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Axis Bank के कमजोर तिमाही नतीजों से शेयरों में करीब 5% की गिरावट, अनुमान से कम रहा मुनाफा

मुंबई, 19 अक्टूबर 2026: Axis Bank के शेयरों में सोमवार को करीब 5% तक की गिरावट दर्ज की गई। बैंक के सितंबर तिमाही के स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफे के विश्लेषकों के अनुमान से नीचे रहने के बाद शेयरों पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया। बढ़ते परिचालन खर्च और कमजोर नॉन-इंटरेस्ट इनकम ने स्थिर लोन ग्रोथ के बावजूद बैंक की कमाई को प्रभावित किया। अनुमान से कम रहा मुनाफा Axis Bank ने सितंबर तिमाही में करीब ₹7,003 करोड़ का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। वहीं, विश्लेषकों ने लगभग ₹7,124 करोड़ के मुनाफे का अनुमान लगाया था। उम्मीद से कमजोर नतीजों के बाद निवेशकों की प्रतिक्रिया शेयर बाजार में देखने को मिली। कारोबार के दौरान 5% तक फिसले शेयर सोमवार के कारोबार में Axis Bank का शेयर करीब 5% तक गिर गया और 5 अक्टूबर के बाद अपने निचले स्तर पर पहुंच गया। मिड-मॉर्निंग ट्रेड के दौरान शेयर लगभग 4% नीचे कारोबार कर रहा था। इस गिरावट के साथ बैंक NSE Bank Index के प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहा। बढ़ते खर्च और कमजोर आय से दबाव बैंक की लोन ग्रोथ स्थिर रहने के बावजूद बढ़ते ऑपरेटिंग खर्च और नॉन-इंटरेस्ट इनकम में कमजोरी ने मुनाफे पर दबाव डाला। इसके अलावा, बॉन्ड यील्ड और रुपये में उतार-चढ़ाव का असर ट्रेजरी इनकम पर भी पड़ा। ब्रोकरेज फर्मों ने क्या कहा? Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, Citi ने स्थिर कोर मार्जिन और कम क्रेडिट लागत को सकारात्मक पहलू माना, लेकिन वित्त वर्ष 2027 के लिए प्रति शेयर आय (EPS) के अनुमान में करीब 4% की कटौती की। वहीं, PhillipCapital ने निकट अवधि में मार्जिन पर दबाव की आशंका जताई, हालांकि आने वाली तिमाहियों में सुधार की उम्मीद भी व्यक्त की। अन्य बैंकिंग शेयरों में भी कमजोरी Axis Bank के शेयरों में गिरावट के बीच दूसरे प्रमुख बैंकिंग शेयर भी दबाव में रहे। Reuters के अनुसार, कारोबार के दौरान HDFC Bank के शेयर करीब 2.2% और ICICI Bank के शेयर लगभग 0.9% नीचे थे। Axis Bank के तिमाही नतीजों ने एक बार फिर दिखाया कि स्थिर कर्ज वृद्धि के बावजूद बढ़ते खर्च और अन्य आय में कमजोरी बैंक की लाभप्रदता तथा शेयर बाजार में निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर सकती है। Source: Reuters जय राष्ट्र न्यूज़

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Asian Para Games 2026: Mona Agarwal ने जीता Gold, Avani Lekhara को Silver; भारत ने हासिल की शानदार 1-2 Finish

आइची-नागोया, जापान, 19 अक्टूबर 2026: Asian Para Games 2026 में भारतीय पैरा शूटर्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश को बड़ी सफलता दिलाई। महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 स्पर्धा में Mona Agarwal ने गोल्ड मेडल जीता, जबकि Avani Lekhara ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया। दोनों भारतीय खिलाड़ियों ने पोडियम के शीर्ष दो स्थान हासिल कर भारत को शानदार 1-2 फिनिश दिलाई। महज 0.4 पॉइंट से हुआ गोल्ड और सिल्वर का फैसला फाइनल मुकाबले में Mona Agarwal ने 250.0 पॉइंट हासिल कर गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया। वहीं, Avani Lekhara 249.6 पॉइंट के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। दोनों खिलाड़ियों के बीच केवल 0.4 पॉइंट का अंतर रहा। दक्षिण कोरिया की Lee Yunri ने 227.9 पॉइंट के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। Mona Agarwal ने क्वालिफिकेशन में बनाया गेम्स रिकॉर्ड Mona Agarwal ने फाइनल से पहले क्वालिफिकेशन राउंड में भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 629.1 पॉइंट हासिल कर नया Asian Para Games क्वालिफिकेशन रिकॉर्ड बनाया। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने चीन की Zhang Cuiping के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया और 629.4 पॉइंट के वर्ल्ड रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच गईं। Avani Lekhara का शानदार प्रदर्शन जारी Avani Lekhara ने पिछले Asian Para Games में इसी स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता था। इस बार सिल्वर मेडल के साथ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय और महाद्वीपीय स्तर पर अपनी निरंतरता को फिर साबित किया। वहीं, पैरालंपिक पदक विजेता Mona Agarwal के लिए यह गोल्ड मेडल एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। भारत के अभियान को मिली मजबूती एक ही स्पर्धा में गोल्ड और सिल्वर मेडल जीतना Asian Para Games 2026 में भारत के अभियान के लिए उत्साहजनक शुरुआत है। Mona Agarwal और Avani Lekhara के प्रदर्शन ने पैरा शूटिंग में भारत की प्रतिस्पर्धी क्षमता और मजबूत खिलाड़ी आधार को उजागर किया। Source: The Times of India, International Paralympic Committee जय राष्ट्र न्यूज़

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टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग, Lawrence Bishnoi Gang ने जिम्मेदारी लेने का किया दावा; पुलिस जांच जारी

मुंबई, 19 अक्टूबर 2026: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर मुंबई के जुहू इलाके में हुई फायरिंग के मामले में नया मोड़ सामने आया है। घटना के बाद सोशल मीडिया पर अनिल पंडित नाम के व्यक्ति की ओर से एक पोस्ट सामने आई, जिसमें लॉरेंस बिश्नोई गैंग की तरफ से हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया। हालांकि, पुलिस इस पोस्ट की प्रामाणिकता और कथित गैंग कनेक्शन की जांच कर रही है। टाइगर श्रॉफ सुरक्षित, ड्राइवर समेत दो लोग घायल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावरों ने टाइगर श्रॉफ की कार पर कई राउंड गोलियां चलाईं। अभिनेता को गोली नहीं लगी और वह सुरक्षित रहे। वहीं, उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी। बिश्नोई गैंग के नाम से पोस्ट वायरल फायरिंग के बाद अनिल पंडित नाम के व्यक्ति की एक सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में आई। इसमें कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग की ओर से हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया था। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, बाद में मूल पोस्ट हटा दी गई और उसके स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर प्रसारित होते रहे। हालांकि, पोस्ट में किए गए दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस इसकी सत्यता का पता लगाने में जुटी है। सलमान खान का भी कथित संदेश में जिक्र मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गैंग से जुड़ा बताया जा रहा संदेश अभिनेता सलमान खान का भी उल्लेख करता है और उनके साथ काम करने वाले लोगों को धमकी दिए जाने का दावा करता है। इस पहलू के सामने आने के बाद जांच में हमले के संभावित मकसद और संबंधित लोगों के पेशेवर संपर्कों समेत अन्य बिंदुओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है। जिम्मेदारी लेने का दावा अभी जांच के दायरे में पुलिस के लिए सोशल मीडिया पोस्ट की प्रामाणिकता और हमलावरों की वास्तविक पहचान स्थापित करना महत्वपूर्ण है। जांचकर्ता पोस्ट, CCTV फुटेज, आरोपियों से पूछताछ और संभावित आपराधिक नेटवर्क से जुड़े सुरागों की पड़ताल कर रहे हैं। किसी संगठन के नाम पर जिम्मेदारी लेने का दावा सामने आना अपने आप में उस संगठन की संलिप्तता का प्रमाण नहीं है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आएगा। बॉलीवुड की सुरक्षा को लेकर चिंता इस घटना के बाद फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल उठे हैं। सलमान खान को पहले भी धमकियां मिलने की खबरें सामने आती रही हैं। ऐसे में पुलिस टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग को संभावित संगठित अपराध के एंगल से भी देख रही है। हालांकि, इस मामले में किसी गैंग की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। Source – Economic Times, Hindustan, Times of India, Loksatta जय राष्ट्र न्यूज़

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मुंबई में Tiger Shroff की कार पर फायरिंग, अभिनेता सुरक्षित; तीन संदिग्ध गिरफ्तार

मुंबई, 19 अक्टूबर 2026: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की BMW कार पर मुंबई के जुहू इलाके में रविवार शाम फायरिंग की घटना सामने आई। पुलिस के मुताबिक, मोटरसाइकिल पर सवार हमलावरों ने अभिनेता की कार को निशाना बनाकर कई राउंड गोलियां चलाईं। घटना में टाइगर श्रॉफ सुरक्षित रहे, जबकि उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की खबर है। मामले में तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। कहां और कब हुआ हमला? मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना जुहू स्थित पुष्पा नरसी पार्क के पास शाम करीब 7 बजे हुई, जब टाइगर श्रॉफ वहां से निकल रहे थे। फायरिंग में कितने राउंड गोलियां चलाई गईं, इसे लेकर अलग-अलग रिपोर्ट्स सामने आई हैं। कुछ रिपोर्ट्स में चार से पांच, जबकि कुछ में सात राउंड फायर होने की बात कही गई है। पुलिस घटनास्थल के CCTV फुटेज और फॉरेंसिक साक्ष्यों की मदद से घटना का क्रम पता लगाने में जुटी है। टाइगर श्रॉफ सुरक्षित, ड्राइवर घायल फायरिंग के समय टाइगर श्रॉफ कार में मौजूद थे, लेकिन उन्हें गोली नहीं लगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनके ड्राइवर के हाथ में गोली लगी, जबकि एक अन्य व्यक्ति भी घायल हुआ। घटना के बाद घायलों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। कोटा रेलवे स्टेशन से तीन संदिग्ध गिरफ्तार ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, मुंबई क्राइम ब्रांच और राजस्थान पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए कोटा रेलवे स्टेशन से तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया। बताया जा रहा है कि वे ट्रेन से मुंबई से दिल्ली की ओर जा रहे थे। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच का मुख्य फोकस हमले के पीछे की वजह, कथित साजिश और संभावित आपराधिक नेटवर्क से उनके संबंधों का पता लगाना है। लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से जिम्मेदारी का दावा फायरिंग की घटना के बाद सोशल मीडिया और ऑडियो संदेशों के जरिए लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े होने का दावा सामने आया। हालांकि, पुलिस इन दावों की प्रामाणिकता और हमले में किसी गैंग की वास्तविक भूमिका की जांच कर रही है। जांच पूरी होने से पहले इन दावों को स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता। सलमान खान की सुरक्षा बढ़ाई गई घटना के बाद मुंबई पुलिस ने अभिनेता सलमान खान के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट्स के बाहर भी सुरक्षा बढ़ा दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वहां अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। FIR दर्ज, क्राइम ब्रांच की जांच जारी मुंबई पुलिस ने फायरिंग के मामले में अज्ञात हमलावरों के खिलाफ FIR दर्ज की थी। मामले में संदिग्ध मोटरसाइकिल को भी जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। गिरफ्तारियों के बाद पुलिस अब हमले की योजना, हथियारों के स्रोत और संभावित आपराधिक नेटवर्क से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। Source – The Indian Express, India Today, Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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ग्वालियर में भीषण सड़क हादसा: मौत का आंकड़ा बढ़कर 15, दर्जनों घायल; 9 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई

ग्वालियर, 19 अक्टूबर 2026: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास हुए भीषण सड़क हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है। हादसे में कई अन्य लोग घायल हुए हैं। शुरुआती रिपोर्ट्स में 13 लोगों की मौत की जानकारी दी गई थी, लेकिन बाद में यह आंकड़ा बढ़कर 15 हो गया। घायलों की संख्या को लेकर भी अलग-अलग रिपोर्ट्स सामने आई हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में 33, जबकि आकाशवाणी की रिपोर्ट में 42 लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई है। कैसे हुआ हादसा? रिपोर्ट्स के मुताबिक, हादसा रात करीब 1:30 बजे हुआ। धान से लदा एक ट्रक उस ढलान वाले रास्ते पर पहुंच गया, जहां भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित थी। बताया जा रहा है कि ट्रक ने बैरिकेड्स तोड़ दिए और चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। इसके बाद ट्रक मंदिर की ओर जा रहे श्रद्धालुओं को कुचलते हुए बाहरी दीवार और गेट से जा टकराया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। शुरुआती 13 मौतों से बढ़कर 15 हुआ आंकड़ा हादसे के तुरंत बाद सामने आई खबरों में 13 लोगों की मौत की जानकारी दी गई थी। बाद में अस्पतालों और प्रशासन से मिली अपडेट के आधार पर मृतकों की संख्या 15 बताई गई। हादसे की गंभीरता को देखते हुए राहत और बचाव कार्य किए गए। 33 या 42 घायल? रिपोर्ट्स में अलग-अलग आंकड़े हादसे में घायल लोगों की संख्या को लेकर भी अलग-अलग जानकारी सामने आई है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट में 33 घायलों का उल्लेख है, जबकि 19 अक्टूबर की आकाशवाणी न्यूज रिपोर्ट के अनुसार, 42 लोग घायल हुए हैं। घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है और कुछ की हालत गंभीर बताई गई है। 9 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था और प्रतिबंधित मार्ग पर भारी वाहन पहुंचने को लेकर सवाल उठे हैं। मध्य प्रदेश सरकार ने कार्रवाई करते हुए एक सीएसपी को पद से हटा दिया और आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। इस तरह कुल नौ पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है। मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जिला प्रशासन ने हादसे की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। जांच रिपोर्ट सात दिनों के भीतर सौंपने को कहा गया है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि प्रतिबंधित मार्ग पर ट्रक कैसे पहुंचा, बैरिकेड्स के बावजूद उसे क्यों नहीं रोका जा सका और सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई। ट्रक चालक और मालिक हिरासत में मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रक चालक और मालिक को हिरासत में लिया गया है। वाहन की तकनीकी जांच भी की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि ब्रेक में खराबी, ओवरलोडिंग या किसी अन्य तकनीकी समस्या की हादसे में कोई भूमिका थी या नहीं। इन पहलुओं की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। प्रधानमंत्री और राज्य सरकार ने मुआवजे की घोषणा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों के लिए ₹2 लाख और घायलों के लिए ₹50,000 की सहायता की घोषणा की है। वहीं, मध्य प्रदेश सरकार ने मृतकों के परिजनों को ₹4 लाख, गंभीर रूप से घायल लोगों को ₹2 लाख और अन्य घायलों को ₹50,000 की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। Source – India Today, Akashvani News, The New Indian Express, Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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ग्रेटर नोएडा में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत, दो बहनें और जीजा गिरफ्तार

ग्रेटर नोएडा, 19 अक्टूबर 2026: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा क्षेत्र स्थित नगला श्री पदम गांव में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मृतक महेश की दो बहनों सुनीता और सपना तथा जीजा शेखर को गिरफ्तार किया है। तीनों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत पुलिस के मुताबिक, मृतकों की पहचान महेश (37), उनकी पत्नी ललिता (35), बेटी मिष्टी (7), बेटे लड्डू (11) और साक्षात (3) के रूप में हुई है। पांचों अपने घर में मृत पाए गए थे। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। वॉइस नोट बना जांच की अहम कड़ी जांच के दौरान महेश का एक कथित वॉइस नोट सामने आया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इसमें उसने अपनी दोनों बहनों और जीजा को परिवार की परेशानियों के लिए जिम्मेदार ठहराया था। पुलिस इस रिकॉर्डिंग को जांच के अहम साक्ष्य के रूप में देख रही है। संपत्ति विवाद का एंगल पुलिस की शुरुआती जांच में संपत्ति विवाद की बात भी सामने आई है। आरोप है कि मकान और संपत्ति को लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था। मृतका ललिता के भाई की शिकायत के आधार पर तीनों रिश्तेदारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। हालांकि, संपत्ति विवाद और कथित उत्पीड़न से जुड़े आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। नूडल्स में जहर मिलाए जाने की आशंका शुरुआती जानकारी में आशंका जताई गई थी कि परिवार ने रात में नूडल्स और चाय का सेवन किया था। शिकायतकर्ता ने नूडल्स में जहरीला पदार्थ मिलाए जाने का शक भी जताया है। हालांकि, पुलिस ने इस आरोप की अभी पुष्टि नहीं की है। पोस्टमार्टम के बाद भी मौत की वजह स्पष्ट नहीं पांचों मृतकों के पोस्टमार्टम के बाद भी मौत की सटीक वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। उनके विसरा नमूने फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मौत किसी जहरीले पदार्थ के सेवन से हुई या इसके पीछे कोई अन्य कारण था। आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में केस पुलिस ने फिलहाल तीनों आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मामला दर्ज किया है। नूडल्स में जहर मिलाने या हत्या किए जाने से जुड़े आरोप अभी जांच के दायरे में हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी अपने आप में आरोपों को साबित नहीं करती; मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आएगा। Source – Aaj Tak, Hindustan, NDTV India, India Today जय राष्ट्र न्यूज़

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कोलकाता पंडाल हादसे के बाद अमित शाह के भव्य स्वागत पर सवाल, विपक्ष ने BJP को घेरा

कोलकाता, 19 अक्टूबर 2026: कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ में 19 लोगों की मौत के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के एयरपोर्ट पर स्वागत को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि हादसे के कुछ ही समय बाद ढोल-नगाड़ों और सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ अमित शाह का स्वागत किया गया, जो संवेदनहीनता को दर्शाता है। हादसे और स्वागत के बीच करीब 35 मिनट का अंतर मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पंडाल में भगदड़ की घटना शाम करीब 7:40 बजे हुई, जबकि अमित शाह लगभग 8:15 बजे कोलकाता एयरपोर्ट पहुंचे। एयरपोर्ट पर उनके स्वागत के लिए ढोल-नगाड़ों और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसके वीडियो सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने इस आयोजन के समय और तरीके पर सवाल उठाए। कांग्रेस ने साधा निशाना कांग्रेस नेताओं ने सोशल मीडिया पर हादसे और एयरपोर्ट स्वागत से जुड़े वीडियो साझा करते हुए BJP नेतृत्व की आलोचना की। विपक्ष का कहना था कि जिस समय शहर में लोग हादसे का शिकार हुए थे, उसी दौरान गृह मंत्री के स्वागत में समारोह आयोजित किया जा रहा था। हालांकि, ये राजनीतिक दलों की ओर से लगाए गए आरोप हैं। TMC ने भी BJP को घेरा तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भी भगदड़ की घटना के बाद BJP और आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। पार्टी ने भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा इंतजाम और हादसे के लिए जिम्मेदार परिस्थितियों की जांच की मांग की। घटना के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। अमित शाह ने अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की एयरपोर्ट स्वागत को लेकर उठे विवाद के बीच अमित शाह ने अगले दिन अस्पताल पहुंचकर हादसे में घायल लोगों से मुलाकात की और उनकी स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने घटना पर दुख जताया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। भगदड़ में 19 लोगों की मौत, जांच जारी चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ में अब तक 19 लोगों की मौत की खबर है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। विशेष जांच दल (SIT) भीड़ प्रबंधन में संभावित लापरवाही, सुरक्षा व्यवस्था और उस घोषणा की भूमिका की जांच कर रहा है, जिससे कथित तौर पर लोगों में घबराहट फैल गई थी। एयरपोर्ट स्वागत बना राजनीतिक विवाद का मुद्दा कोलकाता हादसे के बाद अमित शाह के स्वागत का मामला राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। विपक्ष इसे संवेदनशीलता और जवाबदेही से जोड़कर BJP की आलोचना कर रहा है। वहीं, हादसे से जुड़े तथ्यों, जिम्मेदारियों और प्रशासनिक चूक की जांच के निष्कर्ष सामने आना महत्वपूर्ण होगा। Source – Aaj Tak, Economic Times, Lagatar News, Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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Putin ने भारत को बताया दुनिया की प्रमुख शक्तियों में शामिल, Multipolar World में India की बढ़ती भूमिका पर जोर

मॉस्को/नई दिल्ली, 19 अक्टूबर 2026: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत को दुनिया की प्रमुख शक्तियों में शामिल बताते हुए बदलती वैश्विक व्यवस्था में उसकी बढ़ती भूमिका पर जोर दिया है। भारत की आर्थिक ताकत, रणनीतिक स्थिति और स्वतंत्र विदेश नीति उसे अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाती है। रूस लंबे समय से भारत, चीन और अन्य उभरती शक्तियों की भागीदारी वाले बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था (Multipolar World Order) की वकालत करता रहा है। इस व्यवस्था का उद्देश्य वैश्विक निर्णयों में किसी एक शक्ति या पश्चिमी देशों के समूह के बजाय कई प्रमुख देशों की भूमिका को महत्व देना है। भारत को प्रमुख वैश्विक शक्ति क्यों माना जाता है? भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, विशाल आबादी, रक्षा क्षमताएं, रणनीतिक स्थिति और स्वतंत्र विदेश नीति उसकी वैश्विक अहमियत को मजबूत करती हैं। रूस ने विभिन्न अवसरों पर भारत की स्वतंत्र कूटनीतिक स्थिति और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उसकी भूमिका की सराहना की है। मोदी-पुतिन संबंधों का भी जिक्र भारत और रूस के संबंधों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच संवाद महत्वपूर्ण रहा है। रूस-यूक्रेन संघर्ष के संदर्भ में पुतिन ने पहले भी कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी इस मुद्दे को लगातार उठाते रहे हैं और उनके पास समाधान की दिशा में अच्छे विचार हैं। BRICS में भारत की अहम भूमिका भारत, रूस, चीन और ब्राजील मूल BRIC समूह के संस्थापक सदस्य रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका के शामिल होने के बाद यह समूह BRICS बना और बाद में इसका विस्तार भी हुआ। आज BRICS वैश्विक अर्थव्यवस्था और जनसंख्या के बड़े हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है। भारत इस समूह में एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में अपनी भूमिका निभा रहा है। भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी भारत और रूस के बीच रक्षा, ऊर्जा, परमाणु सहयोग और व्यापार सहित कई क्षेत्रों में लंबे समय से साझेदारी रही है। दोनों देश विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी संवाद और समन्वय करते हैं। रूस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता की आकांक्षा का भी समर्थन किया है। ‘चार प्रमुख शक्तियों’ वाले दावे पर सावधानी सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्टों में पुतिन के बयान को इस तरह पेश किया जा रहा है कि भारत दुनिया की “चार सबसे बड़ी शक्तियों” में शामिल है। हालांकि, इस सटीक शब्दावली की आधिकारिक पुष्टि स्पष्ट नहीं है। इसलिए “चार प्रमुख शक्तियों” वाले कथन को पुतिन का प्रत्यक्ष और सत्यापित उद्धरण मानने से पहले आधिकारिक बयान या विश्वसनीय रिपोर्ट से इसकी पुष्टि करना जरूरी है। Source – The Indian Express, India Today, Carnegie Endowment, BRICS coverage जय राष्ट्र न्यूज़

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लंदन के Parliament Square में ध्रुव राठी का भाषण, ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

लंदन, 19 अक्टूबर 2026: यूट्यूबर और एक्टिविस्ट ध्रुव राठी ने लंदन के पार्लियामेंट स्क्वायर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास आयोजित विरोध प्रदर्शन को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भारत में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision–SIR) को लेकर उठ रहे कथित ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर सवाल उठाए और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। ध्रुव राठी ने भाषण में क्या कहा? ध्रुव राठी ने कहा कि प्रदर्शन का उद्देश्य किसी विदेशी सरकार से भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप की मांग करना नहीं, बल्कि भारतीय प्रवासी समुदाय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चुनावी पारदर्शिता से जुड़े सवालों की ओर ध्यान आकर्षित करना है। उन्होंने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर अपनी चिंताएं भी सामने रखीं। CEC के इस्तीफे और नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव की मांग रिपोर्टों के मुताबिक, राठी ने कहा कि विरोध प्रदर्शन तब समाप्त हो सकता है, जब ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें और नए चुनाव आयुक्त की नियुक्ति ऐसी प्रक्रिया के तहत हो, जिसमें प्रधानमंत्री के साथ विपक्ष के नेता की भी भूमिका हो। यह मांग निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया और चुनाव आयोग की स्वतंत्रता को लेकर चल रही व्यापक बहस से जुड़ी है। पार्लियामेंट स्क्वायर पर जुटे सैकड़ों लोग प्रदर्शन में बड़ी संख्या में भारतीय छात्रों और प्रवासी भारतीयों ने हिस्सा लिया। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI)-UK, Save Democracy और अन्य संगठनों ने भी प्रदर्शन का समर्थन किया। प्रदर्शनकारियों ने ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ सहित कई नारे लगाए और मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए चुनावी पारदर्शिता की मांग की। मोदी समर्थकों ने किया जवाबी प्रदर्शन इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थकों का एक समूह भी वहां पहुंचा। उन्होंने ‘वंदे मातरम’, ‘भारत माता की जय’ और ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगाए। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए लंदन की मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने दोनों समूहों को अलग रखा। इस तरह एक ही स्थान पर भारत की चुनावी प्रक्रिया को लेकर विरोध और उसके समर्थन में प्रदर्शन देखने को मिले। चुनावी मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की कोशिश लंदन पहुंचने से पहले ध्रुव राठी ने इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की बात कही थी। पार्लियामेंट स्क्वायर पर आयोजित प्रदर्शन को इसी प्रयास का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके जरिए SIR और निर्वाचन आयोग से जुड़े आरोपों पर वैश्विक ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की गई। ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर स्वतंत्र पुष्टि जरूरी ‘वोट चोरी’ और SIR में कथित अनियमितताओं से जुड़े आरोप प्रदर्शनकारियों और विपक्षी समूहों के दावे हैं। निर्वाचन आयोग इन आरोपों को खारिज करता रहा है। इसलिए इन दावों को स्थापित तथ्य मानने के बजाय उपलब्ध साक्ष्यों, आधिकारिक जवाबों और संबंधित जांच के आधार पर उनका आकलन करना जरूरी है। स्रोत: Times of India, The Economic Times, Eastern Eye जय राष्ट्र न्यूज़

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SIR में हटाए गए voters के लिए Maharashtra ने EC से Form 6 बदलने की मांग, “new voter” declaration पर आपत्ति

मुंबई, 18 अक्टूबर 2026: Maharashtra सरकार ने Election Commission से मांग की है कि Special Intensive Revision (SIR) के दौरान voter list से हटाए गए लोगों को दोबारा नाम जुड़वाने के लिए Form 6 में खुद को “new voter” घोषित न करना पड़े। राज्य का कहना है कि जो व्यक्ति पहले से registered voter था, उसे technical deletion के बाद फिर से “new elector” मानना उचित नहीं है। Maharashtra ने क्या बदलाव मांगा? राज्य ने EC से Form 6 में ऐसा विकल्प जोड़ने को कहा है जिससे पहले से registered लेकिन SIR में हटाए गए voter यह बता सकें कि वे re-enrolment या restoration के लिए आवेदन कर रहे हैं, न कि पहली बार voter बन रहे हैं। “New voter” declaration पर क्यों आपत्ति? Maharashtra का तर्क है कि अगर किसी व्यक्ति का नाम पहले electoral roll में था और बाद में SIR के दौरान हट गया, तो Form 6 में उसे “new voter” बताना तथ्यात्मक रूप से गलत हो सकता है। इससे affidavit/declaration से जुड़े legal complications भी पैदा हो सकते हैं। SIR के बाद बढ़ी re-enrolment की जरूरत Special Intensive Revision के बाद कई ऐसे voters सामने आए जिनके नाम electoral rolls से हट गए थे और अब उन्हें दोबारा inclusion के लिए application देना पड़ रहा है। इसी background में Form 6 की wording को लेकर सवाल उठे हैं। EC के सामने practical issue Election Commission को अब यह तय करना है कि existing Form 6 format को बदला जाए, अलग category बनाई जाए या deleted voters के लिए अलग restoration mechanism दिया जाए। इससे verification process भी ज्यादा clear हो सकता है। विपक्ष भी उठा रहा है voter deletion का मुद्दा SIR को लेकर opposition parties पहले से ही large-scale voter deletions पर सवाल उठा रही हैं। उनका आरोप है कि genuine voters को list से बाहर किया जा रहा है, जबकि Election Commission ऐसी राजनीतिक bias वाली शिकायतों को खारिज करता रहा है। आगे क्या? अगर EC Maharashtra का सुझाव मानता है, तो SIR में हटाए गए voters के लिए re-registration आसान हो सकता है और उन्हें गलत तरीके से “first-time voter” declaration नहीं देना पड़ेगा। source – The Indian Express, Election Commission developments जय राष्ट्र न्यूज़

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