नई दिल्ली, 7 नवंबर 2026: राजधानी दिल्ली के करोल बाग स्थित मशहूर गफ्फार मार्केट में शुक्रवार, 6 नवंबर की तड़के भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग चेन वाली गली के 13 ब्लॉक स्थित पुरी प्लाजा की एक मोबाइल एक्सेसरीज की दुकान से शुरू हुई और देखते ही देखते चार मंजिला व्यावसायिक इमारत में फैल गई। आग बुझाने के लिए दिल्ली अग्निशमन सेवा की 22 गाड़ियों और अन्य आपातकालीन वाहनों को मौके पर भेजा गया। हादसे में दुकानों और सामान को भारी नुकसान पहुंचा है। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी की मौत या घायल होने की सूचना नहीं मिली है।
रात करीब 1:30 बजे लगी भीषण आग
दिल्ली पुलिस के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 1:28 बजे करोल बाग थाने में गफ्फार मार्केट की एक इमारत में आग लगने की सूचना मिली।
सूचना मिलने के बाद थाने के प्रभारी और रात्रि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे।
पुलिस ने देखा कि चेन वाली गली स्थित पुरी प्लाजा की दुकान संख्या 13/21 से आग की तेज लपटें निकल रही थीं।
इमारत में मुख्य रूप से मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से संबंधित सामान का कारोबार होता है।
आग लगने के बाद धुआं और लपटें तेजी से ऊपरी मंजिलों तक पहुंच गईं।
चार मंजिला इमारत में तेजी से फैली आग
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आग सबसे पहले इमारत के भूतल पर स्थित एक दुकान में लगी थी।
इस दुकान में मोबाइल फोन की बैटरियां और अन्य इलेक्ट्रॉनिक एक्सेसरीज रखी हुई थीं।
आग लगने के कुछ ही समय बाद लपटें ऊपरी मंजिलों तक फैल गईं।
इमारत में रखे इलेक्ट्रॉनिक सामान और अन्य ज्वलनशील सामग्री के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया।
चार मंजिला इमारत में आग फैलने से आसपास की दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भी खतरा पैदा हो गया।
आग बुझाने के लिए पहुंचीं 22 दमकल गाड़ियां
आग की सूचना मिलते ही दिल्ली अग्निशमन सेवा ने दमकल की कई गाड़ियां मौके पर भेजीं।
लेकिन आग की तीव्रता को देखते हुए अतिरिक्त दमकल वाहनों को बुलाना पड़ा।
अंततः आग पर काबू पाने के अभियान में कुल 22 अग्निशमन इकाइयां तैनात की गईं।
इनमें दमकल गाड़ियों के अलावा पानी के अतिरिक्त टैंकर और अन्य आपातकालीन सहायता वाहन शामिल थे।
घटनास्थल पर प्रकाश की व्यवस्था के लिए अतिरिक्त उपकरण भी भेजे गए।
इसके अलावा तीन कैट्स एंबुलेंस और दो पुलिस नियंत्रण कक्ष के वाहन भी मौके पर मौजूद रहे।
दमकलकर्मियों ने लगातार प्रयास करके आग को नियंत्रित किया।
कई दुकानों का सामान जलकर हुआ खाक
गफ्फार मार्केट में लगी आग के कारण पुरी प्लाजा की कई दुकानों और वहां रखे सामान को भारी नुकसान पहुंचा।
इमारत में मोबाइल फोन, बैटरियां, चार्जर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक एक्सेसरीज से संबंधित कारोबार होता है।
आग की चपेट में आने से बड़ी मात्रा में सामान जल गया।
कुछ स्थानीय रिपोर्टों में लगभग 40 से 45 दुकानों के प्रभावित होने का दावा किया गया है।
हालांकि दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग की ओर से प्रभावित दुकानों की अंतिम संख्या तथा कुल आर्थिक नुकसान का आधिकारिक आकलन सामने नहीं आया है।
अधिकारियों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि आग से कुल कितने रुपये की संपत्ति को नुकसान हुआ।
मोबाइल बैटरियों की ओवरचार्जिंग से आग लगने की आशंका
दिल्ली पुलिस की प्रारंभिक जांच में आग लगने का संभावित कारण मोबाइल बैटरियों का अत्यधिक गर्म होना या ओवरचार्जिंग बताया गया है।
पुलिस के अनुसार, आग भूतल पर मौजूद उस दुकान से शुरू हुई थी, जहां मोबाइल फोन की बैटरियां रखी हुई थीं।
आशंका जताई जा रही है कि किसी बैटरी के अत्यधिक गर्म होने या चार्जिंग से जुड़ी खराबी के कारण आग लगी हो।
हालांकि अभी आग लगने के वास्तविक कारण की पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस ने बताया कि दमकल विभाग और विद्युत निरीक्षक की रिपोर्ट मिलने के बाद ही कारण स्पष्ट हो सकेगा।
फॉरेंसिक टीम करेगी घटनास्थल की जांच
दिल्ली पुलिस ने आग लगने के कारणों की जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) की टीम से निरीक्षण कराने का फैसला किया है।
फॉरेंसिक विशेषज्ञ यह पता लगाने का प्रयास करेंगे कि आग किस स्थान से शुरू हुई और उसके फैलने में किन परिस्थितियों की भूमिका रही।
जांच में यह भी देखा जाएगा कि इमारत में कोई अन्य अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री तो मौजूद नहीं थी।
इसके अलावा विद्युत व्यवस्था और बैटरियों से संबंधित संभावित तकनीकी खराबियों की भी जांच की जाएगी।
जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कानूनी या प्रशासनिक कार्रवाई तय की जाएगी।
MCD करेगी इमारत की सुरक्षा की जांच
आग लगने से पुरी प्लाजा की चार मंजिला इमारत को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है।
इसी कारण दिल्ली पुलिस ने नगर निगम से इमारत की संरचनात्मक सुरक्षा की जांच कराने का निर्णय लिया है।
दिल्ली नगर निगम (MCD) से यह पता लगाने के लिए कहा जाएगा कि आग के कारण इमारत की दीवारों, छतों या अन्य संरचनात्मक हिस्सों को कितना नुकसान पहुंचा है।
जांच के बाद यह तय किया जाएगा कि इमारत में दोबारा प्रवेश करना सुरक्षित है या नहीं।
अधिकारियों का उद्देश्य किसी संभावित संरचनात्मक दुर्घटना को रोकना है।
किसी की मौत या घायल होने की सूचना नहीं
इतनी बड़ी आग लगने के बावजूद किसी व्यक्ति की मौत या घायल होने की सूचना नहीं मिली है।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि राहत और बचाव अभियान के दौरान किसी के हताहत होने की जानकारी सामने नहीं आई।
आग पर काबू पाने के बाद घटनास्थल की स्थिति सामान्य करने के प्रयास किए गए।
पुलिसकर्मियों को इलाके में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात किया गया।
हालांकि संपत्ति को हुए नुकसान का विस्तृत आकलन अभी किया जाना बाकी है।
धनतेरस के दिन हुई घटना से व्यापारियों को नुकसान
यह हादसा धनतेरस के दिन हुआ, जब दिल्ली के प्रमुख बाजारों में त्योहार की खरीदारी को लेकर विशेष तैयारियां चल रही थीं।
गफ्फार मार्केट दिल्ली का प्रसिद्ध इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल एक्सेसरीज बाजार है।
यहां दिल्ली के अलावा एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में ग्राहक खरीदारी करने आते हैं।
त्योहार के समय व्यापारियों द्वारा अतिरिक्त स्टॉक रखने की संभावना अधिक होती है।
ऐसे में आग लगने की घटना से प्रभावित दुकानदारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
हालांकि कुल नुकसान का आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है।
संकरी गलियों में आग बुझाना बड़ी चुनौती
गफ्फार मार्केट करोल बाग के घनी आबादी वाले व्यावसायिक इलाकों में शामिल है।
यहां बड़ी संख्या में छोटी-बड़ी दुकानें एक-दूसरे के नजदीक स्थित हैं।
चेन वाली गली जैसी संकरी जगहों पर दमकल के बड़े वाहनों को पहुंचाने और पानी की आपूर्ति बनाए रखने में कठिनाई हो सकती है।
ऐसे इलाकों में आग तेजी से फैलने का जोखिम भी बढ़ जाता है।
इस घटना ने एक बार फिर घने व्यावसायिक बाजारों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन निकासी के इंतजामों की अहमियत को सामने रखा है।
इलेक्ट्रॉनिक सामान की दुकानों में आग का जोखिम क्यों ज्यादा?
मोबाइल फोन की बैटरियां और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में इस्तेमाल होने वाली लिथियम-आयन बैटरियां कुछ परिस्थितियों में आग का कारण बन सकती हैं।
खराब बैटरियां, अत्यधिक तापमान, शॉर्ट सर्किट और अनुचित चार्जिंग जैसी स्थितियों में बैटरी के गर्म होने का जोखिम बढ़ सकता है।
ऐसी घटनाओं में आग तेजी से फैल सकती है और उस पर नियंत्रण पाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, बैटरियों के सुरक्षित भंडारण, उचित वेंटिलेशन और मानक विद्युत उपकरणों का इस्तेमाल करना जरूरी है।
हालांकि गफ्फार मार्केट की इस घटना में बैटरी से आग लगने की आशंका की अंतिम पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद ही होगी।
आग पर काबू, अब नुकसान का आकलन जारी
दिल्ली के गफ्फार मार्केट में लगी भीषण आग को दमकलकर्मियों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद बुझा दिया।
घटना में किसी के हताहत नहीं होने से बड़ी जनहानि टल गई, लेकिन चार मंजिला इमारत में स्थित दुकानों और सामान को नुकसान पहुंचा है।
पुलिस, दमकल विभाग और संबंधित एजेंसियां आग लगने के कारणों की जांच कर रही हैं।
फॉरेंसिक जांच और नगर निगम की संरचनात्मक सुरक्षा रिपोर्ट के बाद घटना से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित इमारत की सुरक्षा सुनिश्चित करना और आग से हुए वास्तविक नुकसान का आकलन करना है।
स्रोत: प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (PTI), हिंदुस्तान टाइम्स (6 नवंबर 2026), टाइम्स ऑफ इंडिया (6 नवंबर 2026), आजतक, एनडीटीवी, द इंडियन एक्सप्रेस, दिल्ली अग्निशमन सेवा।
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