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घर-घर सजी पान-सुपारी की थालियां, दशहरे पर निभाई जाती बुंदेलखंड की अनोखी परंपरा

बुंदेलखंड में दशहरा पर घर-घर सजती पान की दुकानें छतरपुर सहित ग्रामीण अंचलों में कायम है दशहरे की अनूठी परंपरा, मेल-मिलाप और भाईचारे का पर्व छतरपुर (मध्यप्रदेश)। बुंदेलखंड की धरती अपनी परंपराओं, लोक संस्कृति और अनोखे रीति-रिवाजों के लिए जानी जाती है। यहां दशहरा केवल रावण दहन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पर्व सामाजिक एकता, मेल-मिलाप और लोकनृत्य का अनोखा संगम भी है। छतरपुर और आसपास के ग्रामीण अंचलों में आज भी दशहरे पर घर-घर पान की थाल सजाने और लौंग भेंट करने की सदियों पुरानी परंपरा उत्साह और श्रद्धा के साथ निभाई जाती है। देवी-देवताओं को चढ़ाया जाता है “वीरा” दशहरे की शुरुआत गांव के मंदिरों और घरों में देवी-देवताओं की पूजा से होती है। ग्रामीण अपने घरों में विशेष थालियां सजाते हैं, जिनमें पान, सुपारी और पूजन सामग्री रखी जाती है। इसे “वीरा” कहा जाता है। मान्यता है कि देवी-देवताओं को यह अर्पण करने से गांव में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है। स्थानीय ग्रामीण रामसिंह बताते हैं, “हमारे पुरखे भी यही परंपरा निभाते आए हैं। पहले तो पूरा गांव मिलकर देवताओं के सामने वीरा सजाता था। आज भी वही तरीका चल रहा है।” घर-घर सजी थालियां, पान-सुपारी से होता है स्वागत पूजन-अर्चना के बाद गांव की महिलाएं और बच्चे थालियां लेकर घर-घर जाते हैं। हर घर में पान और सुपारी से सजी थाल रखी होती है। महिलाएं घर के सदस्यों को तिलक लगाती हैं, गले मिलती हैं और पान खिलाकर शुभकामनाएं देती हैं। गांव की महिला ममता कुशवाहा बताती हैं, “बुंदेलखंड की यह सबसे प्यारी परंपरा है। हम जब एक-दूसरे के घर जाते हैं तो लगता है जैसे पूरा गांव एक परिवार है।” महिलाओं को “लौंग” देने का रिवाज इस दिन महिलाओं को लौंग भेंट करने की परंपरा भी खास मायने रखती है। इसे सौभाग्य और शुभता का प्रतीक माना जाता है। घर-घर जाकर महिलाएं लौंग ग्रहण करती हैं और इसे पूजा में भी इस्तेमाल करती हैं। स्थानीय बुजुर्ग सावित्री देवी कहती हैं, “लौंग देना और लेना केवल रस्म नहीं है, यह अपनत्व और आशीर्वाद का प्रतीक है। दशहरा का महत्व इसी से और बढ़ जाता है।” गांव के बीचों-बीच गूंजता है “बुंदेली दीवाली नृत्य” शाम होते ही गांव के बीचों-बीच बड़ी संख्या में लोग एकत्रित होते हैं। डीजे और ढोल-नगाड़ों की थाप पर “बुंदेली दीवाली नृत्य” शुरू होता है। बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग मिलकर झूमते-गाते हैं। यह नृत्य दशहरे की रात गांव को उत्सव के रंग में डूबो देता है। युवक रवि अहिरवार बताते हैं, “हम हर साल इस दिन का इंतजार करते हैं। यहां सिर्फ नृत्य नहीं होता, बल्कि पूरा गांव एक साथ जश्न मनाता है। यही हमारी असली दीवाली है।” सामाजिक एकता और भाईचारे की मिसाल यह परंपरा केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है। इसमें मेल-जोल, भाईचारा और सामाजिक एकता की झलक साफ दिखाई देती है। दशहरे का यह अनूठा रूप गांव में रिश्तों को मजबूत करता है और लोगों को जोड़ता है।

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केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह शुक्रवार को हरियाणा के दौरे पर रहेंगे, जहां वे देश की सबसे बड़ी डेयरी उत्पादन इकाई का उद्घाटन करेंगे. इसके साथ ही वे रोहतक और कुरुक्षेत्र में 825 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे. राज्य सरकार के प्रवक्ता ने गुरुवार को जानकारी देते हुए बताया कि सहकारिता क्षेत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गृह मंत्री अमित शाह रोहतक के आईएमटी में नवनिर्मित साबर डेयरी प्लांट का उद्घाटन करेंगे. 325 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित इस प्लांट में अत्याधुनिक मशीनरी स्थापित की गई है, जिसे केंद्रीय मंत्री औपचारिक रूप से शुरू करेंगे. भारत की सबसे बड़ी डेयरी यूनिट यह डेयरी प्लांट दही, छाछ और दही के उत्पादन के लिए भारत की सबसे बड़ी यूनिट है, जिसमें प्रतिदिन 150 मीट्रिक टन दही, 3 लाख लीटर छाछ, 10 लाख लीटर दही और 10 मीट्रिक टन मिठाइयों के उत्पादन की क्षमता है. इस सुविधा से लगभग 1,000 लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है. कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे अमित शाह प्रवक्ता ने आगे बताया कि अमित शाह रोहतक के महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में ‘खादी कारीगर महोत्सव’ के दौरान 2,200 कारीगरों को टूल किट वितरित करेंगे. सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के तहत खादी और ग्रामोद्योग आयोग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का थीम ‘स्वदेशी से स्वावलंबन’ है. इस दौरान वे आधुनिक मशीनरी और टूल किट वितरित करेंगे. साथ ही प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत 301 करोड़ रुपए की मार्जिन मनी प्रदान करेंगे. प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे यह महोत्सव स्वदेशी हस्तशिल्प और खादी उद्योग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें स्थानीय कारीगरों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है. इसके अतिरिक्त, वे पीएमईजीपी यूनिटों का उद्घाटन करेंगे और बाद में एक सभा को संबोधित करेंगे. कुरुक्षेत्र में गृह मंत्री अमित शाह भारत के नए आपराधिक कानूनों पर पांच दिवसीय प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे. यह प्रदर्शनी वकीलों, छात्रों, अभिभावकों और आम नागरिकों को आपराधिक न्याय प्रणाली में हाल के सुधारों को समझने में मदद करेगी. इस प्रदर्शनी में नए कानूनों द्वारा लाए गए परिवर्तनों और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा, जिसमें सात विभिन्न विभागों की भूमिकाओं को 10 थीम आधारित खंडों में विभाजित किया गया है. नोट- यह खबर एजेंसी (IANS) फीड से सीधे पब्लिश की गई है. इसमें किसी भी जानकारी को नहीं बदला गया है. खबर को पढ़ने लायाक बनाने के लिए लिए केवल हेडलाइन बदली गई है. वहीं पैराग्राफ से पहले सबहेड जोड़े गए हैं. इस स्टोरी को लेकर भारत एक्सप्रेस की किसी भी तरह की नैतिक जिम्मेदारी नहीं होगी.

हरियाणा में अमित शाह देंगे नया ‘सहकारिता मॉडल’

हरियाणा में अमित शाह देंगे नया ‘सहकारिता मॉडल’, करेंगे देश की सबसे बड़ी डेयरी यूनिट का उद्घाटनकेंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह शुक्रवार को हरियाणा के दौरे पर रहेंगे, जहां वे देश की सबसे बड़ी डेयरी उत्पादन इकाई का उद्घाटन करेंगे. इसके साथ ही वे रोहतक और कुरुक्षेत्र में 825 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे. राज्य सरकार के प्रवक्ता ने गुरुवार को जानकारी देते हुए बताया कि सहकारिता क्षेत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गृह मंत्री अमित शाह रोहतक के आईएमटी में नवनिर्मित साबर डेयरी प्लांट का उद्घाटन करेंगे. 325 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित इस प्लांट में अत्याधुनिक मशीनरी स्थापित की गई है, जिसे केंद्रीय मंत्री औपचारिक रूप से शुरू करेंगे. भारत की सबसे बड़ी डेयरी यूनिट यह डेयरी प्लांट दही, छाछ और दही के उत्पादन के लिए भारत की सबसे बड़ी यूनिट है, जिसमें प्रतिदिन 150 मीट्रिक टन दही, 3 लाख लीटर छाछ, 10 लाख लीटर दही और 10 मीट्रिक टन मिठाइयों के उत्पादन की क्षमता है. इस सुविधा से लगभग 1,000 लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है. कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे अमित शाह प्रवक्ता ने आगे बताया कि अमित शाह रोहतक के महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में ‘खादी कारीगर महोत्सव’ के दौरान 2,200 कारीगरों को टूल किट वितरित करेंगे. सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के तहत खादी और ग्रामोद्योग आयोग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का थीम ‘स्वदेशी से स्वावलंबन’ है. इस दौरान वे आधुनिक मशीनरी और टूल किट वितरित करेंगे. साथ ही प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत 301 करोड़ रुपए की मार्जिन मनी प्रदान करेंगे. प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे यह महोत्सव स्वदेशी हस्तशिल्प और खादी उद्योग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें स्थानीय कारीगरों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है. इसके अतिरिक्त, वे पीएमईजीपी यूनिटों का उद्घाटन करेंगे और बाद में एक सभा को संबोधित करेंगे. कुरुक्षेत्र में गृह मंत्री अमित शाह भारत के नए आपराधिक कानूनों पर पांच दिवसीय प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे. यह प्रदर्शनी वकीलों, छात्रों, अभिभावकों और आम नागरिकों को आपराधिक न्याय प्रणाली में हाल के सुधारों को समझने में मदद करेगी. इस प्रदर्शनी में नए कानूनों द्वारा लाए गए परिवर्तनों और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा, जिसमें सात विभिन्न विभागों की भूमिकाओं को 10 थीम आधारित खंडों में विभाजित किया गया है. नोट- यह खबर एजेंसी (IANS) फीड से सीधे पब्लिश की गई है. इसमें किसी भी जानकारी को नहीं बदला गया है. खबर को पढ़ने लायाक बनाने के लिए लिए केवल हेडलाइन बदली गई है. वहीं पैराग्राफ से पहले सबहेड जोड़े गए हैं. इस स्टोरी को लेकर भारत एक्सप्रेस की किसी भी तरह की नैतिक जिम्मेदारी नहीं होगी.

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रत्तीभर अपमान नहीं सहेगा पीएम मोदी का हिंदुस्तान, पुतिन की ट्रंप को चेतावनी; दबाव बनाना बंद करे अमेरिका

रत्तीभर अपमान नहीं सहेगा पीएम मोदी का हिंदुस्तान

रत्तीभर अपमान नहीं सहेगा पीएम मोदी का हिंदुस्तान, पुतिन की ट्रंप को चेतावनी; दबाव बनाना बंद करे अमेरिका रूस के ब्लैक सी के रिसॉर्ट शहर सोची में आयोजित वलदाई डिस्कशन ग्रुप से रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके सहयोगियों को एक कड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है. यह संदेश सीधे तौर पर भारत से जुड़ा है. पुतिन ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि वह भारत पर दबाव बनाना बंद करे, क्योंकि भारत जैसा देश कभी किसी के सामने अपमान स्वीकार नहीं करेगा. रूसी राष्ट्रपति ने साफ कहा है कि ऐसा कोई भी कदम वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए गहरा संकट पैदा कर सकता है. पुतिन (Vladimir Putin) ने कहा कि अमेरिका भारत और चीन पर दबाव डालकर रूस से ऊर्जा संबंध खत्म नहीं करवा सकता. उन्होंने कहा कि भारत जैसा देश अपने नेतृत्व के फैसलों पर करीब से नजर रखता है और कभी किसी के सामने अपमानजनक स्थिति स्वीकार नहीं करेगा. पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भरोसा जताते हुए कहा कि मोदी ऐसे कोई कदम नहीं उठाएंगे जिससे देश की गरिमा को ठेस पहुंचे. डोनाल्ड ट्रंप की दोहरी नीति पर सवाल (Vladimir Putin Target Donald Trump)पुतिन का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका लगातार भारत की आलोचना कर रहा है कि वह रूस से तेल खरीद रहा है. पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके सहयोगियों ने भी कई बार भारत पर दबाव बनाने की कोशिश की है. पुतिन ने अमेरिका की दोहरी नीति पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि अमेरिका खुद रूस से समृद्ध यूरेनियम खरीदता है, लेकिन बाकी देशों को रूसी ऊर्जा से दूर रहने के लिए कहता है. पुतिन (Vladimir Putin) के संदेश की मुख्य बातेंअमेरिका को भारत और चीन जैसे देशों के साथ बातचीत का तरीका बदलना होगा. अब उपनिवेशवाद का समय खत्म हो चुका है, और इन देशों को बराबरी का सम्मान देना होगा. अगर भारत रूस से तेल खरीदना बंद करता है, तो उसे भारी नुकसान उठाना पड़ेगा. लेकिन भारत की जनता और नेतृत्व ऐसा कभी नहीं होने देंगे.अगर अमेरिका रूस के व्यापारिक साझेदारों पर ज्यादा शुल्क लगाता है, तो इससे वैश्विक कीमतें बढ़ेंगी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व को ब्याज दरें ऊंची रखनी पड़ेंगी.सभी नाटो देश उनके खिलाफ लड़ रहे हैं और अब इसे छिपा भी नहीं रहे. यूरोप में एक केंद्र बनाया गया है जो यूक्रेनी सेना की हर गतिविधि को समर्थन देता है. भारत की मजबूत और संप्रभु स्थितिरूसी राष्ट्रपति पुतिन का यह तीखा और मुखर बयान अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीति में भारत की मजबूत और संप्रभु स्थिति को स्पष्ट करता है. उन्होंने न केवल भारत की तेल खरीद नीति का बचाव किया, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व के प्रति भी गहरा भरोसा जताया. पुतिन ने जोर देकर कहा कि भारत-रूस के व्यापार और भुगतान से जुड़ी समस्याओं का समाधान ब्रिक्स मंच या अन्य चैनलों के जरिये किया जा सकता है. पुतिन के इस बयान से यह साफ होता है कि रूस भारत के साथ अपने संबंधों को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, और वह अमेरिका को चेतावनी दे रहा है कि वह भारत पर दबाव बनाने की कोशिश न करे.

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दिल्ली पीएम मोदी होंगे दशहरा समारोह में शामिल, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

दिल्ली: पीएम मोदी होंगे दशहरा समारोह में शामिल, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

दिल्ली: पीएम मोदी होंगे दशहरा समारोह में शामिल, सुरक्षा के कड़े इंतजाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आईपी एक्सटेंशन रामलीला समिति द्वारा आयोजित दशहरा उत्सव में शामिल होंगे. अधिकारियों ने पुष्टि की है कि प्रधानमंत्री शाम करीब 6 बजे पूर्वी दिल्ली के पटपड़गंज क्षेत्र में आयोजन स्थल पर पहुंचेंगे, जहां वे पारंपरिक रावण दहन समारोह में शामिल होंगे. यह समारोह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है. सत्य की जीत का शाश्वत संदेश यह पहली बार नहीं है जब प्रधानमंत्री दिल्ली के दशहरा समारोह में शामिल हो रहे हैं. पिछले साल, उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के मैदान में लव कुश रामलीला में भाग लिया था, जहां उन्होंने रावण, मेघनाथ और कुम्भकर्ण के पुतलों को जलाने के लिए तीर चलाया था. उस दौरान पीएम मोदी ने इस त्योहार के साहस, शांति और सत्य की जीत के शाश्वत संदेश पर जोर दिया था. दस संकल्प लेने का आग्रह इसके अलावा, साल 2023 में प्रधानमंत्री ने दिल्ली के द्वारका में डीडीए मैदान में दशहरा समारोह में हिस्सा लिया था. उस दौरान उन्होंने लोगों से दस संकल्प लेने का आग्रह किया, जिसमें कम से कम एक गरीब परिवार की मदद करना शामिल था. उनका पारंपरिक सम्मान के साथ स्वागत किया गया था. इस दौरान हजारों लोग ‘लंका दहन’ के लिए इकट्ठा हुए थे. हथियारों की पूजा, संप्रभुता की रक्षा पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत ‘सियावर रामचंद्र की जय’ के उद्घोष के साथ की थी और नवरात्रि व विजयादशमी की शुभकामनाएं दी थीं. उन्होंने जातिवाद और क्षेत्रवाद जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने का आह्वान किया, जो सामाजिक सद्भाव को कमजोर करते हैं. उन्होंने विजयादशमी पर शस्त्र पूजा के महत्व पर जोर देते हुए कहा था कि भारत में हथियारों की पूजा आक्रामकता या विजय के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र की संप्रभुता की रक्षा के लिए की जाती है. इस साल आईपी एक्सटेंशन में होने वाले समारोह में भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है और प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए हैं

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मोदी सरकार पंजाब के बाढ़ प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध- अमित शाह

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार पंजाब के लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और राज्य के बाढ़ प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करने के प्रति कटिबद्ध है. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार की शाम को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और उन्हें मानसून के दौरान आई बाढ़ से राज्य में हुए नुकसान की जानकारी दी. उन्होंने आपदा राहत एवं पुनर्स्थापन के लिए राज्य के लिए अतिरिक्त धनराशि स्वीकृत करने की भी मांग की. बैठक के दौरान मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) में राज्य के पास 12,589.59 करोड़ रुपए की पर्याप्त धनराशि उपलब्ध है, जिसका उपयोग भारत सरकार के मानदंडों के अनुसार प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने और तत्काल पुनर्वास के लिए किया जा सकता है. केंद्र सरकार ने राज्य में हाल ही में आई बाढ़ के दौरान खोज, बचाव और तत्काल पुनर्वास के लिए केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से राज्य प्रशासन को हरसंभव सहायता प्रदान की है. प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का किया आंकलन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 सितंबर को पंजाब का दौरा किया था और राज्य में बाढ़ की स्थिति और उससे हुए नुकसान की समीक्षा की थी. प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1,600 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता में से, 805 करोड़ रुपए (एनएचएआई द्वारा स्वीकृत 170 करोड़ रुपए सहित) विभिन्न योजनाओं के तहत राज्य सरकार, लाभार्थियों को पहले ही जारी किए जा चुके हैं और शेष राशि राज्य से संबंधित जानकारी प्राप्त होने पर जारी कर दी जाएगी. इसके अलावा, पंजाब राज्य से ज्ञापन प्राप्त होने की प्रतीक्षा किए बिना, 1 सितंबर को एक अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम (आईएमसीटी) का गठन किया गया था. केंद्रीय टीम ने 3 से 6 सितंबर तक राज्य में मौके पर नुकसान के आंकलन के लिए प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया. हालांकि, राज्य सरकार द्वारा अभी एक विस्तृत ज्ञापन प्रस्तुत करना बाकी है. ज्ञापन प्राप्त होने के बाद भारत सरकार द्वारा स्वीकृत मानदंडों के अनुसार केंद्र सरकार द्वारा उस पर विचार किया जाएगा. इसके अलावा, राज्य, आजीविका और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की बहाली के लिए एक रिकवरी और रिकंस्ट्रक्शन योजना तैयार कर सकता है. गृह मंत्रालय (एमएचए) ने पहले ही 14.08.2024 को एसडीआरएफ और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (एनडीआरएफ ) के तहत रिकवरी और रिकंस्ट्रक्शन फंडिंग विंडो के लिए दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं.

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महाराष्ट्र में फिर छिड़ा भाषा विवाद, MNS ने मेट्रो स्टेशन पर हिंदी को लेकर जताया विरोध

महाराष्ट्र में फिर छिड़ा भाषा विवाद, MNS ने मेट्रो स्टेशन पर हिंदी को लेकर जताया विरोध

महाराष्ट्र में एक बार फिर भाषा को लेकर विवाद सामने आया है. इस बार मामला मुंबई के अंधेरी मेट्रो स्टेशन का है, जहां सिर्फ हिंदी में विज्ञापन लिखे जाने पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध किया. उन्होंने स्टेशन के नाम पर कालिख पोत दी और नारेबाजी की. उनका कहना था कि मराठी को नजरअंदाज करना महाराष्ट्र की अस्मिता का अपमान है. पहले भी विवाद ये कोई पहली बार नहीं है जब भाषा को लेकर विवाद हुआ हो. जुलाई में मीरा रोड पर एक मिठाई दुकानदार को सिर्फ इसलिए पीटा गया क्योंकि उसने मराठी बोलने से इनकार किया था. इस घटना का वीडियो वायरल हुआ और सात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हुई थी. इनमें से तीन को नोटिस भी जारी किया गया. इसके बाद सैकड़ों MNS कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए और मराठी गौरव की रक्षा के लिए विरोध मार्च निकाला. पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया ताकि माहौल बिगड़ने से रोका जा सके. वीरार और पालघर में मारपीट भाषाई विवाद यहीं नहीं रुका. जुलाई 2025 में ही वीरार और पालघर में एक ऑटो-रिक्शा चालक को मराठी न बोलने पर पीटा गया. इस बार हमला शिवसेना (UBT) के कार्यकर्ताओं ने किया. वीडियो में देखा गया कि चालक ने कहा, “हिंदी या भोजपुरी बोलना मेरा हक है.” लेकिन ऐसा कहने पर उसे थप्पड़ मारे गए और सार्वजनिक माफी मांगने को मजबूर किया गया. महाराष्ट्र बैंक की शाखा में मारपीट लोनावाला के महाराष्ट्र बैंक की एक शाखा में भी ऐसा ही मामला सामने आया. वहां MNS कार्यकर्ताओं ने मैनेजर से मराठी में बात करने की मांग की. जब एक कर्मचारी ने हिंदी के इस्तेमाल का समर्थन किया, तो उसे भी पीटा गया. इन घटनाओं से साफ है कि महाराष्ट्र में भाषा को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है. मराठी को लेकर भावनाएं गहरी हैं लेकिन हिंसा और जबरदस्ती से समाधान नहीं निकलता. भाषा का सम्मान जरूरी है लेकिन साथ ही हर नागरिक को अपनी पसंद की भाषा बोलने का अधिकार भी मिलना चाहिए.

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Weather alert in Delhi-NCR

दिल्ली-एनसीआर में मौसम का अलर्ट 

दिल्ली-एनसीआर में मौसम का अलर्ट: हल्की-से-हैवी बारिश, उमस और बदलाव की संभावना नई दिल्ली, 19 सितम्बर 2025। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली और आसपास के इलाकों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है। अधिकतर इलाकों में दोपहर से शाम के बीच हल्की-से-मध्यम बारिश की संभावना जतायी गयी है, जबकि कुछ इलाकों में तेज बारिश या गरज-चमक के साथ तूफानी हवाएँ भी आ सकती हैं। हाल ही में मौसम-अवलोकन से पता चला है कि Palam, Safdarjung और आसपास के ऑब्जर्वेशन स्टेशनों पर बादल छाए हुए हैं, हवा की दिशा बदल रही है, और आर्द्रता अधिक है। इन परिस्थितियों के चलते अचानक मौसम बदलने की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और बुजुर्गों, बच्चों व संवेदनशील लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। बारिश के साथ-साथ तापमान में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। सुबह-शाम की अपेक्षित न्यूनतम तापमान लगभग 23-25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है, जबकि दिन के समय अधिकतम तापमान बढ़-चढ़कर 34-36 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच सकता है। विशेष रूप से बाहर निकलने पर तेज़ धूप और उमस महसूस हो सकती है। जनजीवन पर असर और सुझाव इस मौसम अलर्ट के चलते सड़कें गीली होने के कारण आवाजाही में बाधाएँ हो सकती हैं। जलजमाव की संभावना वाले इलाकों में वाहन धँसाव या पानी के कारण रस्ते फिसलने जैसी घटनाएँ हो सकती हैं। सार्वजनिक परिवहन पर असर हो सकता है, साथ ही उड़ानों या अन्य यात्रा योजनाओं में बदलाव संभव है। वाटरप्रूफ कवच और छतरी साथ रखना ठीक रहेगा। घर से निकलने से पहले स्थानीय मौसम अपडेट देख लें। रात के समय हल्के-बूंदा-बांदी की संभावना के चलते बाहर की गतिविधियों को सीमित करना बेहतर होगा। बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा या फेफड़ों से जुड़ी बीमारी वाले लोगों को विशेष ध्यान देना चाहिए। अगले कुछ दिन का पूर्वानुमान आगामी दो-तीन दिनों में बारिश-विभिन्नता बनी रहने की उम्मीद है। दोपहर या शाम के समय हल्की-मध्यम बारिश की गतिविधियाँ होंगी, कुछ इलाकों में मौसम साफ़ होगा। मौसम विभाग की माने तो मानसून का प्रभाव अब धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन अभी भी अस्थिर मौसम की स्थिति बनी हुई है।

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बुरहानपुर में करंट से युवक की मौत

बुरहानपुर में करंट से युवक की मौत

बुरहानपुर में करंट से युवक की मौत: खेत की रखवाली के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा, जंगली सूअरों से बचाने लगाए गए थे तार बुरहानपुर। जिले के नेपानगर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत निंबोला थाना क्षेत्र से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां ग्राम अंबा के मलगांव निवासी एक युवक की खेत में करंट लगने से मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ, जब वह अपने खेत के पास पहुंचा और जंगली सूअरों से फसल बचाने के लिए बिछाए गए करंट युक्त तारों की चपेट में आ गया। युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। ग्रामीण इलाकों में आम हो रहा करंट का जुगाड़ स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, पिछले कुछ समय से इलाके में जंगली सूअरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। सूअरों के झुंड खेतों में घुसकर खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुँचा रहे हैं। इससे परेशान किसान सुरक्षा के लिए खेतों के चारों ओर बिजली के तार बिछा रहे हैं और उनमें करंट प्रवाहित कर देते हैं। यह तरीका भले ही फसलों को बचा लेता हो, लेकिन इंसानों और पालतू जानवरों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। पुलिस ने मर्ग कायम कर शुरू की जांच घटना की जानकारी मिलते ही निंबोला थाना पुलिस मौके पर पहुँची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि खेत में करंट डालने के लिए किसकी जिम्मेदारी थी। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। बढ़ती घटनाओं से ग्रामीण दहशत में ग्रामीणों ने बताया कि यह पहली बार नहीं है जब करंट से किसी की मौत हुई हो। आए दिन इस तरह की घटनाएं सुनने को मिल रही हैं। जंगली सूअरों के आतंक और किसानों की मजबूरी के चलते खेतों में करंट फैलाने का तरीका ग्रामीणों में आम होता जा रहा है। प्रशासन के पास इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं है, जिससे ग्रामीण खुद के स्तर पर सुरक्षा इंतज़ाम कर रहे हैं। ग्रामीणों ने की प्रशासन से मांग ग्रामवासियों ने जिला प्रशासन और वन विभाग से अपील की है कि जंगली सूअरों से फसलों को बचाने के लिए ठोस और सुरक्षित व्यवस्था की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते समाधान नहीं किया गया तो इस तरह के हादसे और भी बढ़ सकते हैं।

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देहरादून में बादल फटा

देहरादून में बादल फटा: सहस्त्रधारा क्षेत्र में तबाही, होटल-दुकानें बहीं, दो लोग लापता

देहरादून, 16 सितंबर 2025 उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के सहस्त्रधारा क्षेत्र में मंगलवार सुबह बादल फटने से भारी तबाही मच गई। Karligaad (Karliguard) नाले के पास अचानक आई जलप्रलय ने पूरे इलाके का स्वरूप बदल दिया। कई होटल और दुकानें बह गईं, जबकि सड़कों पर मलबा भर गया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में दो लोग लापता प्रशासन के अनुसार, इस आपदा में दो लोग लापता हैं। SDRF और NDRF की टीमें लगातार तलाश अभियान चला रही हैं। अब तक किसी की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन भारी नुकसान की खबरें सामने आई हैं। मंदिर भी आया पानी की चपेट में तेज़ बारिश के कारण Tamsa नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। नदी का उफान इतना तेज़ था कि प्रसिद्ध Tapkeshwar Mahadev मंदिर पानी में डूब गया। मंदिर के आसपास बने घाट पूरी तरह जलमग्न हो गए। होटल और दुकानों को भारी नुकसान सहस्त्रधारा क्षेत्र पर्यटकों के लिए खासा लोकप्रिय है। यहाँ बने होटल और दुकानों को सबसे ज़्यादा नुकसान हुआ है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि मलबे और पानी के तेज़ बहाव से कई दुकानें और छोटे होटल बह गए, जिससे करोड़ों का नुकसान हुआ है। बचाव और राहत कार्य जारी घटना की सूचना मिलते ही SDRF, NDRF, पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुँच गईं। प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है। प्रशासन ने हाई-अलर्ट जारी कर दिया है और राहत शिविर बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हालात पर नज़र बनाए रखने के निर्देश दिए हैं और जिला प्रशासन को हर संभव मदद उपलब्ध कराने को कहा है। स्कूल बंद, रेड अलर्ट जारी जिला प्रशासन ने एहतियातन प्रभावित क्षेत्र के स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया है। उधर, भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तराखंड के कई हिस्सों के लिए भारी बारिश और तूफ़ानी हवाओं का रेड अलर्ट जारी किया है। स्थानीय लोगों में दहशत इस घटना के बाद सहस्त्रधारा क्षेत्र और आसपास के गाँवों में दहशत का माहौल है। लोग ऊँचाई वाले सुरक्षित स्थानों पर शरण ले रहे हैं। कई परिवारों को अस्थायी शिविरों में पहुँचाया गया है।

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राहुल गांधी का पंजाब दौरा: बाढ़ पीड़ितों से मिले, सरकार पर निशाना साधा

राहुल गांधी का पंजाब दौरा: बाढ़ पीड़ितों से मिले, सरकार पर निशाना साधा

अमृतसर/गुरदासपुर, 15 सितंबर 2025 पंजाब में हाल ही में आई बाढ़ से हुई तबाही का जायज़ा लेने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी सोमवार को पंजाब पहुँचे। उन्होंने अमृतसर जिले के अजनाला क्षेत्र के घोनेवाल गांव से अपने दौरे की शुरुआत की। यहाँ उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की, खेतों और टूटे हुए घरों का मुआयना किया और ग्रामीणों की समस्याएँ सुनीं। राहुल गांधी का कार्यक्रम अमृतसर, गुरदासपुर और पठानकोट जिलों के कई गांवों तक फैला है। उन्होंने गुरुद्वारा बाबा बुधा साहिब (रामदास, अमृतसर) में मत्था टेका और स्थानीय लोगों से बातचीत की। इसके बाद वे गुरदासपुर के गुरचाक और मककोरा पट्‌टन गांवों सहित सीमावर्ती क्षेत्रों का भी दौरा करेंगे। बाढ़ से सबसे ज़्यादा नुकसान किसानों को हुआ है। राज्य सरकार के मुताबिक अब तक लगभग 1.98 लाख हेक्टेयर फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। राहुल गांधी ने खेतों का मुआयना करते हुए कहा कि कांग्रेस किसानों की हरसंभव मदद करेगी। उन्होंने पीड़ित परिवारों को भरोसा दिलाया कि उनकी आवाज़ दिल्ली तक पहुँचाई जाएगी। आपदा प्रबंधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ से अब तक 56 लोगों की मौत हो चुकी है और हज़ारों परिवार बेघर हो गए हैं। कई गांवों में सड़कें और पुल टूट गए हैं, जिससे राहत कार्य प्रभावित हो रहा है। राहुल गांधी के दौरे से पहले भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि “कांग्रेस-शासित राज्यों ने पंजाब की मदद के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए। सिर्फ़ दौरा करना पर्याप्त नहीं है।” वहीं, पंजाब कांग्रेस ने कहा कि राहुल गांधी का दौरा जनता के दुख-दर्द को करीब से समझने और समाधान निकालने की दिशा में एक अहम कदम है। – जनता की उम्मीदें ग्रामीणों ने राहुल गांधी से अपनी परेशानियाँ साझा करते हुए कहा कि बाढ़ के कारण उनका सबकुछ बर्बाद हो गया है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर उन्हें उचित मुआवज़ा और राहत प्रदान करेंगी।

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