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आईआईटी दिल्ली ने 6 महीने का एजेंटिक एआई प्रमाणपत्र कार्यक्रम शुरू किया, स्वायत्त एआई एजेंट और औद्योगिक उपयोग पर जोर

नई दिल्ली: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली यानी आईआईटी दिल्ली के सतत शिक्षा कार्यक्रम ने एजेंटिक एआई सिस्टम्स: फाउंडेशन टू डिप्लॉयमेंट नाम से छह महीने का नया कार्यकारी प्रमाणपत्र कार्यक्रम शुरू किया है। इसका उद्देश्य पेशेवरों को ऐसे स्वायत्त कृत्रिम बुद्धिमत्ता तंत्र तैयार करना सिखाना है, जो केवल जवाब देने तक सीमित न रहें बल्कि योजना बना सकें, जानकारी खोज सकें, बाहरी औजारों का इस्तेमाल कर सकें और कई चरणों वाले काम अपने-आप पूरा कर सकें। क्या है एजेंटिक एआई? सामान्य जनरेटिव एआई मुख्य रूप से पाठ, चित्र या अन्य सामग्री तैयार करता है। इसके विपरीत एजेंटिक एआई किसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए तर्क कर सकता है, योजना बना सकता है, जानकारी जुटा सकता है और विभिन्न औजारों के साथ मिलकर कार्रवाई भी कर सकता है। कार्यक्रम में एकल एआई एजेंट के साथ-साथ कई एजेंटों के सामूहिक तंत्र पर भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। आठ मुख्य हिस्सों में बंटा है पाठ्यक्रम छह महीने के इस कार्यक्रम में एजेंटिक एआई की बुनियाद, प्रॉम्प्ट अभियांत्रिकी, स्वायत्त एजेंट निर्माण, औद्योगिक ज्ञान तंत्र, बहु-एजेंट समन्वय, एआई सुरक्षा और जोखिम प्रबंधन, अनुप्रयोग तैनाती तथा बड़े स्तर पर संचालन जैसे विषय शामिल किए गए हैं। बड़े भाषा मॉडल और आरएजी भी होंगे शामिल प्रतिभागियों को बड़े भाषा मॉडल, रिट्रीवल ऑगमेंटेड जेनरेशन, बाहरी आंकड़ों से एआई एजेंट जोड़ने की तकनीक और कई आधुनिक ढांचों का प्रशिक्षण मिलेगा। इनमें मॉडल कॉन्टेक्स्ट प्रोटोकॉल, लैंगग्राफ, क्रूएआई और ऑटोजेन जैसी तकनीकें शामिल हैं। सुरक्षा और जिम्मेदार एआई पर भी जोर कार्यक्रम में एआई ट्रस्ट, रिस्क एंड सिक्योरिटी मैनेजमेंट पर अलग मॉड्यूल रखा गया है। इसमें मॉडल की विश्वसनीयता, व्याख्यात्मकता, सुरक्षा, नियामकीय अनुपालन और जिम्मेदार एआई उपयोग जैसे मुद्दों को समझाया जाएगा। व्यावहारिक परियोजनाओं पर रहेगा फोकस छात्र केवल सिद्धांत नहीं पढ़ेंगे, बल्कि अलग-अलग एआई सहायक, ज्ञान पुनर्प्राप्ति अनुप्रयोग और बहु-एजेंट कार्यप्रवाह भी तैयार करेंगे। कार्यक्रम के अंत में एक पूर्ण कैपस्टोन परियोजना होगी, जिसमें प्रतिभागियों को वास्तविक उपयोग के लिए एजेंटिक एआई प्रणाली बनानी होगी। पढ़ाई का तरीका क्या होगा? कार्यक्रम में आईआईटी दिल्ली के शिक्षकों द्वारा संचालित लाइव सत्रों के साथ स्व-अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी। इच्छुक प्रतिभागियों के लिए परिसर में वैकल्पिक प्रत्यक्ष सत्र का विकल्प भी रखा गया है। कौन कर सकता है आवेदन? यह कार्यक्रम एआई और डेटा पेशेवरों, सॉफ्टवेयर डेवलपर्स, सूचना प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों, तकनीकी नेतृत्व वाले पदों पर काम करने वाले लोगों और विज्ञान, अभियांत्रिकी तथा वाणिज्य पृष्ठभूमि के स्नातकों के लिए तैयार किया गया है। कम से कम एक वर्ष का पेशेवर अनुभव रखने वालों को प्राथमिकता दी जा सकती है। कैसे होगा चयन? अभ्यर्थियों के आवेदन की समीक्षा के बाद संकाय साक्षात्कार लिया जाएगा। मूल्यांकन मध्यावधि और अंतिम परीक्षा, प्रश्नोत्तरी, असाइनमेंट और कैपस्टोन परियोजना के आधार पर होगा। सभी आवश्यक शर्तें पूरी करने वाले प्रतिभागियों को आईआईटी दिल्ली के सतत शिक्षा कार्यक्रम की ओर से इलेक्ट्रॉनिक प्रमाणपत्र दिया जाएगा। उद्योग में क्यों बढ़ रही है एजेंटिक एआई की मांग? कंपनियां ग्राहक सेवा, जानकारी खोजने, कारोबारी प्रक्रियाओं को स्वचालित करने और जटिल कार्यप्रवाह संभालने के लिए स्वायत्त एआई एजेंटों का प्रयोग बढ़ा रही हैं। इसी कारण ऐसे पेशेवरों की मांग बढ़ रही है जो इन प्रणालियों को सुरक्षित, विश्वसनीय और बड़े स्तर पर लागू कर सकें। स्रोत – आईआईटी दिल्ली, इंडियन एक्सप्रेस जय राष्ट्र न्यूज़

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कैंसर की 543 दवाओं के दाम घटे, थायोटेपा ₹80,071 से घटकर ₹7,150; नई कीमतें 9 नवंबर से लागू

नई दिल्ली: कैंसर के इलाज को सस्ता करने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण यानी NPPA ने कैंसर की 543 ब्रांड और पैक आकार वाली दवाओं के संशोधित अधिकतम खुदरा मूल्य जारी किए हैं। नई कीमतें 9 नवंबर 2026 से लागू होंगी। कुछ दवाओं में बहुत बड़ी कटौती हुई है, जिनमें थायोटेपा सबसे प्रमुख है। थायोटेपा की कीमत में करीब 91% की कटौती कीमोथेरेपी में इस्तेमाल होने वाली थायोटेपा की 100 मिलीग्राम शीशी की कीमत ₹80,071 से घटाकर ₹7,150 कर दी गई है। यानी इसकी कीमत में करीब 91% की कमी आई है। यह संशोधित सूची में दर्ज सबसे बड़ी कटौतियों में से एक है। 137 कैंसर रोधी दवाओं पर व्यापारिक मार्जिन सीमित सरकार ने 137 गैर-अनुसूचित कैंसर रोधी दवाओं पर व्यापारिक मार्जिन को अधिकतम खुदरा मूल्य के 30% तक सीमित किया है। इसका उद्देश्य वितरण और खुदरा स्तर पर अत्यधिक मार्जिन को रोकना और मरीजों तक दवाएं कम कीमत में पहुंचाना है। 543 ब्रांड की नई कीमतें जारी NPPA ने दवा कंपनियों द्वारा 27 अक्टूबर तक जमा किए गए आंकड़ों के आधार पर 543 ब्रांड और पैक आकार की नई अधिकतम खुदरा कीमतें जारी की हैं। यह सूची आगे भी कंपनियों से नई जानकारी मिलने पर अपडेट की जाएगी। कई दूसरी दवाओं के दाम भी काफी घटे सरकारी सूची के मुताबिक कई प्रमुख कैंसर दवाओं की कीमतों में उल्लेखनीय कमी की गई है। उदाहरण के लिए Azacitidine की एक दवा ₹6,337 से घटकर करीब ₹1,495, जबकि Bevacizumab की एक ब्रांडेड शीशी ₹21,767.70 से घटकर करीब ₹5,930 कर दी गई है। Pertuzumab की कीमत भी घटी स्तन कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली Pertuzumab की एक ब्रांड की 30 मिलीग्राम शीशी की कीमत ₹94,951 से घटकर ₹30,593 हुई है। यह करीब 68% की कमी है। सभी महंगी दवाओं के दाम नहीं घटे हालांकि राहत सभी दवाओं पर समान नहीं है। कुछ पेटेंट या लाइसेंस सुरक्षा वाली महंगी दवाओं, जैसे pembrolizumab और ribociclib की कीमतों में बदलाव नहीं हुआ। रिपोर्ट के अनुसार 543 formulations में से 146 की कीमतें जस की तस रहीं, जबकि 21 में ₹100 से भी कम की कटौती हुई। 9 नवंबर से अस्पतालों और दुकानों पर लागू होंगे नए दाम सरकार ने दवा कंपनियों, खुदरा विक्रेताओं और अस्पतालों को संशोधित कीमतें लागू करने के निर्देश दिए हैं। 9 नवंबर 2026 से मरीजों से नई तय कीमत से अधिक शुल्क नहीं लिया जा सकेगा। अस्पतालों और फार्मेसियों को संशोधित मूल्य सूची प्रदर्शित करनी होगी। मरीजों को सालाना ₹2,500 करोड़ की बचत का अनुमान केंद्र सरकार का अनुमान है कि कैंसर दवाओं पर इस तरह के मूल्य नियंत्रण से मरीजों और उनके परिवारों को हर साल करीब ₹2,500 करोड़ की बचत हो सकती है। सरकार ने कहा है कि इससे महंगे कैंसर उपचार तक पहुंच बेहतर होगी। स्रोत – राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण, प्रेस सूचना ब्यूरो, इंडियन एक्सप्रेस, बिजनेस स्टैंडर्ड जय राष्ट्र न्यूज़

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GitHub ने Copilot Fusion पेश किया, आधी लागत में उन्नत एआई कोडिंग का दावा

सैन फ्रांसिस्को: GitHub ने अपने वार्षिक GitHub Universe 2026 सम्मेलन में नया Copilot Fusion पेश किया है। कंपनी का दावा है कि यह प्रणाली अलग-अलग कृत्रिम बुद्धिमत्ता मॉडलों को एक साथ चुनकर और समन्वित करके जटिल कोडिंग कार्यों में लगभग शीर्ष स्तर की गुणवत्ता दे सकती है, वह भी करीब आधी औसत एपीआई लागत पर। Copilot Fusion असल में क्या है? Copilot Fusion कोई एक नया कृत्रिम बुद्धिमत्ता मॉडल नहीं है। यह एक मॉडल राउटर और समन्वय प्रणाली है, जो हर कोडिंग कार्य के लिए यह तय करती है कि कौन-सा मॉडल इस्तेमाल किया जाए और जरूरत पड़ने पर एक से ज्यादा मॉडलों को किस क्रम में काम कराया जाए। आधी लागत का दावा कैसे आया? GitHub के अनुसार Fusion Max ने Artificial Analysis Coding Agent Index में 60 अंक हासिल किए। तुलना में Claude Code, Opus 5.5 Max के साथ 58 अंक पर रहा। GitHub का दावा है कि Fusion Max ने यह प्रदर्शन लगभग आधी औसत एपीआई लागत, करीब आधे टोकन और लगभग 40% कम समय में हासिल किया। अलग-अलग काम के लिए अलग मॉडल चुनेगा सिस्टम Copilot Fusion किसी एक मॉडल पर निर्भर नहीं रहता। यह तर्क, कोड तैयार करने, त्रुटि खोजने और औजारों के इस्तेमाल जैसे अलग-अलग कामों के आधार पर मॉडल चुनता है। एक मॉडल प्रारंभिक समाधान तैयार कर सकता है, जबकि दूसरा उसकी समीक्षा कर सकता है। तीन स्तरों में मिलेगा विकल्प GitHub ने Copilot Fusion के लिए तीन मुख्य स्तर दिए हैं: Fusion Standard: रोजमर्रा के कोडिंग कार्यों के लिए।Fusion High: जटिल और अच्छी तरह परिभाषित कार्यों के लिए।Fusion Max: सबसे कठिन समस्याओं और गहरे विश्लेषण के लिए। लागत कम करने पर GitHub का जोर कंपनियों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित कोडिंग औजारों की लागत तेजी से बढ़ रही है। GitHub का कहना है कि कई बार डेवलपर जरूरत से ज्यादा शक्तिशाली मॉडल चुन लेते हैं, जिससे अनावश्यक खर्च बढ़ता है। Copilot Fusion इस चयन को अपने-आप करके लागत और प्रदर्शन के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करता है। Microsoft प्रमुख ने भी किया दावा Microsoft के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सत्य नडेला ने कहा कि Copilot Fusion कुछ परिस्थितियों में शीर्ष स्तर की गुणवत्ता 77% तक कम लागत में दे सकता है। हालांकि GitHub का प्रकाशित बेंचमार्क “आधी लागत” की तुलना औसत प्रति-कार्य एपीआई लागत से करता है, इसलिए इसे हर उपयोगकर्ता के वास्तविक बिल में 50% कटौती समझना सही नहीं होगा। किन जगहों पर उपलब्ध है? Copilot Fusion सभी GitHub Copilot योजनाओं में Visual Studio Code, GitHub Copilot ऐप, GitHub Copilot CLI और JetBrains IDEs पर उपलब्ध कराया गया है। आगे अन्य मंचों पर भी इसका समर्थन बढ़ाया जाएगा। GitHub के लिए क्यों अहम है यह लॉन्च? GitHub के मुताबिक सितंबर 2026 में भुगतान करने वाले Copilot उपयोगकर्ताओं में से 63% ने कम से कम एक बार स्वचालित मॉडल चयन का इस्तेमाल किया। कंपनी अब इसी प्रवृत्ति को आगे बढ़ाते हुए मॉडल चयन और बहु-मॉडल समन्वय को एक ही प्रणाली में ला रही है। स्रोत – GitHub Blog, GitHub Changelog, GitHub Documentation, Indian Express जय राष्ट्र न्यूज़

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Bombay Coated & Special Steels का ₹183.06 करोड़ का आईपीओ आज खुला, मूल्य दायरा ₹78–82; ग्रे मार्केट प्रीमियम करीब 11%

मुंबई: स्टील प्रसंस्करण कंपनी Bombay Coated & Special Steels Limited का ₹183.06 करोड़ का आईपीओ आज, 29 अक्टूबर 2026, निवेशकों के लिए खुल गया है। यह सार्वजनिक निर्गम 2 नवंबर 2026 तक खुला रहेगा। कंपनी ने शेयरों के लिए ₹78 से ₹82 प्रति शेयर का मूल्य दायरा तय किया है। पूरी तरह नए शेयरों का निर्गम यह आईपीओ पूरी तरह नए शेयर जारी करके पूंजी जुटाने वाला निर्गम है। कंपनी इसके तहत करीब 2.23 करोड़ नए शेयर जारी कर रही है। इसमें मौजूदा शेयरधारकों की ओर से शेयर बिक्री का हिस्सा शामिल नहीं है। एक लॉट में 182 शेयर खुदरा निवेशकों के लिए न्यूनतम लॉट आकार 182 शेयर रखा गया है। ऊपरी मूल्य ₹82 प्रति शेयर के हिसाब से एक लॉट के लिए कम से कम ₹14,924 का निवेश करना होगा। ग्रे मार्केट प्रीमियम करीब 11% 29 अक्टूबर की सुबह कंपनी के शेयर का ग्रे मार्केट प्रीमियम करीब ₹9 प्रति शेयर बताया गया। यह ऊपरी निर्गम मूल्य ₹82 के मुकाबले लगभग 11% अधिक है। इस आधार पर अनुमानित सूचीबद्धता मूल्य करीब ₹91 हो सकता है। हालांकि ग्रे मार्केट प्रीमियम अनौपचारिक संकेतक होता है और वास्तविक सूचीबद्धता लाभ की गारंटी नहीं देता। आईपीओ से जुटाई रकम कहां खर्च होगी? कंपनी आईपीओ से जुटाई गई राशि में से करीब ₹125 करोड़ का इस्तेमाल अपने कर्ज को चुकाने या समय से पहले भुगतान करने में करेगी। इसके अलावा करीब ₹15.77 करोड़ का उपयोग पूंजीगत उपकरण खरीदने और संबंधित खर्चों में किया जाएगा। बची हुई रकम सामान्य कारोबारी जरूरतों में इस्तेमाल होगी। कब होगा शेयर आवंटन? आईपीओ बंद होने के बाद शेयरों का आवंटन 3 नवंबर 2026 को तय होने की संभावना है। जिन निवेशकों को शेयर नहीं मिलेंगे, उनके पैसे वापस करने और सफल निवेशकों के डीमैट खातों में शेयर जमा करने की प्रक्रिया 4 नवंबर के आसपास पूरी हो सकती है। 5 नवंबर को हो सकती है सूचीबद्धता Bombay Coated & Special Steels के शेयरों की सूचीबद्धता 5 नवंबर 2026 को बीएसई और एनएसई पर प्रस्तावित है। क्या काम करती है कंपनी? Bombay Coated & Special Steels स्टील कॉइल्स को अलग-अलग औद्योगिक जरूरतों के अनुसार तैयार स्टील उत्पादों में बदलने का काम करती है। कंपनी स्टील काटने, लंबाई के अनुसार तैयार करने, शीट काटने और उभरी हुई डिजाइन बनाने जैसी प्रसंस्करण सेवाएं देती है। कंपनी के संयंत्र महाराष्ट्र, राजस्थान और आंध्र प्रदेश में मौजूद हैं। कंपनी की आमदनी में बढ़ोतरी वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की परिचालन आय बढ़कर करीब ₹1,266.82 करोड़ हो गई, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में लगभग ₹1,055.71 करोड़ थी। इसी अवधि में कंपनी का कर पश्चात लाभ बढ़कर ₹30.54 करोड़ पहुंच गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह ₹28.67 करोड़ था। निवेशकों के लिए क्या है खास? ऊपरी मूल्य दायरे पर कंपनी का मूल्यांकन वित्त वर्ष 2025-26 की आय के आधार पर करीब 16.9 गुना मूल्य-आय अनुपात पर बैठता है। कुछ ब्रोकरेज संस्थानों ने इस आईपीओ को लंबी अवधि के नजरिये से सकारात्मक बताया है। हालांकि निवेशकों को कंपनी की वित्तीय स्थिति, जोखिम और आधिकारिक दस्तावेजों का अध्ययन करने के बाद ही निवेश का फैसला लेना चाहिए। स्रोत – Economic Times, Moneycontrol, NDTV Profit, Value Research जय राष्ट्र न्यूज़

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न्यूजीलैंड को बड़ा झटका! भारत के खिलाफ बाकी 2 टी20 मुकाबलों से बाहर हुए लॉकी फर्ग्यूसन, मैट फिशर बने विकल्प

ऑकलैंड: भारत के खिलाफ जारी पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के बीच न्यूजीलैंड को बड़ा झटका लगा है। तेज गेंदबाज लॉकी फर्ग्यूसन पिंडली में चोट के कारण सीरीज के बाकी दो मुकाबलों से बाहर हो गए हैं। उनकी जगह मैट फिशर को न्यूजीलैंड की टी20 टीम में शामिल किया गया है। पिंडली में चोट के कारण बाहर हुए फर्ग्यूसन लॉकी फर्ग्यूसन को पिंडली में परेशानी के चलते आगामी मुकाबलों से बाहर होना पड़ा है। न्यूजीलैंड टीम प्रबंधन ने उनकी फिटनेस को ध्यान में रखते हुए जोखिम नहीं लेने का फैसला किया है। इसी कारण उन्हें सीरीज के बाकी दो मैचों के लिए अनुपलब्ध घोषित किया गया है। मैट फिशर को मिला मौका फर्ग्यूसन की जगह तेज गेंदबाज मैट फिशर को टीम में शामिल किया गया है। फिशर घरेलू क्रिकेट में अपनी तेज गेंदबाजी और उछाल के लिए जाने जाते हैं। अब उन्हें भारत जैसी मजबूत बल्लेबाजी वाली टीम के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल सकता है। पहले ही सीरीज गंवा चुका है न्यूजीलैंड भारत ने शुरुआती तीन टी20 मुकाबले जीतकर सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली है। ऐसे में फर्ग्यूसन का बाहर होना न्यूजीलैंड की मुश्किलें बढ़ा सकता है। टीम अब बाकी दोनों मुकाबलों में जीत दर्ज कर अपना प्रदर्शन बेहतर करने की कोशिश करेगी। तेज गेंदबाजी आक्रमण पर बढ़ा दबाव फर्ग्यूसन न्यूजीलैंड के प्रमुख और अनुभवी तेज गेंदबाजों में शामिल हैं। उनकी अनुपस्थिति से टीम के तेज गेंदबाजी आक्रमण की मजबूती प्रभावित हो सकती है। ऐसे में अन्य गेंदबाजों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी होगी। भारतीय बल्लेबाजों को मिल सकती है राहत फर्ग्यूसन की गैरमौजूदगी भारतीय बल्लेबाजों के लिए राहत की बात हो सकती है। वह मध्य ओवरों और अंतिम ओवरों में विकेट लेने की क्षमता रखते हैं। उनकी तेज रफ्तार गेंदबाजी बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में अहम भूमिका निभाती है। बाकी दो मुकाबले होंगे अहम सीरीज का चौथा टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला 30 अक्टूबर को ऑकलैंड और पांचवां मुकाबला 1 नवंबर को हैमिल्टन में खेला जाएगा। न्यूजीलैंड की कोशिश होगी कि आखिरी दोनों मुकाबलों में जीत दर्ज कर सीरीज में अंतर कम किया जाए। टीम प्रबंधन की नजर मैट फिशर पर अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि मैट फिशर को सीधे अंतिम एकादश में मौका मिलता है या न्यूजीलैंड मौजूदा गेंदबाजी संयोजन के साथ मैदान पर उतरता है। फर्ग्यूसन की गैरमौजूदगी में टीम चयन और गेंदबाजी की रणनीति महत्वपूर्ण होगी। जय राष्ट्र न्यूज़

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यूक्रेन ने मॉस्को की ओर भेजे बड़े पैमाने पर ड्रोन, रूस ने Kharkiv पर हमला किया; दोनों तरफ तनाव और बढ़ा

मॉस्को/कीव: रूस-यूक्रेन युद्ध में गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को तनाव और बढ़ गया। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन के मुताबिक रूस ने रातभर में मॉस्को की ओर बढ़ रहे 613 ड्रोन में से अधिकांश को मार गिराया। दूसरी ओर रूस ने यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर Kharkiv पर हमला किया, जिसमें एक शैक्षणिक संस्थान को नुकसान पहुंचा। मॉस्को की ओर 613 ड्रोन भेजे जाने का दावा रूसी अधिकारियों ने कहा कि यूक्रेन की ओर से मॉस्को क्षेत्र को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर drone attack किया गया। मेयर सर्गेई सोबयानिन के अनुसार रूस की air defence systems ने मॉस्को की दिशा में बढ़ रहे 613 drones में से अधिकांश को intercept कर लिया। Kharkiv पर रूसी हमला इसी दौरान रूस ने यूक्रेन के Kharkiv शहर पर हमला किया। Kharkiv के मेयर Ihor Terekhov ने बताया कि हमले में एक educational institution को नुकसान पहुंचा। शुरुआती रिपोर्टों में शहर के कई हिस्सों में धमाकों की जानकारी भी सामने आई। दोनों तरफ drone warfare तेज पिछले महीनों में रूस और यूक्रेन दोनों ने long-range drones का इस्तेमाल बढ़ाया है। Ukraine लगातार रूस के भीतर military और strategic targets पर हमला करने की कोशिश कर रहा है, जबकि Russia भी Ukrainian cities और infrastructure पर missile और drone attacks जारी रखे हुए है। रूसी air defence पर बढ़ा दबाव मॉस्को की ओर इतने बड़े पैमाने पर drones भेजे जाने का दावा Russian air defence के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है। हालांकि रूस ने अधिकतर drones गिराने की बात कही है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में UAVs का इस्तेमाल युद्ध में बदलती रणनीति को दिखाता है। यूक्रेन के शहरों पर हमले जारी Kharkiv के अलावा यूक्रेन के दूसरे शहर भी हाल के दिनों में Russian drone और missile strikes का सामना कर रहे हैं। Rail infrastructure, residential areas और energy facilities भी लगातार हमलों के निशाने पर रहे हैं। शांति प्रयासों के बीच बढ़ा तनाव रूस और यूक्रेन के बीच कुछ सीमित ceasefire arrangements और humanitarian initiatives की कोशिशें भी हुई हैं, लेकिन व्यापक स्तर पर लड़ाई जारी है। हाल के drone attacks ने यह साफ कर दिया है कि दोनों पक्षों के बीच सैन्य तनाव फिलहाल कम होता दिखाई नहीं दे रहा। आगे क्या? अब नजर इस बात पर रहेगी कि रूस Ukrainian drone campaign के जवाब में क्या कदम उठाता है और आने वाले दिनों में Moscow तथा Ukrainian cities पर attacks का स्तर बढ़ता है या नहीं। किसी बड़े escalation की स्थिति में यूरोपीय security और diplomatic efforts पर भी असर पड़ सकता है। स्रोत – Reuters जय राष्ट्र न्यूज़

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तमिलनाडु में पूर्व मंत्री KN Nehru से जुड़े 25 ठिकानों पर DVAC छापे, ₹634 करोड़ के alleged cash-for-jobs scam की जांच तेज

चेन्नई/तिरुचिरापल्ली: तमिलनाडु में Directorate of Vigilance and Anti-Corruption (DVAC) ने आज, 29 अक्टूबर 2026, पूर्व मंत्री और DMK नेता K N Nehru से जुड़े 25 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई ₹634 करोड़ के कथित cash-for-jobs scam से जुड़ी है, जिसमें Municipal Administration and Water Supply (MAWS) विभाग में सरकारी नौकरियों के बदले रिश्वत लेने के आरोपों की जांच की जा रही है। किन ठिकानों पर हुई छापेमारी? DVAC की टीमों ने तिरुचिरापल्ली के Thillai Nagar स्थित KN Nehru के आवास और चेन्नई के RA Puram में उनके भाई के घर समेत तमिलनाडु के कई स्थानों पर तलाशी ली। तिरुचिरापल्ली में सुबह करीब 7 बजे search operation शुरू हुआ। ₹634 करोड़ का मामला क्या है? जांच इस आरोप पर केंद्रित है कि KN Nehru के मंत्री रहते MAWS विभाग में सरकारी पद दिलाने के बदले उम्मीदवारों से कथित तौर पर पैसा लिया गया। DVAC documents, financial records और अन्य material की जांच कर suspected money trail का पता लगाने की कोशिश कर रहा है। Madras High Court के आदेश के बाद तेज हुई जांच यह कार्रवाई Madras High Court के उस आदेश के बाद हुई है जिसमें anti-corruption agency को मामले की full-fledged investigation करने की अनुमति दी गई थी। Enforcement Directorate ने कथित irregularities से जुड़ी सामग्री अक्टूबर 2025 में राज्य पुलिस के साथ साझा की थी। KN Nehru ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया छापों से एक दिन पहले KN Nehru ने सुप्रीम कोर्ट में Special Leave Petition (SLP) दाखिल की थी। उन्होंने Madras High Court के 26 अक्टूबर के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें FIR registration के खिलाफ उनकी review petition खारिज कर दी गई थी। दूसरी बार Nehru से जुड़े ठिकानों पर छापे यह सितंबर के बाद KN Nehru से जुड़े परिसरों पर DVAC की दूसरी बड़ी search operation है। इससे पहले Municipal Administration and Water Supply Department में 2021 से 2025 के बीच दिए गए contracts में कथित irregularities को लेकर भी searches की गई थीं। Stalin ने बताया ‘political vendetta’ पूर्व मुख्यमंत्री और DMK अध्यक्ष M K Stalin ने छापेमारी को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि C Joseph Vijay के नेतृत्व वाली TVK सरकार Tiruchirappalli East by-election से पहले raids को political theatre की तरह इस्तेमाल कर रही है। क्या किसी की गिरफ्तारी हुई? फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में इस search operation के दौरान किसी नई गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है। DVAC का फोकस अभी documents और financial evidence इकट्ठा करने पर है। जांच आगे बढ़ने के बाद agency आरोपों और संभावित beneficiaries को लेकर अतिरिक्त कार्रवाई कर सकती है। तमिलनाडु की राजनीति में बढ़ा टकराव छापेमारी के बाद ruling TVK और opposition DMK के बीच राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है। एक ओर जांच एजेंसी इसे alleged recruitment scam की कानूनी जांच बता रही है, वहीं DMK इसे राजनीतिक दबाव की कार्रवाई करार दे रही है। स्रोत – The New Indian Express, Times of India, PTI जय राष्ट्र न्यूज़

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दिल्ली SIR पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा—genuine voters को बाहर न होने दें; deadline बढ़ाने पर विचार करे चुनाव आयोग

नई दिल्ली: दिल्ली में चल रहे Special Intensive Revision (SIR) के दौरान लाखों मतदाताओं के नाम draft electoral roll से बाहर होने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से कहा है कि genuine voters को केवल प्रक्रिया पूरी न कर पाने की वजह से मतदाता सूची से बाहर नहीं होना चाहिए। कोर्ट ने आयोग से 30 अक्टूबर की claims and objections deadline पर पुनर्विचार करने और जरूरत पड़ने पर इसे बढ़ाने को कहा है। करीब 47 लाख मतदाताओं के नाम draft roll में नहीं दिल्ली में SIR शुरू होने के समय करीब 1.45 करोड़ मतदाता थे। Draft roll में लगभग 47 लाख मतदाताओं के नाम आगे नहीं बढ़ाए गए, जिनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है जिन्हें shifted, absent या untraceable के रूप में दर्ज किया गया। कोर्ट ने चुनाव आयोग से इस बड़े gap को कम करने के लिए proactive mechanism बनाने को कहा। Form 6 को लेकर कोर्ट ने उठाए सवाल सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि जो लोग पहले से 2026 की voter list में मौजूद थे, उन्हें दोबारा शामिल होने के लिए Form 6, जो आम तौर पर नए मतदाताओं के enrolment के लिए होता है, क्यों भरना चाहिए। Bench ने इसे procedural mismatch बताते हुए आयोग से वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार करने को कहा। कोर्ट ने कहा—voting right सिर्फ अनुपस्थिति से खत्म नहीं हो सकता Bench ने कहा कि किसी voter का enumeration के समय घर पर न मिलना अपने-आप में उसका voting right खत्म करने का आधार नहीं हो सकता। कोर्ट ने चुनाव आयोग से due diligence के साथ genuine voters तक पहुंचने की बात कही। BLO के जरिए voters तक पहुंचने का सुझाव सुप्रीम कोर्ट ने सुझाव दिया कि चुनाव आयोग उन voters की सूची publicise करे जिनके नाम draft roll में नहीं आए और उन्हें nearest Booth Level Officer (BLO) से संपर्क करने का मौका दिया जाए। Court ने enumeration forms और जरूरत के मुताबिक Form 8 स्वीकार करने की संभावना पर भी विचार करने को कहा। 30 अक्टूबर की deadline बढ़ सकती है दिल्ली में claims and objections दाखिल करने की मौजूदा deadline 30 अक्टूबर 2026 है। चुनाव आयोग ने अदालत को बताया कि वह late enumeration forms स्वीकार करने और जरूरत पड़ने पर deadline बढ़ाने के सुझाव पर विचार करेगा। ‘Logical discrepancy’ पर भी कोर्ट की अहम टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि उसने SIR के दौरान इस्तेमाल किए जा रहे “logical discrepancy” criterion की legality पर अभी अंतिम फैसला नहीं दिया है। कोर्ट ने कहा कि इस प्रक्रिया को पहले जारी रहने देने का मतलब यह नहीं कि उसकी वैधता judicially तय हो चुकी है। दो हफ्ते बाद फिर होगी सुनवाई चुनाव आयोग को कोर्ट के सुझावों पर विचार करने और उठाए गए कदमों की जानकारी देने के लिए समय दिया गया है। मामला करीब दो सप्ताह बाद फिर सुनवाई के लिए आएगा। स्रोत – Supreme Court proceedings, Hindustan Times, Indian Express, PTI, Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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Cyclone Arnab के बाद आंध्र प्रदेश में भारी बारिश और नुकसान जारी, कई राज्यों में आज भी अलर्ट

अमरावती/भुवनेश्वर: Cyclone Arnab के आंध्र प्रदेश-यानम तट से टकराने के बाद इसका असर गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को भी जारी है। तूफान अब कमजोर होकर अंदरूनी इलाकों की ओर बढ़ चुका है, लेकिन इसके प्रभाव से आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पूर्वी-मध्य भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश और जलभराव का खतरा बना हुआ है। आंध्र प्रदेश में भारी बारिश जारी IMD के मुताबिक 29 अक्टूबर को Coastal Andhra Pradesh और Yanam के कुछ हिस्सों में भारी बारिश जारी रह सकती है। Landfall के दौरान तेज हवाओं ने पेड़ उखाड़े, बिजली के तार गिराए और कई सड़कों पर पानी भर गया। 150 किमी/घंटे तक पहुंचे थे हवा के झोंके Landfall के दौरान Cyclone Arnab के साथ 125–135 किमी/घंटे की sustained winds और करीब 150 किमी/घंटे तक के gusts दर्ज किए गए। Visakhapatnam समेत कई coastal districts में torrential rain और power disruption की खबरें सामने आईं। ओडिशा में भी बारिश का अलर्ट Cyclone Arnab के inland जाने के बाद भी ओडिशा में बारिश का असर जारी है। IMD ने कई जिलों के लिए yellow warning जारी की है और isolated locations पर heavy to very heavy rain की संभावना जताई है। छह राज्यों में भारी बारिश की संभावना तूफान के remnants के कारण बिहार, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड और ओडिशा में 29 अक्टूबर को अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। बिजली और यातायात व्यवस्था प्रभावित आंध्र प्रदेश के कई coastal areas में बिजली के खंभे और पेड़ गिरने के कारण electricity supply और road connectivity प्रभावित हुई। स्थानीय प्रशासन और राहत टीमें बिजली बहाल करने और blocked roads साफ करने में जुटी हैं। मछुआरों के लिए चेतावनी जारी IMD ने बंगाल की खाड़ी के प्रभावित हिस्सों में मछुआरों को 29 अक्टूबर तक समुद्र में न जाने की सलाह दी थी। Coastal areas में समुद्र की स्थिति खराब रहने और तेज हवाओं की आशंका के कारण सावधानी बरतने को कहा गया है। अगले दिनों में कमजोर होगा सिस्टम Cyclone Arnab landfall के बाद लगातार कमजोर हो रहा है, लेकिन इससे जुड़े बादल और नमी inland areas में बारिश जारी रख सकते हैं। इसलिए मौसम विभाग ने प्रभावित राज्यों में स्थानीय alerts पर नजर रखने की सलाह दी है। स्रोत – India Meteorological Department (IMD), Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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तीन बार के एशियाई पैरा गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट नीरज यादव का निधन, खेल जगत में शोक

नई दिल्ली: भारतीय पैरा एथलेटिक्स के दिग्गज खिलाड़ी और तीन बार के एशियाई पैरा गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट नीरज यादव का 42 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनका शव मंगलवार रात संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। परिजन उन्हें दिल्ली के GTB Hospital लेकर पहुंचे, जहां उनकी मौत हो गई। फिलहाल उनकी मौत के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। F-55 कैटेगरी के स्टार एथलीट थे नीरज नीरज यादव पैरा एथलेटिक्स की F-55 श्रेणी में प्रतिस्पर्धा करते थे। वह विशेष रूप से javelin throw और discus throw में अपनी उपलब्धियों के लिए जाने जाते थे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने भारत को कई बड़े पदक दिलाए। 2018 Asian Para Games में बनाया था Asian Record 2018 में इंडोनेशिया में हुए Asian Para Games में नीरज ने पुरुषों की F-55 javelin throw स्पर्धा में 29.84 मीटर का थ्रो करते हुए Asian Record के साथ स्वर्ण पदक जीता था। यह उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल रहा। Hangzhou 2023 में जीते थे दो गोल्ड हांगझोउ Asian Para Games 2023 में नीरज यादव ने javelin और discus throw में दो स्वर्ण पदक जीते। इन उपलब्धियों के साथ उनके Asian Para Games gold medals की कुल संख्या तीन हो गई थी। PM मोदी भी कर चुके थे तारीफ 2023 Asian Para Games में शानदार प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नीरज यादव की उपलब्धियों की सार्वजनिक रूप से सराहना की थी। उनकी सफलता को भारतीय para-sports के लिए बड़ी उपलब्धि माना गया था। मौत की वजह पर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं कुछ शुरुआती रिपोर्टों में जहरीला पदार्थ खाने या आत्महत्या की आशंका जताई गई है, लेकिन मौत के कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस जांच और post-mortem report के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट होगा। इसलिए किसी एक वजह को अंतिम तथ्य मानना उचित नहीं होगा। खेल जगत में शोक नीरज यादव के निधन से भारतीय पैरा एथलेटिक्स समुदाय में शोक की लहर है। तीन Asian Para Games gold medals और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के कारण उन्हें देश के प्रमुख para-athletes में गिना जाता था। भारतीय पैरा खेलों के लिए बड़ी क्षति नीरज यादव का करियर चुनौतियों के बीच अंतरराष्ट्रीय सफलता हासिल करने की कहानी रहा। उनके निधन से भारतीय पैरा खेल जगत ने एक अनुभवी और सफल खिलाड़ी खो दिया है। स्रोत – IANS reports, Punjab Kesari Sports, Universe TV, News Power Zone जय राष्ट्र न्यूज़

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