Donald Trump on India Pakistan tension

Trump Reacts to India-Pakistan Tension: भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर चिंतित अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कही यह बात 

22 अप्रैल को जम्मू और कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हुए कायराना हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान की नाम में दम कर दिया है। भारत ने आतंकियों की जन्नत कहे जाने वाले पाकिस्तान के रातों की नींद ख़राब कर दी है। 6-7 मई की रात भारत सेना ने पाकिस्तान की सीमा में 100 किलोमीटर घुसकर बहावलपुर स्थित जैश के हेड क्वार्टर को नष्ट कर दिया। भारत में एक साथ 9 जगह एयर स्ट्राइक कर बता दिया कि आतंकियों को वो किसी भी हाल में बख्शने वाला। गुजरते वक़्त के साथ दोनों देशों के बीच तनातनी बढ़ती ही जा रही है। ऐसे में दुनिया दो परमाणु-सशस्त्र राष्ट्रों के बीच बढ़ते तनाव को लेकर तनाव समूची दुनिया सकते में है। दरअसल, दोनों देश परमाणु संपन्न होने के नाते परमाणु युद्ध की आशंका भी जताई जा रही है। इस बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए शुक्रवार को व्हाइट हाउस ने (Trump Reacts to India-Pakistan Tension) कहा कि “अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प चाहते हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव जितनी जल्दी हो सके कम हो।” ष्ट्रपति ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह इसे जितनी जल्दी हो सके कम होते देखना चाहते (Trump Reacts to India-Pakistan Tension) हैं दरअसल, एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि “राष्ट्रपति ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह इसे जितनी जल्दी हो सके कम होते देखना चाहते (Trump Reacts to India-Pakistan Tension) हैं।” उन्होंने आगे कहा कि “भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चल रहा संघर्ष राष्ट्रपति ट्रम्प के पदभार संभालने से बहुत पहले से चला आ रहा है।” अहम बात यह कि व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब बुधवार की सुबह ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकी ठिकानों पर भारत द्वारा किए गए हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य कार्रवाई तेज हो गई है। इसे भी पढ़ें:- अकेला पड़ा पाकिस्तान, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि हम युद्ध के बीच में नहीं पड़ेंगे” ट्रंप के दोनों देशों के नेताओं के साथ अच्छे हैं (Trump Reacts to India-Pakistan Tension) संबंध  जानकारी के लिए बता दें कि उन्होंने यह टिप्पणी भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे संघर्ष में मध्यस्थता या प्रभाव डालने के अमेरिकी प्रयासों के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में की। पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि “ट्रंप के दोनों देशों के नेताओं के साथ अच्छे संबंध हैं (Trump Reacts to India-Pakistan Tension) और रुबियो दोनों देशों के नेताओं के साथ लगातार संपर्क में हैं और इस संघर्ष को समाप्त करने का प्रयास कर रहे हैं। यही नहीं, अपनी कॉल के दौरान, एस जयशंकर ने रुबियो को बताया कि भारत स्थिति को बढ़ाने के पाकिस्तान के किसी भी प्रयास का दृढ़ता से मुकाबला करेगा। Latest News in Hindi Today Hindi news Trump Reacts to India-Pakistan Tension #TrumpOnIndiaPakistan #IndiaPakistanTension #DonaldTrump #IndoPakConflict #USPresident #SouthAsiaCrisis #TrumpStatement #KashmirTension #PeaceTalks #BreakingNews

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JD Vance war comment

US Vice President JD Vance makes it clear: अकेला पड़ा पाकिस्तान, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि हम युद्ध के बीच में नहीं पड़ेंगे”

22 अप्रैल हुए हमले के बाद गुजरते वक़्त के साथ-साथ भारत और पाकिस्तान के बीच स्थिति बेहद तनावपूर्ण होती जा रही है।  इन दोनों देशों के बीच मौजूदा हालत पर दुनिया के दुनिया भर के देशों की नजर है। ऑपरेशन सिंदूर चलाकर भारत ने पहलगाम हमले का बदला लिया। इससे तिलमिलाए पाकिस्तान ने गुरुवार की रात भारत के कई इलाकों पर हमला करने की कोशिश की, जिसे भारतीय सेना ने विफल कर दिया। पाकिस्तान की इस कार्रवाई के जवाब में सेना ने पाक के कई शहरों को निशाना बनाया। इसके अलावा भारत ने गुरुवार रात पाकिस्तान के 50 ड्रोन के साथ-साथ चार फाइटर जेट्स को भी ढेर कर दिया है। इस दरम्यान दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एक बयान दिया है। दरअसल, अमेरिका के उप राष्‍ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि हम युद्ध के बीच में नहीं (US Vice President JD Vance makes it clear) पड़ेंगे। यह भारत और पाकिस्‍तान के बीच का मसला है। इसके साथ ही वेंस ने यह भी कहा कि “उम्‍मीद है कि परमाणु युद्ध नहीं होगा।” हम युद्ध के बीच में नहीं पड़ने जा रहे हैं (US Vice President JD Vance makes it clear)   गौरतलब ही कि साल 1971 में जब भारत-पाकिस्तान के बीच जंग हुई थी तो उस दौरान भारत पर सैन्य दबाव बढ़ाने के लिए पाकिस्तान के साथ खड़ा दिख रहा था। अमेरिका ने बंगाल की खाड़ी में अपना जंगी जहाज तक उतार दिया था। लेकिन इस बार अमेरिका ने अलग ही रुख अख्तियार किया है। उसने साफ कर दिया है कि वह इसके बीच में नहीं (US Vice President JD Vance makes it clear) पड़ेगा। जेडी वेंस ने कहा कि देखिए, हम इस बात को लेकर चिंतित हैं कि कहीं परमाणु शक्तियां आपस में टकरा न जाएं और कोई बड़ा संघर्ष न हो जाए। अपनी चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि “वाशिंगटन चाहता है कि तनाव जल्द से जल्द कम हो। हम इन देशों को नियंत्रित नहीं कर सकते। भारत को पाकिस्तान से कुछ शिकायतें हैं। पाकिस्तान ने भारत को जवाब दिया है। हम इन लोगों से अपील कर सकते हैं कि वे तनाव को कुछ कम करने की कोशिश करें लेकिन हम युद्ध के बीच में नहीं पड़ने जा रहे। वास्तव में इससे हमारा कोई लेना देना नहीं है।” इसे भी पढ़ें:-  जैश और लश्कर का हेडक्वाटर तबाह, वजह यही जो भारत ने पाकिस्तान के इन ठिकानों को बनाया निशाना अमेरिका भारतीयों से हथियार डालने के लिए नहीं (US Vice President JD Vance makes it clear) कह सकता इस बीच जेडी वेंस ने कहा कि “अमेरिका भारतीयों से हथियार डालने के लिए नहीं (US Vice President JD Vance makes it clear) कह सकता। हम पाकिस्तानियों से हथियार डालने के लिए नहीं कह सकते। इसलिए हम कूटनीतिक माध्यमों से इस मामले को आगे बढ़ाते रहेंगे। हमें आशा और अपेक्षा है कि यह किसी व्यापक क्षेत्रीय युद्ध या भगवान न करे, किसी परमाणु संघर्ष में न बदल जाए, लेकिन हम इन चीजों को लेकर निश्चित रूप से चिंतित हैं। मुझे लगता है कि यहां कूटनीति और शांत दिमाग से काम करना होगा,ताकि यह सुनिश्चित हो कि यह परमाणु युद्ध न बन जाए। अगर ऐसा हुआ तो यह निश्चित रूप से विनाशकारी होगा। अभी हमें नहीं लगता कि ऐसा होने वाला है।  Latest News in HindiToday Hindi news US Vice President JD Vance makes it clear #JDVance #PakistanIsolation #USForeignPolicy #WarStance #USVPNews #MiddleEastCrisis #Geopolitics #PakistanAlone #GlobalTensions #JDVanceSpeech

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UNSC meeting on Pakistan

Pakistan Fails at UNSC: यूएनएससी में नहीं गली पाकिस्तान की दाल, मीटिंग तो हुई लेकिन कोई बयान नहीं हुआ जारी

22 अप्रैल को जम्मूकश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव इस कदर बढ़ गया है कि दोनों देशों में युद्धपूर्ण हालात बने हुए हैं। भारत के एक्शन से पाकिस्तान में खौफजदा है। जिसके चलते उसने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) से इस मुद्दे पर मीटिंग की मांग की थी। पाकिस्तान की मांग पर यूएनएससी में बंद कमरे में मीटिंग हुई। मजे की बात यह कि मीटिंग तो हुई, लेकिन मीटिंग के बाद कोई बयान नहीं (Pakistan Fails at UNSC) जारी किया गया। आम तौर पर जब किसी मुद्दे पर यूएनएससी में मीटिंग होती है, तब मीटिंग के बाद एक बयान जारी कर मीटिंग से संबंधित सभी जानकारी दी जाती है। हैरत यह कि इस बार ऐसा कुछ नहीं हुआ। पाकिस्तान की लाख कोशिशों के बाद भी यूएनएससी  ने भारत को लेकर एक शब्द भी नहीं कहा। ध्यान देने वाली बात यह कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान की न सिर्फ चाल नाकामयाब रही और बल्कि उसके सारे ड्रामे भी धरे के धरे रह गए।  बढ़ते तनाव के मद्देनजर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (Pakistan Fails at UNSC) ने बंद कमरे में किया गया विचार-विमर्श गौरतलब हो कि भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (Pakistan Fails at UNSC) ने बंद कमरे में विचार-विमर्श किया। इस दौरान दूतों ने संयम और बातचीत की बात कही। 15 देशों की सुरक्षा परिषद द्वारा आयोजित यह परामर्श सोमवार दोपहर को लगभग डेढ़ घंटे तक चला। यह तो ठीक, लेकिन बैठक के बाद परिषद की ओर से कोई बयान जारी नहीं किया गया। वर्तमान में परिषद का अस्थायी सदस्य होने के नाते पाकिस्तान, ने परमाणु-सशस्त्र पड़ोसियों के बीच स्थिति पर बंद कमरे में बातचीत करने की गुजारिश की थी। खैर, इस बीच संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत असीम इफ्तिखार अहमद ने बैठक के बाद संवाददाताओं को जानकारी देते हुए कहा कि “बंद कमरे में विचार-विमर्श के उद्देश्यों में परिषद के सदस्यों को भारत और पाकिस्तान के बीच बिगड़ते सुरक्षा माहौल और बढ़ते तनाव पर चर्चा करने और स्थिति को संभालने के तरीकों पर विचारों का आदान-प्रदान करने में सक्षम बनाना शामिल था, जिसमें टकराव से बचना भी शामिल था। जिसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इसे भी पढ़ें:-   पहलगाम हमले के बाद पाक आर्मी में गजब का खौफ, इस वजह से लोगों से की 2 महीने का राशन जमा करने की अपील पाकिस्तान को आशंका है कि भारत उस पर कभी भी हमला कर (Pakistan Fails at UNSC) सकता है बता दें कि कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में पाकिस्तान का हाथ सामने आया है। भारत ने हर हाल में इस आतंकी हमले का बदला लेने का मूड बना लिया है। भारत के इस कदम के बाद से पाकिस्तान में खौफ का माहौल है। पाकिस्तान के डर का आलम आप इसी से लगा सकते हैं कि वो कई देशों की शरण में जाकर युद्ध रुकवाने की विनंती कर (Pakistan Fails at UNSC) रहा है। दरअसल, पाकिस्तान को आशंका है कि भारत उस पर कभी भी हमला कर सकता है। यही नहीं, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि भारत कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास किसी भी समय सैन्य हमला कर सकता है। उनके इस बयान से पाकिस्तान में दहशत का माहौल है। आसिफ ने संवाददाताओं से कहा कि “ऐसी खबरें हैं कि भारत नियंत्रण रेखा के पास किसी भी स्थान पर हमला कर सकता है।” इस दौरान उन्होंने कहा कि “अगर भारत ने ऐसा किया तो इसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।” यही नहीं ख्वाजा ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने (पहलगाम) हमले की अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की है। जांच से यह पता चल जाएगा कि भारत खुद या कोई आंतरिक संगठन इसमें शामिल था या नहीं और नयी दिल्ली के बेबुनियाद आरोपों के पीछे की सच्चाई स्पष्ट हो जाएगी।’’ Latest News in HindiToday Hindi news Pakistan Fails at UNSC #PakistanUNSCFailure #UNSC #PakistanNews #UNUpdate #IndiaVsPakistan #DiplomaticSetback #GlobalPolitics #UNSCMeeting #PakistanFails #UnitedNations

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Trump's $1000 Offer to Immigrants

Trump’s $1000 Offer to Immigrants to Leave USA: इन लोगों को डोनाल्ड ट्रंप दे रहे हैं यह ऑफर, अमेरिका छोड़कर जाओ, 1 हजार डॉलर पाओ

जब से डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) अमेरिका के राष्ट्रपति बने हैं तब से वो अमेरिका में रह रहे अवैध प्रवासियों पर नकेल कस रहे हैं। लाखों लोगों को उन्होंने बाहर का रास्ता दिखाया है। पूरी दुनिया से आये अवैध प्रवासियों के खिलाफ उन्होंने एक मुहीम चला रखी है। इस बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अवैध प्रवासियों के लिए खास ऑफर लेकर आए (Trump’s $1000 Offer to Immigrants to Leave USA) हैं। ऑफर के मुताबिक उन्होंने ऐलान किया है कि ‘जो अवैध प्रवासी स्वयं अमेरिका छोड़कर (leave America scheme) जाएंगे, उन लोगों को 1 हजार डॉलर दिए जाएंगे। होमलैंड सुरक्षा विभाग की प्रेस रिलीज के अनुसार इस ऑफर के अलावा टिकट का खर्च भी अमेरिकी सरकार वहन करेगी।” ट्रंप सरकार के मुताबिक जो अप्रवासी सीबीपी होम ऐप को यूज कर, दावा कर रहे हैं कि वे अपने देश लौट जाएंगे। उन सभी लोगों की गिरफ्तारी और निर्वासन पर ट्रंप प्रशासन जोर नहीं देगा।  अवैध प्रवासियों को सीबीपी होम ऐप के जरिये फंडिंग करने और देश लौटने के लिए पैसा देने की (Trump’s $1000 Offer to Immigrants to Leave USA) प्लानिंग की है खैर, इस बीच होमलैंड सुरक्षा विभाग की सचिव क्रिस्टी नोएम ने इस बात की पुष्टि करते हुए (Trump’s $1000 Offer to Immigrants to Leave USA) कहा कि “अगर आप अवैध रूप से अमेरिका में हैं, तो गिरफ्तारी से बचकर खुद वापस चले जाना अमेरिका छोड़ने (leave America scheme) का सबसे अच्छा, सुरक्षित और किफायती तरीका है।” जानकारी के मुताबिक होमलैंड सुरक्षा विभाग ने इस तरह के अवैध प्रवासियों को सीबीपी होम ऐप के जरिये न सिर्फ फंडिंग करने बल्कि यात्रा खर्च में मदद करने और देश लौटने के लिए पैसा देने की भी प्लानिंग कर रखी है। ट्रंप के मुख्य नीति और होमलैंड सुरक्षा विभाग के सलाहकार स्टीफन मिलर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इसकी पुष्टि की है। इसे भी पढ़ें:-   पहलगाम हमले के बाद पाक आर्मी में गजब का खौफ, इस वजह से लोगों से की 2 महीने का राशन जमा करने की अपील अबतक लगभग डेढ़ लाख से अधिक बिना दस्तावेज वाले अवैध अप्रवासियों को अमेरिका से निकाला जा (Trump’s $1000 Offer to Immigrants to Leave USA) चुका है इस दौरान मिलर ने बताया कि “ट्रंप प्रशासन लगातार अवैध प्रवासियों पर नकेल कस (Trump’s $1000 Offer to Immigrants to Leave USA) रहा है। अमेरिका विदेशियों के खिलाफ जो अभियान चला रहा है, उस पर एक बड़ी रकम खर्च की जा रही है।” गौरतलब हो कि बतौर राष्ट्रपति ट्रंप अमेरिकी 100 दिन का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। अमेरिका अबतक लगभग डेढ़ लाख से अधिक बिना दस्तावेज वाले अवैध अप्रवासियों को अमेरिका से निकाला जा चुका है। गौरतलब है कि पिछले साल फरवरी से अप्रैल के बीच तत्कालीन राष्ट्रपति बाइडेन के कार्यकाल के दौरान 195000 लोगों को निर्वासित किया गया था। ट्रंप ने लाखों लोगों को निर्वासित करने का वादा किया था, लेकिन अब तक यह संख्या बाइडेन प्रशासन की तुलना में कम है। Latest News in HindiToday Hindi news Trump’s $1000 Offer to Immigrants to Leave USA #TrumpOffer, #ImmigrantExit, #LeaveUSAOffer, #USImmigrationPolicy, #TrumpImmigrants, #USAExitProgram, #1000DollarOffer, #ImmigrationDebate, #TrumpNews, #ImmigrantRelocation

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President Trump announces a 100% tariff on all foreign-made films

Trump Imposes 100% Tariff on Foreign Films: राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने की अमेरिका के बाहर बनने वाली सभी फिल्मों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाए जाने की घोषणा 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने टैरिफ वॉर के चलते  समूची दुनिया को सकते में डाल दिया है। इसे ट्रंप की मनमानी कहें या कुछ और, बेशक उनके इस फैसले से सभी सकते में हैं। इसी कड़ी में ट्रम्प ने संयुक्त राज्य अमेरिका के बाहर निर्मित फिल्मों पर 100% टैरिफ लगाने (Trump Imposes 100% Tariff on Foreign Films) का एलान किया है। उन्‍होंने विदेशी फिल्मों को हॉलीवुड के लिए खतरा बताया और इसे राष्‍ट्रीय सुरक्षा के लिए लिया गया अहम निर्णय बताया है। ट्रंप ने कहा कि “हॉलीवुड और अमेरिका के कई अन्य क्षेत्र तबाह हो रहे हैं। वो चाहते हैं फिर से अमेरिका में ही फिल्में बनें।” कहने की जरूरत नहीं ट्रंप के इस ऐलान के बाद फिल्म इंडस्ट्री से लोग काफी नाराज हैं। लोग न सिर्फ नाराज हैं बल्कि जमकर आलोचना भी कर रहे हैं। हालांकि ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में इस कदम को आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों के लिए जरूरी बताया। ट्रंप का मानना है कि अन्य देशों में फिल्मों की शूटिंग को दी जा रही छूट की वजह से अमेरिकी फिल्म उद्योग को भारी नुकसान हो रहा है।  अमेरिकी फिल्म इंडस्ट्री या हॉलीवुड उन प्रोत्साहनों के कारण बहुत तेजी से खत्म (Trump Imposes 100% Tariff on Foreign Films) हो रहा है इस पूरे मामले पर ट्रंप (Donald Trump) का कहना है कि “अमेरिकी फिल्म इंडस्ट्री या हॉलीवुड उन प्रोत्साहनों के कारण बहुत तेजी से खत्म हो रहा है, जो अन्य देश अमेरिकी फिल्म निर्माताओं को लुभाने के लिए दे रहे (Trump Imposes 100% Tariff on Foreign Films) हैं। इसके मद्देनजर ये फैसला लिया जा रहा है।” उन्होंने आगे कहा कि “यह अन्य देशों की तरफ से किया गया एक ठोस प्रयास है और इसलिए यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है। हॉलीवुड और अमेरिका के कई अन्य क्षेत्र तबाह हो रहे हैं।’ यह बाकी सब चीजों के अलावा संदेश और प्रचार भी है।” उन्होंने अपनी बात पर जोर देते हुए कहा कि “वह संबंधित अमेरिकी फिल्म इंडस्ट्री को अधिकृत कर रहे हैं।” इसके अलावा ट्रंप ने एक और बड़ा चौंकाने वाला ऐलान करते हुए कहा कि “वह सैन फ्रांसिस्को खाड़ी में स्थित अलकाट्राज़ जेल को फिर से खोलने की योजना पर काम कर रहे हैं।”  इसे भी पढ़ें:-   पहलगाम हमले के बाद पाक आर्मी में गजब का खौफ, इस वजह से लोगों से की 2 महीने का राशन जमा करने की अपील हम चाहते हैं कि अमेरिका में फिर से फिल्में (Trump Imposes 100% Tariff on Foreign Films) बनें यही नहीं, ट्रंप ने आगे यह भी कहा कि “हम चाहते हैं कि अमेरिका में फिर से फिल्में बनें।” इसके बाद वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने भी इस संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट भी किया। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा कि “हम इस पर काम कर रहे हैं। न तो लुटनिक और न ही ट्रम्प ने इसके बारे में कोई ज्यादा डिटेल दी है। यह तुरंत स्पष्ट नहीं था कि यह कदम विदेशी या अमेरिकी उत्पादन कंपनियों को लक्षित करेगा, जो विदेशों में फिल्में बनाती हैं।” गौर करने वाली बात यह कि लॉस एंजिल्स में फिल्म और टेलीविजन उत्पादन में पिछले दशक में लगभग 40% की गिरावट आ गई है। खैर, ट्रंप ने घरेलू फिल्म प्रोडक्शन पर लौटने की जरूरत पर फोकस करते हुए कहा कि “हम चाहते हैं कि फिल्में फिर से अमेरिका में बनाई जाएं।” दरअसल, नए टैरिफ (Trump Imposes 100% Tariff on Foreign Films) का मकसद खेल के मैदान को लेवल में लाना और स्टूडियो को अमेरिकी धरती पर अपना ऑपरेशन जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना है।” Latest News in HindiToday Hindi news Trump Imposes 100% Tariff on Foreign Films #TrumpTariff #ForeignFilms #MovieBan #USFilmIndustry #HollywoodNews #TariffPolicy #FilmTax #TrumpNews #CinemaWar #EntertainmentNews

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Indian origin leaders Canada

Indian-origin leaders shine in Canada Elections: कनाडा के आम चुनाव में बजा भारतीयों का डंका,  24 भारतवंशियों समेत इन नेताओं ने मारी बाजी

कनाडा में हुए आम चुनाव (Canada Elections 2025) में भारी संख्या में भारतीय मूल के उम्मीदवारों ने बाजी (Indian-origin leaders shine in Canada Elections) मारी है। जानकारी के मुताबिक कनाडा चुनाव में 24 भारतीय मूल के कनाडाई उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है। जीतने वालों में अधिकतर उम्मीदवार पंजाब से ताल्लुक रखते हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक तकरीबन 65 भारतीय मूल के उम्मीदवारों ने चुनावी मैदान में ताल ठोका था। जिनमें से रिकॉर्ड 24 ने जीत हासिल की। बता दें कि चार साल पहले हुए चुनाव में 21 उम्मीदवार जीते थे। इस जीत की बड़ी बात यह कि भारतीय मूल के इस विजेताओं में इनोवेशन, साइंस और इंडस्ट्री मिनिस्टर अनीता आनंद भी शामिल हैं। उन्होंने ओकविले ईस्ट सीट पर जीत हासिल की। संभवतः इस जीत के बाद उन्हें कार्नी की नई कैबिनेट में उन्हें महत्वपूर्ण पद मिल जाए। कनाडा के संघीय चुनावों में गौर करने वाली बात यह कि न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी (एनडीपी) के नेता और खालिस्तान समर्थक जगमीत सिंह को बर्नाबी सेंट्रल सीट पर करारी हार का सामना करना पड़ा और कनाडा में लिबरल की जीत हुई है।  भारतीय मूल के लोगों का कनाडा की राजनीति में किस तरह प्रभाव (Indian-origin leaders shine in Canada Elections) बढ़ रहा है कहने की जरूरत नहीं कनाडा के 2025 संघीय चुनाव (Indian-origin leaders shine in Canada Elections) में 24 भारतीय मूल के उम्मीदवारों की जीत यह बताती है कि भारतीय मूल के लोगों का कनाडा की राजनीति में किस तरह प्रभाव बढ़ रहा है। इस चुनाव में खास बात यह कि जस्टिन ट्रूडो का यार और खालिस्तानी एजेंडे को बढ़ावा देने वाला जगमीत सिंह हार गया। मजे की बात यह कि इस चुनाव में (Canada Elections 2025) ट्रूडो सरकार में किंगमेकर बताने वाला खालिस्तान समर्थक जगमीत सिंह और उसकी पार्टी की करारी हार हुई है। बता दें कि खालिस्तान समर्थक जगमीत सिंह को पूर्व पीएम जस्टिन ट्रूडो के भारत विरोधी रुख के लिए जिम्मेदार कारणों में से एक माना जाता है। और तो और ट्रूडो अपनी अल्पमत सरकार को सत्ता में बनाए रखने के लिए जगमीत पर निर्भर थे। चूंकि जगमीत सिंह हार चुके हैं, तो ऐसे में उनकी पार्टी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी कनाडा में अप्रासंगिक हो गई है।  इसे भी पढ़ें:-   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी तीनों सेनाओं को खुली छूट, पाकिस्तान का सूखा हलक एक नजर डालते हैं जीते (Indian-origin leaders shine in Canada Elections) हुए भारतवंशियों पर   Latest News in HindiToday Hindi news  Canada Elections 2025 #CanadaElections2025 #IndianOriginLeaders #NRIinPolitics #CanadaPolitics #IndianDiaspora #PunjabiInCanada #CanadaElectionResults #DesiPower #IndianCanadians #GlobalIndians

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Middle East pressure on Pakistan

ISI cover up: पाक पर बढ़ा सऊदी-यूएई का दबाव, आर्मी चीफ असीम मुनीर के कुकर्मों को छुपाने में लगी आईएसआई

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर सवालों के घेरे में घिरते जा रहे हैं। बड़ी बात यह वो अपने ही घर में घिरते जा रहे हैं। पाकिस्तान के लोगों को ऐसा लग रहा है कि “असीम मुनीर ने अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए पाकिस्तान को जंग के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है। इस पूरे मामले पर पाकिस्तानी मामलों के जानकर आफताब इकबाल का कहना है कि “पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार जनता का बड़ा हिस्सा सेना के खिलाफ दिख रहा है। आलम यह है कि मुनीर को बार-बार जनता से सेना का साथ देने की अपील करनी पड़ रही है।” दरअसल, असीम मुनीर ने हाल में हिन्दू-मुस्लिम और टू-नेशन थ्योरी से जुड़े कुछ ऐसे बयान दिए जिसकी वजह से दुनिया का ध्यान उनपर गया है। उनके इस बयान के बाद ही पहलगाम में आतंकी हमला हुआ। बड़ी बात यह कि असीम मुनीर के बयान और पहलगाम हमले के तरीके में लिंक होने की बात कई विशेषज्ञ कह चुके है। ऐसे में आईएसआई (ISI cover up) सबूतों को मिटाने के लिए असीम मुनीर के कुकर्मों को छुपाने में लग गई है।  पहलगाम घटना से संबंधित सभी सबूत मिटाने का (ISI cover up) दिया गया है निर्देश  इस बीच पाकिस्‍तानी सेना के पूर्व अधिकारी आदिल राजा ने सोशल मीडिया पर अब एक नया दावा कर दिया है। आदिल के दावे के मुताबिक पहलगाम हमले का साजिशकर्ता खुद असीम मुनीर है। फिलहाल पाकिस्तान में इस हमले के सबूत मिटाने का काम चल रहा है। इस पूरे मामले पर आदिल राजा का कहना है कि “पाकिस्तान के खुफिया समुदाय के विश्वसनीय सूत्रों ने खुलासा किया है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय, खासतौर से सऊदी अरब का पाक सेना और खुफिया एजेंसीआईएसआई पर भारी दवाब है। इसे देखते हुएआईएसआई प्रमुख असीम मलिक को पहलगाम घटना से संबंधित सभी सबूत मिटाने का निर्देश (ISI cover up) दिया गया है, क्योंकि कथित तौर पर पहलगाम हमले की योजना आर्मी चीफ असीम मुनीर ने खुद बनाई थी।” हालाँकि आदिल राजा का यह भी दावा है कि “असीम मुनीर ने पहलगाम की साजिश रची क्योंकि उनको लगता था कि इस कदम से उनकी लोकप्रियता बढ़ जाएगी।” लेकिन हुआ इसका उल्टा। लोकप्रियता तो नहीं बढ़ी लेकिन हां, आईएसआई (ISI) पर पूरी दुनिया का दबाव बढ़ता जा रहा है।”  इसे भी पढ़ें:-  पहाड़ पर मिली नक्सलियों की सीक्रेट गुफा, एक साथ हजारों लोग छुप सकते हैं यहां, शिवलिंग और जलस्त्रोत भी मिला सऊदी अरब और यूएई की खुफिया एजेंसियों ने मुनीर के इस कृत्य की वजह से हैं खफा  गौर करने वाली बात यह कि अब तो सऊदी अरब जैसे देशों ने भी आईएसआई पर भारी दबाव डालन शुरू कर दिया है। बढ़ते दबाव के कारण ही पहलगाम की घटना से जुड़े सारे सबूतों को मिटाने (ISI cover up) के लिए कहा गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक,आईएसआई (ISI) के एक अधिकारी ने बताया कि असीम मुनीर किसी साइकोपैथ की तरह सोचते हैं। पहलगाम पर उन्होंने सोचा था कि इससे उनको जनता का समर्थन मिलेगा। लेकिन इसके उलट सऊदी अरब और यूएई की खुफिया एजेंसियों ने मुनीर के इस कृत्य की वजह से खफा हैं। यही नहीं अब तो मुनीर को लेकर पाकिस्तान के दूसरे सहयोगी देशों में भी असंतोष की भावना बढ़ती जा रही है। सहयोगी देश ही नहीं, पाकिस्तानी जनता खुद भी अपने आर्मी चीफ से नाराज है।   Latest News in Hindi Today Hindi news ISI cover up #ISICoverUp #AsimMunir #PakistanArmy #SaudiUAEPressure #ISIExposed #PakistanPolitics #MilitaryScandal #AsimMunirExposed #MiddleEastNews #GeoPolitics

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Pakistan Calls for Pahalgam Terror Attack

China support Pakistan: पाकिस्तान ने की पहलगाम आतंकी हमले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग, चीन ने मिलाया सुर में सुर

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हुए कायराना हमले में 26 निर्दोष भारतीयों और 2 विदेशी नागरिकों की जान गई थी। इस हमले को लेकर भारत पाकिस्तान को लेकर हमलावर है। दोनों देशों के बीच युद्ध के हालात हैं। एलओसी पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। आलम यह है कि युद्ध अब हो कि तब हो। इस पूरे मामले पर पाकिस्तान निष्पक्ष जाँच की मांग कर रहा है। इस बीच चीन ने पाकिस्तान की ओर से की गई मांग का समर्थन करते हुए निष्पक्ष जांच की वकालत कर दी (China support Pakistan) है। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने पाकिस्तान के डिप्टी पीएम और विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार से रविवार को फोन पर बात कर समर्थन दिया है। पाकिस्तान की ओर से भी इसे लेकर दलील पेश की जा रही है। वह मांग कर रहा है कि इसकी जांच भारत-पाक नहीं बल्कि तीसरे पक्ष के तौर पर अंतरराष्ट्रीय समिति करे। चीन लगातार पाकिस्तान की आतंकवाद विरोधी कार्रवाई का समर्थन करता (China support Pakistan) है प्राप्त जानकारी के मुताबिक, चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने पाकिस्तान के डिप्टी पीएम और विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार से रविवार को फोन पर बात कर समर्थन दिया है। अहम बात यह कि चीन, कश्मीर क्षेत्र में आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव की स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है और निष्पक्ष जांच की शीघ्र शुरुआत का समर्थन करता है। वह उम्मीद करता है कि दोनों पक्ष संयम बरतेंगे, एक-दूसरे की ओर बढ़ेंगे और तनाव कम करने के लिए काम करेंगे। इस पूरे मामले पर वांग ने कहा कि “आतंकवाद से लड़ना सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है और चीन लगातार पाकिस्तान की आतंकवाद विरोधी कार्रवाई का समर्थन करता (China support Pakistan) है।” इसे भी पढ़ें:- कश्मीर में आतंक के खिलाफ एकजुटता की नई शुरुआत: उमर अब्दुल्ला चीन पाकिस्तान की संप्रभुता और सुरक्षा हितों को बनाए रखने के उसके प्रयासों का समर्थन (China support Pakistan) करता है वांग ने कहा कि “एक मजबूत दोस्त और हर मौसम में रणनीतिक सहयोगी साझेदार के तौर पर चीन पाकिस्तान की वैध सुरक्षा चिंताओं को पूरी तरह समझता है और उसकी संप्रभुता और सुरक्षा हितों को बनाए रखने के उसके प्रयासों का समर्थन (China support Pakistan) करता है।” जानकारी के पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भी बताया कि इशाक डार ने वांग यी को वर्तमान क्षेत्रीय स्थिति से भी अवगत कराया। यही नहीं, डार ने चीन के निरंतर और अटूट समर्थन की प्रशंसा की और सभी क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग सुदृढ़ करने में पाकिस्तान की प्रतिबद्धता का उल्लेख किया। गौर करने वाली बात यह कि चीन की ओर से यह समर्थन शहबाज शरीफ के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले की स्वतंत्र जांच या निष्पक्ष जांच की मांग की थी। और तो और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही साफ़ कह चुके हैं कि “ये दो देशों के बीच का मसला है और वह इस मामले में हस्तक्षेप करने का इरादा नहीं रखते हैं।” Latest News in Hindi Today Hindi  #PakistanTerrorAttack, #PahalgamAttack, #ChinaSupportsPakistan, #PakistanDemandsInvestigation, #TerrorismInKashmir, #ChinaPakistanRelations, #JammuAndKashmir, #InternationalDiplomacy, #PakistanChinaSolidarity, #TerrorismInvestigation

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India Pakistan legal action

Pakistanis leave India: 24 घंटे में यदि पाकिस्तानियों ने नहीं छोड़ा भारत, तो की जाएगी कड़ी कानूनी कार्रवाई

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के साथ सभी राजनयिक संबंध समाप्त करते हुए हज़ारों पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटे के अंदर देश छोड़ने का आदेश दिया था। इस आदेश के बाद पाकिस्तानी नागरिकों में अपने देश जाने को लेकर अफरा तफरी मच गई। अफरा-तफरी का आलम यह है कि वाघा-अटारी बॉर्डर पर भारी भीड़ देखने को मिल रही है। समय सीमा समाप्त होने तक कुछ सौ लोग ही हैं जो पाकिस्तान वापस गए हैं। ऐसे में सरकार ने डेडलाइन के बाद भारत में रहने वाले पाकिस्तानियों पर कार्रवाई की चेतावनी (Pakistanis leave India) दी है। सरकारी आंकड़ों की माने तो देश भर में हजारों पाकिस्तानी मौजूद हैं। दिल्ली में 5 हजार तो मुंबई और यूपी में तक़रीबन 2000 हजार पाकिस्तानियों के होने की खबर है। गौर करने वाली बात यह कि डेड लाइन खत्म होने के बाद सिर्फ 537 पाकिस्तानी अपने देश वापस लौटे हैं। तो वहीं भारतीय नागरिकों की बात की जाए तो पाकिस्तान से 1387 भारतीय अपने देश लौट चुके हैं। बता दें कि इनमें कई डिप्लोमेट समेत अधिकारी भी हैं।  29 अप्रैल (Pakistanis leave India) की है डेडलाइन  गौरतलब हो कि सरकार के आदेश के बाद अटारी-वाघा इंटरनेशनल बॉर्डर से अब तक कई पाकिस्तान वापिस लौटे चुके हैं। जानकारी के मुताबिक 25 अप्रैल को 191 पाकिस्तानी नागरिक और 287 भारतीय नागरिक तो वहीं  26 अप्रैल को 75 पाकिस्तानी नागरिक 335 भारतीय नागरिक वापस आए थे। इसके अलावा सार्क वीजा वालों के लिए देश छोड़ने की अंतिम तारीख 26 अप्रैल थी और मेडिकल वीजा वालों के लिए अंतिम तारीख 29 अप्रैल (Pakistanis leave India) है। ध्यान देने वाली बात यह कि सरकार की तरफ से दी गई पहली डेडलाइन 27 अप्रैल को खत्म हो चुकी है। और अब दूसरी डेडलाइन 29 अप्रैल को खत्म होगी। इस लिहाज से अब 24 घंटे से भी कम का समय बचा हुआ है। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि हजारों पाकिस्तानियों को कैसे वापस भेजा जाएगा? एक बात तो तय है कि यदि डेड लाइन खत्म होने के बाद कोई पाकिस्तानी भारत में रहता है, तो उसे अवैध माना जाएगा और उसपर कार्रवाई की जाएगी।  इसे भी पढ़ें:-  पहाड़ पर मिली नक्सलियों की सीक्रेट गुफा, एक साथ हजारों लोग छुप सकते हैं यहां, शिवलिंग और जलस्त्रोत भी मिला इंटेलिजेंस ब्यूरो ने दिल्ली में रहने वाले तकरीबन 5,000 पाकिस्तानी नागरिकों की लिस्ट दिल्ली पुलिस (Pakistanis leave India) को सौंप दी है इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) ने दिल्ली में रहने वाले तकरीबन 5,000 पाकिस्तानी नागरिकों की लिस्ट दिल्ली पुलिस को सौंप दी है, ताकि उन्हें देश से बाहर निकाला जा सके। इसके अलावा यूपी में 1800 से अधिक तो वहीं मुंबई में तकरीबन 2 हजार और उत्तराखंड में भी अधिक 250 पाकिस्तानी नागरिक रहे हैं। ध्यान देने वाली महत्वपूर्ण बात यह कि राज्य सरकार की तरफ से आदेश के बाद न सिर्फ जांच तेज हो गई बल्कि पाकिस्तानियों की पहचान की जा रही है और उन्हें वापस भेजने की तैयारी भी हो रही (Pakistanis leave India) है। कुल मिलाकर बता यह कि भारत सरकार की डेडलाइन खत्म होने के बाद यहाँ रह रहे पाकिस्तानियों का रहना गैरकानूनी माना जाएगा और पकड़े जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।  Latest News in Hindi Today Hindi Pakistanis leave India #drunkman #grpfight #violenceincident #grp #policebrutality #streetviolence #drunkanddisorderly #instastory #viralnews #currentnews #breakingnews #indiaupdate #newsviral #policeincident #viralpost

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Pakistan Taliban clash

Pakistan Taliban clash: बलूचिस्तान के बाद अब अफगानिस्तान बॉर्डर पर तालिबान से भिड़ा पाकिस्तान, की बड़ी कार्रवाई

पाकिस्तान की शामत अपनी तय मानी जा रही है। इस समय पाकिस्तान दो तरफा घिर चुका (Pakistan Taliban clash) है। पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान को लेकर पूरी दुनिया गुस्से में है। एक तरफ जहाँ वो बलूची विद्रोहियों से जूझ रहा है तो वही दूसरी तालिबान भी उसकी कब्र खोदने में जुटा हुआ है। इस तरह कह सकते हैं कि आतंक को लेकर आलोचना झेल रहे पाकिस्तान की मुश्किलें हैं कि कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब अफगानिस्तान बॉर्डर पर तालिबान से उसकी सीधी भिड़ंत हो गई है। पाकिस्तान ने दावा किया है कि उसकी सेना ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के 54 आतंकियों को ढेर कर दिया है। ऐसे में पाकिस्तान को अब टीटीपी और बलूच लिबरेशन आर्मी की दोहरी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। पाकिस्तानी सैनिकों ने बड़ी कार्रवाई (Pakistan Taliban clash) करते हुए 54 आतंकियों को (Pakistan Taliban clash) गिराया मार  जानकारी के मुताबिक ये आतंकी अफगानिस्तान से घुसपैठ कर उत्तर पश्चिमी पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा इलाके में दाखिल होने की कोशिश कर रहे थे। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सेना के मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने रविवार को यह जानकारी दी। आईएसपीआर की माने तो 25 और 26 अप्रैल तथा 26 और 27 अप्रैल की रात को उत्तरी वजीरिस्तान जिले के हसन खैल इलाके में आतंकियों की भारी हलचल देखी गई। हलचल बढ़ती देख पाकिस्तानी सैनिकों ने बड़ी कार्रवाई (Pakistan Taliban clash) करते हुए 54 आतंकियों को मार गिराया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक ऑपरेशन के दौरान मारे गए आतंकियों के पास से बड़ी मात्रा में हथियार गोला-बारूद और विस्फोटक बरामद किए गए।  इसे भी पढ़ें:- मोदी सरकार ने की वॉटर स्ट्राइक, बूंद-बूंद के लिए तरसेगा पाकिस्तान पाकिस्तानी अवाम आतंकवाद के खिलाफ इस लड़ाई में अपनी सेना के साथ खड़ी (Pakistan Taliban clash) है इस कार्रवाई के लिए सुरक्षा बलों की तारीफ करते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि “आतंकियों की घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर हमारे सुरक्षाबलों ने सराहनीय काम किया है। उन्होंने आगे कहा कि पूरी “पाकिस्तानी अवाम आतंकवाद के खिलाफ इस लड़ाई में अपनी सेना के साथ खड़ी है।” यही नहीं, इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि “पाकिस्तान को टीटीपी और बलूच लिबरेशन आर्मी की दोहरी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब हो कि हाल ही में बलूचिस्तान के क्वेटा के पास मार्गट इलाके में बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने पाकिस्तानी सेना पर बड़ा हमला किया (Pakistan Taliban clash) था। बीएलए द्वारा किये इस हमले में 10 सैनिक मारे गए थे। हालाँकि बीएलए ने दावा किया कि यह हमला रिमोट-कंट्रोल्ड इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) से किया गया था। ऐसे में कहने की जरूरत नहीं कि पाकिस्तान को दो तरफा लड़ाई लड़नी होगी। पहलगाम हमले के बाद से भारत पाकिस्तान के बीच युद्ध की स्थिति है। Latest News in Hindi Today Hindi Pakistan Taliban clash #PakistanTalibanClash #BalochistanConflict #AfghanistanBorder #PakistanNews #TalibanConflict #PakTalibanTension #MilitaryAction #BorderTensions #BalochistanNews #BreakingNews

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