नई दिल्ली: पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक को उनकी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 21वें दिन दिल्ली के जंतर-मंतर से पुलिस और चिकित्सा टीम की मौजूदगी में सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। अधिकारियों के अनुसार, उनकी स्वास्थ्य स्थिति लगातार कमजोर होने और अदालत के निर्देशों के मद्देनज़र यह कदम उठाया गया। वहीं, इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक विवाद भी तेज हो गया और कई विपक्षी नेताओं तथा समर्थकों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए।
स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती
करीब तीन सप्ताह से जारी भूख हड़ताल के कारण सोनम वांगचुक के शरीर में कमजोरी और डिहाइड्रेशन की स्थिति बताई गई। डॉक्टरों की सलाह और न्यायालय के निर्देशों के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी लगातार निगरानी की जा रही है। अस्पताल की ओर से जारी शुरुआती जानकारी के अनुसार उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर है, लेकिन उन्हें निरंतर चिकित्सकीय देखरेख की आवश्यकता है।
जंतर-मंतर पर क्या हुआ?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह पुलिस और मेडिकल टीम जंतर-मंतर पहुंची। इसके बाद सोनम वांगचुक को एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल ले जाया गया। इस दौरान कुछ समर्थकों ने विरोध दर्ज कराया और मौके पर हल्की नोकझोंक भी हुई। बाद में पुलिस ने प्रदर्शन स्थल को खाली कराया।
परिवार और समर्थकों की प्रतिक्रिया
सोनम वांगचुक के परिवार और समर्थकों ने आरोप लगाया कि उन्हें उनकी स्पष्ट सहमति के बिना अस्पताल ले जाया गया। वहीं, प्रशासन का कहना है कि यह कदम केवल उनकी जान बचाने और स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं।
राजनीतिक माहौल गरमाया
घटना के बाद कई विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने सरकार की आलोचना की और पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। दूसरी ओर, प्रशासन ने कहा कि अदालत के निर्देशों और डॉक्टरों की सलाह का पालन करते हुए ही यह निर्णय लिया गया। सोशल मीडिया पर भी यह घटनाक्रम पूरे दिन ट्रेंड करता रहा।
20 जुलाई के प्रस्तावित मार्च पर नजर
सोनम वांगचुक और उनके समर्थक पहले ही 20 जुलाई को संसद की ओर शांतिपूर्ण मार्च की घोषणा कर चुके थे। अस्पताल में भर्ती होने के बाद अब सभी की नजर इस बात पर है कि आंदोलन की आगे की रणनीति क्या होगी। उनके सहयोगियों ने कहा है कि आंदोलन जारी रहेगा और अगला निर्णय स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए लिया जाएगा।
देशभर में चर्चा का विषय
यह घटनाक्रम पूरे दिन राष्ट्रीय मीडिया और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना रहा। छात्र संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। कई जगहों पर समर्थन प्रदर्शन भी देखने को मिले।
निष्कर्ष
भूख हड़ताल के 21वें दिन सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने की घटना ने आंदोलन को नया मोड़ दे दिया है। एक ओर डॉक्टर उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, वहीं दूसरी ओर इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। अब आने वाले दिनों में सरकार, आंदोलनकारियों और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े घटनाक्रमों पर पूरे देश की नजर रहेगी।
Source: Reuters, PTI एवं अन्य विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट।
Original Report: उपलब्ध आधिकारिक जानकारी और ताज़ा मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार।
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