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लगातार बारिश के बीच स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, डेंगू, चिकनगुनिया और वायरल बुखार की रोकथाम के लिए राज्यों को निगरानी बढ़ाने के निर्देश

नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में जारी मानसूनी बारिश के बीच स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया और अन्य मौसमी वायरल बुखारों की रोकथाम के लिए निगरानी और तैयारियाँ बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। मंत्रालय ने कहा है कि बारिश के मौसम में मच्छरों के प्रजनन की संभावना बढ़ जाती है, इसलिए सभी राज्यों को सर्विलांस, अस्पतालों की तैयारी, समय पर जांच और जन-जागरूकता अभियानों को और मजबूत करना चाहिए. अस्पतालों और स्वास्थ्य एजेंसियों को विशेष निर्देश स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों से कहा है कि सरकारी और निजी अस्पतालों में बुखार के मरीजों की समय पर जांच, पर्याप्त बेड, आवश्यक दवाइयाँ और लैब सुविधाएँ उपलब्ध रखी जाएँ। संदिग्ध मामलों की शीघ्र पहचान कर उन्हें एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (IDSP) के माध्यम से रिपोर्ट करने पर भी जोर दिया गया है. मच्छर नियंत्रण अभियान तेज़ राज्यों को घरों, सार्वजनिक स्थानों और निर्माण स्थलों पर जमा पानी हटाने, फॉगिंग, लार्वा नियंत्रण और स्वच्छता अभियान तेज़ करने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने स्थानीय निकायों से सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने और लोगों को मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समाप्त करने के लिए जागरूक करने को कहा है. कुछ क्षेत्रों में मामले बढ़ने से सतर्कता हाल के दिनों में देश के कुछ हिस्सों में डेंगू के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है। उदाहरण के तौर पर पुणे और तिरुवनंतपुरम में स्वास्थ्य अधिकारियों ने निगरानी बढ़ाने और मच्छर नियंत्रण अभियान तेज़ करने के निर्देश दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण मच्छरों के पनपने की स्थिति अनुकूल हो जाती है, इसलिए शुरुआती रोकथाम सबसे प्रभावी उपाय है. लोगों के लिए सलाह स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे घरों के आसपास पानी जमा न होने दें, पूरी बाजू के कपड़े पहनें, मच्छरदानी और रिपेलेंट का उपयोग करें तथा तेज़ बुखार, सिरदर्द, शरीर दर्द या त्वचा पर चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। स्वयं दवा लेने से बचने और समय पर जांच कराने की भी सलाह दी गई है. निष्कर्ष मानसून के दौरान डेंगू, चिकनगुनिया और अन्य वेक्टर जनित रोगों का खतरा बढ़ जाता है। केंद्र और राज्य सरकारें निगरानी, अस्पतालों की तैयारी और जन-जागरूकता के माध्यम से संभावित प्रकोप को रोकने के प्रयास तेज़ कर रही हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि नागरिकों की सतर्कता और सामुदायिक सहयोग संक्रमण की रोकथाम में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. Source: Ministry of Health & Family Welfare | National Centre for Vector Borne Diseases Control (NCVBDC) जय राष्ट्र न्यूज़

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मानसून के बीच डेंगू, चिकनगुनिया और वायरल बुखार को लेकर केंद्र अलर्ट, राज्यों को सतर्कता और तैयारियाँ बढ़ाने के निर्देश

नई दिल्ली: मानसून के दौरान मच्छरजनित और मौसमी बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को सतर्क रहने तथा रोकथाम की तैयारियाँ मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। मंत्रालय ने डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया और वायरल बुखार के मामलों पर कड़ी निगरानी रखने, अस्पतालों की तैयारियाँ बढ़ाने और जन-जागरूकता अभियान तेज़ करने पर विशेष जोर दिया है। राज्यों को दिए गए प्रमुख निर्देश स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों से कहा है कि वे: दिल्ली सहित कई राज्यों में विशेष निगरानी स्वास्थ्य मंत्रालय ने विशेष रूप से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र सहित उन राज्यों में तैयारियों की समीक्षा की है जहाँ मानसून के दौरान डेंगू के मामले बढ़ने की आशंका रहती है। निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम्स को भी डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया के मरीजों के उपचार के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों से सावधानी बरतने की अपील स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों से अपील की है कि वे घरों और आसपास पानी जमा न होने दें, पूरी बाँह के कपड़े पहनें, मच्छररोधी उपाय अपनाएँ और तेज़ बुखार, शरीर दर्द, प्लेटलेट्स में कमी या लगातार कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। निष्कर्ष मानसून के दौरान डेंगू, चिकनगुनिया और अन्य मौसमी बीमारियों के खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्यों को पहले से तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि समय पर निगरानी, साफ-सफाई, मच्छर नियंत्रण और जनभागीदारी से इन बीमारियों के प्रसार को काफी हद तक रोका जा सकता है। Source: Ministry of Health & Family Welfare | National Centre for Vector Borne Diseases Control (NCVBDC) | Press Information Bureau (PIB) जय राष्ट्र न्यूज़

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Monsoon Health Advisory 2026: लगातार बारिश के बीच जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जारी की अहम सलाह

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों के लिए Monsoon Health Advisory 2026 जारी करते हुए जलजनित और मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, बारिश के मौसम में दूषित पानी, जलभराव और गंदगी के कारण डायरिया, हैजा, टाइफाइड, हेपेटाइटिस-ए, डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है। विभाग ने लोगों से साफ पेयजल का उपयोग करने, व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने और बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी है। Monsoon Health Advisory 2026 क्यों जारी की गई? स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, लगातार बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जलभराव और पेयजल स्रोतों के दूषित होने का खतरा बढ़ गया है। ऐसे हालात में बैक्टीरिया, वायरस और मच्छरों का प्रकोप तेजी से फैल सकता है। इसी को देखते हुए लोगों को समय रहते सतर्क रहने और संक्रमण से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। किन बीमारियों का खतरा सबसे अधिक? बारिश के मौसम में निम्नलिखित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है— विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर उपचार न मिलने पर ये बीमारियां गंभीर रूप ले सकती हैं। स्वास्थ्य विभाग ने क्या सलाह दी? स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से निम्नलिखित सावधानियां अपनाने की अपील की है— बच्चों और बुजुर्गों का रखें विशेष ध्यान स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा है कि छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों में संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। ऐसे लोगों को साफ पानी, पौष्टिक भोजन और समय पर चिकित्सकीय देखभाल उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। अस्पतालों को भी जारी किए गए निर्देश स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को आवश्यक दवाइयों, ORS, IV Fluids, जांच किट और चिकित्सा स्टाफ की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्थानीय प्रशासन को फॉगिंग, एंटी-लार्वा अभियान और स्वच्छता अभियान तेज करने को कहा गया है। विशेषज्ञों की सलाह जनस्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के मौसम में थोड़ी-सी लापरवाही भी गंभीर संक्रमण का कारण बन सकती है। यदि किसी व्यक्ति को लगातार बुखार, दस्त, उल्टी, पेट दर्द, अत्यधिक कमजोरी या त्वचा पर चकत्ते दिखाई दें, तो स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। निष्कर्ष Monsoon Health Advisory 2026 के तहत स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जागरूकता और समय पर सावधानी ही जलजनित और मच्छरजनित बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। लगातार बारिश के दौरान नागरिकों से स्वच्छता बनाए रखने, सुरक्षित पेयजल का उपयोग करने और स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेने की अपील की गई है। Source: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार एवं संबंधित राज्य स्वास्थ्य विभाग। Original Report: स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी नवीनतम मानसून एडवाइजरी और आधिकारिक दिशा-निर्देशों के आधार पर तैयार। जय राष्ट्र न्यूज़

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लगातार बारिश के बीच जलजनित और मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ा, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने जारी की जरूरी सलाह

नई दिल्ली, 11 जुलाई। देश के विभिन्न हिस्सों में लगातार हो रही बारिश के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों को जलजनित और मच्छरजनित बीमारियों से सतर्क रहने की सलाह दी है। मानसून के दौरान जलभराव, गंदा पानी और बढ़ती नमी के कारण डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, वायरल बुखार, टाइफाइड, हैजा और दस्त जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी अपनाकर इन बीमारियों से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है। क्यों बढ़ जाता है खतरा? बारिश के बाद जगह-जगह पानी जमा हो जाता है, जो मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल वातावरण बनाता है। वहीं दूषित पानी और अस्वच्छ भोजन के कारण जलजनित संक्रमण तेजी से फैल सकते हैं। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों में संक्रमण का जोखिम अधिक माना जाता है। डेंगू और मलेरिया से बचाव विशेषज्ञों के अनुसार घर और आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें। कूलर, गमले, टायर, बाल्टी और अन्य पात्रों का पानी नियमित रूप से बदलें। पूरी बांह के कपड़े पहनें और मच्छरदानी, मच्छररोधी क्रीम या रिपेलेंट का उपयोग करें। सुबह और शाम के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है क्योंकि इसी समय मच्छरों की सक्रियता अधिक रहती है। स्वच्छ पानी और भोजन का रखें ध्यान बारिश के मौसम में केवल उबला हुआ या फिल्टर किया गया पानी पीना चाहिए। खुले में बिकने वाले कटे फल, बासी भोजन और अस्वच्छ खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए। भोजन बनाने और खाने से पहले हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोना भी संक्रमण से बचाव का महत्वपूर्ण उपाय है। वायरल संक्रमण से बचाव मौसम में बदलाव के दौरान वायरल बुखार और श्वसन संक्रमण के मामले भी बढ़ सकते हैं। पर्याप्त पानी पीना, संतुलित आहार लेना, पर्याप्त नींद लेना और व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखना रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत रखने में मदद करता है। कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें? यदि तेज़ बुखार, लगातार उल्टी, शरीर में तेज़ दर्द, प्लेटलेट्स कम होने के संकेत, सांस लेने में कठिनाई, लगातार दस्त या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो तो स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। समय पर उपचार गंभीर जटिलताओं से बचा सकता है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां कई राज्यों में स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए विशेष अभियान शुरू किए हैं। नगर निकायों द्वारा फॉगिंग, जलभराव वाले क्षेत्रों की सफाई और जनजागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। नागरिकों से भी इन अभियानों में सहयोग करने की अपील की गई है। विशेषज्ञों की सलाह स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर अधिकांश मौसमी बीमारियों से बचा जा सकता है। नियमित सफाई, सुरक्षित पेयजल, पौष्टिक भोजन और मच्छरों से बचाव के उपाय इस मौसम में सबसे प्रभावी सुरक्षा कवच माने जाते हैं। निष्कर्ष बारिश का मौसम जहां राहत लेकर आता है, वहीं कई स्वास्थ्य चुनौतियां भी साथ लाता है। इसलिए व्यक्तिगत स्वच्छता, साफ वातावरण और समय पर चिकित्सकीय सलाह अपनाकर डेंगू, मलेरिया, वायरल बुखार और जलजनित बीमारियों के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। स्रोत:स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह तथा सामान्य जनस्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देश। मूल रिपोर्ट:मानसून स्वास्थ्य संबंधी सार्वजनिक जानकारी एवं विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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भारी बारिश के बीच स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, जलजनित और मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए जारी की एडवाइजरी

नई दिल्ली, 10 जुलाई। देश के कई हिस्सों में सक्रिय मानसून और लगातार हो रही भारी बारिश के बीच स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों के लिए विशेष स्वास्थ्य सलाह जारी की है। जलभराव और बढ़ी हुई नमी के कारण डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, वायरल बुखार तथा दूषित पानी से फैलने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इसी बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने भी कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। बारिश के बाद बढ़ता है संक्रमण का खतरा स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार लगातार बारिश के कारण जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों के पनपने की संभावना बढ़ जाती है। वहीं दूषित पेयजल और खराब स्वच्छता के कारण डायरिया, टाइफाइड, हैजा और अन्य जलजनित संक्रमण भी तेजी से फैल सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सलाह स्वास्थ्य अधिकारियों ने नागरिकों से निम्न सावधानियां अपनाने की अपील की है— बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी डॉक्टरों का कहना है कि छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों में संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। ऐसे लोगों को भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और जलभराव वाले स्थानों से बचने की सलाह दी गई है। अस्पतालों को भी किया गया सतर्क कई राज्यों के स्वास्थ्य विभागों ने सरकारी अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को संभावित मरीजों की संख्या बढ़ने की स्थिति के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। आवश्यक दवाओं, जांच सुविधाओं और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। IMD की चेतावनी भारतीय मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटों के दौरान उत्तर भारत, पूर्वोत्तर, पश्चिमी तट और मध्य भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश जारी रह सकती है। कुछ स्थानों पर जलभराव और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बनने की भी आशंका जताई गई है। ऐसे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों की राय जनस्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान बीमारियों की रोकथाम का सबसे प्रभावी तरीका स्वच्छता बनाए रखना और मच्छरों के प्रजनन को रोकना है। समय पर सावधानी बरतने से डेंगू, मलेरिया और अन्य मौसमी संक्रमणों के मामलों में काफी कमी लाई जा सकती है। नागरिकों से अपील स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट घरेलू उपचारों पर भरोसा न करें। किसी भी बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर स्वयं दवा लेने के बजाय योग्य चिकित्सक से परामर्श लें और आवश्यकता होने पर जांच अवश्य कराएं। स्रोत:केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC), भारतीय मौसम विभाग (IMD) तथा संबंधित राज्य स्वास्थ्य विभाग। मूल रिपोर्ट:10 जुलाई 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक स्वास्थ्य सलाह, मौसम बुलेटिन और विश्वसनीय समाचार स्रोतों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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बारिश के मौसम में डेंगू और वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ा, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की सावधानी संबंधी सलाह

नई दिल्ली, 9 जुलाई। देश के कई हिस्सों में सक्रिय मानसून के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने डेंगू, वायरल बुखार और अन्य मौसमी संक्रमणों के बढ़ते खतरे को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। लगातार बारिश और कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल वातावरण बना रही है, जिससे डेंगू के मामलों में वृद्धि की आशंका जताई जा रही है। बारिश के मौसम में क्यों बढ़ता है खतरा? विशेषज्ञों के अनुसार बारिश के दौरान घरों, छतों, कूलरों, गमलों, टायरों और खुले बर्तनों में जमा पानी एडीज़ (Aedes) मच्छरों के पनपने का प्रमुख कारण बनता है। यही मच्छर डेंगू फैलाने के लिए जिम्मेदार होते हैं। वहीं मौसम में बदलाव के कारण वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम और अन्य संक्रमण भी तेजी से फैल सकते हैं। डेंगू के प्रमुख लक्षण स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार डेंगू के सामान्य लक्षणों में— यदि ऐसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की आवश्यकता है। वायरल संक्रमण से कैसे बचें? स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों को निम्न सावधानियां अपनाने की सलाह दी है— बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी डॉक्टरों का कहना है कि छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों में संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। ऐसे लोगों को भीड़भाड़ वाले स्थानों में आवश्यक सावधानी बरतनी चाहिए और बुखार आने पर स्वयं दवा लेने के बजाय डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। अस्पतालों को किया गया सतर्क कई राज्यों के स्वास्थ्य विभागों ने सरकारी अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को संभावित मरीजों के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। डेंगू जांच, आवश्यक दवाइयों और चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। अफवाहों से बचने की अपील स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट घरेलू उपचारों या भ्रामक सलाह पर भरोसा न करें। डेंगू का संदेह होने पर केवल पंजीकृत चिकित्सक की सलाह लें और आवश्यकता पड़ने पर रक्त जांच अवश्य कराएं। विशेषज्ञों की राय जनस्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि डेंगू की रोकथाम का सबसे प्रभावी तरीका मच्छरों के प्रजनन को रोकना है। यदि नागरिक और स्थानीय प्रशासन मिलकर स्वच्छता अभियान चलाएं और जलभराव को रोकें, तो डेंगू के मामलों में काफी कमी लाई जा सकती है। स्रोत:केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) तथा विभिन्न राज्य स्वास्थ्य विभागों द्वारा जारी सार्वजनिक स्वास्थ्य सलाह। मूल रिपोर्ट:9 जुलाई 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक स्वास्थ्य सलाह और विश्वसनीय समाचार स्रोतों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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मानसून के दौरान डेंगू, मलेरिया और जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नई एडवाइजरी जारी की

नई दिल्ली, 4 जुलाई। मानसून के सक्रिय होने के साथ ही देश के कई हिस्सों में डेंगू, मलेरिया और जलजनित बीमारियों के मामलों में वृद्धि की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने नई सार्वजनिक स्वास्थ्य एडवाइजरी जारी की है। लोगों से साफ-सफाई बनाए रखने, मच्छरों के प्रजनन को रोकने और सुरक्षित पेयजल का उपयोग करने की अपील की गई है। मच्छरों से बचाव पर विशेष जोर स्वास्थ्य विभाग ने सलाह दी है कि घरों और आसपास पानी जमा न होने दें, क्योंकि रुका हुआ पानी डेंगू फैलाने वाले एडीज और मलेरिया फैलाने वाले एनोफिलीज़ मच्छरों के प्रजनन का प्रमुख कारण बनता है। पानी की टंकियों, कूलर, गमलों और अन्य पात्रों की नियमित सफाई करने की भी सलाह दी गई है। स्वच्छ पेयजल का करें उपयोग बारिश के मौसम में दूषित पानी के कारण हैजा, टाइफाइड, दस्त और अन्य जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विभाग ने उबला हुआ या सुरक्षित पेयजल पीने, भोजन को ढककर रखने और हाथों की नियमित सफाई करने की सलाह दी है। शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करें विशेषज्ञों के अनुसार तेज बुखार, शरीर में दर्द, लगातार उल्टी, दस्त, अत्यधिक कमजोरी या प्लेटलेट्स में गिरावट जैसे लक्षण दिखाई देने पर स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। समय पर जांच और उपचार से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है। बच्चों और बुजुर्गों को रखें विशेष सुरक्षित स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों, बुजुर्गों और पहले से गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। ऐसे लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कम हो सकती है, इसलिए संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। सामुदायिक जागरूकता पर जोर स्थानीय स्वास्थ्य विभाग और नगर निकायों से नियमित फॉगिंग, सफाई अभियान और जनजागरूकता कार्यक्रम चलाने को कहा गया है। नागरिकों से भी अपने आसपास स्वच्छ वातावरण बनाए रखने और किसी भी संभावित संक्रमण की जानकारी संबंधित अधिकारियों को देने की अपील की गई है। विशेषज्ञों की राय जनस्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान व्यक्तिगत स्वच्छता, साफ पेयजल, मच्छरों से बचाव और समय पर चिकित्सा जांच जैसी सरल सावधानियां अपनाकर अधिकांश मौसमी बीमारियों के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। आगे की राह स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम के दौरान जारी आधिकारिक स्वास्थ्य परामर्श का पालन करें, किसी भी गंभीर लक्षण को नजरअंदाज न करें और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। स्रोत:स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण कार्यक्रम तथा संबंधित राज्य स्वास्थ्य विभागों द्वारा जारी सार्वजनिक स्वास्थ्य सलाह। मूल रिपोर्ट:4 जुलाई 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक स्वास्थ्य एडवाइजरी और सार्वजनिक स्वास्थ्य दिशा-निर्देशों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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