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Khalistanis in Canada,

India Acts Tough on Khalistanis in Canada: ईरान-इजराइल में जारी जंग के बीच इस तरह भारत ने कनाडा में खालिस्तानियों पर कसी नकेल

एक तरफ जहां ईरान-इजराइल के बीच जंग जारी है तो वहीं दूसरी तरफ कनाडा में G7 समिट भी होने जा रही है। इस समिट में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी शामिल होने की बात कही जा रही है। जानकारी के मुताबिक इस समिट में दोनों देशों की सरकारें अब एक ऐसा ढांचा तैयार कर रही हैं, जिससे वो एक-दूसरे के साथ आसानी से इंटेलिजेंस शेयरिंग कर (India Acts Tough on Khalistanis in Canada) सकेंगी। इस दरम्यान ध्यान देने वाली बात यह कि इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग के बीच भारत ने कनाडा के साथ मिलकर खालिस्तानी गतिविधियों पर लगाम कसने की तैयारी शुरू कर दी है। लंबे समय से दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बना हुआ था लेकिन अब रिश्ते पटरी पर आते दिख रहे हैं।  दोनों देशों की पुलिस और जांच एजेंसियां खालिस्तान समर्थक संगठनों पर रख (India Acts Tough on Khalistanis in Canada) सकेंगी  पैनी नजर दरअसल, भारत और कनाडा की सरकारें अब एक ऐसा ढांचा तैयार करने जा रही हैं, जिससे दोनों देशों की एजेंसियां एक-दूसरे के साथ इंटेलिजेंस शेयरिंग कर सकेंगी। बता दें कि इसमें टेररिज्म, कट्टरपंथ, क्रॉस बॉर्डर क्राइम और ऑर्गेनाइज्ड क्राइम जैसे मुद्दे शामिल होंगे। यही नहीं, इसके अलावा दोनों देशों की पुलिस और जांच एजेंसियां आतंकी नेटवर्क, खालिस्तान समर्थक संगठनों और ट्रांसलेशनल गैंग्स पर पैनी नजर भी रख (India Acts Tough on Khalistanis in Canada) सकेंगी। हालाँकि अभी इस बातचीत और सहयोग की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि जी7 समिट के दौरान पीएम मोदी की कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से मुलाकात हो सकती है। बेशक यही सही अवसर है जो दोनों देशों के बीच रिश्तों को सामान्य करने का अहम कड़ी बन सकता है। इस मामले पर भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी कहा, यह मीटिंग द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श का मौका होगी।  इसे भी पढ़ें:- इजरायल हमले को मिला था अमेरिका का सहयोग, ट्रंप ने किया बड़ा खुलासा, बौखलाए ईरान ने कर दी मिसाइल की बौझार कनाडा का आरोप है कि भारत सरकार की ओर से विदेश में विरोधियों को निशाना (India Acts Tough on Khalistanis in Canada) बनाया गया है बता दें कि इस गठजोड़ में कनाडा की खास दिलचस्पी उन मामलों की जांच में है जिनमें कथित रूप से एक्स्ट्रा-ज्यूडिशियल किलिंग्स यानी न्यायालय से बाहर की गई हत्याएं शामिल हैं। कनाडा का आरोप है कि भारत सरकार की ओर से विदेश में विरोधियों को निशाना बनाया गया है, हालांकि भारत इस आरोप को पहले ही बेबुनियाद बता (India Acts Tough on Khalistanis in Canada) चुका है। गौरतलब हो कि साल 2023 में कनाडा के तत्कालीन पीएम जस्टिन ट्रूडो ने भारत पर सीधा आरोप लगाया था कि उसने वैंकूवर के पास एक गुरुद्वारे के बाहर खालिस्तानी नेता की हत्या करवाई। हालांकि भारत ने उनके इस आरोप को बेबुनियाद और राजनीतिक स्टंट करार दिया था। उल्टा भारत ने कनाडाई सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा था कि कनाडा में खालिस्तान समर्थक संगठनों की खुली छूट दी जा रही है जो भारत की अखंडता के लिए खतरा है। खैर, ऐसा माना जा रहा है कि अब कनाडा को भी खालिस्तानी नेटवर्क के खतरे की गंभीरता का अहसास हो रहा है और बड़ी वजह यही जो दोनों देशों ने फिर से संवाद का रास्ता अख्तियार किया है। देखना दिलस्चप हो होगा कि दोनों देशों के बीच कड़वाहट कब और कैसे दूर होगी। फिलहाल भारत और कनाडा ने पहल की उम्मीद जताई है।  Latest News in Hindi Today Hindi news India Acts Tough on Khalistanis in Canada #india #khalistan #canada #iranisraelwar #globalpolitics #breakingnews #indiacanadarelations #khalistanupdate #worldnews

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Iran nuclear site attack

Israel Strikes Iran Nuclear Site: इजरायल ने किया ईरान के परमाणु संयत्र पर हमला, ईरानी जनरल हुसैन सलामी की मौत, भड़के खामनेई

इज़राइल और हमास के बीच जारी जंग अब ईरान तक पहुंच गई है। दरअसल, ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के उद्देश्य से इजरायल ने ऑपरेशन राइजिंग लॉयन के तहत शुक्रवार की सुबह तेहरान समेत कई ईरानी इलाकों पर ताबड़तोड़ हमला बोल दिया। इसे 1980 के दशक में इराक के साथ युद्ध के बाद ईरान पर सबसे बड़ा हमला माना जा रहा (Israel Strikes Iran Nuclear Site) है। कहने की जरूरत नहीं, इज़राइल द्वारा तेहरान में मिसाइल हमला किए जाने के बाद मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है। इजरायल के इस एयर स्ट्राइक में नतांज स्थित ईरान के मुख्य संवर्धन केंद्र सहित अन्य ठिकानों तबाह हो गए। इजरायल ने एक के बाद एक एयर स्ट्राइक और मिसाइल से हमला कर ईरान के परमाणु संयंत्रों, सैन्य ठिकानों और सैन्य अधिकारियों को निशाना बनाया। इस हमले के बाद ईरान ने इजरायल को चेतावनी देते हुए कहा कि इजरायल को कड़ी सजा दी जाएगी।  इजरायल को दी (Israel Strikes Iran Nuclear Site) जाएगी कड़ी सज़ा- खामनेई  इस हमले के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई ने कहा कि उनके देश पर हमले के लिए इजरायल को कड़ी सज़ा दी (Israel Strikes Iran Nuclear Site) जाएगी। बता दें कि ईरान की सरकारी सामाचार एजेंसी आईआरएनए ने खामनेई के बयान को जारी किया। इसने पुष्टि की कि हमले में सेना के शीर्ष अधिकारी और वैज्ञानिक मारे गए हैं। हमले से बौखलाए खामनेई ने कहा, उनके देश में हुए इस अपराध में इजरायल के शैतानी और रक्त-रंजित हाथ शामिल हैं। उन्होंने चेताते हुए कहा कि इजरायल ने आवासीय इलाकों पर हमला करके अपनी दुर्भावनापूर्ण प्रकृति को उजागर किया है। जानकारी के मुताबिक इजरायल के हमले में ईरान के अर्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रमुख जनरल हुसैन सलामी की मौत हो गई।  ईरान ने इजरायल की ओर 100 से अधिक दागे (Israel Strikes Iran Nuclear Site) हैं ड्रोन  इस बीच इजरायली सेना ने दावा किया कि ईरान उस पर किए गए हमलों के जवाब में इजरायल पर ड्रोन दाग रहा है। इजरायल के मुख्य सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफी डेफ्रिन ने कहा कि पिछले कुछ घंटों में ईरान ने इजरायल की ओर 100 से अधिक ड्रोन दागे (Israel Strikes Iran Nuclear Site) हैं। सभी रक्षा प्रणालियां हमलों को रोकने के लिए काम कर रही हैं। डेफ्रिन ने कहा कि लगभग 200 इजरायली लड़ाकू विमान अभियान में शामिल थे और लगभग 100 लक्ष्यों पर हमला किया गया तथा हमले अब भी जारी हैं। जॉर्डन के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने कहा कि देश का हवाई क्षेत्र सभी उड़ानों के लिए बंद रहेगा। जॉर्डन समाचार एजेंसी ने कहा कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।  भारत ने अपने नागरिकों को (Israel Strikes Iran Nuclear Site) किया सतर्क  इसी बीच दोनों देशों के बीच जारी तनाव को देखते हुए भारत ने अपने नागरिकों को सतर्क कर (Israel Strikes Iran Nuclear Site) दिया है। बता ईरान पर इजरायल द्वारा हमला किए जाने के बाद भारतीय दूतावास ने इजरायल में मौजूद भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने और गैर जरूरी यात्रा करने से बचने की सलाह दी है। साथ ही ईरान में भारतीय दूतावास ने शुक्रवार को देश में मौजूद भारतीयों को इजराइल के हमलों के बाद सतर्क रहने, सभी अनावश्यक गतिविधियों से बचने और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने की सलाह दी। खैर, इस हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने कहा कि इन हमलों में उसका कोई हाथ नहीं है, साथ ही उसने अमेरिकी हितों या कर्मियों को निशाना बनाकर किसी भी प्रकार की कार्रवाई किए जाने के प्रति चेतावनी दी है।  नेतन्याहू का ऐलान; ईरानी खतरे के खत्म होने तक जंग रहेगी जारी इजराइल ने ईरान के 6 शहरों पर हवाई हमला किया है। इस हमले में 2 परमाणु वैज्ञानिक व 2 सेना के बड़े अधिकारियों के मारे जाने की खबर है। स्ट्राइक के सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हो रहे हैं। क्रैश साइट पर पहुंचे PM मोदी ने की घायलों से मुलाकात पीएम मोदी प्लेन क्रैश का जायजा लेने के लिए अहमदाबाद पहुंचे। इसके बाद उन्होंने अस्पताल जाकर घायलों से भी मुलाकात की। पीएम मोदी हादसे को लेकर समीक्षा बैठक करने वाले हैं। इसे भी पढ़ें:- अमेरिका के लॉस एंजिलिस में हिंसा और लूटपाट के बीच लगा कर्फ्यू , मेयर ने की ट्रंप से ये अपील लापरवाही के कारण हुआ अहमदाबाद में प्लेन क्रैश अहमदाबाद प्लेन क्रैश को लेकर कई तरह की आशंकाएं जताई जा रही हैं। इसमें पक्षियों के टकराने से लेकर इंजन की खराबी की बात कही जा रही है। हादसे का असली खुलासा ब्लैक बॉक्स मिलने के बाद ही होगा। अहमदाबाद प्लेन हादसे में खत्म हो गया NRI का पूरा परिवार  एयर इंडिया प्लेन हादसे में जावेद अली और उनकी पत्नी समेत परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। वह अपने दो बच्चों और परिवार के साथ लंदन जा रहे थे।  सोनम नहीं बल्कि राज है राजा रघुवंशी हत्याकांड का मास्टरमाइंड चौंकाने वाले खुलासे में पता चला है कि राजा रघुवंशी की हत्या किसी कॉन्ट्रैक्ट किलिंग की वजह से नहीं बल्कि राज कुशवाहा द्वारा योजनाबद्ध तरीके से की गई थी। राज ने अपने तीन दोस्तों के साथ मिलकर सोनम की मदद से कई चरणों में साजिश रची थी।  Latest News in Hindi Today Hindi news Israel Strikes Iran Nuclear Site #israeliranconflict #iranattack #nuclearsite #husseinsalami #khamenei #breakingnews #middleeast #israelnews #worldwar3 #globaltensions

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India action Bangladesh reaction

India’s Action Shakes Bangladesh: भारत के एक्शन से डरा बांग्लादेश, कहा- “हमसे हो जाती है गलती”

बांग्लादेश में जब से शेख हसीना का तख्ता पलट हुआ है तब से भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्ते तनावपूर्ण चल रहे हैं। लेकिन अब बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के मुखिया मुहम्मद यूनुस भारत के साथ तनाव नहीं चाहते। भारत से लेकर संबंधों पर उन्होंने कहा कि अंतरिम सरकार भारत के साथ अच्छे संबंध चाहती रही, लेकिन हमेशा कुछ न कुछ गलत हो जाता (India’s Action Shakes Bangladesh) है। दरअसल, बुधवार को लंदन में चाथम हाउस थिंक टैंक के निदेशक ब्रोनवेन मैडॉक्स के साथ हुई बातचीत में यूनुस ने भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों और देश के लिए लोकतांत्रिक रोडमैप सहित कई मुद्दों पर बात की। इस दौरान उन्होंने भारत के साथ तनाव कम करने की मंशा जाहिर की। बता दें कि यूनुस ने प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग करते हुए भारत को जारी किए गए एक अनौपचारिक राजनयिक नोट के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि यह जारी रहेगा। हम चाहते हैं कि पूरी प्रक्रिया बहुत कानूनी, बहुत उचित हो। हम भारत के साथ बेहतरीन संबंध बनाना चाहते हैं। यह हमारा पड़ोसी है, हम नहीं चाहते कि उनके साथ किसी भी तरह की बुनियादी समस्या हो। भारतीय प्रेस से आने वाली सभी फर्जी खबरों के कारण हर बार चीजें गलत हो (India’s Action Shakes Bangladesh) जाती है इस दौरान मुहम्मद यूनुस ने कहा, लेकिन भारतीय प्रेस से आने वाली सभी फर्जी खबरों के कारण हर बार चीजें गलत हो (India’s Action Shakes Bangladesh) जाती हैं और कई लोग कहते हैं कि इसका संबंध शीर्ष पर बैठे नीति निर्माताओं से है। यूनुस ने कहा, तो, यही बात बांग्लादेश को बहुत बेचैन और बहुत नाराज करती है। हम इस गुस्से से उबरने की कोशिश करते हैं, लेकिन साइबरस्पेस में बहुत सी चीजें होती रहती हैं। हम इससे बच नहीं सकते। अचानक वे कुछ कहते हैं, कुछ करते हैं, फिर से गुस्सा आ जाता है। आगे यूनुस ने कहा, हमारे लिए यह बड़ा काम है कि हम कम से कम एक शांतिपूर्ण जीवन जी सकें। ऐसा जीवन जिसका हम सपना देख रहे हैं। इस बीच  यूनुस ने कहा, हम भारत को शेख हसीना को लौटाने के लिए मजबूर नहीं कर सकते हैं। हम कानूनी तरीके से कोशिश कर रहे हैं। तनाव नहीं चाहते, लेकिन हमसे हर बार कोई न कोई गलती हो जाती है। इसे भी पढ़ें:- अमेरिका के लॉस एंजिलिस में हिंसा और लूटपाट के बीच लगा कर्फ्यू , मेयर ने की ट्रंप से ये अपील मैं आपको उस नीति को छोड़ने के लिए मजबूर नहीं कर (India’s Action Shakes Bangladesh) सकता इस बीच पीएम मोदी को लेकर उन्होंने कहा, जब मुझे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से बात करने का मौका मिला, तो मैंने बस इतना कहा, आप उनकी मेजबानी करना चाहते हैं, मैं आपको उस नीति को छोड़ने के लिए मजबूर नहीं कर (India’s Action Shakes Bangladesh) सकता। लेकिन यह सुनिश्चित करने में हमारी मदद करें कि वह बांग्लादेशी लोगों से उस तरह बात न करें जिस तरह वह ऑनलाइन कर रही हैं। वह इस तरह तारीख, इस तरह समय की घोषणा करती हैं कि वह बोलेंगी और पूरा बांग्लादेश बहुत गुस्सा हो जाता है। गौरतलब हो कि हसीना के निष्कासन के बाद भारत और बांग्लादेश के बीच संबंधों में तनाव आ गया था। इसके बाद भारत ने बांग्लादेश के लिए अपनी जमीनी सीमा को बंद कर दिया था। इससे बांग्लादेश को अरबों का नुकसान उठाना पड़ रहा है। Latest News in Hindi Today Hindi news India’s Action Shakes Bangladesh #india #bangladesh #tension #breakingnews #politics #diplomacy #internationalnews #latestupdate #regionalnews #southasia

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Trump warns Iran

Trump Warns Iran: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दी ईरान को खुली धमकी, कहा- तेहरान नहीं बना सकता परमाणु बम

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक बार फिर खुली धमकी दी है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा स्पष्ट रूप से कह दिया है कि ईरान परमाणु बम नहीं बना सकता है। अमेरिका ईरान को परमाणु बम नहीं बनाने देगा। अमेरिका ने ऐसे संकेत भी दिए हैं कि पश्चिम एशिया जंग की चपेट में आ सकता है। हैरत यह कि अमेरिका ने पश्चिम एशिया से अपने कर्मचारियों को बाहर निकालने की कवायद भी शुरू कर (Trump Warns Iran) दी है। यही नहीं, हाल ही में अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने इस बात की ओर इशारा किया था कि इजरायल जल्द ही ईरान के खिलाफ कोई खतरनाक कदम उठा सकता है। अमेरिकी इंटेलिजेंस के मुताबिक, इजरायल ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला भी कर सकता है। खैर, इन सब के बीच ट्रंप ईरान को धमकी भरे लहजे में कहा कि मैंने जो कहा है वो सिर्फ बयान नहीं है बल्कि ईरान के लिए सीधी चेतावनी है। बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से ईरान पर हमला रोकने को कहा है ताकि अमेरिकी प्रशासन को तेहरान के साथ नए परमाणु समझौते पर आगे बढ़ने के लिए और समय मिल सके। इस दरम्यान ट्रंप ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा था, मैंने उनसे कहा कि अभी ऐसा करना अनुचित होगा क्योंकि हम समाधान के बहुत करीब हैं। सेना से जुड़े परिवारों को भी पश्चिम एशिया छोड़ने को कहा गया (Trump Warns Iran) है इस बीच तेजी से बदलते हालात को देख अमेरिका के विदेश विभाग और सेना ने कहा है, पश्चिम एशिया में हालात को देखते हुए अमेरिका इस क्षेत्र में अपने दूतावासों में उन कर्मचारियों की संख्या कम कर रहा है जिनकी वहां जरूरत नहीं है। इतना ही नहीं क्षेत्र में बढ़े सुरक्षा जोखिमों के कारण सेना से जुड़े परिवारों को भी पश्चिम एशिया छोड़ने को कहा गया (Trump Warns Iran) है। विदेश विभाग ने इस क्षेत्र को लेकर लेवल 4 कैटेगरी की चेतावनी भी जारी की है और अपने लोगों से इन इलाकों की यात्रा ना करने को कहा है। इसके अलावा अमेरिकी केंद्रीय कमान पश्चिम एशिया में तनाव की स्थिति पर पैनी नजर रख रही है। बुधवार शाम को वाशिंगटन के कैनेडी सेंटर में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें वहां से हटाया जा रहा है क्योंकि यह एक खतरनाक जगह हो सकती है। हमने वहां से हटने के लिए नोटिस दे दिया है और हम देखेंगे कि क्या होता है। इसे भी पढ़ें:- अमेरिका के लॉस एंजिलिस में हिंसा और लूटपाट के बीच लगा कर्फ्यू , मेयर ने की ट्रंप से ये अपील  अगर ईरान के साथ समझौता नहीं होता है तो उस पर हमला (Trump Warns Iran) होगा गौरतलब है कि, अमेरिका और इजरायल परमाणु समझौते को लेकर ईरान पर लगातार दबाव बनाते रहे हैं। अमेरिका ने साफ कहा है कि अगर ईरान के साथ समझौता नहीं होता है तो उस पर हमला (Trump Warns Iran) होगा, जिसका नेतृत्व इजरायल करेगा। हाल ही में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका को लेकर कहा था कि आप कौन होते हैं तेहरान को यह बताने वाले कि हमें परमाणु कार्यक्रम रखना चाहिए या नहीं। अमेरिका का परमाणु प्रस्ताव हमारी शक्ति के सिद्धांत के 100 फीसदी खिलाफ है। खामेनेई ने कहा था कि अमेरिका हमारे परमाणु कार्यक्रम को कमजोर नहीं कर पाएगा। खैर, यह सब चल ही रहा था कि इस बीच ईरान ने आग में घी डालने का काम करते हुए बड़ा बयान दिया है। ईरान ने हाल ही में दावा किया था उसे इजरायल के परमाणु ठिकानों के बारे में पूरी जानकारी मिल गई है। बता दें कि ईरान ने  यह भी कहा था कि उसकी खुफिया एजेंसियों ने सीक्रेट ऑपरेशन के तहत इजरायल के गुप्त परमाणु ठिकानों की सूची हासिल कर ली है। ईरान ने सीधे धमकी देते हुए कहा था कि अगर इजरायल ने किसी भी तरह की कार्रवाई की तो तेहरान इजरायल के न्यूक्लियर ठिकानों पर हमला कर देगा। Latest News in Hindi Today Hindi news Trump Warns Iran #trump #iran #donaldtrump #nuclearbomb #iranthreat #usnews #worldnews #breakingnews #internationalnews #globaltensions

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Elon Musk Regrets Posts on Donald Trump

Elon Musk Regrets His Past Posts on Donald Trump: इस वजह से एलन मस्क को अब ट्रंप पर किए अपने पोस्ट पर हो रहा पछतावा?

कई दिनों की जारी कलह के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अरबपति व्यवसायी एलन मस्क के बीच तल्ख हुए रिश्ते अब एक बार पुनः पटरी पर लौटते हुए नजर आ रहे हैं। एलन मस्क ने खुद सामने से संबंधों को सुधारने की पहल की है। मजे की बात यह कि ट्रंप से बहस के बाद अब मस्क को बड़ा पछतावा हो रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने कहे गए शब्दों पर खेद जताते हुए कहा, ट्रंप पर लिखते समय उन्होंने सीमाएं लांघ दीं, जिसका उन्हें दुख (Elon Musk Regrets His Past Posts on Donald Trump) है। एलन मस्क ने एक ट्वीट करके कहा, उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति और अपने पार्टनर डोनाल्ड ट्रंप पर पिछले हफ्ते किए अपने कुछ पोस्ट पर पछतावा हो रहा है। खेद जताते हुए उन्होंने कहा कि ट्रंप पर उनके कुछ पोस्ट हद से ज्यादा आगे बढ़ गए। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि मुझे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर पिछले हफ्ते किए गए कुछ पोस्ट के लिए खेद है। वे हद से आगे चले गए। दरअसल, बुधवार को एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मुझे पिछले सप्ताह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बारे में की गई अपनी कुछ पोस्ट पर खेद है। मैंने सीमा लांघ दी।” मस्क द्वारा ट्रंप प्रशासन के प्रस्तावित खर्च बिल की निंदा करने से शुरू हुआ (Elon Musk Regrets His Past Posts on Donald Trump) था बता दें कि, हाल के दिनों में एलन मस्क और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच रिश्ते बेहद खराब हो गए थे। यह मस्क द्वारा ट्रंप प्रशासन के प्रस्तावित खर्च बिल की निंदा करने से शुरू हुआ Elon Musk Regrets His Past Posts on Donald Trump) था। यह बिल ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दौरान उनके घरेलू एजेंडे के केंद्र बिंदू के रूप में देखा जाने वाला एक विशाल कानून है। मस्क ने इस बिल को बेकार करार दिया और इसका समर्थन करने वाले रिपब्लिकन सांसदों के खिलाफ राजनीतिक बदला लेने का आग्रह तक किया था। इतना कुछ होने पर भला ट्रंप इसपर चुप कैसे रहते। इस कड़ी में शनिवार को एनबीसी न्यूज से बात करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप मस्क को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वो मौजूदा रिपब्लिकन सांसदों के खिलाफ प्राथमिक चुनौती देने वालों को फंडिंग देते हैं तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।  इसे भी पढ़ें:- अमेरिका के लॉस एंजिलिस में हिंसा और लूटपाट के बीच लगा कर्फ्यू , मेयर ने की ट्रंप से ये अपील पोस्ट डिलीट करने के कदम को ट्रंप के साथ ही सुलह के संकेत के रूप में देखा जा रहा (Elon Musk Regrets His Past Posts on Donald Trump) था खैर, इससे पहले एलन मस्क ने दावा किया कि ट्रंप का नाम एपस्टीन फाइल्स में है। यहाँ तक मस्क ने यह भी कहा था कि ट्रंप का नाम होने के कारण ही प्रशासन एपस्टीन फाइल्स को सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है। वो बात और है कि इस ट्वीट को बाद में उन्होंने डिलीट कर दिया था। इसके बाद डोनाल्ड ट्रंप ने सीधी धमकी दी थी कि वह मस्क को दी गई सब्सिडी और सरकारी कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर देंगे। हालाँकि मस्क की ओर से पोस्ट डिलीट करने के कदम को ट्रंप के साथ संभावित सुलह के संकेत के रूप में देखा जा रहा (Elon Musk Regrets His Past Posts on Donald Trump) था। इससे पहले मस्क ने सरकारी दक्षता विभाग से इस्तीफा दे दिया था। गौरतलब हो कि जुलाई 2024 में पेंसिल्वेनिया में ट्रंप की हत्या का प्रयास किये जाने बाद दोनों की दोस्ती परवान चढ़ी थी। इस कांड के बाद मस्क ने रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप को अपना पूर्ण समर्थन देने का ऐलान कर दिया था। ध्यान देने वाली बात यह कि इस घटना के कुछ ही मिनट बाद मस्क ने एक्स पर लिखा था, मैं ट्रंप का पूरा समर्थन करता हूं और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। इसके बाद मस्क और ट्रंप एक साथ चुनाव प्रचार अभियानों में नजर आए थे। Latest News in Hindi Today Hindi news Elon Musk Regrets His Past Posts on Donald Trump #elonmusk #donaldtrump #regret #politicalnews #socialmediacontroversy #breakingnews #muskstatement #usnews

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Pakistani soldiers killed

बलूचिस्तान में भीषण जंग, BLA लड़ाकों के हमले में 23 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, 9 बलूच लड़ाकों की भी मौत

भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिन के युद्ध के बाद भले ही युद्धविराम हो गया हो, लेकिन पाकिस्तानी सेना (Pakistani Army) पर बलूच विद्रोहियों का हमला लगातार जारी है। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एक बार फिर से बलूच विद्रोहियों ने पाकिस्तानी सेना (Pakistani Army) पर बड़ा हमला बोला है। बलूचिस्तान के अलग-अलग इलाकों में बलूच विद्रोहियों द्वारा किए गए हमले में पाकिस्तानी सेना के 23 जवान मारे गए हैं। साथ ही इस मुठभेड़ में बलूच लिबरेशन आर्मी के भी 9 लड़ाकों की मौत हुई है। बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) के प्रवक्ता जायंद बलूच ने इस संबंध में एक बयान जारी कर बताया कि एक बड़ी मुठभेड़ गोनी पारा इलाके में हुई। यहां पर पाकिस्तानी सेना (Pakistani Army) को अपने सैनिकों की मदद के लिए हेलीकॉप्टर से कमांडो तक उतारने पड़ गए।  मुठभेड़ में पाकिस्तानी सेना के अब तक 23 जवानों की हो चुकी है मौत  बीएलए (BLA) प्रवक्ता ने बताया कि उनके लड़ाके मस्तंग के इलाकों में लगातार आगे बढ़ रहे हैं। जिससे सेना के साथ मुठभेड़ भी तेज हो रही है। इस इलाके में मंगलवार से भी बीएलए (BLA) लड़ाकों और पाकिस्तानी सेना के बीच झड़प हो रही है और अब तक 8 पाकिस्तानी सैनिक मारे जा चुके हैं और कई घायल हैं। इसके अलावा गोनी पारा समेत दूसरे इलाकों में भी तेज झड़प हो रही है। बीएलए प्रवक्ता ने दावा किया है कि मुठभेड़ में पाकिस्तानी सेना के अब तक 23 जवानों की मौत हो चुकी है और उसके सैकड़ों सैनिक घायल हैं। दोनों तरफ से भारी गोलाबारी अभी भी जारी है।  बलूच लड़ाके पाकिस्तानी सेना पर पड़ रहे हैं भारी  बता दें कि बलूचिस्तान में अलगाववादी सशस्त्र समूहों ने 6 जून से अपनी लड़ाई तेज कर दी है। ये लड़ाके मस्तंग इलाके में लगातार आगे बढ़ रहे हैं। इन लड़ाकों को रोकने के लिए पाकिस्तानी सेना ने भारी संख्या में अपने जवानों को उतारा है, लेकिन इसके बाद भी बलूच लड़ाके पाकिस्तानी सेना पर  भारी पड़ते नजर आ रहे हैं। पिछले दिनों बलूच लड़ाकों ने बलूचिस्तान के कई शहरों पर धावा बोलकर कब्जा जमा लिया था। साथ ही कई हाईवे को भी बंद कर दिया। इससे तिलमिलाई पाकिस्तानी सेना ने बलूच नागरिकों पर हमला किया और कई नागरिकों को अपने साथ उठा ले गई। बलूच नागरिक समूहों का दावा है कि पाकिस्तानी सेना ने पासनी और दश्त बालनिगोर जिले में छापेमार कार्रवाई करते हुए 9 बलूच लोगों को उठा ले गई, जो अब लापता हैं।  बलूचिस्तान में बलूच लोगों को पाकिस्तानी सेना द्वारा जबरन उठा ले जाना और फिर उन्हें गायब कर देना बड़ी समस्या रही है। यहां के हजारों लोग कई सालों से गायब हैं, जिसका सीधा आरोप पाकिस्तानी सेना पर है। इसे भी पढ़ें:- अमेरिका के लॉस एंजिलिस में हिंसा और लूटपाट के बीच लगा कर्फ्यू , मेयर ने की ट्रंप से ये अपील पाकिस्तान से आजादी की मांग कर रहे ये लड़ाके पाकिस्तानी सेना पर लगातार कर रहे हैं हमले  मानवाधिकार संगठन पाकिस्तानी सेना पर नागरिकों, छात्रों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को गायब करने का आरोप लगाते हैं। पाकिस्तानी सेना के इस क्रूर कार्रवाई के कारण ही बलूचिस्तान में विद्रो हो रहा है। बलूचिस्तान में हजारों लोग अब हथियार उठा चुके हैं और पाकिस्तानी सेना से लड़ रहे। इस लड़ाई में अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं, लेकिन बीएलए के लड़ाके हार मानने को तैयार नहीं। पाकिस्तान से आजादी की मांग कर रहे ये लड़ाके पाकिस्तानी सेना पर लगातार हमले कर रहे हैं। जिसकी वजह से इस राज्य में पाकिस्तान की पकड़ अब बेहद कमजोर हो चुकी है।  Latest News in Hindi Today Hindi news बलूचिस्तान #balochistan #blaattack #pakistaninews #soldierskilled #balochfighters #breakingnews #pakistanviolence #conflictupdate #worldnews

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Curfew in LA as Violence Erupts

Curfew in LA Amid Violence, Mayor Appeals to Trump: अमेरिका के लॉस एंजिलिस में हिंसा और लूटपाट के बीच लगा कर्फ्यू , मेयर ने की ट्रंप से ये अपील

अमेरिका में मचा बवाल है कि थमने का नाम नहीं ले रहा है। लोगों के बढ़ते हिंसक प्रदर्शन को देख लॉस एंजिलिस में कर्फ्यू लगा दिया गया है। दरअसल, इमिग्रेशन कानूनों को लागू करने को लेकर शुरू हुए विरोध प्रदर्शन के हिंसक होने के बाद डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने सोमवार को लॉस एंजिलिस में 4000 नेशनल गार्ड सैनिकों और 700 मरीन की तैनाती का आदेश दिया (Curfew in LA Amid Violence, Mayor Appeals to Trump) था। इसके बाद शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन उग्र रूप ले लिया। इस प्रदर्शन में लूटमार की भी घटनाएं दर्ज की गई है। कैलिफोर्निया सहित अमेरिक में बड़े शहरों में हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक सोमवार की रात डलास और ऑस्टिन में, पुलिस ने कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों के साथ झड़प की। टेक्सास स्टेट कैपिटल के पास भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया। ट्रंप प्रशासन ने कहा कि लॉस एंजिल्स में स्थिति बिगड़ रही है और अप्रवासियों के प्रवर्तन का समर्थन करने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए संघीय बलों की आवश्यकता है।  तोड़फोड़ व लूटपाट को रोकने के लिए लॉस एंजिलिस के डाउनटाउन में जारी किया (Curfew in LA Amid Violence, Mayor Appeals to Trump) है कर्फ्यू  इस बीच कई दिनों से जारी हिंसक घटनाओं के बीच लॉस एंजिलिस की मेयर कैरेन बास ने मंगलवार को कर्फ्यू लगाने की घोषणा कर दी। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से छापेमारी बंद करने को कहा है। मीडिया को संबोधित करते हुए मेयर ने कहा कि मैंने स्थानीय आपातकाल की घोषणा की है और तोड़फोड़ व लूटपाट को रोकने के लिए लॉस एंजिलिस के डाउनटाउन में कर्फ्यू जारी किया (Curfew in LA Amid Violence, Mayor Appeals to Trump) है। यही नहीं अपने संबोधन में उन्होंने आगे कहा कि मैं डोनाल्ड ट्रंप से छापेमारी बंद करने का आह्वान करती हूं। मेयर ने बताया, कर्फ्यू मंगलवार रात 8 बजे से बुधवार सुबह 6 बजे तक लागू रहेगा। हालाँकि उन्होंने यह भी कहा कि कर्फ्यू शहर के 1 वर्ग मील क्षेत्र में लागू रहेगा। जिसमें वह क्षेत्र भी शामिल है, जहां शुक्रवार से विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। मेयर के मुताबिक शहर के 23 व्यवसायिक स्थलों पर लूटपाट की घटना रिपोर्ट की गई है। उन्होंने कहा कि हम एक महत्वपूर्ण बिंदु पर पहुंच गए हैं।  इसे भी पढ़ें:-  लॉस एंजिल्स में हुई हिंसा को लेकर भड़के ट्रंप, सख्त चेतावनी देते हुए कही यह बात  मीडिया या सार्वजनिक सुरक्षा और आपातकालीन अधिकारी (Curfew in LA Amid Violence, Mayor Appeals to Trump) सहित इनपर नहीं लागू होगा कर्फ्यू  इस बीच ध्यान देने वाली बात यह कि जैसे ही कर्फ्यू लागू होने की घोषणा हुई वैसे ही पुलिस के एक हेलीकॉप्टर को संघीय भवनों के ऊपर से उड़ते हुए देखा गया। लोगों को तत्काल इलाका छोड़ने को आदेश दिया गया है। इस दौरान कई समूह कर्फ्यू के उल्लंघन की योजना बना रहे हैं। लॉस एंजिलिस पुलिस के प्रमुख ने बताया कि कर्फ्यू उन लोगों पर लागू नहीं होगा, जो चिह्नित इलाकों में रहते हैं या जो बेघर हैं अथवा मीडिया या सार्वजनिक सुरक्षा और आपातकालीन अधिकारी (Curfew in LA Amid Violence, Mayor Appeals to Trump) हैं। बता दें कि नेशनल गार्ड के पास अधिकारियों पर हमला करने वाले लोगों को अस्थायी रूप से हिरासत में लेने का अधिकार है, लेकिन कोई भी गिरफ्तारी स्थानीय पुलिस और कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा ही की जाएगी। इस बीच ट्रंप के निर्देश के अनुसार मंगलवार को सैकड़ों अमेरिकी मरीन लॉस एंजिल्स क्षेत्र में जा पहुंचे। फिर क्या था, उनकी उपस्थिति देख सड़कों पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। कहने की जरूरत नहीं इस प्रदर्शन ने डेमोक्रेटिक नेताओं के बीच चिंता बढ़ा दी है। जारी हिंसा के बीच कैलिफोर्निया के सीनेटर एडम शिफ और एलेक्स पैडीला ने एक संयुक्त बयान जारी कर कहा, सैन्य कर्मियों को केवल सबसे चरम परिस्थितियों के दौरान तैनात किया जाना चाहिए और यहां ऐसा नहीं है। Latest News in Hindi Today Hindi news Curfew in LA Amid Violence, Mayor Appeals to Trump #losangeles #violence #curfew #mayorappeal #trump #protests #breakingnews #usa

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Iran Israel conflict

Iran Issues Open Threat to Israel: इस वजह से ईरान ने इजरायल को दी खुली धमकी

इजरायल और हमास के बीच जारी तनाव के बीच ईरान ने खुलकर धमकी (Iran Issues Open Threat to Israel) दी है। दरअसल, ईरान की इस धमकी के पीछे की असल वजह यह कि ईरान को इजरायल के परमाणु ठिकानों की जानकारी मिल गई है। परमाणु ठिकानों की जानकारी हाथ लगते ही है ईरान की ओर से ऐसा बयान सामने आया है जिसकी कल्पना भी इजरायल ने नहीं की होगी। इजरायल को लेकर बड़ा दावा करते हुए ईरान ने कहा कि उसे इजरायल के परमाणु ठिकानों के बारे में सारी जानकारी मिल गई है। ईरान के मुताबिक उसकी खुफिया एजेंसियों ने सीक्रेट ऑपरेशन के तहत इजरायल के गुप्त परमाणु ठिकानों की सूची हासिल कर ली है। फिर क्या था, जानकारी हाथ लगते ही ईरान ने धमकी देते हुए कहा, अगर इजरायल ने किसी भी तरह की कार्रवाई की तो तेहरान इजरायल के न्यूक्लियर साइट पर हमला कर देगा। इस बीच ईरान की सुप्रीम राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने कहा है कि उसके सीक्रेट एजेंट्स उन स्थानों की सूची हासिल की है जहां पर इजरायल के परमाणु ठिकाने हैं। इसके अलावा ईरान के खुफिया मंत्रालय की ओर से भी कहा गया है, उसे इजरायल के परमाणु कार्यक्रम और पश्चिमी देशों के साथ उसके संबंधों के बारे में गुप्त दस्तावेजों का खजाना मिला है।  ईरान के खुफिया एजेंटों ने इजरायल के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े बेहद गोपनीय दस्तावेज (Iran Issues Open Threat to Israel) कर लिए हैं हासिल  इस पूरे मामले पर ईरान के खुफिया मंत्री इस्माइल खातिब ने इसे बेहद खास और खुफिया उपलब्धि (Iran Issues Open Threat to Israel) बताया। इस उपलब्धि से गदगद इस्माइल खातिब ने कहा कि इनमें दस्तावेज, तस्वीरें और वीडियो शामिल हैं। जिन्हें जल्द ही सार्वजनिक किया जाएगा। ईरान की सुप्रीम राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने तो यहां तक कहा है कि इजरायली टारगेट का नक्शा सेना की टेबल पर है। हालाँकि इस दौरान ईरानी सरकारी टेलीविजन और अन्य मीडिया आउटलेट्स ने भी दावा किया है कि ईरान के खुफिया एजेंटों ने इजरायल के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े बेहद गोपनीय दस्तावेज हासिल कर लिए हैं। गौरतलब हो कि हाल ही में अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने इशारा किया था कि इजरायल जल्द ही ईरान के खिलाफ खतरनाक कदम उठा सकता है। यही नहीं, अमेरिकी इंटेलिजेंस के मुताबिक, इजरायल की सेना ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला कर सकती है। इतना ही नहीं अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने भी चेतावनी देते हुए कहा था कि ईरान परमाणु हथियार बनाने में इस्तेमाल होने योग्य यूरेनियम के भंडार को तेजी से बढ़ा रहा है। यही नहीं, साथ ही उन्होंने यह भी कहा था, ईरान ने उन्नत सेंट्रीफ्यूज का निर्माण शुरू कर दिया है। इसे भी पढ़ें:-  लॉस एंजिल्स में हुई हिंसा को लेकर भड़के ट्रंप, सख्त चेतावनी देते हुए कही यह बात   ईरान के साथ समझौता नहीं होता है तो ईरान पर हमला (Iran Issues Open Threat to Israel) होगा, जिसका नेतृत्व इजरायल करेगा इसके अलावा बीते महीने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा था कि उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से ईरान पर हमला रोकने (Iran Issues Open Threat to Israel) को कहा है ताकि अमेरिकी प्रशासन को तेहरान के साथ नए परमाणु समझौते पर आगे बढ़ने के लिए और समय मिल सके। खैर, यह पहली बात नहीं है जब अमेरिका ने ईरान को यह धमकी दी हो, इससे पहले भी अमेरिका और इजरायल परमाणु समझौते को लेकर लगातार ईरान को धमकी देते रहे हैं। अमेरिका ने सख्त लहजे में साफ कहा है, अगर ईरान के साथ समझौता नहीं होता है तो ईरान पर हमला (Iran Issues Open Threat to Israel) होगा, जिसका नेतृत्व इजरायल करेगा।  Latest News in Hindi Today Hindi news Iran Issues Open Threat to Israel #iran #israel #iranvsisrael #iranthreatens #israeltension #middleeastconflict #worldnews #breakingnews #currentaffairs #internationalrelations

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Indian student assaulted in America

Indian Student Slammed by US Police: अमेरिका में भारतीय छात्र के साथ अमानवीय बर्ताव, हथकड़ी लगाकर जमीन पर पटक दिया

अधिकतर भारतीय छात्रों का सपना विदेशों खासतौर पर अमेरिका में जाकर पढ़ना होता है। लाखों छात्र ऐसे हैं जो अमेरिका जाकर अपनी उच्च शिक्षा ग्रहण करते हैं , लेकिन जब से अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बने हैं तब भारतीय के खिलाफ अमानवीय व्यवहार किया जा (Indian Student Slammed by US Police) रहा है। इसी क्रम में अमेरिका के न्यू जर्सी में एक भारतीय छात्र के साथ अपराधियों जैसा दुर्व्यवहार किया गया। न्यू जर्सी के नेवार्क एयरपोर्ट पर छात्र को बुरी तरह टॉर्चर किया गया और इसके बाद डिपोर्ट कर दिया। जानकारी के मुताबिक मामला 7 जून की है। अमेरिकी अधिकारियों ने एक भारतीय छात्र को हथकड़ी लगाकर एयरपोर्ट पर बुरी तरह परेशान किया। उसे जमीन पर भी पटक दिया गया। उसे इस तरह अपमानित किया गया मानों वह कोई दुर्दांत अपराधी हो।  एक एनआरआई के रूप में, मुझे असहाय और टूटा हुआ महसूस (Indian Student Slammed by US Police) हुआ, यह एक मानवीय त्रासदी है इंडो अमेरिकन सोशल एंटरप्रेन्योर कुनाल जैन ने नेवार्क एयरपोर्ट पर हुई घटना को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर (Indian Student Slammed by US Police) की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर घटना बयां करते हुए कहा कि भारतीय छात्र फ्लाइट से उतरा ही था, लेकिन वह इमीग्रेशन अथॉरिटीज को आने का कारण नहीं समझा पाया। इसके बाद अथॉरिटी से जुड़े अधिकारियों ने उसके साथ अपराधी जैसा व्यवहार किया। कुणाल ने बताया कि वह सपनों का पीछा करते हुए आया था, कोई नुकसान नहीं पहुंचा रहा था। एक एनआरआई के रूप में, मुझे असहाय और टूटा हुआ महसूस हुआ। यह एक मानवीय त्रासदी है।  उन्होंने अमेरिका में भारतीय दूतावास से मामले की जांच करने और छात्र को सहायता प्रदान करने का भी अपील की। कुनाल ने आगे यह भी बताया कि ऐसे कई बच्चे हैं जो सुबह पहुंचते हैं और फिर शाम की फ्लाइट से हाथ-पांव बांधकर वापस भेज दिए जाते हैं। हर दिन 3-4 ऐसे मामले देखने मिल रहे हैं।  इसे भी पढ़ें:-  लॉस एंजिल्स में हुई हिंसा को लेकर भड़के ट्रंप, सख्त चेतावनी देते हुए कही यह बात  वीडियो में छात्र को जमीन पर गिरा हुआ देखा जा सकता (Indian Student Slammed by US Police) है इस पूरे वाकये का वीडियो वायरल हो गया है। वीडियो के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर आक्रोश फैल गया है। बता दें कि इस वीडियो को सबसे पहले भारतीय-अमेरिकी उद्यमी, कुणाल जैन ने रिकॉर्ड किया था। इसमें अमेरिकी अधिकारियों को छात्र के साथ एक अपराधी की तरह व्यवहार करते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में छात्र को जमीन पर गिरा हुआ देखा जा सकता (Indian Student Slammed by US Police) है। उसे कम से कम चार अधिकारियों ने उसे पकड़ रखा है। जिनमें से दो ने अपने घुटने उसकी पीठ पर रख दिए हैं। उन्होंने छात्र के हाथ-पैर में हथकड़ी लगा रखी थी। इस बीच कुनाल जैन ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को पोस्ट में टैग कर लिखा कि वह बच्चा मेरे साथ फ्लाइट से आने वाला था, लेकिन उसे फ्लाइट में नहीं बैठाया गया। किसी को पता करना चाहिए कि उसके साथ क्या हो रहा है? खैर, कहने की जरूरत नहीं, इस घटना से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की डिपोर्टेशन की सख्त कार्रवाई के बीच जिस तरह से सैकड़ों भारतीयों को अमेरिका से भारत भेजा गया था, उसकी यादें तरोताजा हो गईं। गौरतलब हो कि इससे पहले फरवरी में 100 से अधिक भारतीयों को भारत वापस लाया गया था। यूएस बॉर्डर पेट्रोल द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो में प्रवासियों को हथकड़ी और उनके पैरों में बेड़ियां डालते हुए देखा गया था।  Latest News in Hindi Today Hindi news Indian Student Slammed by US Police #IndianStudent #USPolice #PoliceBrutality #IndianAbroad #BreakingNews #JusticeForIndians #HumanRights #USNews #ViralNews #RacialProfiling

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US law and order

Trump Warns Strongly After Los Angeles Violence Incident: लॉस एंजिल्स में हुई हिंसा को लेकर भड़के ट्रंप, सख्त चेतावनी देते हुए कही यह बात 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने फैसलों को लेकर खासे चर्चा में बने हुए हैं। इस बीच उन्होंने कानून प्रवर्तन अधिकारियों को मास्क पहने प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार करने का आदेश (Trump Warns Strongly After Los Angeles Violence Incident) दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के बाद अवैध प्रवासियों को पहचानने और उन्हें अमेरिका से बाहर भेजने हेतु इमिग्रेशन ऑफिसर छापे मार रहे हैं। ट्रंप के इस आदेश का खुलकर विरोध देखने मिल रहा है। विरोध में लोग सड़कों पर निकल रहे हैं। आदेश के विरोध में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि कानूनी रूप से अमेरिका में रह रहे लोगों को भी बेवजह परेशान किया जा रहा। जानबूझकर समाज में फूट डालने की कोशिश की जा रही है। बता दें कि रविवार को राज्य सरकार की घोर आपत्तियों के बावजूद डोनाल्ड ट्रंप ने आदेश निकालकर लॉस एंजिल्स की सड़कों पर 2000 सैनिक उतार दिए थे। ट्रंप के फैसले का पूरे लॉस एंजिल्स में विरोध हो रहा है। देखते ही देखते आव्रजन कार्रवाई के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शनों के बीच लॉस एंजिल्स में तनाव बढ़ गया है। कई स्थानों पर आगजनी और हिंसा भी हुई है। चेहरे पर मास्क पहने लोगों को तुरंत (Trump Warns Strongly After Los Angeles Violence Incident) करो गिरफ्तार  इस बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने लॉस एंजिल्स में प्रदर्शनकारियों को चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि अगर प्रदर्शनकारी पुलिस अधिकारियों या सैनिकों पर थूकते हैं तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। ट्रंप ने कहा कि लॉस एंजिल्स पर अवैध विदेशियों और अपराधियों ने आक्रमण करके कब्जा कर लिया है। हिंसक, विद्रोही भीड़ हमारे फेडरल एजेंट्स पर हमला कर रही है और हमारे निर्वासन अभियानों को रोकने की कोशिश कर रही है, लेकिन ये अराजक दंगे हमारे संकल्प को और मजबूत करते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने सोशल ट्रुथ प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में कहा, चेहरे पर मास्क पहने लोगों को तुरंत गिरफ्तार (Trump Warns Strongly After Los Angeles Violence Incident) करें। हिंसा पर भड़के अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अब से, विरोध प्रदर्शनों में मास्क पहनने की कतई अनुमति नहीं दी जाएगी। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि संघीय सरकार के पास ऐसा आदेश जारी करने का अधिकार है भी या नहीं। खैर, प्रदर्शनकारी अपनी पहचान छुपाने और पुलिस के हथियारों से निकलने वाले धुएं से खुद को बचाने के लिए मास्क पहन रहे हैं। इस बीच कैलिफोर्निया के शहर लॉस एंजिल्स के गवर्नर गेविन न्यूसोम ने कहा, उन्होंने ट्रंप प्रशासन से लॉस एंजिल्स में नेशनल गार्ड की तैनाती को रद्द करने का औपचारिक अनुरोध किया है। न्यूसोम ने सैनिकों की तैनाती को राज्य संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। इसे भी पढ़ें:-एपस्टीन की बाल यौन शोषण की फाइल में ट्रंप का नाम, इसीलिए नहीं हो रही जारी-  एलन मस्क ने लगाया गंभीर आरोप  1965 के बाद यह पहली बार है जब नेशनल गार्ड फोर्स को (Trump Warns Strongly After Los Angeles Violence Incident) किया है सक्रिय  ध्यान देने वाली बात यह कि साल 1965 के बाद यह पहली बार है जब किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने उस राज्य के राज्यपाल के अनुरोध के बिना किसी राज्य के नेशनल गार्ड फोर्स को सक्रिय (Trump Warns Strongly After Los Angeles Violence Incident) किया है। बता दें कि इससे पहले राष्ट्रपति लिंडन जॉनसन ने मॉन्टगोमरी, अलबामा में नागरिक अधिकार प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा के लिए सेना भेजी थी। गौरतलब हो कि नेशनल गार्ड अमेरिका की एक रिजर्व सेना है। नेशनल गार्ड के पास कई जिम्मेदारियां हैं, मसलन घरेलू आपदा राहत और सुरक्षा के साथ अमेरिका की जमीन की रक्षा और नागरिक अशांति की रोकथाम करना शामिल है। और इसके साथ ही विदेशों में अमेरिकी सैन्य तैनाती के लिए रिजर्व फोर्स के रूप में काम भी करती है।  Latest News in Hindi Today Hindi news #donaldtrump #losangelesviolence #trumpnews #lawandorder #breakingnews #usa #trumpwarning

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