Iran Supreme Leader Trump threat

Trump Warns Iran’s Khamenei: ईरान के सुप्रीम लीडर को ट्रंप का अल्टीमेटम, कहा- हमें पता है कहां छिपे हैं खामेनेई, करें बिनाशर्त सरेंडर

इजरायल और ईरान के बीच तनाव पूरे चरम पर है। इस बीच बढते खतरे के मद्देनजर ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई परिवार सहित अनजान सुरक्षित स्थान पर छिप गए हैं। इस बीच अमेरिका ने ईरान को धमकाते हुए कहा कि उसे पता है कि उनका सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई कहां छिपा है। गौर करने वाली बात उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध दिन-ब-दिन लगातार बढ़ता जा रहा है। दरअसल, इजराइल-ईरान युद्ध के बीच अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई को एक बड़ा बयान दिया है। वो बात और है कि उन्होंने खामेनेई का नाम नहीं लिया है, लेकिन सुप्रीम लीडर लिखते हुए पोस्ट किया। ट्रंप ने अपने पोस्ट में कहा कि हम अच्छी तरह से जानते हैं कि तथाकथित सुप्रीम लीडर कहां छिपे (Trump Warns Iran’s Khamenei) हैं ,वह एक आसान टारगेट हैं, लेकिन वहां सुरक्षित हैं। हम उन्हें मारेंगे नहीं, कम से कम अभी तो नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि हम नहीं चाहते कि मिसाइलें नागरिकों या अमेरिकी सैनिकों पर दागी जाएं। हमारा धैर्य खत्म होता जा रहा है। कुल-मिलाकर ट्रंप ने ईरान से बिना शर्त सरेंडर करने के लिए कहा है।  ट्रंप यह फैसला ले सकते (Trump Warns Iran’s Khamenei) हैं- अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस  यही नहीं जारी इजराइल-ईरान युद्ध को लेकर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने अपनी राय रखते हुए कहा, ट्रंप ईरानी के खिलाफ आगे की कार्रवाई पर फैसला ले सकते हैं। इस बीच वेंस ने तर्क देते हुए कहा कि ट्रंप वैसे भी लगातार कहते रहे हैं कि ईरान यूरेनियम संवर्धन नहीं कर सकता और उन्होंने बार-बार कहा है कि यह दो तरीकों में से एक से होगा, आसान तरीका या अन्य तरीका। ट्रंप यह फैसला ले सकते हैं कि उन्हें ईरानी संवर्धन को खत्म करने के लिए आगे की कार्रवाई करने की जरूरत (Trump Warns Iran’s Khamenei) है। यह फैसला राष्ट्रपति का है। कुल-मिलकर बात यह कि ट्रंप ने ईरान से बिना शर्त सरेंडर करने का अनुरोध किया। गौर करने वाली बात यह कि उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब इजरायल और ईरान के बीच पांच दिन से जारी संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है। डोनाल्ड ट्रंप ने वाशिंगटन वापस आते समय उड़ान के दौरान अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के आकलन को कर दिया (Trump Warns Iran’s Khamenei) खारिज  गौरतलब हो कि तुलसी गबार्ड ने इस वर्ष की शुरुआत में ईरान के परमाणु कार्यक्रम के बारे में अमेरिकी संसद के समक्ष गवाही देते समय कोई संदेह नहीं छोड़ा था। राष्ट्रीय खुफिया निदेशक गबार्ड ने सांसदों को बताया कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बना रहा है। हालाँकि उन्होंने यह भी कहा कि  इसके सर्वोच्च नेता ने स्थगित किये जा चुके कार्यक्रम को पुनः मंजूरी नहीं दी है। लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वाशिंगटन वापस आते समय उड़ान के दौरान अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के आकलन को खारिज कर दिया।  इसे भी पढ़ें:- Modi-Trump की 35 मिनट की बातचीत: आतंकवाद पर कड़ा संदेश, अमेरिका का भारत को समर्थन इजराइल ने अब तक ईरान में 70 एयर डिफेंस बैट्री कर दी हैं तबाह  ट्रंप के अल्टीमेटम और रजा पहलवी के पोस्ट के (Trump Warns Iran’s Khamenei) बीच इसराइल ने अलर्ट जारी कर कहा है कि ईरान ने मिसाइलें दागी हैं। ये मिसाइल जॉर्डन, लेबनान और सीरिया होकर आ रही हैं। द टाइम्स ऑफ इजराइल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, आईडीएफ का दावा है कि इजराइल ने अब तक ईरान में 70 एयर डिफेंस बैट्री तबाह कर दी हैं। आईडीएफ की माने तो, इजराइली वायु सेना ने ईरान में आईडीएफ के अभियान की शुरुआत से लेकर अब तक 70 एयर डिफेंस बैट्री नष्ट कर दी हैं। बीते शुक्रवार सुबह अभियान के पहले 24 घंटों में 40 से ज्यादा ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम पर हमला किया गया था। 30 अन्य सिस्टम को भी निशाना बनाया गया है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Trump Warns Iran’s Khamenei #TrumpWarning #Khamenei #IranCrisis #USIranTensions #GlobalPolitics

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PM Modi and President Trump

Modi-Trump की 35 मिनट की बातचीत: आतंकवाद पर कड़ा संदेश, अमेरिका का भारत को समर्थन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बुधवार को फोन पर महत्वपूर्ण बातचीत हुई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मोदी और ट्रंप (Modi and Trump) की बात तकरीबन  35 मिनट तक चली। यह बातचीत ऐसे समय में हुई जब राष्ट्रपति ट्रंप को अपनी पहले से तय भारत की यात्रा स्थगित कर अमेरिका लौटना पड़ा, जिससे दोनों नेताओं की संभावित मुलाकात टल गई है। ट्रंप के आग्रह पर यह फोन कॉल हुआ, जिसमें कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। मोदी और ट्रंप की आतंकवाद मुद्दे पर हुई बात  प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) ने बातचीत के दौरान आतंकवाद के मामले पर भारत की स्थिति को साफ तरीके से ट्रंप के साथ साझा किया। उन्होंने कहा कि भारत अब आतंकवाद को ‘छद्म युद्ध’ के रूप में देखता है और इसके खिलाफ कार्रवाई को प्राथमिकता देता है। इस क्रम में उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) का भी जिक्र किया जो फिलहाल जारी है। इस ऑपरेशन के तहत भारत ने हाल ही में पाकिस्तान के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। दोनों नेताओं के बीच पहलगाम आतंकी हमले (Pahalgam Terror Attack) के बाद भारत-पाकिस्तान के बढ़ते तनाव (India-Pakistan Tension) पर भी विस्तार से चर्चा हुई। पीएम मोदी ने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील (PM Modi and President Trump) या अमेरिका की किसी मध्यस्थता पर कोई चर्चा नहीं हुई। पाकिस्तान के आग्रह पर ही भारत और पाकिस्तान के बीच वार्ता हुई थी। प्रधानमंत्री ने ट्रंप को यह भी आश्वस्त किया कि भारत की ओर से कोई ऐसी पहल नहीं हुई जो अमेरिका को बीच में लाने की ओर संकेत दे। इस बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप (President Trump) ने भारत के आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष में पूरी सहानुभूति और समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) की बातों को गंभीरता से सुना और कहा कि अमेरिका इस लड़ाई में भारत के साथ है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने भी इस बातचीत के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मोदी और ट्रंप की मुलाकात जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान होनी थी, लेकिन ट्रंप के अमेरिका लौटने के कारण ऐसा नहीं हो पाया। ट्रंप ने मोदी को अमेरिका आने का दिया निमंत्रण  बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी को अमेरिका आने का निमंत्रण भी दिया। उन्होंने पूछा कि क्या पीएम मोदी कनाडा से वापसी में अमेरिका आ सकते हैं। लेकिन पीएम मोदी (PM Modi) ने पहले से तय कार्यक्रमों का हवाला देते हुए असमर्थता जताई। इसके बावजूद दोनों नेताओं ने भविष्य में शीघ्र मिलने की बात पर सहमति जताई। इसके अलावा विदेश सचिव ने यह भी जानकारी दी कि 9 मई की रात अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पीएम मोदी को कॉल किया था और आगाह किया था कि पाकिस्तान भारत पर बड़ा हमला कर सकता है। पीएम मोदी ने स्पष्ट कहा कि अगर पाकिस्तान ऐसा करता है तो भारत जवाब देने में देर नहीं करेगा और यह जवाब पहले से भी ज्यादा शक्तिशाली होगा। इसके अगले ही दिन 10 मई को भारत ने पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों पर सशक्त कार्रवाई की, जिससे उसे भारी नुकसान उठाना पड़ा। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक यह बातचीत भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी और वैश्विक सुरक्षा मसलों पर साझा दृष्टिकोण को और मजबूती देने का संकेत है। पीएम मोदी की यह पहल भारत की स्पष्ट विदेश नीति और आतंकवाद के खिलाफ सख्त रवैये को दर्शाती है। वहीं अमेरिका की ओर से मिला समर्थन भारत के लिए कूटनीतिक रूप से एक अहम संकेत है कि उसकी सुरक्षा चिंताओं को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर गंभीरता से लिया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप (PM Modi and President Trump) की यह बातचीत न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण रही, बल्कि यह भी दर्शाती है कि भारत अब किसी भी तरह के आतंकवादी हमले के जवाब में संकोच नहीं करेगा और वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति को मजबूती से रखेगा।  Latest News in Hindi Today Hindi news  #ModiTrumpTalks #IndiaUSRelations #GlobalTerrorism #Diplomacy #USSupportsIndia

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Iran vs Israel war 2025

‘हैदर के नाम पर ईरान ने किया इजरायल के खिलाफ जंग का ऐलान’…, खामेनेई ने कहा यहूदी शासन पर दया नहीं दिखाएंगे 

ईरान ने इजरायल के बीच छह दिनों से चल रहा भीषण संघर्ष अब घोषित युद्ध (Israel–Iran War) में बदल चुका है। युद्ध का ऐलान ईरान ने किया है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट करते हुए लिखा- ‘महान हैदर के नाम पर, जंग शुरू हो गयी है।’ इसके कुछ देर बाद एक दूसरे पोस्ट में खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) ने लिखा- “ ईरान कभी भी इजरायल से समझौता नहीं करेगा। आतंकवादी यहूदी शासन को कड़ा जवाब देने का समय आ गया है। हम उन पर कोई दया नहीं दिखाएंगे।” ईरान के इस घोषणा के बाद दोनों देशों के बीच चल रहे इस संघर्ष को अब युद्ध (Israel–Iran War) कहा जाएगा। बता दें कि, इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) को चेतावनी देते हुए बिना किसी शर्त के सरेंडर करने को कहा था। ट्रंप ने कहा कि, हमें पता है कि “सुप्रीम लीडर’ कहां पर छिपा है, हम उसे मारने वाले नहीं हैं, अभी तो कम से कम नहीं मारेंगे। लेकिन हम सभी का धैर्य अब जवाब दे रहा है।” राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि खामेनेई को बिना शर्त सरेंडर कर देना चाहिए। छठे दिन और भीषण हुई जंग  इजरायल और ईरान के बीच चल रहा भीषण संघर्ष छठे दिन में पहुंच गया है, साथ ही यह अब युद्ध में बदल गया है। ईरान ने युद्ध का ऐलान करने के साथ इजरायल पर मिसाइल हमले भी तेज कर दिए हैं। ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरान ने इजरायल पर एक साथ कई बैलिस्टिक मिसाइल दागी है। इनमें फत्ताह मिसाइलें भी शामिल हैं। यह एक हाइपरसोनिक मिसाइल है जो ध्वनि की गति से पांच गुना तेज गति से चलती है। इस मिसाइल को रोकना किसी भी ऐयर डिफेंस सिस्टम के लिए मुश्किल है। ईरान के मिसाइल हमले के बाद इजरायल के तेल अवीव में कई जगह धमाके की आवाज सुनी गई। कई जगहों पर आग लगने और लोगों के घायल होने की भी खबर है। ईरान के सरकारी मीडिया ने यह भी बताया कि इजरायली सेना ने उसके खोजिर मिसाइल प्रोडक्शन फैसेलिटी को निशाना बनाया है। यहां पर इरान भारी संख्या में बैलिस्टिक मिसाइल बनाता है।  अमेरिका भी जंग में हो सकता है शामिल ईरान और इजरायल के बीच चल रहे इस जंग में अमेरिका भी शामिल हो सकता है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले में इजराइल को सहयोग देने पर विचार कर रहे हैं। रॉयटर्स ने वरिष्ठ सैन्य अधिकारी से बातचीत के आधार पर दावा किया है कि ईरान का भूमिगत फोर्डो यूरेनियम संवर्धन सुविधा इजरायल के प्राथमिक लक्ष्यों में से एक है। इजरायल (Ayatollah Ali Khamenei) यहां पर हवाई हमला कर चुका है, लेकिन यह परमाणु ठिकाना एक पहाड़ के नीचे 300 फीट की गहराई में मौजूद है, जिसकी वजह से इजरायली हमले से इसे कोई खास नुकसान नहीं हुआ। इसलिए इजरायल अब अमेरिका से मदद मांगी है, जिस पर अमेरिका विचार कर रहा है।  इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक तेहरान छोड़ रहे लोग, ट्रैफिक से सड़कें हुई जाम इजरायल और अमेरिका द्वारा तेहरान को जल्द से जल्द खाली करने की चेतावनी जारी होने के बाद लोग तेहरान छोड़ रहे हैं। लाखों लोगों के एक साथ सड़क पर आ जाने के कारण हर जगह ट्रैफिक जाम नजर आ रहा है। तेहरान को पश्चिम एशिया के सबसे बड़े शहरों में गिना जाता है। यहां पर एक करोड़ से ज्यादा लोग रहते हैं। इजरायल के बढ़ते हवाई हमलों के कारण हर कोई इस शहर को छोड़ कर भाग रहा है। कहा जा रहा है कि इजरायल जल्द ही अमेरिका के साथ मिलकर इस शहर पर भीषण हमला कर सकता है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Ayatollah Ali Khamenei #Iran #Israel #Haider #Khamenei #MiddleEast #ZionistRegime #IranIsraelConflict

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Donald Trump Iran attack,

जी-7 शिखर सम्मेलन बीच में छोड़ अमेरिका लौटे डोनाल्ड ट्रंप, क्या ईरान पर फाइनल अटैक की हो रही तैयारी?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) कनाडा में हो रहे जी-7 शिखर सम्मेलन (G-7 Summit) को बीच में छोड़ वापस लौट गए हैं। यह सब ऐसे समय में हो रहा है, जब इजरायल-ईरान युद्ध (Israel-Iran War) अपने चरम पर पहुंच गया है और दोनों तरफ से जबरदस्त बमबारी हो रही है। जिससे दोनों देशों को भारी नुकसान हुआ है। कहा जा रहा है कि इजरायल अब अमेरिका के सहयोग से ईरान पर फाइनल अटैक करने की तैयारी कर रहा है। जिसकी वजह से डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) वापस अमेरिका चले गए।  व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने ट्रंप की वापसी को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करते हुए लिखा, ‘ जी-7 शिखर सम्मेलन (G-7 Summit) से काफी कुछ हासिल किया गया है और आगे भी इसका फायदा मिलता रहेगा, लेकिन इजरायल और ईरान संघर्ष (Israel-Iran War) के कारण राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) राष्ट्राध्यक्षों के साथ रात्रिभोज के बाद शिखर सम्मेलन को छोड़ वापस आ गए हैं।’  बता दें कि विश्व के कई प्रमुख नेता शांति और विकास के मुद्दे पर चर्चा के लिए कनाडा में एकत्र हुए हैं। इस सम्मेलन में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी आज सुबह कनाडा पहुंच गए हैं। कहा जा रहा था कि इस सम्मेलन में कई बड़े मुद्दों पर चर्चा होगी, लेकिन इजरायल-ईरान युद्ध के कारण जी-7 शिखर (Benjamin Netanyahu) सम्मेलन प्रभावित हो रहा है। इजरायल और ईरान युद्ध खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है और अनियंत्रित होकर आगे बढ़ रहा है। जिसकी वजह से ट्रंप को वापस अमेरिका लौटना पड़ा है।  तेहरान को तत्काल खाली करें- ट्रंप  कनाडा पहुंचने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है। यहां पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, ‘मैं कहना चाहता हूं कि हर किसी को तत्काल तेहरान को खाली कर देना चाहिए!’ इसके बाद एक सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने कहा कि, ‘‘ईरान को उस समझौते पर हस्ताक्षर कर देना चाहिए था, जिसके लिए मैंने उनसे कहा था। उन्होंने यह न करके स्थिति को शर्मनाक बना लिया है। अब बेवजह मानव जीवन का नुकसान हो रहा है। मैं कई बार कह चुका हूं कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होना चाहिए। सभी लोगों को तत्काल तेहरान छोड़ देना चाहिए।’ इसके तुरंत बाद ट्रंप जी-7 शिखर सम्मेलन को छोड़ कर चले गए।   खामेनेई की मौत से रूकेगा संघर्ष- नेतन्याहू  वहीं, दूसरी तरफ इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने कहा कि इस संघर्ष की समाप्ति ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई (Ali Khamenei) की मौत के बाद होगा। उन्होंने एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में कहा कि खामेनेई की हत्या से यह संघर्ष बढ़ेगा नहीं, बल्कि संघर्ष समाप्त होने वाला है। इस दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या इजरायल वास्तव में खामेनेई को मारना चाहता है तो, नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने कहा कि “हम वही कर रहे हैं, जो हमें करना चाहिए।” इजरायल संघर्ष शुरू होने के समय से ही ईरान के टॉप लीडरशिप, परमाणु ठिकानों और सैन्य अड्डों को निशाना बना रहा है।   इसे भी पढ़ें:-  ईरान ने इजरायल पर दागीं 150 से अधिक मिसाइलें, अमेरिका के साथ परमाणु समझौते से भी किया इनकार अब तक ईरान ने इजरायल पर 370 से ज्यादा मिसाइलों और सैकड़ों ड्रोन से हमला किया है  इजरायल ने बताया कि शुक्रवार को संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक ईरान ने उस पर 370 से ज्यादा मिसाइलों और सैकड़ों ड्रोन से हमला किया है। ज्यादातर मिसाइलों और ड्रोन को इजराइल ने हवा में ही मार गिराया, लेकिन कई मिसाइल अपने टारगेट पर गिरी हैं। जिसकी वजह से 25 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 500 लोग घायल हैं। बीती रात भी ईरान ने कई शहरों को निशाना बनाकर मिसाइल दागी। ईरान के इन हमलों में तेल अवीव में मौजूद अमेरिकी दूतावास को भी नुकसान पहुंचा है। हालांकि यहां पर किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।       Latest News in Hindi Today Hindi news Benjamin Netanyahu #Trump #G7Summit #USA #IranAttack #WorldNews #MiddleEast #CrisisAlert

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Pakistan nuclear attack

Will Pakistan Launch Nuclear Attack on Israel: क्या सच में पाकिस्तान इजरायल पर कर देगा परमाणु हमला?

ईरान और इजरायल के बीच तनावपूर्ण माहौल है। गुजरते समय के साथ-साथ ईरान और इजरायल के बीच तनाव है कि बढ़ता जा रहा है। इजरायल के हमले के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। दोनों देश एक-दूसरे पर मिसाइलें बरसा रहे हैं। ईरान की जवाबी कार्रवाई के बीच अब पाकिस्तान की इंट्री हो गई है। इसी बीच ईरान ने इजरायल को परमाणु बम की धमकी दे डाली है। दरअसल, ईरान के एक बड़े सैन्य अधिकारी के बयान का हवाला देते हुए कहा गया है कि पाकिस्तान ईरान के सपोर्ट में खड़ा है। एक रिपोर्ट में यह दावा भी किया गया है कि पाकिस्तान ने इजरायल को परमाणु हमले की धमकी दी (Will Pakistan Launch Nuclear Attack on Israel) है। तुर्किए टुडे की एक खबर की माने तो इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के सीनियर जनरल और ईरानी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सदस्य मोहसेन रेजाई ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा, पाकिस्तान ने हमें भरोसा दिलाया है कि अगर इजरायल परमाणु मिसाइलों से अटैक करता है, तो हम भी उस पर परमाणु हथियारों से हमला करेंगे।  इजरायल ने ईरान पर परमाणु हमला करने के बारे में सोचा तो पाकिस्तान उसपर (Will Pakistan Launch Nuclear Attack on Israel) कर सकता है पलटवार  प्राप्त जानकारी के मुताबिक जनरल मोहसेन रेजाई एक टीवी शो में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कैमरे के सामने दावा किया कि इजरायल कुछ भी नहीं कर सकता है। अगर इस तनाव के बीच इजरायल ने ईरान पर परमाणु हमला करने के बारे में सोचा तो पाकिस्तान उसपर पलटवार (Will Pakistan Launch Nuclear Attack on Israel) कर सकता है। मोहसेन रेजाई ने कहा, ईरान के पास कई छिपी रणनीतियां और क्षमताएं हैं, जिनका अभी तक खुलासा नहीं किया गया है। हालांकि रेजाई के इन दावों में कितना दम है? पाकिस्तान की तरफ से इसकी पुष्टि नहीं हुई है। बता दें कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने ईरान का समर्थन करने की बात कही थी। उन्होंने 14 जून को नेशनल असेंबली में कहा कि मुस्लिम देशों को इजरायल के खिलाफ एकता दिखानी चाहिए। ख्वाजा आसिफ ने कहा, इजरायल ने ईरान, फिलिस्तीन और यमन को निशाना बनाया है। अगर मुस्लिम देश अब एकजुट नहीं हुए, तो सभी का यही हाल होगा। हालांकि ख्वाजा आसिफ ने यह भी कहा कि सभी मुस्लिम देशों को इजरायल के साथ सभी डिप्लोमेटिक संबंध खत्म कर देने चाहिए। इस बीच उन्होंने इजरायल के खिलाफ रणनीति बनाने की भी बात कही।  इसे भी पढ़ें:-  ईरान ने इजरायल पर दागीं 150 से अधिक मिसाइलें, अमेरिका के साथ परमाणु समझौते से भी किया इनकार इजरायल ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को मारने का बनाया (Will Pakistan Launch Nuclear Attack on Israel) था फूल प्रूफ प्लान  गौरतलब हो कि इजरायल ने शुक्रवार को ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमला कर उसके न्यूक्लियर पावर प्लांट को भी निशाना बनाया। ईरान ने इसका जवाब दिया और उसने इजरायल में कई जगहों पर ड्रोन से अटैक किया। इजरायली अधिकारियों के मुताबिक ईरानी मिसाइल हमलों में कम से कम 13 लोग मारे गए और 370 से अधिक अन्य घायल हो गए। खैर, अमेरिकी अधिकारी के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार इजरायल ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को मारने का फूल प्रूफ प्लान बनाया (Will Pakistan Launch Nuclear Attack on Israel) था। लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वीटो कर दिया है। कमाल यह कि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इन खबरों पर चुप्पी साध रखी है। खैर, कुछ भी हो, पाकिस्तान सिर्फ ईरान को धोखे में रख रहा है। इजरायल से टकराने की हिम्मत अकेले न तो पाकिस्तान में है और न ही ईरान में। पकिस्तान तो वैसे भी चाहकर कुछ नहीं कर सकता, इसकी बड़ी वजह यह कि जब तक अमेरिका का हाथ इजरायल के सिर पर रहेगा तब तक इजरायल का बाल भी बांका नहीं हो सकता और पाकिस्तान में इतनी कूवत नहीं है कि वो अमेरिका के खिलाफ जाकर इजरायल से सीधी टक्कर ले। और वैसे भी ऑपरेशन सिन्दूर ने समूची दुनिया को दिखा ही दिया है कि पाकिस्तान कितने पानी में है। रही बात इजरायल पर परमाणु हमला करने की तो वो सिर्फ कहने के लिए ठीक भर है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Will Pakistan Launch Nuclear Attack on Israel #pakistan #israel #nuclearattack #worldwar3 #middleeastcrisis #breakingnews #globaltension #nuclearwar #pakistanvsisrael #warnews

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Iran Attacks Israel: ईरान ने इजरायल पर दागीं 150 से अधिक मिसाइलें, अमेरिका के साथ परमाणु समझौते से भी किया इनकार

ईरान और इजरायल के बीच तनाव एक बार फिर अपने चरम पर है। शुक्रवार सुबह-सुबह आईडीएफ ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए और ईरान के 20 शीर्ष कमांडर मार गिराए थे। इस हमले में ईरान के परमाणु कार्यक्रम के प्रमुख की भी मौत हुई। इजरायली हमलों के बाद ईरान ने भी पलटवार किया (Iran Attacks Israel) है। इजरायली हमले के जवाब में ईरान ने शुक्रवार रात ट्रू प्रॉमिस 3 सैन्य ऑपरेशन शुरू किया है। इसके तहत ईरान ने 150 बैलिस्टिक मिसाइलें इजरायल पर दागी है। इनमें से 6 मिसाइलें राजधानी तेल अवीव में गिरी, जिसमें 1 महिला की मौत हो गई। वहीं, 63 लोग घायल बताए जा रहे हैं। यही नहीं, ईरान ने अमेरिका के साथ परमाणु समझौते पर वार्ता से भी इनकार कर दिया है। ईरान की इस हरकत पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा, ईरान के पास अभी भी समय है। हमने ईरान को 60 दिन का अल्टीमेटम दिया था। आज 61वां दिन था। खैर, ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इजराइली रक्षा मंत्रालय को भी निशाना बनाने का दावा किया गया। ईरान की ओर से हमले की आशंका के चलते इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू को सुरक्षित ठिकाने पर शिफ्ट कर दिया गया था। शुक्रवार देर रात ईरान ने तेल अवीव के खिलाफ किया (Iran Attacks Israel) था जवाबी हमला  बता दें कि शुक्रवार देर रात ईरान ने तेल अवीव के खिलाफ जवाबी हमला किया (Iran Attacks Israel) था। जिसमें कई लोग घायल हो गए और कई इमारतें नष्ट हो गईं। इस हमले के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल ईरान के परमाणु ठिकानों के खिलाफ अपना सैन्य अभियान जारी रखेगा। दरअसल, नेतन्याहू ने एक वीडियो बयान में कहा कि पिछले 24 घंटों में हमने शीर्ष सैन्य कमांडरों, वरिष्ठ परमाणु वैज्ञानिकों, महत्वपूर्ण संवर्धन सुविधा और उसके बैलिस्टिक मिसाइल शस्त्रागार के एक बड़े हिस्से को नष्ट कर दिया है। उन्होंने आगे कहा कि और भी हमले होने वाले हैं। शासन को नहीं पता कि उन्हें क्या मारा, या क्या मारा जाएगा यह पहले कभी इतना कमजोर नहीं रहा। यही नहीं, ईरान को चेताते हुए नेतन्याहू ने कहा कि ईरानी लोगों के लिए अपने झंडे और ऐतिहासिक विरासत के इर्द-गिर्द एकजुट होने का समय आ गया है, ताकि वे दुष्ट और दमनकारी शासन से अपनी आजादी के लिए खड़े हो सकें। उन्होंने कहा, हम इतिहास के सबसे महान सैन्य अभियानों में से एक ऑपरेशन राइजिंग लायन के बीच में हैं।  इसे भी पढ़ें:- इजरायल हमले को मिला था अमेरिका का सहयोग, ट्रंप ने किया बड़ा खुलासा, बौखलाए ईरान ने कर दी मिसाइल की बौझार  ईरान परमाणु हथियार बना पाता इससे पहले ये हमले जरूरी (Iran Attacks Israel) थे इस आत्मघाती हमले पर इजराइल ने कहा, इससे पहले ईरान परमाणु हथियार बना पाता ये हमले जरूरी (Iran Attacks Israel) थे। खैर, हमलों के बीच इजराइली सेना ने नागरिकों से सुरक्षित स्थानों में जाने का आग्रह किया है। इस दरम्यान इजराइली सेना ने बताया कि ईरान ने फिर से मिसाइल हमला शुरू कर दिया है। उत्तरी इजराइल और इजराइल के कंट्रोल वाले गोलान हाइट्स में सायरन बजे रहे हैं। लोगों से बम शेल्टर्स में जाने की अपील की गई है। सेना का कहना है कि उसने ईरान से लॉन्च की गई कई मिसाइलों का पता लगाया है। वायुसेना हमलों को नाकाम करने के लिए काम कर रही है। ईरान की तरफ से दूसरे दिन किए गए हमलों में घायल हुए सात लोगों का तेल अवीव के एक अस्पताल में इलाज किया गया। घायलों में एक की हालत गंभीर है। Latest News in Hindi Today Hindi news Iran Attacks Israel #iranattack #israelnews #middleeastconflict #iranvsisrael #nucleardeal #breakingnews #worldnews #globaltensions #iranmissile #israelunderattack

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Khalistanis in Canada,

India Acts Tough on Khalistanis in Canada: ईरान-इजराइल में जारी जंग के बीच इस तरह भारत ने कनाडा में खालिस्तानियों पर कसी नकेल

एक तरफ जहां ईरान-इजराइल के बीच जंग जारी है तो वहीं दूसरी तरफ कनाडा में G7 समिट भी होने जा रही है। इस समिट में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी शामिल होने की बात कही जा रही है। जानकारी के मुताबिक इस समिट में दोनों देशों की सरकारें अब एक ऐसा ढांचा तैयार कर रही हैं, जिससे वो एक-दूसरे के साथ आसानी से इंटेलिजेंस शेयरिंग कर (India Acts Tough on Khalistanis in Canada) सकेंगी। इस दरम्यान ध्यान देने वाली बात यह कि इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग के बीच भारत ने कनाडा के साथ मिलकर खालिस्तानी गतिविधियों पर लगाम कसने की तैयारी शुरू कर दी है। लंबे समय से दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बना हुआ था लेकिन अब रिश्ते पटरी पर आते दिख रहे हैं।  दोनों देशों की पुलिस और जांच एजेंसियां खालिस्तान समर्थक संगठनों पर रख (India Acts Tough on Khalistanis in Canada) सकेंगी  पैनी नजर दरअसल, भारत और कनाडा की सरकारें अब एक ऐसा ढांचा तैयार करने जा रही हैं, जिससे दोनों देशों की एजेंसियां एक-दूसरे के साथ इंटेलिजेंस शेयरिंग कर सकेंगी। बता दें कि इसमें टेररिज्म, कट्टरपंथ, क्रॉस बॉर्डर क्राइम और ऑर्गेनाइज्ड क्राइम जैसे मुद्दे शामिल होंगे। यही नहीं, इसके अलावा दोनों देशों की पुलिस और जांच एजेंसियां आतंकी नेटवर्क, खालिस्तान समर्थक संगठनों और ट्रांसलेशनल गैंग्स पर पैनी नजर भी रख (India Acts Tough on Khalistanis in Canada) सकेंगी। हालाँकि अभी इस बातचीत और सहयोग की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि जी7 समिट के दौरान पीएम मोदी की कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से मुलाकात हो सकती है। बेशक यही सही अवसर है जो दोनों देशों के बीच रिश्तों को सामान्य करने का अहम कड़ी बन सकता है। इस मामले पर भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी कहा, यह मीटिंग द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श का मौका होगी।  इसे भी पढ़ें:- इजरायल हमले को मिला था अमेरिका का सहयोग, ट्रंप ने किया बड़ा खुलासा, बौखलाए ईरान ने कर दी मिसाइल की बौझार कनाडा का आरोप है कि भारत सरकार की ओर से विदेश में विरोधियों को निशाना (India Acts Tough on Khalistanis in Canada) बनाया गया है बता दें कि इस गठजोड़ में कनाडा की खास दिलचस्पी उन मामलों की जांच में है जिनमें कथित रूप से एक्स्ट्रा-ज्यूडिशियल किलिंग्स यानी न्यायालय से बाहर की गई हत्याएं शामिल हैं। कनाडा का आरोप है कि भारत सरकार की ओर से विदेश में विरोधियों को निशाना बनाया गया है, हालांकि भारत इस आरोप को पहले ही बेबुनियाद बता (India Acts Tough on Khalistanis in Canada) चुका है। गौरतलब हो कि साल 2023 में कनाडा के तत्कालीन पीएम जस्टिन ट्रूडो ने भारत पर सीधा आरोप लगाया था कि उसने वैंकूवर के पास एक गुरुद्वारे के बाहर खालिस्तानी नेता की हत्या करवाई। हालांकि भारत ने उनके इस आरोप को बेबुनियाद और राजनीतिक स्टंट करार दिया था। उल्टा भारत ने कनाडाई सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा था कि कनाडा में खालिस्तान समर्थक संगठनों की खुली छूट दी जा रही है जो भारत की अखंडता के लिए खतरा है। खैर, ऐसा माना जा रहा है कि अब कनाडा को भी खालिस्तानी नेटवर्क के खतरे की गंभीरता का अहसास हो रहा है और बड़ी वजह यही जो दोनों देशों ने फिर से संवाद का रास्ता अख्तियार किया है। देखना दिलस्चप हो होगा कि दोनों देशों के बीच कड़वाहट कब और कैसे दूर होगी। फिलहाल भारत और कनाडा ने पहल की उम्मीद जताई है।  Latest News in Hindi Today Hindi news India Acts Tough on Khalistanis in Canada #india #khalistan #canada #iranisraelwar #globalpolitics #breakingnews #indiacanadarelations #khalistanupdate #worldnews

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Iran nuclear site attack

Israel Strikes Iran Nuclear Site: इजरायल ने किया ईरान के परमाणु संयत्र पर हमला, ईरानी जनरल हुसैन सलामी की मौत, भड़के खामनेई

इज़राइल और हमास के बीच जारी जंग अब ईरान तक पहुंच गई है। दरअसल, ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के उद्देश्य से इजरायल ने ऑपरेशन राइजिंग लॉयन के तहत शुक्रवार की सुबह तेहरान समेत कई ईरानी इलाकों पर ताबड़तोड़ हमला बोल दिया। इसे 1980 के दशक में इराक के साथ युद्ध के बाद ईरान पर सबसे बड़ा हमला माना जा रहा (Israel Strikes Iran Nuclear Site) है। कहने की जरूरत नहीं, इज़राइल द्वारा तेहरान में मिसाइल हमला किए जाने के बाद मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है। इजरायल के इस एयर स्ट्राइक में नतांज स्थित ईरान के मुख्य संवर्धन केंद्र सहित अन्य ठिकानों तबाह हो गए। इजरायल ने एक के बाद एक एयर स्ट्राइक और मिसाइल से हमला कर ईरान के परमाणु संयंत्रों, सैन्य ठिकानों और सैन्य अधिकारियों को निशाना बनाया। इस हमले के बाद ईरान ने इजरायल को चेतावनी देते हुए कहा कि इजरायल को कड़ी सजा दी जाएगी।  इजरायल को दी (Israel Strikes Iran Nuclear Site) जाएगी कड़ी सज़ा- खामनेई  इस हमले के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई ने कहा कि उनके देश पर हमले के लिए इजरायल को कड़ी सज़ा दी (Israel Strikes Iran Nuclear Site) जाएगी। बता दें कि ईरान की सरकारी सामाचार एजेंसी आईआरएनए ने खामनेई के बयान को जारी किया। इसने पुष्टि की कि हमले में सेना के शीर्ष अधिकारी और वैज्ञानिक मारे गए हैं। हमले से बौखलाए खामनेई ने कहा, उनके देश में हुए इस अपराध में इजरायल के शैतानी और रक्त-रंजित हाथ शामिल हैं। उन्होंने चेताते हुए कहा कि इजरायल ने आवासीय इलाकों पर हमला करके अपनी दुर्भावनापूर्ण प्रकृति को उजागर किया है। जानकारी के मुताबिक इजरायल के हमले में ईरान के अर्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रमुख जनरल हुसैन सलामी की मौत हो गई।  ईरान ने इजरायल की ओर 100 से अधिक दागे (Israel Strikes Iran Nuclear Site) हैं ड्रोन  इस बीच इजरायली सेना ने दावा किया कि ईरान उस पर किए गए हमलों के जवाब में इजरायल पर ड्रोन दाग रहा है। इजरायल के मुख्य सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफी डेफ्रिन ने कहा कि पिछले कुछ घंटों में ईरान ने इजरायल की ओर 100 से अधिक ड्रोन दागे (Israel Strikes Iran Nuclear Site) हैं। सभी रक्षा प्रणालियां हमलों को रोकने के लिए काम कर रही हैं। डेफ्रिन ने कहा कि लगभग 200 इजरायली लड़ाकू विमान अभियान में शामिल थे और लगभग 100 लक्ष्यों पर हमला किया गया तथा हमले अब भी जारी हैं। जॉर्डन के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने कहा कि देश का हवाई क्षेत्र सभी उड़ानों के लिए बंद रहेगा। जॉर्डन समाचार एजेंसी ने कहा कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।  भारत ने अपने नागरिकों को (Israel Strikes Iran Nuclear Site) किया सतर्क  इसी बीच दोनों देशों के बीच जारी तनाव को देखते हुए भारत ने अपने नागरिकों को सतर्क कर (Israel Strikes Iran Nuclear Site) दिया है। बता ईरान पर इजरायल द्वारा हमला किए जाने के बाद भारतीय दूतावास ने इजरायल में मौजूद भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने और गैर जरूरी यात्रा करने से बचने की सलाह दी है। साथ ही ईरान में भारतीय दूतावास ने शुक्रवार को देश में मौजूद भारतीयों को इजराइल के हमलों के बाद सतर्क रहने, सभी अनावश्यक गतिविधियों से बचने और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने की सलाह दी। खैर, इस हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने कहा कि इन हमलों में उसका कोई हाथ नहीं है, साथ ही उसने अमेरिकी हितों या कर्मियों को निशाना बनाकर किसी भी प्रकार की कार्रवाई किए जाने के प्रति चेतावनी दी है।  नेतन्याहू का ऐलान; ईरानी खतरे के खत्म होने तक जंग रहेगी जारी इजराइल ने ईरान के 6 शहरों पर हवाई हमला किया है। इस हमले में 2 परमाणु वैज्ञानिक व 2 सेना के बड़े अधिकारियों के मारे जाने की खबर है। स्ट्राइक के सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हो रहे हैं। क्रैश साइट पर पहुंचे PM मोदी ने की घायलों से मुलाकात पीएम मोदी प्लेन क्रैश का जायजा लेने के लिए अहमदाबाद पहुंचे। इसके बाद उन्होंने अस्पताल जाकर घायलों से भी मुलाकात की। पीएम मोदी हादसे को लेकर समीक्षा बैठक करने वाले हैं। इसे भी पढ़ें:- अमेरिका के लॉस एंजिलिस में हिंसा और लूटपाट के बीच लगा कर्फ्यू , मेयर ने की ट्रंप से ये अपील लापरवाही के कारण हुआ अहमदाबाद में प्लेन क्रैश अहमदाबाद प्लेन क्रैश को लेकर कई तरह की आशंकाएं जताई जा रही हैं। इसमें पक्षियों के टकराने से लेकर इंजन की खराबी की बात कही जा रही है। हादसे का असली खुलासा ब्लैक बॉक्स मिलने के बाद ही होगा। अहमदाबाद प्लेन हादसे में खत्म हो गया NRI का पूरा परिवार  एयर इंडिया प्लेन हादसे में जावेद अली और उनकी पत्नी समेत परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। वह अपने दो बच्चों और परिवार के साथ लंदन जा रहे थे।  सोनम नहीं बल्कि राज है राजा रघुवंशी हत्याकांड का मास्टरमाइंड चौंकाने वाले खुलासे में पता चला है कि राजा रघुवंशी की हत्या किसी कॉन्ट्रैक्ट किलिंग की वजह से नहीं बल्कि राज कुशवाहा द्वारा योजनाबद्ध तरीके से की गई थी। राज ने अपने तीन दोस्तों के साथ मिलकर सोनम की मदद से कई चरणों में साजिश रची थी।  Latest News in Hindi Today Hindi news Israel Strikes Iran Nuclear Site #israeliranconflict #iranattack #nuclearsite #husseinsalami #khamenei #breakingnews #middleeast #israelnews #worldwar3 #globaltensions

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India action Bangladesh reaction

India’s Action Shakes Bangladesh: भारत के एक्शन से डरा बांग्लादेश, कहा- “हमसे हो जाती है गलती”

बांग्लादेश में जब से शेख हसीना का तख्ता पलट हुआ है तब से भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्ते तनावपूर्ण चल रहे हैं। लेकिन अब बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के मुखिया मुहम्मद यूनुस भारत के साथ तनाव नहीं चाहते। भारत से लेकर संबंधों पर उन्होंने कहा कि अंतरिम सरकार भारत के साथ अच्छे संबंध चाहती रही, लेकिन हमेशा कुछ न कुछ गलत हो जाता (India’s Action Shakes Bangladesh) है। दरअसल, बुधवार को लंदन में चाथम हाउस थिंक टैंक के निदेशक ब्रोनवेन मैडॉक्स के साथ हुई बातचीत में यूनुस ने भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों और देश के लिए लोकतांत्रिक रोडमैप सहित कई मुद्दों पर बात की। इस दौरान उन्होंने भारत के साथ तनाव कम करने की मंशा जाहिर की। बता दें कि यूनुस ने प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग करते हुए भारत को जारी किए गए एक अनौपचारिक राजनयिक नोट के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि यह जारी रहेगा। हम चाहते हैं कि पूरी प्रक्रिया बहुत कानूनी, बहुत उचित हो। हम भारत के साथ बेहतरीन संबंध बनाना चाहते हैं। यह हमारा पड़ोसी है, हम नहीं चाहते कि उनके साथ किसी भी तरह की बुनियादी समस्या हो। भारतीय प्रेस से आने वाली सभी फर्जी खबरों के कारण हर बार चीजें गलत हो (India’s Action Shakes Bangladesh) जाती है इस दौरान मुहम्मद यूनुस ने कहा, लेकिन भारतीय प्रेस से आने वाली सभी फर्जी खबरों के कारण हर बार चीजें गलत हो (India’s Action Shakes Bangladesh) जाती हैं और कई लोग कहते हैं कि इसका संबंध शीर्ष पर बैठे नीति निर्माताओं से है। यूनुस ने कहा, तो, यही बात बांग्लादेश को बहुत बेचैन और बहुत नाराज करती है। हम इस गुस्से से उबरने की कोशिश करते हैं, लेकिन साइबरस्पेस में बहुत सी चीजें होती रहती हैं। हम इससे बच नहीं सकते। अचानक वे कुछ कहते हैं, कुछ करते हैं, फिर से गुस्सा आ जाता है। आगे यूनुस ने कहा, हमारे लिए यह बड़ा काम है कि हम कम से कम एक शांतिपूर्ण जीवन जी सकें। ऐसा जीवन जिसका हम सपना देख रहे हैं। इस बीच  यूनुस ने कहा, हम भारत को शेख हसीना को लौटाने के लिए मजबूर नहीं कर सकते हैं। हम कानूनी तरीके से कोशिश कर रहे हैं। तनाव नहीं चाहते, लेकिन हमसे हर बार कोई न कोई गलती हो जाती है। इसे भी पढ़ें:- अमेरिका के लॉस एंजिलिस में हिंसा और लूटपाट के बीच लगा कर्फ्यू , मेयर ने की ट्रंप से ये अपील मैं आपको उस नीति को छोड़ने के लिए मजबूर नहीं कर (India’s Action Shakes Bangladesh) सकता इस बीच पीएम मोदी को लेकर उन्होंने कहा, जब मुझे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से बात करने का मौका मिला, तो मैंने बस इतना कहा, आप उनकी मेजबानी करना चाहते हैं, मैं आपको उस नीति को छोड़ने के लिए मजबूर नहीं कर (India’s Action Shakes Bangladesh) सकता। लेकिन यह सुनिश्चित करने में हमारी मदद करें कि वह बांग्लादेशी लोगों से उस तरह बात न करें जिस तरह वह ऑनलाइन कर रही हैं। वह इस तरह तारीख, इस तरह समय की घोषणा करती हैं कि वह बोलेंगी और पूरा बांग्लादेश बहुत गुस्सा हो जाता है। गौरतलब हो कि हसीना के निष्कासन के बाद भारत और बांग्लादेश के बीच संबंधों में तनाव आ गया था। इसके बाद भारत ने बांग्लादेश के लिए अपनी जमीनी सीमा को बंद कर दिया था। इससे बांग्लादेश को अरबों का नुकसान उठाना पड़ रहा है। Latest News in Hindi Today Hindi news India’s Action Shakes Bangladesh #india #bangladesh #tension #breakingnews #politics #diplomacy #internationalnews #latestupdate #regionalnews #southasia

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Trump warns Iran

Trump Warns Iran: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दी ईरान को खुली धमकी, कहा- तेहरान नहीं बना सकता परमाणु बम

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक बार फिर खुली धमकी दी है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा स्पष्ट रूप से कह दिया है कि ईरान परमाणु बम नहीं बना सकता है। अमेरिका ईरान को परमाणु बम नहीं बनाने देगा। अमेरिका ने ऐसे संकेत भी दिए हैं कि पश्चिम एशिया जंग की चपेट में आ सकता है। हैरत यह कि अमेरिका ने पश्चिम एशिया से अपने कर्मचारियों को बाहर निकालने की कवायद भी शुरू कर (Trump Warns Iran) दी है। यही नहीं, हाल ही में अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने इस बात की ओर इशारा किया था कि इजरायल जल्द ही ईरान के खिलाफ कोई खतरनाक कदम उठा सकता है। अमेरिकी इंटेलिजेंस के मुताबिक, इजरायल ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला भी कर सकता है। खैर, इन सब के बीच ट्रंप ईरान को धमकी भरे लहजे में कहा कि मैंने जो कहा है वो सिर्फ बयान नहीं है बल्कि ईरान के लिए सीधी चेतावनी है। बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से ईरान पर हमला रोकने को कहा है ताकि अमेरिकी प्रशासन को तेहरान के साथ नए परमाणु समझौते पर आगे बढ़ने के लिए और समय मिल सके। इस दरम्यान ट्रंप ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा था, मैंने उनसे कहा कि अभी ऐसा करना अनुचित होगा क्योंकि हम समाधान के बहुत करीब हैं। सेना से जुड़े परिवारों को भी पश्चिम एशिया छोड़ने को कहा गया (Trump Warns Iran) है इस बीच तेजी से बदलते हालात को देख अमेरिका के विदेश विभाग और सेना ने कहा है, पश्चिम एशिया में हालात को देखते हुए अमेरिका इस क्षेत्र में अपने दूतावासों में उन कर्मचारियों की संख्या कम कर रहा है जिनकी वहां जरूरत नहीं है। इतना ही नहीं क्षेत्र में बढ़े सुरक्षा जोखिमों के कारण सेना से जुड़े परिवारों को भी पश्चिम एशिया छोड़ने को कहा गया (Trump Warns Iran) है। विदेश विभाग ने इस क्षेत्र को लेकर लेवल 4 कैटेगरी की चेतावनी भी जारी की है और अपने लोगों से इन इलाकों की यात्रा ना करने को कहा है। इसके अलावा अमेरिकी केंद्रीय कमान पश्चिम एशिया में तनाव की स्थिति पर पैनी नजर रख रही है। बुधवार शाम को वाशिंगटन के कैनेडी सेंटर में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें वहां से हटाया जा रहा है क्योंकि यह एक खतरनाक जगह हो सकती है। हमने वहां से हटने के लिए नोटिस दे दिया है और हम देखेंगे कि क्या होता है। इसे भी पढ़ें:- अमेरिका के लॉस एंजिलिस में हिंसा और लूटपाट के बीच लगा कर्फ्यू , मेयर ने की ट्रंप से ये अपील  अगर ईरान के साथ समझौता नहीं होता है तो उस पर हमला (Trump Warns Iran) होगा गौरतलब है कि, अमेरिका और इजरायल परमाणु समझौते को लेकर ईरान पर लगातार दबाव बनाते रहे हैं। अमेरिका ने साफ कहा है कि अगर ईरान के साथ समझौता नहीं होता है तो उस पर हमला (Trump Warns Iran) होगा, जिसका नेतृत्व इजरायल करेगा। हाल ही में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका को लेकर कहा था कि आप कौन होते हैं तेहरान को यह बताने वाले कि हमें परमाणु कार्यक्रम रखना चाहिए या नहीं। अमेरिका का परमाणु प्रस्ताव हमारी शक्ति के सिद्धांत के 100 फीसदी खिलाफ है। खामेनेई ने कहा था कि अमेरिका हमारे परमाणु कार्यक्रम को कमजोर नहीं कर पाएगा। खैर, यह सब चल ही रहा था कि इस बीच ईरान ने आग में घी डालने का काम करते हुए बड़ा बयान दिया है। ईरान ने हाल ही में दावा किया था उसे इजरायल के परमाणु ठिकानों के बारे में पूरी जानकारी मिल गई है। बता दें कि ईरान ने  यह भी कहा था कि उसकी खुफिया एजेंसियों ने सीक्रेट ऑपरेशन के तहत इजरायल के गुप्त परमाणु ठिकानों की सूची हासिल कर ली है। ईरान ने सीधे धमकी देते हुए कहा था कि अगर इजरायल ने किसी भी तरह की कार्रवाई की तो तेहरान इजरायल के न्यूक्लियर ठिकानों पर हमला कर देगा। Latest News in Hindi Today Hindi news Trump Warns Iran #trump #iran #donaldtrump #nuclearbomb #iranthreat #usnews #worldnews #breakingnews #internationalnews #globaltensions

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