलाकर भड़काऊ बयान देने के बाद करवाया हमला (Terror attack mastermind)  यही नहीं, आदिल के मुताबिक, असीम मुनीर ने ही पहले विदेशी पाकिस्तानियों को बुलाकर भड़काऊ बयान देने के बाद यह हमला (Terror attack mastermind) करवाया। मुनीर के इस गलती का खामियाजा पूरे पाकिस्तानी भुगतेंगे। शहबाज तुरंत मुनीर को हटाएं नहीं तो मामला और बिगड़ेगा।” महत्वपूर्ण बात यह कि आदिल राजा के इस पोस्ट को इमरान खान की पार्टी के समर्थक खूब शेयर कर रहे हैं। इमरान समर्थकों का कहना है कि “मुनीर को हटाकर खान को वापस लाया जाए, तभी पाकिस्तान की स्थिति सुधर सकती है।” बता दें कि आदिल की गिनती पाकिस्तान के उन पत्रकारों में होती है, जो सेना और सरकार के खिलाफ लगातार मुखर रहते हैं। 17 साल से पाकिस्तान की पत्रकारिता में सक्रिय आदिल राजा पेशावार के मूल निवासी हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई लिखाई इस्लामाबाद के कैद-ए-आजम यूनिवर्सिटी से की है। वर्तमान में वे अपना एक ब्लॉग सैनिकों की सुनो नाम से चलाते हैं। पीपीपी के प्रमुख और सरकार के हिस्सेदार बिलावल भुट्टो जरदारी भी आदिल को फॉलो करते हैं। आदिल अक्सर इमरान खान के लिए लिखते हैं।  इसे भी पढ़ें:- मोदी सरकार ने की वॉटर स्ट्राइक, बूंद-बूंद के लिए तरसेगा पाकिस्तान भारत ने इस हमले के लिए पाकिस्तान को ठहराया (Terror attack mastermind) है जिम्मेदार  गौरतलब हो कि जम्मू कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को द रेजिडेंट फ्रंट (टीआरएफ) के आतंकवादियों ने 26 लोगों की हत्या कर दी। इस घटना के बाद से ही भारत में उबाल है। भारत ने इसके लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया (Terror attack mastermind) है। द रेजिडेंट फ्रंट की स्थापना 2019 में पाकिस्तान में हुई थी। टीआरएफ को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी से ही फंड मिलता है। कारण यही जो टीआरएफ के आकाओं को भी पाकिस्तान ही शरण देता है।  Latest News in Hindi Today Hindi Terror attack mastermind #PahalgamAttack #TerrorMastermind #KashmirTerror #PakistanIndia #BreakingNews #PoliticalPlot #SecurityAlert #PahalgamNews #TerrorExposed #KashmirUpdate

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India Pakistan airspace tension

PM Modi skips Pakistan airspace: इसलिए पीएम मोदी ने सऊदी से भारत लौटते समय पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र का नहीं किया इस्तेमाल

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले से आहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सऊदी अरब दौरा रद्द कर तुरंत भारत लौट आये (PM Modi skips Pakistan airspace) हैं। इस बीच गौर करने वाली बात यह कि 22 अप्रैल को जब प्रधानमंत्री दिल्ली से जेद्दा के लिए रवाना हुए थे, तब जाते समय उनका बोइंग 777 विमान पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र से होकर गया था। लेकिन मंगलवार को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सऊदी अरब की अपनी दो दिवसीय यात्रा बीच में ही छोड़ दी। छोड़कर देर रात दिल्ली लौट आये। वापसी के दौरान विमान पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र से होकर नहीं गुजरा। महत्वपूर्ण बात यह कि बुधवार को सुबह जेद्दा से दिल्ली लौटते समय पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र से होकर नहीं गुजरा था। दरअसल, इसकी पुष्टि फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट के विजुअल्स से हुई है। विजुअल्स के मुताबिक प्रधानमंत्री का विमान (भारतीय वायु सेना का विमान- बोइंग 777-300) मंगलवार की सुबह रियाद के लिए उड़ान भरते समय पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र को पार कर गया था, लेकिन वापस आते समय उसने लंबा रूट चुना और पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र को क्रॉस नहीं किया।  प्रतिनिधिमंडल की सुरक्षा के लिए, पाकिस्तान की जगह भारत के फ्लाइट रूट (PM Modi skips Pakistan airspace) को चुना पीएम के विमान के रूट बदलने को एक स्पष्ट संकेत के रूप में देखा गया है कि वह यह कि भारत की सुरक्षा एजेंसियां ​​इस समय पाकिस्तान से उभर रहे खतरे से भलीभांति अवगत हैं। कारण यही जो प्रधानमंत्री और विमान में मौजूद प्रतिनिधिमंडल की सुरक्षा के लिए, पाकिस्तान की जगह भारत के फ्लाइट रूट (PM Modi skips Pakistan airspace) को चुना। खैर, पीएम सुबह-सुबह दिल्ली के पालम एयरफोर्स बेस पर उतरे। दिल्ली पहुंचते ही एयरपोर्ट पर उन्होंने आपात बैठक बुलाई। इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और विदेश सचिव मौजूद थे। प्रधानमंत्री द्वारा विदेश यात्रा से वापसी के तुरंत बाद इस उच्च स्तरीय बैठक में हमले की गंभीरता, अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और सुरक्षा रणनीतियों पर विस्तार से मंथन किया गया।  इसे भी पढ़ें:- पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद राहुल गांधी ने की अमित शाह से बात, उमर अब्दुल्ला ने किया मुआवजे का ऐलान  आतंकी हमले के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने अपने घर पर (PM Modi skips Pakistan airspace) बुलाई आपात बैठक बता दें कि मंगलवार को पहलगाम में निहत्थे टूरिस्ट्स पर हुए कायराना हमले की दुनिया भर में निंदा हो रही है। जानकारी के मुताबिक हमले के तुरंत बाद पीएम मोदी ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से बात की थी। इसके बाद शाह तुरंत श्रीनगर के लिए रवाना हो गए थे। यही नहीं, इससे पहले आतंकी हमले के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने अपने घर पर आपात बैठक (PM Modi skips Pakistan airspace) बुलाई। इस बैठक में आईबी चीफ, गृह सचिव भी मौजूद रहे। गौरतलब है कि मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे शुरू हुए पहलगाम हमले में कम से कम 26 लोग मारे गए और 17 लोग घायल बताये जा रहे हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi #PMModi #PakistanAirspace #ModiInSaudi #IndiaPakistan #DiplomaticTensions #SaudiVisit2025 #ModiReturns #NoFlyZone #IndiaNews #BreakingNews

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Pakistan Behind Pahalgam Terror Attack Exposed

Pakistan behind Pahalgam attack: पहलगाम हमले के पीछे पाकिस्तान का ही हाथ, झूठ बोलकर बच नहीं सकता पाकिस्तान

मंगलवार दोपहर तकरीबन 2:45 बजे मिनी स्विट्जरलैंड के नाम से जाने जानी वाली बैसरन घाटी में यह हमला हुआ। यह क्षेत्र जम्मू-कश्मीर के पहलगाम से करीब 6 किलोमीटर दूर है। यहाँ सिर्फ पैदल या फिर खच्चरों के माध्यम से जाया जा सकता है। जिस तरह से आतंकियों ने हमले को अंजाम दिया, उसे देखकर तो ऐसा लग रहा है कि हमले से पहले इलाके की रेकी की गई थी। जानकारी के मुताबिक आतंकियों ने एके-47 राइफलों से अंधाधुंध गोलीबारी की। हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी संगठन ‘द रजिस्टेंट फ्रंट’ (टीआरएफ) ने ली। जानकारी के मुताबिक आतंकवादियों ने पर्यटकों को पहले नीच बिठाया और फिर सिर झुकाने को कहा। पर्यटकों के सिर झुकाने के बाद उनपर आतंकवादियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इस हमले में 26 लोगों की मौत हो गई जबकि 17 लोग घायल हो गए। इस हमले को कुल 4 आतंकवादियों ने अंजाम दिया है। इनमें से 2 आतंकियों का संबंध पाकिस्तान Pakistan behind Pahalgam attack हैं। खबरों की माने तो आतंकियों ने अपने शरीर पर बॉडी कैमरा भी लगा रखा था, ताकि पर्यटकों को मारते हुए वो वीडियो बना सकें। रिपोर्ट्स के अनुसार आतंकियों ने एके47 से लगातार फायरिंग की। उनमें से दो आतंकी पश्तो भाषा में बात कर रहे थे। जो पाकिस्तानी आतंकी थे और 2 स्थानीय (आदिल और आसिफ) हैं। ये दोनों स्थानीय आतंकी बिजभेरा और त्राल के हैं।  पहलगाम में हमले को अंजाम देने वाले आतंकियों ने पहले से ही इलाके की कर रखी (Pakistan behind Pahalgam attack) थी रेकी  जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद डरे पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने झूठ बोलते हुए कहा कि “पाकिस्तान का पहलगाम हमले में कोई लेना देना नहीं है।” उल्टा भारत पर आरोप लगाते हुए आसिफ ने कहा कि “इस हमले के पीछे भारत के ही लोग (Pakistan behind Pahalgam attack) शामिल हैं।” पाकिस्तान चाहे कितना ही झूठ क्यों न बोले, लेकिन सच यही है कि पहलगाम में टूरिस्टों पर गोलियां बरसाने वाले आतंकियों में से 2 पाकिस्तान से ही आए थे। पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड भी पाकिस्तानी सैफुल्लाह कसूरी है। इसके बाद अब जो खबर आ रही है कि उसमें कहा जा रहा है कि पहलगाम आतंकी हमले को अंजाम देने में 4 टेररिस्ट शामिल थे। जिसमें से 2 पाकिस्तान से आए थे। आतंकियों ने टूरिस्टों पर गोलियां बरसाने वाले विभत्स कृत्य को कैमरे में कैद किया है। और इसे बतौर हमले के सबूत ले गए हैं। संभवतः ये वीडियो पाकिस्तान में बैठे आतंकियों के आका ऑनलाइन लीक भी कर सकते हैं। खबरों की माने तो पहलगाम में हमले को अंजाम देने वाले आतंकियों ने पहले से ही इलाके की रेकी कर रखी थी। आसिफ को शायद ये पता नहीं है कि पहलगाम आतंकी हमले का कनेक्शन पाकिस्तान की ओर ही जा रहा है। ध्यान देने वाली बात यह कि हमले के एक दिन बाद ही सीमापार से आतंकियों ने बारामूला में घुसपैठ की कोशिश की है। जिसमे से दो आतंकियों को मार गिराया गया है।  इसे भी पढ़ें:- पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद राहुल गांधी ने की अमित शाह से बात, उमर अब्दुल्ला ने किया मुआवजे का ऐलान  पहलगाम आतंकवादी हमला बहुत-सोच समझकर और साजिश के तहत किया गया (Pakistan behind Pahalgam attack) है कहने की जरूरत नहीं, इस कायराना हमले के बाद देश भर के लोगों में भारी रोष व्याप्त है। लोग सड़कों पर उतारकर हत्याकांड के गुनहगारों और मास्टरमाइंड के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस बार आतंकियों ने ऐसे लोगों को निशाना बनाया जो पूरी तरह से निर्दोष थे। उनका कसूर मात्र इतना ही था कि वे हिंदू थे। आतंकियों ने लोगों का नाम और पहचान पूछकर उन्हें गोली मारी। यह हमला 2019 में पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले के बाद सबसे बड़ा हमला है। खैर, विशेषज्ञ इसे संयोग नहीं मान रहे। उनका मानना है कि पहलगाम आतंकवादी हमला बहुत-सोच समझकर और साजिश के तहत किया गया (Pakistan behind Pahalgam attack) है। इसके लिए विशेषज्ञ कुछ दिनों पहले पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर के भाषण का भी जिक्र कर रहे हैं। बता दें कि भारत और हिंदुओं के खिलाफ जहर उगलते हुए आसिम ने कहा था कि पाकिस्तान की आने वाली पीढ़ियों को यह बताना होगा कि हिंदू और मुसलमान अलग हैं। हम हिंदुओं से अलग है। दोनों का खान-पान, रहन-सहन, धार्मिक रीति-रिवाज सबकुछ अलग है। इसी वजह से द्वि-राष्ट्र सिद्धांत बना। हम दो मुल्क हैं।” इस दौरान मुनीर ने कश्मीर का भी राग अलापते हुए कहा कि “कश्मीर पाकिस्तान के गले की नस है।” Latest News in Hindi Today Hindi Pakistan behind Pahalgam attack #PahalgamAttack #PakistanExposed #KashmirTerror #IndiaSecurity #PakistanLies #JKViolence #TerrorAlert #PahalgamNews #IndiaFightsTerror #PakTerrorLinks

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Kashmiri Syed Dies Saving Tourists from Terrorist Attack

आतंकियों से अकेला भिड़ गया कश्मीरी सैयद, अपनी जान देकर बचा ली कई पर्यटकों की जान

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले (Pahalgam Terror Attack) को जब आतंकवादी पर्यटकों से उनका धर्म पूछकर अंजाम दे रहे थे, तब इस कायरतापूर्ण हमले को सैयद हुसैन शाह सहन नहीं कर पाया और आतंकियों से भिड़ गया। वह इस कायराना हमले को सहन करता भी कैसे, वह तो कश्मीरी था और कश्मीरी मेहमाननवाजी की परंपरा को देखते-सुनते बढ़ा हुआ था। इसलिए निहत्था सैयद अकेले ही उन अतंकियों को रोकने की कोशिश करता रहा और इस कोशिश में उसे अपनी जान भी गवानी पड़ गई। लेकिन उसने कई जानें बचा ली। बता दें कि सैयद हुसैन शाह पहलगाम के अशमुकाम गांव का रहने वाला था और वह बैसरन घाटी में आने वाले पर्यटकों को अपने घोड़े से सैर कराता था। जब पहलगाम में आतंकी हमला (Pahalgam Terror Attack) हुआ तब भी सैयद अपने घोड़े से पर्यटकों को घुमाने ले गया था। इस हमले में बाल-बाल बचे पर्यटकों ने बताया कि जब आतंकियों ने धर्म पूछकर लोगों को मारना शुरू किया तो सैयद वहीं मौजूद था। सैयद ने पहले पर्यटकों को बचाने की कोशिश की और फिर आतंकियों को रोकने में जुट गया।  सैयद हुसैन ने अपनी बहादुरी से बचा ली कई पर्यटकों की जान  प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सैयद अकेले ही आतंकियों के पास पहुंच गया और उन्हें रोकते हुए कहा कि वह इन मासूमों के साथ ऐसा न करें। यह सभी हमारे मेहमान हैं, इससे फर्क नहीं पड़ता कि ये हिन्दू हैं या मुस्लिम (Pahalgam Terror Attack)। लेकिन आतंकियों ने उसकी नहीं सुनी और उसे धक्का देकर पीटने लगे। बताया जा रहा है कि सैयद हुसैन भी आतंकियों से भिड़ गया और उनकी राइफल छीनने लगा। इसी दौरान एक आतंकी ने सैयद पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसे भी पढ़ें:- पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद राहुल गांधी ने की अमित शाह से बात, उमर अब्दुल्ला ने किया मुआवजे का ऐलान  आतंकी मजहब पूछकर हत्या कर रहे थे सैयद के इस बहादुरी और आतंकियों के साथ भिड़त से वहां मौजूद पर्यटकों को भागकर जान बचाने का मौका मिल गया। आतंकी जब तक पर्यटकों पर फिर से गोलीबारी करते तब तक पर्यटक बहुत दूर जा चुके थे। सैयद के एक साथी बिलाल ने बताया कि आतंकी मजहब पूछ कर हत्या कर रहे थे।  अगर सैयद चाहता तो वह बच सकता था, लेकिन उसने आतंकियों के साथ बहादुरी से मुकाबला करने की कोशिश की। उसकी वजह से ही दर्जनों लोगों की जान बच सकी। अगर सैयद न होता तो वहां मौजूद सभी पर्यटक मारे जाते। सैयद के पार्थिव शरीर का पोस्टमार्टम करने के बाद देर रात सुपुर्दे खाक कर दिया गया।  Latest News in Hindi Today Hindi News Pahalgam Terror Attack #KashmirHero #BraveSyed #TerroristAttack #KashmirNews #TouristSafety #MartyrSyed #KashmirUpdates #HeroicAct #TerrorismInKashmir #RealLifeHero

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Omar Abdullah compensation

Omar Abdullah compensation: पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद राहुल गांधी ने की अमित शाह से बात, उमर अब्दुल्ला ने किया मुआवजे का ऐलान

मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में दिन दहाड़े हुए आतंकी हमले में 27 लोगों की मौत हो (Omar Abdullah compensation) गई। पहलगाम की बैसरन घाटी में यह हमला दोपहर 2.45 बजे हुआ था। इस हमले में 20 से अधिक लोग घायल हैं। पीड़ितों का कहना है कि “धर्म पूछ कर आतंकी गोली मार रहे थे। इसके साथ बोल रहे थे।” इसके साथ ही यह कह रहे थे कि जाकर मोदी को बता देना।” फायरिंग के बाद आतंकी भागने में कामयाब हो गए। इस हमले की जिम्मेदारी टीआरएफ ने ली है।  इंटेलिजेंस सूत्रों के मुताबिक पहलगाम अटैक में दो फॉरेन टेररिस्ट और दो लोकल आतंकी शामिल थे। इस बीच कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता विपक्ष (एलओपी) राहुल गांधी ने पहलगाम आतंकी हमले पर गृह मंत्री अमित शाह से फोन पर बात कर स्थिति की जानकारी ली है। बता दें कि पुलवामा के बाद कश्मीर में यह सबसे बड़ा आतंकी हमला है। राहुल गांधी ने की पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले की (Omar Abdullah compensation) निंदा राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट कर बताया कि उन्होंने गृहमंत्री से बात कर पहलगाम आतंकी हमले (Omar Abdullah compensation) की जानकारी ली है। यही नहीं, राहुल गांधी ने अमित शाह के साथ-साथ जम्मू कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला से भी बात की। साथ ही जम्मू कश्मीर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष से भी बात कर घटना की स्थिति पर जानकारी ली। मंगलवार को राहुल गांधी ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले की निंदा करते हुए कहा कि “आतंकवाद के खिलाफ पूरा देश एकजुट है और सरकार को इस केंद्रशासित प्रदेश में हालात सामान्य होने के खोखले दावे करने के बजाय ठोस कदम उठाने चाहिए।” राहुल गांधी ने कहा कि “इस ‘कायराना आतंकी हमले’ में पर्यटकों के मारे जाने और कई लोगों के घायल होने की ख़बर बेहद निंदनीय और दिल दहलाने वाली है। यही नहीं, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अमित शाह से बात करने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि “गृह मंत्री अमित शाह, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष तारिक कर्रा से पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बारे में बात की। स्थिति पर अपडेट प्राप्त किया। पीड़ितों के परिवार न्याय और हमारे पूर्ण समर्थन के हकदार हैं।” इसे भी पढ़ें:- पहलगाम में आतंकियों ने लेफ्टिनेंट विनय नरवाल को सीने-छाती और बाजू में मारी गोलियां, शादी की खुशियां बदल गईं मातम में सीएम उमर अब्दुल्ला के कार्यालय ने एक बयान जारी करते हुए मुआवजे (Omar Abdullah compensation) की दी जानकारी  इस बीच जम्मू कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला के कार्यालय ने एक बयान जारी करते हुए मुआवजे (Omar Abdullah compensation) की जानकारी दी है। उमर अब्दुल्ला के हवाले से सीएमऑफिस ने लिखा कि “पहलगाम में कल हुए घृणित आतंकवादी हमले से मैं बहुत स्तब्ध और व्यथित हूं। निर्दोष नागरिकों के खिलाफ इस बर्बर और मूर्खतापूर्ण क्रूरतापूर्ण कृत्य का हमारे समाज में कोई स्थान नहीं है। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं। हम मारे गए लोगों के प्रति शोक व्यक्त करते हैं। कोई भी धनराशि प्रियजनों के नुकसान की भरपाई नहीं कर सकती, लेकिन समर्थन और एकजुटता के प्रतीक के रूप में, जम्मू-कश्मीर सरकार मृतकों के परिवारों के लिए 10-10 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों के लिए 2 लाख रुपये और मामूली रूप से घायलों के लिए 1 लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा करती है।” गौरतलब हो कि पहलगाम आतंकी हमले के तुरंत बाद गृह मंत्री अमित शाह श्रीनगर पहुंचकर कश्मीर की सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया। पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले के कुछ ही घंटे बाद श्रीनगर पहुंचे और हवाई अड्डे से सीधे राजभवन पहुंचे। राजभवन पहुंचकर शाह ने सेना, सीआरपीएफ और पुलिस सहित सुरक्षा अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान वहाँ केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, और गुप्तचर ब्यूरो के निदेशक तपन डेका मौजूद थे। जानकारी के मुताबिक पहलगाम हमले के बाद बॉर्डर और देश के महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। Latest News in Hindi Today Hindi News Omar Abdullah compensation #OmarAbdullah #PahalgamAttack #TerrorAttack #RahulGandhi #AmitShah #KashmirTerror #Compensation #JammuAndKashmir #IndianPolitics #SecurityConcerns

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