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कई राज्यों में NEET री-एग्जाम के लिए हाई अलर्ट और विशेष सुरक्षा व्यवस्था

जय राष्ट्र न्यूज़ | स्टेट्स डेस्क | 21 जून 2026 मुख्य समाचार NEET-UG 2026 री-एग्जाम को लेकर देशभर के कई राज्यों में हाई अलर्ट घोषित किया गया है। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA), राज्य प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। परीक्षा केंद्रों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है और किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकने के लिए बहुस्तरीय निगरानी तंत्र सक्रिय किया गया है। पिछले महीनों में परीक्षा से जुड़े विवादों और सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए इस बार सुरक्षा व्यवस्था को पहले से कहीं अधिक मजबूत बनाया गया है। परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी कई राज्यों में परीक्षा केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। CCTV कैमरों, बायोमेट्रिक सत्यापन और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी प्रणालियों के माध्यम से प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार संवेदनशील परीक्षा केंद्रों को विशेष निगरानी सूची में रखा गया है और वहां अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन और पुलिस की संयुक्त तैयारी राज्य सरकारों ने जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और पुलिस अधिकारियों के साथ कई दौर की समीक्षा बैठकें आयोजित की हैं। परीक्षा के दिन यातायात प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को लेकर विशेष योजनाएं बनाई गई हैं। कई जिलों में नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं, जहां से परीक्षा संबंधी गतिविधियों की निगरानी की जा रही है। तकनीकी सुरक्षा पर विशेष जोर इस बार परीक्षा केंद्रों पर डिजिटल सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है। जैमर, निगरानी उपकरण और अन्य तकनीकी साधनों के माध्यम से नकल और संचार संबंधी अनियमितताओं को रोकने की तैयारी की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी निगरानी परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। छात्रों को दिए गए दिशा-निर्देश अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से पहले पहुंचने, वैध पहचान पत्र साथ रखने और सभी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। सुरक्षा जांच की प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त समय लेकर आने की अपील भी की गई है। परीक्षा केंद्रों पर प्रतिबंधित वस्तुओं को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अभिभावकों और छात्रों की उम्मीदें लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों की नजर परीक्षा के सफल संचालन पर टिकी हुई है। कई अभिभावकों ने उम्मीद जताई है कि इस बार की सख्त सुरक्षा व्यवस्था परीक्षा प्रणाली में विश्वास को मजबूत करेगी। शिक्षा विशेषज्ञों का भी मानना है कि पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था के लिए आवश्यक है। राज्यों की विशेष निगरानी उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली और अन्य कई राज्यों में प्रशासन ने विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की है। परीक्षा केंद्रों के आसपास सुरक्षा गश्त बढ़ाई गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निष्कर्ष NEET-UG 2026 री-एग्जाम को लेकर कई राज्यों में हाई अलर्ट और विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। प्रशासन, पुलिस और NTA के समन्वित प्रयासों का उद्देश्य परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाना है। अब देशभर के लाखों छात्रों और अभिभावकों की नजर परीक्षा के सफल और शांतिपूर्ण संचालन पर बनी हुई है। स्रोत: National Testing Agency (NTA) मूल रिपोर्ट:https://nta.ac.in जय राष्ट्र न्यूज़

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दिल्ली-NCR समेत कई राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट, मौसम विभाग की विशेष निगरानी जारी

जय राष्ट्र न्यूज़ | स्टेट्स डेस्क | 20 जून 2026 मुख्य समाचार देश के कई हिस्सों में मानसून की गतिविधियां तेज होने के साथ ही भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली-NCR सहित कई राज्यों में बारिश, तेज हवाओं और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग लगातार बदलते मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और संबंधित राज्य सरकारों व प्रशासनिक एजेंसियों को आवश्यक सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों के अनुसार अगले कुछ दिनों में कई क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जा सकती है, जिससे तापमान में गिरावट और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की संभावना है। दिल्ली-NCR में मौसम का बदला मिजाज दिल्ली-NCR क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। बादल छाने, तेज हवाएं चलने और कुछ इलाकों में बारिश की गतिविधियों के कारण गर्मी का असर कम हुआ है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में भी क्षेत्र में बारिश और तेज हवाओं की संभावना बनी रह सकती है। इसके चलते लोगों को मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है। कई राज्यों के लिए जारी अलर्ट मौसम विभाग ने उत्तर भारत, मध्य भारत और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में बारिश और आंधी की संभावना जताई है। कुछ क्षेत्रों में बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी भी जारी की गई है। राज्य प्रशासन को संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखने और आपातकालीन सेवाओं को तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों के लिए महत्वपूर्ण समय मानसून की प्रगति पर किसानों की विशेष नजर बनी हुई है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर और संतुलित वर्षा खरीफ फसलों के लिए लाभदायक साबित हो सकती है। हालांकि अत्यधिक बारिश या जलभराव की स्थिति से फसलों को नुकसान भी पहुंच सकता है, इसलिए कृषि विभाग लगातार स्थिति की समीक्षा कर रहा है। प्रशासन अलर्ट मोड पर कई राज्यों में स्थानीय प्रशासन ने संभावित जलभराव, यातायात बाधा और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। नगर निकायों को जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने और आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमों को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों के लिए सावधानियां मौसम विभाग ने नागरिकों से खराब मौसम के दौरान आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की है। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि: तापमान में मिल सकती है राहत बारिश की गतिविधियों से कई क्षेत्रों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। पिछले कुछ सप्ताह से गर्मी और उमस से परेशान लोगों को मौसम में बदलाव से राहत मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ मौसम में और बदलाव देखने को मिल सकते हैं। निष्कर्ष दिल्ली-NCR समेत कई राज्यों में बारिश और आंधी को लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां सतर्क हैं, जबकि लोगों को भी मौसम संबंधी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। आने वाले दिनों में मानसून की गतिविधियां कई क्षेत्रों के मौसम को प्रभावित कर सकती हैं। स्रोत: India Meteorological Department (IMD) मूल रिपोर्ट:https://mausam.imd.gov.in जय राष्ट्र न्यूज़

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दिल्ली-NCR समेत कई राज्यों में बारिश का अलर्ट, मौसम विभाग की विशेष निगरानी

जय राष्ट्र न्यूज़ | राज्य डेस्क | 19 जून 2026 मुख्य समाचार देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी कुछ दिनों तक कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं। दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हरियाणा और अन्य राज्यों में मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। दिल्ली-NCR में बारिश और तेज हवाओं की संभावना IMD के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार दिल्ली-NCR में 19 जून से 21 जून तक हल्की बारिश, गरज-चमक और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग का कहना है कि इस दौरान अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे रह सकता है, जिससे पिछले दिनों की गर्मी में कमी आएगी। कई राज्यों के लिए मौसम चेतावनी IMD ने 17 से अधिक राज्यों में बारिश, आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है। उत्तर भारत के अलावा पूर्वी और पश्चिमी भारत के कई क्षेत्रों में भी मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते मौसम के कारण कुछ क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर जलभराव, यातायात प्रभावित होने और बिजली आपूर्ति में बाधा जैसी स्थितियां भी बन सकती हैं। यात्रियों और किसानों को सलाह मौसम विभाग ने यात्रियों को यात्रा से पहले स्थानीय मौसम अपडेट देखने की सलाह दी है। खराब मौसम के कारण कुछ क्षेत्रों में सड़क और हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है। वहीं कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि वर्षा की गतिविधियों पर किसानों की विशेष नजर बनी हुई है क्योंकि आगामी दिनों का मौसम खरीफ फसलों की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राहत के साथ सावधानी भी जरूरी बारिश और तेज हवाओं से गर्मी से राहत जरूर मिलेगी, लेकिन बिजली गिरने और आंधी के दौरान खुले स्थानों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से आधिकारिक मौसम बुलेटिन और चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। निष्कर्ष दिल्ली-NCR समेत देश के कई राज्यों में मौसम विभाग ने बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया है। आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं, जिससे तापमान में गिरावट और गर्मी से राहत मिलने की संभावना है। हालांकि मौसम की बदलती परिस्थितियों को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और आधिकारिक सलाह का पालन करने की जरूरत है। स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) मूल रिपोर्ट:IMD Delhi-NCR Weather Forecast जय राष्ट्र न्यूज़

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NEET Re-Exam की सुरक्षा तैयारियों को लेकर राज्यों में हाई अलर्ट, प्रशासन और एजेंसियां पूरी तरह सतर्क

जय राष्ट्र न्यूज़ | नई दिल्ली | 17 जून 2026 मुख्य समाचार NEET Re-Exam 2026 को निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से आयोजित करने के लिए देशभर के राज्यों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। परीक्षा से पहले प्रशासन, पुलिस विभाग, शिक्षा अधिकारियों और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के बीच समन्वय बढ़ाया गया है ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोका जा सके। अधिकारियों का कहना है कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी इस महत्वपूर्ण परीक्षा के लिए सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। परीक्षा केंद्रों पर विशेष व्यवस्था राज्यों में परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। प्रवेश द्वारों पर पहचान सत्यापन, निगरानी कैमरे और सुरक्षा जांच की व्यवस्था को मजबूत किया गया है। अधिकारियों के अनुसार परीक्षा केंद्रों के आसपास भी अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की जा रही है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। प्रश्नपत्रों की सुरक्षित ढुलाई परीक्षा प्रश्नपत्रों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्रश्नपत्रों के भंडारण और परिवहन की प्रक्रिया पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि प्रत्येक चरण में सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाएगा ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना न रहे। साइबर निगरानी बढ़ाई गई ऑनलाइन माध्यमों के बढ़ते उपयोग को देखते हुए साइबर सुरक्षा एजेंसियों को भी सक्रिय किया गया है। सोशल मीडिया, मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स और अन्य डिजिटल माध्यमों पर निगरानी रखी जा रही है ताकि फर्जी सूचनाओं और धोखाधड़ी के प्रयासों को रोका जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल निगरानी परीक्षा सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। राज्यों में समन्वय बैठकें कई राज्यों में प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस विभाग और शिक्षा अधिकारियों के बीच विशेष बैठकें आयोजित की गई हैं। इन बैठकों में परीक्षा दिवस की तैयारियों और आपातकालीन प्रतिक्रिया योजनाओं पर चर्चा की गई। अधिकारियों का कहना है कि सभी संबंधित विभागों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। छात्रों और अभिभावकों से अपील शिक्षा विभाग ने छात्रों और अभिभावकों से केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। किसी भी प्रकार की अफवाह या फर्जी जानकारी से बचने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा के दौरान मानसिक संतुलन बनाए रखना और तैयारी पर ध्यान केंद्रित करना छात्रों के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। निष्पक्ष परीक्षा पर फोकस अधिकारियों के अनुसार इस बार परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं। लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी छात्रों को समान और निष्पक्ष अवसर मिले। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत सुरक्षा व्यवस्था से छात्रों का परीक्षा प्रणाली पर विश्वास और मजबूत होगा। निष्कर्ष NEET Re-Exam 2026 से पहले राज्यों में हाई अलर्ट और व्यापक सुरक्षा तैयारियां यह दर्शाती हैं कि प्रशासन परीक्षा की निष्पक्षता को लेकर गंभीर है। परीक्षा केंद्रों, प्रश्नपत्रों और डिजिटल माध्यमों की निगरानी के जरिए सुरक्षित परीक्षा आयोजन सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। लाखों छात्रों और अभिभावकों की नजर अब परीक्षा के सफल संचालन पर बनी हुई है। जय राष्ट्र न्यूज़ के साथ जुड़े रहें शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी हर बड़ी खबर के लिए।

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दिल्ली पुलिस ने 54 लाख रुपये की लूट का मामला सुलझाया, छह आरोपी गिरफ्ता

500 से अधिक CCTV फुटेज और कई राज्यों में छापेमारी के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंची नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने 54 लाख रुपये की लूट के एक चर्चित मामले को सुलझाते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। अधिकारियों के अनुसार इस मामले की जांच के दौरान पुलिस ने 500 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली और कई राज्यों में अभियान चलाकर आरोपियों तक पहुंच बनाई। पुलिस के मुताबिक घटना कुछ दिन पहले हुई थी, जब बदमाशों ने बड़ी रकम लेकर जा रहे व्यक्तियों को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये की लूट को अंजाम दिया था। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज एकत्र की। अधिकारियों ने बताया कि 500 से अधिक कैमरों की रिकॉर्डिंग का विश्लेषण किया गया, जिसके आधार पर संदिग्ध वाहनों और आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाया गया। तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और CCTV फुटेज की मदद से पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले। इसके बाद दिल्ली पुलिस की विशेष टीमों ने विभिन्न राज्यों में छापेमारी शुरू की। लगातार निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपी लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं और उनके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं, जिनके आधार पर मामले से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि लूट की योजना कब और कैसे बनाई गई थी तथा क्या इस गिरोह के तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हुए हैं। पुलिस को उम्मीद है कि आगे की जांच में और भी खुलासे हो सकते हैं। दिल्ली पुलिस ने बताया कि अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। CCTV नेटवर्क, डिजिटल निगरानी और डेटा विश्लेषण की मदद से गंभीर अपराधों की जांच पहले की तुलना में अधिक प्रभावी ढंग से की जा रही है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि महानगरों में बढ़ते CCTV नेटवर्क ने अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी को आसान बनाया है। ऐसे मामलों में तकनीकी साक्ष्य अक्सर जांच की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मुख्य बिंदु • 54 लाख रुपये की लूट का मामला सुलझाया गया • छह आरोपी गिरफ्तार • 500 से अधिक CCTV फुटेज की जांच • कई राज्यों में पुलिस की छापेमारी • तकनीकी साक्ष्यों से मिली सफलता • अन्य आरोपियों की तलाश जारी पुलिस की अपील पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या हेल्पलाइन पर दें। साथ ही व्यापारियों और नकदी का लेन-देन करने वाले लोगों को सुरक्षा संबंधी सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है। निष्कर्ष दिल्ली पुलिस द्वारा 54 लाख रुपये की लूट के मामले का खुलासा कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। तकनीकी जांच, CCTV विश्लेषण और कई राज्यों में चलाए गए अभियान के जरिए पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही। मामले की आगे की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। (जय राष्ट्र न्यूज़

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बिहार सीएम नीतीश कुमार हिजाब विवाद

बिहार सीएम नीतीश कुमार हिजाब विवाद: पटना कार्यक्रम में मुस्लिम महिला डॉक्टर का नकाब हटाने पर भारी बवाल

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। पटना में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान नीतीश कुमार ने नव नियुक्त आयुष डॉक्टर नुसरत परवीन का हिजाब (नकाब) खींच दिया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस घटना ने देशभर में आक्रोश पैदा कर दिया है और महिलाओं की गरिमा तथा धार्मिक स्वतंत्रता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। नीतीश कुमार हिजाब घटना के विवरण यह घटना 15 दिसंबर 2025 को पटना के मुख्यमंत्री सचिवालय ‘संवाद’ में हुई, जहां 1,283 से अधिक आयुष डॉक्टरों (आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी) को नियुक्ति पत्र वितरित किए जा रहे थे। मंच पर डॉक्टर नुसरत परवीन नियुक्ति पत्र लेने आईं, जो चेहरे पर नकाब पहने हुई थीं। वीडियो में दिख रहा है कि नीतीश कुमार ने पहले पत्र सौंपा, फिर नकाब की ओर इशारा करते हुए “ये क्या है?” कहा और खुद इसे नीचे खींच दिया। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन कुछ अधिकारी हंसते नजर आए। डॉक्टर नुसरत इस घटना से इतनी आहत हुईं कि उन्होंने बिहार छोड़ दिया और कोलकाता अपने परिवार के पास चली गईं। उनके परिवार ने कहा कि वे अब सरकारी नौकरी जॉइन नहीं करेंगी। यह घटना महिलाओं की निजता, सहमति और धार्मिक अधिकारों का उल्लंघन मानी जा रही है। राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और बिहार मुख्यमंत्री विवाद विपक्षी दलों ने नीतीश कुमार की कड़ी निंदा की है। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने वीडियो शेयर कर पूछा, “नीतीश जी को क्या हो गया? उनकी मानसिक स्थिति अब दयनीय हो गई है या नीतीश बाबू अब 100% संघी हो गए?” कांग्रेस ने इसे “घृणित कृत्य” बताते हुए नीतीश का तत्काल इस्तीफा मांगा। कश्मीर की पार्टियों ने भी निंदा की। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि नीतीश को पद छोड़ देना चाहिए। उमर अब्दुल्लाह ने इसे गलत बताया। पूर्व अभिनेत्री जायरा वसीम ने बिना शर्त माफी की मांग की। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इसे महिला की गरिमा पर हमला बताया। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने इसे “शर्मनाक” कहा। जावेद अख्तर ने भी नीतीश से माफी मांगने को कहा। नीतीश की पार्टी जदयू और सहयोगी भाजपा का बचाव: अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान ने कहा कि नीतीश ने “पिता जैसा स्नेह” दिखाया, ताकि अल्पसंख्यक समुदाय की बेटी की सफलता दुनिया देखे। सोशल मीडिया बैकलैश और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर भारी आक्रोश है। कई सेलेब्रिटी और एक्टिविस्ट्स ने इसे महिलाओं की गरिमा पर हमला बताया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान और मानवाधिकार संगठनों ने निंदा की। कुछ जगहों पर प्रदर्शन भी हुए। नीतीश कुमार और भाजपा गठबंधन का राजनीतिक संदर्भ नीतीश कुमार पिछले दो दशकों से अधिकतर बिहार के मुख्यमंत्री रहे हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भाजपा के प्रमुख सहयोगी हैं। हालिया विधानसभा चुनाव में एनडीए की जीत हुई। बिहार में 18% मुस्लिम आबादी है, इसलिए ऐसे मुद्दे संवेदनशील हैं। भाजपा का हिजाब पर पहले से विवादित रुख रहा है, जैसे कर्नाटक में बैन। फिलहाल नीतीश कुमार ने कोई माफी या बयान नहीं दिया है। जांच और प्रतिक्रियाएं जारी हैं। यह नीतीश कुमार मुस्लिम महिला डॉक्टर नकाब घटना भारत में धार्मिक पोशाक और महिलाओं के अधिकारों पर चल रही बहस को और गहरा कर रही है। जय राष्ट्र न्यूज पर इस विकासशील कहानी और अन्य ट्रेंडिंग भारतीय समाचारों के लिए बने रहें।

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घनी धुंध से थमी रफ्तार, AQI खतरनाक स्तर पर, NCR में विजिबिलिटी बेहद कम

घनी धुंध से थमी रफ्तार, AQI खतरनाक स्तर पर, NCR में विजिबिलिटी बेहद कम

देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) परत-दर-परत एक नया रिकॉर्ड कायम करने में लगी है। इस बार यह रिकॉर्ड दिल्ली के आसपास के इलाकों में पाया गया है। दिल्ली का तो प्रदूषण से बुरा हाल था ही, पर अब दिल्ली-एनसीआर (Delhi NCR) में भी हाल बेहाल हो गए हैं। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिन तक पंजाब, हरियाणा, चड़ीगढ़ और पूर्वी उत्तर प्रदेश में घने कोहरे की संभावना है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, शहर के कई प्रमुख इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) बेहद सीवियर क्षेणी में पहुंच गया है. इसे स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा माना जा रहा है। आनंद विहार में AQI 493 के पारआनंद विहार में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 493 के पार चल गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा जारी AQI के अनुसरा इस इलाके को ‘गंभीर’ श्रेणी में रखा गया है। दिल्ली को जहरीले धुएं की मोट परत ने घेर रखा है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली-एनसीआर में जीआरएपी चरण-IV (Grap Stage-IV) के तहत सभी इलाकों में कार्रवाई शुरू कर दी है। बारापुल्ला फ्लाईओवर का भी वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 433 है, जिसे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार ‘गंभीर’ श्रेणी में रखा गया है। द्वारका सेक्टर-14 में भी AQI 469 है, जो लोगों की स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। सरकार का एक्शन प्लानवायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CQIM) ने दिल्ली और एनसीआर राज्य सरकारों को सभी बाहरी शारीरिक खेल गतिविधियों को तत्काल निलंबित करने का निर्देश दिया है, साथ ही चेतावनी दी है कि खराब वायु गुणवत्ता के बीच ऐसे आयोजनों का निरंतर संचालन बच्चों के लिए ‘गंभीर स्वास्थ्य जोखिम’ पैदा करता है।

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भूली पूंजी, नए अवसर: पीएम मोदी ने बताया बैंक, इंश्योरेंस और पीएफ के भूले पैसों की रिकवरी के तरीके

देश में लाखों लोगों की मेहनत की कमाई आज भी बैंकों, बीमा कंपनियों, म्यूचुअल फंड और पीएफ खातों में पड़ी रहती है. कई परिवारों को यह तक नहीं पता होता कि उनके या उनके प्रियजनों के नाम पर जमा यह राशि वर्षों से बेकार पड़ी है. ऐसी भूली हुई पूंजी व्यक्तिगत स्तर पर आर्थिक नुकसान का कारण बनती है. इसी समस्या के समाधान को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘आपका पैसा, आपका अधिकार’ पहल के महत्व पर जोर देते हुए नागरिकों से सक्रिय होने की अपील की है. लोगों के लिए बड़ा अवसर PM Modi ने लिंक्डइन पर अपने पोस्ट में कहा कि यह अभियान उन सभी लोगों के लिए एक बड़ा अवसर है जिनकी जमा रकमें किसी वजह से क्लेम नहीं हो सकी हैं. उन्होंने बताया कि भारतीय बैंकों, बीमा कंपनियों, म्यूचुअल फंड और डिविडेंड खातों में हजारों करोड़ रुपये वर्षों से बिना दावे के पड़े हैं. पहल की शुरुआत का कारण हाल ही में हुए एक मीडिया समिट में अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कुछ चौंकाने वाले आंकड़ों की भी जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि बैंकों में ही लगभग 78,000 करोड़ रुपये, बीमा सेक्टर में करीब 14,000 करोड़ रुपये, म्यूचुअल फंड में लगभग 3,000 करोड़ रुपये और डिविडेंड में करीब 9,000 करोड़ रुपये. बिना क्लेम किए पड़े हैं. उन्होंने बताया कि अक्टूबर 2025 में शुरू की गई यह पहल इसीलिए लाई गई है ताकि हर नागरिक आसानी से अपनी भूली हुई वित्तीय संपत्तियों को वापस प्राप्त कर सके. इसी उद्देश्य से अलग-अलग क्षेत्रों और विभागो के लिए ऑनलाइन पोर्टल तैयार किए गए हैं. बैंक डिपॉजिट और बैलेंस के लिए आरबीआई का UDGAM पोर्टल, बीमा क्लेम के लिए IRDAI का बीमा भरोसा पोर्टल, म्यूचुअल फंड के लिए SEBI का MITRA पोर्टल और डिविडेंड व शेयरों के लिए IEPFA पोर्टल बनाया है. नागरिकों से PM Modi ने की अपील प्रधानमंत्री ने अपने पोस्ट में आगे बताया कि अब तक देश के 477 जिलों में सुविधा कैंप लगाए जा चुके हैं. इनमें ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों को ज्यादा प्राथमिकता दी गई है. उनके अनुसार, सरकारी एजेंसियों, बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों के संयुक्त प्रयास से लगभग 2,000 करोड़ रुपये पहले ही सही मालिकों को वापस सौंपे जा चुके हैं. आखिर में पीएम मोदी ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे अपने और अपने परिवार के पुराने खातों की जांच जरूर करें, संबंधित पोर्टल पर जाकर बकाया राशि खोजें और नजदीकी सुविधा कैंप का उपयोग करें. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ पैसों की वापसी नहीं, बल्कि देश को अधिक पारदर्शी और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

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इंडिगो पर फूटा यात्रियों का गुस्सा दिल्ली-चंडीगढ़ फ्लाइट रद्द

इंडिगो पर फूटा यात्रियों का गुस्सा: दिल्ली-चंडीगढ़ फ्लाइट रद्द, सामान के लिए भटके 150 यात्री

दिल्ली-चंडीगढ़ के बीच हवाई सफर बुधवार को अव्यवस्था और नाराजगी का केंद्र बन गया. शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर इंडिगो की उड़ानों में लगातार तकनीकी कमी और क्रू सदस्यों की कमी की समस्या ने यात्रियों को दिनभर परेशान रखा. सुबह से ही कई उड़ाने लेट हुए जिसने एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी का माहौल बना दिया. 150 यात्रियों ने किया हंगामादिल्ली से चंडीगढ़ जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट (IndiGo Flight) पांच घंटे तक यात्रियों को इंतजार कराने के बाद रद्द कर दी गई. इस निर्णय से नाराज 150 से अधिक यात्रियों ने एयरपोर्ट पर जोरदार हंगामा किया. स्थिति बिगड़ते देख एयरलाइन ने उन्हें डिनर के बहाने टर्मिनल से बाहर भेज दिया, लेकिन इसके बाद दोबारा चेक-इन में भी परेशानियों का सामना करना पड़ा. घंटों के इंतजार के बाद फ्लाइच रद्दबनारस से चंडीगढ़ आ रहे यात्री अश्वनी शर्मा की स्थिति भी ऐसी ही रही. उन्होंने बताया कि वे दोपहर में बनारस से कनेक्टिंग फ्लाइट लेकर दिल्ली पहुंचे थे. उन्हें शाम 7 बजे चंडीगढ़ के लिए उड़ान पकड़नी थी. लेकिन घंटों के इंतजार के बाद जब फ्लाइट रद्द होने की जानकारी मिली, तो उन्हें न केवल दूसरी व्यवस्था का इंतजार करना पड़ा, बल्कि सामान लेने में भी काफी मशक्कत करनी पड़ी. यात्रियों को कभी टर्मिनल-1 तो कभी टर्मिनल-3 भेजा गया, जिससे उनका गुस्सा और भी बढ़ता गया. आखिर में रात करीब 12 बजे उड़ान रद्द कर दी गई. 15 उड़ाने लेटउधर चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर भी इंडिगो की लगभग 15 उड़ानें लेट हुई, जिससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा. वहीं, श्रीनगर से आने वाली 11:45 की फ्लाइट को दिल्ली डायवर्ट कर दिया गया, साथ ही दो उड़ानों को रद्द करना पड़ा. लगातार हो रही देरी से कई यात्रियों ने स्टाफ से बहसबाजी भी की. इसी बीच एयरलाइन ने आधिकारिक बयान जारी कर असुविधा के लिए खेद जताते हुए यात्रियों को फ्लाइट स्टेटस ऑनलाइन चेक करने की सलाह दी. दिनभर की देरी की लिस्ट भी कम नहीं थी. चेन्नई, इंदौर, मुंबई, गोवा, हैदराबाद, दिल्ली और बंगलूरू की कई उड़ानें घंटे भर से अधिक देरी से चलीं. कुछ आने वाली उड़ानों का समय भी काफी बिगड़ा, जबकि कोलकाता की फ्लाइट को रद्द कर दिया गया. IndiGo ने बताई वजहइस समस्या को लेकर इंडिगो के प्रवक्ता ने बताया कि पिछले दो दिनों में नेटवर्क में ऑपरेशन प्रभावित हुआ है. कुछ तकनीकी समस्याएं, मौसम में बदलाव, भीड़भाड़ और नए क्रू रोस्टरिंग नियमों के वजह से उड़ानों में देरी हुई. उन्होंने आगे बताया कि अगले 48 घंटों को लिए शेड्यूल में बदलाव किए जा रहे हैं और यात्रियों को उनके मंजिल तक पहुंचाने के लिए व्यवस्था या फिर रिफंड उपलब्ध कराया जा रहा है.

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दिसंबर के पहले सप्ताह से ही उत्तर भारत में ठंड अपना असर दिखाने लगी है. दिल्ली से लेकर बिहार तक सुबह के समय आसमान में कोहरे की चादर देखी जा रही है. वहीं, मौसम विभाग ने कुछ राज्यों में मौसम बिगड़ने का अलर्ट भी जारी किया है. IMD ने चक्रवात दितवाह पर अपडेट देते हुए बताया कि आज कुछ राज्यों में इसका असर तेज हो सकता है, जिसके चलते बारिश की संभावना बढ़ गई है. नवंबर की शुरुआत के साथ ही ठंड धीरे-धीरे बढ़ने लगी थी. अब दिसंबर आते-आते ठंड ने और जोर पकड़ लिया है. दिल्ली से लेकर बिहार तक कई इलाकों में सुबह कड़ाके की ठंड के साथ कोहरा छाया हुआ दिखा. इस बीच IMD ने कई राज्यों में मौसम बिगड़ने की चेतावनी जारी की है. दितवाह को लेकर विभाग का कहना है कि आज कई इलाकों में इसका असर देखने को मिल सकता है, जिससे भारी बारिश की आशंका है. दिल्ली में गिर सकता है तापमानराजधानी दिल्ली-NCR में ठंड ने दस्तक दे दी है. IMD का कहना है कि फिलहाल बारिश की संभावना नहीं है, लेकिन आने वाले दिनों में तापमान में तेज गिरावट हो सकती है. आज भी दिल्ली का न्यूनतम तापमान सामान्य से कम दर्ज किया जा सकता है, जिसके चलते ठिठुरन बढ़ेगी. यूपी-बिहार में कोहरा बढ़ाउत्तर प्रदेश में भी ठंड बढ़ने लगी है. दिसंबर की शुरुआत के साथ ही कोहरे ने कई हिस्सों को ढक लिया है. हालांकि दिन चढ़ने पर धुंध कम हो जाती है. IMD का कहना है कि इस हफ्ते यूपी में सुबह और रात के समय कड़ाके की ठंड बनी रहेगी. बिहार में इस बार रिकॉर्ड तोड़ ठंड देखने को मिल रही है. राज्य के लगभग 23 जिलों—जैसे मुजफ्फरपुर, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर और जमुई में घना कोहरा छाया हुआ है. इन जगहों पर विजिबिलिटी बेहद कम दर्ज की जा रही है. मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में तापमान और गिर सकता है, जिससे कोहरा और बढ़ेगा.पहाड़ों पर लगातार बर्फबारी पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी का दौर जारी है. जम्मू-कश्मीर में तापमान शून्य से नीचे पहुंच गया है. इस कड़ी ठंड ने लोगों की दिनचर्या प्रभावित कर दी है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को काफी दिक्कत हो रही है. उत्तराखंड में भी ठंड तेज हो गई है. यहां दिन और रात के तापमान में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है. सूखी ठंड के कारण लोग परेशान हैं. मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में राज्य के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी हो सकती है. दक्षिण में दितवाह का असर, हालात अब भी बिगड़े उत्तर भारत ठंड से जूझ रहा है, वहीं दक्षिण भारत में चक्रवात दितवाह ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं. श्रीलंका और दक्षिण–पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना यह तूफान कमजोर जरूर पड़ा है, लेकिन इसका असर अभी भी साफ दिख रहा है. मौसम विभाग ने दो दिसंबर तक तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में भारी बारिश की चेतावनी दी है. चेन्नई में हालात सबसे ज्यादा बिगड़े हुए हैं. लगातार बारिश ने दिनभर की रफ्तार थाम दी, सड़कों पर पानी भर गया, कई जगह पेड़ गिर गए और ट्रैफिक घंटों रुका रहा. ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन ने एहतियात के तौर पर निचले इलाकों में राहत और बचाव के लिए 103 नावें तैयार रखी हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद पहुंचाई जा सके.

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