Elon Musk Regrets Posts on Donald Trump

Elon Musk Regrets His Past Posts on Donald Trump: इस वजह से एलन मस्क को अब ट्रंप पर किए अपने पोस्ट पर हो रहा पछतावा?

कई दिनों की जारी कलह के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अरबपति व्यवसायी एलन मस्क के बीच तल्ख हुए रिश्ते अब एक बार पुनः पटरी पर लौटते हुए नजर आ रहे हैं। एलन मस्क ने खुद सामने से संबंधों को सुधारने की पहल की है। मजे की बात यह कि ट्रंप से बहस के बाद अब मस्क को बड़ा पछतावा हो रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने कहे गए शब्दों पर खेद जताते हुए कहा, ट्रंप पर लिखते समय उन्होंने सीमाएं लांघ दीं, जिसका उन्हें दुख (Elon Musk Regrets His Past Posts on Donald Trump) है। एलन मस्क ने एक ट्वीट करके कहा, उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति और अपने पार्टनर डोनाल्ड ट्रंप पर पिछले हफ्ते किए अपने कुछ पोस्ट पर पछतावा हो रहा है। खेद जताते हुए उन्होंने कहा कि ट्रंप पर उनके कुछ पोस्ट हद से ज्यादा आगे बढ़ गए। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि मुझे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर पिछले हफ्ते किए गए कुछ पोस्ट के लिए खेद है। वे हद से आगे चले गए। दरअसल, बुधवार को एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मुझे पिछले सप्ताह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बारे में की गई अपनी कुछ पोस्ट पर खेद है। मैंने सीमा लांघ दी।” मस्क द्वारा ट्रंप प्रशासन के प्रस्तावित खर्च बिल की निंदा करने से शुरू हुआ (Elon Musk Regrets His Past Posts on Donald Trump) था बता दें कि, हाल के दिनों में एलन मस्क और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच रिश्ते बेहद खराब हो गए थे। यह मस्क द्वारा ट्रंप प्रशासन के प्रस्तावित खर्च बिल की निंदा करने से शुरू हुआ Elon Musk Regrets His Past Posts on Donald Trump) था। यह बिल ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दौरान उनके घरेलू एजेंडे के केंद्र बिंदू के रूप में देखा जाने वाला एक विशाल कानून है। मस्क ने इस बिल को बेकार करार दिया और इसका समर्थन करने वाले रिपब्लिकन सांसदों के खिलाफ राजनीतिक बदला लेने का आग्रह तक किया था। इतना कुछ होने पर भला ट्रंप इसपर चुप कैसे रहते। इस कड़ी में शनिवार को एनबीसी न्यूज से बात करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप मस्क को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वो मौजूदा रिपब्लिकन सांसदों के खिलाफ प्राथमिक चुनौती देने वालों को फंडिंग देते हैं तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।  इसे भी पढ़ें:- अमेरिका के लॉस एंजिलिस में हिंसा और लूटपाट के बीच लगा कर्फ्यू , मेयर ने की ट्रंप से ये अपील पोस्ट डिलीट करने के कदम को ट्रंप के साथ ही सुलह के संकेत के रूप में देखा जा रहा (Elon Musk Regrets His Past Posts on Donald Trump) था खैर, इससे पहले एलन मस्क ने दावा किया कि ट्रंप का नाम एपस्टीन फाइल्स में है। यहाँ तक मस्क ने यह भी कहा था कि ट्रंप का नाम होने के कारण ही प्रशासन एपस्टीन फाइल्स को सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है। वो बात और है कि इस ट्वीट को बाद में उन्होंने डिलीट कर दिया था। इसके बाद डोनाल्ड ट्रंप ने सीधी धमकी दी थी कि वह मस्क को दी गई सब्सिडी और सरकारी कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर देंगे। हालाँकि मस्क की ओर से पोस्ट डिलीट करने के कदम को ट्रंप के साथ संभावित सुलह के संकेत के रूप में देखा जा रहा (Elon Musk Regrets His Past Posts on Donald Trump) था। इससे पहले मस्क ने सरकारी दक्षता विभाग से इस्तीफा दे दिया था। गौरतलब हो कि जुलाई 2024 में पेंसिल्वेनिया में ट्रंप की हत्या का प्रयास किये जाने बाद दोनों की दोस्ती परवान चढ़ी थी। इस कांड के बाद मस्क ने रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप को अपना पूर्ण समर्थन देने का ऐलान कर दिया था। ध्यान देने वाली बात यह कि इस घटना के कुछ ही मिनट बाद मस्क ने एक्स पर लिखा था, मैं ट्रंप का पूरा समर्थन करता हूं और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। इसके बाद मस्क और ट्रंप एक साथ चुनाव प्रचार अभियानों में नजर आए थे। Latest News in Hindi Today Hindi news Elon Musk Regrets His Past Posts on Donald Trump #elonmusk #donaldtrump #regret #politicalnews #socialmediacontroversy #breakingnews #muskstatement #usnews

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Pakistani soldiers killed

बलूचिस्तान में भीषण जंग, BLA लड़ाकों के हमले में 23 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, 9 बलूच लड़ाकों की भी मौत

भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिन के युद्ध के बाद भले ही युद्धविराम हो गया हो, लेकिन पाकिस्तानी सेना (Pakistani Army) पर बलूच विद्रोहियों का हमला लगातार जारी है। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एक बार फिर से बलूच विद्रोहियों ने पाकिस्तानी सेना (Pakistani Army) पर बड़ा हमला बोला है। बलूचिस्तान के अलग-अलग इलाकों में बलूच विद्रोहियों द्वारा किए गए हमले में पाकिस्तानी सेना के 23 जवान मारे गए हैं। साथ ही इस मुठभेड़ में बलूच लिबरेशन आर्मी के भी 9 लड़ाकों की मौत हुई है। बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) के प्रवक्ता जायंद बलूच ने इस संबंध में एक बयान जारी कर बताया कि एक बड़ी मुठभेड़ गोनी पारा इलाके में हुई। यहां पर पाकिस्तानी सेना (Pakistani Army) को अपने सैनिकों की मदद के लिए हेलीकॉप्टर से कमांडो तक उतारने पड़ गए।  मुठभेड़ में पाकिस्तानी सेना के अब तक 23 जवानों की हो चुकी है मौत  बीएलए (BLA) प्रवक्ता ने बताया कि उनके लड़ाके मस्तंग के इलाकों में लगातार आगे बढ़ रहे हैं। जिससे सेना के साथ मुठभेड़ भी तेज हो रही है। इस इलाके में मंगलवार से भी बीएलए (BLA) लड़ाकों और पाकिस्तानी सेना के बीच झड़प हो रही है और अब तक 8 पाकिस्तानी सैनिक मारे जा चुके हैं और कई घायल हैं। इसके अलावा गोनी पारा समेत दूसरे इलाकों में भी तेज झड़प हो रही है। बीएलए प्रवक्ता ने दावा किया है कि मुठभेड़ में पाकिस्तानी सेना के अब तक 23 जवानों की मौत हो चुकी है और उसके सैकड़ों सैनिक घायल हैं। दोनों तरफ से भारी गोलाबारी अभी भी जारी है।  बलूच लड़ाके पाकिस्तानी सेना पर पड़ रहे हैं भारी  बता दें कि बलूचिस्तान में अलगाववादी सशस्त्र समूहों ने 6 जून से अपनी लड़ाई तेज कर दी है। ये लड़ाके मस्तंग इलाके में लगातार आगे बढ़ रहे हैं। इन लड़ाकों को रोकने के लिए पाकिस्तानी सेना ने भारी संख्या में अपने जवानों को उतारा है, लेकिन इसके बाद भी बलूच लड़ाके पाकिस्तानी सेना पर  भारी पड़ते नजर आ रहे हैं। पिछले दिनों बलूच लड़ाकों ने बलूचिस्तान के कई शहरों पर धावा बोलकर कब्जा जमा लिया था। साथ ही कई हाईवे को भी बंद कर दिया। इससे तिलमिलाई पाकिस्तानी सेना ने बलूच नागरिकों पर हमला किया और कई नागरिकों को अपने साथ उठा ले गई। बलूच नागरिक समूहों का दावा है कि पाकिस्तानी सेना ने पासनी और दश्त बालनिगोर जिले में छापेमार कार्रवाई करते हुए 9 बलूच लोगों को उठा ले गई, जो अब लापता हैं।  बलूचिस्तान में बलूच लोगों को पाकिस्तानी सेना द्वारा जबरन उठा ले जाना और फिर उन्हें गायब कर देना बड़ी समस्या रही है। यहां के हजारों लोग कई सालों से गायब हैं, जिसका सीधा आरोप पाकिस्तानी सेना पर है। इसे भी पढ़ें:- अमेरिका के लॉस एंजिलिस में हिंसा और लूटपाट के बीच लगा कर्फ्यू , मेयर ने की ट्रंप से ये अपील पाकिस्तान से आजादी की मांग कर रहे ये लड़ाके पाकिस्तानी सेना पर लगातार कर रहे हैं हमले  मानवाधिकार संगठन पाकिस्तानी सेना पर नागरिकों, छात्रों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को गायब करने का आरोप लगाते हैं। पाकिस्तानी सेना के इस क्रूर कार्रवाई के कारण ही बलूचिस्तान में विद्रो हो रहा है। बलूचिस्तान में हजारों लोग अब हथियार उठा चुके हैं और पाकिस्तानी सेना से लड़ रहे। इस लड़ाई में अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं, लेकिन बीएलए के लड़ाके हार मानने को तैयार नहीं। पाकिस्तान से आजादी की मांग कर रहे ये लड़ाके पाकिस्तानी सेना पर लगातार हमले कर रहे हैं। जिसकी वजह से इस राज्य में पाकिस्तान की पकड़ अब बेहद कमजोर हो चुकी है।  Latest News in Hindi Today Hindi news बलूचिस्तान #balochistan #blaattack #pakistaninews #soldierskilled #balochfighters #breakingnews #pakistanviolence #conflictupdate #worldnews

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Curfew in LA as Violence Erupts

Curfew in LA Amid Violence, Mayor Appeals to Trump: अमेरिका के लॉस एंजिलिस में हिंसा और लूटपाट के बीच लगा कर्फ्यू , मेयर ने की ट्रंप से ये अपील

अमेरिका में मचा बवाल है कि थमने का नाम नहीं ले रहा है। लोगों के बढ़ते हिंसक प्रदर्शन को देख लॉस एंजिलिस में कर्फ्यू लगा दिया गया है। दरअसल, इमिग्रेशन कानूनों को लागू करने को लेकर शुरू हुए विरोध प्रदर्शन के हिंसक होने के बाद डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने सोमवार को लॉस एंजिलिस में 4000 नेशनल गार्ड सैनिकों और 700 मरीन की तैनाती का आदेश दिया (Curfew in LA Amid Violence, Mayor Appeals to Trump) था। इसके बाद शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन उग्र रूप ले लिया। इस प्रदर्शन में लूटमार की भी घटनाएं दर्ज की गई है। कैलिफोर्निया सहित अमेरिक में बड़े शहरों में हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक सोमवार की रात डलास और ऑस्टिन में, पुलिस ने कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों के साथ झड़प की। टेक्सास स्टेट कैपिटल के पास भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया। ट्रंप प्रशासन ने कहा कि लॉस एंजिल्स में स्थिति बिगड़ रही है और अप्रवासियों के प्रवर्तन का समर्थन करने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए संघीय बलों की आवश्यकता है।  तोड़फोड़ व लूटपाट को रोकने के लिए लॉस एंजिलिस के डाउनटाउन में जारी किया (Curfew in LA Amid Violence, Mayor Appeals to Trump) है कर्फ्यू  इस बीच कई दिनों से जारी हिंसक घटनाओं के बीच लॉस एंजिलिस की मेयर कैरेन बास ने मंगलवार को कर्फ्यू लगाने की घोषणा कर दी। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से छापेमारी बंद करने को कहा है। मीडिया को संबोधित करते हुए मेयर ने कहा कि मैंने स्थानीय आपातकाल की घोषणा की है और तोड़फोड़ व लूटपाट को रोकने के लिए लॉस एंजिलिस के डाउनटाउन में कर्फ्यू जारी किया (Curfew in LA Amid Violence, Mayor Appeals to Trump) है। यही नहीं अपने संबोधन में उन्होंने आगे कहा कि मैं डोनाल्ड ट्रंप से छापेमारी बंद करने का आह्वान करती हूं। मेयर ने बताया, कर्फ्यू मंगलवार रात 8 बजे से बुधवार सुबह 6 बजे तक लागू रहेगा। हालाँकि उन्होंने यह भी कहा कि कर्फ्यू शहर के 1 वर्ग मील क्षेत्र में लागू रहेगा। जिसमें वह क्षेत्र भी शामिल है, जहां शुक्रवार से विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। मेयर के मुताबिक शहर के 23 व्यवसायिक स्थलों पर लूटपाट की घटना रिपोर्ट की गई है। उन्होंने कहा कि हम एक महत्वपूर्ण बिंदु पर पहुंच गए हैं।  इसे भी पढ़ें:-  लॉस एंजिल्स में हुई हिंसा को लेकर भड़के ट्रंप, सख्त चेतावनी देते हुए कही यह बात  मीडिया या सार्वजनिक सुरक्षा और आपातकालीन अधिकारी (Curfew in LA Amid Violence, Mayor Appeals to Trump) सहित इनपर नहीं लागू होगा कर्फ्यू  इस बीच ध्यान देने वाली बात यह कि जैसे ही कर्फ्यू लागू होने की घोषणा हुई वैसे ही पुलिस के एक हेलीकॉप्टर को संघीय भवनों के ऊपर से उड़ते हुए देखा गया। लोगों को तत्काल इलाका छोड़ने को आदेश दिया गया है। इस दौरान कई समूह कर्फ्यू के उल्लंघन की योजना बना रहे हैं। लॉस एंजिलिस पुलिस के प्रमुख ने बताया कि कर्फ्यू उन लोगों पर लागू नहीं होगा, जो चिह्नित इलाकों में रहते हैं या जो बेघर हैं अथवा मीडिया या सार्वजनिक सुरक्षा और आपातकालीन अधिकारी (Curfew in LA Amid Violence, Mayor Appeals to Trump) हैं। बता दें कि नेशनल गार्ड के पास अधिकारियों पर हमला करने वाले लोगों को अस्थायी रूप से हिरासत में लेने का अधिकार है, लेकिन कोई भी गिरफ्तारी स्थानीय पुलिस और कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा ही की जाएगी। इस बीच ट्रंप के निर्देश के अनुसार मंगलवार को सैकड़ों अमेरिकी मरीन लॉस एंजिल्स क्षेत्र में जा पहुंचे। फिर क्या था, उनकी उपस्थिति देख सड़कों पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। कहने की जरूरत नहीं इस प्रदर्शन ने डेमोक्रेटिक नेताओं के बीच चिंता बढ़ा दी है। जारी हिंसा के बीच कैलिफोर्निया के सीनेटर एडम शिफ और एलेक्स पैडीला ने एक संयुक्त बयान जारी कर कहा, सैन्य कर्मियों को केवल सबसे चरम परिस्थितियों के दौरान तैनात किया जाना चाहिए और यहां ऐसा नहीं है। Latest News in Hindi Today Hindi news Curfew in LA Amid Violence, Mayor Appeals to Trump #losangeles #violence #curfew #mayorappeal #trump #protests #breakingnews #usa

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Iran Israel conflict

Iran Issues Open Threat to Israel: इस वजह से ईरान ने इजरायल को दी खुली धमकी

इजरायल और हमास के बीच जारी तनाव के बीच ईरान ने खुलकर धमकी (Iran Issues Open Threat to Israel) दी है। दरअसल, ईरान की इस धमकी के पीछे की असल वजह यह कि ईरान को इजरायल के परमाणु ठिकानों की जानकारी मिल गई है। परमाणु ठिकानों की जानकारी हाथ लगते ही है ईरान की ओर से ऐसा बयान सामने आया है जिसकी कल्पना भी इजरायल ने नहीं की होगी। इजरायल को लेकर बड़ा दावा करते हुए ईरान ने कहा कि उसे इजरायल के परमाणु ठिकानों के बारे में सारी जानकारी मिल गई है। ईरान के मुताबिक उसकी खुफिया एजेंसियों ने सीक्रेट ऑपरेशन के तहत इजरायल के गुप्त परमाणु ठिकानों की सूची हासिल कर ली है। फिर क्या था, जानकारी हाथ लगते ही ईरान ने धमकी देते हुए कहा, अगर इजरायल ने किसी भी तरह की कार्रवाई की तो तेहरान इजरायल के न्यूक्लियर साइट पर हमला कर देगा। इस बीच ईरान की सुप्रीम राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने कहा है कि उसके सीक्रेट एजेंट्स उन स्थानों की सूची हासिल की है जहां पर इजरायल के परमाणु ठिकाने हैं। इसके अलावा ईरान के खुफिया मंत्रालय की ओर से भी कहा गया है, उसे इजरायल के परमाणु कार्यक्रम और पश्चिमी देशों के साथ उसके संबंधों के बारे में गुप्त दस्तावेजों का खजाना मिला है।  ईरान के खुफिया एजेंटों ने इजरायल के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े बेहद गोपनीय दस्तावेज (Iran Issues Open Threat to Israel) कर लिए हैं हासिल  इस पूरे मामले पर ईरान के खुफिया मंत्री इस्माइल खातिब ने इसे बेहद खास और खुफिया उपलब्धि (Iran Issues Open Threat to Israel) बताया। इस उपलब्धि से गदगद इस्माइल खातिब ने कहा कि इनमें दस्तावेज, तस्वीरें और वीडियो शामिल हैं। जिन्हें जल्द ही सार्वजनिक किया जाएगा। ईरान की सुप्रीम राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने तो यहां तक कहा है कि इजरायली टारगेट का नक्शा सेना की टेबल पर है। हालाँकि इस दौरान ईरानी सरकारी टेलीविजन और अन्य मीडिया आउटलेट्स ने भी दावा किया है कि ईरान के खुफिया एजेंटों ने इजरायल के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े बेहद गोपनीय दस्तावेज हासिल कर लिए हैं। गौरतलब हो कि हाल ही में अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने इशारा किया था कि इजरायल जल्द ही ईरान के खिलाफ खतरनाक कदम उठा सकता है। यही नहीं, अमेरिकी इंटेलिजेंस के मुताबिक, इजरायल की सेना ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला कर सकती है। इतना ही नहीं अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने भी चेतावनी देते हुए कहा था कि ईरान परमाणु हथियार बनाने में इस्तेमाल होने योग्य यूरेनियम के भंडार को तेजी से बढ़ा रहा है। यही नहीं, साथ ही उन्होंने यह भी कहा था, ईरान ने उन्नत सेंट्रीफ्यूज का निर्माण शुरू कर दिया है। इसे भी पढ़ें:-  लॉस एंजिल्स में हुई हिंसा को लेकर भड़के ट्रंप, सख्त चेतावनी देते हुए कही यह बात   ईरान के साथ समझौता नहीं होता है तो ईरान पर हमला (Iran Issues Open Threat to Israel) होगा, जिसका नेतृत्व इजरायल करेगा इसके अलावा बीते महीने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा था कि उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से ईरान पर हमला रोकने (Iran Issues Open Threat to Israel) को कहा है ताकि अमेरिकी प्रशासन को तेहरान के साथ नए परमाणु समझौते पर आगे बढ़ने के लिए और समय मिल सके। खैर, यह पहली बात नहीं है जब अमेरिका ने ईरान को यह धमकी दी हो, इससे पहले भी अमेरिका और इजरायल परमाणु समझौते को लेकर लगातार ईरान को धमकी देते रहे हैं। अमेरिका ने सख्त लहजे में साफ कहा है, अगर ईरान के साथ समझौता नहीं होता है तो ईरान पर हमला (Iran Issues Open Threat to Israel) होगा, जिसका नेतृत्व इजरायल करेगा।  Latest News in Hindi Today Hindi news Iran Issues Open Threat to Israel #iran #israel #iranvsisrael #iranthreatens #israeltension #middleeastconflict #worldnews #breakingnews #currentaffairs #internationalrelations

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Indian student assaulted in America

Indian Student Slammed by US Police: अमेरिका में भारतीय छात्र के साथ अमानवीय बर्ताव, हथकड़ी लगाकर जमीन पर पटक दिया

अधिकतर भारतीय छात्रों का सपना विदेशों खासतौर पर अमेरिका में जाकर पढ़ना होता है। लाखों छात्र ऐसे हैं जो अमेरिका जाकर अपनी उच्च शिक्षा ग्रहण करते हैं , लेकिन जब से अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बने हैं तब भारतीय के खिलाफ अमानवीय व्यवहार किया जा (Indian Student Slammed by US Police) रहा है। इसी क्रम में अमेरिका के न्यू जर्सी में एक भारतीय छात्र के साथ अपराधियों जैसा दुर्व्यवहार किया गया। न्यू जर्सी के नेवार्क एयरपोर्ट पर छात्र को बुरी तरह टॉर्चर किया गया और इसके बाद डिपोर्ट कर दिया। जानकारी के मुताबिक मामला 7 जून की है। अमेरिकी अधिकारियों ने एक भारतीय छात्र को हथकड़ी लगाकर एयरपोर्ट पर बुरी तरह परेशान किया। उसे जमीन पर भी पटक दिया गया। उसे इस तरह अपमानित किया गया मानों वह कोई दुर्दांत अपराधी हो।  एक एनआरआई के रूप में, मुझे असहाय और टूटा हुआ महसूस (Indian Student Slammed by US Police) हुआ, यह एक मानवीय त्रासदी है इंडो अमेरिकन सोशल एंटरप्रेन्योर कुनाल जैन ने नेवार्क एयरपोर्ट पर हुई घटना को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर (Indian Student Slammed by US Police) की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर घटना बयां करते हुए कहा कि भारतीय छात्र फ्लाइट से उतरा ही था, लेकिन वह इमीग्रेशन अथॉरिटीज को आने का कारण नहीं समझा पाया। इसके बाद अथॉरिटी से जुड़े अधिकारियों ने उसके साथ अपराधी जैसा व्यवहार किया। कुणाल ने बताया कि वह सपनों का पीछा करते हुए आया था, कोई नुकसान नहीं पहुंचा रहा था। एक एनआरआई के रूप में, मुझे असहाय और टूटा हुआ महसूस हुआ। यह एक मानवीय त्रासदी है।  उन्होंने अमेरिका में भारतीय दूतावास से मामले की जांच करने और छात्र को सहायता प्रदान करने का भी अपील की। कुनाल ने आगे यह भी बताया कि ऐसे कई बच्चे हैं जो सुबह पहुंचते हैं और फिर शाम की फ्लाइट से हाथ-पांव बांधकर वापस भेज दिए जाते हैं। हर दिन 3-4 ऐसे मामले देखने मिल रहे हैं।  इसे भी पढ़ें:-  लॉस एंजिल्स में हुई हिंसा को लेकर भड़के ट्रंप, सख्त चेतावनी देते हुए कही यह बात  वीडियो में छात्र को जमीन पर गिरा हुआ देखा जा सकता (Indian Student Slammed by US Police) है इस पूरे वाकये का वीडियो वायरल हो गया है। वीडियो के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर आक्रोश फैल गया है। बता दें कि इस वीडियो को सबसे पहले भारतीय-अमेरिकी उद्यमी, कुणाल जैन ने रिकॉर्ड किया था। इसमें अमेरिकी अधिकारियों को छात्र के साथ एक अपराधी की तरह व्यवहार करते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में छात्र को जमीन पर गिरा हुआ देखा जा सकता (Indian Student Slammed by US Police) है। उसे कम से कम चार अधिकारियों ने उसे पकड़ रखा है। जिनमें से दो ने अपने घुटने उसकी पीठ पर रख दिए हैं। उन्होंने छात्र के हाथ-पैर में हथकड़ी लगा रखी थी। इस बीच कुनाल जैन ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को पोस्ट में टैग कर लिखा कि वह बच्चा मेरे साथ फ्लाइट से आने वाला था, लेकिन उसे फ्लाइट में नहीं बैठाया गया। किसी को पता करना चाहिए कि उसके साथ क्या हो रहा है? खैर, कहने की जरूरत नहीं, इस घटना से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की डिपोर्टेशन की सख्त कार्रवाई के बीच जिस तरह से सैकड़ों भारतीयों को अमेरिका से भारत भेजा गया था, उसकी यादें तरोताजा हो गईं। गौरतलब हो कि इससे पहले फरवरी में 100 से अधिक भारतीयों को भारत वापस लाया गया था। यूएस बॉर्डर पेट्रोल द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो में प्रवासियों को हथकड़ी और उनके पैरों में बेड़ियां डालते हुए देखा गया था।  Latest News in Hindi Today Hindi news Indian Student Slammed by US Police #IndianStudent #USPolice #PoliceBrutality #IndianAbroad #BreakingNews #JusticeForIndians #HumanRights #USNews #ViralNews #RacialProfiling

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US law and order

Trump Warns Strongly After Los Angeles Violence Incident: लॉस एंजिल्स में हुई हिंसा को लेकर भड़के ट्रंप, सख्त चेतावनी देते हुए कही यह बात 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने फैसलों को लेकर खासे चर्चा में बने हुए हैं। इस बीच उन्होंने कानून प्रवर्तन अधिकारियों को मास्क पहने प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार करने का आदेश (Trump Warns Strongly After Los Angeles Violence Incident) दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के बाद अवैध प्रवासियों को पहचानने और उन्हें अमेरिका से बाहर भेजने हेतु इमिग्रेशन ऑफिसर छापे मार रहे हैं। ट्रंप के इस आदेश का खुलकर विरोध देखने मिल रहा है। विरोध में लोग सड़कों पर निकल रहे हैं। आदेश के विरोध में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि कानूनी रूप से अमेरिका में रह रहे लोगों को भी बेवजह परेशान किया जा रहा। जानबूझकर समाज में फूट डालने की कोशिश की जा रही है। बता दें कि रविवार को राज्य सरकार की घोर आपत्तियों के बावजूद डोनाल्ड ट्रंप ने आदेश निकालकर लॉस एंजिल्स की सड़कों पर 2000 सैनिक उतार दिए थे। ट्रंप के फैसले का पूरे लॉस एंजिल्स में विरोध हो रहा है। देखते ही देखते आव्रजन कार्रवाई के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शनों के बीच लॉस एंजिल्स में तनाव बढ़ गया है। कई स्थानों पर आगजनी और हिंसा भी हुई है। चेहरे पर मास्क पहने लोगों को तुरंत (Trump Warns Strongly After Los Angeles Violence Incident) करो गिरफ्तार  इस बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने लॉस एंजिल्स में प्रदर्शनकारियों को चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि अगर प्रदर्शनकारी पुलिस अधिकारियों या सैनिकों पर थूकते हैं तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। ट्रंप ने कहा कि लॉस एंजिल्स पर अवैध विदेशियों और अपराधियों ने आक्रमण करके कब्जा कर लिया है। हिंसक, विद्रोही भीड़ हमारे फेडरल एजेंट्स पर हमला कर रही है और हमारे निर्वासन अभियानों को रोकने की कोशिश कर रही है, लेकिन ये अराजक दंगे हमारे संकल्प को और मजबूत करते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने सोशल ट्रुथ प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में कहा, चेहरे पर मास्क पहने लोगों को तुरंत गिरफ्तार (Trump Warns Strongly After Los Angeles Violence Incident) करें। हिंसा पर भड़के अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अब से, विरोध प्रदर्शनों में मास्क पहनने की कतई अनुमति नहीं दी जाएगी। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि संघीय सरकार के पास ऐसा आदेश जारी करने का अधिकार है भी या नहीं। खैर, प्रदर्शनकारी अपनी पहचान छुपाने और पुलिस के हथियारों से निकलने वाले धुएं से खुद को बचाने के लिए मास्क पहन रहे हैं। इस बीच कैलिफोर्निया के शहर लॉस एंजिल्स के गवर्नर गेविन न्यूसोम ने कहा, उन्होंने ट्रंप प्रशासन से लॉस एंजिल्स में नेशनल गार्ड की तैनाती को रद्द करने का औपचारिक अनुरोध किया है। न्यूसोम ने सैनिकों की तैनाती को राज्य संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। इसे भी पढ़ें:-एपस्टीन की बाल यौन शोषण की फाइल में ट्रंप का नाम, इसीलिए नहीं हो रही जारी-  एलन मस्क ने लगाया गंभीर आरोप  1965 के बाद यह पहली बार है जब नेशनल गार्ड फोर्स को (Trump Warns Strongly After Los Angeles Violence Incident) किया है सक्रिय  ध्यान देने वाली बात यह कि साल 1965 के बाद यह पहली बार है जब किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने उस राज्य के राज्यपाल के अनुरोध के बिना किसी राज्य के नेशनल गार्ड फोर्स को सक्रिय (Trump Warns Strongly After Los Angeles Violence Incident) किया है। बता दें कि इससे पहले राष्ट्रपति लिंडन जॉनसन ने मॉन्टगोमरी, अलबामा में नागरिक अधिकार प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा के लिए सेना भेजी थी। गौरतलब हो कि नेशनल गार्ड अमेरिका की एक रिजर्व सेना है। नेशनल गार्ड के पास कई जिम्मेदारियां हैं, मसलन घरेलू आपदा राहत और सुरक्षा के साथ अमेरिका की जमीन की रक्षा और नागरिक अशांति की रोकथाम करना शामिल है। और इसके साथ ही विदेशों में अमेरिकी सैन्य तैनाती के लिए रिजर्व फोर्स के रूप में काम भी करती है।  Latest News in Hindi Today Hindi news #donaldtrump #losangelesviolence #trumpnews #lawandorder #breakingnews #usa #trumpwarning

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Russia Attacks Ukraine With 400 Drones: रूस ने 400 ड्रोन और 40 बैलिस्टिक मिसाइलों ने मचाई यूक्रेन में तबाही, सहमे यूक्रेनी राष्ट्रपति

विगत 3 वर्षों से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध बढ़ते समय के साथ-साथ और भी आक्रामक होता जा रहा है। साल 2022 से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध 2025 आते-आते चरम पर आ पहुंचा है। यूक्रेन द्वारा रूस को दहलाने के बाद रूस ने पलटवार करना शुरू कर दिया है। इस क्रम में रूस ने यूक्रेन के लगभग सभी प्रमुख क्षेत्रों पर 400 से अधिक ड्रोन और 40 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलों से एक के बाद एक ताबड़तोड़ भीषण हमला (Russia Attacks Ukraine With 400 Drones) किया। यकायक हुए इस हमले रूस ने यूक्रेन के वोलिन, टेरनोपिल, कीव, सुमी, लविवि, पोल्टावा, खमेलनित्सकी, चर्कासी और चेर्निहिव को निशाना बनाया है। रूस के उस पलटवार से डरे सहमें यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक भावनात्मक और आक्रोशित बयान जारी किया। जारी इस बयान में उन्होंने कहा कि यूक्रेनी वायुसेना ने कई मिसाइलों और ड्रोन को गिराने में सफलता पाई। तीन आपातकालीन सेवा कर्मचारियों की मौत और 49 लोगों के घायल होने की पुष्टि हो चुकी है। मलबे की सफाई और बचाव अभियान जारी है।  आम लोगों को निशाना बना रहा (Russia Attacks Ukraine With 400 Drones) है-  यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की  रूस के इस पलटवार पर यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने आगे कहा, रूस अपनी नीति नहीं बदल रहा है। वह आम लोगों को निशाना बना रहा (Russia Attacks Ukraine With 400 Drones) है। यह युद्ध अब सिर्फ यूक्रेन का नहीं, बल्कि मानवता का युद्ध बन गया है। रूस को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि रूस को अंतरराष्ट्रीय जवाबदेही के तहत लाना चाहिए। अमेरिका, यूरोप और पूरी दुनिया को अब निर्णायक दबाव बनाना होगा। अगर वैश्विक नेता चुप हैं तो यह भी एक तरह की मिलीभगत है। अब निर्णायक कार्यवाही का समय है। केवल समर्थन से युद्ध रुकने वाला नहीं है। हालांकि यूक्रेन ने शुरू से ही यह स्पष्ट किया है कि वह अकेले लड़ते-लड़ते अब थक चुका है। उसने नाटो, यूरोपीय संघ, अमेरिका और अन्य सहयोगी देशों से अपेक्षा की है कि वे रूस पर आर्थिक प्रतिबंधों को और कठोर करें। इसके अलावा हथियारों और सैन्य संसाधनों की आपूर्ति तेज करें। राजनयिक स्तर पर दबाव बनाए और रूस को बातचीत के लिए मनाएं।  इसे भी पढ़ें:-एपस्टीन की बाल यौन शोषण की फाइल में ट्रंप का नाम, इसीलिए नहीं हो रही जारी-  एलन मस्क ने लगाया गंभीर आरोप  2022 से अब तक यूक्रेन के तकरीबन हजारों नागरिक मारे (Russia Attacks Ukraine With 400 Drones) गए और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं बता दें कि रूस के खिलाफ युद्ध में कई लोगों ने यूक्रेन को मदद पहुंचाई है, अन्यथा रूस से लड़ पाना यूक्रेन के बस की बात ही नहीं थी। खबर के मुताबिक इस दौरान अमेरिका की तरफ से लगातार मौकों पर सुरक्षा सहायता पैकेज दिया गया। तो वहीं, यूरोप ने एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम मुहैया कराया है और इसके अलावा नाटो की सीमाओं पर निगरानी बढ़ा दी गई। हालांकि, इसके बावजूद यूक्रेनी राष्ट्रपति को लगता है कि उन्हें मिलने वाला सहयोग इस युद्ध के लिए पर्याप्त नहीं है। ध्यान देने वाली महत्वपूर्ण बात यह कि साल 2022 से अब तक यूक्रेन के तकरीबन हजारों नागरिक मारे (Russia Attacks Ukraine With 400 Drones) गए और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं। इससे यूक्रेन की अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचा बुरी तरह प्रभावित हुआ है। असल मायनों में देखा जाये तो युद्ध से यूक्रेन को सिवाय नुकसान के कुछ भी हाथ नहीं लगा है। और तो और यूक्रेन भलींभाँति जनता भी है कि अंततः हार उसी की ही होनी है, बावजूद इसके वो न हार मानने के लिए तैयार हो रहा है और न ही शांति समझौते के लिए तैयार हो रहा है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Russia Attacks Ukraine With 400 Drones #RussiaUkraineWar2025 #DroneAttack #BallisticMissile #Zelensky

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Elon Musk accuses authorities of hiding Epstein's files

Elon Musk accuses authorities of hiding Epstein’s files: एपस्टीन की बाल यौन शोषण की फाइल में ट्रंप का नाम, इसीलिए नहीं हो रही जारी-  एलन मस्क ने लगाया गंभीर आरोप 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) और डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (डीओजीई) के पूर्व प्रमुख एलन मस्क (Elon Musk) के बीच तकरार बढ़ता जा रहा है। दोनों के बीच चल रहे वार-पलटवार के बीच मस्क ने डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एलन मस्क (Elon Musk) ने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर एक पोस्ट करते हुए दावा किया है कि “डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) का नाम एपस्टीन की फाइल (Epstein Files) में दर्ज है, इसीलिए उसे जारी नहीं किया जा रहा है। अब समय आ गया है कि बड़ा बम गिराया जाए। आप सभी का दिन शुभ हो, डीजेटी!” उन्होंने यह भी लिखा कि, “इस पोस्ट को भविष्य के लिए मार्क कर लें, सच्चाई जल्द ही सामने आ जाएगी।” बता दें कि यह पूरा मामला यौन तस्करी के आरोपी अरबपति जेफरी एपस्टीन से जुड़ा हुआ है। एपस्टीन पर साल 2019 में यौन शोषण और तस्करी के आरोप लगे थे। इस मामले का खुलासा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली वर्जीनिया गिफ्रे ने उसी साल आत्महत्या कर ली थी। गिफ्रे ने खुलासा किया था कि वो एप्सटीन की करीबी सहयोगी घिसलीन मैक्सवेल के कारण एप्सटीन से मिली थी। इसके बाद एप्स्टीन ने उसे साल 1999 से 2002 के बीच कई बड़े लोगों के पास अनैतिक कार्य करने के लिए भेजा। गिफ्रे ने इस दौरान कई प्रभावशाली लोगों के नाम का खुलासा भी किया था।  रबपति एपस्टीन को एक समय में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का खास दोस्त माना जाता था इनमें ब्रिटेन के प्रिंस एंड्रयू और फ्रांस के मॉडलिंग एजेंट जीन-ल्यूक ब्रनेल जैसे बड़े नाम भी शामिल थे। इस खुलासे के बाद एप्सटीन को गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन वो उसी साल जेल में मृत पाए गए। ग्रिफे और एप्सटीन की मौत को आधिकारिक तौर पर सुसाइड करार दिया गया, लेकिन कई लोग दावा करते हैं कि दोनों की हत्या की गई। एप्सटीन पर यह भी आरोप था कि उसने 2002 और 2005 के बीच मैनहट्टन और फ्लोरिडा में रहने वाले अमीरों के पास नाबालिग लड़कियों को भेजता था और वहां पर उनका यौन शोषण होता था। एपस्टीन फाइल का एक हिस्सा इसी साल जारी किया गया था। इस फाइल में एपस्टीन के फाइनेंसरों और बाल यौन अपराध में शामिल कई हाई-प्रोफाइल सहयोगियों का विवरण था। अरबपति एपस्टीन को एक समय में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का खास दोस्त माना जाता था। हालांकि, एपस्टीन फाइल में ट्रम्प का नाम नहीं था, लेकिन एपस्टीन के साथ दोस्ती के कारण ट्रंप कई साल जांच के दायरे में रहे।  इसे भी पढ़ें:- अमेरिका में इस वजह से एक सनकी ने यहूदी भीड़ पर फेंका पेट्रोल बम, लगाया ‘फ्री फिलिस्तीन’ का नारा ट्रंप ने मस्क को दी सब्सिडी बंद करने की (Elon Musk accuses authorities of hiding Epstein’s files) धमकी  बता दें कि एलन मस्क ने हाल ही में डीओजीई प्रमुख का पद छोड़ ट्रंप प्रशासन से अगल हो गए। ऐसा माना जा रहा है कि अमेरिका के नए टैक्‍स बिल को लेकर दोनों के बीच तनाव था। इसके बाद से ही ट्रंप और मस्क के बीच जुबानी जंग छिड़ी हुई है। मस्क ने ट्रंप पर “अमेरिका को दिवालिया बनाने” का आरोप लगाया था। जिसके बाद ट्रंप ने एक बयान देते हुए कहा कि ”वो मस्क की टेस्ला और एयरोस्पेस कंपनी को मिलने वाली सरकारी सब्सिडी को बंद कर सकते हैं।” जिसके बाद से टेस्ला कंपनी के शेयरों में भारी गिरावट हुई है। ट्रंप के इस घोषणा का जवाब देते हुए मस्क ने ट्रंप को कहा, ”अगर वह साथ नहीं देते तो ट्रंप राष्‍ट्रपति चुनाव नहीं जीत पाते, जो करना हो, वो कर लो।” Latest News in Hindi Today Hindi news Donald Trump ElonMusk #TrumpEpstein #JeffreyEpstein #ChildAbuseFiles #TrumpControversy #EpsteinList #MuskVsTrump

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Bilawal Bhutto statement 2025

Bilawal Bhutto on Kashmir, No Help from UN: कश्मीर का राग अलापते हुए बिलावल भुट्टो ने कहा- “UN से भी नहीं मिली कोई मदद”

पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी (Bilawal Bhutto) अमेरिका में एक संसदीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसका काम हाल के क्षेत्रीय तनावों पर इस्लामाबाद की पक्ष को रखना है। इस प्रतिनिधिमंडल का मुख्य उद्देश्य ऑपरेशन सिंदूर के नतीजे पर दुनिया को गुमराह करना है। कहने की जरूरत नहीं जिस तरह पाकिस्तान ने अपने प्रतिनिधिमंडल को विदेशों में भेजा है उसे देखकर तो यही कहा जा सकता है कि ये हूबहू भारत की नक़ल कर रहा है। दरअसल, भारत ने अपने कई सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल विदेशों में भेजे हैं। जिसका उद्देश्य पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर नई दिल्ली के स्टैंड को दुनिया के सामने रखना है। मजे की बात यह कि पाकिस्तान भी ठीक इसी तर्ज पर अपना प्रतिनिधि मंडल विदेशों में भेजा है। इसी क्रम में सोमवार को न्यूयॉर्क पहुंचने के बाद से बिलावल भुट्टो के प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष कैरोलिन रोड्रिग्स-बिर्केट और महासभा के अध्यक्ष फिलेमोन यांग से मुलाकात (Bilawal Bhutto on Kashmir, No Help from UN) की है। दौरान उन्होंने  चीन, रूस, संयुक्त राज्य अमेरिका और फ्रांस के स्थायी प्रतिनिधियों, सुरक्षा परिषद के चार अन्य स्थायी सदस्यों के साथ-साथ गैर-स्थायी सदस्य देशों के प्रतिनिधियों के साथ भी बातचीत की। संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर मुद्दे को उठाने के इस्लामाबाद के प्रयासों को लगातार असफलताओं का सामना (Bilawal Bhutto on Kashmir, No Help from UN) करना पड़ा है इस दौरान पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो (Bilawal Bhutto) ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार (Bilawal Bhutto on Kashmir, No Help from UN) किया है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों, मुख्यतः संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर मुद्दे को उठाने के इस्लामाबाद के प्रयासों को लगातार असफलताओं का सामना करना पड़ा है। बता दें कि मंगलवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र के मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में अपनी बात रखते हुए भुट्टो ने कहा, जहां तक ​​​​संयुक्त राष्ट्र के भीतर और सामान्य तौर पर कश्मीर मुद्दे का सवाल है, हम जिन बाधाओं का सामना करते हैं, वे अभी भी मौजूद हैं। इस बीच संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों और राजनयिकों के साथ बातचीत के दौरान भुट्टो ने कहा, जल विवाद और आतंकवाद जैसे विषयों पर पाकिस्तान बात करने को तैयार है।  इसे भी पढ़ें:- अमेरिका में इस वजह से एक सनकी ने यहूदी भीड़ पर फेंका पेट्रोल बम, लगाया ‘फ्री फिलिस्तीन’ का नारा पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य जगहों पर कश्मीर मुद्दे पर अपने अभियान में कोई प्रगति नहीं की-  बिलावल भुट्टो (पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष) यही नहीं, न्यूयार्क में संवाददाता सम्मेलन में भुट्टो (Bilawal Bhutto) ने कश्मीर का राग (Bilawal Bhutto on Kashmir, No Help from UN) अलापा। डेलीगेशन की अगुवाई कर रहे बिलावल भुट्टो माना है कि उनके देश ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य जगहों पर कश्मीर मुद्दे पर अपने अभियान में कोई प्रगति नहीं की है। इस मुद्दे पर उन्होंने आगे कहा, जहां तक ​​संयुक्त राष्ट्र और सामान्य तौर पर कश्मीर मुद्दे का सवाल है, हमारे सामने आने वाली बाधाएं अभी भी मौजूद हैं। इस पर उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों और राजनयिकों के साथ अपनी बैठकों में उन्हें आतंकवाद और जल जैसे मुद्दों पर तो मदद मिली, लेकिन यह कश्मीर तक नहीं पहुंची।  Latest News in Hindi Today Hindi news Bilawal Bhutto #BilawalBhutto #KashmirIssue #UNStatement #PakistanPolitics #IndiaPakistan #KashmirDispute #UNNews

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Russia Ukraine conflict escalation

Putin destroy Ukraine to prove his power: रूस ने निकाला परमाणु हथियारों का जखीरा, महाविनाश तय, यूक्रेन बर्बाद कर के ही मानेंगे पुतिन?

रूस तकरीबन पिछले 2 वर्षों से युद्ध में उलझा हुआ है। इस बीच यूक्रेन-रूस युद्ध दिन-ब-दिन घातक होता जा रहा है। ऐसे में दुनिया तीसरे विश्व युद्ध की आहट को अनदेखा नहीं कर सकती। इसके पीछे की वजह यह कि पुतिन ने परमाणु हथियारों का जखीरा निकाल लिया है। इस कदम से रूस और यूक्रेन की जंग अब विश्व युद्ध में तब्दील होती दिखायी दे रही है। दरअसल, एक न्यूज रिपोर्ट में दावा किया गया था कि रूस ने 50 हजार सेना के जवान तैनात किए हैं। ये कीव पर बड़ा हमला कर सकते हैं। इससे पहले की रूस कुछ करता यूक्रेन ने रूस पर भीषण ड्रोन अटैक कर दिया। इस हमले से रूस को बड़ा भारी नुकसान पहुंचा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हमले में रूस के 2 एयरबेस के अलावा मॉस्को स्थित परमाणु स्टेशन पर भी ड्रोन अटैक हुए हैं। यूक्रेन द्वारा रूस में बड़ा ड्रोन हमला करके उसके 5 एयरबेस पर तबाही मचाने के बाद रूस ने यह कदम (Putin destroy Ukraine to prove his power) उठाया है। इस तबाही से रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) के धैर्य की सीमा टूट चुकी है। यहाँ तक कि पुतिन ने यूक्रेन पर ओरेशनिक वारहेड्स से अटैक करने की धमकी दी है। रूस ने आरपार की लड़ाई का मूड बना लिया है। बहुत मुमकिन है कि जल्द ही पुतिन भी इस ड्रोन हमले का करारा जवाब दें। कारण यही जो रूस ने फाइटर परमाणु स्टेशन को हाई अलर्ट पर रखा है।  हमारे ओरेशनिक वारहेड्स सूर्य के तापमान तक पहुंचते हैं, यह बेहद विनाशकारी (Putin destroy Ukraine to prove his power) होते हैं यही नहीं, यूक्रेन के ड्रोन हमले के बाद रूसी राष्ट्रपति (Vladimir Putin) का पहला बयान भी आ गया है। पुतिन ने कहा, हम यूक्रेन पर ऐसे वारहेड से जवाबी हमला करेंगे, जो जिनकी गर्मी सूर्य के तापमान तक पहुंच (Putin destroy Ukraine to prove his power) जाती है। सख्त लहजे में पुतिन ने आगे कहा कि हमारे ओरेशनिक वारहेड्स सूर्य के तापमान तक पहुंचते हैं। यह बेहद विनाशकारी होते हैं। पुतिन ने यूक्रेन को खतरनाक तीखी चेतावनी जारी करते हुए कहा, रूस अब लक्ष्य चुन रहा है और यह लक्ष्य यूक्रेन की सीमाओं से भी परे हो सकते हैं। इस बात से कतई इंकार नहीं किया जा सकता कि यदि रूस यूक्रेन पर हमले के लिए ओरेशनिक वारहेड्स का इस्तेमाल करता है, तो भयानक तबाही मच सकती है। पुतिन के इस बयान को पश्चिमी सहयोगियों, अमेरिका और नाटो के लिए एक सीधी धमकी माना जा रहा है। खैर, इस बीच ब्रिटिश एक्टिविस्ट जिम फार्ग्यूसन की माने तो, रूस ने एंटी मिसाइल एयर डिफेंस सिस्टम को भी एक्टिव कर दिया है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि सैटेलाइट डेटा से मिली जानकारी के अनुसार, वारहेड मार्गों पर असामान्य सैन्य गतिविधि के संकेत मिल रहे हैं। फार्ग्यूसन के मुताबिक इस तरह की गतिविधियां क्यूबा मिसाइल संकट के बाद कभी नहीं देखी गयीं। इस दौरान उन्होंने कहा, यह सिर्फ परमाणु धमकी तक सीमित नहीं है, बल्कि नाटो-गठबंधन वाले यूक्रेन और रूस के बीच परमाणु युद्ध के संकेत हैं। इसे भी पढ़ें:- अमेरिका में इस वजह से एक सनकी ने यहूदी भीड़ पर फेंका पेट्रोल बम, लगाया ‘फ्री फिलिस्तीन’ का नारा ओरेशनिक वारहेड्स रूस की हाइपरसोनिक मिसाइलें (Putin destroy Ukraine to prove his power) हैं बता दें कि ओरेशनिक वारहेड्स रूस की हाइपरसोनिक मिसाइलें हैं। ये किसी भी देश के मौजूदा एंटी-मिसाइल डिफेंस सिस्टम को चकमा देकर बेहद तेज़ और सटीक हमले करने में सक्षम हैं। यह ध्वनि की गति से 5 गुना अधिक तेज चलती हैं। जानकारी के मुताबिक रूस के पास ऐसे ओरेशनिक वारहेड्स हैं जो 3 किलोमीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से उड़ते हैं और टारगेट पर गिरते समय उनका तापमान 4000 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। जोकि लगभग सूर्य की सतह के तापमान के बराबर है। यह रूस की अत्याधुनिक हाइपरसोनिक मिसाइल वॉरहेड्स (Putin destroy Ukraine to prove his power) हैं। यह महाविनाश और भयानक तबाही लाने के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में यदि पुतिन यूक्रेन पर ओरेशनिक वारहेड्स से हमला करते हैं तो, यह दुनिया को तीसरे विश्वयुद्ध में भी धकेल सकता है। पुतिन के इस बयान के बाद अमेरिका, ब्रिटेन और नाटो बड़े चिंतित हो गए हैं। जानकारों का मानना है कि पुतिन (Vladimir Putin) का यह संदेश सिर्फ सैन्य नहीं, बल्कि मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की रणनीति भी है। खैर, इस बीच संयुक्त राष्ट्र समेत कई यूरोपीय देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और युद्ध को और आगे बढ़ने से रोकने की अपील की है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Putin destroy Ukraine to prove his power #Putin #UkraineWar #NuclearWeapons #RussiaUkraineConflict #WW3 #GlobalTensions #Zelensky #RussiaNews

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