ISRO कर्मचारियों ने Private-Sector Push पर मांगी सफाई, Rocket और Satellite Manufacturing के भविष्य पर उठाए सवाल

नई दिल्ली, 6 सितंबर 2026: भारत के space sector में private companies की बढ़ती भूमिका के बीच ISRO के कई कर्मचारी संगठनों ने agency के भविष्य को लेकर सवाल उठाए हैं। नौ employee associations ने ISRO Chairman और Department of Space Secretary V. Narayanan को संयुक्त पत्र लिखकर यह स्पष्ट करने की मांग की है कि rockets, satellites और launch infrastructure से जुड़ी ISRO की मौजूदा जिम्मेदारियों का भविष्य क्या होगा। करीब 5,000 कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व पांच पन्नों के इस joint representation पर ISRO के अलग-अलग centres से जुड़े नौ employee associations के प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर किए हैं। इनमें VSSC, SDSC, URSC, LPSC, SAC, NRSC और IPRC जैसे महत्वपूर्ण centres शामिल हैं। ये संगठन करीब 5,000 कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो ISRO की कुल workforce का लगभग 27% है। Private Companies से नहीं, ISRO की भूमिका घटने से चिंता कर्मचारी संगठनों ने स्पष्ट किया है कि वे private companies की भागीदारी या space sector के commercialisation के खिलाफ नहीं हैं। उनकी मुख्य चिंता यह है कि कहीं ISRO की अपनी rocket manufacturing, satellite production, testing और launch operations capabilities धीरे-धीरे private sector या PSUs को transfer न हो जाएं। PSLV, LVM3 और SSLV को लेकर सवाल कर्मचारियों ने खास तौर पर PSLV, LVM3 और SSLV जैसे launch vehicles का जिक्र किया है। SSLV technology और production capability HAL को transfer की जा चुकी है, जबकि LVM3 और PSLV से जुड़ी technology transfer तथा private production की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं। Associations ने पूछा है कि भविष्य में इन rockets के design, development और manufacturing में ISRO की भूमिका कितनी रहेगी। Satellite Manufacturing पर भी चिंता पत्र में routine satellite manufacturing के भविष्य को लेकर भी clarification मांगी गई है। कर्मचारियों को आशंका है कि यदि satellites और launch vehicles की actual production बड़े स्तर पर बाहर चली गई तो ISRO मुख्य रूप से research और advanced technology development तक सीमित हो सकता है। Recruitment और Promotions पर पड़ सकता है असर Employee associations ने चेतावनी दी है कि core activities के outsourcing से ISRO के भीतर उपलब्ध technical work कम हो सकता है। इससे भविष्य में recruitment, promotions, skill development और career opportunities प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। ISRO में पहले से हजारों पद खाली इस चिंता के बीच government data के मुताबिक फरवरी 2026 तक ISRO में 18,142 sanctioned posts के मुकाबले 15,529 कर्मचारी कार्यरत थे। यानी करीब 14.4% पद खाली थे। Employee groups का कहना है कि outsourcing बढ़ने से regular recruitment और कम हो सकती है। ‘Residual R&D Boutique’ बनने की आशंका Joint representation में कर्मचारी संगठनों ने चिंता जताई कि ISRO को केवल एक सीमित research-and-development organisation में बदलना उचित नहीं होगा, जबकि launch vehicles की actual manufacturing और launch infrastructure का operation दूसरे entities के पास चला जाए। उन्होंने policy changes से पहले कर्मचारियों के साथ structured consultation की मांग की है। V. Narayanan से Written Clarification की मांग Employee associations ने ISRO Chairman V. Narayanan से launch vehicles, satellites, infrastructure, staffing और recruitment से जुड़े भविष्य के roadmap पर लिखित स्पष्टीकरण मांगा है। फिलहाल ISRO या Department of Space की ओर से इस joint representation पर कोई विस्तृत public response सामने नहीं आया है। source – India Today / The Indian Express / Times of Indiaजय राष्ट्र न्यूज़

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OPEC+ की आज अहम बैठक, October के लिए Oil Output Policy unchanged रहने की संभावना

लंदन, 6 सितंबर 2026: दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादक देशों के समूह OPEC+ की आज महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। बैठक में October 2026 के लिए crude oil production strategy पर फैसला लिया जाएगा। मामले से परिचित सूत्रों के अनुसार समूह फिलहाल मौजूदा output policy में कोई बदलाव नहीं करने की तैयारी में है। September के बाद Production Increase पर लग सकता है ब्रेक OPEC+ ने August की बैठक में September के लिए production बढ़ाने पर सहमति दी थी। इसके साथ 2023 में लागू किए गए करीब 1.65 million barrels per day के supply cut को चरणबद्ध तरीके से वापस लेने की प्रक्रिया पूरी हुई। अब October में एक और production increase की बजाय pause की संभावना जताई जा रही है। Iran Conflict ने बदल दिए Oil Market के हालात बैठक ऐसे समय हो रही है जब Iran से जुड़ा सैन्य संघर्ष और Strait of Hormuz में shipping disruption global oil supplies को प्रभावित कर रहा है। इस स्थिति के कारण बाजार में पहुंचने वाले वास्तविक crude volumes पर production quotas से ज्यादा geopolitical developments का असर पड़ रहा है। Target से कम बना हुआ है Actual Production OPEC+ ने हाल के महीनों में production targets बढ़ाए हैं, लेकिन Reuters के मुताबिक alliance का actual output अभी भी निर्धारित targets से नीचे है। युद्ध और regional export disruptions के कारण घोषित production increases का global physical supply पर अपेक्षाकृत सीमित प्रभाव पड़ा है। 2027 Quotas पर भी टिकी नजर OPEC+ के सामने अब बड़ा मुद्दा सदस्य देशों की production capacity का review और 2027 के लिए नए output baselines तय करना है। इन्हीं baselines के आधार पर भविष्य में अलग-अलग देशों की production quotas तय होंगी। इस प्रक्रिया के पूरा होने तक group चौथी तिमाही में बड़े production changes से बच सकता है। अन्य Production Cuts साल के अंत तक जारी OPEC+ के कुछ अन्य supply cuts 2026 के अंत तक लागू रहने वाले हैं। इसलिए October policy unchanged रहने का मतलब यह नहीं होगा कि सभी production restrictions खत्म हो गई हैं। आगे cuts कब और कितनी तेजी से वापस लिए जाएंगे, इसका फैसला नए production baselines तय होने के बाद हो सकता है। Oil Prices के लिए क्यों अहम है Meeting? OPEC+ दुनिया की crude supply के बड़े हिस्से को नियंत्रित करता है, इसलिए इसके production decisions का international oil prices पर सीधा असर पड़ सकता है। हालांकि मौजूदा समय में Iran conflict और Strait of Hormuz की स्थिति के कारण geopolitical supply risk बाजार की दिशा तय करने वाला बड़ा factor बना हुआ है। हालिया US-Iran tensions के बीच crude prices में भी तेजी देखी गई है। Final Decision का इंतजार फिलहाल October output policy को unchanged रखना expected decision है, official फैसला नहीं। आज की OPEC+ बैठक समाप्त होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि alliance production को मौजूदा स्तर पर रखता है या strategy में कोई बदलाव करता है। source – Reutersजय राष्ट्र न्यूज़

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Germany के Saxony-Anhalt में आज मतदान, AfD की ऐतिहासिक जीत की संभावना पर दुनिया की नजर

बर्लिन, 6 सितंबर 2026: जर्मनी के पूर्वी राज्य Saxony-Anhalt में आज विधानसभा चुनाव के लिए मतदान हो रहा है। इस चुनाव पर पूरे जर्मनी के साथ यूरोप की नजरें टिकी हैं, क्योंकि चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों में दक्षिणपंथी Alternative for Germany (AfD) स्पष्ट बढ़त बनाए हुए है। अगर पार्टी सरकार बनाने की स्थिति में पहुंचती है, तो यह आधुनिक जर्मन राजनीति में बड़ा बदलाव होगा। Polls में 40% से ऊपर AfD चुनाव से पहले के प्रमुख opinion polls में AfD को 40% से अधिक समर्थन मिलता दिखा, जबकि Chancellor Friedrich Merz की Christian Democratic Union (CDU) करीब 23% पर थी। AfD के lead candidate Ulrich Siegmund राज्य के अगले premier बनने की दौड़ में हैं। Absolute Majority पर टिकी नजर AfD के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या वह पूर्ण बहुमत हासिल कर पाएगी। Germany की mainstream parties लंबे समय से AfD के साथ coalition बनाने से इनकार करती रही हैं। ऐसे में पार्टी को अकेले सरकार बनाने के लिए पर्याप्त seats की जरूरत होगी। 1.6 Million Voters डाल रहे वोट Saxony-Anhalt में करीब 16 लाख eligible voters नए state parliament का चुनाव कर रहे हैं। जनसंख्या के लिहाज से यह Germany के छोटे राज्यों में शामिल है, लेकिन इस बार इसका चुनाव राष्ट्रीय राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। CDU के Sven Schulze के सामने बड़ी चुनौती राज्य के मौजूदा premier Sven Schulze की CDU के सामने सत्ता बचाने की बड़ी चुनौती है। अगर AfD सबसे बड़ी पार्टी बनती है लेकिन majority से चूकती है, तो CDU अन्य दलों के साथ coalition बनाने की कोशिश कर सकती है। हालांकि छोटे दलों का 5% electoral threshold पार करना अगली सरकार की तस्वीर तय करने में महत्वपूर्ण होगा। Chancellor Friedrich Merz के लिए भी बड़ा Political Test Saxony-Anhalt election को Chancellor Friedrich Merz और उनकी CDU के लिए भी महत्वपूर्ण परीक्षा माना जा रहा है। Merz ने चुनाव प्रचार के दौरान चेतावनी दी थी कि AfD की जीत राज्य में foreign investment को नुकसान पहुंचा सकती है। क्यों ऐतिहासिक हो सकता है Result? यदि AfD अपने दम पर सरकार बनाने में सफल होती है, तो वह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद Germany में किसी state government का नेतृत्व करने वाली पहली far-right party बन सकती है। इसी वजह से Saxony-Anhalt का यह regional election international attention हासिल कर रहा है। Final Result का इंतजार फिलहाल मतदान जारी है और final परिणाम सामने नहीं आए हैं। असली तस्वीर votes की counting और seats distribution के बाद ही साफ होगी। यह चुनाव आने वाले वर्षों में AfD की national ambitions और 2029 federal election की राजनीति पर भी असर डाल सकता है। source – Reuters / Associated Pressजय राष्ट्र न्यूज़

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Indonesia में Anak Krakatau Volcano फटा, 6 Airports बंद; 300 से ज्यादा Flights प्रभावित

जकार्ता, 6 सितंबर 2026: इंडोनेशिया के सक्रिय ज्वालामुखी Anak Krakatau में जोरदार eruption के बाद देश के aviation network पर बड़ा असर पड़ा है। ज्वालामुखीय राख के फैलने के कारण Jakarta के प्रमुख Soekarno-Hatta International Airport समेत छह airports पर flight operations को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। कम-से-कम 301 flights प्रभावित हुई हैं, जिससे बड़ी संख्या में यात्री airports पर फंस गए। 50 हजार फीट तक पहुंची राख ज्वालामुखी से निकला ash cloud कुछ क्षेत्रों में करीब 50,000 feet की ऊंचाई तक पहुंच गया। राख Java, Sumatra और Jakarta के आसपास के airspace तक फैलने के कारण aviation authorities ने सुरक्षा को देखते हुए flights suspend करने का फैसला किया। Volcanic ash aircraft engines और navigation systems के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। 58 International Flights भी प्रभावित Airport operator के मुताबिक प्रभावित 301 flights में 58 international services शामिल हैं। Singapore Airlines और Malaysia Airlines सहित कई carriers ने Jakarta आने-जाने वाली कुछ flights cancel या postpone कीं। Indonesia AirAsia ने भी volcanic ash के कारण कई services में देरी की। Jakarta का मुख्य Airport भी प्रभावित देश के सबसे व्यस्त airports में शामिल Soekarno-Hatta International Airport पर रविवार सुबह volcanic ash detect होने के बाद operations प्रभावित हुए। इससे domestic के साथ international passengers को भी delays और cancellations का सामना करना पड़ा। Schools और Fishing Activities भी रोकी गईं Eruption का असर केवल aviation तक सीमित नहीं रहा। प्रभावित क्षेत्रों में ash fall के कारण आंखों में irritation और respiratory problems की आशंका को देखते हुए कुछ school activities रोक दी गईं। स्थानीय authorities ने fishing activities भी अस्थायी रूप से बंद कराईं और लोगों को masks उपलब्ध कराए। फिलहाल Tsunami Alert नहीं अधिकारियों ने इस eruption के बाद कोई tsunami alert जारी नहीं किया है। हालांकि Anak Krakatau पर लगातार नजर रखी जा रही है। इसी volcano के 2018 eruption और flank collapse ने विनाशकारी tsunami पैदा की थी, जिसमें 400 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। Alert Level 3 पर Anak Krakatau Anak Krakatau फिलहाल Alert Level 3 पर है। Authorities ने लोगों को volcano के आसपास के खतरनाक क्षेत्र से दूर रहने और ash fall वाले इलाकों में outdoor activity कम करने की सलाह दी है। Indonesia Pacific Ring of Fire में स्थित होने के कारण दुनिया के सबसे volcanically active देशों में से एक है। source – Reuters / Associated Pressजय राष्ट्र न्यूज़

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दिल्ली के Mayur Vihar में तड़के युवक की पीट-पीटकर हत्या, CCTV में कैद हुई वारदात

नई दिल्ली, 6 सितंबर 2026: राजधानी दिल्ली के Mayur Vihar Phase-3 इलाके में रविवार तड़के एक व्यक्ति की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। CCTV footage में दो हमलावर एक व्यक्ति पर लगातार हमला करते दिखाई दे रहे हैं। मृतक की उम्र करीब 40 वर्ष बताई जा रही है, लेकिन अभी उसकी पहचान नहीं हो सकी है। दो हमलावरों ने किया हमला शुरुआती जांच के मुताबिक दो अज्ञात लोगों ने पीड़ित पर लकड़ी के डंडों और पट्टों से हमला किया। कुछ पुलिस सूत्रों ने हमले में चाकू के इस्तेमाल की आशंका भी जताई है। घटना New Ashok Nagar Police Station के अधिकार क्षेत्र में हुई है। CCTV में कैद हुई पूरी वारदात इलाके में लगे CCTV camera में हमला रिकॉर्ड हो गया। Footage का timestamp करीब 3:30 बजे सुबह का बताया गया है। हालांकि मौके पर मौजूद security guard ने हमले का समय लगभग 4 से 5 बजे के बीच बताया है। Police footage की जांच कर हमलावरों के आने-जाने के रास्ते का पता लगाने की कोशिश कर रही है। बचाने पहुंचा Security Guard, उसे भी दी धमकी घटना के eyewitness security guard Nandlal Yadav ने बताया कि उसने दो लोगों को पीड़ित पर हमला करते देखा। उसने व्यक्ति को बचाने की कोशिश की, लेकिन आरोपियों ने उसे भी धमकाया और कथित तौर पर उस पर हमला करने की कोशिश की। इसके बाद guard ने पुलिस को सूचना दी। अस्पताल में मृत घोषित सूचना मिलने के बाद Delhi Police मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। Forensic team ने घटनास्थल से evidence इकट्ठा किया है और आसपास लगे CCTV cameras की footage भी जब्त की गई है। मृतक और आरोपियों की पहचान अभी नहीं Police के मुताबिक फिलहाल मृतक और दोनों कथित हमलावरों की पहचान नहीं हो पाई है। आसपास के police stations में दर्ज missing-person reports की भी जांच की जा रही है। हमले के पीछे का motive अभी स्पष्ट नहीं है। आरोपियों की तलाश में जुटी Delhi Police Delhi Police CCTV footage, eyewitness statement और forensic evidence की मदद से आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि हत्या के कारणों का पता आरोपियों की गिरफ्तारी और मृतक की पहचान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। source – NDTV / India Today / PTIजय राष्ट्र न्यूज़

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जंतर-मंतर विवाद पर CJP प्रवक्ता सौरव दास ने दिल्ली पुलिस से कार्रवाई की मांग की

नई दिल्ली, 6 सितंबर 2026: जंतर-मंतर पर हुए कथित मारपीट मामले को लेकर Cockroach Janta Party (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास ने Delhi Police की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। मामला CJP के प्रदर्शन से जुड़े संजय कुमार पर कथित हमले से संबंधित है। सौरव दास ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल सौरव दास ने आरोप लगाया कि संजय कुमार को गंभीर चोट लगने के बावजूद शुरुआत में मामले में पर्याप्त सख्त धाराएं नहीं लगाई गईं। उन्होंने पुलिस से मामले की दोबारा गंभीरता से जांच करने और सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की। स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग लेकर पहुंची CJP 4 सितंबर को सौरव दास, CJP के co-convenor Ashutosh Ranka और अन्य समर्थक Patel Chowk से Parliament Street Police Station पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी और FIR में गंभीर धाराएं जोड़ने की मांग की। Viral Video के बाद बढ़ा विवाद मामला उस समय फिर चर्चा में आया जब स्वतंत्र भारद्वाज का एक कथित podcast/video clip सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। CJP का आरोप था कि वीडियो में कथित हमले को लेकर किए गए दावों के बाद पुलिस को आरोपी के खिलाफ अधिक कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। Delhi Police ने आरोपों को किया था खारिज Delhi Police ने CJP के कुछ आरोपों से असहमति जताई। पुलिस के मुताबिक RML Hospital की medical examination में संजय कुमार की चोट को simple injury बताया गया और skull fracture के दावे को MLC से मेल न खाने वाला बताया गया। पुलिस ने यह भी कहा कि किसी राजनीतिक दबाव या अनुचित हस्तक्षेप का आरोप तथ्यात्मक रूप से गलत है। बाद में FIR में जोड़ा गया SC/ST Act CJP के विरोध और पुलिस अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद संबंधित FIR में Scheduled Castes and Scheduled Tribes (Prevention of Atrocities) Act की धाराएं जोड़ी गईं। इसके अलावा नाबालिग को कथित धमकियों से जुड़े मामले में अलग POCSO case दर्ज किया गया। निष्पक्ष जांच की मांग सौरव दास और CJP नेताओं का कहना है कि मामले में केवल एक व्यक्ति ही नहीं, बल्कि घटना में कथित रूप से शामिल अन्य लोगों और उसके बाद सोशल मीडिया पर दी गई धमकियों की भी जांच होनी चाहिए। मामला अब पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है। source – The Indian Express / NDTVजय राष्ट्र न्यूज़

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स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के बाद समर्थकों का प्रदर्शन, केस वापस लेने की मांग; पुलिस स्टेशन के बाहर बढ़ाई गई सुरक्षा

नई दिल्ली, 6 सितंबर 2026: जंतर-मंतर मारपीट मामले में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थकों ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किया। समर्थक Parliament Street Police Station के बाहर जुटे और भारद्वाज के खिलाफ की गई पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग की। पुलिस स्टेशन के बाहर बढ़ाई गई सुरक्षा समर्थकों के जुटने की सूचना के बाद Parliament Street Police Station के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। पुलिस ने कई स्थानों पर barricades लगाए और एहतियात के तौर पर paramilitary personnel भी तैनात किए। समर्थकों ने कार्रवाई को बताया एकतरफा प्रदर्शन में शामिल लोगों ने आरोप लगाया कि स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई एकतरफा तरीके से की जा रही है। समर्थकों ने दावा किया कि जंतर-मंतर पर हुई मारपीट की परिस्थितियों और भारद्वाज के self-defence के दावे को भी जांच में ध्यान में रखा जाना चाहिए। ये प्रदर्शनकारियों के दावे हैं और मामले की जांच अभी जारी है। SC/ST Act और POCSO को लेकर भी जताया विरोध भारद्वाज के समर्थकों ने मामले में जोड़ी गई SC/ST Act की धाराओं और एक अलग शिकायत पर दर्ज POCSO case को लेकर भी सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और पुलिस से भारद्वाज के खिलाफ दर्ज मामलों की समीक्षा और उन्हें वापस लेने की मांग की। जंतर-मंतर की घटना से जुड़ा है मामला स्वतंत्र भारद्वाज पर आरोप है कि जुलाई में जंतर-मंतर पर हुए CJP-led protest के दौरान उन्होंने एक नाबालिग छात्र कार्यकर्ता के पिता के साथ मारपीट की थी। मामला उस समय फिर सुर्खियों में आया जब भारद्वाज का एक podcast clip वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने हमले को लेकर विवादित दावे किए थे। भारद्वाज बाद में इसे self-defence में हुई घटना बताते रहे हैं। Bulandshahr से हिरासत में लिए गए थे भारद्वाज Delhi Police ने भारद्वाज को 4 सितंबर को उत्तर प्रदेश के Bulandshahr से हिरासत में लिया था। इसके बाद 5 सितंबर को उन्हें formally arrest किया गया और अदालत ने एक दिन की police custody मंजूर की। आज Judicial Custody में भेजा गया मामले में आज 6 सितंबर को नई कानूनी कार्रवाई हुई। दिल्ली की अदालत ने स्वतंत्र भारद्वाज को एक दिन की judicial custody में भेज दिया। उन्हें video conferencing के जरिए duty magistrate के सामने पेश किया गया। मामले में जांच और न्यायिक प्रक्रिया जारी है। समर्थकों और शिकायतकर्ताओं के अलग-अलग दावों की अंतिम सत्यता अदालत और जांच एजेंसियों की प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी। source – PTI / The Tribune / ABP Newsजय राष्ट्र न्यूज़

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चिराग पासवान की पार्टी ने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, नाम के गलत इस्तेमाल का लगाया आरोप

नई दिल्ली, 6 सितंबर 2026: केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की Lok Janshakti Party (Ram Vilas) ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ दिल्ली के Parliament Street Police Station में शिकायत दर्ज कराई है। पार्टी का आरोप है कि भारद्वाज ने जंतर-मंतर पर छात्र कार्यकर्ता के पिता से कथित मारपीट के मामले में चिराग पासवान का नाम लेकर राजनीतिक संरक्षण होने का गलत दावा किया। पार्टी के Legal Cell ने दर्ज कराई शिकायत शिकायत LJP (Ram Vilas) के legal cell की ओर से दी गई है। इसमें कहा गया है कि न तो चिराग पासवान और न ही उनकी पार्टी का स्वतंत्र भारद्वाज से कोई ऐसा संबंध है, जैसा उनके वायरल interview में दावा किया गया। पार्टी ने इन सार्वजनिक बयानों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। Viral Interview में लिया था चिराग पासवान का नाम विवाद उस समय बढ़ा जब स्वतंत्र भारद्वाज का एक interview clip सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें उन्होंने कई राजनीतिक नेताओं के नाम लेते हुए उनसे करीबी संबंध होने का दावा किया था और चिराग पासवान को अपना “बड़ा भाई” बताया था। हालांकि इन दावों के समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण सामने नहीं आया है। चिराग पासवान ने दावे से बनाई दूरी चिराग पासवान ने साफ कहा कि भारद्वाज ने उनके नाम का गलत इस्तेमाल किया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की। LJP (Ram Vilas) ने भी कहा कि पार्टी कथित हमले में घायल व्यक्ति और उसके परिवार के साथ खड़ी है। Complaint और FIR में अंतर पुलिस अधिकारियों ने 5 सितंबर तक बताया था कि पार्टी की शिकायत की जांच की जा रही है और इस specific complaint पर अलग case/FIR अभी दर्ज नहीं हुई थी। इसलिए इसे “LJP ने FIR दर्ज कराई” लिखने के बजाय “शिकायत दर्ज कराई” लिखना अधिक सही है। आज Judicial Custody में भेजे गए स्वतंत्र भारद्वाज मामले में आज, 6 सितंबर, एक नई कानूनी development सामने आई है। दिल्ली की एक अदालत ने स्वतंत्र भारद्वाज को कथित assault और अन्य आरोपों से जुड़े मामले में एक दिन की judicial custody में भेज दिया। इससे पहले पुलिस को एक दिन की custodial interrogation की अनुमति मिली थी। SC/ST Act और अन्य धाराएं भी जोड़ी गईं दिल्ली पुलिस ने संबंधित assault case में SC/ST (Prevention of Atrocities) Act और criminal intimidation से जुड़े provisions जोड़े हैं। इसके अलावा minor activist की शिकायत पर online threats और harassment से संबंधित अलग POCSO case भी दर्ज किया गया है। ये मामले अभी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। source – PTI / The Week / The New Indian Expressजय राष्ट्र न्यूज़

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Panchayat Season 5 की Release Window सामने आई, October-November में आ सकता है नया Season

नई दिल्ली, 5 सितंबर 2026: Prime Video की लोकप्रिय web series Panchayat के Season 5 को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। Series के director Deepak Kumar Mishra ने बताया है कि नए season का काम editing stage में पहुंच चुका है और इसे October-November 2026 के आसपास release किया जा सकता है। हालांकि उन्होंने साफ किया कि अभी exact release date final नहीं हुई है। Editing Stage में पहुंचा Season 5 Deepak Kumar Mishra ने India Today से बातचीत में बताया कि Panchayat Season 5 का editing process फिलहाल जारी है। Team नए season को तैयार करने में जुटी हुई है और tentative तौर पर October या November में इसकी streaming शुरू हो सकती है। अभी Final नहीं हुई Release Date Fans के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि makers ने अभी किसी specific तारीख की घोषणा नहीं की है। इसलिए October-November को फिलहाल possible release window के तौर पर देखा जा रहा है, न कि officially confirmed release date के रूप में। Phulera में Election के बाद बदलेगी कहानी नए season की कहानी गांव के elections के बाद की परिस्थितियों पर आगे बढ़ेगी। Director के मुताबिक Pradhan Ji की हार के बाद उनकी जिंदगी और गांव में उनकी बदलती स्थिति को explore किया जाएगा। इसके साथ दूसरे characters की stories भी आगे बढ़ेंगी। Sachiv Ji की कहानी भी बढ़ेगी आगे Director ने संकेत दिया है कि Season 5 में Abhishek Tripathi यानी Sachiv Ji की कहानी में भी progression देखने को मिलेगा। हर प्रमुख character के लिए अलग growth arc तैयार किया जा रहा है। Season 5 नहीं होगा आखिरी Season Deepak Kumar Mishra ने इस speculation को भी खारिज किया कि Season 5 Panchayat का आखिरी season हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल series को खत्म करने जैसी कोई योजना नहीं है, जिससे आगे भी Phulera की कहानी जारी रहने की संभावना बनी हुई है। Prime Video ने पहले ही Confirm किया था Season 5 Prime Video पहले ही Panchayat Season 5 के development की पुष्टि कर चुका है। Platform ने Season 4 को मिली शानदार प्रतिक्रिया के बाद बताया था कि अगले season पर काम शुरू हो चुका है और इसे 2026 में दर्शकों के सामने लाने की योजना है। source – India Today / Prime Videoजय राष्ट्र न्यूज़

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IIT JAM 2027 Registration Date बदली, अब 12 सितंबर से शुरू होंगे आवेदन; जानें पूरा Schedule

नई दिल्ली, 5 सितंबर 2026: IIT JAM 2027 की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। Indian Institute of Technology (IIT) Kharagpur ने Joint Admission Test for Masters (JAM) 2027 के registration schedule में बदलाव किया है। Online application process अब 12 सितंबर 2026 से शुरू होगा, जबकि पहले registration की तारीख 5 सितंबर घोषित की गई थी। पहले 5 सितंबर से खुलना था Portal IIT JAM 2027 की website launch होने के समय IIT Kharagpur ने registration process 5 सितंबर से शुरू करने की जानकारी दी थी। इसी वजह से कई शुरुआती reports में 5 सितंबर registration date बताई गई थी। बाद में जारी updated schedule और information brochure में इसे बदलकर 12 सितंबर कर दिया गया। 12 अक्टूबर तक कर सकेंगे आवेदन Updated schedule के मुताबिक JAM Online Application Processing System यानी JOAPS portal 12 सितंबर को खुलेगा। उम्मीदवार 12 अक्टूबर 2026 तक application form जमा कर सकेंगे। 14 फरवरी 2027 को होगी परीक्षा IIT JAM 2027 examination 14 फरवरी 2027 को Computer Based Test mode में आयोजित की जाएगी। परीक्षा दो sessions में होगी और कुल सात test papers के लिए आयोजित की जाएगी। इन सात Subjects के लिए होगा JAM JAM 2027 में Biotechnology, Chemistry, Economics, Geology, Mathematics, Mathematical Statistics और Physics के papers होंगे। Candidate एक या दो test papers चुन सकता है, लेकिन दो papers तभी लिए जा सकते हैं जब वे अलग-अलग sessions में scheduled हों। करीब 3,000 IIT Seats पर मिलेगा Admission JAM 2027 score का इस्तेमाल academic session 2027-28 के लिए IITs के postgraduate programmes में admission के लिए किया जाएगा। Official brochure के अनुसार 23 IITs में करीब 3,000 seats उपलब्ध हैं। 18 मार्च को घोषित होगा Result Official schedule के मुताबिक IIT JAM 2027 का result 18 मार्च 2027 को घोषित किया जाना है। Candidates को IIT Kharagpur की official JAM website पर ही latest notifications check करने की सलाह दी गई है। source – IIT Kharagpur / The Indian Expressजय राष्ट्र न्यूज़

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