AI और Cyber Security सेक्टर में बढ़ी नौकरियों की मांग, भारतीय युवाओं का तकनीकी करियर की ओर रुझान तेज

नई दिल्ली: भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और कॉर्पोरेट जगत में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। जहां एक तरफ पारंपरिक आईटी नौकरियों में ठहराव की स्थिति है, वहीं दूसरी तरफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और साइबर सुरक्षा (Cyber Security) के क्षेत्र में नौकरियों की मांग में रिकॉर्ड तोड़ उछाल आया है। नैसकॉम (Nasscom) और प्रमुख जॉब पोर्टल्स द्वारा जारी ताजा छमाही रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले वर्ष के मुकाबले इस साल एआई और साइबर डिफेंस सेक्टर में नई वैकेंसियों (Job Openings) में 45% से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। डिजिटल क्रांति और साइबर हमलों के बढ़ते खतरों के बीच, कंपनियों के लिए अपना डेटा सुरक्षित रखना और एआई को अपनाना सबसे बड़ी जरूरत बन गया है। यही वजह है कि देश के युवाओं का रुझान भी अब पारंपरिक इंजीनियरिंग को छोड़कर इन एडवांस डोमेन्स की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। इन 4 प्रमुख पदों के लिए मिल रहे हैं लाखों के पैकेज इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के अनुसार, इस समय टेक कंपनियों से लेकर बैंक, ई-कॉमर्स और सरकारी विभागों तक में एक्सपर्ट्स की भारी कमी है। सबसे ज्यादा डिमांड इन चार प्रोफेशन्स की है: युवाओं में क्यों बढ़ रहा है इसका क्रेज? इस सेक्टर में युवाओं के बढ़ते रुझान के पीछे सिर्फ नौकरी की उपलब्धता नहीं, बल्कि शानदार सैलरी पैकेज और करियर ग्रोथ भी है। रिपोर्ट के मुताबिक, एआई या साइबर सिक्योरिटी में सिर्फ 2 से 3 साल का अनुभव रखने वाले प्रोफेशन्स को ₹12 लाख से ₹25 लाख सालाना तक का शुरुआती पैकेज आसानी से मिल रहा है। विशेषज्ञों की राय: टेक महिंद्रा और इंफोसिस जैसी दिग्गज कंपनियों के मानव संसाधन (HR) प्रबंधकों का कहना है कि आज कंपनियां डिग्री से ज्यादा ‘स्किल’ (हुनर) को तवज्जो दे रही हैं। यदि किसी युवा के पास सर्टिफिकेशन (जैसे CEH, CISSP या AI/ML नैनो-डिग्री) है, तो उसके लिए अवसरों की कोई कमी नहीं है। देश के बड़े शिक्षण संस्थानों ने बदले कोर्स बढ़ती मांग को देखते हुए आईआईटी (IITs), एनआईटी (NITs) और देश के प्रमुख केंद्रीय विश्वविद्यालयों ने अपने बीटेक और एमसीए पाठ्यक्रमों में बदलाव किए हैं। अब छात्रों को डेटा साइंस, एआई और एथिकल हैकिंग जैसे विषयों में स्पेशलाइजेशन (Specialization) ऑफर किया जा रहा है। सरकार की ‘डिजिटल इंडिया’ मुहिम के तहत भी युवाओं को इन सेक्टर्स में मुफ्त और किफायती ट्रेनिंग देने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं ताकि भारत को दुनिया का ‘ग्लोबल टेक टैलेंट हब’ बनाया जा सके। Source: Business Standard Original report: Business Standard – Demand for AI and Cyber Security jobs rises by 45 percent, highlights Nasscom report Publication: jairashtranews

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AI और Cyber Security स्किल्स वाले पेशेवरों की मांग में लगातार बढ़ोतरी, रोजगार बाजार में नए अवसर

जय राष्ट्र न्यूज़ | करियर डेस्क | 17 जून 2026 मुख्य समाचार Artificial Intelligence (AI) और Cyber Security से जुड़ी विशेषज्ञता रखने वाले पेशेवरों की मांग भारत सहित दुनिया भर में तेजी से बढ़ रही है। डिजिटल परिवर्तन, AI आधारित समाधान और साइबर खतरों में वृद्धि के कारण कंपनियां इन क्षेत्रों में कुशल प्रतिभाओं की तलाश कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में AI और Cyber Security रोजगार बाजार के सबसे तेजी से बढ़ने वाले क्षेत्रों में शामिल रहेंगे। यही कारण है कि छात्र, युवा पेशेवर और तकनीकी विशेषज्ञ इन क्षेत्रों में कौशल विकसित करने पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। कंपनियों का बढ़ता फोकस विभिन्न उद्योगों में AI आधारित तकनीकों का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। बैंकिंग, हेल्थकेयर, ई-कॉमर्स, मैन्युफैक्चरिंग और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में AI आधारित समाधान तेजी से अपनाए जा रहे हैं। इसके साथ ही साइबर हमलों और डेटा सुरक्षा चुनौतियों के बढ़ने से कंपनियां Cyber Security विशेषज्ञों की भर्ती भी बढ़ा रही हैं। संगठन अब डेटा सुरक्षा और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने को प्राथमिकता दे रहे हैं। भारत में बढ़ रहे रोजगार अवसर भारत वैश्विक तकनीकी प्रतिभा केंद्र के रूप में उभर रहा है। कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां AI इंजीनियर, मशीन लर्निंग विशेषज्ञ, डेटा वैज्ञानिक, साइबर सुरक्षा विश्लेषक और एथिकल हैकर जैसे पदों पर भर्ती कर रही हैं। रोजगार विशेषज्ञों के अनुसार AI और Cyber Security से जुड़े पदों में वेतन वृद्धि और करियर विकास की संभावनाएं भी अन्य कई क्षेत्रों की तुलना में अधिक दिखाई दे रही हैं। किन स्किल्स की सबसे ज्यादा मांग? तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार वर्तमान समय में निम्नलिखित कौशल सबसे अधिक मांग में हैं: इन कौशलों के साथ काम करने वाले पेशेवरों को कंपनियां प्राथमिकता दे रही हैं। स्टार्टअप और निवेशकों की रुचि AI आधारित स्टार्टअप्स में निवेश लगातार बढ़ रहा है। निवेशकों का मानना है कि AI और साइबर सुरक्षा आने वाले दशक में तकनीकी नवाचार के प्रमुख क्षेत्र बने रहेंगे। भारत के कई स्टार्टअप्स AI समाधान, साइबर सुरक्षा प्लेटफॉर्म और डिजिटल सुरक्षा सेवाओं के क्षेत्र में तेजी से विस्तार कर रहे हैं। इससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं। छात्रों के लिए क्या अवसर हैं? शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि छात्रों को पारंपरिक डिग्री के साथ-साथ व्यावहारिक तकनीकी कौशल पर भी ध्यान देना चाहिए। ऑनलाइन कोर्स, प्रमाणपत्र कार्यक्रम और इंडस्ट्री आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को रोजगार बाजार के लिए बेहतर तैयार कर सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार AI और Cyber Security का ज्ञान रखने वाले उम्मीदवारों को आने वाले वर्षों में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिल सकती है। वैश्विक स्तर पर बढ़ती जरूरत दुनिया भर में डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार के साथ साइबर सुरक्षा की आवश्यकता बढ़ती जा रही है। सरकारें, निजी कंपनियां और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं अपने डिजिटल नेटवर्क की सुरक्षा के लिए विशेषज्ञों की भर्ती कर रही हैं। AI के बढ़ते उपयोग के कारण AI Governance, Responsible AI और AI Security जैसे नए करियर विकल्प भी उभर रहे हैं। भविष्य की संभावनाएं विश्लेषकों का मानना है कि AI और Cyber Security आने वाले वर्षों में रोजगार बाजार को प्रभावित करने वाले सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बने रहेंगे। नई तकनीकों के विकास के साथ विशेषज्ञ पेशेवरों की मांग और बढ़ सकती है। युवाओं के लिए यह क्षेत्र न केवल बेहतर वेतन बल्कि वैश्विक स्तर पर करियर निर्माण के अवसर भी प्रदान कर रहा है। निष्कर्ष AI और Cyber Security स्किल्स वाले पेशेवरों की मांग लगातार बढ़ रही है और यह रुझान आने वाले वर्षों में भी जारी रहने की संभावना है। डिजिटल परिवर्तन और साइबर सुरक्षा चुनौतियों के बीच इन क्षेत्रों में विशेषज्ञता रखने वाले युवाओं के लिए रोजगार और करियर विकास के व्यापक अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। तकनीकी कौशल और निरंतर सीखने की क्षमता भविष्य की सफलता की कुंजी बनती जा रही है। जय राष्ट्र न्यूज़ के साथ जुड़े रहें करियर, रोजगार और तकनीकी दुनिया की हर बड़ी खबर के लिए।

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NEET Re-Exam 2026 को लेकर देशभर में तैयारी तेज

NEET Re-Exam 2026 को लेकर देशभर में तैयारी तेज, सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर विशेष फोकस

जय राष्ट्र न्यूज़ पर ताजा शिक्षा अपडेट दिनांक: 16 जून 2026 मुख्य समाचार नई दिल्ली: NEET Re-Exam 2026 को लेकर देशभर में तैयारियां तेज हो गई हैं। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA), राज्य सरकारें, जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां परीक्षा के सफल एवं निष्पक्ष आयोजन के लिए समन्वय के साथ काम कर रही हैं। लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ी इस महत्वपूर्ण परीक्षा को लेकर हर स्तर पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। परीक्षा से पहले सुरक्षा व्यवस्था, परीक्षा केंद्रों की निगरानी और तकनीकी प्रबंधन को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। परीक्षा केंद्रों पर बढ़ाई गई सुरक्षा नई दिल्ली: प्रशासन द्वारा परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। कई राज्यों में पुलिस, स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनुचित गतिविधि को रोकने के लिए कड़ी निगरानी रखी जाएगी। NTA की विशेष तैयारी नई दिल्ली: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने परीक्षा संचालन से जुड़े सभी प्रबंधों की समीक्षा की है। परीक्षा केंद्रों की क्षमता, प्रवेश प्रक्रिया, पहचान सत्यापन और निगरानी तंत्र को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। एजेंसी ने छात्रों को सलाह दी है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट और नोटिसों पर ही भरोसा करें तथा किसी भी अफवाह से बचें। अभ्यर्थियों में बढ़ा उत्साह और चिंता कोटा: देशभर के लाखों छात्र परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए हैं। कई छात्रों के लिए यह परीक्षा मेडिकल क्षेत्र में प्रवेश का महत्वपूर्ण अवसर है। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा को लेकर उत्साह के साथ-साथ तनाव भी स्वाभाविक है, इसलिए विद्यार्थियों को अपनी तैयारी पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और अनावश्यक अफवाहों से दूर रहना चाहिए। तकनीक का होगा व्यापक उपयोग नई दिल्ली: परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों और डिजिटल निगरानी प्रणालियों का उपयोग किया जा रहा है। परीक्षा केंद्रों पर CCTV निगरानी, डिजिटल सत्यापन और अन्य सुरक्षा उपायों को मजबूत किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी उपाय परीक्षा की विश्वसनीयता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। अभिभावकों की भी बढ़ी चिंता पटना: परीक्षा के नजदीक आते ही अभिभावकों की चिंता भी बढ़ गई है। वे परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर आश्वस्त होना चाहते हैं। कई अभिभावकों ने प्रशासन द्वारा उठाए जा रहे सुरक्षा कदमों का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि परीक्षा शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न होगी। शिक्षा क्षेत्र की नजर परीक्षा पर नई दिल्ली: शिक्षा जगत और मेडिकल संस्थानों की नजर भी NEET Re-Exam 2026 पर बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा का सफल आयोजन देश की प्रतियोगी परीक्षा प्रणाली में विश्वास को और मजबूत करेगा। निष्कर्ष नई दिल्ली: NEET Re-Exam 2026 को लेकर देशभर में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। NTA, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं। अब लाखों छात्रों की नजर परीक्षा दिवस और उसके सफल संचालन पर टिकी हुई है। जय राष्ट्र न्यूज़ के साथ जुड़े रहें शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और करियर से जुड़ी हर बड़ी खबर के लिए।

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NEET परीक्षा से जुड़े री-एग्जाम और फीस रिफंड प्रक्रिया पर अपडेट का इंतजार करते छात्र

NEET री-एग्जाम और फीस रिफंड प्रक्रिया पर छात्रों की नजर, NTA ने समयसीमा बढ़ाई

जय राष्ट्र न्यूज़ पर ताजा शिक्षा अपडेट दिनांक: 13 जून 2026 मुख्य समाचार नई दिल्ली: NEET परीक्षा से जुड़े री-एग्जाम और फीस रिफंड प्रक्रिया को लेकर लाखों छात्रों की नजर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की अगली घोषणा पर बनी हुई है। इसी बीच NTA ने संबंधित प्रक्रिया के लिए समयसीमा बढ़ाने का निर्णय लिया है, जिससे अभ्यर्थियों को आवश्यक जानकारी और दस्तावेज जमा करने के लिए अतिरिक्त समय मिल सके। परीक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों और छात्रों की मांगों के बीच यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि समयसीमा बढ़ने से प्रभावित छात्रों को राहत मिलेगी और प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित तरीके से पूरी हो सकेगी। छात्रों को मिला अतिरिक्त समय नई दिल्ली: NTA द्वारा समयसीमा बढ़ाए जाने के बाद अब पात्र अभ्यर्थियों को अपने आवेदन, बैंक विवरण और आवश्यक दस्तावेज अपडेट करने के लिए अतिरिक्त अवसर मिलेगा। छात्र संगठनों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि कई उम्मीदवार तकनीकी और दस्तावेजी कारणों से निर्धारित समय के भीतर प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए थे। फीस रिफंड प्रक्रिया पर विशेष ध्यान नई दिल्ली: फीस रिफंड से जुड़े मामलों में बड़ी संख्या में छात्र एजेंसी के निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं। NTA ने स्पष्ट किया है कि पात्र उम्मीदवारों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार रिफंड उपलब्ध कराया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि पारदर्शी और समयबद्ध रिफंड प्रक्रिया छात्रों के विश्वास को मजबूत करने में मदद करेगी। री-एग्जाम को लेकर चर्चा जारी नई दिल्ली: परीक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों के बाद कुछ छात्र संगठनों और अभ्यर्थियों ने री-एग्जाम की मांग उठाई है। हालांकि अंतिम निर्णय संबंधित अधिकारियों और परीक्षा एजेंसी की समीक्षा प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। शिक्षा क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि किसी भी निर्णय को छात्रों के हित और परीक्षा की निष्पक्षता को ध्यान में रखकर लिया जाना चाहिए। मेडिकल प्रवेश प्रक्रिया पर असर नई दिल्ली: NEET देश की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक है। ऐसे में इससे जुड़ी किसी भी प्रशासनिक या तकनीकी प्रक्रिया का प्रभाव लाखों छात्रों और मेडिकल कॉलेजों की प्रवेश प्रक्रिया पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर निर्णय और स्पष्ट दिशा-निर्देश प्रवेश प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यक हैं। छात्रों को क्या करना चाहिए? नई दिल्ली: शिक्षा विशेषज्ञों ने छात्रों को सलाह दी है कि वे केवल NTA की आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और किसी भी अफवाह या अपुष्ट जानकारी से बचें। साथ ही उम्मीदवारों को अपने आवेदन विवरण, बैंक खाते की जानकारी और दस्तावेजों की जांच समय रहते कर लेनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी न हो। निष्कर्ष नई दिल्ली: NEET री-एग्जाम और फीस रिफंड प्रक्रिया को लेकर छात्रों की नजर NTA के अगले कदम पर बनी हुई है। समयसीमा बढ़ाने के फैसले से अभ्यर्थियों को राहत मिली है और प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित तरीके से पूरा करने का अवसर मिला है। आने वाले दिनों में एजेंसी की ओर से जारी होने वाले निर्देशों पर छात्रों और अभिभावकों की विशेष नजर रहेगी। जय राष्ट्र न्यूज़ के साथ जुड़े रहें शिक्षा, परीक्षा और करियर जगत की हर बड़ी खबर के लिए।

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AI और साइबर सिक्योरिटी क्षेत्र में बढ़ती नौकरियों के अवसर

AI और साइबर सिक्योरिटी प्रोफेशनल्स की मांग में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

जय राष्ट्र न्यूज़ पर ताजा करियर अपडेट दिनांक: 12 जून 2026 नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और साइबर सिक्योरिटी सेक्टर में विशेषज्ञ पेशेवरों की मांग तेजी से बढ़ रही है। डिजिटल तकनीकों के विस्तार, ऑनलाइन सेवाओं के बढ़ते उपयोग और साइबर खतरों में वृद्धि के कारण कंपनियां इन क्षेत्रों में कुशल कर्मचारियों की भर्ती पर विशेष ध्यान दे रही हैं। उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार AI, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, एथिकल हैकिंग और साइबर सिक्योरिटी से जुड़े पेशेवर वर्तमान समय में सबसे अधिक मांग वाले करियर विकल्पों में शामिल हो गए हैं। कंपनियां बड़े पैमाने पर कर रहीं भर्ती बेंगलुरु: भारत की आईटी कंपनियों, स्टार्टअप्स और बहुराष्ट्रीय संस्थानों ने AI और साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञों की भर्ती बढ़ा दी है। डिजिटल सेवाओं के विस्तार के साथ कंपनियों को ऐसे पेशेवरों की जरूरत है जो तकनीकी नवाचार और सुरक्षा दोनों क्षेत्रों में योगदान दे सकें। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले वर्षों में इन क्षेत्रों में रोजगार के अवसर और तेजी से बढ़ सकते हैं। किन स्किल्स की सबसे ज्यादा मांग? नई दिल्ली: उद्योग जगत में वर्तमान समय में निम्नलिखित कौशलों की मांग तेजी से बढ़ रही है— नियोक्ता ऐसे उम्मीदवारों को प्राथमिकता दे रहे हैं जिनके पास तकनीकी ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव भी हो। युवाओं के लिए सुनहरा अवसर हैदराबाद: करियर विशेषज्ञों का मानना है कि AI और साइबर सिक्योरिटी भविष्य के सबसे मजबूत रोजगार क्षेत्रों में शामिल हो सकते हैं। कॉलेज और तकनीकी संस्थान भी इन विषयों से जुड़े विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू कर रहे हैं। युवा पेशेवर ऑनलाइन कोर्स, प्रमाणपत्र कार्यक्रम और तकनीकी प्रशिक्षण के माध्यम से अपनी कौशल क्षमता बढ़ा सकते हैं। साइबर खतरों ने बढ़ाई जरूरत नई दिल्ली: डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन बैंकिंग और क्लाउड सेवाओं के बढ़ते उपयोग के कारण साइबर हमलों का जोखिम भी बढ़ा है। कंपनियां अपने डेटा और नेटवर्क की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञों की नियुक्ति कर रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार साइबर सुरक्षा अब केवल तकनीकी आवश्यकता नहीं बल्कि व्यवसायिक रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। AI बदल रहा है उद्योगों का भविष्य मुंबई: AI तकनीक स्वास्थ्य, शिक्षा, वित्त, ई-कॉमर्स और विनिर्माण जैसे कई क्षेत्रों में बदलाव ला रही है। कंपनियां उत्पादकता बढ़ाने और बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए AI आधारित समाधानों का उपयोग कर रही हैं। इस कारण AI विशेषज्ञों की मांग लगातार बढ़ रही है और उन्हें आकर्षक वेतन पैकेज भी मिल रहे हैं। भारत बन रहा है वैश्विक टेक हब नई दिल्ली: तकनीकी नवाचार, कुशल मानव संसाधन और तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था के कारण भारत वैश्विक टेक्नोलॉजी उद्योग का महत्वपूर्ण केंद्र बनता जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि AI और साइबर सिक्योरिटी क्षेत्र में बढ़ता निवेश भारत को भविष्य में वैश्विक तकनीकी नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ा सकता है। निष्कर्ष नई दिल्ली: AI और साइबर सिक्योरिटी प्रोफेशनल्स की मांग में रिकॉर्ड बढ़ोतरी युवाओं और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों के लिए बड़ी अवसर की खबर है। बदलती डिजिटल दुनिया में इन कौशलों का महत्व लगातार बढ़ रहा है और आने वाले वर्षों में रोजगार बाजार पर इनका प्रभाव और अधिक मजबूत हो सकता है। जय राष्ट्र न्यूज़ के साथ जुड़े रहें करियर, रोजगार और टेक्नोलॉजी जगत की हर बड़ी खबर के लिए।

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स्किल डेवलपमेंट और रोजगार सृजन पर केंद्रित होगी नई रणनीति, युवाओं के लिए बड़ी उम्मीद

जय राष्ट्र न्यूज़ नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की बैठक में युवाओं के लिए रोजगार सृजन और कौशल विकास को राष्ट्रीय विकास एजेंडे के प्रमुख स्तंभों में शामिल किया गया। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित करना आवश्यक है। बैठक में केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय के माध्यम से रोजगार के नए अवसर पैदा करने तथा स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई। सरकार का मानना है कि भारत की युवा आबादी देश की सबसे बड़ी ताकत है और इसे सही दिशा देने से आर्थिक विकास को नई गति मिल सकती है। युवाओं के लिए तैयार होगी नई रणनीति नई दिल्ली: बैठक में बदलते वैश्विक रोजगार बाजार को ध्यान में रखते हुए नई रणनीतियों पर विचार किया गया। विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल टेक्नोलॉजी, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सिक्योरिटी और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में कौशल विकास को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में तकनीक आधारित नौकरियों की मांग तेजी से बढ़ेगी और युवाओं को इन क्षेत्रों के लिए तैयार करना बेहद जरूरी होगा। रोजगार सृजन को मिलेगा बढ़ावा नई दिल्ली: नीति आयोग की बैठक में उद्यमिता और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई। सरकार का लक्ष्य है कि युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं बल्कि रोजगार पैदा करने वाला भी बनाया जाए। इसके लिए विभिन्न कौशल विकास योजनाओं, स्टार्टअप सहायता कार्यक्रमों और उद्योगों के साथ साझेदारी को मजबूत करने पर विचार किया गया। शिक्षा और उद्योग के बीच बढ़ेगा तालमेल नई दिल्ली: बैठक में शिक्षा संस्थानों और उद्योग जगत के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान समय में उद्योगों की जरूरतों और युवाओं के कौशल के बीच अंतर को कम करना जरूरी है। नई रणनीति के तहत व्यावसायिक शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण और इंटर्नशिप कार्यक्रमों को अधिक महत्व दिया जा सकता है। ग्रामीण युवाओं पर भी विशेष फोकस नई दिल्ली: बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को रोजगार और प्रशिक्षण के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई। सरकार का उद्देश्य है कि छोटे शहरों और गांवों के युवाओं को भी आधुनिक तकनीकी और व्यावसायिक कौशल हासिल करने का अवसर मिले। इसके लिए डिजिटल शिक्षा और ऑनलाइन प्रशिक्षण प्लेटफॉर्म के विस्तार पर जोर दिया गया। विकसित भारत 2047 में युवाओं की होगी बड़ी भूमिका नई दिल्ली: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की युवा शक्ति देश के भविष्य की आधारशिला है। यदि युवाओं को सही कौशल, अवसर और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं तो भारत आने वाले वर्षों में वैश्विक अर्थव्यवस्था में और मजबूत स्थान हासिल कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि रोजगार सृजन और कौशल विकास पर केंद्रित नई रणनीति देश के आर्थिक और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। जय राष्ट्र न्यूज़

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NIFT परीक्षा परिणाम पर विवाद, छात्रों ने मूल्यांकन प्रक्रिया पर उठाए सवाल

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT) की प्रवेश परीक्षा के परिणाम जारी होने के बाद कुछ छात्रों और अभिभावकों ने मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया और विभिन्न छात्र समूहों में परिणामों की समीक्षा और स्कोरिंग प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर चर्चा तेज हो गई है। छात्रों का कहना है कि उन्हें अपेक्षा के अनुरूप अंक नहीं मिले हैं और मूल्यांकन प्रक्रिया के संबंध में अधिक स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जानी चाहिए। हालांकि परीक्षा से जुड़े अधिकारियों ने निर्धारित नियमों के अनुसार परिणाम तैयार किए जाने की बात कही है। क्या है छात्रों की मुख्य चिंता? कई छात्रों का दावा है कि उनकी परीक्षा तैयारी और अनुमानित प्रदर्शन की तुलना में प्राप्त अंक कम दिखाई दे रहे हैं। कुछ अभ्यर्थियों ने मूल्यांकन पद्धति और मेरिट सूची तैयार करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है। छात्रों का कहना है कि यदि स्कोरिंग प्रणाली और मूल्यांकन मानकों को स्पष्ट रूप से साझा किया जाए तो भ्रम की स्थिति कम हो सकती है। सोशल मीडिया पर बढ़ी चर्चा परिणाम जारी होने के बाद विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर छात्रों ने अपने अनुभव साझा किए। कई अभ्यर्थियों ने पारदर्शिता बढ़ाने और परिणामों की समीक्षा की मांग उठाई। कुछ छात्र संगठनों ने भी परीक्षा प्रक्रिया में अधिक स्पष्टता और संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया है। अधिकारियों का क्या कहना है? परीक्षा से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि परिणाम निर्धारित प्रक्रियाओं और मूल्यांकन मानकों के आधार पर तैयार किए गए हैं। उन्होंने अभ्यर्थियों से आधिकारिक सूचना और दिशानिर्देशों पर भरोसा रखने की अपील की है। अधिकारियों के अनुसार यदि किसी छात्र को अपने परिणाम को लेकर कोई प्रश्न है तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित संस्थान से संपर्क कर सकता है। NIFT परीक्षा का महत्व NIFT देश के प्रतिष्ठित फैशन और डिजाइन संस्थानों में से एक है। हर वर्ष हजारों छात्र फैशन डिजाइन, टेक्सटाइल डिजाइन, एक्सेसरी डिजाइन और अन्य पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए परीक्षा में शामिल होते हैं। सीमित सीटों और कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण परिणामों को लेकर छात्रों की अपेक्षाएं भी काफी अधिक रहती हैं। विशेषज्ञों की राय शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और स्पष्ट संवाद बेहद महत्वपूर्ण होता है। इससे छात्रों का विश्वास बढ़ता है और किसी भी प्रकार की गलतफहमी को कम किया जा सकता है। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि परीक्षा संस्थानों को समय-समय पर मूल्यांकन प्रक्रिया और चयन मानकों के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध करानी चाहिए। छात्रों के लिए सलाह विशेषज्ञों का कहना है कि छात्र केवल सोशल मीडिया पर उपलब्ध जानकारी पर निर्भर न रहें और आधिकारिक वेबसाइट तथा संस्थान द्वारा जारी सूचनाओं का पालन करें। यदि किसी अभ्यर्थी को परिणाम से संबंधित कोई शिकायत या प्रश्न है, तो उसे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संबंधित अधिकारियों से संपर्क करना चाहिए।

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Bank of Baroda भर्ती 2026 से जुड़ा प्रतीकात्मक चित्र

Bank of Baroda में 5000 पदों पर भर्ती, आज आवेदन का आखिरी मौका

बैंकिंग क्षेत्र में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए महत्वपूर्ण खबर है। Bank of Baroda द्वारा निकाली गई 5000 पदों की भर्ती के लिए आवेदन करने का आज अंतिम मौका है। इच्छुक और पात्र उम्मीदवार निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। इस भर्ती अभियान के माध्यम से बैंक विभिन्न पदों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन करेगा। आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से पूरी की जा रही है। भर्ती का उद्देश्य Bank of Baroda देश के प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में से एक है। बैंक समय-समय पर विभिन्न पदों पर भर्ती निकालता है ताकि बैंकिंग सेवाओं को मजबूत किया जा सके और युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए जा सकें। इस बार बड़ी संख्या में पदों पर भर्ती होने के कारण उम्मीदवारों के बीच काफी उत्साह देखा जा रहा है। कौन कर सकता है आवेदन? भर्ती से संबंधित पात्रता मानदंड बैंक द्वारा निर्धारित किए गए हैं। सामान्य रूप से उम्मीदवारों को: उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि आवेदन से पहले आधिकारिक अधिसूचना को ध्यानपूर्वक पढ़ें। चयन प्रक्रिया भर्ती प्रक्रिया में निम्न चरण शामिल हो सकते हैं: अंतिम चयन बैंक द्वारा निर्धारित नियमों और प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा। आवेदन कैसे करें? इच्छुक उम्मीदवार Bank of Baroda की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय निम्न बातों का ध्यान रखें: उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण सलाह चूंकि आज आवेदन की अंतिम तिथि है, इसलिए उम्मीदवार अंतिम समय की तकनीकी समस्याओं से बचने के लिए जल्द से जल्द आवेदन प्रक्रिया पूरी करें। विशेषज्ञों का सुझाव है कि आवेदन जमा करने के बाद उसका प्रिंटआउट या डिजिटल कॉपी सुरक्षित रखनी चाहिए। बैंकिंग क्षेत्र में करियर के अवसर बैंकिंग सेक्टर आज भी युवाओं के बीच सबसे लोकप्रिय करियर विकल्पों में से एक है। सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में नौकरी स्थिरता, करियर विकास और विभिन्न सुविधाओं के कारण आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। Bank of Baroda जैसी प्रतिष्ठित संस्था में नौकरी प्राप्त करना उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जाती है। निष्कर्ष Bank of Baroda की 5000 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन का आज अंतिम अवसर है। जो उम्मीदवार अभी तक आवेदन नहीं कर पाए हैं, वे समय रहते प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। भर्ती से जुड़ी नवीनतम जानकारी और दिशा-निर्देशों के लिए उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखनी चाहिए। FAQs 1. Bank of Baroda भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तिथि क्या है? भर्ती के लिए आवेदन करने का आज अंतिम मौका है। 2. कितने पदों पर भर्ती निकाली गई है? इस भर्ती अभियान के तहत 5000 पदों पर भर्ती की जा रही है। 3. आवेदन प्रक्रिया कैसे पूरी की जा सकती है? उम्मीदवार बैंक की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। 4. क्या स्नातक उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं? सामान्य रूप से स्नातक उम्मीदवार पात्रता शर्तें पूरी करने पर आवेदन कर सकते हैं। 5. चयन प्रक्रिया में क्या शामिल हो सकता है? ऑनलाइन परीक्षा, दस्तावेज सत्यापन और अन्य निर्धारित चरण शामिल हो सकते हैं।

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NEET री-एग्जाम के लिए पेपर तैयार करने वाली टीम को सुरक्षा कारणों से सीक्रेट लोकेशन पर रखा गया।

NEET री-एग्जाम से पहले पेपर सेटर्स को सीक्रेट लोकेशन पर रखा गया, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

नई दिल्ली, 8 जून 2026 — NEET री-एग्जाम की तैयारियों के बीच परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जानकारी के अनुसार, प्रश्नपत्र तैयार करने वाले विशेषज्ञों और पेपर सेटर्स को एक सीक्रेट लोकेशन पर रखा गया है, जहां उनकी गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। यह फैसला परीक्षा से जुड़ी पिछली विवादित घटनाओं और कथित अनियमितताओं के बाद लिया गया है। शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि इस बार परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए अतिरिक्त सावधानियां बरती जा रही हैं। क्यों उठाया गया यह कदम? हाल के महीनों में NEET परीक्षा को लेकर कई सवाल उठे थे। छात्रों और अभिभावकों ने परीक्षा की निष्पक्षता और सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी। इसी पृष्ठभूमि में परीक्षा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों ने पेपर तैयार करने वाली टीम के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रश्नपत्र तैयार करने वालों को अलग और सुरक्षित स्थान पर रखने से किसी भी प्रकार की जानकारी लीक होने की संभावना को कम किया जा सकता है। कड़ी निगरानी में पेपर सेटर्स सूत्रों के अनुसार, पेपर सेटर्स को ऐसे स्थान पर रखा गया है जहां बाहरी संपर्क सीमित है। संचार सुविधाओं और अन्य गतिविधियों पर भी निगरानी रखी जा रही है ताकि परीक्षा की गोपनीयता पूरी तरह बनी रहे। अधिकारियों का कहना है कि यह प्रक्रिया कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय परीक्षाओं में अपनाई जाती है और इसका उद्देश्य केवल परीक्षा की विश्वसनीयता को बनाए रखना है। छात्रों में बढ़ी उम्मीद NEET री-एग्जाम में शामिल होने वाले लाखों छात्रों के लिए यह खबर राहत देने वाली मानी जा रही है। छात्रों का मानना है कि कड़े सुरक्षा उपायों से परीक्षा प्रक्रिया पर विश्वास मजबूत होगा और सभी उम्मीदवारों को समान अवसर मिलेगा। शिक्षा विशेषज्ञों का भी कहना है कि परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता बनाए रखना बेहद जरूरी है ताकि छात्रों का भरोसा कायम रहे। परीक्षा की तैयारी जारी NEET री-एग्जाम की तारीख नजदीक आने के साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं। परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा, निगरानी व्यवस्था और प्रशासनिक प्रबंधन को लेकर भी कई कदम उठाए जा रहे हैं। अधिकारियों ने उम्मीदवारों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और किसी भी अफवाह से बचें। शिक्षा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण परीक्षा NEET देश की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक है। हर वर्ष लाखों छात्र मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में प्रवेश पाने के लिए इस परीक्षा में शामिल होते हैं। इसी कारण परीक्षा की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखना शिक्षा व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। आगे क्या? आने वाले दिनों में परीक्षा से संबंधित और निर्देश जारी किए जा सकते हैं। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे अपनी तैयारी पर ध्यान दें और आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध सूचनाओं को नियमित रूप से जांचते रहें। पेपर सेटर्स को सीक्रेट लोकेशन पर रखने का फैसला इस बात का संकेत है कि अधिकारी इस बार परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इससे छात्रों और अभिभावकों का भरोसा बढ़ने की उम्मीद है।

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Career in yoga

Career in yoga: कोर्स से लेकर इंस्टीट्यूट्स तक योगा में करियर बनने के लिए पाएं इसके बारे में पूरी जानकारी

योगा (Yoga) के बारे में न केवल आज पूरा विश्व जानता है, बल्कि शारीरिक और मानसिक बचाव के लिए इसे अपनाया भी है। भारत में शुरू हुई इस तकनीक को आजकल करोड़ों लोग अपने जीवन का जरूरी हिस्सा बना चुके हैं। ऐसा माना गया है कि नियमित रूप से योगा करने से कई समस्याओं से राहत पाई जा सकती है। लेकिन, योगा (Yoga) की शुरुआत करने के लिए एक्सपर्ट की सलाह और मार्गदर्शन लेना जरूरी है। अगर आप योगा (Yoga) में अपना कैरियर बनाना चाहते हैं, तो आपको इसके बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए कि आप इसका कहां कोर्स कर सकते हैं और उसमे कितना समय लगेगा आदि। आइए जानें कि योगा में करियर कैसे बनाएं (How to make a career in yoga)? इसकी पढ़ाई कहां से की जाए, यह जानकारी भी पाएं। योगा में करियर कैसे बनाएं (How to make a career in yoga): योगा कोर्स  योगा में करियर (Career in yoga) बनाने के लिए आप कई कोर्स कर सकते हैं, जो इस प्रकार हैं: योगा कोर्स करवाने वाले मुख्य इंस्टीट्यूट्स हमारे देश में ऐसे कई इंस्टीट्यूट्स हैं जो यह कोर्स कराते हैं। इनकी लिस्ट बहुत लंबी है। इनमें से कुछ इस प्रकार हैं:  इसे भी पढ़ें:- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्पेशलिस्ट कैसे बनें? योगा में करियर बनाने के लिए किन स्किल्स का होना जरूरी है? योगा में करियर (Career in yoga) बनाने के लिए कैंडिडेट्स में निम्नलिखित स्किल्स होना जरूरी है:  नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi  #HowtomakeacareerinYoga #Yoga #YogaScience #MainInstitutesOfferingYogaCourses #CareerinYoga

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