SBI PO Salary 2025

बैंकिंग में करियर बनाना चाहते हैं तो जानें क्या हैं एसबीआई पीओ की सैलरी और सुविधाएं

एसबीआई (SBI) यानी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India) देश के बड़े और प्रतिष्ठित बैंकों में से एक है। हाल ही में इस बैंक ने एक नोटिफिकेशन जारी की है जिसके अनुसार उन्होंने एसबीआई (SBI) पीओ के लिए नयी पोस्ट्स निकाली हैं। पीओ का अर्थ है प्रोबेशनरी ऑफिसर और इस जॉब में कस्टमर सर्विस, अकाउंट मैनेजमेंट, लोन और क्रेडिट मैनेजमेंट आदि शामिल है। अगर आप इस जॉब के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, तो यह जान लें कि अभी आपके लिए एक बेहतरीन अवसर है क्योंकि यह जॉब बेहतरीन सैलरी के साथ ही जॉब सिक्योरिटी और अच्छे करियर के अवसर प्रदान करती है। अगर आप इस जॉब के लिए अप्लाई करना चाहते हैं तो इसके बारे में जानकारी होना जरूरी है। आइए जानें एसबीआई पीओ पोस्ट्स (SBI PO Posts) के बारे में। एसबीआई पीओ पोस्ट्स (SBI PO Posts) स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India) ने एसबीआई पीओ पोस्ट्स (SBI PO Posts) के लिए 541 पदों के लिए एप्लिकेशन फॉर्म लेना शुरू कर दिए हैं। ध्यान रखे कि इसके लिए आवेदन 24 जून से शुरू हो चुके हैं और इच्छुक कैंडिडेट 14 जुलाई तक ही आवेदन भर सकते हैं। इसके बाद आप आवेदन नहीं कर सकते हैं। इसके लिए ऑनलाइन आसानी से अप्लीकेशन फॉर्म को भरा जा सकता है। यह भी जान लें कि इसके लिए 541 पद भरें जाएंगे। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India) द्वारा निकाली इन पोस्ट्स के लिए योग्यता डिटेल इस प्रकार है: सिलेक्शन प्रोसेस  एसबीआई पीओ पोस्ट्स के लिए सैलेरी एसबीआई पीओ पोस्ट्स (SBI PO Posts) के लिए यह जानना भी आवश्यक है कि सेलेक्ट होने पर एम्प्लोयी को शुरुआती बेसिक सैलेरी 48,480 रुपये दी जाएगी। इसके साथ ही उन्हें सीसीए, पीएफ, एनपीएस, एचआरए, मेडिकल फैसिलिटी आदि एलोवेन्स भी मिलेंगे। कुछ अन्य सुविधाएं भी उन्हें मिलेंगी, जिसके बारे में अन्य जानकारी आपको बैंक की वेबसाइट पर मिल जाएगी।  कैसे करें अप्लाई? एसबीआई पीओ पोस्ट्स (SBI PO Posts) के लिए अगर आपको आवेदन भेजना है, तो सबसे पहले स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India) की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं। आप इस का लिंक गूगल सर्च से भी प्राप्त कर सकते हैं। इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? इस लिंक से आप अप्लाई ऑनलाइन पर क्लिक करें। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi news SBI PO Posts #sbi2025 #sbiPOsalary #bankingcareer #sbiPOperks #bankjobupdate #careerinbanking #salarystructure

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CBSE Class 10 students will appear for board exams

CBSE 10वीं बोर्ड परीक्षा 2026 से साल में दो बार होगी परीक्षा 

भारत की शिक्षा व्यवस्था में एक अहम बदलाव किया गया है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंड्री एजुकेशन (CBSE) ने घोषणा की है कि साल 2026 से कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं (10th Board Exam) साल में दो बार आयोजित की जाएंगी। एक ही साल में दो बार परीक्षा लेने का उद्देश्य छात्रों पर परीक्षा का दबाव कम करना है। यह निर्णय राष्ट्रीय शिक्षा नीति (National Education Policy) 2020 की सिफारिशों के अनुरूप लिया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को मल्टीपल एग्जिट और एंट्री विकल्प देना है। CBSE के इस फैसले के अनुसार पहली परीक्षा फरवरी के मध्य में होगी और दूसरी मई में आयोजित की जाएगी। छात्र इन दोनों परीक्षाओं में भाग ले सकेंगे, लेकिन उनके पास यह विकल्प भी होगा कि वे केवल एक बार परीक्षा दें। यदि कोई छात्र पहली परीक्षा में दिए गए जवाब से संतुष्ट नहीं होते हैं, तो वह दूसरी परीक्षा में शामिल होकर अपनी स्कोर में सुधार ला सकते हैं। यह मॉडल काफी हद तक जेईई मेन (JEE Main) और सीयूईटी (CUET) जैसी परीक्षाओं के जैसा होगा, जिसमें स्टूडेंट्स को साल में एक से ज्यादा मौके मिल सकते हैं। बदलाव का मकसद क्या है? CBSE के अनुसार इस पहल का मकसद छात्रों को एक परीक्षा, एक मौका जैसी मानसिकता से बाहर निकालना है। अभी तक की छात्रों को केवल एक मौका मिलता था, जिससे उनमें असफलता का डर और तनाव बहुत अधिक होता था। साल में दो बार परीक्षा का मौका मिलने से छात्रों को कई तरह से लाभ मिलेंगे-   एक ही साल में 2 बार परीक्षा देने का मौका मिलेगा।  तनाव कम होगा।  परीक्षा बेहतर तरीके से दे पाएंगे।  व्यक्तिगत विकास और आत्मविश्वास बढ़ेगा।  किन छात्रों को होगा ज्यादा लाभ? इस नई व्यवस्था से खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र, मध्यम या कमजोर स्टूडेंट्स के साथ-साथ परीक्षा के दिन बीमार या मानसिक रूप से अस्वस्थ छात्र को ज्यादा फायदा मिलेगा। अब उन्हें पूरे साल की मेहनत सिर्फ एक दिन पर निर्भर नहीं करनी पड़ेगी। CBSE के इस निर्णय के साथ-साथ बोर्ड ने यह भी कहा है कि अब प्रश्नपत्र इस तरह से बनाए जाएंगे कि छात्रों को परेशानी ना हो और मूल्यांकन (Marking) करने में भी समस्या ना हो। साल 2024 से ही CBSE ने प्रश्नपत्रों में केस-स्टडी, एप्लिकेशन-बेस्ड सवालों को शामिल करना शुरू कर दिया है और यह प्रक्रिया 2026 तक और भी बेहतर हो जाएगी। इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? क्या छात्रों को दोनों परीक्षाएं देनी होंगी? नहीं। CBSE ने साफ कहा है कि दोनों परीक्षाएं वैकल्पिक (Optional Exam) होंगी। यानी अगर कोई छात्र पहली परीक्षा में ही अच्छा स्कोर कर लेता है, तो उसे दूसरी परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं होगी। वहीं, जो छात्र सुधार करना चाहते हैं, वे दूसरी परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। अंतिम रिपोर्ट कार्ड में उसी प्रयास के अंक शामिल किए जाएंगे जिसमें छात्र का स्कोर बेहतर होगा। यह व्यवस्था छात्रों को एक अतिरिक्त मौका देती है, जिससे वे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दे सकें। पहली परीक्षा को एक ट्रायल रन की तरह लिया जा सकता है, जबकि दूसरी परीक्षा (Second Exam) उन छात्रों के लिए सहायक होगी जो पहले प्रयास में अपने प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं हैं। वहीं सभी स्कूल, शिक्षक और छात्र 2026 तक इस सिस्टम के लिए खुद को तैयार कर सकें इसलिए इसकी घोषणा अभी ही कर दी गई है, जिससे इसका फायदा साल 2026 में बोर्ड परीक्षा (2026 Board Exam) देने वाले स्टूडेंट्स उठा सकें। इसके साथ ही CBSE यह सुनिश्चित कर रहा है कि परीक्षा के बीच पर्याप्त अंतर हो, जिससे छात्रों को दोबारा तैयारी करने का समय मिल सके। यह नया ढांचा छात्रों की मानसिक सेहत (Mental Health), आत्म-विश्लेषण (Self-analysis) और सुधार की प्रक्रिया को बेहतर बनाएगा। उम्मीद है इस पहल से एजुकेशन सिस्टम (Education System) और बेहतर होगा और NEP 2020 (National Education Policy 2020) के विजन का एक प्रमुख हिस्सा है।  Latest News in Hindi Today Hindi news JEE Main CBSE #cbse2026 #class10board #cbsenews #cbseupdate #boardexam2026

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US visa new rule

अमेरिका का नया वीज़ा नियम: सोशल मीडिया अकाउंट होना चाहिए पब्लिक 

अमेरिका में पढ़ाई, काम या रिसर्च के इरादे से जाने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक बड़ा बदलाव सामने आया है। अमेरिकी सरकार (American government) ने अपनी वीज़ा नीति (Visa Policy) में बदलाव  करते हुए अब यह अनिवार्य कर दिया है कि वीज़ा के लिए आवेदन करने वाले आवेदकों के सोशल मीडिया अकाउंट्स (Social Media Accounts) सार्वजनिक यानी पब्लिक (Public) होने चाहिए। इसलिए अब अमेरिका के लिए किसी को भी F, M या J वीज़ा चाहिए तो उसका सोशल मीडिया अकाउंट (Social Media Accounts) होने के साथ-साथ अकाउंट पब्लिक भी होना चाहिए।  सोशल मीडिया और वीज़ा का कनेक्शन यह नया नियम अमेरिका की बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के चलते लागू किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अब वीज़ा आवेदन (Visa Applicants) की प्रक्रिया में केवल दस्तावेज़ ही नहीं, बल्कि आवेदक की ऑनलाइन गतिविधियों को भी मॉनिटर किया जाएगा। आवेदक के पोस्ट, फोटोज़, कमेंट्स, शेयर और यहां तक कि लाइक्स तक की जांच की जाएगी। विशेष ध्यान उस कंटेंट पर होगा जिसमें हिंसा, नफरत, कट्टरता, आतंकवाद, धर्म या जाति के प्रति किसी भी प्रकार की नकारात्मक भावना झलकती हो। अगर किसी का अकाउंट प्राइवेट है यानी उसकी गतिविधियां सिर्फ दोस्त या फॉलोअर्स तक सीमित हैं, तो वीज़ा अधिकारियों को शक हो सकता है कि वह कुछ छिपा रहा है और इसका सीधा असर वीज़ा अप्रूवल (Visa Approval) पर पड़ेगा। किसे मिलेगा कौन-सा वीज़ा? चिंतित हैं आवेदक  इस बदलाव के बाद कई युवा असमंजस और चिंता में हैं। खासकर वे छात्र जो अपने सोशल मीडिया को निजी (Private) रखना पसंद करते हैं, अब उन्हें अपने अकाउंट की सेटिंग्स बदलनी होंगी। कई छात्र और पेशेवर यह महसूस कर रहे हैं कि यह नियम उनकी निजता (Privacy) पर सीधा हमला है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या अमेरिका में पढ़ाई या काम के अवसर की कीमत पर अपनी प्राइवेसी का त्याग करना होगा? सोशल मीडिया अकाउंट (Social Media Accounts) को सार्वजनिक करने का मतलब है कि न केवल अमेरिकी अधिकारी बल्कि कोई भी व्यक्ति आपकी निजी जानकारी तक पहुंच सकता है। इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? प्रोसेस में देरी की आशंका इस नियम के कारण वीज़ा प्रक्रिया और इंटरव्यू में देरी भी संभव है। हर आवेदक के सोशल मीडिया अकाउंट (Social Media Accounts) की समीक्षा करना एक बड़ा और समय लेने वाला काम है। इससे एम्बेसी पर दबाव बढ़ सकता है और वीज़ा मिलने में अधिक समय लग सकता है। हालांकि अमेरिका की मंशा अपने देश की सुरक्षा को सुनिश्चित करना है, लेकिन इस नियम पर कई मानवाधिकार संगठनों और विशेषज्ञों ने सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि यह कदम निजता के अधिकार (Right to Privacy) का उल्लंघन है। किसी भी व्यक्ति के सोशल मीडिया अकाउंट से जज करना ठीक नहीं माना जा रहा है। क्योंकि  कई बार लोग मज़ाक, ट्रेंड या दूसरों की पोस्ट शेयर करते हैं, जिसका उनके वास्तविक व्यवहार से कोई लेना-देना नहीं होता। अमेरिका का यह नया वीज़ा नियम (Visa Rule) एक तरफ जहाँ सुरक्षा को मजबूत करने का प्रयास है, वहीं दूसरी तरफ यह डिजिटल दुनिया (Digital World) में निजी आज़ादी और पारदर्शिता के बीच एक नई बहस को जन्म दे रहा है। स्टूडेंट्स, एक्सपर्ट्स और रिसर्च स्कॉलर्स को अब केवल अपने एजुकेशनल रिकॉर्ड या अनुभव ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया एक्टिविटी (Social Media Accounts) भी गौर किया जाएगा। अगर आप अमेरिका जाने की योजना बना रहे हैं, तो अब वीज़ा फॉर्म भरने से पहले अपने इंस्टाग्राम, फेसबुक, ट्विटर या अन्य सोशल मीडिया अकाउंट (Social Media Accounts) की सेटिंग्स जरूर चेक करें। क्योंकि अब पासपोर्ट के साथ-साथ, आपका डिजिटल चेहरा भी आपकी पहचान बन चुका है। View this post on Instagram A post shared by JaiRashtra_News (@manishhmishra) Latest News in Hindi Today Hindi news Social Media Accounts #usvisa #newvisarule #socialmedia #usimmigration #visaupdate2025

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Rajasthan Patwari Bharti 2025

राजस्थान पटवारी भर्ती 2025_ 3500 से अधिक पदों के लिए आवेदन शुरू, अंतिम तिथि 29 जून

पटवारी को गांव का अकाउंटेंट भी कहा जाता है। यह वो सरकारी ऑफिसर होते हैं, जो भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में लैंड रिकॉर्ड रखने और टैक्स इकठ्ठा करने जैसे काम करते हैं। इनकी भूमिका बहुत ही महत्वपूर्ण होती  है। अगर आप पटवारी बनने के इच्छुक हैं तो अब आपके लिए एक बेहतरीन मौका है। राजस्थान सबोर्डिनेट और मिनिस्टीरियल सर्विसेज सिलेक्शन बोर्ड यानी आरएसएमएसएसबी (RSMSSB), जयपुर ने एक नोटिफिकेशन जारी की है। इस नोटिफिकेशन के अनुसार आरएसएमएसएसबी (RSMSSB) ने एक बार फिर से पटवारी की पोस्ट्स निकाली हैं और अब कुल 3705 पदों के लिए भर्ती की जा रही है। इसके लिए एप्लीकशन प्रोसेस शुरू हो चुकी है। आइए जानें आरएसएमएसएसबी द्वारा निकाली पटवारी पोस्ट्स (Patwari posts released by RSMSSB) के बारे में। आरएसएमएसएसबी द्वारा निकाली पटवारी पोस्ट्स (Patwari posts released by RSMSSB): योग्यता और कैसे करें अप्लाई? इन पोस्ट्स की भर्ती के लिए एप्लीकेशन्स पहले 22 फरवरी से लेकर 23 मार्च तक ली गई थी। लेकिन, यह एप्लीकेशन्स प्रक्रिया एक बार फिर शुरू की गई हैं और कुछ अतिरिक्त पोस्ट्स भी इसके लिए निकाली गई हैं। अब यह प्रक्रिया 23 जून तक शुरू हुई हैं और इसकी अंतिम डेट 29 जून है। इसके बाद आप इसके लिए अप्लाई नहीं कर सकते हैं। इसका रिटन एग्जाम 17 अगस्त को होगा।  योग्यता आरएसएमएसएसबी द्वारा निकाली पटवारी पोस्ट्स (Patwari posts released by RSMSSB) के लिए अगर आप अप्लाई करना चाहते हैं, तो यह जान लें कि आपके लिए किसी भी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी या इंस्टीट्यूट से किसी भी सब्जेक्ट में ग्रेजुएट होना जरूरी है। इसके साथ ही पटवारी पोस्ट्स (Patwari Posts) के लिए कंप्यूटर साइंस में डिग्री या डिप्लोमा, इंजीनियर डिग्री, सीओपीए आदि भी मान्य है। अधिक जानकारी के लिए आप ऑफिशियल वेबसाइट विजिट कर सकते हैं। आने वाले दिनों में किसी भी बदलाव से संबंधित अपडेट भी आपको इसी वेबसाइट पर मिलेगी। आयु सीमा  अगर आप पटवारी पोस्ट्स (Patwari posts released by RSMSSB) के लिए अप्लाई करना चाहते हैं तो एज लिमिट के बारे में भी जानकारी प्राप्त कर लें। इन पोस्ट्स कैंडिडेट्स की आयु मिनिमम 18 साल और मैक्सिमम 40 साल रखी गई है। इसके अलावा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों को इसमें पांच साल तक की छूट दी गई है। महिलाओं और हैंडीकैप्ड लगों को भी इसमें कुछ छूट दी गई है। यह पूरी जानकारी आप गूगल सर्च या ऑफिशियल वेबसाइट से प्राप्त कर सकते हैं। फीस  अगर आप पटवारी पोस्ट्स (Patwari Posts) के लिए अप्लाई करना चाहते हैं तो यह जान लें कि इसके लिए सामान्य और अन्य कुछ वर्गों के लिए फीस 600 रुपए रखी गई है। जबकि अनुसूचित जाति और जनजाति व अन्य कुछ वर्गों के लिए यह फीस केवल 400 रुपए है। इन पोस्ट्स के लिए अप्लाई करते हुए आपको कुछ जरूरी डाक्यूमेंट्स की जरूरत होगी जैसे फोटोज, एजुकेशनल सर्टिफिकेट आदि। इन डॉक्युमेंट्स को फॉर्म के साथ अटैच करना न भूलें। इसे भी पढ़ें: यूपीएससी रिक्रूटमेंट: 400 से ज्यादा पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी, पढ़ें डिटेल्स कैसे करें अप्लाई? आरएसएमएसएसबी द्वारा निकाली पटवारी पोस्ट्स (Patwari posts released by RSMSSB) के लिए अप्लाई करने के लिए सबसे पहले आपको आरएसएमएसएसबी (RSMSSB) की वेबसाइट पर जाना होगा। यह वेबसाइट यह है rssb.rajasthan.gov.in  । आपको गूगल सर्च करने पर भी यह वेबसाइट मिल जाएगी।  नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi news Patwari posts released by RSMSSB #rajasthanpatwaribharti2025 #patwarivacancy2025 #govtjobs2025 #sarkarinaukri2025 #rajasthanjobs

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SBI CBO Recruitment 2025

एसबीआई सीबीओ भर्ती 2025: 2900 पदों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 30 जून, पाएं जानकारी

एसबीआई सीबीओ, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India) में सर्कल बेस्ड ऑफिसर (Circle Based Officer) होते हैं। सर्कल बेस्ड ऑफिसर (Circle Based Officer) का रोल होता है खास रिलीजनल सर्किल में बैंकिंग ऑपरेशन, कस्टमर सर्विस, लोन प्रोसेसिंग आदि को मैनेज करना। बैंकिंग में अपना करियर बनाने के इच्छुक लोगों के लिए यह एक अच्छी खबर है। एसबीआई सीबीओ, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India) के लिए भर्ती की जा रही है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू हो चुका है और इसके लिए 2900 से भी अधिक पोस्ट्स निकाली गई हैं। यह भी बता दें कि इसके लिए सिलेक्शन प्रोसेस में ऑनलाइन टेस्ट, स्क्रीनिंग, इंटरव्यू आदि शामिल है। यही नहीं, कैंडिडेट से लोकल लैंग्वेज टेस्ट भी लिया जाएगा। आइए पाएं जानकारी एसबीआई सीबीओ भर्ती (SBI CBO Recruitment) के बारे में।  एसबीआई सीबीओ भर्ती (SBI CBO Recruitment): यह जानकारी है जरूरी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India) ने  2,964 पोस्ट्स के लिए वैकेंसी निकाली है। इसके लिए ऑनलाइन एप्लीकेशन्स शुरू हो चुकी हैं। इसके लिए अंतिम तिथि 30 जून है। उसके बाद इनके लिए अप्लाई नहीं किया जा सकेगा। आपको यह भी बता दें कि 2,964 में से  2,600 पोस्ट्स रेगुलर जबकि 364 बैकलॉग पोजिशंस के लिए हैं। यह जानकारी भी जरूरी है कि सर्कल बेस्ड ऑफिसर (Circle Based Officer) की भर्ती विभिन्न स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India) सर्कल्स के लिए है।  योग्यता और आयु सीमा  एसबीआई सीबीओ भर्ती (SBI CBO Recruitment) के लिए कैंडिडेट्स के पास किसी भी विषय में ग्रेजुएशन डिग्री होना अनिवार्य है। यह डिग्री किसी मान्यता प्राप्त इंस्टीट्यूट से ली होनी चाहिए। इसके साथ ही कैंडिडेट को लोकल लैंग्वेज का ज्ञान होना भी आवश्यक है। अगर बात की जाए एज लिमिट की तो इसके लिए आयु सीमा मिनिमम 21 और अधिकतम 30 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्गों जैसे अनुसूचित जाती और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों के लिए भी कुछ छूट दी गई है। इसके साथ ही महिलाओं व विकलांग लोगों के लिए भी इसमें छूट दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप इस बैंक की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं। फीस  एसबीआई सीबीओ भर्ती (SBI CBO Recruitment) के लिए सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लगों के लिए आवेदन शुक्ल 750 रुपये रखा गया है। लेकिन, अनुसूचित जाती और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों को इसके लिए कुछ भी पे नहीं करना है। यही नहीं, अन्य कुछ वर्गों के लिए भी यह फ्री है। यह वर्ग कौन से हैं, इसके बारे में अधिक जानकारी भी आपको स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India) की वेबसाइट पर मिल जाएगी।  इसे भी पढ़ें: यूपीएससी रिक्रूटमेंट: 400 से ज्यादा पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी, पढ़ें डिटेल्स कैसे करें अप्लाई? नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi news SBI CBO Recruitment #sbi #sbicbo2025 #sbirecruitment #bankjobs #cbo #govtjobs #careers

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BPSC Special Teacher Vacancy 2025

BPSC ने निकाली स्पेशल टीचर पोस्ट्स, 7279 पदों पर निकली भर्ती, जानें कैसे करें आवेदन

बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन यानी बीपीएससी (BPSC) एक स्टेट लेवल रिक्रूटमेंट एजेंसी है, जो कॉम्पिटिटिव एग्जाम लेती है और बिहार में कई सरकारी पदों के लिए सही कैंडिडेट्स को चुनती है। बीपीएससी (BPSC) यह भी सुनिश्चित करती है कि यह परीक्षाएं पूरी पारदर्शित्ता और निष्पक्षता के साथ हों। बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन (Bihar Public Service Commission) ने हाल ही में एक नोटिफिकेशन जारी की है। इसमें यह बताया गया है कि अध्यापकों की सात हजार से भी अधिक पोस्ट्स निकाली गई हैं। इसके बारे में अधिक जानकारी आप को बीपीएससी (BPSC) की वेबसाइट पर मिल जाएगी। आइए जानें कि आप इसके लिए कैसे अप्लाई कर सकते हैं? इसके साथ ही बीपीएससी द्वारा निकाली टीचर्स पोस्ट्स (Teachers posts by BPSC) के लिए योग्यता क्या होनी चाहिए, यह भी जानें? बीपीएससी द्वारा निकाली टीचर्स पोस्ट्स (Teachers posts by BPSC) जैसा की पहले ही बताया गया है कि बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन (Bihar Public Service Commission) द्वारा स्पेशल टीचर (Special teacher) की नियुक्ति की जा रही है। जब भी इसकी रेजिस्ट्रेशन प्रोसेस शुरू होगी, इच्छुक कैंडिडेट्स इसके लिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। बीपीएससी द्वारा निकाली टीचर्स पोस्ट्स (Teachers posts by BPSC) के लिए कैंडिडेट्स की योग्यता के बारे में जानें: क्वालिफिकेशन इन पोस्ट्स के लिए कुल 7279 पदों पर स्पेशल टीचर्स (Special teacher) की भर्ती की जाएगी। इनमे से 5534 पोस्ट्स पहली से पांचवीं कक्षा के लिए हैं जबकि 1754 पोस्ट्स छठी से आठवीं कक्षा के लिए हैं। इन पदों के लिए सिलेक्शन रिटेन एग्जाम के आधार पर की जाएगी और इसमें इंटरव्यू नहीं लिया जाएगा। फीस  बीपीएससी द्वारा निकाली टीचर्स पोस्ट्स (Teachers posts by BPSC) के लिए भी आवेदन शुरू नहीं हुए हैं। यह 2 जुलाई से शुरू होंगे और 28 जुलाई तक आप इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद यह प्रक्रिया बंद कर दी जाएगी। यह बात ध्यान में रखें कि आप इस डेट के बाद आवेदन नहीं कर सकते हैं। अगर बात करें फीस की तो स्पेशल टीचर (Special teacher) के लिए सामान्य और अनारक्षित श्रेणी के लोगों के लिए यह फीस 750 रुपये है जबकि अनुसूचित जाति, जनजाति, महिलाओं आदि को इसमें छूट दी गई है। उनके लिए यह फीस केवल 200 रुपये है।  इसे भी पढ़ें: यूपीएससी रिक्रूटमेंट: 400 से ज्यादा पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी, पढ़ें डिटेल्स कैसे करें अप्लाई? Latest News in Hindi Today Hindi news Teachers posts by BPSC #BPSC #TeacherRecruitment #BiharJobs #GovernmentJobs #BPSC2025 #EducationJobs

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QS World University Rankings 2026

क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026: भारत के टॉप इंस्टीट्यूट्स जिन्होंने बनाई है इसमें अपनी जगह

क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स एक ऐसी जानी-मानी रैंकिंग है, जिसे हर साल पब्लिश किया जाता है। इसका बहुत अधिक महत्व है और इसका पूरी दुनिया में बहुत अधिक सम्मान किया जाता है। इसमें दुनिया भर की यूनिवर्सिटीज को इवैल्युएट किया जाता है। इस रैंकिंग को क्वाक्वारेली सिमंड्स द्वारा पब्लिश किया जाता है। ऐसा माना गया है कि यह विभिन्न यूनिवर्सिटीज की परफॉरमेंस का मूल्यांकन करने और उन्हें कम्पेयर करने का विश्वसनीय संसाधन है। इस रैंकिंग के लिए कई चीजों का ध्यान रखा जाता है जैसे इंस्टीट्यूशन की एजुकेशनल और एम्प्लायर रेपुटेशन, फैकल्टी और स्टूडेंट्स का रेशो, इंटरनेशनल स्टूडेंट रेशो आदि। क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2026 (QS World University Rankings 2026) की हाल ही में आई लिस्ट में भारत के टॉप इंस्टीट्यूट्स को भी जगह मिली है। आइए जानें इसके बारे में। क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2026 क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2026 (QS World University Rankings 2026) में भारत ने ऐतिहासिक उपलब्धि पाई है। इन लिस्ट में भारत के 54 संस्थानों को जगह मिली है, जो पिछले सालों की तुलना में बहुत अधिक हैं। अपनी इस उपलब्ध के साथ ही भारत उन टॉप चार देशों में शामिल हो गया है जिसकी यूनिवर्सिटीज को इस सूची में जगह मिली है। इस लिस्ट में भारत की आठ यूनवर्सिटीज को जगह मिली हैं हैं। यह संख्या अन्य देशों की तुलना में बहुत अधिक है। संक्षेप में कहा जाए तो हमारे देश की यूनिवर्सिटीज इस प्रतिष्ठित लिस्ट में अपनी क्वालिटी और परफॉर्मेस में सुधार कर के संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम और चीन के बाद चौथी पोजीशन पर पहुंच गई हैं। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में भारत इससे भी अधिक उपलब्धियों के साथ आगे आएगा।   भारतीय संस्थानों की उपलब्धियां क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2026 (QS World University Rankings 2026) में आईआईटी दिल्ली (IIT Delhi) ने टॉप पोजीशन को पाया है जो ग्लोबल लेवल पर 123वां स्थान है।  पिछले साल यह रैंकिंग 150 थी जबकि 2024 में यह रैंकिगं 197 थी। पिछले सालों की तुलना में इस साल आईआईटी दिल्ली (IIT Delhi) ने अपनी पोजीशन को मजबूत किया है। वहीं, आईआईटी बॉम्बे क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स की लिस्ट में 129वें स्थान पर है। जबकि आईआईटी मद्रास को इस लिस्ट में 180वीं जगह मिल है। आईआईटी मद्रास को पहली बार इस लिस्ट में जगह मिली है। इसे भी पढ़ें: यूपीएससी रिक्रूटमेंट: 400 से ज्यादा पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी, पढ़ें डिटेल्स क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2026 लिस्ट में टॉप इंडियन इंस्टीट्यूट क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2026 (QS World University Rankings 2026) लिस्ट में टॉप इंडियन इंस्टीट्यूट की लिस्ट इस प्रकार है:  कुछ नॉन-आईआईटी इंस्टीट्यूट्स भी इस सूची में शामिल हैं। नॉन-आईआईटी इंस्टीट्यूट्स में दिल्ली यूनिवर्सिटी को 328वां स्थान मिला है। वहीं अन्ना यूनिवर्सिटी को 465 ग्लोबल रैंकिंग मिली है। यह यूनिवर्सिटी तमिलनाडु राज्य में है। इसका अर्थ है कि जो इंस्टीट्यूट्स क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स में शामिल हुए हैं, उनमे से लगभग आधे इंस्टीट्यूट्स ने इस साथ अपनी पोजीशन को इम्प्रूव किया है। भारत की पांच यूनिवर्सिटीज ने एम्प्लॉयर रेपुटेशन में टॉप 100 में अपनी जगह बनाई है। जबकि आठ इंस्टीटूट्स ने प्रति फैकल्टी उद्धरण यानी साइटेशन पर फैकल्टी में ग्लोवल लेवल पर टॉप 100 में जगह बनाई है और जो अन्य देशों की तुलना में ज्यादा है। यानी, भारत के इंस्टीट्यूट हर साल दुनिया में अपनी नई और अलग पहचाना बना रहे हैं। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi news QS World University Rankings 2026 #QSRankings2026 #TopIndianUniversities #GlobalRankings #IITRanking #HigherEducationIndia

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Top 7 Medical Colleges In India

Top 7 Medical Colleges In India: भारत के टॉप 7 मेडिकल कॉलेज 

भारत में चिकित्सा शिक्षा का एक समृद्ध इतिहास रहा है और यहां कई प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज हैं जो विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त हैं। हर साल लाखों छात्र NEET परीक्षा के माध्यम से इन संस्थानों में प्रवेश पाने का सपना देखते हैं। यदि आप भी चिकित्सा क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं, तो यह जानना जरूरी है कि भारत के शीर्ष मेडिकल कॉलेज कौन से हैं, और उनकी विशेषताएं क्या हैं। आइए जानते हैं भारत के टॉप 7 मेडिकल कॉलेजों (Top 7 Medical Colleges In India) के बारे में विस्तृत जानकारी। भारत के टॉप 7 मेडिकल कॉलेज (Top 7 Medical Colleges In India)  1. एम्स, नई दिल्ली (AIIMS Delhi) स्थान: नई दिल्ली स्थापना: 1956 एम्स भारत का सबसे प्रतिष्ठित और सर्वश्रेष्ठ मेडिकल संस्थान माना जाता है। यहां की फैकल्टी, रिसर्च फैसिलिटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और क्लिनिकल एक्सपोजर अंतरराष्ट्रीय स्तर का है। यहां हर साल NEET-UG के माध्यम से कुछ ही छात्रों को दाखिला मिलता है, जिससे इसकी प्रतिस्पर्धा और गुणवत्ता दोनों ही शीर्ष पर रहती है। 2. अर्म्ड फोर्सेस मेडिकल कॉलेज, पुणे (AFMC Pune) स्थान: पुणे, महाराष्ट्र स्थापना: 1948 AFMC भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के अधीन आता है। यह कॉलेज न सिर्फ बेहतरीन मेडिकल शिक्षा प्रदान करता है, बल्कि देश सेवा का अवसर भी देता है। यहां से पढ़े हुए डॉक्टर्स भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना में सेवा देते हैं। 3. मौलाना आज़ाद मेडिकल कॉलेज, दिल्ली (MAMC Delhi) स्थान: दिल्ली स्थापना: 1959 MAMC दिल्ली सरकार द्वारा संचालित है और इसका संबंध एलएनजेपी हॉस्पिटल से है। यहां छात्रों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा और बेहतरीन क्लिनिकल ट्रेनिंग मिलती है। इसकी फीस भी अन्य निजी कॉलेजों की तुलना में काफी कम है। 4. क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज, वेल्लोर (CMC Vellore) स्थान: वेल्लोर, तमिलनाडु स्थापना: 1900 CMC वेल्लोर न सिर्फ दक्षिण भारत बल्कि पूरे देश में अपनी चिकित्सा सेवा और सामाजिक कार्यों के लिए जाना जाता है। यहां की मेडिकल ट्रेनिंग बेहद व्यावहारिक होती है और छात्र विभिन्न सामाजिक परियोजनाओं में भाग लेते हैं। 5. कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज, मणिपाल (KMC Manipal) स्थान: मणिपाल, कर्नाटक स्थापना: 1953 KMC एक प्राइवेट मेडिकल कॉलेज है लेकिन इसकी रैंकिंग और शिक्षा का स्तर काफी ऊंचा है। यहां आधुनिक लैब्स, रिसर्च फैसिलिटी और अंतरराष्ट्रीय सहयोग भी छात्रों को ग्लोबल एक्सपोजर देता है। 6. किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ (KGMU Lucknow) स्थान: लखनऊ, उत्तर प्रदेश स्थापना: 1905 KGMU भारत के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित सरकारी मेडिकल कॉलेजों (Medical College) में से एक है। यहां न सिर्फ उत्तर भारत बल्कि पूरे देश से छात्र पढ़ाई के लिए आते हैं। इसकी बड़ी हॉस्पिटल फैसिलिटी छात्रों को प्रैक्टिकल अनुभव देती है। इसे भी पढ़ें: यूपीएससी रिक्रूटमेंट: 400 से ज्यादा पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी, पढ़ें डिटेल्स 7. ग्रांट मेडिकल कॉलेज, मुंबई (Grant Medical College, Mumbai) स्थान: मुंबई, महाराष्ट्र स्थापना: 1845 यह कॉलेज सर जे.जे. ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स से जुड़ा हुआ है और यह पश्चिम भारत के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में से एक है। इसकी पुरानी विरासत और आधुनिक शिक्षा पद्धति इसे छात्रों के लिए एक पसंदीदा विकल्प बनाती है। अगर आप मेडिकल की पढ़ाई करना चाहते हैं, तो भारत के टॉप 7 मेडिकल कॉलेज (Top 7 Medical Colleges In India) को अपने लक्ष्य में जरूर शामिल करें। इन संस्थानों में न केवल शिक्षा का उच्च स्तर है, बल्कि ये डॉक्टरों को सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति भी जागरूक बनाते हैं। हालांकि इनमें दाखिला पाना आसान नहीं होता, लेकिन मेहनत, समर्पण और सही दिशा में तैयारी से यह सपना जरूर पूरा किया जा सकता है। इन कॉलेजों में एम्स दिल्ली, क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज वेल्लोर, मौलाना आज़ाद मेडिकल कॉलेज, कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज जैसे संस्थान शामिल हैं। यहां से निकले छात्र विश्वभर में भारत का नाम रोशन करते हैं। इन कॉलेजों की पढ़ाई के साथ-साथ क्लिनिकल एक्सपोजर भी शानदार होता है। Latest News in Hindi Today Hindi news #Top7MedicalCollegesInIndia #Medicalcollege #Doctor #Education

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UPSC Recruitment 2025

यूपीएससी रिक्रूटमेंट: 400 से ज्यादा पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी, पढ़ें डिटेल्स

द यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (The union public service commission) यानी यूपीएससी (UPSC) भारत में वो संवैधानिक निकाय है, जो सरकार में अलग-अलग सिविल सर्विस पोजिशंस के लिए कैंडिडेट्स को चुनती है। यह एक प्रतिष्ठित संवैधानिक संस्था है। यह संस्था कई एग्जामिनेशन और इंटरव्यू कराती है, ताकि उपयुक्त कैंडिडेट को चुना जा सके। सरकारी नौकरी के लिए तैयारी करने वाले कैंडिडेट्स के लिए एक अच्छी खबर है क्योंकि यूपीएससी (UPSC) ने 400 से अधिक पोस्ट्स निकाली हैं। अगर आप इनके लिए अप्लाई करना चाहते हैं तो आपके लिए यह अच्छा मौका है क्योंकि आप आसानी से ऑनलाइन इसके लिए आवेदन भर सकते हैं। आइए जानें यूपीएससी द्वारा निकाली पोस्ट्स (Posts by UPSC) के बारे में विस्तार से। यूपीएससी द्वारा निकाली पोस्ट्स (Posts by UPSC) द यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (The union public service commission) ने  कंपनी प्रॉसिक्यूटर, स्पेशलिस्ट ग्रेड-III असिस्टेंट प्रोफेसर, असिस्टेंट डायरेक्टर, डिप्टी सुपरिटेंडेंट हॉर्टिकल्चरिस्ट,डिप्टी सेंट्रल इंटेलिजेंस ऑफिसर (टेक्निकल), मेडिकल फिजिसिस्ट, डिप्टी आर्किटेक्ट आदि के लिए लगभग 462 पोस्ट्स निकाली हैं। इसके बारे में अधिक जानकारी इस प्रकार है: आयु सीमा यूपीएससी द्वारा निकाली पोस्ट्स (Posts by UPSC) के लिए आयु सीमा हर पद के लिए अलग अलग है। इसके लिए मिनिमम एज लिमिट 30 साल और मैक्सिमम एज लिमिट 50 साल निर्धारित की गयी है। हालांकि, अनुसूचित जाति, जनजाति और आरक्षित वर्गों के लिए इसमें कुछ छूट दी गई है जिसके बारे में अधिक जानकारी आपको इसकी ऑफिशियल वेबसाइट पर मिल जाएगी।  शैक्षणिक योग्यता आयु सीमा की तरह ही यूपीएससी द्वारा निकाली पोस्ट्स (Posts by UPSC) के लिए शैक्षिणक योग्यता अलग-अलग है। पोस्ट्स के अनुसार कैंडिडे के पास ग्रेजुएशन, पोस्ट-ग्रेजुएशन, एमबीबीएस आदि डिग्री होनी अनिवार्य है। कौन सी पोस्ट के लिए क्या क्वालिफिकेशन जरूरी है, यह डिटेल भी आपको वेबसाइट पर मिल जाएगी। फीस  यूपीएससी द्वारा निकाली पोस्ट्स (Posts by UPSC) के लिए अप्लाई करना है तो फीस के बारे में भी पता होना चाहिए। यह फीस भी हर वर्ग के लिए अलग-अगल है। आप ऑनलाइन आसानी से इसे पे कर सकते हैं। अगर आप जनरल या ओबीसी वर्ग से हैं तो यह आवेदन शुल्क आपके लिए केवल 25 रुपए है। जबकि महिलाओं, अनुसूचित जाति या जनजाति के लोगों के लिए इसमें छूट दी गयी है।  अगर आप इन पदों के लिए अप्लाई करना चाहते हैं तो यह भी जान लें कि इसके लिए लास्ट डेट 3 जुलाई है। यानी, आप इससे पहले अप्लाई करें। द यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (The union public service commission) इन पोस्ट्स के लिए रिटेन एग्जाम के साथ ही इंटरव्यू भी लेंगे। रिटेन क्लियर करने वाले कैंडिडेट्स को ही इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। इसलिए, कैंडिडेट्स को दोनों के लिए पूरी तरह से प्रिपेयर रहने की आवश्यकता है। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक यूपीएससी द्वारा निकाली पोस्ट्स के लिए कैसे करें अप्लाई अगर आप इन पोस्ट्स के लिए आवेदन भरना चाहते हैं तो आप देर न करें क्योंकि 3 जुलाई के बाद यह आवेदन नहीं लिए जाएंगे। अधिक जानकारी के लिए आप यूपीएससी (UPSC) की वेबसाइट के साथ ही ऑफिशियल नोटिफिकेशन आदि की भी जांच कर सकते हैं। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi news The union public service commission #UPSCRecruitment2025 #GovernmentJobs #UPSCVacancy #UPSCNotification #ApplyNow

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Ministry of Statistics and Programme Implementation

भारत में बढ़ती बेरोजगारी दर: मई 2025 के आंकड़े युवाओं और महिलाओं के लिए चिंता का संकेत

भारत में मई 2025 के रोजगार से जुड़े आंकड़े सरकार और आम जनता दोनों के लिए चिंता का विषय है। मिनिस्ट्री ऑफ स्टेटिस्टिक्स एंड प्रोग्राम इम्प्लीमेंटेशन (Ministry of Statistics and Programme Implementation) द्वारा हाल ही में जारी रिपोर्ट के अनुसार इस महीने बेरोजगारी दर बढ़ गई है। यह सिर्फ शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी बेरोजगारी ने दस्तक दी है। खासतौर पर युवा वर्ग और महिलाओं में बेरोजगारी दर ने चिंताजनक स्तर पार कर लिए हैं, जो देश की सामाजिक और आर्थिक संरचना के लिए खतरे की घंटी है। युवाओं में तेजी से बढ़ी बेरोजगारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक भारत में बेरोजगारी (Unemployment) दर मई 2025 में बढ़कर 5.6% हो गई, जो अप्रैल 2025 में 5.1% थी। सबसे अधिक प्रभाव 15 से 29 वर्ष की आयु के युवाओं पर पड़ा है। ग्रामीण क्षेत्रों में इस आयु वर्ग की बेरोजगारी दर (Unemployment Rate) अप्रैल में 12.3% थी, जो मई में बढ़कर 13.7% हो गई। वहीं शहरी क्षेत्रों में यह दर अप्रैल के 17.2% से बढ़कर मई में 17.9% पर पहुंच गई। यह इशारा करता है कि देश की युवाशक्ति, जो कि राष्ट्र निर्माण की रीढ़ मानी जाती है, बेरोजगारी की समस्या से परेशान है। महिलाओं में भी बढ़ी बेरोजगारी वैसे बेरोजगारी (Unemployment) का यह संकट केवल युवाओं तक सीमित नहीं रहा। महिलाओं की भागीदारी और रोजगार की स्थिति भी गिरावट में रही। मई 2025 में महिलाओं की बेरोजगारी दर 5.8% दर्ज की गई, जो पुरुषों की दर 5.6% से अधिक रही। यह दर्शाता है कि महिला सशक्तिकरण और आर्थिक भागीदारी के प्रयासों के बावजूद महिलाएं आज भी रोजगार के क्षेत्र में पिछड़ रही हैं, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में। गिरा लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट (LFPR) लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट (LFPR) का गिरना एक और चिंता का विषय है। यह दर उन लोगों के प्रतिशत को दर्शाता है जो या तो काम कर रहे हैं या काम की तलाश में हैं। मई 2025 में यह दर घटकर 54.8% रह गई, जो अप्रैल में 55.6% थी। ग्रामीण क्षेत्रों में यह दर 56.9% और शहरी क्षेत्रों में 50.4% रही। इससे यह स्पष्ट है कि काम की तलाश में लगे लोगों की संख्या में भी गिरावट आई है, जो या तो अवसरों की कमी या हतोत्साहित कर देने वाली परिस्थितियों का संकेत देती है। वर्कर पॉपुलेशन रेश्यो में गिरावट वर्कर पॉपुलेशन रेश्यो (WPR) यानी काम कर रही जनसंख्या का अनुपात भी मई में कम हो गया। अप्रैल में जहां यह दर 52.8% थी, वहीं मई में यह घटकर 51.7% हो गई। ग्रामीण क्षेत्रों में WPR 54.1% रहा जबकि शहरी क्षेत्रों में यह घटकर 46.9% रहा। महिलाओं की स्थिति और भी चिंताजनक रही — ग्रामीण महिलाओं में यह दर 35.2% रही और शहरी क्षेत्रों में केवल 23.0%। कुल महिला वर्कर रेश्यो 31.3% रहा, जो यह दर्शाता है कि महिला श्रमबल का पूर्ण रूप से उपयोग नहीं हो पा रहा है। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक रोजगार सृजन की चुनौती सरकार ने बेरोजगारी दर (Unemployment Rate) में इस वृद्धि के पीछे का कोई विशेष कारण नहीं बताया है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह डेटा देश में रोजगार सृजन की दिशा में जारी चुनौतियों को उजागर करता है। Centre for Monitoring Indian Economy (CMIE) जैसे शोध संस्थानों ने भी समय-समय पर यह चेतावनी दी है कि भारत में बेरोजगारी विशेष रूप से युवाओं और महिलाओं के बीच एक गंभीर मुद्दा बन चुका है। हालांकि भारत की GDP ग्रोथ दर अभी भी मजबूत मानी जा रही है, लेकिन यह ग्रोथ जब तक रोजगार के अवसरों में तब्दील नहीं होती, तब तक इसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक नहीं पहुंचेगा। रोजगारहीन विकास न केवल सामाजिक असमानता को बढ़ावा देगा, बल्कि देश की सामाजिक स्थिरता और आर्थिक समरसता को भी नुकसान पहुंचा सकता है। मई 2025 के बेरोजगारी आंकड़े (May Unemployment Rate) यह साफ दर्शाते हैं कि भारत को अब रोजगार सृजन की दिशा में ठोस कदम उठाने की जरूरत है। विशेषकर युवा और महिलाओं के लिए नीति आधारित, कौशल विकास पर केंद्रित और क्षेत्रीय जरूरतों को ध्यान में रखने वाली योजनाएं बनानी होंगी। देश के लिए यह समय आत्मनिरीक्षण का है कि विकास केवल GDP तक सीमित न रहे, बल्कि हर नागरिक को रोजगार और आत्मनिर्भरता की ओर ले जाए। Latest News in Hindi Today Hindi Unemployment Rate #MayUnemploymentRate #UnemploymentRate #GDP #Job #WPR

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