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ऑस्ट्रेलिया भारत में 500 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के नए निवेश की घोषणा करेगा

मेलबर्न, 9 जुलाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऑस्ट्रेलिया यात्रा के दौरान भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक संबंधों को नई गति देने के उद्देश्य से 500 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (लगभग 2,900 करोड़ रुपये) के नए निवेश की घोषणा की गई। यह निवेश भारत के नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) के माध्यम से अवसंरचना परियोजनाओं में किया जाएगा। यह घोषणा भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन और CEO फोरम के दौरान हुई। अवसंरचना क्षेत्र में मिलेगा बड़ा निवेश यह निवेश ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े पेंशन फंड AustralianSuper द्वारा किया जाएगा। फंड ने बताया कि भारत में उसका यह नया निवेश सड़कों, ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, शहरी अवसंरचना और अन्य दीर्घकालिक परियोजनाओं के विकास में उपयोग होगा। इससे भारत में बुनियादी ढांचे के विस्तार को गति मिलने की उम्मीद है। भारत में निवेशकों का बढ़ता विश्वास प्रधानमंत्री मोदी ने CEO फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत तेज़ आर्थिक विकास, नीतिगत सुधार, डिजिटल परिवर्तन और मजबूत निवेश वातावरण के कारण वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य बन चुका है। उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई कंपनियों को विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), फिनटेक, खाद्य प्रसंस्करण और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने का आमंत्रण दिया। दोनों देशों के आर्थिक संबंध होंगे मजबूत ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया की व्यापक रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है। दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा, तकनीक और ऊर्जा सहयोग भविष्य में और गहरा होगा। उन्होंने भारत को ऑस्ट्रेलिया का महत्वपूर्ण आर्थिक साझेदार बताया। स्वच्छ ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों पर भी जोर निवेश घोषणा के साथ दोनों देशों ने हरित हाइड्रोजन, सौर ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals), बैटरी आपूर्ति श्रृंखला और उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई। इससे दोनों देशों की ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक सहयोग को नई दिशा मिलने की संभावना है। व्यापार समझौते पर भी प्रगति भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (CECA) को अंतिम रूप देने की दिशा में भी सकारात्मक प्रगति दर्ज की गई। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार को अगले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय रूप से बढ़ाने का लक्ष्य दोहराया। विशेषज्ञों की राय आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश केवल पूंजी प्रवाह तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे भारत में आधुनिक अवसंरचना, रोजगार सृजन, तकनीकी सहयोग और दीर्घकालिक आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। यह भारत में विदेशी संस्थागत निवेशकों के बढ़ते विश्वास का भी संकेत माना जा रहा है। आगे की राह भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों सरकारों ने स्पष्ट किया है कि आने वाले वर्षों में व्यापार, निवेश, रक्षा, शिक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और उभरती तकनीकों में सहयोग को और मजबूत किया जाएगा। 500 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का यह नया निवेश दोनों देशों की आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाई देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। स्रोत:भारत सरकार, ऑस्ट्रेलिया सरकार, AustralianSuper एवं National Investment and Infrastructure Fund (NIIF)। मूल रिपोर्ट:9 जुलाई 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक जानकारी एवं विश्वसनीय अंतरराष्ट्रीय समाचार स्रोतों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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PM मोदी और ऑस्ट्रेलियाई PM एंथनी अल्बनीज़ की बैठक, रक्षा, व्यापार और ऊर्जा सहयोग पर कई अहम समझौते

मेलबर्न, 9 जुलाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने मेलबर्न में आयोजित भारत–ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन में व्यापक द्विपक्षीय वार्ता की। बैठक में रक्षा सहयोग, व्यापार एवं निवेश, महत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals), स्वच्छ ऊर्जा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), साइबर सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग को नई गति देने पर सहमति बनी। रक्षा सहयोग को मिलेगा नया विस्तार दोनों नेताओं ने समुद्री सुरक्षा, संयुक्त सैन्य अभ्यास, रक्षा उद्योग सहयोग और रक्षा तकनीक के आदान-प्रदान को और मजबूत करने का निर्णय लिया। इसके साथ ही Maritime Security Collaboration Roadmap पर भी सहमति बनी, जिससे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में दोनों देशों का रणनीतिक समन्वय और मजबूत होगा। व्यापार और निवेश पर बड़ा फोकस बैठक के दौरान भारत और ऑस्ट्रेलिया ने द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने तथा व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते को आगे बढ़ाने पर चर्चा की। ऑस्ट्रेलिया ने भारत में 500 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के नए निवेश की घोषणा की, जिसका उपयोग बुनियादी ढांचे, प्रौद्योगिकी और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में किया जाएगा। साथ ही दोनों देशों ने महत्वपूर्ण खनिज, डिजिटल अर्थव्यवस्था और आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) सहयोग को भी प्राथमिकता देने पर सहमति जताई। यूरेनियम और स्वच्छ ऊर्जा में नई साझेदारी शिखर वार्ता की प्रमुख उपलब्धियों में शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा के लिए ऑस्ट्रेलियाई यूरेनियम आपूर्ति समझौता शामिल रहा। इसके अलावा हरित हाइड्रोजन, सौर ऊर्जा, नवीकरणीय ऊर्जा और कम-कार्बन तकनीकों में संयुक्त निवेश एवं अनुसंधान बढ़ाने पर भी सहमति बनी। AI और उन्नत तकनीकों पर सहयोग दोनों देशों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, क्वांटम तकनीक और उभरती डिजिटल तकनीकों में संयुक्त अनुसंधान तथा औद्योगिक सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की तेज़ी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था ऑस्ट्रेलियाई कंपनियों के लिए दीर्घकालिक निवेश के बड़े अवसर प्रदान करती है। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में साझा दृष्टिकोण दोनों नेताओं ने स्वतंत्र, सुरक्षित और नियम-आधारित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के समर्थन को दोहराया। उन्होंने समुद्री मार्गों की सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और आतंकवाद के विरुद्ध सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया। व्यापारिक समुदाय से भी संवाद शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों प्रधानमंत्रियों ने Australia–India CEOs Forum को भी संबोधित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने विनिर्माण, अवसंरचना, स्वच्छ ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, AI, फिनटेक, खाद्य प्रसंस्करण और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में निवेश के व्यापक अवसरों को रेखांकित किया। रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा विशेषज्ञों का मानना है कि इस वार्षिक शिखर सम्मेलन से भारत और ऑस्ट्रेलिया की Comprehensive Strategic Partnership को नई मजबूती मिलेगी। रक्षा, ऊर्जा, व्यापार, तकनीक और निवेश जैसे क्षेत्रों में हुए समझौते आने वाले वर्षों में दोनों देशों के आर्थिक और सामरिक संबंधों को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. स्रोत:भारत सरकार, ऑस्ट्रेलिया सरकार एवं दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के आधिकारिक कार्यालय। मूल रिपोर्ट:9 जुलाई 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक जानकारी, प्रेस विज्ञप्तियों तथा विश्वसनीय अंतरराष्ट्रीय समाचार स्रोतों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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दिल्ली-NCR में भारी बारिश, IMD ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया, कई इलाकों में जलभराव से जनजीवन प्रभावित

नई दिल्ली | 9 जुलाई 2026 दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में गुरुवार तड़के शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने राजधानी की रफ्तार को धीमा कर दिया। लगातार कई घंटों तक हुई वर्षा के कारण दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद के कई इलाकों में जलभराव हो गया। दफ्तर जाने वाले लोगों को लंबी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा, जबकि कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की गति काफी धीमी रही। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए दिल्ली-NCR के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और कुछ इलाकों में अत्यधिक वर्षा के कारण रेड अलर्ट भी लागू किया गया है। सुबह से लगातार बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें बुधवार देर रात शुरू हुई बारिश गुरुवार सुबह तक जारी रही। राजधानी के कई निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को रोजमर्रा के कामकाज में परेशानी हुई। आईटीओ, मिंटो ब्रिज, धौला कुआं, द्वारका, रोहिणी, लाजपत नगर, नोएडा और गुरुग्राम के कई हिस्सों में जलभराव की तस्वीरें सामने आईं। सुबह के व्यस्त समय में हजारों वाहन ट्रैफिक जाम में फंस गए, जिससे कार्यालय पहुंचने में लोगों को काफी देरी हुई। कई जगहों पर पेड़ गिरने की घटनाएं भी सामने आईं, जिससे यातायात और अधिक प्रभावित हुआ। IMD ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार सक्रिय मानसूनी प्रणाली के कारण दिल्ली-NCR में अगले 24 घंटों तक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग द्वारा जारी आधिकारिक अपडेट पर नजर रखने की अपील की है। कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा की आशंका को देखते हुए रेड अलर्ट भी जारी किया गया है। मौसम विभाग ने तेज हवाओं और बिजली गिरने की संभावना को लेकर भी चेतावनी दी है। ट्रैफिक और हवाई सेवाओं पर भी पड़ा असर भारी बारिश का असर केवल सड़कों तक सीमित नहीं रहा। दिल्ली के कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं, जबकि कुछ अंडरपास अस्थायी रूप से जलमग्न हो गए। खराब मौसम के कारण कई उड़ानों में देरी हुई और एयरलाइंस ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए एयरपोर्ट रवाना होने से पहले फ्लाइट स्टेटस की जांच करने की सलाह दी। मौसम की वजह से सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर भी दबाव बढ़ गया। प्रशासन अलर्ट मोड पर दिल्ली सरकार, नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग ने हालात पर लगातार नजर बनाए रखी है। जलभराव वाले इलाकों से पानी निकालने के लिए अतिरिक्त पंप लगाए गए हैं और संवेदनशील स्थानों पर राहत एवं बचाव दलों को तैनात किया गया है। ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से वैकल्पिक मार्ग अपनाने और आवश्यकता होने पर ही यात्रा करने की अपील की है। प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन का पालन करने को कहा है। अगले कुछ दिन भी रहेगा बारिश का दौर मौसम विभाग का अनुमान है कि सक्रिय मानसून के कारण आने वाले दिनों में भी दिल्ली-NCR में रुक-रुक कर बारिश जारी रह सकती है। इससे तापमान में गिरावट आएगी, लेकिन निचले इलाकों में जलभराव और यातायात संबंधी समस्याएं बनी रह सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नागरिकों को मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करना चाहिए और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतनी चाहिए। स्रोत: India Meteorological Department (IMD), The Times of India, The Economic Times मूल रिपोर्ट:https://mausam.imd.gov.in/ https://economictimes.indiatimes.com/news/new-updates/delhi-noida-gurugram-weather-today-july-9-imd-issues-orange-alert-as-heavy-rain-batters-ncr-waterlogging-reported-more-showers-likely Jai Rashtra News

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बारुईपुर बलात्कार-हत्या मामला: पश्चिम बंगाल पुलिस ने जांच तेज की; झोपड़ी को संभावित अपराध स्थल के रूप में जांचा जा रहा है

पोस्टमार्टम से पता चलता है कि शव को फेंके जाने के समय पीड़ित जीवित था। रविवार को पुलिस ने जिले के बारुईपुर इलाके में किशोरी के घर के पास एक तालाब से उसका शव बरामद किया , जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। क्रोधित भीड़ ने घटना में संलिप्तता के संदेह में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी। मामला सामने आते ही पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर घटना की जांच शुरू कर दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, नाबालिग के सिर पर किसी भारी वस्तु से प्रहार किया गया था या उसे किसी कठोर सतह पर पटका गया था। इसके अलावा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चलता है कि बच्ची को जब तालाब में फेंका गया था तब वह जीवित थी, क्योंकि उसके फेफड़ों और पेट में पानी पाया गया था। पीटीआई ने पुलिस के हवाले से बताया कि सिर में गंभीर चोट लगने और डूबने से अत्यधिक रक्तस्राव के कारण महिला की मौत हुई। सोमवार को पुलिस ने इस मामले के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, इससे पहले दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जा चुका था। घटना के संबंध में तीन अन्य व्यक्तियों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था। एसआईटी ने जांच तेज की रविवार को इस मामले की जांच के लिए छह सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था। बलात्कार-हत्या और पीट-पीटकर हत्या की घटना की चल रही जांच के तहत अधिकारियों ने चार एफआईआर भी दर्ज की हैं। समाचार एजेंसी ने एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के हवाले से बताया, “जांच एक महत्वपूर्ण चरण में है। हम सभी सबूतों की जांच कर रहे हैं। प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट की पुष्टि जांच के दौरान एकत्र की गई अन्य सामग्री से की जा रही है।” इसके अलावा, जांचकर्ता उस इलाके के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रहे हैं जिसमें कथित तौर पर चार लोग 12 वर्षीय बच्ची को ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस संदिग्धों की पहचान करने और अपराध में उनकी भूमिका निर्धारित करने के लिए फुटेज का विश्लेषण भी कर रही है। कथित बलात्कार और हत्या को लेकर जनता के बढ़ते आक्रोश के बीच, भारतीय न्याय सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत बरुइपुर और आसपास के इलाकों के कुछ हिस्सों में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भी लड़की के पिता से बात की और उन्हें आश्वासन दिया कि दोषियों को गिरफ्तार कर न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। बातचीत के दौरान, पिता ने कथित तौर पर आरोपी के लिए मृत्युदंड की मांग की।

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पहलगाम आतंकी हमले में NIA की बड़ी कार्रवाई, सप्लीमेंट्री चार्जशीट में हाफिज़ सईद को बनाया आरोपी

नई दिल्ली, 7 जुलाई। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की जांच में बड़ा कदम उठाते हुए विशेष NIA अदालत, जम्मू में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है। एजेंसी ने इसमें पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के प्रमुख हाफिज़ मोहम्मद सईद को हमले की साजिश रचने का आरोपी बताया है। सीमा पार से रची गई साजिश का आरोप NIA के अनुसार सप्लीमेंट्री चार्जशीट में हाफिज़ सईद को उसकी व्यक्तिगत भूमिका के साथ-साथ प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा और उसके कथित सहयोगी संगठन The Resistance Front (TRF) के प्रमुख के रूप में भी आरोपी बनाया गया है। एजेंसी का कहना है कि जांच में सीमा पार से साजिश रचे जाने के संबंध में नए साक्ष्य सामने आए हैं। विस्तृत जांच के बाद दाखिल हुई चार्जशीट NIA ने बताया कि सप्लीमेंट्री चार्जशीट विस्तृत वैज्ञानिक जांच, डिजिटल साक्ष्यों, फॉरेंसिक विश्लेषण, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और घटनास्थल से जुटाए गए सबूतों के आधार पर तैयार की गई है। यह पहले दाखिल की गई मूल चार्जशीट का विस्तार है और इसमें नए तथ्यों एवं कथित साजिश के विवरण को शामिल किया गया है। अप्रैल 2025 में हुआ था हमला यह मामला अप्रैल 2025 में पहलगाम क्षेत्र में हुए आतंकी हमले से जुड़ा है, जिसमें 25 पर्यटकों और जम्मू-कश्मीर के एक स्थानीय निवासी सहित कुल 26 लोगों की मौत हुई थी। घटना के बाद जांच का जिम्मा राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंपा गया था। विभिन्न धाराओं के तहत आरोप सप्लीमेंट्री चार्जशीट में हाफिज़ सईद के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत आरोप लगाए गए हैं। एजेंसी ने उस पर भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने और सीमा पार से आतंकी साजिश रचने का आरोप भी लगाया है। जांच अभी भी जारी NIA ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी समाप्त नहीं हुई है। एजेंसी हमले से जुड़े पूरे नेटवर्क, वित्तीय सहायता, स्थानीय सहयोगियों और सीमा पार से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच जारी रखे हुए है। यदि आगे और साक्ष्य सामने आते हैं तो अतिरिक्त कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल किया जाना जांच की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति है। उनका कहना है कि इससे कथित साजिश के पूरे नेटवर्क को न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से सामने लाने में मदद मिलेगी तथा सीमा पार प्रायोजित आतंकवाद के मामलों में भारत की कानूनी कार्रवाई और मजबूत होगी. आगे की प्रक्रिया अब यह मामला NIA की विशेष अदालत में आगे बढ़ेगा, जहां प्रस्तुत साक्ष्यों और चार्जशीट के आधार पर न्यायिक प्रक्रिया चलेगी। एजेंसी ने कहा है कि वह मामले की जांच पूरी होने तक सभी पहलुओं पर कार्य जारी रखेगी। स्रोत:राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), भारत सरकार। मूल रिपोर्ट:7 जुलाई 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक NIA जानकारी एवं विश्वसनीय समाचार स्रोतों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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मैक्रों की दमिश्क यात्रा के दौरान धमाकों से दहला सीरिया, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

दमिश्क, 7 जुलाई। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की ऐतिहासिक सीरिया यात्रा के दौरान राजधानी दमिश्क में दो विस्फोट हुए, जिससे पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। सीरिया के गृह मंत्रालय के अनुसार इन विस्फोटों में कम से कम 18 लोग घायल हुए, जिनमें चार पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। राष्ट्रपति मैक्रों उस समय सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल-शारा से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात कर रहे थे और पूरी तरह सुरक्षित रहे। होटल के पास हुए दो विस्फोट प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दोनों विस्फोट दमिश्क के फोर सीजन्स होटल और पर्यटन मंत्रालय के निकट हुए, जहां मैक्रों का प्रतिनिधिमंडल ठहरा हुआ था। पहला विस्फोट होटल से राष्ट्रपति काफिले के निकलने के कुछ समय बाद हुआ, जबकि दूसरा विस्फोट कुछ ही दूरी पर हुआ। घटना के तुरंत बाद पूरे इलाके को सुरक्षा बलों ने घेर लिया। मैक्रों सुरक्षित, कार्यक्रम जारी फ्रांस के राष्ट्रपति कार्यालय (Élysée Palace) ने पुष्टि की कि राष्ट्रपति मैक्रों पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनका आधिकारिक कार्यक्रम निर्धारित समय के अनुसार जारी रहा। विस्फोटों के बावजूद उन्होंने सीरियाई नेतृत्व के साथ निर्धारित बैठकें और अन्य कार्यक्रम पूरे किए। सीरिया के लिए ऐतिहासिक यात्रा मैक्रों की यह यात्रा विशेष महत्व रखती है क्योंकि 2024 में पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद के सत्ता से हटने के बाद यह किसी यूरोपीय संघ (EU) के राष्ट्राध्यक्ष की पहली आधिकारिक सीरिया यात्रा है। यात्रा का उद्देश्य सीरिया के पुनर्निर्माण, आर्थिक सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देना था। जांच एजेंसियां सक्रिय सीरियाई अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और विस्फोटों के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। सुरक्षा एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि विस्फोट उच्च-स्तरीय विदेशी प्रतिनिधिमंडल की यात्रा से जुड़े थे या नहीं। सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी धमाकों के बाद दमिश्क के प्रमुख सरकारी इलाकों, होटलों और राजनयिक परिसरों के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए। कई प्रमुख मार्गों को अस्थायी रूप से बंद किया गया और सुरक्षा जांच बढ़ा दी गई ताकि किसी भी संभावित खतरे को रोका जा सके। क्षेत्रीय स्थिरता पर सवाल विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना दिखाती है कि सीरिया में राजनीतिक परिवर्तन के बावजूद सुरक्षा चुनौतियां अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय देश के पुनर्निर्माण और स्थिरता की दिशा में प्रयास कर रहा है, लेकिन इस तरह की घटनाएं सुरक्षा तंत्र के सामने गंभीर चुनौती पेश करती हैं। आगे की स्थिति सीरिया सरकार ने कहा है कि घटना की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। फ्रांस ने भी सीरिया में स्थिरता और पुनर्निर्माण के प्रति अपना समर्थन दोहराया है। फिलहाल दोनों देशों के बीच निर्धारित कूटनीतिक कार्यक्रम जारी हैं और सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं। स्रोत:सीरिया का गृह मंत्रालय, फ्रांस का राष्ट्रपति कार्यालय (Élysée Palace) एवं आधिकारिक सरकारी जानकारी। मूल रिपोर्ट:7 जुलाई 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक जानकारी तथा विश्वसनीय अंतरराष्ट्रीय समाचार स्रोतों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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सरकार ने Cochin Shipyard में हिस्सेदारी बिक्री के लिए OFS शुरू किया, निवेशकों की बढ़ी दिलचस्पी

नई दिल्ली, 7 जुलाई। केंद्र सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की रक्षा एवं जहाज निर्माण कंपनी Cochin Shipyard Limited (CSL) में अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए Offer for Sale (OFS) प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस पेशकश के तहत सरकार पहले चरण में कंपनी की 2.52 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचेगी, जबकि अधिक मांग होने पर ग्रीन-शू विकल्प के माध्यम से अतिरिक्त 2.52 प्रतिशत हिस्सेदारी भी बेची जा सकती है। इस तरह कुल 5.04 प्रतिशत हिस्सेदारी बिक्री की संभावना है। ₹1,400 प्रति शेयर रखा गया फ्लोर प्राइस सरकार ने OFS के लिए ₹1,400 प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया है, जो घोषणा से पहले के बाजार भाव की तुलना में लगभग 7 प्रतिशत कम है। यह छूट निवेशकों को आकर्षित करने और हिस्सेदारी बिक्री को सफल बनाने के उद्देश्य से दी गई है। दो चरणों में होगी बोली DIPAM (Department of Investment and Public Asset Management) के अनुसार, OFS के पहले दिन गैर-खुदरा (Non-Retail) निवेशकों के लिए बोली खोली गई है, जबकि 8 जुलाई को खुदरा निवेशक और पात्र कर्मचारी इसमें भाग ले सकेंगे। सरकार के विनिवेश कार्यक्रम का हिस्सा यह हिस्सेदारी बिक्री केंद्र सरकार के चालू वित्त वर्ष के विनिवेश कार्यक्रम का हिस्सा है। सरकार सार्वजनिक उपक्रमों में हिस्सेदारी घटाकर संसाधन जुटाने और पूंजी बाजार में भागीदारी बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है। Cochin Shipyard रक्षा एवं समुद्री क्षेत्र की प्रमुख सरकारी कंपनियों में शामिल है। पहले दिन निवेशकों की मजबूत प्रतिक्रिया OFS के पहले दिन गैर-खुदरा निवेशकों की ओर से अच्छी मांग देखने को मिली। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, यह निर्गम 3.5 गुना से अधिक सब्सक्राइब हुआ, जिसके बाद सरकार ने अतिरिक्त हिस्सेदारी बेचने के लिए ग्रीन-शू विकल्प का भी पूरा उपयोग करने का निर्णय लिया। शेयर बाजार पर असर OFS की घोषणा के बाद Cochin Shipyard के शेयरों में शुरुआती कारोबार के दौरान गिरावट देखी गई। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि रियायती फ्लोर प्राइस और अतिरिक्त शेयर आपूर्ति के कारण अल्पकालिक दबाव बना, हालांकि कंपनी के दीर्घकालिक व्यवसायिक दृष्टिकोण को लेकर निवेशकों का विश्वास कायम है। कंपनी की रणनीतिक भूमिका Cochin Shipyard भारत की अग्रणी जहाज निर्माण और जहाज मरम्मत कंपनियों में शामिल है। कंपनी भारतीय नौसेना, तटरक्षक बल और वाणिज्यिक क्षेत्र के लिए आधुनिक जहाजों का निर्माण करती है। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने की दिशा में इसकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। आगे क्या? अब बाजार की नजर खुदरा निवेशकों की भागीदारी और OFS के अंतिम परिणाम पर रहेगी। यदि खुदरा श्रेणी में भी अच्छी मांग बनी रहती है, तो सरकार को इस हिस्सेदारी बिक्री से महत्वपूर्ण राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम सरकार के व्यापक विनिवेश कार्यक्रम को गति देने में सहायक होगा। स्रोत:विनिवेश एवं लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM), भारत सरकार। मूल रिपोर्ट:7 जुलाई 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक जानकारी एवं विश्वसनीय वित्तीय समाचार स्रोतों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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IMD का अलर्ट: मुंबई में ऑरेंज अलर्ट, दिल्ली-एनसीआर में बारिश और तेज़ हवाओं की चेतावनी

नई दिल्ली/मुंबई, 7 जुलाई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सक्रिय मानसून प्रणाली को देखते हुए मुंबई और आसपास के क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 24 घंटों के दौरान कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं दिल्ली-एनसीआर में भी गरज-चमक, मध्यम से तेज़ बारिश और तेज़ हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। मुंबई में भारी बारिश की संभावना IMD के अनुसार मुंबई, ठाणे, रायगढ़ और पालघर के कुछ हिस्सों में लगातार बारिश का दौर जारी रह सकता है। कई स्थानों पर अल्प समय में भारी वर्षा होने की आशंका है, जिससे जलभराव और यातायात प्रभावित हो सकता है। स्थानीय प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी शुरू कर दी है। दिल्ली-एनसीआर में बदलेगा मौसम दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद सहित पूरे एनसीआर क्षेत्र में दिनभर बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ बारिश और 30–50 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज़ हवाएं चलने का अनुमान है। इससे तापमान में गिरावट आने और उमस से राहत मिलने की संभावना है। प्रशासन अलर्ट मोड पर मुंबई महानगरपालिका (BMC), दिल्ली नगर निगम और संबंधित जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। जलभराव संभावित क्षेत्रों में पंपिंग स्टेशनों, राहत दलों और आपातकालीन सेवाओं को तैयार रखा गया है। रेलवे, यातायात पुलिस और नागरिक सुरक्षा एजेंसियां भी मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। लोगों के लिए IMD की सलाह मौसम विभाग ने नागरिकों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, बिजली गिरने की संभावना के समय खुले मैदानों में न रुकने तथा स्थानीय प्रशासन और IMD द्वारा जारी मौसम बुलेटिन का पालन करने की अपील की है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। किसानों के लिए भी परामर्श IMD ने किसानों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार कृषि कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी है। भारी वर्षा की संभावना वाले क्षेत्रों में फसलों की सुरक्षा, जल निकासी और आवश्यक कृषि प्रबंधन उपाय अपनाने की सिफारिश की गई है। अन्य राज्यों में भी मानसून सक्रिय मौसम विभाग के अनुसार महाराष्ट्र के अलावा गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में भी अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय रहेगा। कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है और संबंधित राज्य सरकारों को आवश्यक तैयारियां रखने के निर्देश दिए गए हैं। आगे की स्थिति IMD ने कहा है कि मानसून की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर नए अलर्ट जारी किए जाएंगे। नागरिकों से आधिकारिक मौसम अपडेट पर ध्यान देने और अफवाहों से बचने की अपील की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि जुलाई के दूसरे सप्ताह में भी देश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश का दौर जारी रह सकता है। स्रोत:भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), संबंधित राज्य प्रशासन एवं आधिकारिक मौसम बुलेटिन। मूल रिपोर्ट:7 जुलाई 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक जानकारी और विश्वसनीय समाचार स्रोतों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के ‘मिसिंग लिंक’ मार्ग पर यातायात बहाल, भूस्खलन के बाद प्रशासन अलर्ट

मुंबई, 7 जुलाई। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के नए ‘मिसिंग लिंक’ (कनेक्टिंग लिंक) सेक्शन पर भारी मानसूनी बारिश के कारण हुए भूस्खलन के बाद बंद किया गया मुंबई की ओर जाने वाला मार्ग अब दोबारा खोल दिया गया है। महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) ने मलबा हटाने और विस्तृत सुरक्षा निरीक्षण पूरा होने के बाद यातायात बहाल करने की अनुमति दी। टनल-2 के पास हुआ भूस्खलन अधिकारियों के अनुसार भूस्खलन टनल-2 के निकास क्षेत्र के पास हुआ, जहां भारी बारिश के कारण बड़ी मात्रा में मिट्टी और चट्टानें सड़क पर आ गईं। एहतियात के तौर पर मुंबई की ओर जाने वाला मार्ग तत्काल बंद कर दिया गया ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो। 18 घंटे बाद यातायात सामान्य MSRDC, पुलिस और आपदा प्रबंधन टीमों ने युद्धस्तर पर मलबा हटाने का अभियान चलाया। सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद लगभग 18 घंटे के भीतर यातायात दोबारा शुरू कर दिया गया। हालांकि कुछ हिस्सों में वाहनों की गति नियंत्रित रखी गई है और निगरानी जारी है। मानसून के बीच बढ़ाई गई निगरानी लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन ने पूरे घाट क्षेत्र में अतिरिक्त निगरानी शुरू कर दी है। संवेदनशील स्थानों पर इंजीनियरों और तकनीकी टीमों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी संभावित भूस्खलन की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। यात्रियों से सावधानी बरतने की अपील अधिकारियों ने यात्रियों से मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की अपील की है। भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और यातायात पुलिस द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की भी अपील की गई है। राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज घटना के बाद एक्सप्रेसवे परियोजना की गुणवत्ता और मानसून के लिए तैयारियों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। राज्य सरकार ने कहा है कि रिकॉर्ड बारिश के कारण यह स्थिति बनी और भविष्य में ऐसे जोखिम कम करने के लिए तकनीकी समीक्षा कराई जाएगी। भविष्य की रणनीति विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिमी घाट जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार भू-वैज्ञानिक निगरानी, ढलानों की मजबूती और वर्षा जल निकासी व्यवस्था को और बेहतर बनाने की आवश्यकता है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मानसून के पूरे मौसम में मिसिंग लिंक सेक्शन पर 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। स्रोत:महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC), महाराष्ट्र पुलिस एवं आधिकारिक प्रशासनिक जानकारी। मूल रिपोर्ट:7 जुलाई 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक जानकारी और विश्वसनीय समाचार स्रोतों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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11 जुलाई को भारतीय नौसेना में शामिल होगी INS Mahendragiri, समुद्री शक्ति को मिलेगा बड़ा बल

नई दिल्ली, 7 जुलाई। भारतीय नौसेना 11 जुलाई को विशाखापत्तनम में आयोजित एक विशेष समारोह में स्वदेशी स्टेल्थ फ्रिगेट INS Mahendragiri (F38) को आधिकारिक रूप से अपने बेड़े में शामिल करेगी। यह युद्धपोत Project 17A के तहत निर्मित छठा स्वदेशी स्टेल्थ फ्रिगेट है और भारत की समुद्री सुरक्षा तथा रक्षा आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। Project 17A का अहम पड़ाव INS Mahendragiri, भारतीय नौसेना के Warship Design Bureau (WDB) द्वारा डिजाइन किया गया है और इसका निर्माण Mazagon Dock Shipbuilders Limited (MDL), मुंबई ने किया है। यह Project 17A (Nilgiri-class) कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसके तहत आधुनिक स्टेल्थ फ्रिगेट विकसित किए जा रहे हैं ताकि भारतीय नौसेना की बहु-भूमिका (Multi-Mission) क्षमता को और मजबूत किया जा सके। 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी तकनीक इस युद्धपोत में 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री और प्रणालियों का उपयोग किया गया है। यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। इसमें अनेक भारतीय कंपनियों द्वारा विकसित सेंसर, संचार प्रणाली और अन्य महत्वपूर्ण उपकरण लगाए गए हैं। आधुनिक हथियारों और स्टेल्थ तकनीक से लैस INS Mahendragiri को अत्याधुनिक स्टेल्थ डिजाइन के साथ विकसित किया गया है, जिससे इसकी रडार पहचान क्षमता काफी कम हो जाती है। इसमें आधुनिक मिसाइल प्रणाली, उन्नत रडार, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली, पनडुब्बी रोधी हथियार और बहु-भूमिका युद्ध क्षमता उपलब्ध है। यह सतह, वायु और पनडुब्बी—तीनों प्रकार के खतरों का प्रभावी ढंग से सामना करने में सक्षम है। CODOG प्रणाली से मिलेगी तेज रफ्तार युद्धपोत में Combined Diesel or Gas (CODOG) प्रोपल्शन प्रणाली का उपयोग किया गया है, जो आवश्यकता के अनुसार उच्च गति और लंबी दूरी तक संचालन की क्षमता प्रदान करती है। यह युद्धपोत समुद्री निगरानी, एस्कॉर्ट मिशन, मानवीय सहायता, आपदा राहत और युद्ध अभियानों सहित विभिन्न प्रकार के ऑपरेशन में उपयोगी होगा। हिंद महासागर में बढ़ेगी भारत की क्षमता विशेषज्ञों का मानना है कि INS Mahendragiri के शामिल होने से भारतीय नौसेना की Eastern Fleet और हिंद महासागर क्षेत्र में परिचालन क्षमता और मजबूत होगी। यह जहाज समुद्री मार्गों की सुरक्षा, रणनीतिक निगरानी और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका को देखते हुए इस तरह के आधुनिक युद्धपोतों का महत्व लगातार बढ़ रहा है। रक्षा आत्मनिर्भरता का प्रतीक रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार INS Mahendragiri केवल एक युद्धपोत नहीं, बल्कि भारत की स्वदेशी जहाज निर्माण क्षमता, तकनीकी दक्षता और रक्षा आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने युद्धपोत निर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और Project 17A इसका महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है। भविष्य की दिशा 11 जुलाई को कमीशनिंग के बाद INS Mahendragiri भारतीय नौसेना की सक्रिय सेवा का हिस्सा बन जाएगी। इसके शामिल होने से नौसेना की युद्ध क्षमता, समुद्री सुरक्षा, आपदा राहत अभियानों और क्षेत्रीय रणनीतिक उपस्थिति को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में ऐसे और स्वदेशी युद्धपोत भारतीय नौसेना की शक्ति को और बढ़ाएंगे। स्रोत:भारतीय रक्षा मंत्रालय, भारतीय नौसेना एवं आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति। मूल रिपोर्ट:Press Information Bureau (PIB), भारतीय नौसेना तथा 7 जुलाई 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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