Hindu Groups Protest Love Jihad, Accused Surrenders

Hindu groups protest Love Jihad: लव जिहाद को लेकर गुस्साए हिंदू संगठन कर रौद्र रूप द्देख कांप उठा आरोपी, किया सरेंडर

विगत वर्षों से राजस्थान में लव जिहाद के मामले हैं कि तेजी से बढ़ रहे हैं।  ऐसा ही एक मामला गुजरात से सटे सिरोही जिले के स्वरूपगंज से प्रकाश में आया है। लव जिहाद का नाम सुनते ही हिंदू संगठन इस कदर गुस्साए कि उन्होंने चक्का जाम कर (Hindu groups protest Love Jihad) दिया। उनका जोरदार प्रदर्शन देखा लव जिहाद का आरोपी सहम गया। अंततः मामला गरमाता देख आरोपी लड़का इस कदर घबरा गया कि उसने खुद ही पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। दरअसल मामला तूल पकड़ चुका था। और पुलिस नहीं चाहती थी कि कोई इसे हिंदू-मुस्लिम एंगल दे। इसलिए उसे सरेंडर करते ही पुलिस ने भी चैन की साँस ली। बता दें कि बीते दो दिन में राजस्थान के जोधपुर में लव जिहाद तीन से चार मामले आ चुके हैं। लव जिहाद के बढ़ते मामलों को देख हिंदू समुदाय गुस्से में है।  मामला सार्वजनिक होने के बाद हिंदू संगठनों में भारी फैल (Hindu groups protest Love Jihad) गया आक्रोश  जानकारी के मुताबिक बीते 18 अप्रैल को स्वरूपगंज थाने में एक केस दर्ज हुआ था। दर्ज के केस के अनुसार 16 साल की नाबालिग हिन्दू लड़की के परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला कि लड़की को एक मुस्लिम शख्स भगा कर ले गया है। फिर क्या था, बात जंगल में आग की तरह फ़ैल गई। मामला सार्वजनिक होने के बाद हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश फैल (Hindu groups protest Love Jihad) गया। देखते-ही-देखते भारी संख्या में हिंदू संगठनों से जुड़े सैकड़ों लोग सड़क पर उतर गए। हिंदू संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं के गुस्से का अंजादा इसी से लगा सकते हैं कि उन्होंने 19 अप्रेल को पूरे शहर में रैली निकालकर लव जिहाद के खिलाफ आंदोलन का बिगुल बजा दिया। इस बीच उन्होंने शहर बंद करने की चेतावनी दी।  इसे भी पढ़ें:- मस्जिद के सामने महिला पर भीड़ ने ‘लाठी-डंडे और पत्थर से बोला हमला, कर्नाटक में ‘तालिबानी सजा’ का खौफनाक मंजर हिंदू संगठनों की चेतावनी के बाद प्रशासन के हाथ-पांव (Hindu groups protest Love Jihad) गए फूल  हिंदू संगठनों की चेतावनी के बाद प्रशासन के हाथ-पांव फूल (Hindu groups protest Love Jihad) गए। मामले की गंभीरता देख पुलिस प्रशासन की सांसें अटक गईं। मामला गर्माता देख पुलिस अब आरोपी की तलाश में हाथ-पाँव मार रही थी। इससे पहले कि पुलिस उसतक पहुँच पाती वो खुद ही 20 अप्रैल की देर रात को नाबालिग लड़की को लेकर पुलिस के सामने सरेंडर हो गया। इससे हुआ यह कि मामला शांत हो गया है। मामला तो शांत हो गया, लेकिन हिन्दू संगठन अब आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक लड़का मध्य प्रदेश के इंदौर का रहने वाला है। वह जोधपुर में नाबालिग लड़की से मिलने आया था। खैर, इस बीच आज यही 21 अप्रैल को स्वरूपगंज के गायत्री मंदिर में हिंदू सभा का आयोजन किया गया था। उसमें संगठनों ने स्थानीय पुलिस प्रशासन को धन्यवाद देकर उनके कार्य की सराहना की। महत्वपूर्ण बात यह कि स्वरूपगंज में पहले भी इस तरह के लव जिहाद के मामले सामने आ चुके हैं। Latest News in Hindi Today Hindi News Hindu groups protest Love Jihad #LoveJihad #HinduProtest #ReligiousTensions #IndiaNews #BreakingNews #LoveJihadControversy #HinduUnity #ProtestNews #IndianPolitics #JusticeForVictims

आगे और पढ़ें
Ajmer Dargah case update

Ajmer Dargah Dispute: राजस्थान हाईकोर्ट ने अजमेर दरगाह विवाद में मुस्लिम पक्ष को नहीं दी राहत, इस दिन होगी अगली सुनवाई

विश्वप्रसिद्ध राजस्थान के अजमेर में स्थित ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर विवाद (Ajmer Dargah Dispute) है कि थमने का नाम नहीं ले रहा है। दरगाह को लेकर उठे विवाद में फिलहाल मुस्लिम पक्ष को राहत नहीं मिल सकी है। राजस्थान हाईकोर्ट ने दरगाह की अंजुमन द्वारा दाखिल की गई याचिका पर कोई त्वरित फैसला नहीं सुनाया है और न ही जिला अदालत की सुनवाई पर कोई रोक ही लगाई है। अहम बात यह कि याचिका खारिज भी नहीं की गई है। कारण यही जो उम्मीद की एक धुंधली सी किरण अभी भी दिखाई दे रही है।  हाईकोर्ट ने तत्काल (Ajmer Dargah Dispute) हस्तक्षेप करने से कर दिया इनकार  गौरतलब हो कि यह याचिका दरगाह की देख-रेख करने वाली संस्था अंजुमन की ओर से दायर की गई थी। अंजुमन के अधिवक्ता आशीष कुमार सिंह ने हाईकोर्ट में दलील देते हुए कहा कि “सुप्रीम कोर्ट ने अश्विनी उपाध्याय केस में स्पष्ट रूप से आदेश दिया है कि देशभर की अदालतों में धार्मिक स्थलों से जुड़े नए मुकदमे स्वीकार न किए जाएं, सर्वे न कराए जाएं और कोई निर्णायक आदेश पारित न हो। इसके बावजूद अजमेर की सिविल कोर्ट लगातार दरगाह विवाद से जुड़ी सुनवाई कर रही है, जो सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का उल्लंघन है। यही नहीं, हाईकोर्ट को यह भी जानकारी दी गई कि “अजमेर की सिविल कोर्ट में कल यानी 19 अप्रैल को इस मामले की फिर सुनवाई होनी है। ऐसे में हाईकोर्ट ने तत्काल हस्तक्षेप से इनकार कर (Ajmer Dargah Dispute) दिया और अब अगली सुनवाई अगले सप्ताह तय कर दी है।” इसे भी पढ़ें:-  मध्य प्रदेश में एक नहीं, कई घोटाले: कौन है जिम्मेदार? एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने इस याचिका का विरोध करते हुए इसे खारिज करने की (Ajmer Dargah Dispute) की मांग  प्राप्त जानकारी के मुताबिक अंजुमन की याचिका में केंद्र सरकार समेत 8 पक्षों को शामिल किया गया है। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने इस याचिका का विरोध करते हुए इसे खारिज करने की मांग (Ajmer Dargah Dispute) की। दरअसल, उनका तर्क था कि “अजमेर की जिला अदालत में चल रहे मुकदमे में अंजुमन अब तक पक्षकार नहीं है, ऐसे में वह हाईकोर्ट में हस्तक्षेप की मांग कर ही नहीं सकती। हालांकि, अंजुमन की तरफ से यह स्पष्ट किया गया कि “उन्होंने खुद को पक्षकार बनाने की मांग को लेकर सिविल कोर्ट में याचिका दायर की हुई है। शनिवार को होने वाली सुनवाई में अधिवक्ता आशीष कुमार सिंह व्यक्तिगत रूप से अपनी दलीलें पेश करेंगे।” बता दें कि दरगाह से जुड़ा यह विवाद न सिर्फ कानूनी मामला है, बल्कि एक भावनात्मक और सांस्कृतिक मामला भी बन चुका है। कहने की जरूरत नहीं अब सभी की निगाहें राजस्थान हाई कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हैं।   Latest News in Hindi Today Hindi news Ajmer Dargah Dispute #AjmerDargah #RajasthanHighCourt #DargahDispute #AjmerNews #LegalUpdate #CourtNews #MuslimCommunity #IndiaNews #HighCourtVerdict #AjmerCase

आगे और पढ़ें
Singhast 2028 Ujjain Mahakal Temple Gears Up

Singhast 2028 Ujjain: उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियां अभी से हुई तेज, महाकाल के दरबार पहुंचे ये अफसर

साल 2028 में मध्यप्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में सिंहस्थ महाकुंभ (Singhast 2028 Ujjain) लगेगा। खैर, अभी तीन वर्ष का समय है। लेकिन सिंहस्थ 2028 की तैयारियां अभी से ही जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और मेला अधिकारी आशीष सिंह के पदभार सँभालते ही तैयारियों में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है। बता दें कि सोमवार को कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और मेला अधिकारी आशीष सिंह ने पदभार संभाल लिया है। पदभार ग्रहण करने से पहले दोनों अधिकारियों ने भगवान महाकालेश्वर के दरबार में हाजिरी लगाई और आशीर्वाद लिया। यही, गर्भगृह में पहुंचकर उन्होंने विधिवत पूजन भी किया गया। इस मौके पर मंदिर समिति की ओर से दोनों अधिकारियों का सम्मान किया गया। सम्मान में उन्हें दुपट्टा ओढ़ाकर प्रसाद भेंट किया गया।  सिंहस्थ 2028 (Singhast 2028 Ujjain) की तैयारियों को समय पर और बेहतर गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए प्राप्त जानकारी के मुताबिक अधिकारी आशीष सिंह ने इससे पहले श्री चिंतामन गणेश, श्री कालभैरव और श्री हरसिद्धि माता मंदिरों में दर्शन कर आशीर्वाद लिया। दर्शन लेने के बाद उन्होंने मेला कार्यालय पहुंचकर सिंहस्थ मेला अधिकारी का कार्यभार ग्रहण किया। इसके बाद संभागायुक्त संजय गुप्ता के साथ आयोजित बैठक में सिंहस्थ की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई। चर्चा के दौरान सभी बातों को बारीकी से रखा गया। चर्चा के बाद मेला अधिकारी आशीष सिंह ने कहा कि “हमारा प्रयास रहेगा कि सिंहस्थ 2028 (Singhast 2028 Ujjain) की तैयारियों को समय पर और बेहतर गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो। सरकार ने उज्जैन में सिंहस्थ महापर्व को भव्य और वैश्विक पहचान दिलाने का लक्ष्य तय किया है। अब नए अफसरों के आगमन से तैयारियों को नई दिशा मिलने की उम्मीद की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर सारे काम समय सीमा में किए जाएंगे।” इसे भी पढ़ें:-  मध्य प्रदेश में एक नहीं, कई घोटाले: कौन है जिम्मेदार? महाकुंभ को देखकर सीख लेते हुए सरकार ने (Singhast 2028 Ujjain) अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं बता दें कि प्रयागराज महाकुंभ को देखकर सीख लेते हुए सरकार ने उज्जैन सिंहस्थ (Singhast 2028 Ujjain) के लिए खास तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रारंभिक तौर पर सरकार का अनुमान है कि सिंहस्थ में तकरीबन 14 करोड़ से अधिक श्रद्धालु उज्जैन आ सकते हैं। ऐसे में इनके लिए व्यवस्था करना भी एक बड़ी जिम्मेदारी है। जानकारी के मुताबिक कुंभ मेले के दौरान मेला क्षेत्र में प्रतिदिन 16 हजार से ज्यादा सफाईकर्मी स्वच्छता की व्यवस्था संभालेंगे। श्रृद्धालुओं की सुविधा के लिए 50 हजार शौचालय का निर्माण भी किया जाएगा। इसके अलावा  श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए 500 अस्थाई अस्पताल और कैम्प लगाने का भी निर्णय लिया गया है। यही नहीं, उज्जैन में सड़क और अन्य क्षेत्रों को मिलाकर 11 हजार 220 सफाईकर्मियों की आवश्यकता होगी। कचरा संग्रहण हेतु लगभग 5 हजार सफाईकर्मियों की जरूरत पड़ेगी। कुल मिलाकर 16 हजार 220 सफाई कर्मियों की आवश्यकता सिंहस्थ में होगी।   Latest News in Hindi Today Hindi news Singhast 2028 Ujjain #Singhast2028 #UjjainKumbhMela #MahakalDarshan #KumbhMela2028 #MahakalUjjain #ReligiousEvent #SpiritualIndia #UjjainNews #SinghastPreparations #MahakalTemple

आगे और पढ़ें
₹50 crore job scam

Constable fraud: सैकड़ों पुलिसकर्मियों को सुनहरे ख्वाब दिखाकर कांस्टेबल ने की 50 करोड़ रुपये की ठगी

ठग और पुलिस के कई किस्से सभी ने सुन ही रखे हैं। जहाँ एक ठग पहले तो आम लोगों को शार्टकट अमीर होने का लालच देकर उनसे लाखों करोड़ों वसूलता है और फिर मौका पाकर रफूचक्कर हो जाता है। लेकिन क्या हो जब एक पुलिस वाला ही पुलिस वालों से ठगी (Constable fraud) कर ले। वो भी हजार दो हजार की नहीं, करोड़ों की? दरअसल, अजमेर पुलिस का एक कांस्टेबल इतना शातिर निकला कि उसने अपने ही सैंकड़ों साथी पुलिसकर्मियों से करीब 50 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी करके फरार हो गया। जब उसके खेल का पर्दाफ़ाश हुआ तो सभी सन्न रह गए। बड़ी बात यह कि ठग कांस्टेबल का टीचर भाई भी उसके साथ इस ठगी में शामिल था। फ़िलहाल दोनों भाई अब फरार हैं। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि पवन कुमार ने पुलिस लाइन के साथ ही अलग-अलग स्थानों पर तैनात जवानों को अपना निशाना बनाया। उन्हें जल्द पैसे डबल करने का लालच दिया और फिर विदेशी कंपनी में निवेश करने के नाम पर उनसे लाखों रुपये ले लिए। यही नहीं, आरोपी पवन कुमार का भाई कुलदीप मीणा भी शिक्षा विभाग में सीनियर शिक्षक पद पर तैनात है। वह भी लंबे समय से फरार है। दोनों भाई पुलिस के जवानों और अधिकारियों के साथ ही आम जनता के करोड़ों रुपये लेकर फरार हो गए हैं।  साल भर से अजमेर में ठग कांस्टेबल की ओर से ठगी (Constable fraud) का यह खेल खेला जा रहा था जानकारी के मुताबिक बीते साल भर से अजमेर में ठग कांस्टेबल की ओर से ठगी (Constable fraud) का यह खेल खेला जा रहा था। इस बीच कइयों ने शिकायतें भी दर्ज कराई। लेकन मजे की बात यह कि तब अधिकारियों के कानों जूं तक नहीं रेंगी। धीरे-धीरे जब उसके खिलाफ शिकायतें बढ़ने लगी तब जाकर आधुकरियों की नींद टूटी। पुलिस ने जब मामले की जांच पड़ताल की, तो सामने आया कि कांस्टेबल ने साल भर कुछ नहीं तो सैकड़ों पुलिसकर्मियों को तकरीबन 50 करोड़ रुपये का चुना लगा चुका है। ठगी का यह आंकड़ा सामने आते ही पुलिस अधिकारी सन्न रह गए। न सिर्फ सन्न रह गए बल्कि आनन-फानन में आरोपी कांस्टेबल को सस्पेंड भी कर दिया है। खैर, अब मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। अजमेर एडिशनल एसपी सिटी हिमांशु जागिड़ के मुताबिक, “आरोपी कांस्टेबल पवन कुमार अजमेर पुलिस लाइन में तैनात था। वह करौली जिले के कोटड़ा का रहने वाला है और लंबे समय से छुट्टी पर चल रहा है। ठगी का भेद खुलने के बाद अब उसकी गिरफ्तारी हेतु टीम का गठन किया गया है। आरोपी के खिलाफ अजमेर के सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज की गई है। इसके साथ ही क्लॉक टावर थाने में कांस्टेबल दीपक कुमार ने लाखों रुपये की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। ठगी किए गए रुपये का आंकड़ा 50 करोड़ से अधिक है।” इसे भी पढ़ें:- मस्जिद के सामने महिला पर भीड़ ने ‘लाठी-डंडे और पत्थर से बोला हमला, कर्नाटक में ‘तालिबानी सजा’ का खौफनाक मंजर बहकावे में आकर सोने के गहने बेचकर कर (Constable fraud) दिया था लाखों रुपये का निवेश एएसपी के अनुसार पीड़ित कांस्टेबल ने बताया कि “पवन कुमार ने उन्हें अधिक पैसे का लालच दिया था। उसके बहकावे में आकर उसने सोने के गहने बेचकर लाखों रुपये का निवेश कर (Constable fraud) दिया था। लेकिन अभी तक एक भी पैसा नहीं मिला है। इसी तरह की मिलती-जुलती कई शिकायतें पुलिस को मिली हैं। एएसपी ने कहा कि “बढ़ती शिकायतों को देख मामले को गंभीरता से लिया गया। और इसके गड़बड़ी पाए जाने पर कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया है।”  Latest News in Hindi Today Hindi News Constable fraud #ConstableFraud #JobScam #PoliceScam #50CroreScam #FraudAlert #FakeJobs #IndiaScam #RecruitmentScam #ScamNews #JobFraud

आगे और पढ़ें
Stone Pelting in Guna During Hanuman Jayanti

Guna MP stone pelting: एमपी के गुना में हनुमान जयंती की शोभायात्रा के दौरान हुए पथराव के बाद हुआ बवाल, बुलडोजर चलाने की मांग

धार्मिक आयोजन के दौरान हुए पत्थराव के बाद सोमवार को लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। हनुमान चौराहे पर हिंदू समुदाय के लोगों ने जमा होकर धरना प्रदर्शन किया और आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने की (Guna MP stone pelting) मांग की है। इसके साथ ही चौराहे से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च भी निकाला। फ़िलहाल हालात को संभालने के लिए पुलिस के जवान तैनात किए गए। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने कर्नलगंज में फ्लैग मार्च भी निलाका। इस दरम्यान पुलिस ने न सिर्फ लोगों को अपने-अपने घरों में रहने की अपील की है बल्कि बाहरी लोगों के कर्नलगंज में एंट्री पर रोक भी लगा दी है। तो वहीं इस पूरे मामले पर “गुना एसपी संजीव कुमार का कहना है कि “स्थिति नियंत्रण में है। मैं खुद कर्नलगंज में कलेक्टर के साथ निकाला हूं। जिन लोगों ने भी यहां घुसने का प्रयास किया है उनका सीसीटीवी के जरिए पहचाना जा रहा है। और उनकी खोज भी की जा रही है। अब तक इस मामले में 17 लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी।” हनुमान जन्मोत्सव के जुलूस पर हुए पथराव (Guna MP stone pelting) के बाद हिंदू संगठनों में है भारी आक्रोश  बता दें कि गुना शहर के कर्नलगंज क्षेत्र में हनुमान जन्मोत्सव के जुलूस पर हुए पथराव (Guna MP stone pelting) के बाद हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश है। सोमवार को गुना के हनुमान चौराहे पर विभिन्न संगठनों के हजार से अधिक कार्यकर्ताओं ने पथराव के विरोध में जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कुछ अज्ञात लोग आक्रोशित होकर कर्नलगंज इलाके की ओर रवाना हो गए। हालांकि इन्हें हाट रोड पर पुलिस ने रोकने की कोशिश भी की, लेकिन वे पुलिस को चकमा देकर दूसरे रास्ते से कर्नलगंज इलाके की तरफ बढ़ गए। इस बीच प्रधान डाकघर के सामने स्थित एक गली में कुछ घरों के अंदर तोडफ़ोड़ की भी बात सामने आई है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने घरों के दरवाजों पर डंडे बरसाए, कुछ मोटरसाइकिलों को भी नुकसान पहुंचाया गया है। मामला बिगड़ता देख गुना एसपी संजीव कुमार सिन्हा ने मोर्चा संभाला और पुलिस बल के साथ खुद मौके पर जा पहुंचे। इस दरम्यान हंगामा कर रही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस लाठीचार्ज भी करना पड़ा। लाठीचार्ज के बाद हंगामा कर रहे उपद्रवी मौके से भाग निकले। खैर, इस दौरान हनुमान चौराहे पर संगठनों की ओर से लगातार नारेबाजी की जाती रही। हैरत की बात यह कि पुलिस को भी समझ नहीं आ रहा है कि कितने संगठन विरोध जता रहे हैं और कौन हंगामा कर रहा है? इस अनियंत्रित भीड़ को काबू करना पुलिस के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।  इसे भी पढ़ें:– राजस्थान के इस जिले में बूंद-बूंद के लिए तरस रहे हैं लोग, 800 घरों में नहीं है पीने का पानी  हनुमान जयंती की शोभायात्रा के दौरान हुए पथराव (Guna MP stone pelting) के बाद शुरू हुई राजनीति  इस बीच  गुना में हनुमान जयंती की शोभायात्रा के दौरान हुए पथराव (Guna MP stone pelting) के बाद जमकर राजनीति शुरू हो गई है। कांग्रेस ने तो पुलिस की भूमिका पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता अब्बास हफ़ीज़ का कहना है कि “पुलिस ने एकतरफा एक्शन लिया है।” यही नहीं, जिले के एसपी का वीडियो भी जारी जारी किया है। जिसमें एसपी ने ये कबूला कि “जुलूस गलत रूट पर निकल। CCTV में पत्थरबाजी नहीं दिखी। जिस रूट पर जुलूस निकला उसकी अनुमति नहीं ली गई, मस्जिद के सामने जानबूझकर नारे लगाए गया। अब कांग्रेस ने दोनों पक्षों पर कार्रवाई की मां की है। उनका कहना है कि “पक्षपात कौन कर रहा है, एसपी का पहला बयान सही है या बाद की कार्रवाई सही है, जवाब मिलना चाहिए।” भाजपा प्रवक्ता मिलन भार्गव ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि “जब महू में घटना हुई थी तब भी कांग्रेस ने रास्ते पर सवाल उठाए थे। अब फिर कांग्रेस प्रवक्ता कह रहे हैं कि गलत रास्ते से जुलूस निकाला गया। भारत में आदमी क्या जय श्री राम नहीं बोल सकता?” कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि “कांग्रेस का चरित्र है दूसरा पाकिस्तान बनाना। कांग्रेस देश को बंटवारे के रास्ते पर ले जा रही है। हिंदुओं की यात्रा निकलती हैं, तो तकलीफ किसे हो रही है देख सकते हैं।”   Latest News in Hindi Today Hindi news Guna MP stone pelting #GunaNews #HanumanJayanti #StonePelting #MPNews #BulldozerAction #ReligiousProcession #GunaViolence #MadhyaPradesh #HinduFestival #BreakingNews

आगे और पढ़ें
Drinking water problem

Rajasthan water crisis: राजस्थान के इस जिले में बूंद-बूंद के लिए तरस रहे हैं लोग, 800 घरों में नहीं है पीने का पानी 

राजस्थान अपनी गर्मी के लिए मशहूर है। यहाँ की तपती गर्मी के झेल पाना सबके बस की बात नहीं। गर्मी का मौसम आते ही यहाँ पीने की पानी समस्या होना आम है। हर साल यहाँ पानी की किल्ल्त देखी जाती है। ऐसा ही एक मामला है, राजस्थान के सीकर जिले स्थित सबलपुरा गांव का, जहाँ पानी की समस्या खड़ी (Rajasthan water crisis) हो गई है। पानी कमी से गुस्साएं गाँव वालों का कहना है कि पिछले कई दिनों से जल आपूर्ति विभाग की ओर से बनाई गई पानी की टंकी से एक बूंद भी पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। इस वजह से लगभग 800 घरों में पीने के पानी का संकट बना हुआ है। पानी का संकट गहराता देख स्थानीय लोगों ने बताया कि वे लगातार जिला कलेक्टर आवास, जलदाय विभाग और स्थानीय प्रशासन के पास अपनी शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं। यहां तक कि प्रदर्शन भी किए जा रहे हैं। परंतु अब तक कोई ठोस समाधान नहीं मिला है। इस बीच ग्रामीणों ने जलदाय विभाग, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना आक्रोश जाहिर किया।   पैसे खर्च कर मंगवाने पड़ (Rajasthan water crisis) रहे हैं प्राइवेट पानी के टैंकर पानी की कमी का आलम यह है कि सबलपुरा के ग्रामीणों को मजबूरन पैसे खर्च कर प्राइवेट पानी के टैंकर मंगवाने पड़ (Rajasthan water crisis) रहे हैं। हालांकि उन्होंने कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों, जलदाय विभाग के अधिकारियों और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर भी शिकायत दर्ज करवाई, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। सबलपुरा के उप-सरपंच गजेंद्र सिंह ने बताया कि “गांव में करीब एक सप्ताह से पेयजल की समस्या बनी हुई है। दरअसल, पहले सबलपुरा ग्राम पंचायत में आता था। परिसीमन के बाद इसे सीकर नगर पालिका क्षेत्र में शामिल कर लिया गया है। लगभग 30 साल पहले विधायक कोटे से गांव में एक ट्यूबवेल का निर्माण करवाया गया था। इसी ट्यूबवेल से पानी की टंकी में सप्लाई होती है। अब यह ट्यूबवेल काफी पुराना हो चुका है और उसकी मोटर भी बार-बार खराब हो रही है।  इसे भी पढ़ें:–  रेखा गुप्ता रबर स्टांप CM…’,अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री पति के बैठक पर AAP का हमला, भाजपा का जबरदस्त पलटवार 181 पर कई बार शिकायत दर्ज करवाई और स्थानीय प्रशासन को भी (Rajasthan water crisis) करवाया अवगत  ग्रामीणों का कहना है कि “जलदाय विभाग की टंकी से आधे गांव में ही पानी पहुंचता है और वह भी कुछ ही मिनटों की सप्लाई में सीमित होता है, जिससे जरूरतें पूरी नहीं हो पातीं। जब इस समस्या की शिकायत विधायक से की गई, तो उन्होंने सिर्फ आश्वासन दिया। अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया। जलदाय विभाग के अधिकारियों ने दूसरे ट्यूबवेल के लिए प्रस्ताव भेजने की बात कही है, लेकिन उसमें भी समय लगेगा।” इस बीच ग्रामीणों ने यह भी कहा कि “उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर कई बार शिकायत दर्ज करवाई और स्थानीय प्रशासन को भी अवगत (Rajasthan water crisis) करवाया। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस गंभीर समस्या को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया।   Latest News in Hindi Today Hindi news  Rajasthan water crisis #RajasthanWaterCrisis #WaterShortage #DrinkingWaterCrisis #NoWater #WaterScarcity #SaveWater #RuralCrisis #IndiaWaterIssue #DroughtAlert #WaterCrisisNews

आगे और पढ़ें
Vasundhara Raje's Rift Shakes BJP

Vasundhara Raje BJP rift: वसुंधरा राजे की नाराजगी से बीजेपी में मचा हड़कंप, अशोक गहलोत ने तंज कसते हुए कही यह बात

राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे की नाराजगी ने (Vasundhara Raje BJP rift) बीजेपी खेमे में हलचल मचा दी है। राजे के बयान का असर यह हुआ कि आनन-फानन मेंसीएम भजनलाल शर्मा को जलदाय विभाग के अधिकारियों को तलब करना पड़ा। दरअसल, पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने झालावाड़ से राजस्थान में पानी के संकट का मुद्दा उठाया था। जिसके बाद से सूबे सियासत गरमा गई थी।  विपक्ष ने सवाल उठाया कि अगर वसुंधरा राजे हकीकत में पानी के संकट पर गंभीर हैं तो पूरे राजस्थान को लेकर बात करनी चाहिए। इसके बाद बीजेपी बैकफुट पर आ गई। सीएम भजनलाल ने संबंधित विभाग से जुड़े अधिकारियों की क्लास ले ली। और सख्त चेतावनी देते हुए सूबे में पानी का विशेष इंतजाम करने की हिदायत दे दी।  पानी की किल्लत के चलते राजे ने अफसरों को लगाई फटकार (Vasundhara Raje BJP rift)  बता दें कि बीते दिनों पूर्व सीएम वसुंधरा राजे झालावाड़ के अपने निर्वाचन क्षेत्र में अचानक जा पहुंची और तपती गर्मी के बीच ग्रामीण इलाके में लोगों की समस्याएं सुनने लगी। स्थानीय लोगों ने पानी संकट की बात रखी, तो राजे ने अफसरों को फटकार (Vasundhara Raje BJP rift) लगाते हुए कहा कि “अफसर सो रहे हैं। जनता रो रही है, वे ऐसा नहीं होने देंगी।” गौर करने वाली बात यह कि राजस्थान में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष की कार्यकारिणी का फैसला होना है। और ऐसे समय में राजे ने भजनलाल सरकार की ब्यूरोक्रेसी की क्लास उस समय लगाकर सीएम को सकते में डाल दिया है। कहने की जरूरत नहीं, राजे की इस नाराजगी को भजनलाल सरकार पर बिना नाम लिए हमला माना जा रहा है। माना जा रहा है कि वसुंधरा राजे पानी का मुद्दा उठाकर अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा करके खुद की भी नाराजगी जाहिर कर दी। राजे की नाराजगी के बाद सकते में आई बीजेपी ने सफाई दी। पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि “राजे अपनी क्षेत्र की चिंता कर रही हैं। उन्हें अधिकारियो को ऐसे समझना पड़ा।  इसे भी पढ़ें:- काशी मेरी और मैं काशी का हूं, पीएम मोदी ने वाराणसी को दी 3880 करोड़ रुपये से अधिक की सौगात राजे के इस बयान (Vasundhara Raje BJP rift) ने विपक्ष को बीजेपी को आड़े हाथों लेने का मौका दे दिया है कहने की जरूरत नहीं, राजे के इस बयान (Vasundhara Raje BJP rift) ने विपक्ष को बीजेपी में गुटबाजी और सरकार से नाराजगी पर वार करने का मौका दे दिया। पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने राजे के बयान को जायज ठहराते हुए कहा कि “वसुंधरा राजे ने ठीक मुद्दा उठाया लेकिन वो दो बार सीएम रह चुकी हैं और सरकार को पानी को लेकर काम से संतुष्ट नहीं है तो पूरे राज्य के हित में इस मुद्दे को उठाना चाहिए और सरकार की पानी की योजना की खामियों को गिनाना चाहिए।” इत्तेफ़ाक की बात यह कि वसुंधरा राजे बयान के अगले दिन ही उनके करीबी सिविल लाइन विधायक गोपाल शर्मा ने अतिक्रमण हटाने के सरकारी अभियान का विरोध करते हुए अपनी ही सरकार पर हिन्दू विरोधी काम करने का आरोप मढ़ दिया। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि एक बार फिर राजथान बीजेपी की गुटबाजी खुलकर जाहिर होने लगी है।  Latest News in Hindi Today Hindi News Vasundhara Raje BJP rift #VasundharaRaje #BJP #AshokGehlot #RajasthanPolitics #PoliticalRift #BJPNews #RajeVsBJP #GehlotRemark #BJPConflict #IndianPolitics

आगे और पढ़ें
Suicide over daughter’s marriage

Suicide over daughter’s marriage: बेटी के प्रेम विवाह करने व्यथित पिता ने खुद को मारी गोली, सुसाइड नोट में बयां किया अपना दर्द

हमारे देश में बालिग होने पर अपनी मर्जी से विवाह करने की आजादी है। कई बार लड़के लड़कियां माँ-बाप के खिलाफ जाकर शादी कर लेते हैं। ऐसे में या तो घर उन्हें त्याग देता है या बात बहुत बढ़ने पर उन्हें रास्ते से ही हटा देता है। कई मामलों में तो कुछ दिन बाद ही सही उन्हें स्वीकार भी कर लेता है। लेकिन क्या अपने सुना है कि बेटी की शादी से व्यथित एक पिता ने खुद को ही गोली मारली? यह अक्सर काम देखा गया है जिसमें बापने खुद को ही गोली मार ली। दरअसल, ग्वालियर जिले में एक पिता ने बेटी के प्रेम विवाह करने पर खुद को गोली मारकर अपनी (Suicide over daughter’s marriage) जान दे दी। सुसाइड नोट में पिता ने लिखा, ‘यह कैसा कानून है जो बेटी के बालिग होते ही पिता से उसके सारे अधिकार छीन लेता है? बेटी को अपनी मर्जी से जीने का हक है, लेकिन क्या एक पिता की भावनाओं की कद्र भी नहीं? क्या एक पिता की भूमिका बेटी के बालिग होते ही खत्म हो जाती है? मृतक पिता ने खुदकुशी से पहले लिखे सुसाइड नोट में लिखा कि उनका दुख बेटी के पसंद से नहीं, बल्कि बेटी को खो देने का है। अपना दर्द साझा करते हुए पिता ने सुसाइड नोट में लिखा कि उसने बेटी को समझाया, लेकिन वो नहीं मानी।  बेटी के फैसले से इस कदर टूटे कि अपनी जीवन लीला (Suicide over daughter’s marriage) ही समाप्त कर दी रिपोर्ट के मुताबिक 49 वर्षीय मृतक संजू जायसवाल ने गुरुवार को अपनी लाइसेंसी बंदूक से गोली मारकर (Suicide over daughter’s marriage) अपनी जान दे दी। मेडिकल स्टोर चलाने वाले पिता संजू की 21 वर्षीय बेटी हर्षिता ने पड़ोसी युवक आनंद अटालिया से प्रेम विवाह किया था। परिवार ने इस शादी का विरोध किया। बेटी को लाख समझाया लेकिन वो अपने फैसले पर अड़ी रही। इस बीच बात इतनी बढ़ गई कि मामला कोर्ट तक पहुँच गया। जानकारी मुताबिक अदालत में बेटी ने साफ कहा कि “वह बालिग है और पति के साथ रहना चाहती है।” पिता संजू को अपनी बेटी से यह उम्मदी नहीं थी। बेटी के इस फैसले से वो इस कदर टूटे कि उन्होंने एक सुसाइड नोट लिखकर अपनी जीवन लीला ही समाप्त कर दी। पुलिस ने मौके से सुसाइड नोट और लाइसेंसी बंदूक जब्त की है। सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर पुलिस तहकीकात कर रही है और परिजन के बयान ले रही है।  इसे भी पढ़ें:- पुणे में एक कलयुगी माँ ने शादी के 10 साल बाद हुए अपने जुड़वा बच्चों को पानी में डुबोकर मारा संविधान गलत है, जो लड़कियों के बालिग होने पर पिता से उसके अधिकार छीन लेता है मृतक ने लिखा कि संविधान गलत है, जो लड़कियों के बालिग होने पर पिता से उसके अधिकार छीन लेता है, वो वकील जो कुछ पैसों के लिए एक परिवार की बलि तक चढ़ा देते हैं, उनकी भी बेटियां होती हैं। वे कुछ नहीं सोचते पिता का दर्द, एक परिवार नष्ट होता है, उसका कुछ नहीं बचता। उन्होंने आगे लिखा कि “आर्य समाज की शादी मान्य नहीं हैं, तो कोर्ट कैसे बालिका को उसके साथ भेज सकता है। बकौल पिता, अगर बेटी 17 आयु से कम हैं तो उस तौर पर माता-पिता कुछ कहते हैं तो कोर्ट माता-पिता को सौंपता है, लेकिन यदि वो बालिग है तो नहीं सौंपता, यह गलत है। हर्षिता ने तूने गलत किया, परिवार नहीं खानदान बर्बाद कर दिया। पिता ने आगे कहा कि मैं उन दोनों को मार सकता हूं, लेकिन अपनी लड़की को कैसे मारता। रेनू (पत्नी) मुझे माफ कर देना, क्योंकि मैं उनको मारता तो तुम्हारा भविष्य खत्म हो जाता। इसलिए मैं खुद मर रहा हूं। रेनू, अपना और बेटे पूर्णांक का ख्याल रखना। पूर्णांक को अपनी किस्मत लिखना है। बेटा मुझे माफ करना..और इस तरह आखिरी शब्द लिखते हुए पिता ने खुद (Suicide over daughter’s marriage) को गोली मार ली। Latest News in Hindi Today Hindi News Suicide over daughter’s marriage #LoveMarriageControversy #FatherDaughterBond #SuicideCaseIndia #MarriageDispute #HeartbreakingNews #IndianFamilyCrisis #SuicideOverMarriage #EmotionalTrauma #FamilyHonorIssue #IndiaNewsUpdate

आगे और पढ़ें
Rajasthan CM Bhajanlal’s Strict Warning to Officers

Rajasthan CM strict order: इस वजह से सीएम भजनलाल शर्मा ने दी अधिकारियों को यह सख्त चेतावनी

गर्मी का मौसम आते ही पानी की किल्ल्तें बढ़ जाती हैं। तपती गर्मी में आमजन को पानी की भारी कमी का समना करना पड़ता है। इसी के मद्देनजर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गर्मी में पीने के पानी की मांग और उपलब्धता की स्थिति की समीक्षा हेतु बैठक की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में सख्त (Rajasthan CM strict order) निर्देश देते हुए कहा कि “गर्मी में जनता को यदि पानी के लिए परेशान होना पड़ा, तो जिम्मेदार अधिकारियों की खैर नहीं है। गौरतलब हो कि हाल में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने झालावाड़ में पानी की व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा था कि “अधिकारी सो रहे हैं, जनता रो रही है, मैं ऐसा नहीं होने दूंगी।” फिर क्या था उसके बाद विपक्षी कांग्रेस ने भजनलाल शर्मा सरकार को घेर लिया था। कारण यही जो खुद को चौतरफा घिरता देख सीएम भजनलाल शर्मा ने बृहस्पतिवार को पानी की व्यवस्था की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री निवास पर बैठक बुलाई थी।  शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी पानी की किसी तरह की किल्लत (Rajasthan CM strict order) नहीं होनी चाहिए प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि “हाल के दिनों में गर्मी तेजी से बढ़ी है, ऐसे में आमजन को बढ़ी हुई मांग के अनुसार पर्याप्त पीने का पानी मुहैया करवाया जाए।” उन्होंने कहा (Rajasthan CM strict order) कि “सभी जिलाधिकारी आकस्मिक योजना के अनुसार पेयजल प्रबंधन स्वयं की देखरेख में सुनिश्चित करें। शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी पानी की किसी तरह की किल्लत नहीं होनी चाहिए।” सीएम ने सख्त लहजे में कहा कि “अंतिम छोर के उपभोक्ताओं को भी पेयजल की कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। गर्मी के मौसम में पीएचईडी के फील्ड अधिकारी एवं कर्मचारी मुख्यालय पर उपस्थित रहें और बिना अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ें।” बढ़ती गर्मी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने नए हैण्डपंप, नलकूप लगाने, पुराने हैण्डपंप, नलकूपों की मरम्मत, पाइपलाइनों को दुरस्त करने समेत पेयजल आपूर्ति सुदृढ़ीकरण के सभी कार्य के 15 मई से पहले हर हाल में पूरे करने के निर्देश दिए। यही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि “पेयजल समस्या के समाधान के लिए जिलाधिकारियों को एक-एक करोड़ रुपये का अनटाइड फंड उपलब्ध करवाया गया है। 15 मई से पहले गत वर्ष बजट में स्वीकृत सभी हैंडपप और नलकूपों को चालू कर दिया जाए तथा इस बजट में स्वीकृत किए गए 1000 नए नलकूप और 2500 नए हैण्डपंप की वित्तीय स्वीकृति भी जल्द जारी कर काम जल्दी शुरू किया जाए।  इसे भी पढ़ें:-काशी मेरी और मैं काशी का हूं, पीएम मोदी ने वाराणसी को दी 3880 करोड़ रुपये से अधिक की सौगात जो कार्य अभी तक भी प्रारंभ नहीं हुए हैं, वे 10 दिन के भीतर शुरू कर आगामी 15 मई से पहले पूरे कर लिए जाएं इस बीच बैठक में बताया गया कि “गर्मी के मौसम को देखते हुए अप्रैल महीने में दो लाख 35 हजार से अधिक हैण्डपंप’की मरम्मत की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा (Rajasthan CM strict order) कि “सभी जिलों में गर्मी के दौरान पेयजल आपूर्ति की सुचारू व्यवस्था के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 142 करोड़ रुपये के 1244 कार्य और शहरी क्षेत्रों में 68 करोड़ रुपये के 153 कार्य स्वीकृत कर जरूरत के अनुसार नलकूपों की गहराई बढ़ाने, पाइप लाइन डालने और बदलने और पंपसेट आदि की मरम्मत के काम करवाए जा रहे हैं। जो कार्य अभी तक भी प्रारंभ नहीं हुए हैं, वे 10 दिन के भीतर शुरू कर आगामी 15 मई से पहले पूरे कर लिए जाएं। अप्रैल से जुलाई तक गर्मी के शिखर पर रहने के दौरान टैंकरों से पेयजल की मांग पूरी करने के लिए ग्रामीण क्षेत्र में 82 करोड़ और शहरी क्षेत्र में 25 करोड़ रुपये की स्वीकृति जारी कर दी गई है।”  Latest News in Hindi Today Hindi News Rajasthan CM strict order #RajasthanCM #BhajanlalSharma #StrictOrder #GovernmentWarning #RajasthanNews #CMAction #IndiaPolitics #StateUpdate #BureaucracyAlert #PoliticalNews

आगे और पढ़ें
Indore metro project

Indore metro project: सीएमआरएस ने दी हरी झंडी, इंदौर में मेट्रो रेल का रास्ता साफ

मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त (सीएमआरएस) ने इंदौर की मेट्रो रेल परियोजना (Indore metro project) को हरी झंडी दे दी है। यही नहीं, इसके साथ ही शहर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के इस आधुनिक साधन के वाणिज्यिक परिचालन का रास्ता साफ हो गया है। मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एमपीएमआरसीएल) के एक अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। जानकारी के मुताबिक संबंधित अधिकारी ने बताया कि “सीएमआरएस ने अपने विस्तृत निरीक्षण के बाद शहर की मेट्रो रेल परियोजना को मंजूरी दे दी है। सीएमआरएस का अंतिम निरीक्षण पिछले महीने हुआ था, जिसमें इस परियोजना को अलग-अलग पैमानों पर परखा गया था।” इस बीच अधिकारी ने यह भी बताया कि “शहर में पहले चरण में 5.90 किलोमीटर लम्बे सर्वोच्च प्राथमिकता वाले गलियारे पर मेट्रो रेल का वाणिज्यिक परिचालन किया जाएगा। जानकारी के अनुसार यह गलियारा शहर के गांधी नगर स्टेशन से सुपर कॉरिडोर के स्टेशन क्रमांक-तीन तक फैला है जिस पर पांच स्टेशन हैं। बता दें इंदौर में 7,500.80 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली मेट्रो रेल परियोजना के पहले चरण की नींव 14 सितंबर 2019 को रखी गई थी। इस परियोजना के तहत शहर में गोल आकार वाला करीब 31.50 किलोमीटर लम्बा मेट्रो रेल गलियारा बनाया जाना है। मेट्रो रेल के एक डिब्बे में (Indore metro project) करीब 300 यात्री सफर कर सकते हैं जिनमें सीट पर बैठने वाले 50 लोग शामिल हैं  अधिकारी के मुताबिक शहर में मेट्रो रेल के स्टेशन (Indore metro project) इस तरह डिजाइन किए गए हैं कि इनके जरिये छह डिब्बों की रेल चलाई जा सकती है। हालांकि अधिकारी ने आगे बताया कि “शुरुआत में हम तीन डिब्बों की ही रेल चलाएंगे। यात्रियों की तादाद बढ़ने पर इसमें तीन और डिब्बे जोड़े जा सकते हैं।” यही नहीं इसके अलावा अधिकारी ने यह भी बताया कि “मेट्रो रेल के एक डिब्बे में करीब 300 यात्री सफर कर सकते हैं जिनमें सीट पर बैठने वाले 50 लोग शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 5.90 किलोमीटर लम्बे सर्वोच्च प्राथमिकता वाले गलियारे पर मेट्रो रेल का ट्रायल रन सितंबर 2023 में किया गया था। बहरहाल, इस गलियारे पर मेट्रो रेल का वाणिज्यिक परिचालन कब शुरू होगा, इसकी तारीख फिलहाल तय नहीं हो सकती है। यह गलियारा शहर के नए बसाहट में है। बता दें कि यहाँ अधिक आबादी नहीं है। इस बीच जानकारों का मानना है कि “शुरुआत में इस मार्ग पर मेट्रो को पर्याप्त सवारियां मिलने में दिक्कतें पेश आ सकती हैं।” इसे भी पढ़ें:- एमपी का फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट धौंस जमाने के लिए रखा था विदेशी नाम, करता था विदेश यात्रा, मोबाइल ने खोले कई राज  हम शहर में मेट्रो रेल चलाकर (Indore metro project) घाटा नहीं उठाना चाहते- कैलाश विजयवर्गीय गौरतलब हो कि “दो अप्रैल को राज्य के नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा था कि “सर्वोच्च प्राथमिकता वाले गलियारे पर मेट्रो रेल चलाने से पहले सवारियों की संभावित संख्या का आकलन किया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा था कि “हम शहर में मेट्रो रेल चलाकर (Indore metro project) घाटा नहीं उठाना चाहते, इसलिए हम किसी तरह की जल्दबाजी में नहीं हैं।” Latest News in Hindi Today Hindi News Indore metro project #IndoreMetro #CMRSApproval #IndoreDevelopment #MetroGreenSignal #MPMetro #UrbanTransport #PublicTransportIndia #IndoreNews #IndoreUpdates #MetroRailIndia

आगे और पढ़ें
Translate »