Shiv Sena Symbol Row पर Supreme Court में आज सुनवाई; Uddhav Faction ने Shinde गुट को ‘Real Shiv Sena’ मानने के EC फैसले को दी चुनौती

नई दिल्ली, 15 सितंबर 2026: Supreme Court आज Uddhav Thackeray-led Shiv Sena (UBT) की उन petitions पर सुनवाई करेगा, जिनमें Election Commission के Eknath Shinde faction को ‘real Shiv Sena’ मानने और ‘Bow and Arrow’ चुनाव चिन्ह देने के फैसले को चुनौती दी गई है। यह मामला Supreme Court की आज की cause list में शामिल है और final arguments पहले से जारी हैं। 2023 के Election Commission Order को Challenge Election Commission ने 17 February 2023 को Eknath Shinde-led faction को original Shiv Sena के रूप में मान्यता देते हुए पार्टी का नाम और ‘धनुष-बाण’ (Bow and Arrow) symbol आवंटित किया था। Uddhav Thackeray faction का कहना है कि Election Commission ने पार्टी के organisational structure और internal support को पर्याप्त महत्व दिए बिना legislative majority पर ज्यादा भरोसा किया। August से चल रही Final Hearing Supreme Court ने इस विवाद पर 5 August 2026 से final hearings शुरू की थीं। मामला Chief Justice of India Surya Kant, Justice Joymalya Bagchi और Justice V Mohana की bench के सामने सुनवाई में रहा है। Uddhav Faction का क्या तर्क? Senior Advocate Kapil Sibal ने Uddhav faction की ओर से दलील दी है कि केवल MLAs की संख्या के आधार पर legislature party, मूल political party पर नियंत्रण नहीं कर सकती। उनका तर्क है कि party organisation का फैसला legislative wing पर प्रभावी होना चाहिए और pending disqualification proceedings को भी Election Commission के फैसले से अलग करके नहीं देखा जा सकता। Shinde Faction ने उठाया Party Constitution का मुद्दा Eknath Shinde faction ने Supreme Court में तर्क दिया है कि Uddhav Thackeray के नेतृत्व में 2018 में Shiv Sena के organisational structure में बड़े बदलाव किए गए और party chief के हाथ में ज्यादा powers केंद्रित कर दी गईं। Supreme Court ने पिछली hearings में party constitution और internal democracy से जुड़े सवालों पर भी दोनों पक्षों से जवाब मांगे थे। Symbol Freeze करने की भी मांग Uddhav faction ने हाल में Supreme Court से मांग की है कि अगर dispute पर तत्काल final decision नहीं होता है तो Shiv Sena का नाम और Bow-and-Arrow symbol freeze करने पर विचार किया जाए। Faction का कहना है कि prolonged legal dispute के दौरान एक पक्ष को original party name और symbol का लाभ मिलना fairness के सवाल खड़े करता है। Maharashtra Politics पर पड़ सकता है बड़ा असर Supreme Court का eventual फैसला केवल Shiv Sena के नाम और symbol तक सीमित नहीं रहेगा। यह political parties में splits, legislative majority, party organisation और Election Commission की powers से जुड़े महत्वपूर्ण constitutional questions पर भी असर डाल सकता है। आज की hearing में arguments आगे बढ़ने की उम्मीद है; final verdict अभी नहीं आया है। source – Supreme Court of India / The Indian Express / India Today / PTI जय राष्ट्र न्यूज़

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महाराष्ट्र में शिवसेना सांसदों की राजनीतिक हलचल, नए समीकरणों पर बढ़ी चर्चा

जय राष्ट्र न्यूज़ | राजनीति डेस्क | 23 जून 2026 मुख्य समाचार महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जहां शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के छह लोकसभा सांसदों ने आधिकारिक रूप से एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का दामन थाम लिया है। इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है और आने वाले चुनावों से पहले राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने इन सांसदों का स्वागत किया। शिंदे ने इसे 2022 में शुरू हुए राजनीतिक आंदोलन का दूसरा बड़ा चरण बताया। किन सांसदों ने बदला पक्ष? शिंदे गुट में शामिल होने वाले सांसदों में संजय दीना पाटिल, संजय देशमुख, संजय जाधव, भाऊसाहेब वाकचौरे, नागेश पाटिल-अष्टीकर और ओमप्रकाश राजेनिंबालकर शामिल हैं। इन नेताओं के कदम को उद्धव ठाकरे गुट के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। उद्धव ठाकरे गुट पर असर राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घटनाक्रम से लोकसभा में उद्धव ठाकरे गुट की ताकत प्रभावित हो सकती है। हाल के दिनों में पार्टी के भीतर असंतोष और संभावित टूट की चर्चाएं पहले से चल रही थीं। रिपोर्ट्स के अनुसार कुछ विधायकों की गतिविधियों को लेकर भी राजनीतिक हलकों में अटकलें लगाई जा रही हैं, जिससे भविष्य में और बदलावों की संभावना पर चर्चा हो रही है। शिंदे गुट की बढ़ती ताकत एकनाथ शिंदे ने इस घटनाक्रम को अपनी राजनीतिक रणनीति की सफलता बताया है। उनके समर्थकों का दावा है कि इससे पार्टी की लोकसभा में स्थिति और मजबूत होगी। कुछ नेताओं ने इसे “ऑपरेशन टाइगर” की सफलता करार दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम महाराष्ट्र में शिवसेना की आंतरिक शक्ति संतुलन को और बदल सकता है। आगामी चुनावों पर प्रभाव राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार यह बदलाव केवल वर्तमान शक्ति प्रदर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर आगामी स्थानीय निकाय, विधानसभा और संसदीय चुनावों पर भी पड़ सकता है। महाराष्ट्र में गठबंधन राजनीति के चलते हर राजनीतिक बदलाव का व्यापक प्रभाव देखने को मिलता है। राष्ट्रीय राजनीति में महत्व महाराष्ट्र देश के सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक राज्यों में से एक है। यहां होने वाले राजनीतिक घटनाक्रम अक्सर राष्ट्रीय राजनीति को भी प्रभावित करते हैं। इसलिए शिवसेना के भीतर यह नया बदलाव राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। स्रोत: News On AIR, Economic Times मूल रिपोर्ट:https://newsonair.gov.in/six-shiv-sena-ubt-mps-join-shiv-sena-says-maharashtra-dy-cm-eknath-shinde/ जय राष्ट्र न्यूज़

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उद्धव ठाकरे की पार्टी में आंतरिक संकट गहराया, कई सांसदों के रुख पर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज

जय राष्ट्र न्यूज़ | राजनीति डेस्क | 20 जून 2026 मुख्य समाचार महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट के भीतर बढ़ते असंतोष और कई सांसदों के कथित बागी रुख ने पार्टी नेतृत्व की चिंताएं बढ़ा दी हैं। हाल के दिनों में पार्टी के कई सांसदों की गतिविधियों और बैठकों से जुड़े घटनाक्रमों ने राजनीतिक गलियारों में नए समीकरणों की चर्चा को जन्म दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम महाराष्ट्र की राजनीति पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है, खासकर ऐसे समय में जब राज्य में विभिन्न दल आगामी राजनीतिक रणनीतियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। सांसदों की अनुपस्थिति से बढ़ी अटकलें हाल ही में पार्टी की एक महत्वपूर्ण बैठक में कई सांसदों की अनुपस्थिति ने आंतरिक संकट की चर्चाओं को और हवा दे दी। रिपोर्टों के अनुसार, पार्टी नेतृत्व द्वारा जारी निर्देशों के बावजूद कुछ सांसद बैठक में शामिल नहीं हुए, जिसके बाद उनके भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गईं। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि यह केवल अनुशासन का मामला नहीं बल्कि पार्टी के भीतर बढ़ती असंतुष्टि का संकेत भी माना जा रहा है। उद्धव ठाकरे का भावुक संदेश पार्टी के स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान उद्धव ठाकरे ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि यदि कार्यकर्ताओं का उन पर विश्वास नहीं है तो वे नेतृत्व छोड़ने के लिए भी तैयार हैं, लेकिन पार्टी की विचारधारा से समझौता नहीं करेंगे। उनके इस बयान को पार्टी के भीतर चल रहे संकट के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अनुशासनात्मक कार्रवाई के संकेत पार्टी नेतृत्व ने अनुपस्थित सांसदों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही यह संकेत भी दिए गए हैं कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह कदम पार्टी संगठन को एकजुट रखने की कोशिश का हिस्सा है। महाराष्ट्र की राजनीति पर असर विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पार्टी के भीतर मतभेद और बढ़ते हैं तो इसका असर राज्य की विपक्षी राजनीति और आगामी चुनावी समीकरणों पर भी पड़ सकता है। शिवसेना (UBT) महाराष्ट्र की राजनीति का एक महत्वपूर्ण घटक है और उसके भीतर होने वाले बदलावों पर सभी दलों की नजर बनी हुई है। विपक्ष और सत्तापक्ष की प्रतिक्रियाएं इस घटनाक्रम पर विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। सत्तापक्ष के नेताओं ने इसे उद्धव ठाकरे के नेतृत्व के प्रति असंतोष का परिणाम बताया है, जबकि ठाकरे गुट इसे राजनीतिक दबाव और दल-बदल की कोशिशों से जोड़ रहा है। आगे क्या? राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले कुछ दिन बेहद महत्वपूर्ण हो सकते हैं। सांसदों के रुख, पार्टी नेतृत्व के अगले कदम और संभावित राजनीतिक वार्ताएं महाराष्ट्र की राजनीति की दिशा तय कर सकती हैं। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि पार्टी नेतृत्व इस चुनौती से कैसे निपटता है। निष्कर्ष उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना (UBT) में बढ़ते आंतरिक संकट ने महाराष्ट्र की राजनीति को नया मोड़ दे दिया है। कई सांसदों के रुख को लेकर जारी चर्चाओं और संगठनात्मक कदमों के बीच पार्टी के सामने एकजुटता बनाए रखने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। आने वाले दिनों में इस घटनाक्रम का राजनीतिक प्रभाव और स्पष्ट हो सकता है। स्रोत: The Economic Times मूल रिपोर्ट:https://m.economictimes.com/news/politics-and-nation/uddhav-apologises-amid-fresh-revolt-by-6-mps-sena-factions-hold-rival-rallies-to-mark-foundation-day/articleshow/131865291.cms जय राष्ट्र न्यूज़

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