रुपये पर दबाव जारी, ₹95-₹95.50 प्रति डॉलर के दायरे में रहने का अनुमान; RBI और पश्चिम एशिया संकट पर बाजार की नजर

मुंबई: भारतीय रुपया इस सप्ताह भी डॉलर के मुकाबले दबाव में रह सकता है। बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि रुपया ₹95 से ₹95.50 प्रति डॉलर के सीमित दायरे में कारोबार कर सकता है। RBI का हस्तक्षेप, कच्चे तेल की कीमतें और अमेरिका-ईरान तनाव आने वाले दिनों में रुपये की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारक रहेंगे। RBI की नजर रुपये की चाल पर भारतीय रिजर्व बैंक रुपये में तेज गिरावट को रोकने के लिए विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, RBI ने पिछले सप्ताह सरकारी बैंकों के जरिए डॉलर की बिक्री की, जिससे रुपया ₹95.50 प्रति डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे बना रहा। बाजार में यह माना जा रहा है कि RBI रुपये में अचानक और तेज कमजोरी को रोकने के लिए आगे भी हस्तक्षेप कर सकता है। अमेरिका-ईरान तनाव से बढ़ी चिंता पश्चिम एशिया में जारी अमेरिका-ईरान तनाव रुपये के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। तनाव बढ़ने पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है और भारत का आयात बिल बढ़ सकता है। भारत अपनी तेल जरूरतों के एक बड़े हिस्से के लिए आयात पर निर्भर है। ऐसे में महंगा कच्चा तेल डॉलर की मांग बढ़ाकर रुपये पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है। RBI की नीति और बाजार की नजर RBI की अगस्त मौद्रिक नीति बैठक में रेपो रेट 5.25% पर बरकरार रखा गया था। अब बाजार की नजर 19 अगस्त को जारी होने वाली MPC बैठक की मिनट्स पर है। निवेशक इससे RBI की आगे की ब्याज दर नीति और महंगाई को लेकर सोच का संकेत तलाशेंगे। NRI डिपॉजिट स्कीम भी चर्चा में RBI ने FCNR(B) डिपॉजिट से जुड़े डिस्काउंटेड फॉरेक्स स्वैप सुविधा की समयसीमा को 30 सितंबर से घटाकर 31 अगस्त कर दिया है। इस योजना के जरिए 50 अरब डॉलर से अधिक का प्रवाह आने के बाद RBI ने समयसीमा पहले खत्म करने का फैसला किया। हालांकि, इस बदलाव से निकट अवधि में रुपये के लिए कुछ दबाव पैदा होने की आशंका भी बाजार विशेषज्ञ जता रहे हैं। विदेशी मुद्रा भंडार से RBI को मजबूती भारत का विदेशी मुद्रा भंडार करीब 707 अरब डॉलर के चार महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया है। इससे RBI को रुपये में अत्यधिक उतार-चढ़ाव रोकने के लिए पर्याप्त गुंजाइश मिलती है। आगे क्या देखेंगे निवेशक? आने वाले दिनों में बाजार की नजर मुख्य रूप से इन संकेतकों पर रहेगी: निष्कर्ष फिलहाल रुपये के लिए तस्वीर मिश्रित है। RBI का हस्तक्षेप और मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार तेज गिरावट को रोकने में मदद कर रहे हैं, लेकिन महंगा तेल और पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव रुपये पर दबाव बनाए हुए हैं। Reuters के अनुसार इस सप्ताह रुपया ₹95-₹95.50 प्रति डॉलर के दायरे में रह सकता है। Source: Reuters, Economic Times, RBI-related market reports जय राष्ट्र न्यूज़

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भारत-श्रीलंका टेस्ट में बारिश बनी विलेन, भारत 460/9 पर मजबूत; तीसरे दिन मौसम पर टिकी निगाहें

गॉल: भारत और श्रीलंका के बीच गॉल में खेले जा रहे पहले टेस्ट में बारिश लगातार खेल का मजा किरकिरा कर रही है। दूसरे दिन बारिश के कारण लंबे समय तक खेल रुका, लेकिन सीमित समय में भारतीय टीम ने 460/9 का मजबूत स्कोर खड़ा कर लिया। अब तीसरे दिन भी बारिश की आशंका के चलते मैच के नतीजे पर मौसम का बड़ा असर पड़ सकता है। भारत 460/9 पर दूसरे दिन भारत ने बारिश से प्रभावित खेल में 43 ओवर बल्लेबाजी की और 172 रन जोड़े। दिन का खेल खत्म होने तक भारत 460 रन पर 9 विकेट गंवा चुका था। क्रीज पर कुलदीप यादव 12 और प्रसिद्ध कृष्णा 1** रन बनाकर मौजूद थे। भारत की पारी की सबसे बड़ी खासियत देवदत्त पडिक्कल की 167 रन की शानदार पारी रही। उन्होंने अपने करियर का बेहतरीन टेस्ट प्रदर्शन करते हुए भारतीय पारी को मजबूत आधार दिया। श्रीलंकाई स्पिनरों ने कराई वापसी भारत एक समय बेहद मजबूत स्थिति में था, लेकिन श्रीलंका के स्पिन गेंदबाजों ने बाद में जोरदार वापसी की। प्रभात जयसूर्या ने 4 विकेट लिए, जबकि डेब्यू कर रहे केशरा नुवान्था ने 3 विकेट हासिल किए। दोनों ने मिलकर भारत के अंतिम सात विकेटों में अहम भूमिका निभाई। ऋषभ पंत 39 रन बनाकर आउट हुए, जबकि ध्रुव जुरेल ने 51 रन की उपयोगी पारी खेलकर भारत को 460 तक पहुंचाने में मदद की। तीसरे दिन बारिश सबसे बड़ी चुनौती तीसरे दिन भी गॉल में बारिश का खतरा बना हुआ है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार सोमवार को बारिश की संभावना 83% तक बताई गई है। दिन के कई घंटों में बारिश की संभावना 40% से अधिक रहने का अनुमान है। ऐसे में मुकाबला बार-बार रुक सकता है और भारत के लिए श्रीलंका को आउट करने तथा मैच में निर्णायक बढ़त बनाने के लिए उपलब्ध समय कम हो सकता है। भारत के सामने बड़ा फैसला भारत के पास फिलहाल सिर्फ एक विकेट बाकी है। टीम के सामने यह रणनीतिक सवाल है कि आखिरी विकेट के साथ कितने रन जोड़े जाएं या जल्दी पारी घोषित करके श्रीलंका को बल्लेबाजी के लिए उतारा जाए। अगर बारिश लगातार खेल में बाधा डालती रही, तो भारत की बड़ी पहली पारी भी मैच को जीत में बदलने के लिए पर्याप्त समय नहीं दे पाएगी। मैच का समीकरण भारत ने पहली पारी में 460/9 तक पहुंचकर मजबूत आधार बना लिया है। अब भारतीय गेंदबाजों की कोशिश होगी कि श्रीलंका की पारी को जल्दी समेटकर मैच पर दबाव बनाया जाए। लेकिन बारिश भारत की सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। ज्यादा समय खेल नहीं हो पाया तो मुकाबला ड्रॉ की ओर भी बढ़ सकता है। निष्कर्ष भारत ने बारिश से बाधित गॉल टेस्ट में 460/9 का मजबूत स्कोर बनाकर अपनी स्थिति मजबूत रखी है। देवदत्त पडिक्कल की 167 रन की पारी और ध्रुव जुरेल के अर्धशतक ने भारत को बड़ा स्कोर दिलाया। अब तीसरे दिन भारतीय टीम की नजर श्रीलंका के विकेटों पर होगी, लेकिन बारिश मैच के नतीजे की सबसे बड़ी बाधा बन सकती है। Source: Reuters, India Today, NDTV, ESPNcricinfo जय राष्ट्र न्यूज़

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दिमागी नक्सल’ बयान पर सियासी घमासान, पी. चिदंबरम के पलटवार पर किरेन रिजिजू का जवाब

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण में इस्तेमाल किए गए ‘दिमागी नक्सल’ शब्द को लेकर BJP और विपक्ष के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने पीएम मोदी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें ‘दिमागी नक्सल’ होने पर गर्व है। इसके बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सफाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने विपक्षी नेताओं को ‘दिमागी नक्सल’ नहीं कहा था। लाल किले से पीएम मोदी ने क्या कहा? 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि देश ने हथियारबंद नक्सलवाद को काफी हद तक खत्म किया है, लेकिन ऐसी विचारधाराओं से जुड़े लोग अब भी अवसर तलाश रहे हैं। उन्होंने देश को ऐसे ‘दिमागी नक्सलियों’ से सावधान रहने की बात कही। पीएम के इस बयान के बाद विपक्ष ने सवाल उठाया कि क्या यह टिप्पणी सरकार की आलोचना करने वाले विपक्षी नेताओं और असहमति की आवाजों को निशाना बनाने के लिए की गई थी। चिदंबरम का तीखा पलटवार कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने सोशल मीडिया पर पीएम मोदी के बयान का जवाब देते हुए कहा कि उन्हें ‘दिमागी नक्सल’ होने पर गर्व है। उनके बयान के बाद कांग्रेस और BJP के बीच राजनीतिक बहस और तेज हो गई। कांग्रेस नेताओं ने इस शब्दावली को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि लोकतंत्र में सरकार की आलोचना करने वालों को इस तरह के लेबल से जोड़ना कितना उचित है। रिजिजू ने दी सफाई केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्षी नेताओं को ‘दिमागी नक्सल’ नहीं कहा था। रिजिजू के मुताबिक, इस शब्द का इस्तेमाल उन लोगों के लिए किया गया जो माओवादियों का समर्थन करते हैं, संविधान को नहीं मानते या अलगाववादी विचारों तथा अनुच्छेद 370 जैसी पुरानी व्यवस्था के समर्थन में खड़े होते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री का निशाना राजनीतिक विरोधी नहीं, बल्कि ऐसी विचारधाराएं हैं जिन्हें सरकार देश की संवैधानिक व्यवस्था और राष्ट्रीय एकता के लिए चुनौती मानती है। विवाद सोशल मीडिया तक पहुंचा चिदंबरम के बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी ‘दिमागी नक्सल’ शब्द को लेकर बहस तेज हो गई। BJP समर्थकों ने चिदंबरम के बयान को पीएम मोदी की बात को अपने ऊपर लेने के रूप में पेश किया, जबकि विपक्षी नेताओं ने इसे सरकार की आलोचना और असहमति को दबाने वाली भाषा बताया। इसी बीच PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने भी रिजिजू की सफाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह अनुच्छेद 370 का समर्थन करती हैं और इसी संदर्भ में उन्होंने खुद को ‘दिमागी नक्सल’ कहा। BJP बनाम कांग्रेस: बढ़ा राजनीतिक तापमान इस पूरे विवाद ने स्वतंत्रता दिवस के बाद BJP और कांग्रेस के बीच पहले से जारी राजनीतिक टकराव को और बढ़ा दिया है। एक ओर BJP प्रधानमंत्री के बयान को नक्सलवाद और अलगाववाद के खिलाफ वैचारिक लड़ाई के रूप में पेश कर रही है, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक असहमति को निशाना बनाने वाली भाषा बता रहा है। निष्कर्ष ‘दिमागी नक्सल’ शब्द को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पी. चिदंबरम के पलटवार और किरेन रिजिजू की सफाई के बाद और तेज हो गया है। फिलहाल राजनीतिक बहस का मुख्य सवाल यही है कि पीएम मोदी की टिप्पणी का वास्तविक निशाना कौन था और इस शब्द की राजनीतिक व्याख्या किस तरह की जाए। Source: India Today, NDTV, ABP News, PTI जय राष्ट्र न्यूज़

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बिहार के अशोक धाम मंदिर में भगदड़ जैसी स्थिति, कम से कम 6 श्रद्धालुओं की मौत; कई घायल

लखीसराय: बिहार के लखीसराय जिले के अशोक धाम मंदिर में सोमवार सुबह श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। शुरुआती आधिकारिक जानकारी के अनुसार कम से कम 6 श्रद्धालुओं की मौत हुई है, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद मंदिर परिसर में अफरा-तफरी मच गई। श्रावण के तीसरे सोमवार पर उमड़ी थी भारी भीड़ बताया जा रहा है कि श्रावण के तीसरे सोमवार के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव को जल चढ़ाने के लिए अशोक धाम मंदिर पहुंचे थे। इसी दौरान मंदिर परिसर में भीड़ अचानक बढ़ गई और स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। बैरिकेडिंग टूटने की भी बात सामने आई लखीसराय के जिलाधिकारी के अनुसार सुबह करीब 6:30 से 6:45 बजे के बीच भीड़ काफी बढ़ गई थी। शुरुआती जानकारी में मंदिर की एक तरफ की बैरिकेडिंग टूटने के बाद कई लोगों के एक-दूसरे पर गिरने की बात सामने आई है। प्रशासन ने तत्काल मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस अधिकारी ने यह भी कहा कि बिजली का खंभा गिरने और करंट लगने की बात सामने आई है, लेकिन घटना की सही वजह की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। प्रशासन ने शुरू किया राहत और बचाव कार्य घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें मंदिर पहुंचीं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा है और मौके पर भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घटना पर दुख जताते हुए घायलों के समुचित और त्वरित इलाज के लिए प्रशासन को निर्देश दिए हैं। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका घटना अभी विकासशील स्थिति में है। शुरुआती रिपोर्टों में 6 मौतों की पुष्टि हुई थी, जबकि बाद की कुछ रिपोर्टों में 7 मौतों का भी उल्लेख आया है। इसलिए फिलहाल मृतकों की संख्या को लेकर आधिकारिक अपडेट का इंतजार किया जा रहा है। निष्कर्ष लखीसराय के अशोक धाम मंदिर में श्रावण सोमवार के दौरान भारी भीड़ के बीच हुई इस त्रासदी ने मंदिरों में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि भगदड़ जैसी स्थिति की वास्तविक वजह क्या थी। Source: PTI, The New Indian Express, The Indian Express, Reuters जय राष्ट्र न्यूज़

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बाबा रामदेव का सरकार पर निशाना? सरकारी नौकरियों में ‘90-99% घोटाले’ का दावा, बोले—सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन करना पड़ेगा

हरिद्वार: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर योग गुरु बाबा रामदेव ने सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया, शिक्षा व्यवस्था और देश में कथित भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने सरकारी नौकरी के इंटरव्यू में बड़े स्तर पर गड़बड़ी का दावा करते हुए कहा कि अगर व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो देश में बड़े आंदोलन की स्थिति बन सकती है। सरकारी नौकरी के इंटरव्यू पर गंभीर आरोप रामदेव ने दावा किया कि सरकारी नौकरियों के इंटरव्यू में 90 से 99 प्रतिशत तक घोटाला होता है। उनके मुताबिक, कई मामलों में पहले से तय कर लिया जाता है कि किस उम्मीदवार को नौकरी देनी है और बाद में चयन प्रक्रिया उसी के अनुसार आगे बढ़ती है। उन्होंने पैसे लेकर भर्ती और पक्षपात के भी आरोप लगाए। हालांकि, 90-99 प्रतिशत के इस आंकड़े के समर्थन में रामदेव ने कोई आधिकारिक आंकड़ा या दस्तावेज पेश नहीं किया है। इसलिए इसे उनके द्वारा लगाया गया आरोप/दावा ही माना जाना चाहिए। जाति और विचारधारा को लेकर भी सवाल रामदेव ने आरोप लगाया कि कुछ जगहों पर भर्ती में योग्यता के बजाय संगठन, विचारधारा, जाति और वर्ग जैसे कारकों का प्रभाव पड़ता है। उन्होंने ऐसी व्यवस्था को युवाओं के साथ अन्याय बताते हुए भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता की जरूरत पर जोर दिया। ‘नहीं सुधरे तो आंदोलन करना पड़ेगा’ रामदेव ने व्यवस्था में सुधार की जरूरत बताते हुए आंदोलन की चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि वह अराजकता या हिंसक आंदोलन के समर्थक नहीं हैं, लेकिन अगर कथित गड़बड़ियों को दूर नहीं किया गया तो लोगों और युवाओं में असंतोष बढ़ सकता है और उन्हें दोबारा आंदोलन के लिए उतरना पड़ सकता है। शिक्षा व्यवस्था पर भी उठाए सवाल रामदेव ने सरकारी स्कूलों और कॉलेजों की व्यवस्थाओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बुनियादी सुविधाओं जैसे शिक्षक, पानी, बिजली, शौचालय और किताबों की उपलब्धता को लेकर शिकायतों का जिक्र किया। उनका कहना था कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत किए बिना युवाओं के भविष्य को बेहतर नहीं बनाया जा सकता। राजनीति में संवाद की अपील रामदेव ने सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों से राजनीतिक मतभेदों को दुश्मनी में नहीं बदलने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार और विपक्ष दोनों की अपनी जिम्मेदारी है और देशहित में आपसी संवाद तथा सम्मान जरूरी है। क्या यह सीधे मोदी सरकार पर हमला था? रामदेव के बयान में सरकारी व्यवस्था और भर्ती प्रक्रिया पर तीखे सवाल जरूर उठाए गए, लेकिन उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उनका मुख्य फोकस सरकारी नौकरी, इंटरव्यू, शिक्षा व्यवस्था और कथित भ्रष्टाचार पर था। इसलिए इसे सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर व्यक्तिगत हमला बताने के बजाय सरकारी व्यवस्था पर रामदेव की आलोचना के रूप में देखना ज्यादा सटीक होगा। निष्कर्ष स्वतंत्रता दिवस पर बाबा रामदेव के बयान ने सरकारी भर्ती और शिक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है। 90-99% घोटाले के उनके दावे और आंदोलन की चेतावनी ने राजनीतिक और सामाजिक चर्चा को तेज कर दिया है। हालांकि, उनके लगाए गए प्रतिशत संबंधी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि या आधिकारिक आंकड़ों से पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। Source: ABP News, NewsTak, Peoples Update जय राष्ट्र न्यूज़

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SuperCatchy.ai: मीडिया, न्यूज़, एंटरटेनमेंट और AI को डिजिटल मार्केटिंग से जोड़ने की नई पहल

SuperCatchy.ai एक AI-Enabled Digital Marketing Agency के रूप में उभर रहा है, जो मीडिया, न्यूज़, एंटरटेनमेंट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल कंटेंट के व्यापक इकोसिस्टम का हिस्सा है। Jai Rashtra News Network, Supreme News Network (SNN), Bollywood News Reporter (BNR) और SuperCatchy.ai के माध्यम से मीडिया, मनोरंजन, तकनीक और डिजिटल मार्केटिंग को एक साथ लाने की दिशा में एक नया इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है। डिजिटल मार्केटिंग की दुनिया तेजी से बदल रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI अब केवल एक तकनीकी सुविधा नहीं रह गया है, बल्कि यह ब्रांड्स के साथ संवाद करने, कंटेंट तैयार करने, सोशल मीडिया मैनेजमेंट और मार्केटिंग कैंपेन चलाने के तरीकों को भी बदल रहा है। इसी बदलते डिजिटल दौर में SuperCatchy.ai को एक AI-Enabled Digital Marketing Agency के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को डिजिटल मार्केटिंग के मूल सिस्टम और वर्कफ्लो का हिस्सा बनाया जा रहा है। इस पहल की खासियत यह है कि यह केवल एक डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी तक सीमित नहीं है। इसके पीछे एक व्यापक इकोसिस्टम विकसित किया जा रहा है, जिसमें मीडिया, न्यूज़, एंटरटेनमेंट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल कंटेंट और डिजिटल मार्केटिंग एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। इस व्यापक इकोसिस्टम में Jai Rashtra News Network, Supreme News Network (SNN), Bollywood News Reporter (BNR) और SuperCatchy.ai जैसे प्लेटफॉर्म शामिल हैं। इस पूरी पहल के नेतृत्व में Founder Grandmaster Shifuji Shaurya Bhardwaj, Co-Founder Arif R.B. Khan, Director Satinder Sharma, जिन्हें Sparsh Sharma के नाम से भी जाना जाता है, और Director Alii Khan की महत्वपूर्ण भूमिका है। Grandmaster Shifuji Shaurya Bhardwaj – Founder इस पूरे इकोसिस्टम के प्रमुख नेतृत्वकर्ता Grandmaster Shifuji Shaurya Bhardwaj हैं, जो VAATU Enterprises LLP के Founder होने के साथ-साथ Jai Rashtra News Network और Bollywood News Reporter (BNR) के Founder भी हैं। Grandmaster Shifuji Shaurya Bhardwaj एक प्रसिद्ध कमांडो ट्रेनर, मोटिवेशनल स्पीकर और लीडरशिप मेंटर के रूप में जाने जाते हैं। अनुशासन, साहस, दृढ़ता और नेतृत्व उनके कार्य और विचारधारा के प्रमुख आधार रहे हैं। उनके नेतृत्व और विभिन्न पहलों ने युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, जिम्मेदारी और राष्ट्र के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने पर जोर दिया है। SuperCatchy.ai और VAATU Enterprises LLP के व्यापक विजन में Grandmaster Shifuji Shaurya Bhardwaj की भूमिका केवल एक संस्थापक तक सीमित नहीं है। उनका उद्देश्य एक ऐसा इंटीग्रेटेड इकोसिस्टम तैयार करना है, जहां मीडिया, न्यूज़, एंटरटेनमेंट, AI, डिजिटल कंटेंट और डिजिटल मार्केटिंग एक साथ काम कर सकें। Arif R.B. Khan – Co-Founder Arif R.B. Khan इस इकोसिस्टम के महत्वपूर्ण रणनीतिक स्तंभों में से एक हैं। वह VAATU Enterprises LLP, Jai Rashtra News Network और Bollywood News Reporter (BNR) के Co-Founder हैं। Arif R.B. Khan एक उद्यमी हैं, जिन्हें साइबर सिक्योरिटी, डिजिटल मार्केटिंग, टेक्नोलॉजी वेंचर्स और बिजनेस डेवलपमेंट के क्षेत्र में अनुभव है। विभिन्न क्षेत्रों में व्यवसाय और तकनीक से जुड़े अनुभव के साथ Arif R.B. Khan डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और उभरती हुई तकनीकों की समझ रखते हैं। उनकी भूमिका व्यापक इकोसिस्टम के रणनीतिक और तकनीकी विकास से जुड़ी है। उनका उद्देश्य पारंपरिक मीडिया और एंटरटेनमेंट के साथ आधुनिक डिजिटल टेक्नोलॉजी और AI को जोड़ते हुए नए बिजनेस और डिजिटल अवसरों को विकसित करना है। Grandmaster Shifuji Shaurya Bhardwaj की नेतृत्व क्षमता और Arif R.B. Khan के टेक्नोलॉजी एवं बिजनेस अनुभव के साथ इस इकोसिस्टम की रणनीतिक नींव तैयार की जा रही है। Satinder Sharma (Sparsh Sharma) – Director Satinder Sharma, जिन्हें Sparsh Sharma के नाम से भी जाना जाता है, VAATU Enterprises LLP के Director हैं। Satinder Sharma एक अभिनेता, सोशल एक्टिविस्ट और उद्यमी हैं और उनका अनुभव बॉलीवुड, साउथ इंडियन फिल्म इंडस्ट्री, टेलीविजन, एंटरटेनमेंट, डिजिटल मीडिया और बिजनेस जैसे विभिन्न क्षेत्रों में रहा है। उन्होंने कई बॉलीवुड फिल्मों में काम किया है और साउथ इंडियन फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े प्रोजेक्ट्स में भी काम किया है। इसके अलावा वह विभिन्न टेलीविजन सीरियल्स और एंटरटेनमेंट प्रोडक्शंस से भी जुड़े रहे हैं। एंटरटेनमेंट के अलावा Satinder Sharma सामाजिक पहलों और जनसरोकार से जुड़ी गतिविधियों में भी सक्रिय रहे हैं। VAATU Enterprises LLP में Satinder Sharma की भूमिका ऑपरेशंस, डिजिटल मार्केटिंग इनिशिएटिव्स, मीडिया गतिविधियों और डिजिटल इकोसिस्टम के विकास से जुड़ी है। उनकी जिम्मेदारियों में संगठन से जुड़े डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का संचालन और विकास भी शामिल है, जिनमें Jai Rashtra News Network, Supreme News Network (SNN) और Bollywood News Reporter (BNR) प्रमुख हैं। अभिनय, टेलीविजन, सोशल एक्टिविज्म, मीडिया, ऑपरेशंस और उद्यमिता के अनुभव के कारण Satinder Sharma यानी Sparsh Sharma इस व्यापक इकोसिस्टम में एक बहुआयामी भूमिका निभाते हैं। Alii Khan – Director & CEO, Digital Marketing Alii Khan, VAATU Enterprises LLP के Director हैं और SuperCatchy.ai के Chief Executive Officer (CEO) के रूप में संगठन के Digital Marketing Vertical का नेतृत्व कर रहे हैं। Alii Khan एक उद्यमी हैं, जिनका अनुभव एंटरटेनमेंट, टेक्नोलॉजी और डिजिटल कंटेंट के क्षेत्र से जुड़ा रहा है। वह Prachand Entertainment और AIKONS जैसे वेंचर्स से भी जुड़े रहे हैं, जहां AI-driven content creation, creative production और next-generation media workflows जैसे क्षेत्रों में काम किया गया है। SuperCatchy.ai में Alii Khan की मुख्य जिम्मेदारी डिजिटल मार्केटिंग वर्टिकल को लीड करना है। SuperCatchy.ai का उद्देश्य एक ऐसी AI-Enabled Digital Marketing Agency विकसित करना है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को डिजिटल मार्केटिंग के मूल वर्कफ्लो में शामिल किया जाए। कंटेंट आइडिएशन, कंटेंट क्रिएशन, कॉपीराइटिंग, सोशल मीडिया स्ट्रैटेजी, क्रिएटिव डेवलपमेंट, शॉर्ट-फॉर्म वीडियो और डिजिटल कैंपेन एग्जीक्यूशन जैसे क्षेत्रों में AI की क्षमता का उपयोग करते हुए मार्केटिंग को अधिक तेज, प्रभावी और स्केलेबल बनाने पर जोर दिया जा रहा है। SuperCatchy.ai के माध्यम से स्टार्टअप्स, SMEs, क्रिएटर्स, ब्रांड्स और अन्य व्यवसायों को आधुनिक और टेक्नोलॉजी-आधारित डिजिटल मार्केटिंग समाधान उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। एक ही इकोसिस्टम में Media, News, Entertainment और AI VAATU Enterprises LLP के व्यापक विजन के तहत अलग-अलग क्रिएटिव और टेक्नोलॉजी वर्टिकल्स को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इस इकोसिस्टम के प्रमुख क्षेत्र हैं: जहां Jai Rashtra News Network, Supreme News Network (SNN) और Bollywood News Reporter (BNR) न्यूज़, मीडिया और एंटरटेनमेंट इकोसिस्टम का हिस्सा हैं, वहीं SuperCatchy.ai इस पूरे विजन के भीतर विशेष रूप से AI-enabled Digital Marketing vertical के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस मॉडल का उद्देश्य मीडिया की पहुंच, एंटरटेनमेंट की क्रिएटिविटी, AI की तकनीकी…

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‘वंदे मातरम्’ को लेकर कांग्रेस और BJP में फिर सियासी टकराव, स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम का वीडियो बना विवाद का केंद्र

नई दिल्ली: देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ‘वंदे मातरम्’ को लेकर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। विवाद कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान ‘वंदे मातरम्’ के पूर्ण संस्करण के गायन से जुड़ी एक वीडियो क्लिप के सामने आने के बाद शुरू हुआ। वीडियो में क्या दिखा? कांग्रेस के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान पार्टी की संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच बातचीत और इशारों का एक वीडियो सामने आया। BJP ने इस वीडियो को आधार बनाकर आरोप लगाया कि सोनिया गांधी ने ‘वंदे मातरम्’ के पूर्ण संस्करण के गायन पर आपत्ति जताई। वीडियो में राहुल गांधी भी नजर आते हैं। इसी दृश्य को लेकर BJP नेताओं ने सोशल मीडिया पर कांग्रेस पर सवाल उठाए और राष्ट्रीय गीत के प्रति सम्मान को लेकर राजनीतिक हमला बोला। कांग्रेस ने BJP के आरोप को किया खारिज कांग्रेस ने BJP के आरोपों को गलत बताया। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि सोनिया गांधी ‘वंदे मातरम्’ को रोकने या उसका विरोध करने के लिए नहीं कह रही थीं। कांग्रेस के मुताबिक, सोनिया गांधी केवल यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही थीं कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी की व्यवस्था हो, क्योंकि वह काफी देर से खड़े थे। इस तरह एक ही वीडियो को लेकर दोनों दलों की व्याख्या पूरी तरह अलग सामने आई है। BJP ने लगाया राष्ट्रीय गीत के अपमान का आरोप BJP ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘वंदे मातरम्’ भारत के स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रीय चेतना से जुड़ा महत्वपूर्ण गीत है और इसके गायन के दौरान किसी तरह की आपत्ति या व्यवधान स्वीकार नहीं किया जा सकता। BJP प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने भी वीडियो साझा करते हुए कांग्रेस पर सवाल उठाए। क्यों महत्वपूर्ण है ‘वंदे मातरम्’? ‘वंदे मातरम्’ लंबे समय से भारत के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा राष्ट्रीय गीत है। इस वर्ष इसके 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर इसे लेकर देशभर में विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। 15 अगस्त 2026 को लाल किले के स्वतंत्रता दिवस समारोह में भी ‘वंदे मातरम्’ को विशेष महत्व दिया गया और इसके पूर्ण संस्करण के गायन को लेकर पहले से चर्चा थी। पहले से चल रहा है राजनीतिक विवाद यह विवाद अचानक नहीं उठा है। पिछले कुछ दिनों से ही ‘वंदे मातरम्’ के पूर्ण संस्करण, इसके गायन और सार्वजनिक कार्यक्रमों में इसके इस्तेमाल को लेकर BJP और कांग्रेस नेताओं के बीच बयानबाजी चल रही है। कांग्रेस नेता शशि थरूर की टिप्पणी को लेकर भी BJP ने हाल में निशाना साधा था, जिसके बाद दोनों दलों के बीच बहस और तेज हो गई थी। इसके अलावा, संसद में राष्ट्रीय गीत से जुड़े कानून में संशोधन को लेकर भी राजनीतिक बहस हुई है। राजस्थान BJP कार्यक्रम में भी विवाद इसी स्वतंत्रता दिवस पर राजस्थान BJP के कार्यक्रम में भी ‘वंदे मातरम्’ को लेकर अलग विवाद सामने आया। रिपोर्ट के अनुसार, पार्टी के कार्यक्रम में राष्ट्रीय गीत का गलत संगीत संस्करण बज गया, जिसके बाद राजस्थान BJP अध्यक्ष मदन राठौड़ ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। इससे स्वतंत्रता दिवस के दिन ‘वंदे मातरम्’ से जुड़े विवाद और भी चर्चा में आ गए। सोशल मीडिया पर भी तेज हुई बहस वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर BJP और कांग्रेस समर्थकों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। एक पक्ष इसे राष्ट्रीय गीत के सम्मान से जोड़ रहा है, जबकि दूसरा पक्ष BJP पर वीडियो को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगा रहा है। हालांकि, वीडियो में दिखाई देने वाले इशारों की वास्तविक मंशा का स्वतंत्र रूप से निर्धारण करना संभव नहीं है। इसलिए दोनों पक्षों के दावों को आरोप और जवाब के रूप में ही देखा जाना चाहिए। निष्कर्ष स्वतंत्रता दिवस के कांग्रेस कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम्’ के पूर्ण संस्करण के दौरान सामने आए वीडियो ने BJP और कांग्रेस के बीच नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। BJP ने सोनिया गांधी पर राष्ट्रीय गीत को लेकर आपत्ति जताने का आरोप लगाया, जबकि कांग्रेस ने साफ किया कि वह केवल मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी की व्यवस्था को लेकर बात कर रही थीं। मामला अब सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक बयानबाजी तक पहुंच गया है और आने वाले दिनों में इस पर दोनों दलों के बीच और प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं। Source: PTI, The Federal, Times of India, NDTV जय राष्ट्र न्यूज़

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श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट में देवदत्त पडिक्कल का धमाका, 131 रन की नाबाद पारी से भारत मजबूत

गॉल: भारत और श्रीलंका के बीच गॉल में खेले जा रहे पहले टेस्ट के शुरुआती दिन देवदत्त पडिक्कल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 131 रन बना दिए। उनकी पारी की बदौलत भारत ने दिन का खेल खत्म होने तक 2 विकेट पर 288 रन बना लिए। बारिश और खराब रोशनी के कारण पहले दिन का खेल समय से पहले समाप्त करना पड़ा। पडिक्कल का पहला टेस्ट शतक देवदत्त पडिक्कल ने 178 गेंदों का सामना करते हुए 131 रन* बनाए, जिसमें 12 चौके और एक छक्का शामिल रहा। उन्होंने 134 गेंदों में अपना पहला टेस्ट शतक पूरा किया। यह उनके टेस्ट करियर का पहला शतक है। पडिक्कल को टीम में साई सुदर्शन के चोटिल होने के बाद मौका मिला था और उन्होंने इस अवसर को शानदार अंदाज में भुनाया। स्पिन के खिलाफ दिखाया शानदार फुटवर्क गॉल की परिस्थितियों में श्रीलंकाई स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ पडिक्कल ने बेहद संयमित बल्लेबाजी की। उन्होंने गेंद की लाइन के हिसाब से अपने पैरों का इस्तेमाल किया और बैकफुट पर कई शानदार शॉट लगाए। उनकी बल्लेबाजी में खास बात यह रही कि उन्होंने आक्रामक शॉट खेलने के बजाय गेंद को अच्छी तरह पढ़कर रन बनाए। उनकी तकनीक और फुटवर्क की क्रिकेट विशेषज्ञों ने भी तारीफ की। KL राहुल के साथ बड़ी साझेदारी पडिक्कल ने KL राहुल के साथ दूसरे विकेट के लिए 150 रन की साझेदारी की। राहुल ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए 77 रन बनाए, लेकिन बाद में क्रैम्प्स के कारण उन्हें रिटायर्ड हर्ट होना पड़ा। इस साझेदारी ने भारत को शुरुआती झटके से उबरने और श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव बनाने में मदद की। भारत के 600वें टेस्ट में यादगार पारी यह मुकाबला भारतीय क्रिकेट के लिए भी खास है, क्योंकि यह भारत का 600वां टेस्ट मैच है। ऐसे ऐतिहासिक मुकाबले में पडिक्कल का शतक उनकी पारी को और खास बना देता है। इसके अलावा, 15 अगस्त को शतक लगाने के कारण पडिक्कल ने एक खास उपलब्धि भी हासिल की। वह स्वतंत्रता दिवस पर अंतरराष्ट्रीय शतक लगाने वाले दूसरे भारतीय बल्लेबाज बने। उनसे पहले विराट कोहली ने 2012 में श्रीलंका के खिलाफ वनडे में 15 अगस्त को शतक लगाया था। दिन का खेल खत्म होने पर भारत मजबूत स्थिति में पहले दिन भारत ने 73 ओवर में 288/2 का स्कोर बनाया। स्टंप्स के समय: भारत अब दूसरे दिन अपनी पारी को और आगे बढ़ाकर बड़ा स्कोर खड़ा करने की कोशिश करेगा। निष्कर्ष देवदत्त पडिक्कल ने श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में नाबाद 131 रन की शानदार पारी खेलकर टेस्ट टीम में अपनी वापसी को यादगार बना दिया है। स्पिन के खिलाफ उनका आत्मविश्वास, बेहतरीन फुटवर्क और धैर्य गॉल की परिस्थितियों में खास तौर पर नजर आया। अब निगाहें दूसरे दिन पडिक्कल और ऋषभ पंत पर रहेंगी। Source: ESPNcricinfo, Reuters, NDTV, AP, DD India जय राष्ट्र न्यूज़

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FIH हॉकी वर्ल्ड कप में भारत की धमाकेदार शुरुआत, वेल्स को 3-1 से हराया; हरमनप्रीत सिंह का शानदार प्रदर्शन

एम्स्टेलवीन: भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने FIH हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में जीत के साथ अपने अभियान का आगाज किया है। शनिवार को खेले गए Pool D के मुकाबले में भारत ने वेल्स को 3-1 से शिकस्त दी। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने दो गोल दागकर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई। पहले क्वार्टर में भारत ने बनाई बढ़त भारत ने मुकाबले की शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। संजय ने 8वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई। इसके कुछ ही मिनट बाद कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने 11वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर से गोल करते हुए भारत की बढ़त को 2-0 कर दिया। हरमनप्रीत ने फिर दिखाया दम तीसरे क्वार्टर में भी भारत का दबदबा जारी रहा। 43वें मिनट में हरमनप्रीत सिंह ने एक और पेनल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील किया, जिससे भारत 3-0 से आगे हो गया। भारत के तीनों गोल पेनल्टी कॉर्नर के जरिए आए। आखिरी क्वार्टर में वेल्स ने किया पलटवार वेल्स ने मैच के अंतिम चरण में वापसी की कोशिश की। 56वें मिनट में Sam Welsh ने गोल कर स्कोर 3-1 कर दिया। इसके बाद भारतीय डिफेंस ने संयम बनाए रखा और वेल्स को दूसरा गोल करने का मौका नहीं दिया। भारत ने 3-1 से मुकाबला अपने नाम कर टूर्नामेंट में पूरे तीन अंक हासिल किए। हरमनप्रीत ने जीत के बाद क्या कहा? मैच के बाद कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने जीत पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि शुरुआती मुकाबला जीतना और पूरे तीन अंक हासिल करना टीम के लिए महत्वपूर्ण था। हालांकि, वेल्स के आखिरी मिनटों में गोल करने को लेकर उन्होंने कहा कि टीम को अपनी गलतियों से सीखना होगा और आगामी मुकाबलों में उन्हें दोहराने से बचना होगा। भारत का अगला मुकाबला इंग्लैंड से वेल्स के खिलाफ जीत के बाद भारत अब अपने अगले Pool D मुकाबले में 17 अगस्त को इंग्लैंड का सामना करेगा। यह मुकाबला भी नीदरलैंड्स के एम्स्टेलवीन में होगा। भारतीय टीम की नजर इस बार लंबे समय से चले आ रहे विश्व कप खिताब के इंतजार को खत्म करने पर है। भारत ने आखिरी बार 1975 में पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप जीता था। भारत की जीत के बड़े पॉइंट्स निष्कर्ष भारत ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हॉकी वर्ल्ड कप में शानदार जीत के साथ शुरुआत की है। हरमनप्रीत सिंह की दो गोल की बदौलत भारत ने वेल्स को 3-1 से हराया। अब टीम की नजर इंग्लैंड के खिलाफ अगले मुकाबले पर है, जहां जीत के साथ अपनी स्थिति और मजबूत करने की कोशिश होगी। Source: Hockey India, Olympics.com, All India Radio, PTI जय राष्ट्र न्यूज़

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भारत के स्वतंत्रता दिवस पर PoK में विरोध प्रदर्शन, प्रदर्शनकारियों ने 15 अगस्त को ‘ब्लैक डे’ के रूप में मनाया

मुजफ्फराबाद: भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर (PoK/AJK) के अलग-अलग हिस्सों में भारत विरोधी प्रदर्शन और रैलियां आयोजित की गईं। रिपोर्टों के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने 15 अगस्त को ‘ब्लैक डे’ के रूप में मनाते हुए भारत की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। मुजफ्फराबाद समेत कई इलाकों में प्रदर्शन स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, मुजफ्फराबाद और पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के अन्य इलाकों में कश्मीरी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किए। प्रदर्शनकारियों ने भारत पर कश्मीर के लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार को कथित रूप से नकारने का आरोप लगाया। पाकिस्तान के सरकारी रेडियो ने भी बताया कि AJK और पाकिस्तान के विभिन्न हिस्सों में भारत के स्वतंत्रता दिवस के खिलाफ रैलियां और प्रदर्शन आयोजित किए गए। क्षेत्र में पहले से जारी है राजनीतिक असंतोष यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर पहले से ही राजनीतिक और सामाजिक असंतोष का सामना कर रहा है। हाल के महीनों में चुनाव, प्रतिनिधित्व और आर्थिक मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए हैं। कुछ प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भी हुई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तनाव बढ़ा। हालांकि, 15 अगस्त के भारत-विरोधी प्रदर्शनों को क्षेत्र में चल रहे इन घरेलू आंदोलनों से अलग घटनाक्रम के रूप में देखना जरूरी है। भारत के स्वतंत्रता दिवस पर विरोध का ऐलान भारत के स्वतंत्रता दिवस को लेकर पाकिस्तान और पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में लंबे समय से अलग राजनीतिक नजरिया रहा है। इस वर्ष भी कुछ कश्मीरी संगठनों और कार्यकर्ताओं ने 15 अगस्त को भारत के खिलाफ विरोध दिवस के रूप में मनाने का आह्वान किया। भारत में भी PoK को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज इसी दिन जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में PoK को लेकर बड़ा राजनीतिक बयान दिया। उन्होंने कहा कि अगर 2019 में अनुच्छेद 370 में बदलाव नहीं हुआ होता, तो PoK में लोग जम्मू-कश्मीर के साथ फिर से जुड़ने को लेकर प्रदर्शन कर रहे होते। उनके बयान पर BJP ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। PoK में सुरक्षा और राजनीतिक तनाव PoK में हाल के चुनावों और विरोध प्रदर्शनों के कारण पहले से सुरक्षा संबंधी चिंताएं बनी हुई हैं। कुछ क्षेत्रों में चुनावी प्रक्रिया भी सुरक्षा कारणों से प्रभावित हुई थी। ऐसे माहौल में 15 अगस्त को हुए भारत-विरोधी प्रदर्शनों ने एक बार फिर भारत-पाकिस्तान और कश्मीर मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय चर्चा में ला दिया है। निष्कर्ष भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के कई हिस्सों में भारत विरोधी प्रदर्शन किए गए और कुछ संगठनों ने 15 अगस्त को ‘ब्लैक डे’ के रूप में मनाया। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब PoK पहले से ही राजनीतिक अस्थिरता और विरोध प्रदर्शनों से गुजर रहा है। Source: Dawn, Radio Pakistan, Reuters/AP संबंधित रिपोर्ट्स जय राष्ट्र न्यूज़

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