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बिहार चुनाव के बीच रवि किशन को मिली जान से मारने की धमकी, जांच में जुटी पुलिस

बिहार चुनाव के बीच रवि किशन को मिली जान से मारने की धमकी, जांच में जुटी पुलिस

बिहार विधानसभा चुनाव के माहौल में भोजपुरी एक्टर और बीजेपी सांसद रवि किशन शुक्ला को जान से मारने की धमकी मिली है. बताया जा रहा है कि बिहार के आरा जिले के जवनिया गांव के रहने वाले एक शख्स ने फोन कर यह धमकी दी. आरोपी ने सांसद के निजी सचिव शिवस द्विवेदी को कॉल कर पहले अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और फिर कहा कि रवि किशन, यादवों पर टिप्पणी करते हैं, इसलिए उन्हें गोली मार दूंगा. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत इस मामले में बीजेपी सांसद के सचिव ने गोरखपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है. पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी है और आरोपी को ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है. पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा. शिकायत में क्या बताया गया? शिकायत में बताया गया है कि आरोपी ने धमकी के साथ-साथ धार्मिक टिप्पणी भी की और कहा कि उसे सांसद की हर गतिविधि की जानकारी है. उसने यह भी कहा कि जब चार दिन बाद रवि किशन बिहार आएंगे तो उन्हें जान से मार देगा. इस उम्मीदवार का किया समर्थन इतना ही नहीं, आरोपी ने छपरा से आरजेडी उम्मीदवार और भोजपुरी एक्टर खेसारी लाल यादव का समर्थन भी किया. उसने खेसारी के राम मंदिर की जगह अस्पताल बनाने वाले बयान को भी सपोर्ट किया और भगवान श्रीराम को लेकर भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया. बीजेपी सांसद के सचिव ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है और सुरक्षा को लेकर भी सतर्कता बरती जा रही है. चुनावी माहौल में इस तरह की धमकी ने राजनीतिक हलकों में चिंता बढ़ा दी है.

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छत्तीसगढ़ में 21 माओवादियों के सरेंडर के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की सराहना

छत्तीसगढ़ में 21 माओवादियों के सरेंडर के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की सराहना

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में 21 माओवादियों के सरेंडर के बाद उनकी प्रशंसा की. उन्होंने अभी भी हथियार थामने वाले माओवादियों से जल्द से जल्द आत्मसमर्पण करने की अपील भी की. हथियारों के साथ किया आत्मसमर्पणकेंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में 21 माओवादियों ने अपने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है. इनमें से 13 वरिष्ठ कार्यकर्ता थे.” उन्होंने कहा, “मोदी सरकार के आह्वान पर हिंसा का त्याग कर मुख्यधारा में शामिल होने के लिए मैं उनकी सराहना करता हूं. मैं उन बाकी लोगों से, जो अभी भी बंदूक थामे हुए हैं, अपनी अपील दोहराता हूं कि वे जल्द से जल्द आत्मसमर्पण कर दें.” अमित शाह ने केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा, “हम 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद का सफाया करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.” पूना मार्गम: पुनर्वास से पुनर्जीवनकांकेर जिले में रविवार को 21 माओवादी कैडरों ने अपने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया और समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का फैसला किया. यह कदम “पूना मार्गम: पुनर्वास से पुनर्जीवन” पहल के तहत किया गया. इन 21 कैडरों में 4 डीवीसीएम (डिवीजन वाइस कमेटी मेंबर), 9 एसीएम (एरिया कमेटी मेंबर) और 8 पार्टी सदस्य शामिल हैं. आत्मसमर्पण करने वालों में 13 महिला और 8 पुरुष कैडर हैं. इस समूह में डिवीजन कमेटी सेक्रेटरी मुकेश भी शामिल हैं. 400 से अधिक माओवादियों ने किया सरेंडरइन कैडरों के पास से 18 हथियार भी बरामद किए गए, जिनमें तीन एके-47 रायफलें, चार एसएलआर रायफलें, दो इंसास रायफलें, छह .303 रायफलें, दो सिंगल शॉट रायफलें और एक बीजीएल हथियार शामिल हैं. करीब दो हफ्तों में छत्तीसगढ़ में 400 से अधिक माओवादियों ने पुलिस के सामने हथियार डाले हैं. सबसे बड़ी उपलब्धि उस समय मिली, जब माओवादी गढ़ माने जाने वाले माड़ क्षेत्र के 208 नक्सलियों ने बस्तर जिले के रिजर्व पुलिस लाइन्स में आयोजित एक कार्यक्रम में आत्मसमर्पण किया. इससे पहले, 16 अक्टूबर को 170 और 15 अक्टूबर को 27 माओवादियों ने सरेंडर किया था.

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समस्तीपुर से होगा PM मोदी का चुनावी शंखनाद, 24 अक्टूबर को शाह भी करेंगे महागठबंधन पर वार

समस्तीपुर से होगा प्रधानमंत्री मोदी का चुनावी शंखनाद, 24 अक्टूबर को शाह भी करेंगे महागठबंधन पर वार

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की जुबानी जंग तेज हो गई है. एनडीए ने अपना ‘मिशन बिहार’ चरम पर पहुंचा दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 अक्टूबर को बिहार के दौरे पर पहुंचेंगे और समस्तीपुर जिले के कर्पूरी ग्राम से प्रधानमंत्री मोदी चुनावी शंखनाद करेंगे. यह उनका चुनाव घोषणा के बाद पहला दौरा होगा, जो एनडीए के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण साबित हो सकता है. उसी दिन वे बेगूसराय में भी एक चुनावी सभा को संबोधित करेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी बिहार में सक्रिय रहेंगे, जो सीवान और बक्सर में रैलियां करेंगे. दोनों नेताओं का यह समन्वित प्रयास एनडीए की मजबूत पकड़ को दर्शाता है. समस्तीपुर: हारी हुई सीटों पर पीएम का फोकस समस्तीपुर का चयन सोच-समझकर किया गया है. 2020 के चुनाव में इस जिले की 10 विधानसभा सीटों पर एनडीए और महागठबंधन ने 5-5 सीटें जीती थीं. एनडीए के रणनीतिकार अब उन 5 हारी हुई सीटों – हसनपुर, मोरवा, उजियारपुर, समस्तीपुर और विभूतिपुर – पर नजरें गड़ाए हैं. कर्पूरी ग्राम में रैली का आयोजन सामाजिक न्याय के प्रतीक कर्पूरी ठाकुर से जुड़ाव को मजबूत करेगा. उम्मीदवारों में जेडीयू के राजकुमार राय (हसनपुर) से लेकर रवीना कुशवाहा (विभूतिपुर) तक एनडीए मजबूत दावेदार उतार चुका है. पीएम मोदी की उपस्थिति से इन सीटों पर बहुजन वोटों को एकजुट करने की उम्मीद है. बेगूसराय में रैली पूर्वी बिहार के मतदाताओं को लुभाने का प्रयास होगा. शाह की रणनीति: सीवान-बक्सर में पकड़ मजबूत अमित शाह का यह दूसरा दौरा होगा. हाल ही में वे छपरा के तारैया में रैली कर चुके हैं. 24 अक्टूबर को सीवान और बक्सर की सभाओं के बाद 25 अक्टूबर को वे नालंदा, मुंगेर और खगड़िया जाएंगे. भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने महागठबंधन को ‘महालठबंधन’ कहकर तंज कसा, दावा किया कि माहौल एनडीए के पक्ष में है. एनडीए ने सीट बंटवारा पूरा कर लिया है, हालांकि हम और आरएलएसपी के साथ शुरुआती खींचतान हुई. दूसरी ओर, 30 अक्टूबर को पीएम मोदी मुजफ्फरपुर और छपरा में रैलियां करेंगे. विपक्ष (India) में हलचल: डैमेज कंट्रोल की कोशिश महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर कांग्रेस और आरजेडी के बीच तनाव चरम पर है. दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ उम्मीदवार उतारे हैं. 23 अक्टूबर को पटना में अशोक गहलोत और तेजस्वी यादव की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी, जो डैमेज कंट्रोल का प्रयास है. जन सुराज के प्रशांत किशोर ने भाजपा पर तीन नेताओं के पर्चे वापस कराने का आरोप लगाया. एनडीए का स्लोगन ‘2025 में एनडीए 225’ जोर पकड़ रहा है, जबकि विपक्ष को एकजुट होने की चुनौती है. बिहार की 243 सीटों पर यह जंग दिलचस्प मोड़ ले रही है. कुल मिलाकर, 24 अक्टूबर एनडीए के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है.

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कोलकाता से श्रीनगर जा रही इंडिगो की फ्लाइट में फ्यूल लीक, वाराणसी एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग

कोलकाता से श्रीनगर जाने वाली इंडिगो की एक नियमित विमान बुधवार को अचानक इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी. उड़ान के दौरान जब चालक दल को फ्यूल लीक का पता चलने के बाद, विमान को वाराणसी हवाई अड्डे पर आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी. अधिकारियों ने बताया कि विमान, 6E-6961, जिसमें 166 यात्री और चालक दल के सदस्य सवार थे, शाम 4.10 बजे लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतरा. सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालकर आगमन हॉल में ले जाया गया. किसी के घायल होने की सूचना नहीं है. वाराणसी पुलिस और एयरपोर्ट के अधिकारियों के अनुसार, फ्यूल लीक का पता चलने पर पायलट ने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल को सूचित किया. एलबीएसआई एयरपोर्ट के निदेशक पुनीत गुप्ता ने मीडिया को बताया, “कोलकाता से श्रीनगर जा रही इंडिगो एयरलाइंस की उड़ान संख्या 6961 के पायलट को फ्यूल लीक का पता चला, जिसके बाद उन्होंने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) वाराणसी से संपर्क किया और इमरजेंसी लैंडिंग का अनुरोध किया.” निरीक्षण के बाद फिर से भरेगी उड़ान मंज़ूरी मिलने के बाद, विमान शाम लगभग 4:10 बजे रनवे पर सुरक्षित उतर गया. अधिकारियों ने बताया कि संबंधित एयरलाइंस आवश्यक कार्रवाई कर रही हैं. एयरपोर्ट के अधिकारी और तकनीकी दल घटना की जांच कर रहे हैं. स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और एयरपोर्ट पर सामान्य ऑपरेशन फिर से शुरू हो गया है. उतरने के बाद तकनीकी टीम ने ज़रूरी मरम्मत के लिए विमान का निरीक्षण किया. इस बीच, सभी यात्री मरम्मत पूरी होने और उड़ान के लिए तैयार होने तक आगमन हॉल में बैठे रहे. आवश्यक निरीक्षण और मरम्मत के बाद विमान श्रीनगर के लिए अपनी यात्रा के लिए फिर से उड़ान भरेगी.

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कुरनूल में पीएम मोदी बोले- 21वीं सदी 140 करोड़ हिंदुस्तानियों की होगी

कुरनूल में पीएम मोदी बोले- 21वीं सदी 140 करोड़ हिंदुस्तानियों की होगी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को आंध्र प्रदेश के कुरनूल में विकास कार्यों का शिलान्यास और उद्घाटन किया. उन्होंने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि मेरा जन्म दादा सोमनाथ की धरती गुजरात में हुआ. मुझे बाबा विश्वनाथ की धरती काशी में सेवा करने का अवसर मिला और आज श्री शैलम का आशीर्वाद मिल रहा है. पीएम मोदी ने कहा कि आंध्र प्रदेश गौरव और समृद्ध संस्कृति की भूमि है. यह विज्ञान और नवाचार का केंद्र भी है. इस राज्य में असीम संभावनाएं और अपार क्षमताएं हैं. आंध्र को सही दृष्टिकोण की आवश्यकता थी. चंद्रबाबू नायडू और पवन कल्याण के नेतृत्व में राज्य को अब वह दृष्टिकोण और केंद्र सरकार का समर्थन दोनों प्राप्त हैं. उन्होंने आगे कहा कि 2047 में आजादी के जब 100 साल होंगे, तब ‘विकसित भारत’ होकर रहेगा. मैं विश्वास से कहता हूं कि 21वीं सदी हिंदुस्तान की होने वाली है. 21वीं सदी 140 करोड़ हिंदुस्तानियों की सदी होने वाली है. प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि आंध्र प्रदेश विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है. डबल इंजन वाली सरकार की ताकत से राज्य अभूतपूर्व विकास का गवाह बन रहा है. दुनिया भारत को 21वीं सदी के नए मैन्युफैक्चरिंग सेंटर के रूप में देख रही प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि आज सड़क, बिजली, रेलवे, राजमार्ग और व्यापार से जुड़ी कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया है. इन पहलों से उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और लोगों का जीवन आसान होगा. इन परियोजनाओं से कुरनूल और आसपास के क्षेत्रों को बहुत लाभ होगा. मैं इन विकासों के लिए कुरनूल और पूरे राज्य के लोगों को बधाई देता हूं. उन्होंने कहा कि तेज विकास के बीच हमें अतीत की स्थिति को नहीं भूलना चाहिए. लगभग 11 साल पहले, जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, तब प्रति व्यक्ति बिजली की खपत औसतन 1000 यूनिट से भी कम थी. देश को अक्सर ब्लैकआउट जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता था, और हमारे कई गांवों में बिजली के खंभे तक नहीं थे. पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया आज भारत को 21वीं सदी के नए मैन्युफैक्चरिंग सेंटर के रूप में देख रही है. इस सफलता का सबसे बड़ा आधार है आत्मनिर्भर भारत का विजन. हमारा आंध्र प्रदेश आत्मनिर्भर भारत का प्रमुख केंद्र बन रहा है. पीएम मोदी ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को तेजी से प्राप्त करने के लिए देश भर में मल्टीमॉडल बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है. हमारा ध्यान गांवों से शहरों और शहरों से बंदरगाहों तक कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर है. पीएम मोदी ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि तकनीक के मामले में हमारा आंध्र प्रदेश और उसके युवा हमेशा आगे रहते हैं. डबल इंजन वाली सरकार के तहत हम इस क्षमता को और मजबूत कर रहे हैं. आज पूरी दुनिया भारत और आंध्र प्रदेश, दोनों की गति देख रही है. गूगल भारत का पहला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हब यहीं हमारे आंध्र प्रदेश में स्थापित कर रहा है. नए रिफॉर्म के जरिए नागरिकों के जीवन को आसान बना रहे हैं प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि हमारी सरकार का विजन है, नागरिक-केंद्रित विकास. हम लगातार नए रिफॉर्म के जरिए नागरिकों के जीवन को आसान बना रहे हैं. देश में 12 लाख रुपए तक की आय पूरी तरह टैक्स फ्री हो चुकी हैं. सस्ती दवाइयां, सस्ता इलाज, बुजुर्गों के लिए आयुष्मान जैसी अनगिनत सुविधाओं से इजी ऑफ लिविंग का नया अध्याय शुरू हुआ है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने आंध्र प्रदेश की क्षमता को नजरअंदाज किया, जिससे न केवल राज्य को, बल्कि पूरे देश को नुकसान हुआ. वह राज्य जो भारत के विकास को गति दे सकता था, उसे अपने विकास के लिए संघर्ष करना पड़ा. अब, एनडीए सरकार के तहत, आंध्र प्रदेश की स्थिति बेहतर हो रही है. प्रधानमंत्री ने कहा कि निम्मलुरु में उन्नत नाइट विजन उत्पादों का कारखाना रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के दृष्टिकोण को और मजबूत करेगा. इससे नाइट विजन उपकरणों में भारत की क्षमता बढ़ेगी और यहां निर्मित उत्पाद भारत के रक्षा निर्यात को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हम भारत में निर्मित उपकरणों की ताकत देख चुके हैं.

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झूठे आरोपों और विरोधी प्रचार से रहें सावधान

मायावती बोलीं- 2027 की करें तैयारी, झूठे आरोपों और विरोधी प्रचार से रहें सावधान

बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने गुरुवार को लखनऊ में राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक की और उन्होंने पदाधिकारियों से कहा कि सभी लोग अभी से 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट जाएं और पार्टी के खिलाफ फैलाए जा रहे झूठे आरोपों व प्रचार से हर समय सतर्क रहें. उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मायावती (Mayawati) ने कहा कि बसपा संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि पर 9 अक्टूबर को हुए ऐतिहासिक आयोजन ने यह साबित कर दिया कि बहुजन समाज आज भी पूरी मजबूती से पार्टी के मिशन, विचारधारा और नेतृत्व के साथ खड़ा है. उन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने वाले सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों को हार्दिक बधाई दी. बसपा मुखिया मायावती ने कहा कि बसपा अन्य दलों की तरह पूंजीपतियों और उद्योगपतियों के सहारे नहीं चलती. यह सामाजिक परिवर्तन और आर्थिक मुक्ति के मिशन पर चलने वाला संगठन है, जो दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों, मुस्लिमों और अन्य कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए संघर्षरत है. मायावती ने कहा कि सपा सरकार ने जातिवादी द्वेष के कारण महान संतों, गुरुओं और महापुरुषों के नाम पर बने संस्थानों, जिलों और विश्वविद्यालयों के नाम बदलकर बहुजन समाज का अपमान किया है. यही नहीं, इन वर्गों के लिए बनाई गई योजनाओं को निष्क्रिय कर दिया गया, जो राजनीतिक द्वेष और छल का प्रतीक है. बसपा कभी साम, दाम, दंड, भेद जैसी राजनीति नहीं करती मायावती ने दो टूक कहा कि बसपा कभी साम, दाम, दंड, भेद जैसी राजनीति नहीं करती. हमारी राजनीति एक खुली किताब की तरह साफ-सुथरी है. बसपा की पहचान ईमानदारी, समर्पण और सेवा से है, न कि झूठे प्रचार या साजिश से. बैठक में यह भी तय किया गया कि ‘बहुजन मिशन 2027’ के तहत पार्टी गांव-गांव जाकर जनता से संवाद करेगी. वरिष्ठ नेता अपने-अपने क्षेत्रों में जनसभाएं करेंगे और लोगों को बताएंगे कि बीएसपी ही प्रदेश में कानून-व्यवस्था और जनकल्याण की सच्ची गारंटी है. मायावती ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे विपक्षी दलों के भ्रम फैलाने वाले प्रचार से सावधान रहें और एकजुट होकर बहुजन समाज की आवाज को और बुलंद करें.

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पश्चिम बंगाल के बर्धमान स्टेशन पर भगदड़, प्लेटफॉर्म पर ट्रेन पकड़ने के लिए दौड़ रहे थे यात्री, 10-12 लोग घायल

पश्चिम बंगाल के बर्धमान स्टेशन पर भगदड़, प्लेटफॉर्म पर ट्रेन पकड़ने के लिए दौड़ रहे थे यात्री, 10-12 लोग घायल

रविवार (12 अक्टूबर) शाम बर्धमान रेलवे स्टेशन पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब कई ट्रेनों में चढ़ने की कोशिश कर रहे यात्रियों की अचानक भीड़ के कारण भगदड़ मच गई. प्लेटफ़ॉर्म 4 और 5 को जोड़ने वाली सीढ़ियों पर हुई इस घटना में कम से कम 10 यात्री घायल हो गए. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम के समय प्लेटफ़ॉर्म 4, 6 और 7 पर एक साथ तीन ट्रेनें खड़ी थीं. जैसे ही यात्री अपनी-अपनी ट्रेनें पकड़ने के लिए दौड़े, संकरी सीढ़ियों पर भीड़ बढ़ गई, जिससे अफरा-तफरी मच गई और धक्का-मुक्की होने लगी. कई यात्री गिर गए, जिससे थोड़ी देर के लिए भगदड़ मच गई. सभी घायलों को बर्धमान मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है. रेलवे अधिकारियों ने घटना की जांच शुरू कर दी है और कहा है कि स्टेशन पर सतर्कता और भीड़ प्रबंधन के उपायों को और मज़बूत किया जाएगा. कुछ साल पहले भी पानी की टंकी गिरने से हुई थी मौतें यह पहली बार नहीं है जब बर्धमान स्टेशन पर कोई गंभीर दुर्घटना हुई है. कुछ साल पहले, एक पानी की टंकी गिरने से कई लोगों की मौत हो गई थी. हालाँकि रेलवे ने बाद में कुछ सुरक्षा उपायों को उन्नत किया, लेकिन यात्रियों का आरोप है कि प्लेटफ़ॉर्म 1 को छोड़कर, ज़्यादातर प्लेटफ़ॉर्म पर एस्केलेटर महीनों से काम नहीं कर रहे हैं, जिससे लोगों को भीड़-भाड़ वाली सीढ़ियों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है. रविवार की घटना के बाद, रेलवे अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है और भीड़-नियंत्रण प्रणालियों को, खासकर व्यस्त समय और ट्रेन आगमन के दौरान, मज़बूत किया जाएगा. घटना की खबर सुनकर कई यात्रियों के परिवार वाले अपने प्रियजनों के बारे में जानकारी लेने के लिए अस्पताल और स्टेशन परिसर पहुंच गए.

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केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह शुक्रवार को हरियाणा के दौरे पर रहेंगे, जहां वे देश की सबसे बड़ी डेयरी उत्पादन इकाई का उद्घाटन करेंगे. इसके साथ ही वे रोहतक और कुरुक्षेत्र में 825 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे. राज्य सरकार के प्रवक्ता ने गुरुवार को जानकारी देते हुए बताया कि सहकारिता क्षेत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गृह मंत्री अमित शाह रोहतक के आईएमटी में नवनिर्मित साबर डेयरी प्लांट का उद्घाटन करेंगे. 325 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित इस प्लांट में अत्याधुनिक मशीनरी स्थापित की गई है, जिसे केंद्रीय मंत्री औपचारिक रूप से शुरू करेंगे. भारत की सबसे बड़ी डेयरी यूनिट यह डेयरी प्लांट दही, छाछ और दही के उत्पादन के लिए भारत की सबसे बड़ी यूनिट है, जिसमें प्रतिदिन 150 मीट्रिक टन दही, 3 लाख लीटर छाछ, 10 लाख लीटर दही और 10 मीट्रिक टन मिठाइयों के उत्पादन की क्षमता है. इस सुविधा से लगभग 1,000 लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है. कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे अमित शाह प्रवक्ता ने आगे बताया कि अमित शाह रोहतक के महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में ‘खादी कारीगर महोत्सव’ के दौरान 2,200 कारीगरों को टूल किट वितरित करेंगे. सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के तहत खादी और ग्रामोद्योग आयोग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का थीम ‘स्वदेशी से स्वावलंबन’ है. इस दौरान वे आधुनिक मशीनरी और टूल किट वितरित करेंगे. साथ ही प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत 301 करोड़ रुपए की मार्जिन मनी प्रदान करेंगे. प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे यह महोत्सव स्वदेशी हस्तशिल्प और खादी उद्योग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें स्थानीय कारीगरों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है. इसके अतिरिक्त, वे पीएमईजीपी यूनिटों का उद्घाटन करेंगे और बाद में एक सभा को संबोधित करेंगे. कुरुक्षेत्र में गृह मंत्री अमित शाह भारत के नए आपराधिक कानूनों पर पांच दिवसीय प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे. यह प्रदर्शनी वकीलों, छात्रों, अभिभावकों और आम नागरिकों को आपराधिक न्याय प्रणाली में हाल के सुधारों को समझने में मदद करेगी. इस प्रदर्शनी में नए कानूनों द्वारा लाए गए परिवर्तनों और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा, जिसमें सात विभिन्न विभागों की भूमिकाओं को 10 थीम आधारित खंडों में विभाजित किया गया है. नोट- यह खबर एजेंसी (IANS) फीड से सीधे पब्लिश की गई है. इसमें किसी भी जानकारी को नहीं बदला गया है. खबर को पढ़ने लायाक बनाने के लिए लिए केवल हेडलाइन बदली गई है. वहीं पैराग्राफ से पहले सबहेड जोड़े गए हैं. इस स्टोरी को लेकर भारत एक्सप्रेस की किसी भी तरह की नैतिक जिम्मेदारी नहीं होगी.

हरियाणा में अमित शाह देंगे नया ‘सहकारिता मॉडल’

हरियाणा में अमित शाह देंगे नया ‘सहकारिता मॉडल’, करेंगे देश की सबसे बड़ी डेयरी यूनिट का उद्घाटनकेंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह शुक्रवार को हरियाणा के दौरे पर रहेंगे, जहां वे देश की सबसे बड़ी डेयरी उत्पादन इकाई का उद्घाटन करेंगे. इसके साथ ही वे रोहतक और कुरुक्षेत्र में 825 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे. राज्य सरकार के प्रवक्ता ने गुरुवार को जानकारी देते हुए बताया कि सहकारिता क्षेत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गृह मंत्री अमित शाह रोहतक के आईएमटी में नवनिर्मित साबर डेयरी प्लांट का उद्घाटन करेंगे. 325 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित इस प्लांट में अत्याधुनिक मशीनरी स्थापित की गई है, जिसे केंद्रीय मंत्री औपचारिक रूप से शुरू करेंगे. भारत की सबसे बड़ी डेयरी यूनिट यह डेयरी प्लांट दही, छाछ और दही के उत्पादन के लिए भारत की सबसे बड़ी यूनिट है, जिसमें प्रतिदिन 150 मीट्रिक टन दही, 3 लाख लीटर छाछ, 10 लाख लीटर दही और 10 मीट्रिक टन मिठाइयों के उत्पादन की क्षमता है. इस सुविधा से लगभग 1,000 लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है. कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे अमित शाह प्रवक्ता ने आगे बताया कि अमित शाह रोहतक के महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में ‘खादी कारीगर महोत्सव’ के दौरान 2,200 कारीगरों को टूल किट वितरित करेंगे. सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के तहत खादी और ग्रामोद्योग आयोग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का थीम ‘स्वदेशी से स्वावलंबन’ है. इस दौरान वे आधुनिक मशीनरी और टूल किट वितरित करेंगे. साथ ही प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत 301 करोड़ रुपए की मार्जिन मनी प्रदान करेंगे. प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे यह महोत्सव स्वदेशी हस्तशिल्प और खादी उद्योग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें स्थानीय कारीगरों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है. इसके अतिरिक्त, वे पीएमईजीपी यूनिटों का उद्घाटन करेंगे और बाद में एक सभा को संबोधित करेंगे. कुरुक्षेत्र में गृह मंत्री अमित शाह भारत के नए आपराधिक कानूनों पर पांच दिवसीय प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे. यह प्रदर्शनी वकीलों, छात्रों, अभिभावकों और आम नागरिकों को आपराधिक न्याय प्रणाली में हाल के सुधारों को समझने में मदद करेगी. इस प्रदर्शनी में नए कानूनों द्वारा लाए गए परिवर्तनों और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा, जिसमें सात विभिन्न विभागों की भूमिकाओं को 10 थीम आधारित खंडों में विभाजित किया गया है. नोट- यह खबर एजेंसी (IANS) फीड से सीधे पब्लिश की गई है. इसमें किसी भी जानकारी को नहीं बदला गया है. खबर को पढ़ने लायाक बनाने के लिए लिए केवल हेडलाइन बदली गई है. वहीं पैराग्राफ से पहले सबहेड जोड़े गए हैं. इस स्टोरी को लेकर भारत एक्सप्रेस की किसी भी तरह की नैतिक जिम्मेदारी नहीं होगी.

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दुर्गा पूजा में 'काबा-मदीना' की गूंज, बंगाल में सनातन पर चोट

दुर्गा पूजा में ‘काबा-मदीना’ की गूंज, बंगाल में सनातन पर चोट

दुर्गा पूजा में ‘काबा-मदीना’ की गूंज, बंगाल में सनातन पर चोट कोलकाता के भवानीपुर 75 पल्ली दुर्गा पूजा पंडाल में इस बार कुछ ऐसा हुआ जिसने लाखों हिंदू समाज के लोगों को भीतर तक झकझोर दिया. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पंडाल का उद्घाटन किया, तालियां बजाईं. वहीं उनके करीबी नेता मदन मित्रा मंच पर गाते हुए कहा कि मेरे दिल में काबा है और आँखों में मदीना है. मुद्दे की बातअब सवाल ये उठता है कि दुर्गा पूजा जैसे सनातन पर्व पर इस तरह के गीतों का क्या काम? क्या ये जानबूझकर सनातन भावनाओं को ठेस पहुंचाने की कोशिश नहीं है? क्या ये एक सांस्कृतिक अतिक्रमण नहीं है जहां देवी दुर्गा की आराधना के बीच इस्लामी प्रतीकों की बात की जा रही है? वोट के लिए आस्था से खिलवाड़ममता बनर्जी का ये कदम कोई पहली बार नहीं है. इससे पहले भी उन्होंने पितृ पक्ष के दौरान दुर्गा पूजा पंडालों का उद्घाटन कर हिंदू परंपराओं को नजरअंदाज किया था. जबकि शास्त्रों के अनुसार पितृ पक्ष में कोई नया कार्य या उत्सव शुरू करना अशुभ माना जाता है लेकिन बंगाल की राजनीति में वोट बैंक की मजबूरी शायद आस्था से बड़ी हो गई है. सबसे बड़ी चिंता की बात तो ये है कि इस सबके खिलाफ कोई आवाज नहीं उठती है. न कोई बड़ा संत बोलता है, न कोई संगठन सड़कों पर उतरता है. सोशल मीडिया पर कुछ लोग जरूर नाराजगी जताते हैं लेकिन जमीनी स्तर पर विरोध न के बराबर है. पश्चिम बंगाल में सनातन धर्म ना के बराबरक्या बंगाल में सनातन धर्म अब सिर्फ एक मौन दर्शक बनकर रह गया है? क्या दुर्गा पूजा जैसे पर्व अब राजनीतिक मंच बनते जा रहे हैं जहां देवी की आराधना से ज़्यादा नेताओं की पीआर चलती है? इसे भी पढ़ें-अगर अब भी हम चुप रहे, तो आने वाले वर्षों में दुर्गा पूजा में देवी के स्थान पर कोई और प्रतीक खड़ा मिलेगा। ये समय है जागने का, बोलने का और अपनी आस्था की रक्षा करने का वरना इतिहास हमें माफ नहीं करेगा.

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पीएम मोदी कल करेंगे वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 का उद्घाटन

पीएम मोदी कल करेंगे वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 का उद्घाटन

पीएम मोदी कल करेंगे वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 का उद्घाटन, रूस के उप-प्रधानमंत्री होंगे मुख्य अतिथि नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में मंगलवार, 25 सितंबर को वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 का आगाज़ होने जा रहा है। इस भव्य आयोजन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। चार दिन तक चलने वाला यह अंतरराष्ट्रीय मेगा इवेंट खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में निवेश, नवाचार और वैश्विक साझेदारी का बड़ा मंच बनने वाला है। इस बार का आयोजन खास इसलिए भी है क्योंकि रूस के उप-प्रधानमंत्री दिमित्री पात्रुशेव विशेष अतिथि के रूप में भारत आएंगे। उनके साथ भारत सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री भी मौजूद रहेंगे। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान और राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे। यह उपस्थिति इस बात का संकेत है कि सरकार खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को नई प्राथमिकता और ताकत देने के लिए पूरी तरह गंभीर है। वर्ल्ड फूड इंडिया का मुख्य मकसद भारत में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को नई दिशा देना और इस क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करना है। इसके जरिए न केवल किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा बल्कि देश में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। भारत दुनिया के सबसे बड़े कृषि उत्पादक देशों में से एक है, लेकिन अभी भी प्रसंस्करण और वैल्यू एडिशन के क्षेत्र में भारी संभावनाएं मौजूद हैं। यही कारण है कि सरकार इस आयोजन को “मेक इन इंडिया” और “वोकल फॉर लोकल” अभियानों से जोड़कर देख रही है। पिछले संस्करण की सफलता को देखते हुए इस बार और भी बड़े निवेश की उम्मीद की जा रही है। 2023 में आयोजित वर्ल्ड फूड इंडिया के दौरान करीब 33,000 करोड़ रुपये के समझौते हुए थे। इस बार लक्ष्य उससे भी आगे बढ़ने का है। इसके लिए न केवल भारत बल्कि दुनिया भर से निवेशक, उद्योगपति और कंपनियां इसमें हिस्सा लेंगी। चार दिन तक चलने वाले इस आयोजन में 40 से अधिक देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। रूस, जर्मनी, जापान, इटली और यूएई जैसे देशों की भागीदारी पहले ही सुनिश्चित हो चुकी है। इन देशों की मौजूदगी इस कार्यक्रम को और भी अंतरराष्ट्रीय महत्व देती है। प्रधानमंत्री मोदी के उद्घाटन भाषण में किसानों की आय बढ़ाने, नए स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने और भारत को वैश्विक फूड हब बनाने जैसे मुद्दे प्रमुखता से शामिल हो सकते हैं। कार्यक्रम में सतत विकास और पोषण से जुड़े खाद्य विकल्पों पर भी खास फोकस रहेगा। वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 न सिर्फ भारत के लिए निवेश और तकनीक का अवसर है, बल्कि यह दुनिया को यह दिखाने का मौका भी है कि भारत खाद्य सुरक्षा, नवाचार और सतत विकास के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व करने की क्षमता रखता है।

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