कोहिमा: नागालैंड के मोन (Mon) जिले में बुधवार को सुरक्षा बलों पर हुए इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) विस्फोट में असम राइफल्स का एक जवान शहीद हो गया, जबकि चार अन्य जवान घायल हो गए। अधिकारियों के अनुसार यह घटना उस समय हुई जब असम राइफल्स की टीम नियमित क्षेत्र प्रभुत्व (Area Domination) और गश्ती अभियान पर निकली थी। विस्फोट के बाद पूरे इलाके की घेराबंदी कर व्यापक तलाशी अभियान (Search Operation) शुरू कर दिया गया है।
गश्त के दौरान हुआ विस्फोट
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार असम राइफल्स की टुकड़ी सीमावर्ती क्षेत्र में नियमित गश्त कर रही थी। इसी दौरान सड़क किनारे पहले से लगाए गए IED में विस्फोट हो गया। धमाका इतना तेज था कि एक जवान ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि चार अन्य जवान घायल हो गए। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद सेना के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
सुरक्षा एजेंसियों ने संभाला मोर्चा
घटना के तुरंत बाद अतिरिक्त सुरक्षा बलों को मौके पर भेजा गया। पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया गया है। बम निरोधक दस्ते (Bomb Disposal Squad) और डॉग स्क्वॉड की मदद से आसपास के इलाके की जांच की जा रही है ताकि किसी अन्य विस्फोटक सामग्री का पता लगाया जा सके।
हमले के पीछे उग्रवादी संगठन होने की आशंका
सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि हमले के पीछे सक्रिय उग्रवादी संगठन का हाथ हो सकता है। हालांकि घटना की जिम्मेदारी अभी तक किसी संगठन ने नहीं ली है। जांच एजेंसियां विस्फोट में इस्तेमाल किए गए IED के प्रकार और हमले की साजिश से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं।
सेना और प्रशासन सतर्क
असम राइफल्स और राज्य पुलिस ने आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है। सीमावर्ती क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से भी किसी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की सूचना तुरंत सुरक्षा एजेंसियों को देने की अपील की है।
शहीद जवान को श्रद्धांजलि
असम राइफल्स ने शहीद जवान को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका सर्वोच्च बलिदान देश हमेशा याद रखेगा। रक्षा अधिकारियों ने घायल जवानों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और कहा कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने के लिए अभियान जारी है।
जांच जारी
राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां, राज्य पुलिस और असम राइफल्स संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रही हैं। फॉरेंसिक टीम को भी घटनास्थल पर भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद घटना से संबंधित विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
निष्कर्ष
नागालैंड में IED विस्फोट की यह घटना एक बार फिर पूर्वोत्तर के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा चुनौतियों की याद दिलाती है। सुरक्षा बल लगातार क्षेत्र में शांति बनाए रखने और उग्रवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए अभियान चला रहे हैं। फिलहाल घायलों का इलाज जारी है और पूरे इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
Source: असम राइफल्स, रक्षा अधिकारियों एवं स्थानीय प्रशासन।
Original Report: रक्षा अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के आधार पर तैयार।
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