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सूडान के न्याला में ड्रोन हमला, 21 लोगों की मौत; 40 से ज्यादा घायल

खार्तूम/न्याला: सूडान के पश्चिमी दारफुर क्षेत्र के न्याला शहर में एक बाजार पर हुए ड्रोन हमले में कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई और 40 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। हमला सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 की रात करीब 8 बजे शहर के उत्तरी हिस्से में स्थित एक बाजार पर हुआ। बाजार को बनाया गया निशाना स्थानीय लोगों के मुताबिक ड्रोन ने न्याला के उत्तरी इलाके में स्थित एक बाजार को निशाना बनाया। यह बाजार स्थानीय लोगों के साथ-साथ सशस्त्र युवाओं और Rapid Support Forces यानी RSF लड़ाकों के बीच भी लोकप्रिय बताया जाता है। अस्पताल ने 21 मौतों की पुष्टि की न्याला अस्पताल के एक स्वास्थ्यकर्मी ने AFP को बताया कि हमले में 21 लोगों की मौत हुई और 40 से ज्यादा घायल हुए। हालांकि मृतकों में कितने आम नागरिक और कितने RSF लड़ाके थे, इसकी स्पष्ट पुष्टि नहीं हुई है। RSF का प्रमुख गढ़ है न्याला न्याला पश्चिमी दारफुर में RSF का प्रमुख गढ़ माना जाता है और संगठन ने इसे अपनी प्रतिद्वंद्वी प्रशासनिक व्यवस्था का केंद्र बनाया हुआ है। सूडानी सेना इस क्षेत्र में पहले भी कई drone strikes कर चुकी है। ड्रोन युद्ध में तेजी सूडान की सेना और RSF के बीच अप्रैल 2023 से गृहयुद्ध जारी है। हाल के महीनों में दोनों पक्षों ने बड़े पैमाने पर drones का इस्तेमाल बढ़ाया है, जिससे नागरिक इलाकों और बाजारों पर हमलों का खतरा बढ़ गया है। अक्टूबर में 300 से ज्यादा मौतें संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के मुताबिक अक्टूबर 2026 के शुरुआती तीन हफ्तों में ही सूडान में drone attacks से 300 से ज्यादा लोगों की मौत हुई और सैकड़ों लोग घायल हुए। सूडान में गंभीर मानवीय संकट 2023 से जारी युद्ध ने सूडान में बड़े पैमाने पर विस्थापन और खाद्य संकट पैदा किया है। सहायता संगठनों के अनुमानों के मुताबिक संघर्ष में अब तक दो लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और लाखों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। स्रोत – AFP, Al Jazeera, Arab News जय राष्ट्र न्यूज़

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तमिलनाडु जेलब्रेक के बाद 13 कैदी पकड़े गए, चार की तलाश जारी; 9 जेलकर्मी निलंबित

थेनी: तमिलनाडु के थेनी जिले की Thekkampatti Sub-Jail से फरार हुए 17 कैदियों में से 13 को पुलिस ने दोबारा पकड़ लिया है, जबकि चार कैदी अब भी फरार हैं। पुलिस ने बड़े स्तर पर तलाशी अभियान चलाया, जिसमें ड्रोन surveillance, स्थानीय पुलिस और विशेष टीमों की मदद ली गई। कैसे फरार हुए थे 17 कैदी? प्रारंभिक जांच के मुताबिक एक कैदी ने कथित तौर पर मिर्गी का दौरा पड़ने का नाटक किया। जैसे ही जेलकर्मी मदद के लिए पहुंचे, दूसरे कैदियों ने उन पर हमला कर चाबियां छीन लीं और मुख्य रास्ते से बाहर निकल गए। ड्रोन से जंगलों में हुई तलाश फरार कैदियों की तलाश के लिए थेनी के आसपास के जंगलों में बड़े पैमाने पर combing operation चलाया गया। पुलिस ने घने इलाकों में छिपे कैदियों को खोजने के लिए drones का इस्तेमाल किया, जिससे कई फरार कैदियों को पकड़ने में मदद मिली। अब भी चार कैदी फरार पुलिस के मुताबिक चार कैदी अब भी गिरफ्त से बाहर हैं। उनकी पहचान K Meenakshi Sundaram, R Rejin, K Thirupathy और P Ponmuthuselvam के रूप में की गई है। उनकी तलाश के लिए विशेष टीमों को लगाया गया है। केरल सीमा पर बढ़ाई गई निगरानी पुलिस को आशंका है कि फरार कैदी पड़ोसी केरल की ओर भागने की कोशिश कर सकते हैं। इसी वजह से inter-state border पर निगरानी बढ़ाई गई है और केरल पुलिस से भी सहयोग मांगा गया है। 9 जेलकर्मियों को किया गया निलंबित जेलब्रेक के बाद जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे हैं। 9 जेलकर्मियों को negligence के आरोप में निलंबित किया गया है। इनमें दो head wardens भी शामिल हैं। DGP ने माना ‘human error’ Tamil Nadu DGP (Prisons) Sandeep Rai Rathore ने शुरुआती जांच में घटना के पीछे human error और security protocol breach को जिम्मेदार बताया है। घटना की विस्तृत जांच जारी है। 30 साल का सबसे बड़ा jailbreak Times of India ने इस घटना को तमिलनाडु का करीब तीन दशकों में सबसे बड़ा jailbreak बताया है। घटना के बाद राज्य की जेल सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर राजनीतिक सवाल भी खड़े हो गए हैं। स्रोत – Hindustan Times, Times of India, NDTV जय राष्ट्र न्यूज़

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कर्नाटक MLC चुनाव में NDA का क्लीन स्वीप, BJP ने 3 और JD(S) ने 1 सीट जीती; कांग्रेस खाली हाथ

बेंगलुरु: कर्नाटक में हुए MLC चुनावों में NDA ने सभी चार सीटों पर जीत दर्ज कर बड़ी राजनीतिक बढ़त हासिल की है। परिणामों में BJP ने 3 सीटें जीतीं, जबकि उसकी सहयोगी JD(S) ने 1 सीट अपने नाम की। कांग्रेस इन चुनावों में एक भी सीट नहीं जीत सकी। किन सीटों पर हुआ चुनाव? यह चुनाव कर्नाटक विधान परिषद की उन सीटों के लिए हुआ था जहां अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों से प्रतिनिधि चुने जाते हैं। NDA ने चारों सीटों पर संयुक्त रणनीति के साथ उम्मीदवार उतारे और नतीजों में गठबंधन को पूरा फायदा मिला। BJP ने जीतीं 3 सीटें BJP उम्मीदवारों ने तीन सीटों पर जीत हासिल की। पार्टी ने नतीजों को सिद्धारमैया सरकार के खिलाफ जनमत और संगठनात्मक मजबूती का संकेत बताया है। JD(S) को मिली एक सीट NDA की सहयोगी JD(S) ने भी एक सीट जीतकर गठबंधन का क्लीन स्वीप पूरा किया। पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने परिणाम को BJP-JD(S) गठबंधन के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश बताया। कांग्रेस को नहीं मिली एक भी सीट राज्य में सत्ता में होने के बावजूद कांग्रेस चारों सीटों पर जीत से दूर रही। परिणाम के बाद BJP और JD(S) नेताओं ने दावा किया कि यह नतीजा सरकार की नीतियों के खिलाफ बढ़ते असंतोष को दर्शाता है। हालांकि कांग्रेस ने MLC चुनाव परिणाम को विधानसभा चुनाव का सीधा संकेत मानने से इनकार किया है। कुमारस्वामी बोले—2028 के लिए जनादेश एचडी कुमारस्वामी ने जीत के बाद कहा कि यह परिणाम 2028 के विधानसभा चुनाव की दिशा का संकेत है। उन्होंने BJP और JD(S) कार्यकर्ताओं को जीत का श्रेय दिया और गठबंधन की रणनीति को सफल बताया। NDA के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह जीत? कर्नाटक में BJP और JD(S) का गठबंधन लोकसभा चुनाव के बाद भी राज्य की राजनीति में साथ काम कर रहा है। MLC चुनावों में 4-0 की जीत से दोनों दलों को विधानसभा से बाहर भी राजनीतिक और संगठनात्मक बढ़त मिली है। कांग्रेस के लिए बढ़ा राजनीतिक दबाव नतीजों के बाद कांग्रेस पर अपनी चुनावी रणनीति और उम्मीदवार चयन की समीक्षा का दबाव बढ़ सकता है। विपक्ष इस परिणाम को सिद्धारमैया सरकार के खिलाफ संदेश के रूप में पेश कर रहा है, जबकि आने वाले चुनावों से पहले गठबंधन राजनीति और तेज होने की संभावना है। जय राष्ट्र न्यूज़

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Cyclone Arnab ने आंध्र प्रदेश तट पर किया landfall, भारी बारिश और 140 किमी/घंटे तक की हवाओं का खतरा

अमरावती/काकीनाडा: बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ (Cyclone Arnab) ने बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 की सुबह आंध्र प्रदेश तट पर landfall किया। तूफान काकीनाडा और यानम के आसपास तट से टकराया, जिसके साथ तटीय इलाकों में तेज हवाएं और मूसलाधार बारिश दर्ज की गई। 125-135 किमी/घंटे की रफ्तार से चली हवाएं landfall के दौरान काकीनाडा, कोनसीमा और पश्चिम गोदावरी समेत कई इलाकों में 125 से 135 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। IMD के पहले के अनुमान के मुताबिक हवा के झोंके 140 किमी/घंटे तक पहुंच सकते थे। पेड़ उखड़े, बिजली आपूर्ति प्रभावित Cyclone Arnab के असर से कई तटीय इलाकों में पेड़ उखड़ने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की खबरें सामने आई हैं। भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। करीब 1.5 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया तूफान के खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश के संवेदनशील और निचले इलाकों से करीब 1.5 लाख लोगों को राहत शिविरों और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। प्रशासन ने NDRF और अन्य राहत टीमों को भी तैनात किया है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी बारिश का अलर्ट IMD ने तटीय आंध्र प्रदेश के साथ दक्षिण ओडिशा के कई जिलों में भी भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। समुद्र की स्थिति बेहद खराब रहने के कारण मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। 1 से 2 मीटर तक storm surge का खतरा मौसम विभाग ने कुछ तटीय हिस्सों में 1 से 2 मीटर तक storm surge की आशंका जताई थी, जिससे निचले इलाकों में समुद्री पानी भरने का खतरा है। काकीनाडा और यानम के आसपास के क्षेत्र विशेष रूप से संवेदनशील बताए गए हैं। अगले कुछ घंटे अहम landfall के बाद भी Cyclone Arnab का असर तुरंत खत्म नहीं होगा। तूफान के कमजोर होने तक तेज हवाएं, भारी बारिश और जलभराव का खतरा बना रह सकता है। प्रशासन ने लोगों से घरों में रहने और केवल आधिकारिक मौसम अपडेट का पालन करने की अपील की है। स्रोत – India Meteorological Department (IMD), Hindustan Times, Indian Express जय राष्ट्र न्यूज़

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जलगांव में RSS के पथ संचलन पर पथराव, किरीट सोमैया ने की कड़ी कार्रवाई की मांग

जलगांव: महाराष्ट्र के जलगांव जिले के यावल तालुका के किनगांव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के विजयादशमी पथ संचलन के दौरान हुए पथराव का मामला अब राजनीतिक रूप से गरमा गया है। BJP नेता और पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने घटना के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और दोषियों को क्षेत्र से तड़ीपार करने की मांग की है। 25 अक्टूबर को हुआ था विवाद घटना 25 अक्टूबर 2026 की है। किनगांव में RSS का पारंपरिक विजयादशमी पथ संचलन निकाला जा रहा था। निर्धारित मार्ग पर स्थित एक धार्मिक स्थल के सामने से पथ संचलन निकालने को लेकर कुछ लोगों ने विरोध किया और महिलाएं सड़क पर बैठ गईं। इसके बाद विवाद बढ़ गया और पथराव की घटना सामने आई। पुलिस को करना पड़ा लाठीचार्ज विवाद बढ़ने के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव पैदा हो गया। हालात नियंत्रित करने और भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया। अतिरिक्त पुलिस बल भी मौके पर तैनात किया गया और बाद में स्थिति को नियंत्रण में लाया गया। पुलिसकर्मी और RSS कार्यकर्ता के घायल होने की खबर स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक पथराव में एक पुलिसकर्मी और RSS से जुड़े एक कार्यकर्ता के घायल होने की भी सूचना सामने आई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया। किरीट सोमैया ने क्या कहा? किरीट सोमैया ने 27 अक्टूबर को जलगांव में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर घटना को गंभीर बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि मुख्य सड़क से किसी शांतिपूर्ण जुलूस को गुजरने से कैसे रोका जा सकता है। सोमैया ने दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई के साथ उन्हें तड़ीपार करने की मांग की। गिरीश महाजन ने भी दी सख्त चेतावनी महाराष्ट्र सरकार के मंत्री गिरीश महाजन ने भी घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि किसी भी धार्मिक या सामाजिक जुलूस पर हमला करना या कानून हाथ में लेना स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने पुलिस को मामले में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। गिरफ्तारियों की संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट मामले में पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारियों को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट सामने आई हैं। शुरुआती खबरों में करीब 15 से 20 संदिग्धों को हिरासत में लेने की बात कही गई थी, जबकि बाद की कुछ रिपोर्टों में गिरफ्तार लोगों की संख्या इससे अधिक बताई गई है। पुलिस की आधिकारिक अंतिम संख्या स्पष्ट होने तक इन आंकड़ों को सावधानी से देखना जरूरी है। इलाके में पुलिस की निगरानी जारी घटना के बाद किनगांव और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात किया गया। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और सोशल मीडिया पर फैलने वाली अपुष्ट सूचनाओं या अफवाहों पर विश्वास नहीं करने की अपील की है। स्रोत – Loksatta, Sakal, Aaj Tak, Amar Ujala, ABP News जय राष्ट्र न्यूज़

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आंध्र प्रदेश तट के बेहद करीब पहुंचा चक्रवात ‘अर्नब’, 140 किमी/घंटे तक की हवाओं का खतरा

विशाखापत्तनम: बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ (Cyclone Arnab) बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 की सुबह आंध्र प्रदेश तट के बेहद करीब पहुंच गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक सुबह 5:30 बजे तूफान का केंद्र नरसापुर से करीब 30 किलोमीटर पूर्व, यानम से 45 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पश्चिम और काकीनाडा से लगभग 70 किलोमीटर दूर था। अगले कुछ घंटों में तट पार करने की संभावना IMD के ताजा बुलेटिन के अनुसार अर्नब के बापटला और विशाखापत्तनम के बीच, यानम के दक्षिण के करीब आंध्र प्रदेश-यानम तट को पार करने की संभावना है। सुबह जारी अपडेट में कहा गया कि यह प्रक्रिया अगले कुछ घंटों में पूरी हो सकती है। 140 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं हवा के झोंके तट पार करते समय चक्रवात की अधिकतम sustained wind speed 115 से 125 किमी/घंटा रहने और हवा के झोंकों की रफ्तार 140 किमी/घंटा तक पहुंचने का अनुमान है। इससे पेड़ों, बिजली के खंभों, कच्चे मकानों और तटीय ढांचों को नुकसान का खतरा है। रात में 150 किमी/घंटे तक पहुंची थी अनुमानित रफ्तार 27 अक्टूबर की देर रात IMD ने अर्नब के landfall के दौरान हवा की रफ्तार 125–135 किमी/घंटा और gusts 150 किमी/घंटा तक रहने का अनुमान लगाया था। हालांकि 28 अक्टूबर सुबह के ताजा अपडेट में इसे घटाकर 115–125 किमी/घंटा, gusting 140 किमी/घंटा बताया गया। तटीय आंध्र प्रदेश में भारी बारिश Cyclone Arnab के कारण तटीय आंध्र प्रदेश में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। दक्षिण ओडिशा के कई जिलों में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की सलाह दी है। समुद्र बेहद खतरनाक, मछुआरों को चेतावनी चक्रवात के प्रभाव से पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में समुद्र की स्थिति बेहद खराब बनी हुई है। IMD ने मछुआरों को प्रभावित समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सख्त सलाह दी है। प्रशासन हाई अलर्ट पर आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय जिलों में राहत एवं बचाव एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है। निचले और संवेदनशील इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया पहले ही शुरू की जा चुकी है। स्कूलों और अन्य संस्थानों को भी कई प्रभावित क्षेत्रों में बंद रखा गया है। अगले कुछ घंटे बेहद अहम Cyclone Arnab का केंद्र अब तट के बेहद करीब है, इसलिए 28 अक्टूबर की सुबह के अगले कुछ घंटे सबसे महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। IMD लगातार इसकी स्थिति और हवा की रफ्तार पर नजर रख रहा है। स्रोत – India Meteorological Department (IMD), Indian Express जय राष्ट्र न्यूज़

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वाराणसी में MLC मतगणना से पहले 10 मिनट बंद रहा CCTV, सपा ने उठाए सवाल; प्रशासन ने बताई तकनीकी खराबी

वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में MLC चुनाव की मतगणना से पहले पहड़िया मंडी स्थित स्ट्रॉन्ग रूम का CCTV कैमरा करीब 10 मिनट तक बंद रहने पर विवाद खड़ा हो गया। समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा ने निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग से जांच की मांग की। हालांकि जिला प्रशासन ने इसे तकनीकी खराबी बताया है। कहां रखा गया था चुनावी सामग्री? वाराणसी के पहड़िया मंडी स्थित स्ट्रॉन्ग रूम में शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के बैलेट पेपर रखे गए थे। मतगणना शुरू होने से पहले CCTV कैमरे बंद होने की खबर सामने आने के बाद चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठे। सपा प्रत्याशी ने क्या आरोप लगाया? सपा प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा ने दावा किया कि CCTV कैमरा करीब 10 मिनट तक बंद रहा और यह घटना अधिकारियों की मौजूदगी में हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि देर रात कैमरा करीब डेढ़ घंटे तक प्रभावित रहा था, हालांकि इस दूसरे दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। DM ने बताई CCTV बंद होने की वजह वाराणसी के जिलाधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि CCTV कैमरों के बंद होने की वजह तकनीकी खराबी थी। उनके मुताबिक एक switch में खराबी आने से wiring जल गई थी, जिसके बाद मरम्मत कर कैमरों को दोबारा चालू कर दिया गया। मतगणना शांतिपूर्ण होने का दावा जिला प्रशासन ने कहा कि मतगणना राजनीतिक दलों के एजेंटों और निर्वाचन कर्मचारियों की मौजूदगी में शांतिपूर्ण तरीके से कराई गई। शुरुआती चरण में मतपेटियों से मतपत्र निकालकर उनके bundles तैयार किए गए। चुनाव आयोग से जांच की मांग आशुतोष सिन्हा ने चुनाव आयोग से CCTV system के technical records और कैमरा बंद रहने की अवधि की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि चुनावी सामग्री वाले स्ट्रॉन्ग रूम की लगातार निगरानी बेहद जरूरी है। गड़बड़ी के आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं फिलहाल CCTV बंद होने के दौरान किसी तरह की मतगणना या बैलेट में गड़बड़ी होने का कोई स्वतंत्र प्रमाण सामने नहीं आया है। प्रशासन तकनीकी खराबी को वजह बता रहा है, जबकि विपक्ष पूरे मामले की जांच की मांग कर रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो CCTV बंद होने से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ, जिसके बाद मामला राजनीतिक चर्चा में आ गया। घटना 26 अक्टूबर को सामने आई और 27 अक्टूबर को प्रशासन की ओर से तकनीकी खराबी का स्पष्टीकरण दिया गया। स्रोत – Aaj Tak, Navbharat Live, Amar Ujala जय राष्ट्र न्यूज़

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आज Infantry Day—27 अक्टूबर 1947 को भारतीय सेना की पहली टुकड़ी श्रीनगर पहुंची थी

नई दिल्ली: भारत में आज, 27 अक्टूबर 2026, Infantry Day मनाया जा रहा है। यह दिन भारतीय सेना की उस ऐतिहासिक कार्रवाई की याद में मनाया जाता है, जब 27 अक्टूबर 1947 को भारतीय सेना की पहली infantry troops को हवाई मार्ग से श्रीनगर पहुंचाया गया था। इस सैन्य अभियान ने जम्मू-कश्मीर की रक्षा में निर्णायक भूमिका निभाई थी। 27 अक्टूबर 1947 को क्या हुआ था? 1947 में जम्मू-कश्मीर पर कबायली हमलावरों और पाकिस्तान समर्थित बलों के दबाव के बीच महाराजा हरि सिंह ने भारत के साथ Instrument of Accession पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद भारतीय सेना को तुरंत श्रीनगर भेजा गया ताकि घाटी और एयरफील्ड की सुरक्षा की जा सके। पहली टुकड़ी श्रीनगर एयरफील्ड पर उतरी भारतीय सेना की 1 Sikh Battalion की टुकड़ी 27 अक्टूबर 1947 की सुबह श्रीनगर एयरफील्ड पहुंची। इस deployment को स्वतंत्र भारत के शुरुआती और सबसे महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों में गिना जाता है। भारतीय सैनिकों ने एयरफील्ड को सुरक्षित किया और आगे बढ़ रहे हमलावरों का मुकाबला शुरू किया। Infantry Day क्यों मनाया जाता है? Infantry Day का उद्देश्य उन सैनिकों के साहस और बलिदान को याद करना है जिन्होंने 1947 में जम्मू-कश्मीर की रक्षा के लिए लड़ाई लड़ी। यह दिन भारतीय सेना की infantry units की भूमिका, readiness और sacrifice को सम्मान देने का अवसर भी है। श्रीनगर की रक्षा क्यों थी इतनी अहम? अगर श्रीनगर एयरफील्ड पर हमलावर कब्जा कर लेते, तो भारतीय सेना के लिए घाटी में तेजी से reinforcement पहुंचाना बेहद मुश्किल हो जाता। इसी वजह से 27 अक्टूबर की troop airlift को पूरे अभियान का turning point माना जाता है। भारतीय सेना ने दी श्रद्धांजलि हर साल Infantry Day पर सेना के वरिष्ठ अधिकारी और पूर्व सैनिक युद्ध स्मारकों पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देते हैं। इस मौके पर 1947 की सैन्य कार्रवाई और infantry के योगदान को याद किया जाता है। 79 साल बाद भी क्यों खास है यह दिन? 2026 में इस ऐतिहासिक सैन्य कार्रवाई को 79 वर्ष पूरे हो रहे हैं। भारतीय सेना के लिए यह दिन केवल इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि duty, courage और rapid response की परंपरा का प्रतीक भी है। स्रोत – Indian Army, Press Information Bureau, Ministry of Defence जय राष्ट्र न्यूज़

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दिल्ली की हवा आज खराब स्तर पर, AQI 211 पहुंचा; sensitive लोगों को outdoor exposure कम रखने की सलाह

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की हवा मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को खराब स्तर पर पहुंच गई। ताजा उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली का Air Quality Index (AQI) 211 दर्ज किया गया, जो “Poor” श्रेणी में आता है। बच्चों, बुजुर्गों, अस्थमा और अन्य श्वसन संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को लंबे समय तक बाहर रहने और strenuous outdoor activities से बचने की सलाह दी गई है। एक दिन में और बिगड़ी दिल्ली की हवा 26 अक्टूबर को नई दिल्ली का AQI करीब 184 दर्ज किया गया था, जबकि 27 अक्टूबर को यह बढ़कर 211 तक पहुंच गया। यानी एक दिन के भीतर प्रदूषण के स्तर में स्पष्ट बढ़ोतरी दर्ज हुई है। PM2.5 और PM10 बने चिंता का कारण दिल्ली की हवा में fine particulate matter यानी PM2.5 और PM10 प्रदूषण के प्रमुख कारकों में शामिल हैं। 26 अक्टूबर की शाम उपलब्ध आंकड़ों में PM2.5 करीब 80 µg/m³ और PM10 करीब 190 µg/m³ दर्ज किया गया था। ऐसे महीन कण लंबे समय तक सांस के जरिए शरीर में जाने पर स्वास्थ्य पर असर डाल सकते हैं। किन लोगों को सबसे ज्यादा सावधानी की जरूरत? बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और अस्थमा, COPD या अन्य respiratory conditions वाले लोगों को खराब AQI के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। 27 अक्टूबर के AQI update में बच्चों, active adults और respiratory ailments वाले लोगों को outdoor exertion से बचने को कहा गया है। बाहर निकलें तो मास्क पहनने की सलाह खराब हवा की स्थिति में लंबे समय तक outdoor activity कम रखने के साथ बाहर निकलते समय अच्छी फिटिंग वाला mask इस्तेमाल करना मददगार हो सकता है। खासकर busy roads, construction zones और ज्यादा traffic वाले इलाकों में exposure सीमित रखना बेहतर माना जाता है। साफ आसमान के बावजूद प्रदूषण बना समस्या दिल्ली में मंगलवार को आसमान साफ रहा और अधिकतम तापमान करीब 30°C दर्ज किया गया, लेकिन कम हवा की गति के कारण प्रदूषक वातावरण में जमा रह सकते हैं। उपलब्ध weather data में अधिकतम wind speed करीब 3.2 km/h दर्ज की गई। आने वाले दिनों में नजर AQI पर दिल्ली-NCR में अक्टूबर के आखिर से हवा की गुणवत्ता अक्सर मौसम, कम wind speed, स्थानीय emissions और आसपास के pollution sources के कारण प्रभावित होती है। ऐसे में आने वाले दिनों में AQI में और बदलाव हो सकता है और लोगों को official air-quality updates देखते रहने की सलाह दी जाती है। स्रोत – Hindustan Times Weather, Times of India AQI Data जय राष्ट्र न्यूज़

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Microsoft ने भारत समेत कई देशों में करीब 60,000 कर्मचारियों को voluntary exit package ऑफर किया

नई दिल्ली: टेक दिग्गज Microsoft ने भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा में लगभग 60,000 eligible employees के लिए नया Voluntary Exit Offer (VEO) शुरू किया है। यह कंपनी के कुल वैश्विक workforce का करीब 27% हिस्सा है। Microsoft का कहना है कि यह एक voluntary programme है, यानी 60,000 कर्मचारियों की छंटनी नहीं की जा रही, बल्कि eligible कर्मचारियों को financial support के साथ कंपनी छोड़ने का विकल्प दिया जा रहा है। किन कर्मचारियों को मिलेगा ऑफर? Microsoft के मुताबिक यह ऑफर participating teams में Level 70 और उससे नीचे के eligible employees के लिए उपलब्ध है। यह programme भारत, अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन में लागू होगा। हालांकि हर टीम इसमें शामिल नहीं है और eligibility business priorities, customer commitments और workforce needs पर निर्भर करेगी। भारत के कर्मचारी भी दायरे में भारत में Microsoft के करीब 23,000 कर्मचारी काम करते हैं, हालांकि कंपनी ने यह नहीं बताया है कि इनमें से कितने employees इस voluntary exit programme के लिए eligible हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक Copilot, AI Experiences, Windows & Devices, Xbox, Finance और Human Resources जैसी teams programme के दायरे में आ सकती हैं। 60,000 लोगों की छंटनी नहीं इस announcement को समझने में सबसे अहम बात यह है कि 60,000 employees eligible हो सकते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि सभी 60,000 लोग कंपनी छोड़ेंगे। यह एक समय-सीमित voluntary offer है और अंतिम संख्या इस बात पर निर्भर करेगी कि कितने कर्मचारी इसे स्वीकार करते हैं। पैकेज में क्या मिल सकता है? रिपोर्ट्स के अनुसार eligible employees को लगभग तीन महीने की salary के साथ हर साल की service के लिए अतिरिक्त एक महीने की base salary मिल सकती है। हालांकि Microsoft के official blog ने सभी देशों के लिए package की exact financial terms सार्वजनिक रूप से नहीं बताई हैं। कब तक लेना होगा फैसला? रिपोर्ट्स के मुताबिक eligible कर्मचारियों को 1 दिसंबर 2026 तक तय करना होगा कि वे offer स्वीकार करना चाहते हैं या नहीं। जो कर्मचारी इसे स्वीकार करेंगे, उनका exit 31 दिसंबर 2026 तक हो सकता है। AI investment के बीच आया फैसला यह कदम ऐसे समय आया है जब Microsoft artificial intelligence और data centre infrastructure पर भारी निवेश कर रहा है। Reuters के मुताबिक कंपनी ने 2026 के लिए लगभग $175 billion capital expenditure का अनुमान दिया है, जिसका बड़ा हिस्सा AI infrastructure पर खर्च होने की उम्मीद है। Microsoft में कितने कर्मचारी हैं? Microsoft की 2026 Annual Report के मुताबिक 30 जून 2026 तक कंपनी के पास लगभग 2.23 लाख full-time employees थे। इनमें 1.21 लाख अमेरिका में और करीब 1.02 लाख अन्य देशों में काम करते हैं। पहले भी workforce restructuring कर चुका है Microsoft Microsoft इससे पहले भी workforce restructuring के तहत voluntary retirement और job cuts कर चुका है। Reuters के अनुसार जुलाई 2026 में कंपनी ने करीब 4,800 jobs में कटौती की थी, जिसमें Xbox business भी प्रभावित हुआ था। कंपनी ने क्या कहा? Microsoft की Chief People Officer Amy Coleman ने कहा कि नया Voluntary Exit Offer कर्मचारियों को अपने अगले career step को चुनने के लिए ज्यादा flexibility देगा। कंपनी ने यह भी कहा कि हर team या employee के लिए एक जैसा approach लागू नहीं किया जाएगा। स्रोत – Microsoft Official Blog, Reuters, Indian Express, Microsoft Annual Report 2026 जय राष्ट्र न्यूज़

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