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केरल लोक भवन की रसोई में सिर्फ शाकाहारी भोजन के निर्देश पर विवाद, केसी वेणुगोपाल ने राज्यपाल पर उठाए सवाल

तिरुवनंतपुरम, 24 अक्टूबर 2026: केरल के नए राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर के पद संभालने के पहले ही दिन लोक भवन की रसोई में केवल शाकाहारी भोजन तैयार करने के निर्देश को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस और CPI(M) ने इस फैसले पर सवाल उठाए हैं, जबकि लोक भवन की ओर से कहा गया है कि यह व्यवस्था केवल राज्यपाल और उनके निजी स्टाफ के भोजन से जुड़ी है, कर्मचारियों या अन्य लोगों की निजी भोजन पसंद पर कोई रोक नहीं है।

केसी वेणुगोपाल ने क्या कहा?

AICC महासचिव केसी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि राज्यपाल अपनी निजी भोजन पसंद को संस्थान पर लागू कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केरल की खाद्य संस्कृति विविध है और लोगों को शाकाहारी या मांसाहारी भोजन चुनने की स्वतंत्रता है। वेणुगोपाल ने इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़ा मुद्दा बताते हुए राज्यपाल से फैसला वापस लेने की मांग की।

CPI(M) ने भी जताया विरोध

CPI(M) के राज्य सचिव एम वी गोविंदन ने कहा कि राज्यपाल स्वयं शाकाहारी भोजन कर सकते हैं, लेकिन दूसरों पर अपनी पसंद लागू करना उचित नहीं है। उन्होंने भी इस फैसले को वैचारिक एजेंडे से जोड़कर आलोचना की।

लोक भवन ने क्या सफाई दी?

लोक भवन के सूत्रों के मुताबिक राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर सख्त शाकाहारी हैं और उन्होंने केवल उस रसोई के लिए निर्देश दिया है जहां उनका और उनके कुछ निजी स्टाफ का भोजन तैयार होता है। कर्मचारियों के लिए अलग व्यवस्था है और वे अपनी पसंद का भोजन कर सकते हैं।

क्या सभी के लिए मांसाहारी भोजन पर रोक है?

नहीं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार यह कहना सही नहीं होगा कि पूरे लोक भवन परिसर में मांसाहारी भोजन प्रतिबंधित कर दिया गया है। विवाद मुख्य रसोई में मांस या मछली न पकाए जाने के निर्देश को लेकर है। कर्मचारियों के निजी भोजन पर रोक की पुष्टि नहीं हुई है।

पहले लोक भवन में बनता था मांसाहारी भोजन

रिपोर्टों के मुताबिक पूर्व राज्यपालों के कार्यकाल में लोक भवन की रसोई में शाकाहारी के साथ मछली और मांसाहारी व्यंजन भी तैयार किए जाते थे। इसी वजह से नई व्यवस्था राजनीतिक बहस का विषय बन गई है।

पहले दिन ही शुरू हुआ विवाद

ओम प्रकाश माथुर ने शुक्रवार को केरल के 29वें राज्यपाल के रूप में शपथ ली। शपथ ग्रहण के दिन ही भोजन व्यवस्था से जुड़ा यह मुद्दा सामने आने के बाद राज्य की राजनीति में चर्चा तेज हो गई।

जय राष्ट्र न्यूज़

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