ED का बड़ा एक्शन! आजम खान के ट्रस्ट और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े 10 ठिकानों पर छापेमारी

नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार, 19 अगस्त 2026 को समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ा एक्शन लिया। एजेंसी ने उत्तर प्रदेश के रामपुर और सहारनपुर के अलावा दिल्ली में करीब 10 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई में आजम खान से जुड़े मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के परिसर भी शामिल हैं। PMLA के तहत चल रही जांच ED की यह कार्रवाई Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के तहत दर्ज मामले की जांच का हिस्सा है। अधिकारियों के अनुसार, जांच का मुख्य फोकस कथित तौर पर सरकारी ठेकों से जुड़े धन के डायवर्जन और उसके बाद उस रकम के इस्तेमाल पर है। एजेंसी वित्तीय रिकॉर्ड, दस्तावेज और डिजिटल सबूत जुटाने की कोशिश कर रही है। सरकारी ठेकों की रकम के इस्तेमाल की जांच जांच एजेंसी को कथित तौर पर कुछ ऐसे वित्तीय लेनदेन मिले हैं, जिनमें सरकारी ठेके हासिल करने वाले कुछ निजी ठेकेदारों से ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी से जुड़े संस्थानों तक धन पहुंचने की आशंका जताई गई है। ED यह जांच कर रही है कि कथित तौर पर डायवर्ट किए गए सरकारी ठेकों के फंड का इस्तेमाल यूनिवर्सिटी और ट्रस्ट से जुड़ी संपत्तियों के निर्माण तथा अन्य गतिविधियों में किया गया या नहीं। हालांकि, इन आरोपों की जांच अभी जारी है और तलाशी से मिले दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी भी जांच के घेरे में रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की स्थापना आजम खान ने 2006 में की थी। यूनिवर्सिटी पहले से ही जमीन, निर्माण और वित्तीय मामलों से जुड़े विवादों के कारण चर्चा में रही है। ED की ताजा कार्रवाई ने इस संस्थान को लेकर चल रही कानूनी और राजनीतिक बहस को फिर तेज कर दिया है। यूनिवर्सिटी के कई भवनों को लेकर भी अलग विवाद चल रहा है। रामपुर विकास प्राधिकरण ने यूनिवर्सिटी की 40 में से 38 इमारतों पर आवश्यक मंजूरियों के बिना निर्माण का आरोप लगाया था। प्रस्तावित कार्रवाई पर फिलहाल न्यायिक प्रक्रिया के कारण रोक लगी हुई है। राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज ED की छापेमारी के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। समाजवादी पार्टी ने कार्रवाई को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है, जबकि उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने ED की जांच का बचाव करते हुए कहा कि अगर किसी तरह की गड़बड़ी सामने आती है तो उसके आधार पर कार्रवाई होगी। फिलहाल ED की टीमें दस्तावेजों और अन्य डिजिटल एवं वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं। छापेमारी में क्या-क्या बरामद हुआ और जांच आगे किस दिशा में बढ़ेगी, इसकी विस्तृत जानकारी एजेंसी की कार्रवाई पूरी होने के बाद सामने आने की उम्मीद है। स्रोत: Enforcement Directorate, Indian Express, The New Indian Express, Times of India Jai Rashtra News

आगे और पढ़ें

India-Pakistan Hockey Clash आज! विश्व कप में महामुकाबले से पहले दोनों टीमों पर बढ़ा दबाव

अम्स्टेलवीन: हॉकी विश्व कप 2026 में आज भारत और पाकिस्तान के बीच हाई-वोल्टेज मुकाबला होने जा रहा है। दोनों चिर-प्रतिद्वंद्वी 19 अगस्त को पूल डी के अहम मुकाबले में आमने-सामने होंगे। मैच भारतीय समयानुसार शाम 6:30 बजे शुरू होगा और इसके साथ ही दोनों टीमों के लिए अगले दौर में पहुंचने की तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी। भारत के लिए ड्रॉ भी काफी भारत ने टूर्नामेंट की शुरुआत वेल्स के खिलाफ 3-1 की जीत से की थी, लेकिन इसके बाद इंग्लैंड के हाथों उसे 2-4 की हार झेलनी पड़ी। दो मैचों से भारत के खाते में तीन अंक हैं। ऐसे में पाकिस्तान के खिलाफ कम से कम ड्रॉ भारत को अगले दौर में पहुंचाने के लिए पर्याप्त होगा। हालांकि भारतीय टीम सिर्फ ड्रॉ के भरोसे नहीं रहना चाहेगी। इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे हाफ में तीन गोल गंवाने के बाद टीम के डिफेंस और पेनल्टी कॉर्नर कन्वर्जन पर सवाल उठे हैं। कोच क्रेग फुल्टन के लिए इन कमजोरियों को दूर करना बड़ी चुनौती होगी। पाकिस्तान के लिए ‘करो या मरो’ मुकाबला पाकिस्तान के लिए स्थिति और भी मुश्किल है। टीम के पास दो मैचों से सिर्फ एक अंक है। इंग्लैंड से हारने के बाद पाकिस्तान ने वेल्स के खिलाफ 3-3 से ड्रॉ खेला। अब भारत को हराना उसके लिए अगले दौर में पहुंचने की उम्मीद बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है। यानी भारत के पास जहां ड्रॉ का विकल्प मौजूद है, वहीं पाकिस्तान को जीत की जरूरत है। यही समीकरण इस मुकाबले को और ज्यादा रोमांचक बना रहा है। भारत का हालिया रिकॉर्ड पाकिस्तान पर भारी हाल के मुकाबलों में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ अपना दबदबा कायम रखा है। इस साल एफआईएच प्रो लीग में भारत ने पाकिस्तान को लगातार दो मुकाबलों में हराया था—पहले 4-3 और फिर 7-1 से। पाकिस्तान की आखिरी जीत भारत के खिलाफ 2016 चैंपियंस ट्रॉफी में आई थी। हालांकि विश्व कप जैसे बड़े मंच पर पुराने रिकॉर्ड हमेशा निर्णायक नहीं होते। भारत के अनुभवी खिलाड़ी और कप्तान हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई में टीम इस मुकाबले को पूरी गंभीरता से लेना चाहेगी। मुकाबले पर पूरी दुनिया की नजर भारत-पाकिस्तान की हॉकी प्रतिद्वंद्विता का इतिहास काफी पुराना है और विश्व कप में दोनों टीमें कई बार आमने-सामने आ चुकी हैं। इस बार मुकाबले का महत्व सिर्फ प्रतिष्ठा तक सीमित नहीं है—अगले दौर में पहुंचने का सवाल भी दांव पर है। मुकाबला नीदरलैंड्स के वागेनर स्टेडियम, अम्स्टेलवीन में खेला जाएगा। भारतीय समय के अनुसार मैच शाम 6:30 बजे शुरू होगा। भारत जीत के साथ अपनी जगह पक्की करना चाहेगा, जबकि पाकिस्तान के सामने विश्व कप अभियान बचाने की चुनौती होगी। ऐसे में आज का यह मुकाबला हॉकी विश्व कप 2026 के सबसे बड़े और सबसे ज्यादा दबाव वाले मुकाबलों में से एक बनने जा रहा है। स्रोत: Hockey India, FIH, Olympics.com, India Today Jai Rashtra News

आगे और पढ़ें

भारत की बड़ी जीत! श्रीलंका को 165 रन से हराकर India ने Galle Test में मारी बाजी

गाले: भारतीय क्रिकेट टीम ने श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में शानदार प्रदर्शन करते हुए मेजबान टीम को 165 रन से हरा दिया। गाले इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए मुकाबले के पांचवें दिन भारत ने श्रीलंका की दूसरी पारी को 206 रन पर समेट दिया और दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। मानव सुथार बने जीत के हीरो भारत की इस शानदार जीत के सबसे बड़े नायक युवा बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार रहे। अपने सिर्फ दूसरे टेस्ट मैच में सुथार ने दूसरी पारी में 6 विकेट लेकर श्रीलंकाई बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। उन्होंने 23.4 ओवर में 55 रन देकर 6 विकेट हासिल किए। पूरे मैच में सुथार के नाम 10 विकेट रहे, जो उनके टेस्ट करियर का पहला 10 विकेट हॉल है। श्रीलंका के सामने 372 रन का लक्ष्य भारत ने श्रीलंका के सामने जीत के लिए 372 रन का लक्ष्य रखा था। मेजबान टीम ने पांचवें दिन लक्ष्य का पीछा करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने लगातार दबाव बनाए रखा। श्रीलंका की पूरी टीम 77.4 ओवर में 206 रन पर ऑलआउट हो गई। सोनल दिनुषा ने 84 रन और धनंजया डी सिल्वा ने 59 रन बनाकर संघर्ष किया, लेकिन वे टीम को जीत तक नहीं पहुंचा सके। देवदत्त पडिक्कल की शानदार पारी भी रही अहम भारत की जीत की नींव बल्लेबाजों ने पहले ही रख दी थी। देवदत्त पडिक्कल ने पहली पारी में शानदार 167 रन बनाए, जबकि केएल राहुल ने 82 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। पडिक्कल के शानदार प्रदर्शन के साथ भारतीय गेंदबाजों ने भी मैच पर अपनी पकड़ बनाए रखी और श्रीलंका को लगातार दबाव में रखा। भारत ने सीरीज में बनाई 1-0 की बढ़त इस जीत के साथ शुभमन गिल की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने दो मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है। यह मुकाबला भारत का 600वां टेस्ट मैच भी था, जिससे इस जीत की अहमियत और बढ़ गई। भारत को इस जीत से वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के 12 महत्वपूर्ण अंक भी मिले हैं। अब दोनों टीमों की नजरें सीरीज के दूसरे और आखिरी टेस्ट पर होंगी। गाले में मिली इस जीत से भारतीय टीम का आत्मविश्वास काफी बढ़ा है और श्रीलंका के सामने सीरीज बराबर करने की चुनौती होगी। स्रोत: AP, ESPNcricinfo, Reuters Jai Rashtra News

आगे और पढ़ें

TRE-4 शिक्षक भर्ती का नोटिफिकेशन जारी, बिहार में 32,388 शिक्षक पदों पर भर्ती का रास्ता साफ!

पटना: बिहार के लाखों शिक्षक अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने शिक्षक भर्ती परीक्षा के चौथे चरण यानी TRE-4.0 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती अभियान के तहत बिहार के शिक्षा विभाग में कुल 32,388 शिक्षक पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। 1 सितंबर से शुरू होंगे आवेदन BPSC के मुताबिक TRE-4.0 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 1 सितंबर 2026 से शुरू होगी। अभ्यर्थी 30 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तारीख 29 सितंबर निर्धारित की गई है। भर्ती का विस्तृत नोटिफिकेशन विज्ञापन संख्या 14/2026 के तहत जारी किया गया है। इसमें अलग-अलग शिक्षक पदों के लिए योग्यता, आयु सीमा, आरक्षण और आवेदन से जुड़ी शर्तों की जानकारी दी गई है। कक्षा 1 से 12 तक शिक्षकों की भर्ती TRE-4.0 के तहत प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक शिक्षकों के पद शामिल हैं। यानी कक्षा 1 से 12 तक पढ़ाने के इच्छुक योग्य अभ्यर्थियों के लिए सरकारी शिक्षक बनने का बड़ा अवसर सामने आया है। परीक्षा में इस बार होंगे बड़े बदलाव TRE-4.0 में परीक्षा पैटर्न को लेकर भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। पहली बार प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग का प्रावधान लागू किया गया है। गलत उत्तर देने पर अंक काटे जाएंगे। इसके अलावा प्रश्नपत्र में पांचवां विकल्प भी दिया जाएगा, जिसे उत्तर नहीं देने की स्थिति में चुनना होगा। अभ्यर्थियों के लिए बड़ा मौका 32,388 पदों पर होने वाली यह भर्ती बिहार में सरकारी शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ा अवसर है। हालांकि, पदों की तुलना में अभ्यर्थियों की संख्या काफी अधिक होने की संभावना है, इसलिए प्रतियोगिता कड़ी रहने वाली है। रिपोर्टों के अनुसार TRE-4 को लेकर अभ्यर्थियों में लंबे समय से इंतजार और असंतोष भी बना हुआ था। BPSC ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि आवेदन शुरू होने से पहले आधिकारिक नोटिफिकेशन में अपनी पात्रता, विषय और पद से जुड़ी शर्तों को ध्यान से जांच लें। आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के बाद उम्मीदवार निर्धारित समय सीमा के भीतर फॉर्म भर सकते हैं। TRE-4.0 नोटिफिकेशन जारी होने के साथ ही बिहार में 32,388 शिक्षकों की भर्ती का इंतजार खत्म हो गया है। अब लाखों अभ्यर्थियों की नजर आवेदन प्रक्रिया और परीक्षा की आगे की तैयारियों पर है। स्रोत: BPSC, NDTV, Times of India Jai Rashtra News

आगे और पढ़ें

संसद मार्च पर दिल्ली पुलिस का सुप्रीम कोर्ट में बड़ा बयान, कहा- हालात बिगड़ने पर किया गया बल प्रयोग

नई दिल्ली: 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद की ओर निकाले गए मार्च को लेकर दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखा है। पुलिस ने अदालत में कहा कि मार्च की अनुमति नहीं दी गई थी और प्रदर्शन के दौरान हालात बिगड़ने के बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक बल का इस्तेमाल किया गया। दिल्ली पुलिस ने अत्यधिक बल के आरोपों को नकारा सुप्रीम कोर्ट में दिए गए अपने जवाब में दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर अत्यधिक बल प्रयोग के आरोपों से इनकार किया। पुलिस का कहना है कि अधिकारियों ने “maximum restraint” बरता और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए केवल आवश्यक न्यूनतम बल का इस्तेमाल किया गया। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग शामिल थे और स्थिति बिगड़ने के बाद भीड़ को नियंत्रित करना जरूरी हो गया था। दिल्ली पुलिस ने यह भी दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान उसके 240 से अधिक जवान घायल हुए। ‘मार्च की अनुमति नहीं थी’ दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया कि संसद की ओर जाने वाले इस मार्च को अनुमति नहीं दी गई थी। इससे पहले भी पुलिस ने स्पष्ट किया था कि नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू थे और बिना अनुमति मार्च या सभा की इजाजत नहीं थी। पुलिस ने यह भी कहा कि प्रदर्शन में कुछ असामाजिक तत्वों और आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों के शामिल होने के बाद हालात और बिगड़े। इसी आधार पर पुलिस ने अपने बल प्रयोग को उचित ठहराया है। सुप्रीम कोर्ट बनाएगा हाई-पावर कमेटी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच के लिए हाई-पावर कमेटी बनाने का फैसला किया है। कमेटी में सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट जज, पूर्व हाई कोर्ट चीफ जस्टिस और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल किए जा सकते हैं। कमेटी पुलिस कार्रवाई, प्रदर्शनकारियों की भूमिका और कथित पैलेट गन के इस्तेमाल जैसे आरोपों की भी जांच करेगी। अदालत के सामने उपलब्ध वीडियो फुटेज, CCTV और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड भी जांच का हिस्सा बन सकते हैं। अब जांच से तय होगी जिम्मेदारी संसद मार्च को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के दावों में बड़ा अंतर सामने आया है। दिल्ली पुलिस अपने बल प्रयोग को कानून-व्यवस्था की स्थिति से जोड़ रही है, जबकि प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। अब सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित होने वाली कमेटी की जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि 20 जुलाई को हुई कार्रवाई में किस पक्ष की क्या भूमिका थी और क्या पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के दौरान तय नियमों के अनुरूप बल का इस्तेमाल किया। स्रोत: Supreme Court proceedings, Times of India, Economic Times Jai Rashtra News

आगे और पढ़ें

ईरान-अमेरिका तनाव फिर बढ़ा! शांति वार्ता अटकने के बीच ईरान के ‘पूरी तरह आक्रामक’ रुख की रिपोर्ट

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच स्थायी शांति समझौते को लेकर चल रही बातचीत के अटकने के बीच ईरान ने अपना सैन्य रुख और ज्यादा आक्रामक करने के संकेत दिए हैं। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने Reuters को बताया कि बातचीत रुकने के बाद ईरान ‘पूरी तरह आक्रामक’ सैन्य स्थिति अपना सकता है। सबसे ज्यादा चिंता रणनीतिक हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर है। यह मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और यहां तनाव बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर सीधा असर पड़ सकता है। अमेरिका-ईरान वार्ता में इस जलमार्ग को दोबारा सामान्य रूप से खोलने का मुद्दा भी प्रमुख बना हुआ है। तनाव के बीच अमेरिका की ओर से भी सख्त रुख सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मौजूदा समझौते को आगे बढ़ाने में रुचि नहीं दिखाई है। वहीं, ईरान ने संकेत दिया है कि अगर कूटनीतिक प्रयास विफल होते हैं तो वह सैन्य कार्रवाई को और तेज कर सकता है। इस घटनाक्रम का असर वैश्विक तेल बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। मंगलवार को ब्रेंट क्रूड करीब 91.22 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जबकि WTI भी 85 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर कारोबार करता नजर आया। हॉर्मुज में संभावित आपूर्ति बाधित होने की आशंका तेल की कीमतों में तेजी की बड़ी वजह बनी हुई है। तनाव के बीच हॉर्मुज जलडमरूमध्य में एक जहाज को अज्ञात प्रोजेक्टाइल से नुकसान पहुंचने की भी रिपोर्ट सामने आई है। घटना में चालक दल का एक सदस्य घायल हुआ, जिससे क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जल्द पटरी पर नहीं लौटती है तो इसका असर केवल पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहेगा। कच्चे तेल की कीमतों में और तेजी, वैश्विक महंगाई और शेयर बाजारों में बढ़ी अस्थिरता देखने को मिल सकती है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर है। कूटनीतिक समाधान निकलता है या तनाव सैन्य टकराव की ओर बढ़ता है, आने वाले दिनों में यह स्थिति वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। स्रोत: Reuters Jai Rashtra News

आगे और पढ़ें

भारत की हॉकी टीम पर बढ़ा दबाव! England से 2-4 की हार के बाद Pakistan के खिलाफ मुकाबला बेहद अहम

एफआईएच पुरुष हॉकी विश्व कप 2026 में भारतीय हॉकी टीम को इंग्लैंड के खिलाफ 2-4 से हार का सामना करना पड़ा। सोमवार को अम्स्टेलवीन में खेले गए पूल डी के मुकाबले में भारत ने पहले हाफ में 2-1 की बढ़त बना ली थी, लेकिन दूसरे हाफ में इंग्लैंड ने शानदार वापसी करते हुए लगातार तीन गोल दाग दिए। भारत के लिए कप्तान हरमनप्रीत सिंह और दिलप्रीत सिंह ने गोल किए। एक समय भारतीय टीम मजबूत स्थिति में नजर आ रही थी, लेकिन दूसरे हाफ में रक्षात्मक गलतियों का खामियाजा भुगतना पड़ा और इंग्लैंड ने मुकाबला अपने नाम कर लिया। इंग्लैंड के खिलाफ हार के बाद भारत की नजरें अब पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले बेहद अहम मुकाबले पर टिक गई हैं। यह मैच 19 अगस्त को खेला जाएगा और पूल डी में दोनों टीमों के लिए इसका परिणाम काफी महत्वपूर्ण होगा। भारत ने अपने अभियान की शुरुआत वेल्स के खिलाफ 3-1 की जीत के साथ की थी। इंग्लैंड से हार के बाद भारत के खाते में दो मैचों से तीन अंक हैं, जबकि इंग्लैंड दोनों मैच जीतकर अगले दौर में अपनी जगह पक्की कर चुका है। पाकिस्तान के खिलाफ भारत को कम से कम ड्रॉ की जरूरत है ताकि अगले दौर में पहुंचने की स्थिति मजबूत बनी रहे। वहीं, पाकिस्तान के लिए जीत बेहद जरूरी है, क्योंकि उसके पास दो मैचों से सिर्फ एक अंक है। ऐसे में भारत-पाकिस्तान मुकाबला दोनों टीमों के विश्व कप अभियान के लिए निर्णायक बन गया है। भारतीय टीम के मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने खिलाड़ियों से दबाव के बीच संयम बनाए रखने और रक्षात्मक अनुशासन पर ध्यान देने की अपील की है। इंग्लैंड के खिलाफ मिली हार के बाद अब टीम के लिए पाकिस्तान के खिलाफ गलतियों से बचना बेहद जरूरी होगा। भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला यह मुकाबला सिर्फ पारंपरिक प्रतिद्वंद्विता तक सीमित नहीं है, बल्कि दोनों टीमों के लिए टूर्नामेंट में आगे बढ़ने की उम्मीदों से भी जुड़ा हुआ है। ऐसे में हॉकी प्रशंसकों की नजरें इस हाई-वोल्टेज मुकाबले पर टिकी हैं। स्रोत: Hockey India, NDTV, Times of India Jai Rashtra News

आगे और पढ़ें

मध्य प्रदेश में बड़ा सड़क हादसा, 8 मजदूरों की मौत और 32 लोग घायल

मध्य प्रदेश के भिंड जिले में मंगलवार तड़के एक भीषण सड़क हादसे में 8 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 32 लोग घायल हो गए। यह दुर्घटना भिंड-ग्वालियर नेशनल हाईवे-719 पर छीमका गांव के पास हुई, जहां मजदूरों से भरी पिकअप की सामने से आ रहे डंपर से जोरदार टक्कर हो गई। जानकारी के मुताबिक, हादसा सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात करीब 1 बजे हुआ। पिकअप में सवार मजदूर उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के रहने वाले थे और ग्वालियर में धान की रोपाई का काम पूरा करने के बाद अपने गांव लौट रहे थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हाईवे पर गायों का झुंड आ जाने के बाद उन्हें बचाने की कोशिश में पिकअप अनियंत्रित हो गई और सामने से आ रहे डंपर से भिड़ गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कई मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को गोहद अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर रेफर किया गया है। हादसे के बाद मृतकों की पहचान और उनके परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया जारी है। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था और आवारा पशुओं की समस्या को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन की ओर से हादसे की विस्तृत जांच की जा रही है। स्रोत: NDTV, Deccan Chronicle Jai Rashtra News

आगे और पढ़ें

शेयर बाजार में गिरावट! कच्चा तेल $91 के पार पहुंचा, Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को गिरावट देखने को मिली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 250-300 अंक तक गिरा, जबकि निफ्टी 24,250 के स्तर से नीचे चला गया। बाजार पर सबसे बड़ा दबाव कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का रहा। ब्रेंट क्रूड 91 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। अमेरिका और ईरान के बीच संघर्षविराम की अवधि खत्म होने और तनाव बढ़ने से वैश्विक स्तर पर तेल की सप्लाई को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। महंगा कच्चा तेल भारत के लिए खास तौर पर चिंता का विषय है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। तेल की कीमत बढ़ने से भारत का आयात बिल बढ़ सकता है, रुपये पर दबाव आ सकता है और महंगाई का जोखिम भी बढ़ सकता है। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 77,418.97 के स्तर पर खुला, जबकि निफ्टी 50 ने 24,223.85 के आसपास शुरुआत की। बाद में निफ्टी 24,177 के करीब आ गया और बाजार में गिरावट और गहरी हुई। आईटी शेयरों पर भी दबाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में आईटी सेक्टर प्रमुख गिरने वाले क्षेत्रों में रहा। ऊंची अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, कमजोर रुपया और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया। बाजार विशेषज्ञों की नजर अब पश्चिम एशिया के घटनाक्रम, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल आपूर्ति की स्थिति और कच्चे तेल की कीमतों पर बनी हुई है। अगर तेल की कीमतों में तेजी आगे भी जारी रहती है, तो भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। फिलहाल निवेशकों के लिए वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम और कच्चे तेल की चाल बाजार की दिशा तय करने वाले प्रमुख संकेत बने हुए हैं। स्रोत: Reuters, NDTV, IIFL Jai Rashtra News

आगे और पढ़ें

रुपया फिर फिसला! डॉलर के मुकाबले ₹95.67 तक पहुंचा, महंगे कच्चे तेल और ईरान तनाव का दबाव

भारतीय रुपया एक बार फिर दबाव में नजर आया है। मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होकर ₹95.67 प्रति डॉलर के स्तर तक पहुंच गया। रुपये में इस गिरावट के पीछे कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव को प्रमुख कारण माना जा रहा है। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का सीधा असर भारत पर पड़ रहा है, क्योंकि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर कच्चे तेल का आयात करता है। तेल महंगा होने से डॉलर की मांग बढ़ती है और इससे रुपये पर अतिरिक्त दबाव बनता है। वहीं, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है। निवेशक सुरक्षित परिसंपत्तियों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे उभरते बाजारों की मुद्राओं पर दबाव देखने को मिल रहा है। रुपये की गिरावट को सीमित करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से बाजार में हस्तक्षेप किए जाने की भी खबर है। बाजार विशेषज्ञों की नजर अब कच्चे तेल की कीमतों, डॉलर की मजबूती और ईरान से जुड़े घटनाक्रम पर बनी हुई है। रुपये में लगातार कमजोरी का असर भारत के आयात बिल पर पड़ सकता है। खासतौर पर कच्चा तेल, इलेक्ट्रॉनिक सामान और अन्य आयातित वस्तुएं महंगी हो सकती हैं। इससे आने वाले समय में महंगाई पर भी दबाव बढ़ने की आशंका है। हालांकि, कमजोर रुपये से निर्यात करने वाली कुछ कंपनियों को फायदा मिल सकता है, क्योंकि उन्हें विदेशी मुद्रा में होने वाली कमाई को रुपये में बदलने पर अधिक रकम प्राप्त होती है। फिलहाल बाजार की दिशा काफी हद तक कच्चे तेल की कीमतों और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर निर्भर करेगी। अगर तेल की कीमतों में तेजी बनी रहती है, तो रुपये पर आगे भी दबाव देखने को मिल सकता है। स्रोत: Reuters Jai Rashtra News

आगे और पढ़ें
Translate »