Samsung का बड़ा ऐलान! 27 अगस्त को Galaxy Event, Galaxy S26 FE से उठ सकता है पर्दा

नई दिल्ली: Samsung ने अपने अगले Galaxy Event की तारीख का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। कंपनी 27 अगस्त 2026 को एक ऑनलाइन लॉन्च इवेंट आयोजित करेगी, जिसमें Galaxy S26 सीरीज के “नए सदस्य” को पेश करने की घोषणा की गई है। Samsung ने अभी डिवाइस का नाम स्पष्ट नहीं किया है, लेकिन मौजूदा रिपोर्ट्स और लीक्स के आधार पर Galaxy S26 FE के लॉन्च की सबसे ज्यादा उम्मीद है। 27 अगस्त को होगा बड़ा Galaxy Event Samsung का यह इवेंट 27 अगस्त को शाम 5:30 बजे IST से लाइव होगा। कंपनी इसे अपनी आधिकारिक वेबसाइट और YouTube चैनल पर स्ट्रीम करेगी। Samsung ने अपने निमंत्रण में कहा है कि नया डिवाइस Galaxy S26 के कैमरा और AI अनुभवों को ज्यादा यूजर्स तक पहुंचाने के लिए डिजाइन किया गया है। Samsung की आधिकारिक Galaxy Event जानकारी Galaxy S26 FE पर क्यों है सबसे ज्यादा चर्चा? Samsung ने आधिकारिक तौर पर Galaxy S26 FE का नाम नहीं लिया है। हालांकि, पिछले कई महीनों से सामने आ रहे लीक्स और अब Galaxy S26 परिवार में नए मॉडल की घोषणा को देखते हुए S26 FE को इस इवेंट का सबसे संभावित डिवाइस माना जा रहा है। FE यानी Fan Edition सीरीज का मकसद आमतौर पर फ्लैगशिप Galaxy S सीरीज के प्रमुख फीचर्स को अपेक्षाकृत कम कीमत वाले फोन में उपलब्ध कराना होता है। 6.7-इंच डिस्प्ले और 120Hz स्क्रीन की उम्मीद लीक्स के मुताबिक Galaxy S26 FE में 6.7-इंच FHD+ AMOLED डिस्प्ले और 120Hz रिफ्रेश रेट मिल सकता है। फोन में एल्युमिनियम फ्रेम और IP68 रेटिंग भी मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, ये सभी स्पेसिफिकेशन अभी लीक्स और रिपोर्ट्स पर आधारित हैं। Samsung ने लॉन्च से पहले इनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। Exynos 2500 और 4,900mAh बैटरी की चर्चा रिपोर्ट्स के अनुसार Galaxy S26 FE में Samsung का Exynos 2500 प्रोसेसर दिया जा सकता है। फोन में 4,900mAh बैटरी और 45W वायर्ड चार्जिंग सपोर्ट की भी उम्मीद है। सॉफ्टवेयर के मामले में फोन के Android 17 आधारित One UI 9 के साथ आने और लंबे समय तक सॉफ्टवेयर अपडेट मिलने की संभावना है। कैमरा सेटअप भी हो सकता है दमदार लीक्स के मुताबिक Galaxy S26 FE में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप मिल सकता है। इसमें: शामिल होने की उम्मीद है। टेलीफोटो कैमरे में 3x ऑप्टिकल जूम और OIS मिलने की भी रिपोर्ट है। कीमत पर भी बढ़ी उत्सुकता Galaxy S26 FE की भारतीय कीमत अभी Samsung ने घोषित नहीं की है। कुछ रिपोर्ट्स में अमेरिकी बाजार के लिए करीब $799 की शुरुआती कीमत का अनुमान लगाया गया है, लेकिन इसे भारतीय कीमत मानना सही नहीं होगा। स्थानीय टैक्स, लॉन्च ऑफर और Samsung की भारत-विशिष्ट कीमत के कारण वास्तविक कीमत अलग हो सकती है। अगर कीमत उम्मीद से ज्यादा रहती है, तो S26 FE को प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट में कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है। 27 अगस्त को साफ होगी पूरी तस्वीर फिलहाल Samsung ने सिर्फ इतना आधिकारिक रूप से बताया है कि Galaxy S26 परिवार में एक नया सदस्य 27 अगस्त को पेश किया जाएगा। Galaxy S26 FE का नाम और उसके स्पेसिफिकेशन अभी आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आए हैं। अब भारतीय टेक यूजर्स की नजर 27 अगस्त, शाम 5:30 बजे होने वाले Galaxy Event पर है। अगर लीक्स सही साबित होते हैं, तो यह Samsung Galaxy S26 FE की आधिकारिक एंट्री हो सकती है। स्रोत: Samsung Newsroom, India Today, Samsung-focused reports Jai Rashtra News

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शेयर बाजार में जोरदार वापसी! Sensex 592 अंक चढ़ा, Nifty ने 24,200 का स्तर फिर हासिल किया

नई दिल्ली: लगातार कई कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार ने 20 अगस्त 2026 को जोरदार वापसी की। शुरुआती कारोबार में Sensex 592.55 अंक चढ़कर 77,504.80 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि Nifty 50 करीब 147 अंक बढ़कर 24,200 के ऊपर पहुंच गया। बाद में तेजी और मजबूत हुई और Sensex करीब 700 अंक तथा Nifty 24,265 के आसपास तक पहुंच गया। सात दिन की गिरावट पर लगा ब्रेक बाजार में यह तेजी खास तौर पर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि Nifty इससे पहले लगातार सात कारोबारी सत्रों में गिरावट दर्ज कर चुका था। 19 अगस्त को Nifty 24,078.30 और Sensex 76,909.68 पर बंद हुए थे। आज की तेजी ने निवेशकों को राहत दी और बाजार में फिर से खरीदारी का माहौल देखने को मिला। IT और बैंकिंग शेयरों में जोरदार खरीदारी आज की तेजी में IT और वित्तीय शेयर प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। शुरुआती कारोबार में IT इंडेक्स करीब 1.4% चढ़ा, जबकि वित्तीय शेयरों में भी मजबूती रही। व्यापक बाजार में भी Midcap और Smallcap इंडेक्स हरे निशान में रहे। इससे संकेत मिला कि निवेशक हालिया गिरावट के बाद चुनिंदा शेयरों में दोबारा खरीदारी कर रहे हैं। US Bond Yields में गिरावट से बाजार को सहारा आज की तेजी का एक बड़ा कारण अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी रहा। अमेरिका के Treasury Department ने लंबी अवधि के सरकारी बॉन्ड की buyback operations का आकार बढ़ाने की घोषणा की, जिससे वैश्विक बॉन्ड बाजार में sentiment बेहतर हुआ। US 10-year और 30-year Treasury yields में गिरावट ने emerging markets समेत जोखिम वाली परिसंपत्तियों के प्रति निवेशकों का रुझान बेहतर किया। Global Markets से भी मिले सकारात्मक संकेत भारतीय बाजार को एशियाई और अमेरिकी बाजारों से भी सकारात्मक संकेत मिले। वैश्विक बाजारों में sentiment सुधरने के बाद घरेलू निवेशकों ने भी खरीदारी बढ़ाई। Reuters के अनुसार आज Sensex करीब 0.66% और Nifty करीब 0.50% ऊपर खुला। Crude Oil और Iran तनाव पर नजर हालांकि बाजार की पूरी तस्वीर अभी भी जोखिम से मुक्त नहीं है। Iran-US तनाव और ऊंचे crude oil prices भारतीय बाजार के लिए बड़ी चिंता बने हुए हैं। पिछले दिनों Brent crude करीब $92 प्रति बैरल तक पहुंच गया था, जिससे inflation और भारत के import bill को लेकर चिंता बढ़ी थी। इसलिए आज की तेजी को फिलहाल strong rebound के रूप में देखा जा रहा है, न कि लंबी अवधि की तेजी की पक्की शुरुआत के रूप में। निवेशकों के लिए राहत, लेकिन सावधानी जरूरी आज की तेजी ने बाजार में भरोसा जरूर लौटाया है, लेकिन लगातार ऊंचे तेल दाम, वैश्विक बॉन्ड यील्ड और Middle East geopolitical tensions अभी भी बाजार की दिशा प्रभावित कर सकते हैं। अगर Nifty 24,200 के ऊपर मजबूती बनाए रखता है, तो बाजार में recovery का momentum आगे बढ़ सकता है। वहीं इस स्तर से नीचे फिसलने पर हालिया volatility दोबारा बढ़ सकती है। स्रोत: Reuters, Business Standard, Amar Ujala Jai Rashtra News

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ईरान के साथ कारोबार पर Trump की चेतावनी! भारत के एक्सपोर्ट और तेल कारोबार पर बढ़ सकती है मुश्किल

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के साथ आर्थिक संबंध रखने वाले देशों, कंपनियों और वित्तीय संस्थानों को कड़ी चेतावनी दी है। Trump ने ईरान के खिलाफ नए अभियान को “Economic D-Day” बताते हुए कहा कि जो भी देश Tehran को आर्थिक मदद या किसी तरह की “lifeline” देगा, उसे गंभीर आर्थिक परिणामों का सामना करना पड़ सकता है। भारत के लिए क्यों अहम है Trump की चेतावनी? भारत और ईरान के बीच व्यापार पिछले कुछ वर्षों में काफी कम हुआ है, लेकिन दोनों देशों के बीच अभी भी महत्वपूर्ण कारोबारी संबंध हैं। 2025-26 में भारत का ईरान को निर्यात करीब $1.25 बिलियन रहा, जबकि भारत ने ईरान से करीब $370 मिलियन का आयात किया। यानी भारत का ईरान के साथ लगभग $880 मिलियन का व्यापार अधिशेष रहा। Trump की नई चेतावनी ऐसे समय आई है जब अमेरिका ईरान की अर्थव्यवस्था और तेल कारोबार पर दबाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। यदि भविष्य में secondary sanctions या अन्य प्रतिबंधों का दायरा बढ़ता है, तो ईरान के साथ कारोबार करने वाली भारतीय कंपनियों के लिए भुगतान और लॉजिस्टिक्स मुश्किल हो सकते हैं। भारत ईरान को क्या-क्या भेजता है? भारत का ईरान को निर्यात केवल तेल से जुड़ा नहीं है। भारतीय कंपनियां ईरान को बासमती चावल, चाय, चीनी, फल, मसाले, अनाज और दवाइयां समेत कई उत्पाद भेजती हैं। ऐसे में अमेरिकी दबाव बढ़ने पर कृषि उत्पादों और फार्मास्यूटिकल्स से जुड़े निर्यातकों पर भी असर पड़ने की आशंका है। सबसे बड़ी चिंता भुगतान व्यवस्था और शिपिंग को लेकर है। यदि अमेरिकी प्रतिबंधों का enforcement और कड़ा होता है, तो भारतीय कारोबारियों को ईरानी खरीदारों से भुगतान प्राप्त करने और माल भेजने में अतिरिक्त मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। तेल कारोबार पर भी नजर ईरान से जुड़ा संकट भारत के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि Strait of Hormuz वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है। वहां जारी तनाव और समुद्री यातायात में व्यवधान के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। 19 अगस्त को Brent crude करीब $92 प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया था। भारत दुनिया के बड़े तेल आयातकों में शामिल है। इसलिए लंबे समय तक ऊंची crude prices रहने पर देश के import bill, पेट्रोल-डीजल की कीमतों और महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है। भारत के लिए एक राहत भी हालांकि, भारतीय निर्यातकों के लिए पूरी तस्वीर नकारात्मक नहीं है। वैश्विक सप्लाई में व्यवधान के बीच भारतीय रिफाइनरियां और ईंधन निर्यातक बढ़ी हुई मांग का फायदा भी उठा रहे हैं। Reuters के अनुसार भारतीय रिफाइनरियां वैश्विक तेल आपूर्ति में व्यवधान के बीच उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और एशियाई बाजारों में ईंधन की आपूर्ति बढ़ा रही हैं। इसके अलावा, भारत का ईरान के साथ मौजूदा व्यापार आकार देश की कुल अर्थव्यवस्था की तुलना में सीमित है। इसलिए तत्काल बड़ा झटका तय नहीं है, लेकिन तेल कीमतों और शिपिंग लागत में लगातार बढ़ोतरी भारत के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण जोखिम बन सकती है। Trump ने क्या कहा? Trump ने कहा है कि जो देश या संस्थाएं ईरान को वित्तीय या कारोबारी मदद उपलब्ध कराती हैं, उन्हें “TREMENDOUS Economic Consequences” का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने ईरानी तेल की कथित तस्करी, cash transfers, currency swaps, exchange houses, ship registries और front companies पर भी कार्रवाई की बात कही है। अभी Trump ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि भारत समेत किन देशों पर किस तरह की नई कार्रवाई होगी। इसलिए फिलहाल भारत के लिए संभावित जोखिम को लेकर चिंता है, लेकिन किसी तत्काल भारतीय व्यापार पर नए अमेरिकी प्रतिबंध की घोषणा नहीं हुई है। आगे क्या होगा? अमेरिका के अगले कदम और Strait of Hormuz की स्थिति भारत के लिए सबसे अहम फैक्टर होंगे। अगर तनाव लंबा चलता है और crude oil लगातार महंगा रहता है, तो भारत के आयात बिल और महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है। वहीं अमेरिकी प्रतिबंधों का दायरा बढ़ने पर ईरान के साथ व्यापार करने वाले भारतीय निर्यातकों को भी नई compliance और payment चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती तेल की कीमत, शिपिंग सुरक्षा और ईरान के साथ व्यापार को अमेरिकी प्रतिबंधों से अलग बनाए रखना होगी। स्रोत: Reuters, NDTV, Times of India, AP Jai Rashtra News

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कश्मीर पर अमेरिकी राजदूत का बड़ा बयान! J&K को बताया ‘भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा’, पाकिस्तान ने जताई कड़ी आपत्ति

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत, अमेरिका और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बुधवार को श्रीनगर दौरे के दौरान जम्मू-कश्मीर को “भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा” बताया। उनके इस बयान के बाद पाकिस्तान ने अमेरिकी राजनयिक को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया। पहली बार जम्मू-कश्मीर पहुंचे अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने जम्मू-कश्मीर के अपने पहले दौरे के दौरान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की। बैठक के बाद उन्होंने क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति में सुधार की सराहना की और कहा कि केंद्र तथा जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने सुरक्षा बेहतर करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। गोर ने जम्मू-कश्मीर की प्राकृतिक सुंदरता की भी तारीफ की और संकेत दिया कि अमेरिका क्षेत्र को लेकर अपनी मौजूदा ट्रैवल एडवाइजरी की समीक्षा कर सकता है, ताकि अधिक अमेरिकी पर्यटक यहां आ सकें। पाकिस्तान ने अमेरिकी राजनयिक को किया तलब अमेरिकी राजदूत के बयान पर पाकिस्तान ने कड़ा रुख अपनाया। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इस्लामाबाद में अमेरिकी चार्ज डी’अफेयर्स नताली बेकर को तलब कर विरोध दर्ज कराया। पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर को भारत का हिस्सा बताए जाने वाली टिप्पणी को खारिज करते हुए इसे “तथ्यात्मक रूप से गलत” बताया। इस्लामाबाद ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की अंतिम स्थिति को लेकर उसका अपना दावा है और उसने अमेरिकी राजदूत की टिप्पणी को स्वीकार करने से इनकार किया है। भारत-अमेरिका संबंधों के लिए क्यों अहम है बयान? सर्जियो गोर का बयान इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह ऐसे समय आया है जब अमेरिका भारत और पाकिस्तान दोनों के साथ संवेदनशील कूटनीतिक संबंधों को संभाल रहा है। जम्मू-कश्मीर लंबे समय से दोनों देशों के बीच विवाद का प्रमुख मुद्दा रहा है। हालांकि, एक राजदूत की टिप्पणी को पूरी अमेरिकी विदेश नीति में औपचारिक बदलाव मानना जल्दबाजी होगी। फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में गोर के बयान और ट्रैवल एडवाइजरी की समीक्षा की बात सामने आई है। कश्मीर में पर्यटन को लेकर भी बड़ा संकेत गोर ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति में सुधार का उल्लेख करते हुए अमेरिकी यात्रा चेतावनी को कम करने की संभावना जताई। यदि भविष्य में एडवाइजरी का स्तर बदला जाता है, तो इससे जम्मू-कश्मीर में विदेशी पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद की जा सकती है। पाकिस्तान की आपत्ति से बढ़ी कूटनीतिक हलचल अमेरिकी राजदूत की टिप्पणी और पाकिस्तान के विरोध ने जम्मू-कश्मीर को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है। भारत की ओर से जम्मू-कश्मीर को अपना अभिन्न हिस्सा बताया जाता रहा है, जबकि पाकिस्तान इस स्थिति को स्वीकार नहीं करता। फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अमेरिकी राजदूत ने श्रीनगर में J&K को भारत का “महत्वपूर्ण हिस्सा” बताया और इसके तुरंत बाद पाकिस्तान ने अमेरिकी राजनयिक को तलब कर विरोध दर्ज कराया। स्रोत: Indian Express, Hindustan Times, Reuters/BDNews24, Anadolu, Economic Times Jai Rashtra News

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भारत-पाकिस्तान हॉकी महामुकाबला खत्म! India ने Pakistan को 5-3 से हराकर Hockey World Cup के दूसरे दौर में बनाई जगह

अम्स्टेलवीन: भारत ने हॉकी विश्व कप 2026 के सबसे बहुप्रतीक्षित मुकाबलों में पाकिस्तान को 5-3 से हराकर टूर्नामेंट के दूसरे दौर में जगह बना ली। नीदरलैंड्स के अम्स्टेलवीन स्थित वागेनर स्टेडियम में खेले गए पूल-D के इस मुकाबले में भारतीय टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक हॉकी खेली। इस जीत के साथ भारत ने पूल-D में दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि पाकिस्तान का विश्व कप अभियान यहीं समाप्त हो गया। हरमनप्रीत और अभिषेक का शानदार प्रदर्शन भारत की जीत में कप्तान हरमनप्रीत सिंह और फॉरवर्ड अभिषेक सबसे बड़े सितारे रहे। दोनों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो-दो गोल किए। हरमनप्रीत ने 5वें और 21वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला। वहीं अभिषेक ने 11वें और 24वें मिनट में फील्ड गोल करके भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। हार्दिक सिंह ने बढ़ाई भारत की बढ़त भारत के लिए पांचवां गोल उपकप्तान हार्दिक सिंह ने किया। उन्होंने 35वें मिनट में मिले पेनल्टी स्ट्रोक को गोल में बदलकर भारत की बढ़त को 5-2 कर दिया। इसके बाद पाकिस्तान ने वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन भारतीय टीम ने आखिरी क्वार्टर में दबाव को संभालते हुए मुकाबला 5-3 से अपने नाम कर लिया। पाकिस्तान की वापसी की कोशिश नाकाम भारत ने शुरुआत में ही पाकिस्तान पर दबाव बनाते हुए बढ़त हासिल कर ली थी। पाकिस्तान ने हन्नान शाहिद और सुफयान खान के गोलों के जरिए मुकाबले में वापसी की कोशिश की, लेकिन भारतीय टीम ने महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी बढ़त बनाए रखी। पाकिस्तान को इस मुकाबले में हर हाल में जीत की जरूरत थी। हार के साथ उसका विश्व कप अभियान समाप्त हो गया। टीम टूर्नामेंट के पूल चरण में एक भी मैच नहीं जीत सकी। भारत दूसरे दौर में पहुंचा 5-3 की जीत के बाद भारत ने पूल-D में 6 अंकों के साथ दूसरा स्थान हासिल किया और दूसरे दौर यानी Pool E में जगह बनाई। इंग्लैंड 9 अंकों के साथ पूल में शीर्ष पर रहा। दूसरे दौर में भारत के सामने अब और भी कड़ी चुनौती होगी। मौजूदा विश्व चैंपियन नीदरलैंड्स भारत के Pool E में निश्चित प्रतिद्वंद्वी हैं, जबकि दूसरे प्रतिद्वंद्वी का निर्धारण अन्य मुकाबलों के परिणाम से होगा। जीत के बावजूद डिफेंस चिंता का विषय भारत ने मुकाबला जीत लिया, लेकिन पाकिस्तान के तीन गोल भारतीय टीम के लिए चिंता का कारण भी रहे। टीम ने शुरुआती मुकाबलों में भी कुछ रक्षात्मक कमजोरियां दिखाई थीं। अब दूसरे दौर में मजबूत टीमों के खिलाफ भारत को डिफेंस में सुधार करना होगा। टूर्नामेंट के अगले चरण में एक छोटी गलती भी टीम की सेमीफाइनल की राह मुश्किल कर सकती है। भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ अपनी शानदार बढ़त को बरकरार रखते हुए एक और यादगार जीत दर्ज की है। अब भारतीय टीम की नजर Hockey World Cup के सेमीफाइनल में जगह बनाने पर होगी। स्रोत: FIH, Olympics.com, NDTV Sports, PTI Jai Rashtra News

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PM CARES Fund: ₹8,452 करोड़ का फंड, FY25 में खर्च सिर्फ ₹87.85 लाख!

नई दिल्ली: PM CARES Fund एक बार फिर चर्चा में है। ताजा ऑडिट स्टेटमेंट के मुताबिक 31 मार्च 2025 तक फंड का कुल बैलेंस ₹8,452.06 करोड़ था, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में इससे सिर्फ ₹87.85 लाख के भुगतान दर्ज हुए। आंकड़े सामने आने के बाद फंड के इस्तेमाल को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। 93% रकम फिक्स्ड डिपॉजिट में ऑडिट आंकड़ों के अनुसार फंड की करीब ₹7,846.65 करोड़ राशि फिक्स्ड डिपॉजिट में थी, जबकि लगभग ₹605.41 करोड़ सेविंग बैंक खातों में रखे गए थे। यानी कुल बैलेंस का लगभग 93% हिस्सा फिक्स्ड डिपॉजिट में था। FY2024-25 में फिक्स्ड डिपॉजिट से करीब ₹469.38 करोड़ ब्याज भी मिला। ब्याज आय फंड की वित्तीय स्थिति मजबूत होने की प्रमुख वजहों में शामिल रही। ₹87.85 लाख में ज्यादातर रकम बच्चों की योजना पर वित्त वर्ष 2024-25 में PM CARES से कुल ₹87.85 लाख का भुगतान हुआ। इसमें लगभग पूरी राशि यानी ₹87.84 लाख PM CARES for Children Scheme के तहत खर्च हुई। पिछले वित्त वर्ष में कुल भुगतान करीब ₹15.6 करोड़ था। ₹8,452 करोड़ के क्लोजिंग बैलेंस की तुलना में FY25 का यह भुगतान करीब 0.01% है। हालांकि, यह सिर्फ एक वित्त वर्ष के भुगतान और उस वर्ष के अंत में मौजूद बैलेंस की तुलना है; इसे फंड की स्थापना से अब तक के कुल खर्च का प्रतिशत नहीं माना जाना चाहिए। फंड का बैलेंस एक साल में बढ़ा PM CARES का बैलेंस FY2023-24 में करीब ₹7,173 करोड़ था, जो मार्च 2025 तक बढ़कर ₹8,452 करोड़ से ज्यादा हो गया। इसी अवधि में घरेलू स्वैच्छिक योगदान करीब ₹479 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल यह करीब ₹682 करोड़ था। बैलेंस बढ़ने में ब्याज आय और अन्य वित्तीय मदों की भी अहम भूमिका रही। खर्च को लेकर राजनीतिक बहस तेज ताजा आंकड़े सार्वजनिक होने के बाद विपक्ष और अन्य आलोचकों ने सवाल उठाए हैं कि इतने बड़े फंड के मुकाबले FY25 में खर्च इतनी कम क्यों रही। कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने भी ₹87.85 लाख के खर्च और फिक्स्ड डिपॉजिट में रखी बड़ी राशि को लेकर सवाल उठाए हैं। वहीं, फंड के समर्थक पक्ष से यह तर्क सामने आया है कि PM CARES का उद्देश्य आपात स्थितियों के लिए वित्तीय संसाधन उपलब्ध रखना है और किसी एक वित्त वर्ष में कम खर्च होना अपने आप में वित्तीय अनियमितता साबित नहीं करता। PM CARES Fund क्या है? Prime Minister’s Citizen Assistance and Relief in Emergency Situations (PM CARES) Fund की स्थापना मार्च 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान की गई थी। यह एक सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट के रूप में काम करता है और इसका उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में सहायता प्रदान करना है। ताजा ऑडिट आंकड़ों ने एक बार फिर फंड के बड़े कॉर्पस, कम वार्षिक भुगतान और निवेश पैटर्न को राष्ट्रीय बहस के केंद्र में ला दिया है। स्रोत: PM CARES Fund Audit Statement, India Today, PTI, Tribune India Jai Rashtra News

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BWF World Championships में आज भारत के बड़े मुकाबले! Sindhu, Lakshya Sen और Satwik-Chirag पर नजर

नई दिल्ली: भारत में चल रही BWF World Championships 2026 के तीसरे दिन बुधवार, 19 अगस्त को भारतीय बैडमिंटन सितारों पर सभी की नजरें टिकी हैं। दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में पीवी सिंधु, लक्ष्य सेन, आयुष शेट्टी और अन्य भारतीय खिलाड़ी अपने-अपने मुकाबलों में उतर रहे हैं। वहीं स्टार पुरुष डबल्स जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी बिना कोर्ट पर उतरे ही प्री-क्वार्टरफाइनल में पहुंच गई है। लक्ष्य सेन की नजर अगले दौर पर लक्ष्य सेन आज पुरुष सिंगल्स के राउंड ऑफ 32 मुकाबले में अमेरिका के Garret Tan के खिलाफ उतरेंगे। लक्ष्य ने दूसरे दौर में ऑस्ट्रिया के Collins Filimon के खिलाफ पहला गेम गंवाने के बाद शानदार वापसी करते हुए मुकाबला 16-21, 21-8, 21-4 से जीता था। अब उनकी कोशिश इसी लय को आगे बढ़ाने की होगी। पीवी सिंधु के सामने कनाडा की चुनौती दो बार की ओलंपिक पदक विजेता और नौवीं वरीयता प्राप्त पीवी सिंधु महिला सिंगल्स के राउंड ऑफ 32 में कनाडा की Wen Yu Zhang से भिड़ेंगी। घरेलू दर्शकों के सामने खेल रही सिंधु से भारतीय प्रशंसकों को एक मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद है। सिंधु इस विश्व चैंपियनशिप में भारत की सबसे अनुभवी पदक दावेदारों में शामिल हैं। उन्होंने इससे पहले विश्व चैंपियनशिप में शानदार रिकॉर्ड बनाया है और इस बार घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाने की कोशिश करेंगी। Satwik-Chirag को मिला बड़ा फायदा भारत की पांचवीं वरीयता प्राप्त पुरुष डबल्स जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी को राउंड ऑफ 32 में वॉकओवर मिला। स्कॉटलैंड के Alexander Dunn और Adam Pringle की जोड़ी के हटने के बाद भारतीय जोड़ी सीधे राउंड ऑफ 16 में पहुंच गई। इसका मतलब है कि सात्विक-चिराग को शुरुआती मुकाबले में कोर्ट पर पसीना बहाने की जरूरत नहीं पड़ी। अब उनकी नजर सीधे प्री-क्वार्टरफाइनल मुकाबले पर होगी। भारत की मजबूत मौजूदगी भारत के लिए आज सिर्फ सिंधु और लक्ष्य ही नहीं, बल्कि आयुष शेट्टी, उन्नति हुड्डा और अन्य भारतीय जोड़ियां भी अहम मुकाबलों में उतर रही हैं। लक्ष्य के बाद आयुष शेट्टी का मुकाबला श्रीलंका के Dumindu Abeywickrama से होगा, जबकि उन्नति हुड्डा कनाडा की 13वीं वरीयता प्राप्त Michelle Li का सामना करेंगी। मिश्रित युगल में तनिषा क्रास्टो और ध्रुव कपिला ने भी दिन की शुरुआत जीत के साथ की। भारतीय जोड़ी ने मकाऊ की Leong Iok Chong और Ng Weng Chi को लगातार दो गेम में 21-11, 21-11 से हराकर प्री-क्वार्टरफाइनल में जगह बनाई। घर में विश्व चैंपियनशिप, बढ़ी उम्मीदें BWF World Championships 17 साल बाद भारत लौटी है और नई दिल्ली में हो रही इस प्रतियोगिता को लेकर भारतीय खिलाड़ियों पर उम्मीदों का दबाव भी है। सिंधु, लक्ष्य और सात्विक-चिराग भारत की प्रमुख पदक उम्मीदों में शामिल हैं। आज का दिन भारतीय बैडमिंटन के लिए बेहद अहम है। लक्ष्य सेन और पीवी सिंधु के सामने सीधे मुकाबले की चुनौती है, जबकि सात्विक-चिराग पहले ही अगले दौर में पहुंच चुके हैं। घरेलू दर्शकों की मौजूदगी में भारतीय शटलरों से अब जीत की उम्मीदें और बढ़ गई हैं। स्रोत: BWF, Business Standard, Times of India, PTI Jai Rashtra News

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केरल, तमिलनाडु और लक्षद्वीप में हाई-वेव अलर्ट! समुद्री लहरों को लेकर 48 घंटे की चेतावनी

तिरुवनंतपुरम: केरल, दक्षिणी तमिलनाडु और लक्षद्वीप के तटीय इलाकों के लिए समुद्र की ऊंची लहरों को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया गया है। INCOIS ने 19 और 20 अगस्त 2026 के लिए Swell Surge Warning जारी करते हुए तटीय और निचले इलाकों में समुद्री पानी के अचानक बढ़ने की चेतावनी दी है।  48 घंटे तक बना रहेगा खतरा INCOIS के मुताबिक दक्षिणी हिंद महासागर से आने वाली लंबी अवधि की तेज समुद्री लहरें केरल और दक्षिणी तमिलनाडु के तट तक पहुंच चुकी हैं। इनका असर 19 अगस्त की शाम से 20 अगस्त की शाम तक बने रहने की संभावना है।  इन लहरों के कारण निचले तटीय इलाकों में समुद्री पानी घुसने और स्थानीय स्तर पर जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है। खासतौर पर हाई टाइड के दौरान खतरा बढ़ने की आशंका जताई गई है।  मछुआरों और तटीय लोगों को सावधानी की सलाह अलर्ट वाले इलाकों में रहने वाले मछुआरों और तटीय आबादी को समुद्र की स्थिति पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है। INCOIS ने छोटे नावों को तट के बेहद करीब नहीं चलाने और नावों को सुरक्षित दूरी पर एंकर करने की सलाह दी है।  समुद्र तटों और नजदीकी समुद्री क्षेत्रों में पर्यटन एवं मनोरंजक गतिविधियों को अस्थायी रूप से रोकने की सलाह भी दी गई है।  किन इलाकों में ज्यादा सतर्कता? केरल के सभी तटीय जिलों में विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। दक्षिणी तमिलनाडु के कन्याकुमारी, तिरुनेलवेली, तूतीकोरिन और रामनाथपुरम जैसे तटीय क्षेत्रों में भी हाई-वेव और Swell Surge का खतरा बताया गया है। लक्षद्वीप के तटीय इलाकों को भी चेतावनी के दायरे में रखा गया है।  समुद्र से दूर रहने की अपील प्रशासन और समुद्री एजेंसियों ने लोगों से अपील की है कि चेतावनी की अवधि में समुद्र के किनारे अनावश्यक रूप से जाने से बचें। खासकर निचले तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को अचानक समुद्री पानी बढ़ने की स्थिति में सतर्क रहने की सलाह दी गई है। फिलहाल 19 से 20 अगस्त तक का यह समुद्री अलर्ट तटीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। लोगों को स्थानीय प्रशासन और आधिकारिक समुद्री चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है। स्रोत: INCOIS, PTI, Indian Express, Onmanorama Jai Rashtra News

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सुप्रीम कोर्ट का बड़ा कदम! प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई की जांच के लिए हाई-पावर पैनल की तैयारी

नई दिल्ली: संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प तथा कथित पुलिस ज्यादती के आरोपों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार, 19 अगस्त 2026 को मामले की जांच के लिए हाई-पावर कमेटी गठित करने की तैयारी की है। इस पैनल की अगुवाई सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश करेंगे। रिटायर्ड SC जज करेंगे कमेटी की अगुवाई प्रस्तावित कमेटी में एक सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट जज के अलावा पूर्व हाई कोर्ट मुख्य न्यायाधीश और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को शामिल किया जाएगा। कोर्ट का उद्देश्य 20 जुलाई को हुए संसद मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर सामने आए आरोपों और पुलिस की ओर से लगाए गए जवाबी आरोपों की निष्पक्ष जांच कराना है। पुलिस कार्रवाई पर उठे थे गंभीर सवाल 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद की ओर निकले प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर कई गंभीर आरोप सामने आए थे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर अत्यधिक बल प्रयोग, लाठीचार्ज और अन्य कार्रवाई के आरोप लगाए थे। वहीं, दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में अपने जवाब में इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उसने “maximum restraint” बरता और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए केवल आवश्यक बल का इस्तेमाल किया। पुलिस ने यह भी कहा कि प्रदर्शन के दौरान उसके 240 से अधिक जवान घायल हुए। पैनल तय करेगा क्या हुआ था? सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित होने वाली कमेटी प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं की तथ्यात्मक जांच करेगी। उपलब्ध वीडियो फुटेज, CCTV रिकॉर्डिंग और अन्य सामग्री को भी जांच का हिस्सा बनाए जाने की संभावना है। अदालत ने पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर हुए कथित हमलों को भी जांच के दायरे में रखने के संकेत दिए हैं। शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार पर कोर्ट का जोर सुप्रीम कोर्ट पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन संविधान के तहत संरक्षित अधिकार है। अदालत ने यह भी कहा है कि केवल प्रदर्शन होने के कारण पुलिस अत्यधिक बल का इस्तेमाल नहीं कर सकती और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संतुलित प्रक्रिया जरूरी है। FIR पर भी सुप्रीम कोर्ट की नजर मामले में प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR भी सुप्रीम कोर्ट के सामने हैं। अदालत ने संकेत दिया है कि जिन मामलों में विवाद या गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं है, उनमें FIR खत्म करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी शक्तियों के इस्तेमाल पर विचार किया जा सकता है। अब सभी की नजर सुप्रीम कोर्ट के औपचारिक आदेश और हाई-पावर कमेटी के गठन पर है। जांच के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों की ओर से क्या-क्या हुआ और क्या कहीं तय नियमों से अधिक बल का इस्तेमाल किया गया। स्रोत: Supreme Court proceedings, Times of India, Indian Express, PTI Jai Rashtra News

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Shiprocket की धमाकेदार Stock Market Entry! IPO से 35% प्रीमियम पर ₹131 में लिस्ट हुए शेयर

नई दिल्ली: ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म Shiprocket ने बुधवार, 19 अगस्त 2026 को शेयर बाजार में शानदार शुरुआत की। कंपनी के शेयर NSE पर ₹131 पर लिस्ट हुए, जो ₹97 के IPO इश्यू प्राइस से 35.05% ज्यादा है। वहीं BSE पर शेयर ₹129.50 पर सूचीबद्ध हुए, यानी यहां भी निवेशकों को करीब 33.5% का लिस्टिंग गेन मिला। IPO को मिला जबरदस्त रिस्पॉन्स Shiprocket का ₹1,617.48 करोड़ का IPO निवेशकों के बीच बेहद लोकप्रिय रहा। इश्यू को करीब 99.38 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का हिस्सा 122.80 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों का हिस्सा 88.99 गुना और रिटेल निवेशकों का हिस्सा 46.42 गुना सब्सक्राइब हुआ। IPO निवेशकों को कितना फायदा? Shiprocket IPO में एक लॉट में 154 शेयर थे। ₹97 के इश्यू प्राइस पर एक लॉट के लिए निवेश ₹14,938 बैठता था। NSE पर ₹131 की लिस्टिंग के बाद यही लॉट ₹20,174 का हो गया। यानी जिन निवेशकों को एक लॉट का अलॉटमेंट मिला, उन्हें लिस्टिंग के समय करीब ₹5,236 का फायदा हुआ। ₹1,617 करोड़ जुटाने का क्या होगा इस्तेमाल? IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कंपनी अपने कारोबार के विस्तार, मार्केटिंग और टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में करेगी। कंपनी की योजना का एक हिस्सा कर्ज चुकाने, संभावित अधिग्रहण और सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए भी रकम इस्तेमाल करने की है। लिस्टिंग के बाद शेयर में और तेजी शानदार लिस्टिंग के बाद Shiprocket के शेयरों में शुरुआती कारोबार में और तेजी देखने को मिली। रिपोर्टों के मुताबिक शेयर ने दिन के कारोबार में ₹144 का स्तर भी छुआ। इससे IPO इश्यू प्राइस के मुकाबले निवेशकों का लाभ और बढ़ गया। हालांकि, मजबूत लिस्टिंग के बाद शेयर में उतार-चढ़ाव भी देखने को मिल सकता है। बाजार विशेषज्ञों की नजर अब कंपनी की कमाई, मार्जिन, कैश फ्लो और भविष्य में कारोबार बढ़ाने की क्षमता पर रहेगी। Shiprocket की यह शानदार शुरुआत ऐसे समय में हुई है जब भारत में ई-कॉमर्स, D2C और तेज डिलीवरी सेवाओं का बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है। कंपनी के लिए अब असली चुनौती इस मजबूत बाजार भरोसे को लंबे समय तक बनाए रखने की होगी। स्रोत: Reuters, Business Standard, IIFL, Mint Jai Rashtra News

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