IMD का नया मानसून अलर्ट: 13 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी, कई इलाकों में तेज हवाओं का खतरा

जय राष्ट्र न्यूज़ | मौसम एवं पर्यावरण डेस्क | 23 जून 2026 मुख्य समाचार भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों के लिए नया मानसून अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार महाराष्ट्र, बिहार, ओडिशा, असम सहित 13 राज्यों में भारी बारिश की संभावना है। इसके साथ ही कई क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। मानसून ने पकड़ी रफ्तार लगातार कुछ दिनों की धीमी प्रगति के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून ने फिर से गति पकड़ ली है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने मौसम तंत्र और अनुकूल परिस्थितियों के कारण मानसून आगे बढ़ रहा है, जिससे देश के कई हिस्सों में वर्षा गतिविधियां बढ़ने लगी हैं। किन राज्यों में ज्यादा असर? IMD के अनुसार महाराष्ट्र, बिहार, ओडिशा, असम, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में भी आंधी और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर जलभराव, यातायात बाधित होने और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थितियां भी उत्पन्न हो सकती हैं। तेज हवाओं और बिजली गिरने का खतरा मौसम विभाग ने कई इलाकों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई है। गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए लोगों को खुले स्थानों से दूर रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। दिल्ली-एनसीआर में भी अलर्ट दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में भी मौसम तेजी से बदल रहा है। तेज धूल भरी आंधी और बारिश के बाद IMD ने रेड अलर्ट जारी किया है। अगले कुछ घंटों में गरज-चमक और वर्षा की गतिविधियां जारी रहने की संभावना जताई गई है। किसानों के लिए राहत विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की सक्रियता बढ़ने से खरीफ फसलों की बुवाई को फायदा मिल सकता है। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे कई कृषि क्षेत्रों में वर्षा से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि अत्यधिक वर्षा वाले इलाकों में फसलों को नुकसान का जोखिम भी बना हुआ है। प्रशासन अलर्ट मोड में कई राज्यों में आपदा प्रबंधन एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है। निचले इलाकों, नदी किनारे बसे क्षेत्रों और भूस्खलन संभावित स्थानों पर विशेष निगरानी की जा रही है। स्रोत: India Meteorological Department (IMD) मूल रिपोर्ट:https://m.economictimes.com/news/new-updates/weather-tomorrow-june-23-imd-warns-of-heavy-rain-in-13-states-including-maharashtra-bihar-odisha-assam-heatwave-alert-in-east-up-and-vidarbha/articleshow/131915003.cms जय राष्ट्र न्यूज़

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कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने जारी की चेतावनी

जय राष्ट्र न्यूज़ | मौसम एवं पर्यावरण डेस्क | 23 जून 2026 मुख्य समाचार देश के कई हिस्सों में मानसून की गतिविधियां तेज होने के साथ भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने भारी बारिश, आंधी और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार महाराष्ट्र, बिहार, ओडिशा, असम सहित कई राज्यों में अगले कुछ दिनों के दौरान भारी वर्षा की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं और गरज-चमक के साथ बारिश भी देखने को मिल सकती है। मौसम विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। मानसून ने पकड़ी रफ्तार लगभग दो सप्ताह की धीमी प्रगति के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून ने फिर से गति पकड़ी है और देश के मध्य तथा पश्चिमी हिस्सों की ओर तेजी से बढ़ रहा है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इससे खरीफ फसलों की बुवाई को भी लाभ मिल सकता है। मानसून की सक्रियता बढ़ने के कारण कई राज्यों में वर्षा की तीव्रता बढ़ने की संभावना जताई गई है। किन राज्यों पर ज्यादा असर? IMD के अनुसार महाराष्ट्र, बिहार, ओडिशा, असम, पश्चिम बंगाल, झारखंड और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है। इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ इलाकों में भी आंधी और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी व्यक्त की गई है। तेज हवाओं और आंधी की चेतावनी मौसम विभाग ने कई क्षेत्रों में 40 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई है। कुछ इलाकों में बिजली गिरने और तेज तूफानी गतिविधियों का भी खतरा बना हुआ है। विशेषज्ञों ने लोगों से खुले स्थानों में सावधानी बरतने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। दिल्ली-एनसीआर में मौसम बदला दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में भी मौसम ने अचानक करवट ली है। धूल भरी आंधी और तेज हवाओं के बाद कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई, जिसके चलते IMD ने रेड अलर्ट जारी किया। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ घंटों और दिनों में भी मौसम अस्थिर बना रह सकता है। किसानों के लिए राहत विशेषज्ञों के अनुसार मानसून की सक्रियता बढ़ने से कृषि क्षेत्र को राहत मिल सकती है। विशेषकर उन राज्यों में जहां किसान खरीफ फसलों की बुवाई की तैयारी कर रहे हैं, वहां अच्छी बारिश लाभदायक साबित हो सकती है। हालांकि अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में फसलों को नुकसान की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। प्रशासन की तैयारी कई राज्यों में स्थानीय प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा है। निचले इलाकों, नदी किनारे बसे क्षेत्रों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी की जा रही है। लोगों से मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने की अपील की गई है। स्रोत: India Meteorological Department (IMD) मूल रिपोर्ट:https://mausam.imd.gov.in जय राष्ट्र न्यूज़

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दिल्ली-NCR समेत कई राज्यों में बारिश का अलर्ट, मौसम विभाग की विशेष निगरानी

जय राष्ट्र न्यूज़ | राज्य डेस्क | 19 जून 2026 मुख्य समाचार देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी कुछ दिनों तक कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं। दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हरियाणा और अन्य राज्यों में मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। दिल्ली-NCR में बारिश और तेज हवाओं की संभावना IMD के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार दिल्ली-NCR में 19 जून से 21 जून तक हल्की बारिश, गरज-चमक और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग का कहना है कि इस दौरान अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे रह सकता है, जिससे पिछले दिनों की गर्मी में कमी आएगी। कई राज्यों के लिए मौसम चेतावनी IMD ने 17 से अधिक राज्यों में बारिश, आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है। उत्तर भारत के अलावा पूर्वी और पश्चिमी भारत के कई क्षेत्रों में भी मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते मौसम के कारण कुछ क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर जलभराव, यातायात प्रभावित होने और बिजली आपूर्ति में बाधा जैसी स्थितियां भी बन सकती हैं। यात्रियों और किसानों को सलाह मौसम विभाग ने यात्रियों को यात्रा से पहले स्थानीय मौसम अपडेट देखने की सलाह दी है। खराब मौसम के कारण कुछ क्षेत्रों में सड़क और हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है। वहीं कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि वर्षा की गतिविधियों पर किसानों की विशेष नजर बनी हुई है क्योंकि आगामी दिनों का मौसम खरीफ फसलों की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राहत के साथ सावधानी भी जरूरी बारिश और तेज हवाओं से गर्मी से राहत जरूर मिलेगी, लेकिन बिजली गिरने और आंधी के दौरान खुले स्थानों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से आधिकारिक मौसम बुलेटिन और चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। निष्कर्ष दिल्ली-NCR समेत देश के कई राज्यों में मौसम विभाग ने बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया है। आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं, जिससे तापमान में गिरावट और गर्मी से राहत मिलने की संभावना है। हालांकि मौसम की बदलती परिस्थितियों को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और आधिकारिक सलाह का पालन करने की जरूरत है। स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) मूल रिपोर्ट:IMD Delhi-NCR Weather Forecast जय राष्ट्र न्यूज़

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मानसून की रफ्तार और बारिश की स्थिति पर किसानों की नजर

मानसून की रफ्तार और बारिश की स्थिति पर किसानों की नजर, कई राज्यों में मौसम विभाग की निगरानी बढ़ी

जय राष्ट्र न्यूज़ पर ताजा मौसम और कृषि अपडेट दिनांक: 15 जून 2026 मुख्य समाचार नई दिल्ली: देशभर में मानसून की प्रगति और वर्षा की स्थिति पर किसानों की नजर बनी हुई है। खरीफ फसलों की बुवाई का समय नजदीक होने के कारण कृषि क्षेत्र मानसून की चाल को लेकर विशेष रूप से सतर्क है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) भी विभिन्न राज्यों में मौसम की स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर और संतुलित वर्षा कृषि उत्पादन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। कई क्षेत्रों में किसान बारिश की मात्रा और वितरण के आधार पर अपनी खेती की रणनीति तय कर रहे हैं। खरीफ फसलों की तैयारी तेज लखनऊ: उत्तर भारत, मध्य भारत और पूर्वी राज्यों में किसान खरीफ सीजन की तैयारियों में जुट गए हैं। धान, मक्का, सोयाबीन, कपास और दलहन जैसी फसलों की बुवाई काफी हद तक मानसून पर निर्भर करती है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती मानसूनी बारिश किसानों को खेत तैयार करने और बुवाई शुरू करने में मदद करती है। मौसम विभाग की लगातार निगरानी नई दिल्ली: मौसम विभाग देश के विभिन्न हिस्सों में वर्षा, तापमान और बादलों की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहा है। कई राज्यों के लिए नियमित मौसम अपडेट जारी किए जा रहे हैं ताकि किसान समय रहते आवश्यक निर्णय ले सकें। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले कुछ दिनों में कई क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं, जिससे कृषि कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है। कृषि अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है मानसून मुंबई: भारत की बड़ी आबादी आज भी कृषि पर निर्भर है और मानसून का सीधा प्रभाव ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। अच्छी बारिश होने पर कृषि उत्पादन, ग्रामीण आय और बाजार की मांग में सुधार देखने को मिलता है। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि संतुलित मानसून देश की आर्थिक वृद्धि के लिए सकारात्मक संकेत साबित हो सकता है। जलाशयों और भूजल स्तर पर असर भोपाल: मानसून केवल खेती ही नहीं बल्कि जल संसाधनों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। अच्छी वर्षा से बांधों, जलाशयों और भूजल स्तर में सुधार की उम्मीद बढ़ती है। विशेषज्ञों का कहना है कि पर्याप्त वर्षा जल संकट से जूझ रहे कई क्षेत्रों को राहत पहुंचा सकती है। किसानों में उम्मीद और सतर्कता दोनों जयपुर: कई राज्यों में किसान मानसून को लेकर आशावादी हैं, लेकिन मौसम के बदलते पैटर्न को देखते हुए सतर्क भी बने हुए हैं। कृषि विभाग किसानों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के आधार पर खेती संबंधी निर्णय लेने की सलाह दे रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार आधुनिक मौसम सूचना सेवाएं किसानों को बेहतर योजना बनाने में मदद कर रही हैं। बाजारों की नजर भी मानसून पर मुंबई: कृषि उत्पादन का असर खाद्यान्न कीमतों और महंगाई पर भी पड़ता है। यही कारण है कि बाजार और आर्थिक विश्लेषक भी मानसून की स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं। अच्छी बारिश होने पर खाद्यान्न उत्पादन बढ़ सकता है और इससे कीमतों को स्थिर रखने में मदद मिल सकती है। निष्कर्ष नई दिल्ली: मानसून की रफ्तार और वर्षा की स्थिति इस समय देश के किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण विषयों में शामिल है। मौसम विभाग की बढ़ी निगरानी और नियमित अपडेट किसानों को बेहतर तैयारी करने में मदद कर रहे हैं। आने वाले सप्ताह कृषि क्षेत्र और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। जय राष्ट्र न्यूज़ के साथ जुड़े रहें मौसम, कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की हर बड़ी खबर के लिए।

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मानसून ने पकड़ी रफ्तार, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

जय राष्ट्र न्यूज़ पर ताजा मौसम अपडेट दिनांक: 12 जून 2026 नई दिल्ली: देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आगामी दिनों में कई क्षेत्रों में भारी बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है। मानसून की सक्रियता बढ़ने से जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिल रही है, वहीं किसानों में भी खरीफ फसलों को लेकर उम्मीद बढ़ी है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में बारिश का दायरा और बढ़ सकता है। कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना नई दिल्ली: मौसम विभाग के अनुसार उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बारिश वाले क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने की आवश्यकता है ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके। किसानों के लिए राहत की खबर नई दिल्ली: मानसून की अच्छी शुरुआत को कृषि क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। कई राज्यों में किसान खरीफ फसलों की बुवाई की तैयारी में जुट गए हैं। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर और संतुलित बारिश होने से धान, मक्का, सोयाबीन और अन्य खरीफ फसलों को लाभ मिल सकता है। हालांकि अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में फसलों को नुकसान की आशंका भी बनी रहती है। शहरों में जलभराव की चुनौती मुंबई/दिल्ली/कोलकाता: मानसून की तेज बारिश के साथ बड़े शहरों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या सामने आ सकती है। नगर निकायों को जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम विभाग ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी आधिकारिक अपडेट पर नजर बनाए रखने की अपील की है। बिजली गिरने और तेज हवाओं का खतरा नई दिल्ली: कई क्षेत्रों में गरज-चमक और तेज हवाओं की भी संभावना जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों ने खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी है। आपदा प्रबंधन एजेंसियों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा सके। अर्थव्यवस्था और जल संसाधनों को होगा फायदा नई दिल्ली: अच्छी मानसूनी बारिश का असर केवल कृषि तक सीमित नहीं रहता बल्कि जलाशयों, पेयजल आपूर्ति और बिजली उत्पादन पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि सामान्य से बेहतर मानसून देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी लाभकारी साबित हो सकता है। निष्कर्ष नई दिल्ली: मानसून की रफ्तार तेज होने के साथ देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर शुरू हो गया है। जहां एक ओर लोगों को गर्मी से राहत मिल रही है, वहीं किसानों और जल संसाधन क्षेत्र के लिए भी यह सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। हालांकि भारी बारिश वाले क्षेत्रों में सतर्कता बरतना आवश्यक होगा। जय राष्ट्र न्यूज़ के साथ जुड़े रहें मौसम, कृषि और देश-दुनिया की हर बड़ी खबर के लिए।

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