नई दिल्ली, 17 अक्टूबर 2026: कॉकroach जनता पार्टी (CJP) की ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली को लेकर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। कनॉट प्लेस और आसपास के नई दिल्ली जिले में 28,000 से अधिक पुलिसकर्मियों और अर्धसैनिक बलों के जवानों की तैनाती की गई। प्रशासन ने सेंट्रल पार्क को बंद रखा, जबकि संवेदनशील इलाकों में निषेधाज्ञा लागू रही।
28 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती
सुरक्षा व्यवस्था के तहत दिल्ली पुलिस के करीब 6,000 जवानों के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की लगभग 220 कंपनियां तैनात की गईं। एक कंपनी में औसतन करीब 100 जवान होते हैं। इस तैनाती के चलते कुल सुरक्षाकर्मियों की संख्या 28,000 से अधिक बताई गई।
सेंट्रल पार्क बंद, धारा 163 के तहत प्रतिबंध
कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क को प्रशासनिक कारणों से बंद रखा गया। इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू रहे। इन प्रतिबंधों का उद्देश्य बिना अनुमति बड़ी सभाओं और जुलूसों को रोकना तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।
पुलिस ने रैली की अनुमति नहीं दी
दिल्ली पुलिस ने CJP के संस्थापक अभिजीत दीप्ते को नोटिस जारी कर कनॉट प्लेस में रैली या प्रदर्शन आयोजित नहीं करने की हिदायत दी थी। पुलिस ने संभावित यातायात बाधा, भगदड़ के खतरे और आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही प्रभावित होने जैसी चिंताओं का हवाला दिया।
कनॉट प्लेस में CCTV निगरानी और बैरिकेडिंग
सुरक्षा व्यवस्था के तहत सेंट्रल पार्क, राजीव चौक मेट्रो स्टेशन और आसपास के संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त CCTV निगरानी और बैरिकेडिंग की गई। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए हिरासत में लिए गए लोगों को ले जाने हेतु बसों की भी व्यवस्था की गई।
CJP संस्थापक अभिजीत दीप्ते गिरफ्तार
रैली से पहले दिल्ली पुलिस ने CJP संस्थापक अभिजीत दीप्ते को गिरफ्तार कर लिया। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, यह कार्रवाई शांति भंग होने की आशंका को रोकने के उद्देश्य से की गई। छात्र कार्यकर्ता नेहा बोरा को भी हिरासत में लिया गया था, हालांकि बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।
क्यों बुलाई गई थी ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली?
CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े आरोपों और पार्टी के गिरफ्तार नेताओं के समर्थन में रैली का आह्वान किया था।
पार्टी ने मतदाता सूची में बदलाव को लेकर सवाल उठाए हैं। वहीं, निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया में राजनीतिक पक्षपात किए जाने के आरोपों से इनकार किया है।
रैली को लेकर सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक प्रतिबंधों के बीच दिल्ली पुलिस की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था बनाए रखने, यातायात सुचारु रखने और आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही सुनिश्चित करने की रही।
स्रोत – Reuters, The New Indian Express, The Indian Express
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