नई दिल्ली, 7 जुलाई। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की जांच में बड़ा कदम उठाते हुए विशेष NIA अदालत, जम्मू में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है। एजेंसी ने इसमें पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के प्रमुख हाफिज़ मोहम्मद सईद को हमले की साजिश रचने का आरोपी बताया है।
सीमा पार से रची गई साजिश का आरोप
NIA के अनुसार सप्लीमेंट्री चार्जशीट में हाफिज़ सईद को उसकी व्यक्तिगत भूमिका के साथ-साथ प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा और उसके कथित सहयोगी संगठन The Resistance Front (TRF) के प्रमुख के रूप में भी आरोपी बनाया गया है। एजेंसी का कहना है कि जांच में सीमा पार से साजिश रचे जाने के संबंध में नए साक्ष्य सामने आए हैं।
विस्तृत जांच के बाद दाखिल हुई चार्जशीट
NIA ने बताया कि सप्लीमेंट्री चार्जशीट विस्तृत वैज्ञानिक जांच, डिजिटल साक्ष्यों, फॉरेंसिक विश्लेषण, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और घटनास्थल से जुटाए गए सबूतों के आधार पर तैयार की गई है। यह पहले दाखिल की गई मूल चार्जशीट का विस्तार है और इसमें नए तथ्यों एवं कथित साजिश के विवरण को शामिल किया गया है।
अप्रैल 2025 में हुआ था हमला
यह मामला अप्रैल 2025 में पहलगाम क्षेत्र में हुए आतंकी हमले से जुड़ा है, जिसमें 25 पर्यटकों और जम्मू-कश्मीर के एक स्थानीय निवासी सहित कुल 26 लोगों की मौत हुई थी। घटना के बाद जांच का जिम्मा राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंपा गया था।
विभिन्न धाराओं के तहत आरोप
सप्लीमेंट्री चार्जशीट में हाफिज़ सईद के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत आरोप लगाए गए हैं। एजेंसी ने उस पर भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने और सीमा पार से आतंकी साजिश रचने का आरोप भी लगाया है।
जांच अभी भी जारी
NIA ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी समाप्त नहीं हुई है। एजेंसी हमले से जुड़े पूरे नेटवर्क, वित्तीय सहायता, स्थानीय सहयोगियों और सीमा पार से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच जारी रखे हुए है। यदि आगे और साक्ष्य सामने आते हैं तो अतिरिक्त कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल किया जाना जांच की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति है। उनका कहना है कि इससे कथित साजिश के पूरे नेटवर्क को न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से सामने लाने में मदद मिलेगी तथा सीमा पार प्रायोजित आतंकवाद के मामलों में भारत की कानूनी कार्रवाई और मजबूत होगी.
आगे की प्रक्रिया
अब यह मामला NIA की विशेष अदालत में आगे बढ़ेगा, जहां प्रस्तुत साक्ष्यों और चार्जशीट के आधार पर न्यायिक प्रक्रिया चलेगी। एजेंसी ने कहा है कि वह मामले की जांच पूरी होने तक सभी पहलुओं पर कार्य जारी रखेगी।
स्रोत:
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), भारत सरकार।
मूल रिपोर्ट:
7 जुलाई 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक NIA जानकारी एवं विश्वसनीय समाचार स्रोतों के आधार पर।
जय राष्ट्र न्यूज़






