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World U20 Athletics में Basant Meghwal ने रचा इतिहास, Men’s High Jump में जीता Silver Medal

यूजीन, अमेरिका: भारत के युवा हाई-जंप एथलीट Basant Kumar Meghwal ने World Athletics U20 Championships 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए Men’s High Jump में Silver Medal जीत लिया। Oregon के Eugene में आयोजित प्रतियोगिता में Basant ने 2.21 मीटर की छलांग लगाकर यह उपलब्धि हासिल की। उनकी यह performance उनके personal best के बराबर रही और इसके साथ ही वह World U20 Championships में पुरुषों की high jump में medal जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए। 2.21 मीटर की छलांग से जीता Silver Basant ने final में 2.21m की ऊंचाई पार की। यह उनके career के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के बराबर है। World Athletics के रिकॉर्ड के अनुसार Basant का personal best भी 2.21m है। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने भारत के लिए World U20 Championships में पुरुषों के high jump event का पहला medal सुनिश्चित किया। भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि Basant की जीत सिर्फ एक व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि भारतीय athletics के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि है। World U20 Championships में भारत ने इससे पहले विभिन्न athletics events में medals जीते हैं, लेकिन Men’s High Jump में यह भारत का पहला medal है। Basant ने silver के साथ इस event में भारत का नाम इतिहास में दर्ज करा दिया। 19 साल के Basant ने दिखाया दम Basant Kumar Meghwal की उम्र अभी 19 वर्ष है। उनका जन्म 7 जनवरी 2007 को हुआ था और World Athletics profile में उनका personal best 2.21m दर्ज है। कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह प्रदर्शन उनके भविष्य को लेकर उम्मीदें बढ़ाता है। High Jump जैसे technical event में लगातार ऊंचाई बढ़ाना किसी भी athlete के लिए बड़ी चुनौती होती है और Basant ने U20 स्तर पर खुद को साबित किया है। National level पर भी कर चुके हैं शानदार प्रदर्शन World U20 Championships से पहले Basant घरेलू competitions में भी शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं। अप्रैल 2026 में आयोजित 24th National Junior U20 Athletics Federation Competition में Basant ने Men’s High Jump में 2.21m की छलांग लगाकर पहला स्थान हासिल किया था। आधिकारिक Athletics Federation of India results में भी उनका 2.21m प्रदर्शन दर्ज है। 2025 में भी उन्होंने National Junior Athletics Championships में 2.11m के साथ gold medal जीता था। Personal Best की बराबरी कर अंतरराष्ट्रीय मंच पर चमके Eugene में Basant का 2.21m jump उनके लिए इसलिए भी खास रहा क्योंकि उन्होंने अपने personal best की बराबरी की। World Athletics के अनुसार उनका 2.21m personal best अप्रैल 2026 में Bengaluru में आया था। World stage पर उसी स्तर का प्रदर्शन दोहराना उनकी consistency को दिखाता है। भारत के Athletics अभियान को मिली मजबूती Basant का silver भारत के World U20 Athletics Championships अभियान के लिए भी महत्वपूर्ण रहा। इसी championship में भारतीय athletes ने अन्य field events में भी शानदार प्रदर्शन किया। Men’s Javelin Throw में Ashish Yadav ने silver medal जीता, जबकि Men’s Long Jump में Shahnavaz Khan ने bronze medal हासिल किया। इससे भारतीय athletics contingent के medal tally में और इजाफा हुआ। High Jump में भारत के लिए नई उम्मीद भारत में athletics के कुछ events, खासकर javelin और long jump, में हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत प्रदर्शन देखने को मिला है। अब Basant की यह सफलता high jump में भी नई उम्मीद पैदा करती है। विशेषज्ञों और athletics fans की नजर अब इस बात पर होगी कि Basant आने वाले senior-level competitions में अपनी 2.21m performance को किस तरह आगे बढ़ाते हैं। अगला लक्ष्य और बड़ी ऊंचाई U20 स्तर पर World Championship medal जीतने के बाद Basant के सामने अब senior athletics में खुद को स्थापित करने की चुनौती होगी। High jump में 2.21m का स्तर मजबूत है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय senior competition में medal contention के लिए उन्हें आने वाले वर्षों में अपनी best height को और बेहतर करना होगा। Basant की कम उम्र और लगातार सुधार को देखते हुए उनके पास आने वाले वर्षों में 2.25m और उससे ऊपर जाने का लक्ष्य हासिल करने का अवसर है। निष्कर्ष Basant Kumar Meghwal ने World Athletics U20 Championships 2026 में Men’s High Jump में Silver Medal जीतकर इतिहास रच दिया है। Eugene में उन्होंने 2.21m की छलांग लगाई और अपने personal best की बराबरी की। उनकी यह उपलब्धि इसलिए खास है क्योंकि वह World U20 Championships में Men’s High Jump में medal जीतने वाले पहले भारतीय athlete बन गए हैं। 19 वर्षीय Basant की यह सफलता भारतीय athletics में high jump के लिए नई उम्मीद लेकर आई है। Source: World Athletics, Athletics Federation of India, India Today, The Tribune, Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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Ashmita Chaliha ने Korea Masters 2026 का खिताब जीता, Han Qian Xi को हराकर रचा इतिहास

आसन, दक्षिण कोरिया: भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी Ashmita Chaliha ने रविवार को शानदार प्रदर्शन करते हुए Victor Korea Masters 2026 का Women’s Singles title अपने नाम कर लिया। उन्होंने फाइनल में चीन की चौथी वरीयता प्राप्त Han Qian Xi को तीन गेम के रोमांचक मुकाबले में 14-21, 21-14, 21-14 से हराया। इस जीत के साथ Ashmita ने अपने करियर का पहला BWF World Tour title हासिल किया। पहले गेम में पिछड़ गईं Ashmita फाइनल की शुरुआत Ashmita Chaliha के लिए आसान नहीं रही। Han Qian Xi ने पहले गेम में तेज शुरुआत करते हुए भारतीय खिलाड़ी पर दबाव बनाया और 21-14 से गेम अपने नाम कर लिया। पहला गेम गंवाने के बाद Ashmita के सामने वापसी की चुनौती थी। लेकिन उन्होंने धैर्य बनाए रखा और अगले दोनों गेम में अपनी रणनीति और खेल की गति में महत्वपूर्ण बदलाव किया। दूसरे गेम में शानदार वापसी दूसरे गेम में Ashmita ने आक्रामक और नियंत्रित बैडमिंटन खेला। उन्होंने Han Qian Xi को लगातार दबाव में रखा और 21-14 से दूसरा गेम जीतकर मुकाबला बराबरी पर ला दिया। इसके बाद निर्णायक तीसरे गेम में भारतीय खिलाड़ी ने अपनी लय बनाए रखी और महत्वपूर्ण मौकों पर अंक हासिल करते हुए बढ़त बनाई। निर्णायक गेम में दिखाया आत्मविश्वास तीसरे गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला, लेकिन Ashmita ने महत्वपूर्ण रैलियों में बेहतर नियंत्रण दिखाया। उन्होंने 21-14 से तीसरा गेम जीतकर मैच अपने नाम कर लिया। इस तरह एक गेम से पिछड़ने के बाद उन्होंने लगातार दो गेम जीतकर शानदार comeback पूरा किया। पहला BWF World Tour title Korea Masters की यह जीत Ashmita Chaliha के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उनका पहला BWF World Tour खिताब है। इस जीत के साथ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन में अपने करियर की एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। रिपोर्टों के अनुसार वह BWF World Tour के Super 300 या उससे ऊपर के Women’s Singles title जीतने वाली चुनिंदा भारतीय महिला खिलाड़ियों की सूची में भी शामिल हो गई हैं। चोट के बाद शानदार वापसी Ashmita की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि वह चोट से वापसी के बाद लगातार अपने प्रदर्शन में सुधार कर रही थीं। उन्हें पिछले दौर में घुटने की चोट के कारण लंबा rehabilitation period झेलना पड़ा था। कोर्ट पर वापसी के बाद उन्होंने धीरे-धीरे अपनी form हासिल की और Korea Masters में शानदार प्रदर्शन करते हुए आखिरकार अपना पहला World Tour title जीत लिया। फाइनल तक का सफर भी रहा शानदार Ashmita ने Korea Masters में शुरुआत से ही मजबूत प्रदर्शन किया। टूर्नामेंट के शुरुआती दौर में उन्होंने कई मुकाबले जीतकर अगले rounds में जगह बनाई। सेमीफाइनल में उन्होंने अपनी हमवतन Rakshitha Ramraj को 21-13, 14-21, 21-13 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया था। इसके बाद फाइनल में चीन की Han Qian Xi को हराकर उन्होंने title अपने नाम कर लिया। भारत के लिए बड़ी बैडमिंटन उपलब्धि Ashmita की जीत भारतीय बैडमिंटन के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने Women’s Singles में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे आते देखा है और Ashmita की यह सफलता इस प्रतिस्पर्धा को और मजबूत करती है। Korea Masters जैसे BWF World Tour event में title जीतना किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि है और इससे Ashmita की अंतरराष्ट्रीय ranking तथा confidence को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। Han Qian Xi के खिलाफ दिखी मानसिक मजबूती फाइनल में पहला गेम हारने के बाद मुकाबले में वापसी करना Ashmita की मानसिक मजबूती को दर्शाता है। उन्होंने दूसरे और तीसरे गेम में अपनी गलतियों को कम किया और rallies को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया। निर्णायक गेम में दबाव के बावजूद उन्होंने मैच को अपने हाथ से निकलने नहीं दिया। निष्कर्ष Ashmita Chaliha ने Korea Masters 2026 Women’s Singles title जीतकर भारतीय बैडमिंटन में नया अध्याय जोड़ दिया है। उन्होंने फाइनल में चीन की Han Qian Xi को 14-21, 21-14, 21-14 से हराकर अपने करियर का पहला BWF World Tour title जीता। पहला गेम गंवाने के बाद शानदार वापसी Ashmita की इस जीत को और खास बनाती है। चोट के बाद वापसी करते हुए उन्होंने जिस तरह लगातार बेहतर प्रदर्शन किया, वह उनके संघर्ष और आत्मविश्वास को दिखाता है। अब इस खिताब के बाद भारतीय बैडमिंटन प्रशंसकों की नजरें Ashmita के आगामी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों पर रहेंगी। Source: Indian Express, India Today, The Statesman, DD News, Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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खेल | Commonwealth Games 2026: भारत ने 39 पदकों के साथ अभियान चौथे स्थान पर समाप्त किया

ग्लासगो: स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने कुल 39 पदकों के साथ अपना अभियान समाप्त किया। भारतीय दल ने 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदक जीते और पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। प्रतियोगिता 2 अगस्त को समाप्त हुई। भारत के लिए इस बार खास बात यह रही कि कई पारंपरिक पदक वाले खेल इस संस्करण में शामिल ही नहीं थे। इसके बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने बॉक्सिंग, वेटलिफ्टिंग, जूडो और एथलेटिक्स सहित उपलब्ध खेलों में मजबूत प्रदर्शन किया। भारत की झोली में आए 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज भारत ने प्रतियोगिता के अंत तक 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज, यानी कुल 39 पदक अपने नाम किए। 39 पदकों के साथ भारत चौथे स्थान पर रहा। भारत से ऊपर ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और अन्य शीर्ष दल रहे। भारतीय दल के लिए खास तौर पर बॉक्सिंग में प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा, जहां कई भारतीय मुक्केबाज फाइनल तक पहुंचे और टीम की पदक संख्या में बड़ा योगदान दिया। बॉक्सिंग में भारत का शानदार प्रदर्शन भारत के लिए बॉक्सिंग इस कॉमनवेल्थ गेम्स का सबसे सफल खेलों में से एक रहा। भारतीय मुक्केबाजों ने कई भार वर्गों में पदक हासिल किए और कई खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक तक पहुंच बनाई। बॉक्सिंग से मिले गोल्ड ने प्रतियोगिता के अंतिम चरण में भारत को पदक तालिका में ऊपर पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारतीय खिलाड़ियों की इस सफलता को देश के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। वेटलिफ्टिंग में भी भारत का दम वेटलिफ्टिंग भारत के पारंपरिक रूप से मजबूत खेलों में शामिल रहा है और ग्लासगो में भी भारतीय खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया। मीराबाई चानू सहित भारतीय वेटलिफ्टरों ने पदक जीतकर टीम के कुल स्कोर को मजबूत किया। वेटलिफ्टिंग में मिले पदकों ने भारत को चौथे स्थान की दौड़ में बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जूडो में भारत ने रचा इतिहास जूडो में भी भारतीय खिलाड़ियों ने यादगार प्रदर्शन किया। भारत ने इस खेल में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं और स्वर्ण पदक जीतकर अपनी पदक संख्या में इजाफा किया। जूडो में मिली सफलता इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि यह उन खेलों में शामिल था जिनमें भारत से इस बार अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही थी। इस बार कई बड़े खेल CWG कार्यक्रम से बाहर रहे 2026 का कॉमनवेल्थ गेम्स पिछले संस्करणों की तुलना में काफी अलग रहा। ग्लासगो में आयोजित इस संस्करण में केवल 10 खेलों को शामिल किया गया था। भारत के लिए चिंता की बात यह रही कि हॉकी, बैडमिंटन, क्रिकेट, कुश्ती, शूटिंग, टेबल टेनिस और स्क्वैश जैसे कई ऐसे खेल प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं थे, जिनमें भारत आमतौर पर बड़ी संख्या में पदक जीतता है। भारत सरकार के दस्तावेज में भी 2026 के सीमित 10-स्पोर्ट कार्यक्रम और इन खेलों के बाहर रहने का उल्लेख है। इस वजह से 2026 की 39 पदकों की संख्या की तुलना सीधे 2022 के 61 पदकों से करना पूरी तरह समान परिस्थितियों में तुलना नहीं होगी। 2022 में भारत ने जीते थे 61 पदक बर्मिंघम में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में भारत ने कुल 61 पदक जीते थे, जिसमें 22 गोल्ड, 16 सिल्वर और 23 ब्रॉन्ज शामिल थे। 2026 में कुल पदकों की संख्या कम रही, लेकिन इस बार प्रतियोगिता का खेल कार्यक्रम काफी छोटा था। इसके बावजूद भारत ने पदक तालिका में चौथा स्थान बरकरार रखा। भारतीय खिलाड़ियों ने कई क्षेत्रों में दिखाया दम ग्लासगो में भारतीय खिलाड़ियों ने उपलब्ध खेलों में लगातार पदक हासिल किए। बॉक्सिंग और वेटलिफ्टिंग के अलावा जूडो तथा अन्य स्पर्धाओं में भी भारतीय दल ने अच्छा प्रदर्शन किया। खास तौर पर युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने भारतीय खेलों के भविष्य को लेकर उम्मीदें बढ़ाई हैं। अनुभवी खिलाड़ियों के साथ नई पीढ़ी के खिलाड़ियों ने भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी क्षमता दिखाई। भारत के लिए चौथा स्थान क्यों महत्वपूर्ण है? सीमित खेल कार्यक्रम को देखते हुए चौथे स्थान पर रहना भारतीय दल के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। जिन खेलों में भारत की मजबूत पदक संभावनाएं रहती हैं, उनमें से कई इस बार प्रतियोगिता में शामिल नहीं थे। इसके बावजूद भारत ने 39 पदक हासिल किए और पदक तालिका में शीर्ष पांच में जगह बनाए रखी। इससे भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्ध खेलों में प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता सामने आई है। निष्कर्ष Commonwealth Games 2026 में भारत ने 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज समेत कुल 39 पदक जीतकर चौथे स्थान पर अपना अभियान समाप्त किया। बॉक्सिंग, वेटलिफ्टिंग और जूडो में भारतीय खिलाड़ियों ने विशेष रूप से शानदार प्रदर्शन किया। हालांकि इस बार हॉकी, कुश्ती, बैडमिंटन, शूटिंग, क्रिकेट जैसे कई महत्वपूर्ण खेल प्रतियोगिता में शामिल नहीं थे, फिर भी भारत ने उपलब्ध खेलों में मजबूत प्रदर्शन करते हुए चौथा स्थान बरकरार रखा। Source: Olympics.com, Indian Express, NDTV Sports, Commonwealth Games 2026 reports जय राष्ट्र न्यूज़

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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के बाद भारत ने अहमदाबाद 2030 की तैयारियाँ तेज़ कीं, खेल अवसंरचना की व्यापक समीक्षा शुरू

अहमदाबाद: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के सफल समापन के बाद भारत ने 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेज़बानी की तैयारियों को आधिकारिक रूप से तेज़ कर दिया है। केंद्र सरकार, भारतीय ओलंपिक संघ (IOA), गुजरात सरकार और विभिन्न खेल महासंघों के बीच लगातार समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इन बैठकों का उद्देश्य अहमदाबाद में विश्वस्तरीय खेल अवसंरचना तैयार करना, आयोजन स्थलों का विकास करना और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुविधाएँ सुनिश्चित करना है। खेल अवसंरचना पर विशेष फोकस सरकार ने अहमदाबाद और आसपास के क्षेत्रों में स्टेडियम, इंडोर एरीना, एथलीट विलेज, प्रशिक्षण केंद्र, परिवहन नेटवर्क और डिजिटल स्पोर्ट्स मैनेजमेंट सिस्टम के विकास की समीक्षा शुरू कर दी है। कई मौजूदा स्टेडियमों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा, जबकि आवश्यकता के अनुसार नए खेल परिसरों का भी निर्माण किया जाएगा। 2036 ओलंपिक की तैयारी को भी मिलेगा लाभ विशेषज्ञों का मानना है कि अहमदाबाद 2030 केवल कॉमनवेल्थ गेम्स तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह भारत की 2036 ओलंपिक मेज़बानी की तैयारी के लिए भी महत्वपूर्ण आधार बनेगा। खेल मंत्रालय का लक्ष्य ऐसी स्थायी (Sustainable) और आधुनिक खेल सुविधाएँ विकसित करना है जिनका उपयोग भविष्य में भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए किया जा सके। एथलीटों के लिए बेहतर सुविधाएँ सरकार भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन को और बेहतर बनाने के लिए हाई-परफॉर्मेंस ट्रेनिंग सेंटर, स्पोर्ट्स साइंस लैब, आधुनिक रिकवरी सिस्टम और अंतरराष्ट्रीय स्तर की कोचिंग सुविधाओं के विस्तार पर भी काम कर रही है। कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 से पहले खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। आर्थिक और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा अहमदाबाद में होने वाले इस बड़े खेल आयोजन से स्थानीय अर्थव्यवस्था, पर्यटन, होटल उद्योग, परिवहन और रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। सरकार का अनुमान है कि आयोजन के दौरान लाखों घरेलू और विदेशी पर्यटक गुजरात आएंगे, जिससे राज्य को आर्थिक लाभ मिलेगा। निष्कर्ष कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के बाद भारत ने अहमदाबाद 2030 की तैयारियों को नई गति दे दी है। आधुनिक खेल अवसंरचना, खिलाड़ियों के लिए बेहतर सुविधाएँ और वैश्विक स्तर का आयोजन भारत की खेल शक्ति को नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। Source: Ministry of Youth Affairs & Sports | Indian Olympic Association (IOA) जय राष्ट्र न्यूज़

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भारतीय क्रिकेट स्टार सूर्यकुमार यादव बने MLB के आधिकारिक ब्रांड एम्बेसडर, भारत में बेसबॉल को मिलेगा नया आयाम

नई दिल्ली | 9 जुलाई 2026 भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज़ सूर्यकुमार यादव ने अपने करियर में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अमेरिका की प्रतिष्ठित मेजर लीग बेसबॉल (MLB) ने उन्हें भारत के लिए अपना आधिकारिक ब्रांड एम्बेसडर नियुक्त किया है। यह पहली बार है जब किसी भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी को इस स्तर पर MLB के साथ जोड़ा गया है। इस साझेदारी का उद्देश्य भारत में बेसबॉल के प्रति रुचि बढ़ाना और क्रिकेट प्रेमियों को इस खेल से जोड़ना है। MLB का मानना है कि भारत दुनिया के सबसे बड़े खेल बाज़ारों में से एक है और यहां करोड़ों युवा खेलों में रुचि रखते हैं। ऐसे में सूर्यकुमार यादव जैसे लोकप्रिय खिलाड़ी के साथ जुड़कर बेसबॉल को नई पहचान दिलाने में मदद मिलेगी। उनकी लोकप्रियता और युवा वर्ग में प्रभाव को देखते हुए MLB ने उन्हें इस अभियान का चेहरा बनाया है। भारत में बेसबॉल को बढ़ावा देने की नई रणनीति पिछले कुछ वर्षों में MLB एशियाई देशों में अपनी मौजूदगी लगातार बढ़ा रहा है। जापान और दक्षिण कोरिया के बाद अब भारत को बेसबॉल के लिए बड़ा बाजार माना जा रहा है। भारत में क्रिकेट की अपार लोकप्रियता को देखते हुए MLB ऐसी हस्ती की तलाश में था जो युवाओं तक आसानी से पहुंच सके। सूर्यकुमार यादव इस भूमिका के लिए सबसे उपयुक्त माने गए। इस साझेदारी के तहत भारत में कई प्रचार अभियान, युवा खिलाड़ियों के लिए कार्यक्रम, डिजिटल कंटेंट और बेसबॉल से जुड़े विशेष इवेंट आयोजित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य भारतीय युवाओं को इस खेल से परिचित कराना और खेल संस्कृति का विस्तार करना है। सूर्यकुमार यादव ने जताई खुशी MLB के साथ जुड़ने पर सूर्यकुमार यादव ने कहा कि खेल लोगों को जोड़ने का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट की तरह बेसबॉल भी कौशल, रणनीति और रोमांच से भरपूर खेल है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पहल भारत के युवाओं को एक नए खेल से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। सूर्यकुमार यादव ने कहा कि उन्हें ऐसे वैश्विक खेल संगठन के साथ जुड़कर गर्व महसूस हो रहा है और वे भारत में बेसबॉल को लोकप्रिय बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेंगे। MLB ने क्यों चुना सूर्यकुमार यादव? MLB अधिकारियों के अनुसार सूर्यकुमार यादव न केवल भारत बल्कि दुनिया के सबसे लोकप्रिय क्रिकेट खिलाड़ियों में शामिल हैं। उनका आक्रामक खेल, आधुनिक बल्लेबाज़ी शैली और सोशल मीडिया पर मजबूत प्रभाव उन्हें वैश्विक खेल ब्रांडों के लिए आकर्षक बनाता है। MLB का मानना है कि उनकी लोकप्रियता के माध्यम से लाखों भारतीय युवा पहली बार बेसबॉल के बारे में जानेंगे और इस खेल में रुचि दिखाएंगे। यही कारण है कि संगठन ने उन्हें भारत में अपने प्रचार अभियान का प्रमुख चेहरा बनाया है। भारत-अमेरिका खेल सहयोग को मिलेगा नया आयाम विशेषज्ञों का मानना है कि यह साझेदारी केवल एक ब्रांड एम्बेसडर की नियुक्ति नहीं है, बल्कि भारत और अमेरिका के बीच खेल सहयोग को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच युवा खिलाड़ियों के आदान-प्रदान, प्रशिक्षण कार्यक्रम और खेल आयोजनों में सहयोग बढ़ने की संभावना है। भारत में बेसबॉल अभी शुरुआती दौर में है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय संगठनों की बढ़ती रुचि और भारतीय खिलाड़ियों की भागीदारी इस खेल के भविष्य को नई दिशा दे सकती है। MLB को उम्मीद है कि सूर्यकुमार यादव के जुड़ने से भारतीय दर्शकों के बीच बेसबॉल की लोकप्रियता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। स्रोत: Reuters, Major League Baseball (MLB) मूल रिपोर्ट:https://www.reuters.com/sports/cricket/mlb-teams-up-with-crickets-suryakumar-reach-fans-india-2026-07-08/ https://www.mlb.com Jai Rashtra News

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