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United Services Club Money-Laundering Case में ED का बड़ा Action; ₹13.44 करोड़ की 13 Properties Attach

मुंबई, 14 सितंबर 2026: Enforcement Directorate (ED) के Mumbai Zonal Office ने United Services Club से कथित तौर पर funds siphon करने से जुड़े money-laundering case में करीब ₹13.44 करोड़ की 13 movable और immovable properties provisionally attach की हैं। इनमें flats, land/plots, fixed deposits और bank balances शामिल हैं। Assets Mumbai, Goa और Madhya Pradesh में स्थित हैं। Bernadette और Bharat Varma से जुड़ी Assets पर Action ED के मुताबिक attached assets Bernadette Bharat Varma, Bharatkumar Shankarlal Varma और अन्य लोगों से संबंधित हैं। Bernadette Varma United Services Club में Deputy Secretary (Finance) के पद पर थीं। Agency का आरोप है कि उन्होंने अपने husband Bharat Varma के साथ मिलकर club के genuine vendors से मिलते-जुलते नामों से fake या dummy bank accounts खुलवाए। करीब ₹77 करोड़ Divert करने का आरोप ED investigation में आरोप है कि इन fake vendor accounts के जरिए United Services Club के करीब ₹77 करोड़ transfer किए गए। Agency का कहना है कि इसके बाद यह रकम Bernadette Varma, Bharat Varma और उनके family members तथा associates के personal या joint bank accounts में divert की गई। Property और Fixed Deposits में लगाया गया पैसा ED का आरोप है कि alleged proceeds of crime का इस्तेमाल कई immovable properties खरीदने और विभिन्न banks में fixed deposits करने में किया गया। Latest attachment में flats, plots, FDs और bank balances समेत 13 assets शामिल हैं। ₹11 करोड़ Jyotirgamay Foundation में Transfer होने का दावा Investigation में करीब ₹11 करोड़ M/s Jyotirgamay Foundation Trust के bank account में transfer होने की बात भी सामने आई है। ED के मुताबिक इस रकम को बाद में Chartered Accountant Chandra Prakash Pandey, उनके family members और उनसे जुड़ी firms के accounts में divert किया गया। Pandey United Services Club से जुड़े Chartered Accountant बताए गए हैं। पहले भी ₹34.51 करोड़ की Properties हुई थीं Attach यह इस case में ED की पहली attachment नहीं है। Agency ने इससे पहले 20 March 2026 को करीब ₹34.51 करोड़ की 35 properties attach की थीं। Latest ₹13.44 करोड़ की कार्रवाई के साथ इस मामले में attached assets की value करीब ₹48 करोड़ पहुंच गई है। Mumbai Police की FIR से शुरू हुई Investigation ED ने money-laundering investigation Mumbai Police द्वारा Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS), 2023 की विभिन्न धाराओं में दर्ज FIR के आधार पर शुरू की थी। Agency ने कहा है कि मामले में आगे की investigation अभी जारी है। source – Enforcement Directorate / TV9 Bharatvarsh जय राष्ट्र न्यूज़

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₹132 करोड़ Bank Fraud Case में ED की बड़ी कार्रवाई, Bihar-Delhi-Haryana के 9 ठिकानों पर Raid

नई दिल्ली, 11 सितंबर 2026: Enforcement Directorate (ED) ने कथित ₹132 करोड़ के bank fraud case में शुक्रवार को Bihar, Haryana और Delhi के कुल 9 ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई Gaya स्थित Ramnandi Hotels and Resorts Ltd (RHRL) और उससे जुड़े लोगों के खिलाफ money laundering investigation के तहत की गई। Gaya में 6, Gurugram में 2 और Delhi में 1 ठिकाने पर Search ED ने Prevention of Money Laundering Act (PMLA) की Section 17 के तहत searches कीं। Agency के मुताबिक इनमें: शामिल हैं। RHRL को Akhouri Gopal और उनके बेटों Nishant और Nitesh द्वारा नियंत्रित बताया गया है। ₹85 करोड़ Loan में से ₹58 करोड़ Diversion का आरोप ED की जांच में आरोप है कि banks के consortium ने company को करीब ₹85 करोड़ का loan दिया था, जिसमें से लगभग ₹58 करोड़ divert किए गए। Officials के मुताबिक loan allegedly fake या forged project completion reports के आधार पर हासिल किए गए थे। ये reports company के Chartered Accountant की ओर से दिए जाने का आरोप है। Mortgaged Properties बेचने का भी आरोप Investigation में पांच ऐसी properties भी सामने आई हैं, जिन्हें एक related group entity की dues के बदले Tata Motors Ltd के पास pledge या mortgage किया गया था। ED का आरोप है कि इन properties को बाद में काफी कम कीमत पर बेचा गया और sale deeds में consideration cash के रूप में दिखाया गया। कुछ buyers के benami या proxy होने की भी जांच की जा रही है। CBI Chargesheet में ₹131.79 करोड़ का मामला Officials के मुताबिक CBI chargesheet के आधार पर इस case में proceeds of crime करीब ₹131.79 करोड़ आंका गया है, जो संबंधित Non-Performing Asset (NPA) value से जुड़ा है। ED यह भी जांच कर रही है कि क्या assets को संभावित attachment से बचाने के लिए उन्हें transfer या alienate करने की कोशिश की गई थी। source – Times of India / ED Officials जय राष्ट्र न्यूज़

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ED का बड़ा एक्शन! आजम खान के ट्रस्ट और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े 10 ठिकानों पर छापेमारी

नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार, 19 अगस्त 2026 को समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ा एक्शन लिया। एजेंसी ने उत्तर प्रदेश के रामपुर और सहारनपुर के अलावा दिल्ली में करीब 10 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई में आजम खान से जुड़े मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के परिसर भी शामिल हैं। PMLA के तहत चल रही जांच ED की यह कार्रवाई Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के तहत दर्ज मामले की जांच का हिस्सा है। अधिकारियों के अनुसार, जांच का मुख्य फोकस कथित तौर पर सरकारी ठेकों से जुड़े धन के डायवर्जन और उसके बाद उस रकम के इस्तेमाल पर है। एजेंसी वित्तीय रिकॉर्ड, दस्तावेज और डिजिटल सबूत जुटाने की कोशिश कर रही है। सरकारी ठेकों की रकम के इस्तेमाल की जांच जांच एजेंसी को कथित तौर पर कुछ ऐसे वित्तीय लेनदेन मिले हैं, जिनमें सरकारी ठेके हासिल करने वाले कुछ निजी ठेकेदारों से ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी से जुड़े संस्थानों तक धन पहुंचने की आशंका जताई गई है। ED यह जांच कर रही है कि कथित तौर पर डायवर्ट किए गए सरकारी ठेकों के फंड का इस्तेमाल यूनिवर्सिटी और ट्रस्ट से जुड़ी संपत्तियों के निर्माण तथा अन्य गतिविधियों में किया गया या नहीं। हालांकि, इन आरोपों की जांच अभी जारी है और तलाशी से मिले दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी भी जांच के घेरे में रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की स्थापना आजम खान ने 2006 में की थी। यूनिवर्सिटी पहले से ही जमीन, निर्माण और वित्तीय मामलों से जुड़े विवादों के कारण चर्चा में रही है। ED की ताजा कार्रवाई ने इस संस्थान को लेकर चल रही कानूनी और राजनीतिक बहस को फिर तेज कर दिया है। यूनिवर्सिटी के कई भवनों को लेकर भी अलग विवाद चल रहा है। रामपुर विकास प्राधिकरण ने यूनिवर्सिटी की 40 में से 38 इमारतों पर आवश्यक मंजूरियों के बिना निर्माण का आरोप लगाया था। प्रस्तावित कार्रवाई पर फिलहाल न्यायिक प्रक्रिया के कारण रोक लगी हुई है। राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज ED की छापेमारी के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। समाजवादी पार्टी ने कार्रवाई को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है, जबकि उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने ED की जांच का बचाव करते हुए कहा कि अगर किसी तरह की गड़बड़ी सामने आती है तो उसके आधार पर कार्रवाई होगी। फिलहाल ED की टीमें दस्तावेजों और अन्य डिजिटल एवं वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं। छापेमारी में क्या-क्या बरामद हुआ और जांच आगे किस दिशा में बढ़ेगी, इसकी विस्तृत जानकारी एजेंसी की कार्रवाई पूरी होने के बाद सामने आने की उम्मीद है। स्रोत: Enforcement Directorate, Indian Express, The New Indian Express, Times of India Jai Rashtra News

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