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IIT Bombay ने PhD पूरी करने के लिए तय की Maximum 8 साल की सीमा, नए Registrations पर सख्त होगा Rule

मुंबई: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे यानी IIT Bombay ने PhD programmes को लंबे समय तक लंबित रहने से रोकने के लिए समय-सीमा को सख्ती से लागू करने का फैसला किया है। संस्थान के मौजूदा नियमों के मुताबिक सामान्य PhD registration की अवधि छह साल होती है, जिसे आवश्यक मंजूरी के बाद अधिकतम 8 साल तक बढ़ाया जा सकता है। इसके बाद सामान्य श्रेणी के शोधार्थी का registration स्वतः समाप्त हो सकता है। यह कदम उस internal review के बाद चर्चा में आया है जिसमें IIT Bombay ने पाया कि कुछ PhD scholars एक दशक से भी ज्यादा समय से अपना doctoral programme पूरा नहीं कर पाए थे। संस्थान का उद्देश्य research की quality से समझौता किए बिना अनावश्यक देरी को कम करना और students तथा supervisors दोनों के लिए स्पष्ट timeline तय करना है। IIT Bombay के Official Rules क्या कहते हैं? IIT Bombay के 2026-27 PhD Rules के मुताबिक सामान्य PhD programme की registration validity joining date से छह साल है। Masters + PhD programmes के लिए यह अवधि सामान्य तौर पर सात साल निर्धारित की गई है। अगर student इस निर्धारित अवधि में thesis submit नहीं कर पाता, तो उसे Annual Progress Seminar यानी APS के समय registration extension के लिए आवेदन करना होता है। Extension मिलने के बाद भी सामान्य PhD और Masters+PhD students का registration अधिकतम आठ साल तक ही जारी रह सकता है। आठ साल पूरे होने के बाद registration स्वतः cancel किए जाने का प्रावधान है। सभी PhD Students के लिए 8 साल की Limit नहीं इस नियम में एक महत्वपूर्ण exception भी है। External और College Teacher category में registered PhD students के लिए registration अधिकतम 10 साल तक extend किया जा सकता है। इसलिए “हर PhD student को आठ साल में programme पूरा करना होगा” कहना पूरी तरह सही नहीं होगा। Eight-year ceiling मुख्य रूप से regular और अधिकांश अन्य PhD categories पर लागू होती है। 12 से 16 साल से चल रही थीं कुछ PhDs IIT Bombay ने लंबे समय से pending PhD cases की समीक्षा भी की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक institute को ऐसे scholars मिले जो 12, 14 और यहां तक कि 16 वर्षों से doctoral programme में registered थे। एक institutional review में करीब 100 से 125 ऐसे cases सामने आए थे जिनकी PhD आठ साल से ज्यादा समय से लंबित थी। Institute ने इन students से delays की वजह पूछी और अलग-अलग मामलों को resolve करने की प्रक्रिया शुरू की। Guide की समस्या हुई तो Supervisor भी बदला समीक्षा के दौरान PhD पूरा होने में देरी के अलग-अलग कारण सामने आए। कुछ मामलों में research supervisor से जुड़ी समस्याएं थीं, जबकि कुछ scholars दूसरी नौकरी या professional commitments में चले गए थे। Covid-19 के दौरान laboratory access, field work और faculty interaction प्रभावित होने से भी research timelines पर असर पड़ा। जहां delay का कारण research guide से जुड़ा पाया गया, वहां institute ने कुछ मामलों में guide बदलने की सुविधा भी दी। Careers360 की रिपोर्ट के मुताबिक आठ साल से ज्यादा समय से pending 100-125 cases को review करने के बाद अब ऐसा कोई backlog नहीं बचा है। Registration Terminate करने की भी चेतावनी लंबे समय से PhD कर रहे scholars को institute ने साफ संदेश दिया कि programme को अनिश्चित समय तक जारी नहीं रखा जा सकता। रिपोर्ट के मुताबिक 12 साल से doctoral programme में मौजूद कुछ scholars को registration terminate किए जाने की चेतावनी दी गई थी। IIT Bombay का उद्देश्य छात्रों को programme से बाहर करना मात्र नहीं था, बल्कि delay के वास्तविक कारणों की पहचान कर PhD completion को तेज करना था। Record 620 PhD Degrees Award PhD backlog कम करने की इस exercise के बीच IIT Bombay ने एक नया record भी बनाया है। Academic year 2025-26 में IIT Bombay ने 620 PhD degrees award कीं, जो institute के इतिहास में सबसे अधिक हैं। IIT Bombay के मुताबिक किसी IIT द्वारा एक साल में 600 से ज्यादा PhD degrees दिए जाने का यह पहला मौका है। Institute की 64वीं Convocation और Departmental Degree Award Functions के दौरान पूरे academic year में कुल 3,763 degrees प्रदान की गईं। इनमें: शामिल थीं। Director Shireesh Kedare ने क्या कहा? IIT Bombay के Director Prof. Shireesh Kedare ने कहा कि institute PhD completion time कम करने पर काम कर रहा है। उनके मुताबिक pending PhDs की समीक्षा इसलिए की गई ताकि यह पता लगाया जा सके कि students किन वजहों से programme पूरा नहीं कर पा रहे हैं और उन bottlenecks को कैसे हटाया जा सकता है। Institute research output बढ़ाने के साथ faculty-student interaction बेहतर करने पर भी ध्यान दे रहा है। PhD की सामान्य Funding कितने समय मिलती है? IIT Bombay के official admission information के मुताबिक Teaching Assistantship और Research Assistantship जैसी कई categories में institute-supported financial assistance सामान्य तौर पर अधिकतम पांच साल या thesis submission तक, जो भी पहले हो, उपलब्ध होती है। Teaching Assistantship category में पहले दो वर्षों के लिए ₹37,000 प्रति माह और उसके बाद निर्धारित अवधि के लिए ₹42,000 प्रति माह assistantship दी जाती है। Research Assistantship category में शुरुआती दो वर्षों के लिए ₹42,000 और बाद के वर्षों में ₹47,000 प्रति माह का प्रावधान है। इस तरह funding period और maximum registration period अलग-अलग हैं। आठ साल तक registration संभव होने का मतलब यह नहीं है कि institute assistantship भी पूरे आठ साल तक देगा। Annual Progress Seminar से होगी Research की निगरानी IIT Bombay में PhD scholars के लिए Annual Progress Seminar यानी APS research monitoring का महत्वपूर्ण हिस्सा है। Research Progress Committee student के काम की नियमित समीक्षा करती है। Poor performance की स्थिति में repeat APS कराया जा सकता है। Official rules के मुताबिक लगातार दो खराब performance reports या बिना अनुमति APS प्रस्तुत न करने जैसी स्थितियों में PhD registration cancel भी किया जा सकता है। इसका उद्देश्य केवल अंतिम deadline लागू करना नहीं, बल्कि programme के दौरान ही research progress पर लगातार नजर रखना है। PhD में ज्यादा समय क्यों बनता है समस्या? Doctoral research की अवधि subject और research problem के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।…

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KVS-NVS Tier-II Result 2026 जारी, PGT Physics, Vice Principal और Stenographer Grade-II का Result घोषित

नई दिल्ली: Kendriya Vidyalaya Sangathan (KVS) और Navodaya Vidyalaya Samiti (NVS) भर्ती 2025 में शामिल उम्मीदवारों के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। Central Board of Secondary Education (CBSE) ने Tier-II Recruitment Examination 2026 के एक और चरण के नतीजे जारी कर दिए हैं। 23 अगस्त 2026 को जारी नवीनतम phase में PGT Physics, Vice Principal और Stenographer Grade-II पदों का Tier-II result/shortlisting status घोषित किया गया है। उम्मीदवार recruitment application portal पर login कर अपना result देख सकते हैं। किन Posts का Result हुआ जारी? CBSE की latest result declaration में तीन प्रमुख categories शामिल हैं: इनमें PGT Physics teaching category में आता है, जबकि Vice Principal और Stenographer Grade-II अन्य recruitment categories में शामिल हैं। यह भर्ती Advertisement No. RECTT. NOTIFICATION/01/2025 के तहत KVS और NVS में teaching और non-teaching posts के लिए आयोजित की जा रही है। Candidate Login से देख सकेंगे Result उम्मीदवारों को अपना result या shortlisting status देखने के लिए KVS-NVS recruitment candidate portal पर login करना होगा। इसके लिए उम्मीदवारों को सामान्य तौर पर: Result उपलब्ध होने पर उसकी copy download करके सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है। PGT Physics Candidates के लिए आगे क्या? PGT Physics के लिए Tier-II result जारी होने का मतलब recruitment process पूरी होना नहीं है। PGT जैसे पदों में Interview भी selection process का हिस्सा है। Tier-II में निर्धारित criteria पूरा करने वाले candidates को अगले चरण यानी interview के लिए shortlist किया जाएगा। Interview का schedule और call letter बाद में candidates के respective application login के जरिए उपलब्ध कराया जाएगा। इसलिए shortlisted candidates को अपना portal नियमित रूप से check करते रहना चाहिए। Vice Principal के लिए भी होगा Interview Vice Principal post की selection process में भी interview शामिल है। Recruitment scheme के अनुसार KVS Vice Principal के लिए Tier-I और Tier-II examination के बाद shortlisted candidates को interview stage से गुजरना होगा। इस वजह से अभी जारी Tier-II result को final selection list नहीं समझना चाहिए। Interview और अन्य आवश्यक formalities पूरी होने के बाद ही final merit/selection की स्थिति स्पष्ट होगी। Stenographer Grade-II Candidates को देना होगा Skill Test Stenographer Grade-II candidates के लिए आगे की प्रक्रिया अलग है। Official recruitment scheme के मुताबिक Stenographer Grade-I और Grade-II के लिए Tier-II के बाद Skill Test आयोजित किया जाता है। Skill Test qualifying nature का होगा और final merit Tier-II में प्राप्त marks के आधार पर तैयार की जाएगी, बशर्ते candidate skill test qualify करे। इसलिए Stenographer Grade-II में shortlisted candidates को अब skill test schedule का इंतजार करना होगा। क्या सभी Candidates के Marks जारी हो गए? यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। जिन posts में Interview selection process का हिस्सा है, वहां अभी मुख्य रूप से shortlisting status जारी किया जा रहा है। ऐसे candidates की marksheet final recruitment process के बाद उपलब्ध कराई जा सकती है। Times of India की रिपोर्ट के मुताबिक interview वाले posts के marks final result प्रकाशित होने के बाद निर्धारित समय में उपलब्ध कराए जाएंगे। वहीं जिन posts में interview नहीं है, उनके Tier-II marks result declaration के साथ candidate login में उपलब्ध कराए जा सकते हैं। 27 से 31 March को हुई थी Tier-II परीक्षा KVS-NVS Recruitment 2025 की Tier-II written examinations 27 March से 31 March 2026 के बीच आयोजित की गई थीं। इसके बाद CBSE ने answer keys और results को phase-wise जारी करना शुरू किया। इस पूरी recruitment exercise में 15,000 से ज्यादा teaching और non-teaching vacancies शामिल हैं। 17 August से शुरू हुआ Result का Phase-wise Release CBSE ने Tier-II results को एक साथ जारी करने के बजाय अलग-अलग phases में घोषित किया है। पहला result phase 17 अगस्त 2026 को जारी किया गया था। इसमें PGT Computer Science, TGT Computer Science, Finance Officer और Stenographer Grade-I जैसे posts शामिल थे। इसके बाद अलग-अलग दिनों में अन्य teaching और non-teaching posts के results जारी किए गए। अब तक किन Subjects के Results आ चुके हैं? 17 से 23 अगस्त के बीच कई PGT और TGT subjects के results जारी किए जा चुके हैं। इनमें PGT के तहत Assamese, Urdu, Bangla, Garo, Biotechnology, Manipuri, Tamil और Telugu जैसे subjects शामिल रहे। TGT category में Marathi, Telugu, Assamese, Manipuri, Urdu, Bangla, Nepali, Gujarati, Odia, Kannada, Punjabi, Malayalam और Tamil जैसे subjects के results भी जारी किए गए हैं। 20 August को इन Posts का Result आया 20 अगस्त 2026 को CBSE ने: के Tier-II results जारी किए। 21 August को भी जारी हुए Results इसके बाद 21 अगस्त को: से जुड़े results जारी किए गए। और अब 23 अगस्त की latest phase में PGT Physics, Vice Principal और Stenographer Grade-II शामिल किए गए हैं। बाकी Posts के Results कब आएंगे? CBSE अभी results को phase-wise जारी कर रहा है। जिन posts के Tier-II results अभी घोषित नहीं हुए हैं, उनके नतीजे आने वाले phases में जारी किए जाने की उम्मीद है। Candidates को किसी unofficial WhatsApp message या social media post पर निर्भर रहने के बजाय CBSE, KVS और NVS की official websites तथा अपने application login को check करते रहना चाहिए। Result के बाद कौन-कौन से चरण हो सकते हैं? Post के अनुसार selection process अलग-अलग हो सकती है। अगले चरण में इनमें से एक या अधिक process हो सकती हैं: Candidates को केवल अपने respective post के लिए जारी official instructions follow करनी चाहिए। Candidates के लिए जरूरी सलाह Result देखने के बाद candidates को अपना application number, result copy और recruitment documents सुरक्षित रखने चाहिए। अगर candidate interview या skill test के लिए shortlisted है तो application portal और registered email/mobile पर आने वाले updates को ध्यान से check करना जरूरी होगा। विशेष रूप से PGT Physics और Vice Principal candidates के लिए interview schedule तथा Stenographer Grade-II candidates के लिए skill test schedule अगली महत्वपूर्ण updates होंगी। फिलहाल 23 अगस्त 2026 को PGT Physics, Vice Principal और Stenographer Grade-II के Tier-II results जारी होने के साथ KVS-NVS Recruitment 2025 की selection process एक और महत्वपूर्ण चरण आगे बढ़ गई है। स्रोत – केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE), केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS), एनडीटीवी एजुकेशन, टाइम्स ऑफ…

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MH CET 5-Year LLB Counselling 2026: Round 2 Choice Filling आज से शुरू, 26 अगस्त तक मौका

मुंबई: महाराष्ट्र में 5-Year Integrated LLB Course में एडमिशन लेने वाले छात्रों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। MH CET 5-Year LLB CAP Counselling 2026 के Round 2 के लिए College Option Form Filling की प्रक्रिया आज यानी 23 अगस्त 2026 से शुरू हो गई है। उम्मीदवार अपने पसंदीदा Law Colleges का चयन 26 अगस्त 2026 तक कर सकते हैं। Maharashtra State Common Entrance Test Cell ने स्पष्ट किया है कि Round 2 में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों को अपनी college preferences भरना जरूरी है। केवल Final Merit List में शामिल ऐसे उम्मीदवार जो अभी किसी कॉलेज में admitted नहीं हैं, option form भर सकते हैं। Round 1 में Betterment का विकल्प चुनने वाले उम्मीदवार भी Round 2 में हिस्सा ले सकते हैं। 23 से 26 अगस्त तक भर सकेंगे College Choices State CET Cell के official portal पर जारी announcement के मुताबिक Round 2 Option Form Filling 23 अगस्त से शुरू होकर 26 अगस्त 2026 तक उपलब्ध रहेगा। उम्मीदवारों को निर्धारित समय के भीतर अपने पसंदीदा colleges को priority order में भरना होगा। CET Cell ने साफ किया है कि Round 2 में भाग लेने के लिए preferences देना mandatory है। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे colleges का क्रम बहुत सावधानी से तय करें, क्योंकि seat allotment उनके merit, category, उपलब्ध सीटों और भरी गई preferences के आधार पर किया जाएगा। कौन भर सकता है Round 2 Option Form? Round 2 choice filling सभी candidates के लिए automatically उपलब्ध नहीं है। Official CAP portal के मुताबिक option form उन candidates के लिए उपलब्ध है जो: जो छात्र Round 2 में participate करना चाहते हैं, उनके लिए college preference form submit करना जरूरी है। 28 अगस्त को आएगा Round 2 Seat Allotment College choices जमा होने के बाद State CET Cell 28 अगस्त 2026 को शाम 5 बजे Round 2 Seat Allotment Result जारी करेगा। उम्मीदवार अपने login के जरिए यह देख सकेंगे कि उन्हें कौन सा college और course allot हुआ है। Seat allotment के बाद सफल candidates को तय समय सीमा में allotted college में report करना होगा और admission प्रक्रिया पूरी करनी होगी। 29 अगस्त से College Reporting Round 2 में seat मिलने वाले उम्मीदवारों के लिए college reporting की प्रक्रिया 29 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक चलेगी। इस दौरान candidates को allotted institute में जाकर required documents verify कराने और admission formalities पूरी करने की जरूरत होगी। इसके बाद colleges admitted candidates की details 2 सितंबर को portal पर upload करेंगे। समय पर reporting नहीं करने पर allotted seat पर असर पड़ सकता है, इसलिए candidates को official instructions ध्यान से पढ़ने की सलाह दी गई है। Choice Filling कैसे करें? MH CET 5-Year LLB CAP Round 2 के लिए candidates को सबसे पहले official counselling portal पर जाना होगा। इसके बाद: एक बार options final करने से पहले उम्मीदवारों को college location, fees, course structure, category-wise seats और पिछले cut-offs जैसी जानकारी देखना फायदेमंद हो सकता है। Round 1 में क्या हुआ था? MH CET 5-Year LLB CAP Round 1 के लिए college option filling 5 अगस्त से 15 अगस्त 2026 तक चली थी। Round 1 seat allocation 18 अगस्त को शाम 5 बजे जारी हुआ था। इसके बाद candidates को 19 से 21 अगस्त तक allotted colleges में admission लेने का मौका दिया गया। Colleges ने admitted candidates की details 22 अगस्त को portal पर upload कीं। अब खाली बची सीटों और eligible candidates के लिए Round 2 प्रक्रिया शुरू की गई है। Round 3 भी होगा आयोजित जो उम्मीदवार Round 2 में सीट हासिल नहीं कर पाते या आगे counselling process में eligible रहते हैं, उनके लिए Round 3 भी आयोजित किया जाएगा। Current counselling schedule के मुताबिक: Round 3 College Option Filling: 3 से 5 सितंबर 2026 Round 3 Seat Allotment: 18 सितंबर 2026, शाम 5 बजे Round 3 College Reporting: 19 से 23 सितंबर 2026 इसके बाद Institute-Level admission round भी आयोजित किया जाएगा। Institute-Level Round की तारीखें Counselling schedule के मुताबिक Institute-Level Round के लिए choice filling 26 से 28 सितंबर तक होगी। Institute-Level admissions 1 से 4 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किए जाएंगे और 5-Year LLB admission process की final cut-off date 5 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। 164 Approved Colleges, 12 हजार से ज्यादा Intake Official CAP portal के live dashboard के मुताबिक counselling process में 164 approved colleges शामिल हैं। Portal पर total intake करीब 12,478 seats दिखाया गया है, जिनमें CAP intake 10,450 है। 23 अगस्त तक dashboard पर 2,700 total admissions भी दर्ज दिखाई दे रहे थे। ये आंकड़े admission process आगे बढ़ने के साथ बदल सकते हैं। Candidates के लिए जरूरी सलाह Candidates को college preference भरते समय केवल एक या दो colleges पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। अपनी merit position और पिछले cut-offs को देखते हुए realistic preferences की पर्याप्त संख्या भरना बेहतर हो सकता है। College priority का क्रम भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि counselling system उम्मीदवार की उपलब्ध सर्वोच्च preference के आधार पर seat allotment करता है। साथ ही candidates को किसी unofficial website या social media message पर निर्भर रहने के बजाय Maharashtra State CET Cell के official CAP portal पर जारी instructions और dates को अंतिम मानना चाहिए। फिलहाल MH CET 5-Year LLB CAP Round 2 के लिए सबसे महत्वपूर्ण deadline 26 अगस्त 2026 है। इसके बाद option form filling window बंद हो जाएगी और 28 अगस्त को Round 2 allotment घोषित किया जाएगा। स्रोत – महाराष्ट्र राज्य सामाईक प्रवेश परीक्षा कक्ष (State CET Cell), एनडीटीवी एजुकेशन जय राष्ट्र न्यूज़

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IBPS Clerk Recruitment 2026: 11,403 पदों पर भर्ती, आवेदन की अंतिम तारीख 28 अगस्त तक बढ़ी

नई दिल्ली: बैंकिंग सेक्टर में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। Institute of Banking Personnel Selection (IBPS) ने Customer Service Associate यानी Clerk भर्ती 2026 के लिए आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ा दी है। उम्मीदवार अब 28 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन और आवेदन शुल्क का भुगतान कर सकते हैं। पहले आवेदन की आखिरी तारीख 21 अगस्त थी। यह भर्ती CRP CSA-XVI के तहत की जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विभिन्न राज्यों में उपलब्ध पदों की संख्या को जोड़ने पर करीब 11,403 रिक्तियां बनती हैं। हालांकि आधिकारिक नोटिफिकेशन में रिक्तियां राज्यवार और बैंकवार दी गई हैं और इन्हें indicative यानी संभावित रिक्तियां बताया गया है। 28 अगस्त तक कर सकेंगे आवेदन IBPS ने 21 अगस्त 2026 को CRP CSA-XVI से संबंधित corrigendum जारी किया। इसके बाद आवेदन की समय सीमा को बढ़ाकर 28 अगस्त 2026 कर दिया गया है। उम्मीदवारों को आवेदन IBPS की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन करना होगा। अंतिम तारीख तक आवेदन फॉर्म जमा करने के साथ निर्धारित शुल्क का भुगतान भी पूरा करना जरूरी है। कौन कर सकता है आवेदन? IBPS Clerk Recruitment 2026 के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में Graduation Degree होनी चाहिए। आयु सीमा की बात करें तो 1 अगस्त 2026 को उम्मीदवार की न्यूनतम उम्र 20 वर्ष और अधिकतम उम्र 28 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट मिलेगी। SC और ST उम्मीदवारों को अधिकतम आयु सीमा में 5 साल, OBC-NCL उम्मीदवारों को 3 साल और Persons with Benchmark Disabilities को निर्धारित नियमों के तहत अतिरिक्त छूट मिलती है। Local Language की जानकारी भी जरूरी Customer Service Associate के पद के लिए केवल Graduation होना ही पर्याप्त नहीं है। जिस State या Union Territory के लिए उम्मीदवार आवेदन कर रहा है, वहां की निर्धारित स्थानीय भाषा को पढ़ने, लिखने, बोलने और समझने की क्षमता भी जरूरी हो सकती है। चयन प्रक्रिया में आवश्यक होने पर Local Language Proficiency Test भी लिया जा सकता है। इसके अलावा उम्मीदवार के पास कंप्यूटर संचालन से संबंधित जरूरी जानकारी होनी चाहिए। Application Fee कितनी है? IBPS Clerk 2026 के लिए आवेदन शुल्क श्रेणी के अनुसार अलग-अलग निर्धारित किया गया है। General, OBC और EWS उम्मीदवारों के लिए: ₹850 SC, ST, PwBD और पात्र Ex-Servicemen उम्मीदवारों के लिए: ₹175 शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकता है। उम्मीदवार Debit Card, Credit Card, Internet Banking, UPI और अन्य उपलब्ध डिजिटल भुगतान विकल्पों का इस्तेमाल कर सकते हैं। कब होगी Preliminary और Main परीक्षा? IBPS के 2026-27 tentative calendar के मुताबिक CSA-XVI की Preliminary Examination 10 और 11 अक्टूबर 2026 को आयोजित की जानी है। इसके बाद Preliminary Exam में सफल उम्मीदवार Main Examination में शामिल होंगे। Main Examination की तारीख 27 दिसंबर 2026 निर्धारित की गई है। परीक्षा की तारीखों में भविष्य में बदलाव होने की स्थिति में उम्मीदवारों को IBPS की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी सूचना को अंतिम मानना चाहिए। कैसे होगा Selection? IBPS Clerk यानी Customer Service Associate भर्ती की चयन प्रक्रिया मुख्य रूप से दो ऑनलाइन परीक्षाओं पर आधारित होगी: इसके बाद लागू नियमों के अनुसार Local Language Proficiency Test जैसी प्रक्रिया भी पूरी करनी पड़ सकती है। Preliminary Examination में English Language, Numerical Ability और Reasoning Ability जैसे विषय शामिल होते हैं। Preliminary परीक्षा कुल 100 प्रश्न और 100 अंकों की होती है तथा उम्मीदवारों को इसे पूरा करने के लिए कुल 60 मिनट दिए जाते हैं। 11 Public Sector Banks में मिलेगा मौका CRP CSA-XVI के माध्यम से चयनित उम्मीदवारों को participating public sector banks में नियुक्ति का मौका मिलेगा। इस प्रक्रिया में Bank of Baroda, Bank of India, Bank of Maharashtra, Canara Bank, Central Bank of India, Indian Bank, Indian Overseas Bank, Punjab National Bank, Punjab & Sind Bank, UCO Bank और Union Bank of India शामिल हैं। रिक्तियां अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में उपलब्ध हैं। उदाहरण के तौर पर वर्तमान state-wise tally में उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, गुजरात समेत कई राज्यों में बड़ी संख्या में vacancies दिखाई गई हैं। आवेदन कैसे करें? उम्मीदवार सबसे पहले IBPS की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। वहां CRP CSA-XVI सेक्शन पर क्लिक कर New Registration का विकल्प चुनना होगा। इसके बाद व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी भरें, जरूरी दस्तावेज अपलोड करें और आवेदन शुल्क का भुगतान करें। आवेदन सफलतापूर्वक जमा होने के बाद confirmation page या application form की copy सुरक्षित रखना बेहतर होगा। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम दिन तक इंतजार न करें और समय रहते आवेदन पूरा कर लें। साथ ही eligibility, reservation, local language और अन्य नियमों के लिए आधिकारिक IBPS notification जरूर पढ़ें। स्रोत – इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सोनेल सिलेक्शन (IBPS), एनडीटीवी जय राष्ट्र न्यूज़

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कन्नौज में स्कूल को लेकर छात्रों का प्रदर्शन! प्रधानाध्यापक पर दुर्व्यवहार, मारपीट और जातीय भेदभाव के आरोप

कन्नौज, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले के कंपोजिट विद्यालय गुगरापुर में छात्रों और अभिभावकों ने प्रभारी प्रधानाध्यापक के खिलाफ प्रदर्शन किया। छात्रों ने स्कूल का बहिष्कार करते हुए प्रधानाध्यापक की गाड़ी का घेराव किया और कई गंभीर आरोप लगाए। छात्रों ने लगाए गंभीर आरोप प्रदर्शन कर रहे छात्रों और अभिभावकों का आरोप है कि प्रधानाध्यापक बच्चों के साथ दुर्व्यवहार, भेदभाव और मारपीट करते हैं। कुछ छात्रों ने जाति और समुदाय के आधार पर भेदभाव किए जाने का भी आरोप लगाया है। हालांकि, ये फिलहाल छात्रों और अभिभावकों द्वारा लगाए गए आरोप हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि या जांच के अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आए हैं। प्रदर्शन के दौरान बच्चों ने प्रधानाध्यापक को हटाने की मांग करते हुए नारेबाजी की। अभिभावक भी बच्चों के समर्थन में प्रदर्शन में शामिल हुए। स्कूल का बहिष्कार और गाड़ी का घेराव रिपोर्टों के अनुसार, छात्रों ने कक्षाओं का बहिष्कार किया और प्रधानाध्यापक की गाड़ी को घेर लिया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से शिकायतों पर कार्रवाई करने की मांग की। स्कूल में करीब 200 छात्र पढ़ते हैं। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें पढ़ाई के बजाय दूसरे कामों में लगाया जाता है। एक रिपोर्ट में कंप्यूटर शिक्षा को लेकर भी छात्रों की शिकायत का उल्लेख है। गणित शिक्षक की कमी का मुद्दा भी उठा प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने स्कूल में गणित शिक्षक की कमी का मुद्दा भी उठाया। छात्रों के अनुसार, विज्ञान विषय के शिक्षक द्वारा गणित पढ़ाया जा रहा है और वे गणित के लिए अलग शिक्षक की मांग कर रहे हैं। यह मुद्दा केवल प्रधानाध्यापक के खिलाफ लगाए गए आरोपों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि छात्रों ने स्कूल की पढ़ाई और व्यवस्था से जुड़ी शिकायतें भी प्रशासन के सामने रखीं। शिक्षकों और अभिभावकों ने भी उठाई आवाज रिपोर्टों में दावा किया गया है कि स्कूल के कुछ शिक्षक भी प्रधानाध्यापक के खिलाफ शिकायतों को लेकर आपत्ति जता चुके हैं। अभिभावकों ने बच्चों की सुरक्षा और बेहतर शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। प्रधानाध्यापक पर स्कूल परिसर में लगे पेड़ों को कटवाने के आरोप भी प्रदर्शन के दौरान सामने आए हैं। इन आरोपों की भी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। प्रशासन की कार्रवाई पर नजर मामला सामने आने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिला प्रशासन छात्रों और अभिभावकों की शिकायतों की किस तरह जांच करता है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारी कार्रवाई कर सकते हैं, जबकि जांच पूरी होने तक आरोपों को आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए। कन्नौज की यह घटना उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता, छात्र सुरक्षा और स्कूल प्रशासन की जवाबदेही को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर रही है। स्रोत: Careers360, Times Now Navbharat, Navbharat Times, IANS Jai Rashtra News

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TRE-4 शिक्षक भर्ती का नोटिफिकेशन जारी, बिहार में 32,388 शिक्षक पदों पर भर्ती का रास्ता साफ!

पटना: बिहार के लाखों शिक्षक अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने शिक्षक भर्ती परीक्षा के चौथे चरण यानी TRE-4.0 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती अभियान के तहत बिहार के शिक्षा विभाग में कुल 32,388 शिक्षक पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। 1 सितंबर से शुरू होंगे आवेदन BPSC के मुताबिक TRE-4.0 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 1 सितंबर 2026 से शुरू होगी। अभ्यर्थी 30 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तारीख 29 सितंबर निर्धारित की गई है। भर्ती का विस्तृत नोटिफिकेशन विज्ञापन संख्या 14/2026 के तहत जारी किया गया है। इसमें अलग-अलग शिक्षक पदों के लिए योग्यता, आयु सीमा, आरक्षण और आवेदन से जुड़ी शर्तों की जानकारी दी गई है। कक्षा 1 से 12 तक शिक्षकों की भर्ती TRE-4.0 के तहत प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक शिक्षकों के पद शामिल हैं। यानी कक्षा 1 से 12 तक पढ़ाने के इच्छुक योग्य अभ्यर्थियों के लिए सरकारी शिक्षक बनने का बड़ा अवसर सामने आया है। परीक्षा में इस बार होंगे बड़े बदलाव TRE-4.0 में परीक्षा पैटर्न को लेकर भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। पहली बार प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग का प्रावधान लागू किया गया है। गलत उत्तर देने पर अंक काटे जाएंगे। इसके अलावा प्रश्नपत्र में पांचवां विकल्प भी दिया जाएगा, जिसे उत्तर नहीं देने की स्थिति में चुनना होगा। अभ्यर्थियों के लिए बड़ा मौका 32,388 पदों पर होने वाली यह भर्ती बिहार में सरकारी शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ा अवसर है। हालांकि, पदों की तुलना में अभ्यर्थियों की संख्या काफी अधिक होने की संभावना है, इसलिए प्रतियोगिता कड़ी रहने वाली है। रिपोर्टों के अनुसार TRE-4 को लेकर अभ्यर्थियों में लंबे समय से इंतजार और असंतोष भी बना हुआ था। BPSC ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि आवेदन शुरू होने से पहले आधिकारिक नोटिफिकेशन में अपनी पात्रता, विषय और पद से जुड़ी शर्तों को ध्यान से जांच लें। आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के बाद उम्मीदवार निर्धारित समय सीमा के भीतर फॉर्म भर सकते हैं। TRE-4.0 नोटिफिकेशन जारी होने के साथ ही बिहार में 32,388 शिक्षकों की भर्ती का इंतजार खत्म हो गया है। अब लाखों अभ्यर्थियों की नजर आवेदन प्रक्रिया और परीक्षा की आगे की तैयारियों पर है। स्रोत: BPSC, NDTV, Times of India Jai Rashtra News

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संसद मार्च पर दिल्ली पुलिस का सुप्रीम कोर्ट में बड़ा बयान, कहा- हालात बिगड़ने पर किया गया बल प्रयोग

नई दिल्ली: 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद की ओर निकाले गए मार्च को लेकर दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखा है। पुलिस ने अदालत में कहा कि मार्च की अनुमति नहीं दी गई थी और प्रदर्शन के दौरान हालात बिगड़ने के बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक बल का इस्तेमाल किया गया। दिल्ली पुलिस ने अत्यधिक बल के आरोपों को नकारा सुप्रीम कोर्ट में दिए गए अपने जवाब में दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर अत्यधिक बल प्रयोग के आरोपों से इनकार किया। पुलिस का कहना है कि अधिकारियों ने “maximum restraint” बरता और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए केवल आवश्यक न्यूनतम बल का इस्तेमाल किया गया। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग शामिल थे और स्थिति बिगड़ने के बाद भीड़ को नियंत्रित करना जरूरी हो गया था। दिल्ली पुलिस ने यह भी दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान उसके 240 से अधिक जवान घायल हुए। ‘मार्च की अनुमति नहीं थी’ दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया कि संसद की ओर जाने वाले इस मार्च को अनुमति नहीं दी गई थी। इससे पहले भी पुलिस ने स्पष्ट किया था कि नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू थे और बिना अनुमति मार्च या सभा की इजाजत नहीं थी। पुलिस ने यह भी कहा कि प्रदर्शन में कुछ असामाजिक तत्वों और आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों के शामिल होने के बाद हालात और बिगड़े। इसी आधार पर पुलिस ने अपने बल प्रयोग को उचित ठहराया है। सुप्रीम कोर्ट बनाएगा हाई-पावर कमेटी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच के लिए हाई-पावर कमेटी बनाने का फैसला किया है। कमेटी में सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट जज, पूर्व हाई कोर्ट चीफ जस्टिस और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल किए जा सकते हैं। कमेटी पुलिस कार्रवाई, प्रदर्शनकारियों की भूमिका और कथित पैलेट गन के इस्तेमाल जैसे आरोपों की भी जांच करेगी। अदालत के सामने उपलब्ध वीडियो फुटेज, CCTV और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड भी जांच का हिस्सा बन सकते हैं। अब जांच से तय होगी जिम्मेदारी संसद मार्च को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के दावों में बड़ा अंतर सामने आया है। दिल्ली पुलिस अपने बल प्रयोग को कानून-व्यवस्था की स्थिति से जोड़ रही है, जबकि प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। अब सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित होने वाली कमेटी की जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि 20 जुलाई को हुई कार्रवाई में किस पक्ष की क्या भूमिका थी और क्या पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के दौरान तय नियमों के अनुरूप बल का इस्तेमाल किया। स्रोत: Supreme Court proceedings, Times of India, Economic Times Jai Rashtra News

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16 दिनों के लंबे संघर्ष के बाद देवेंद्र नाथ महतो ने तोड़ा अनशन, सदर अस्पताल में खत्म हुई भूख हड़ताल

रांची: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ लंबे समय से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने अपना 16 दिनों का अनशन समाप्त कर दिया है। उन्होंने रांची के सदर अस्पताल में सोमवार रात भूख हड़ताल खत्म की। सरकार के फैसले के बाद खत्म हुआ अनशन देवेंद्र नाथ महतो का अनशन उस समय समाप्त हुआ जब झारखंड सरकार ने JSSC-CGL परीक्षा और TDPL के जरिए आयोजित परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 17 अगस्त को घोषणा की कि TDPL द्वारा आयोजित परीक्षाओं और उनसे जुड़े परिणामों एवं नियुक्ति प्रक्रियाओं को रद्द किया जाएगा। साथ ही 2014 से TDPL के जरिए हुई परीक्षाओं की जांच का फैसला भी लिया गया। सदर अस्पताल में जूस पिलाकर अनशन खत्म अनशन खत्म कराने के दौरान झारखंड सरकार के मंत्री दीपिका पांडे सिंह और इरफान अंसारी सदर अस्पताल पहुंचे। रिपोर्टों के अनुसार, देवेंद्र नाथ महतो ने जूस पीकर अपना अनशन समाप्त किया। इस दौरान उनके साथ मौजूद अन्य प्रदर्शनकारियों ने भी भूख हड़ताल समाप्त की। महतो ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए इसे छात्रों के संघर्ष की बड़ी उपलब्धि बताया। 16 दिनों तक जारी रहा संघर्ष देवेंद्र नाथ महतो ने भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और पारदर्शिता की मांग को लेकर 16 दिनों तक भूख हड़ताल की। लंबे समय तक भोजन नहीं लेने के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई थी और उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने उनके स्वास्थ्य में इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन जैसी समस्याओं को लेकर चिंता जताई थी। अस्पताल में भर्ती रहने के बावजूद महतो लगातार अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने पर जोर देते रहे। JSSC-CGL रद्द होने से छात्रों में खुशी सरकार के फैसले के बाद आंदोलनकारी छात्रों में खुशी देखी गई। JSSC-CGL समेत TDPL से जुड़ी भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने को छात्र नेताओं ने अपनी बड़ी जीत बताया है। हालांकि, आंदोलन पूरी तरह खत्म हुआ है या नहीं, इस पर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। CBI जांच की मांग अभी बाकी छात्र आंदोलन से जुड़े संगठनों की एक प्रमुख मांग CBI जांच की भी रही है। सरकार द्वारा परीक्षाएं रद्द किए जाने के बावजूद छात्र संगठनों के एक धड़े ने कहा है कि जब तक भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच नहीं होती, तब तक उनका संघर्ष जारी रह सकता है। इसलिए परीक्षा रद्द होने के बाद भी झारखंड में भर्ती व्यवस्था और जांच को लेकर राजनीतिक एवं छात्र आंदोलन जारी रहने की संभावना है। अब आगे क्या होगा? अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि रद्द की गई परीक्षाओं को दोबारा कब कराया जाएगा और नई परीक्षा व्यवस्था कैसी होगी। साथ ही, सरकार को उन अभ्यर्थियों के भविष्य को लेकर भी स्पष्ट व्यवस्था करनी होगी, जो पहले की चयन प्रक्रिया में सफल हुए थे। निष्कर्ष 16 दिनों के लंबे संघर्ष के बाद देवेंद्र नाथ महतो ने रांची के सदर अस्पताल में अपना अनशन समाप्त कर दिया। यह फैसला झारखंड सरकार द्वारा JSSC-CGL और TDPL से जुड़ी परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा के बाद आया। हालांकि, CBI जांच और भर्ती प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता की मांग को लेकर छात्र आंदोलन का अगला रुख महत्वपूर्ण रहेगा। Source: Hindustan Times, Indian Express, Navbharat Times, Amar Ujala जय राष्ट्र न्यूज़

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झारखंड में बड़ा फैसला! TDPL से जुड़ी परीक्षाएं, परिणाम और नियुक्तियां रद्द

रांची: झारखंड सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई विशेष कैबिनेट बैठक के बाद सरकार ने TSR Data Processing Private Limited (TDPL) से जुड़ी परीक्षाओं, उनके परिणामों और चयन प्रक्रियाओं को रद्द करने का ऐलान किया है। इसमें JSSC-CGL परीक्षा भी शामिल है। 2014 से TDPL से जुड़ी परीक्षाओं की होगी जांच सरकार ने TDPL के माध्यम से 2014 से आयोजित परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं की समीक्षा और जांच का फैसला लिया है। सरकार का कहना है कि भर्ती प्रक्रियाओं में अगर किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो उसकी जिम्मेदारी तय की जाएगी। TDPL से जुड़ी परीक्षाओं में JPSC और JSSC की कई महत्वपूर्ण भर्तियां शामिल रही हैं। इनमें JSSC-CGL, फील्ड वर्कर, वनरक्षक और PGT शिक्षक भर्ती जैसी परीक्षाओं का भी उल्लेख किया गया है। JSSC-CGL भी हुई रद्द सरकार के फैसले का सबसे बड़ा असर JSSC Combined Graduate Level (JSSC-CGL) परीक्षा पर पड़ा है। परीक्षा रद्द होने से उन अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है, जिन्होंने परीक्षा पास कर चयन प्रक्रिया पूरी की थी। रिपोर्टों के मुताबिक करीब 2,000 उम्मीदवारों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। अब सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित अभ्यर्थियों के भविष्य को लेकर आगे की प्रक्रिया तय करना होगी। छात्रों के लंबे आंदोलन के बाद फैसला यह फैसला झारखंड में चल रहे लंबे छात्र आंदोलन के बीच आया है। छात्र संगठन भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं की जांच की मांग कर रहे थे। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने सरकार के फैसले का स्वागत किया है। रिपोर्ट के अनुसार, TDPL और JSSC-CGL को रद्द करने के निर्णय के बाद उन्होंने अपनी 16 दिन की भूख हड़ताल समाप्त कर दी। हालांकि, छात्रों की सभी मांगें पूरी नहीं हुई हैं। आंदोलनकारी अब भी पूरे मामले में CBI जांच की मांग पर कायम हैं। लगभग 15 बड़ी परीक्षाएं सवालों के घेरे में उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार TDPL की भूमिका JPSC और JSSC की करीब 15 बड़ी परीक्षाओं में रही है। इनमें JPSC की विभिन्न सिविल सेवा परीक्षाओं के अलावा Civil Judge, Assistant Public Prosecutor, JET और अन्य भर्ती परीक्षाएं शामिल हैं। JSSC की जिन परीक्षाओं का उल्लेख किया गया है, उनमें: शामिल हैं। सरकार परीक्षा व्यवस्था में सुधार करेगी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भर्ती परीक्षाओं में सुधार के लिए एक नई व्यवस्था की दिशा में भी कदम उठाने की बात कही है। सरकार का उद्देश्य ऐसी परीक्षा प्रणाली तैयार करना है जिसमें पेपर लीक और अन्य गड़बड़ियों की गुंजाइश कम से कम हो और अभ्यर्थियों का भरोसा दोबारा कायम किया जा सके। सरकार ने छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर सुझाव लेने के लिए एक पोर्टल की व्यवस्था की घोषणा भी की है। आगे क्या होगा? TDPL से जुड़ी परीक्षाओं और परिणामों को रद्द किए जाने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल है कि प्रभावित परीक्षाओं का दोबारा आयोजन कब और किस एजेंसी के माध्यम से होगा। इसके अलावा जिन उम्मीदवारों का चयन हो चुका था या जो नियुक्त होकर सेवा में आ चुके हैं, उनके मामले में भी सरकार को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने होंगे। इस फैसले से प्रभावित उम्मीदवारों के कानूनी विकल्पों पर भी नजर रहेगी। निष्कर्ष झारखंड सरकार का TDPL से जुड़ी परीक्षाओं, परिणामों और चयन प्रक्रियाओं को रद्द करने का फैसला राज्य की भर्ती व्यवस्था में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। JSSC-CGL के रद्द होने से हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य सीधे प्रभावित हुआ है। अब निगाह इस बात पर है कि सरकार दोबारा परीक्षा और प्रभावित उम्मीदवारों के लिए क्या व्यवस्था करती है। Source: The New Indian Express, NDTV, DD India, Times of India, Prabhat Khabar जय राष्ट्र न्यूज़

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ध्वजारोहण के लिए जाते समय पुलिस ने रोका? देवेंद्रनाथ महतो ने लगाया धक्कामुक्की का आरोप

रांची: झारखंड में छात्र नेता और JLKM नेता देवेंद्रनाथ महतो को लेकर पुलिस कार्रवाई का मामला एक बार फिर चर्चा में है। महतो ने आरोप लगाया है कि उन्हें ध्वजारोहण कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जाते समय पुलिस ने रोक दिया और इस दौरान उनके साथ धक्कामुक्की की गई। हालांकि, इस दावे की 14 अगस्त 2026 की स्वतंत्र और विश्वसनीय रिपोर्ट से पुष्टि नहीं हो सकी है। उपलब्ध ताजा रिपोर्टों में देवेंद्रनाथ महतो का नाम झारखंड के छात्र आंदोलन और JPSC/JSSC से जुड़े विरोध प्रदर्शनों के संदर्भ में सामने आया है। छात्र आंदोलनों से जुड़े रहे हैं देवेंद्रनाथ महतो देवेंद्रनाथ महतो झारखंड में छात्र और युवा आंदोलनों से जुड़े प्रमुख चेहरों में रहे हैं। हाल के दिनों में उन्होंने JPSC और JSSC परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार के सामने अपनी मांगें रखी हैं। कुछ दिन पहले उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अपील करते हुए कहा था कि छात्रों के आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से चलने दिया जाए और ऐसा कोई कदम न उठाया जाए जिससे छात्रों का नुकसान हो। पुलिस कार्रवाई को लेकर पहले भी विवाद देवेंद्रनाथ महतो का पुलिस के साथ टकराव का मामला नया नहीं है। दिसंबर 2024 में JSSC-CGL परीक्षा को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बल प्रयोग किया था और महतो समेत कई लोगों को हिरासत में लिया गया था। उस घटना में महतो के घायल होने के आरोप भी सामने आए थे। बाद में छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात कर कथित पुलिस कार्रवाई से जुड़े वीडियो और अन्य सबूत सौंपने का दावा किया था। ताजा दावे की पुष्टि जरूरी ध्वजारोहण के लिए जाते समय पुलिस द्वारा रोके जाने और धक्कामुक्की किए जाने का दावा सोशल मीडिया पर चर्चा में हो सकता है, लेकिन इसे तथ्य के रूप में प्रकाशित करने से पहले पुलिस या प्रशासन का आधिकारिक पक्ष लेना जरूरी होगा। यदि घटना का वीडियो सामने आता है, तो उसमें स्थान, समय और घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि भी महत्वपूर्ण होगी। निष्कर्ष देवेंद्रनाथ महतो झारखंड के छात्र आंदोलनों में सक्रिय रहे हैं और उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर पहले भी विवाद सामने आ चुके हैं। लेकिन ध्वजारोहण कार्यक्रम के लिए जाते समय रोके जाने और धक्कामुक्की की ताजा घटना की अभी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसलिए इस दावे को फिलहाल आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। Source: उपलब्ध ताजा मीडिया रिपोर्ट्स जय राष्ट्र न्यूज़

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