मुंबई, महाराष्ट्र, 7 नवंबर 2026: मुंबई के घाटकोपर पूर्व स्थित पंतनगर इलाके में शुक्रवार, 6 नवंबर की रात एक बहुमंजिला आवासीय इमारत में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। वल्लभ बाग लेन स्थित इमारत की ऊपरी मंजिल पर अचानक आग भड़क उठी और देखते ही देखते तेज लपटें तथा काले धुएं का गुबार उठने लगा। इस हादसे में तीन लोग घायल हुए हैं, जिनमें एक व्यक्ति लगभग 27 प्रतिशत झुलस गया। मुंबई अग्निशमन दल ने दो घंटे से अधिक की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। अधिकारियों को आशंका है कि आग किसी रॉकेट पटाखे के कारण लगी हो सकती है, हालांकि वास्तविक कारण की जांच जारी है।
शुक्रवार रात करीब 8 बजे लगी भीषण आग
यह घटना 6 नवंबर की शाम करीब 8 बजे की है।
घाटकोपर पूर्व के पंतनगर इलाके में वल्लभ बाग लेन स्थित एक ऊंची आवासीय इमारत की ऊपरी मंजिल पर अचानक आग लग गई।
शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, आग कुकरेजा पैलेस नामक 25 मंजिला इमारत की 23वीं मंजिल पर लगी थी।
हालांकि मुंबई की महापौर ऋतु तावड़े के कार्यालय से जारी बाद की जानकारी में प्रभावित इमारत का नाम रॉयल अल्टेजा और आग लगने का स्थान 21 मंजिला भवन की 20वीं मंजिल बताया गया।
इन दोनों विवरणों में अंतर है, जिसकी अंतिम आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।
पूरी मंजिल पर फैली लपटें, इलाके में अफरा-तफरी
आग लगने के कुछ ही समय बाद इमारत की ऊपरी मंजिल से बड़ी-बड़ी लपटें निकलने लगीं।
घटना के सामने आए वीडियो में इमारत की खिड़कियों से आग और काले धुएं का गुबार उठता दिखाई दिया।
ऊंची इमारत में आग लगने से आसपास के निवासियों में भी चिंता बढ़ गई।
लोगों ने तुरंत अग्निशमन विभाग और स्थानीय पुलिस को घटना की सूचना दी।
आग के फैलने की आशंका को देखते हुए इमारत में मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभियान शुरू किया गया।
हादसे में तीन लोग घायल, एक व्यक्ति 27 प्रतिशत झुलसा
अधिकारियों के अनुसार, घाटकोपर की इस आग में तीन लोग घायल हुए हैं।
घायलों में 45 वर्षीय साईनाथ अवले शामिल हैं, जो लगभग 27 प्रतिशत झुलस गए।
उन्हें उपचार के लिए राजावाड़ी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इसके अलावा 34 वर्षीय नीरव लोढ़ाया और 47 वर्षीय राजेश लोढ़ाया को जाइनोवा अस्पताल ले जाया गया।
डॉक्टरों के अनुसार, तीनों घायलों की हालत स्थिर बताई गई है।
फिलहाल इस घटना में किसी व्यक्ति की मौत की पुष्टि नहीं हुई है।
आग बुझाने के लिए आठ दमकल गाड़ियां पहुंचीं
आग की सूचना मिलते ही मुंबई अग्निशमन दल की कई गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं।
दमकल विभाग ने शुरुआत में आग को लेवल-1 श्रेणी में रखा था।
लेकिन आग की तीव्रता और ऊंची इमारत में राहत कार्य की चुनौतियों को देखते हुए बाद में इसे लेवल-2 श्रेणी में घोषित किया गया।
अधिकारियों के अनुसार, कम से कम आठ दमकल गाड़ियों और अन्य अग्निशमन उपकरणों को घटनास्थल पर तैनात किया गया।
दमकलकर्मियों ने ऊपरी मंजिल तक पहुंचकर आग बुझाने का अभियान चलाया।
लगातार दो घंटे से अधिक की मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया गया।
एहतियातन खाली कराई गई इमारत
आग लगने के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर इमारत में रहने वाले लोगों को बाहर निकालने का फैसला किया।
मुंबई अग्निशमन दल, स्थानीय पुलिस और नगर निगम के कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव कार्य किया।
बचावकर्मियों ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि कोई व्यक्ति आग प्रभावित हिस्से में फंसा न रह जाए।
आग नियंत्रित होने के बाद भी इमारत में तलाशी अभियान चलाया गया।
इस दौरान बिजली आपूर्ति से जुड़ी सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई।
पटाखे के रॉकेट से आग लगने की आशंका
घटना के बाद अधिकारियों ने आशंका जताई कि आग किसी रॉकेट जैसे पटाखे के कारण लगी हो सकती है।
दिवाली के त्योहार के आसपास पटाखों के इस्तेमाल के कारण आवासीय इमारतों में आग लगने का जोखिम बढ़ सकता है।
विशेष रूप से ऊंची इमारतों में रॉकेट पटाखे खिड़कियों, बालकनियों या खुले हिस्सों में पहुंचकर ज्वलनशील सामान के संपर्क में आ सकते हैं।
हालांकि घाटकोपर की इस घटना में पटाखे से आग लगने की बात अभी केवल प्रारंभिक आशंका है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारण का पता चल सकेगा।
महापौर ऋतु तावड़े ने किया घटनास्थल का दौरा
मुंबई की महापौर ऋतु तावड़े ने आग लगने की सूचना मिलने के बाद घटनास्थल का दौरा किया।
उन्होंने राहत और बचाव कार्य की स्थिति की जानकारी ली।
महापौर के कार्यालय से जारी बयान में घायलों की स्थिति और अग्निशमन अभियान से संबंधित जानकारी दी गई।
प्रशासन ने अधिकारियों को आग प्रभावित हिस्से की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आवश्यक जांच करने के निर्देश दिए।
स्थानीय प्रशासन की प्राथमिकता आग पर पूरी तरह नियंत्रण सुनिश्चित करना और प्रभावित निवासियों की सुरक्षा करना रही।
पुलिस और नगर निगम की टीमें मौके पर रहीं मौजूद
घटना के दौरान मुंबई अग्निशमन दल के अलावा कई अन्य सरकारी एजेंसियां भी सक्रिय रहीं।
इनमें मुंबई पुलिस, अदाणी इलेक्ट्रिसिटी, लोक निर्माण विभाग और बृहन्मुंबई महानगरपालिका के स्थानीय वार्ड कार्यालय के कर्मचारी शामिल थे।
बिजली से संबंधित संभावित खतरे को नियंत्रित करने और बचावकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों ने सहयोग किया।
आग नियंत्रित होने के बाद इमारत की स्थिति का निरीक्षण किया गया।
इमारत को कितना नुकसान हुआ?
आग की चपेट में आने से संबंधित मंजिल के आवासीय हिस्सों और वहां रखे सामान को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
हालांकि प्रभावित फ्लैटों की संख्या और कुल आर्थिक नुकसान का आधिकारिक आकलन अभी सामने नहीं आया है।
अधिकारियों के अनुसार, आग के कारण हुए नुकसान का पता लगाने के लिए जांच की जाएगी।
इसके अलावा यह भी देखा जाएगा कि आग के कारण इमारत के किसी संरचनात्मक हिस्से को नुकसान तो नहीं पहुंचा।
जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक नुकसान की जानकारी स्पष्ट होगी।
हाईराइज इमारतों में अग्नि सुरक्षा पर उठे सवाल
मुंबई में बड़ी संख्या में बहुमंजिला आवासीय और व्यावसायिक इमारतें हैं।
ऐसी इमारतों में आग लगने की स्थिति में ऊपरी मंजिलों तक राहत एवं बचाव उपकरण पहुंचाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
अग्नि सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ऊंची इमारतों में फायर अलार्म, स्प्रिंकलर सिस्टम, आपातकालीन सीढ़ियां और पर्याप्त निकासी मार्ग होना आवश्यक है।
इसके अलावा निवासियों को आपातकालीन स्थिति में सुरक्षित बाहर निकलने की प्रक्रिया की जानकारी भी होनी चाहिए।
घाटकोपर की घटना ने बहुमंजिला इमारतों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की नियमित जांच के महत्व को फिर सामने रखा है।
दिवाली के दौरान पटाखों से आग लगने का खतरा
दिवाली के दौरान पटाखों के इस्तेमाल से आग लगने की घटनाओं का जोखिम बढ़ सकता है।
विशेष रूप से रॉकेट पटाखे अनियंत्रित दिशा में जाकर ऊंची इमारतों की बालकनियों और खिड़कियों तक पहुंच सकते हैं।
इसलिए रिहायशी क्षेत्रों में पटाखों से संबंधित नियमों और सुरक्षा निर्देशों का पालन जरूरी है।
आवासीय इमारतों में ज्वलनशील सामग्री को खुली बालकनियों से दूर रखना और अग्निशमन उपकरणों को कार्यशील स्थिति में रखना महत्वपूर्ण है।
हालांकि घाटकोपर की घटना में पटाखे की भूमिका की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू
मुंबई अग्निशमन दल ने लगातार प्रयास करके घाटकोपर की बहुमंजिला इमारत में लगी आग पर काबू पा लिया।
इस हादसे में तीन लोग घायल हुए हैं, जिनमें एक व्यक्ति गंभीर रूप से झुलसा, लेकिन उसकी हालत भी स्थिर बताई गई है।
घटना के बाद इमारत को एहतियातन खाली कराया गया और भीतर किसी व्यक्ति के फंसे होने की आशंका को दूर करने के लिए तलाशी अभियान चलाया गया।
फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारण और कुल नुकसान की जांच जारी है।
अधिकारियों को रॉकेट पटाखे से आग लगने की आशंका है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।
स्रोत: प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (PTI), एनडीटीवी (7 नवंबर 2026), इंडिया टुडे (6 नवंबर 2026), दैनिक जागरण (7 नवंबर 2026), फ्री प्रेस जर्नल, मिड-डे, मुंबई अग्निशमन दल से संबंधित प्रकाशित जानकारी।
जय राष्ट्र न्यूज़

