Pakistani defense minister

Pakistani minister begs: न्यूक्लियर हमले की धमकी दे रहे पाकिस्तान की निकली हेकड़ी, गिड़गिड़ाते हुए पाक रक्षा मंत्री ने कही यह बात

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में तकरीबन दो बजे हुए कायराना आतंकी हमले में 28 निर्दोष लोगों की जान गई थी। आतंकियों ने लोगों के धर्म और कलमा पूछ-पूछकर मौत के घाट उतारा था। मरने वालों में 2 विदेशी भी नागरिक भी शामिल थे। इस घटना के बाद से दुनिया भर के लोगों में गुस्सा है। हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच हालात तनावपूर्ण हैं। युद्ध की स्थिति है। तनाव का आलम यह है कि किसी भी समय युद्ध हो सकता है। भारत इस हमले का जवाब देगा। भारत के इस रुख से पाकिस्तान में दहशत का माहौल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई तरह के प्रतिबंध लगाते हुए सिंधु जलसंधि को भी ससपेंड कर दिया है। इसके बाद से पाकिस्तान में भय का माहौल है। इस बीच पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ (Pakistani minister begs) ने कहा कि “हम भारत के साथ युद्ध शुरू नहीं करना चाहते, लेकिन अगर युद्ध के हालात बने तो पाकिस्तान भी उसका जवाब देगा। भारत पानी को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहा है।” उन्होंने आगे यह भी कहा कि “सिंधु जल समझौते को लेकर पाकिस्तान विश्व बैंक से संपर्क करेगा। पहलगाम आतंकी हमले के बाद से पाकिस्तान को आशंका है कि भारत उसपर अटैक कर सकता है।”  भारत ने यह हमला खुद ही किया है और इस हमले में पाकिस्तान को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है मजे की बात यह कि पाकिस्तान की तरह से लगातार भारत को गीदड़भभकी दी जा रही है। इसी क्रम में ख्वाजा आसिफ ने बेतूका तर्क देते गए कहा कि “अब ऐसा लग रहा है कि भारत ने यह हमला खुद ही किया है और इस हमले में पाकिस्तान को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।” ख्वाजा की बातों से ऐसा लग रहा है मानों भारत ने खुद ही हमला करवा कर निर्दोष लोगों की जान ली है और दोष पाकिस्तान पर मढ़ रहा है। कारण यही जो वो लगातार पहलगाम हमले में पाकिस्तान का हाथ होने से इंकार कर रहा है। इस बीच न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, रूसी सरकार द्वारा संचालित आरआईए नोवोस्ती न्यूज एजेंसी को दिए गए एक साक्षात्कार में पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने (Pakistani minister begs) कहा कि “मुझे लगता है कि रूस या चीन या यहां तक कि पश्चिमी देश इस संकट में बहुत ही सकारात्मक भूमिका निभा सकते हैं और वे एक जांच दल भी गठित कर सकते हैं, जिसे जांच का यह काम सौंपा जाना चाहिए कि भारत या मोदी झूठ बोल रहे हैं या वह सच बोल रहे हैं। एक अंतरराष्ट्रीय दल को इस हमले की वास्तविकता का पता लगाने दें।” इसे भी पढ़ें:- मोदी सरकार ने की वॉटर स्ट्राइक, बूंद-बूंद के लिए तरसेगा पाकिस्तान प्रधानमंत्री खुद चाहते हैं (Pakistani minister begs) कि पहलगाम हमले की जाँच हो- ख्वाजा आसिफ यही नहीं, ख्वाजा आसिफ ने यह भी कहा कि “पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी अंतरराष्ट्रीय जांच कराने का प्रस्ताव रखा है। ख्वाजा के मुताबिक प्रधानमंत्री खुद चाहते हैं (Pakistani minister begs) कि पहलगाम हमले की जाँच हो। खैर, न्यूज एजेंसी ने पाकिस्तान का पक्ष रखते हुए ख्वाजा के हवाले से कहा कि “पता लगाएं कि भारत में, कश्मीर में इस घटना का दोषी कौन है और कौन इसे अंजाम दे रहा है। बातचीत या खोखले बयानों का कोई असर नहीं होता। इस बात के कुछ सबूत तो होने ही चाहिए कि पाकिस्तान इसमें शामिल है या इन लोगों को पाकिस्तान का समर्थन प्राप्त था? ये सिर्फ बयान हैं, खोखले बयान और कुछ नहीं।” Latest News in Hindi Today Hindi Pakistani minister begs #Pakistan #PakDefenseMinister #NuclearThreat #PakistanNews #WorldNews #InternationalRelations #DefenseNews #PakCrisis #BreakingNews #GeoPolitics

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Pahalgam attack

Pahalgam attack: पहलगाम हमले पर भारत को अमेरिका का संदेश, कहा “आतंकियों को छोड़ना नहीं”

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए कायराना हमले (Pahalgam attack) के बाद देश भर में रोष व्याप्त है। देश ही नहीं दुनिया भर के देशों ने इस हमले की निंदा की है। इस आतंकी हमले के बाद दुनिया के सभी बड़े देश न सिर्फ भारत के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं बल्कि वहां के राष्ट्रअध्यक्ष पीएम मोदी से बात कर रहे हैं। महत्वपूर्ण बात यह कि अमेरिका आतंकवादियों के खिलाफ भारत के सुर में सुर मिलाते हुए आवाज उठा रहा है। बता दें कि मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकवादी हमले की निंदा की। जानकारी के लिए बता दें कि ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि “कश्मीर से बेहद परेशान करने वाली खबर है। संयुक्त राज्य अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ मजबूती से खड़ा है। हम खोए हुए लोगों की आत्मा और घायलों के ठीक होने की प्रार्थना करते हैं।” अमेरिका हमले (Pahalgam attack) में जान गंवाने वाले लोगों और घायलों के ठीक होने के लिए प्रार्थना करता है इस बीच अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने गुरुवार (24 अप्रैल) को जानकारी दी कि अमेरिका ने पहलगाम आतंकवादी हमले के साजिशकर्ताओं को न्याय के कटघरे में लाने का आह्वान किया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए, ब्रूस ने कहा कि “अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका भारत के साथ खड़ा है और सभी प्रकार के आतंकवाद की कड़ी निंदा करता है। उन्होंने आगे कहा कि “अमेरिका हमले (Pahalgam attack) में जान गंवाने वाले लोगों और घायलों के ठीक होने के लिए प्रार्थना करता है। जैसा कि राष्ट्रपति ट्रंप और विदेश मंत्री रुबियो ने स्पष्ट किया है, अमेरिका भारत के साथ खड़ा है, आतंकवाद के सभी कृत्यों की कड़ी निंदा करता है। हम मारे गए लोगों के जीवन के लिए प्रार्थना करते हैं और घायलों के ठीक होने के लिए प्रार्थना करते हैं और इस जघन्य कृत्य के अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने का आह्वान करते हैं।” इसे भी पढ़ें:- मोदी सरकार ने की वॉटर स्ट्राइक, बूंद-बूंद के लिए तरसेगा पाकिस्तान हम, निश्चित रूप से, अब कश्मीर या जम्मू की स्थिति पर कोई रुख नहीं (Pahalgam attack) ले रहे हैं एक सवाल अमेरिका पहलगाम में आतंकवादी हमले (Pahalgam attack) के पीछे पाकिस्तान को देखता है, के जवाब में टैमी ब्रूस ने जवाब दिया कि “मैंने इसे शीर्ष पर रखा क्योंकि यह एक भयानक स्थिति थी। साथ ही, इस बिंदु पर टिप्पणियों की सीमा यही होगी। मैं आपको निश्चित रूप से क्या बता सकती हूं, जैसा कि हम सभी जानते हैं कि यह तेजी से बदलती स्थिति है, और हम इसकी बारीकी से निगरानी कर रहे हैं, जैसा कि आप कल्पना कर सकते हैं। और हम, निश्चित रूप से, अब कश्मीर या जम्मू की स्थिति पर कोई रुख नहीं ले रहे हैं।” बता दें कि हमले के बाद, भारत ने सीमा पार आतंकवाद के समर्थन के लिए पाकिस्तान के खिलाफ कड़े जवाबी कदम उठाए हैं।  बुधवार को गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सीसीएस की बैठक में, भारत ने 1960 की सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया। गौरतलब है कि आतंकवादियों ने मंगलवार को पहलगाम के बैसरान मैदान में पर्यटकों पर हमला किया, जिसमें 25 भारतीय नागरिकों और एक नेपाली नागरिक की मौत हो गई थी और 20 से अधिक लोग घायल हो गए थे। ध्यान देने वाली बात यह कि यह 2019 पुलवामा हमले के बाद से घाटी में सबसे बड़े हमलों में से एक है। गौर हो कि पुलवामा हमले में 40 सीआरपीएफ जवान मारे गए थे।  Latest News in Hindi Today Hindi Pahalgam attack #PahalgamAttack #USIndiaRelations #FightTerrorism #KashmirViolence #TerrorAlert #IndiaSecurity #USOnTerror #GlobalSupport #TerroristAttack #IndianArmy

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Pahalgam Terror Attack Mastermind Exposed

Terror attack mastermind: कुर्सी के चक्कर में पहलगाम पर कराया हमला, पाकिस्तानी पत्रकार ने किया मास्टरमाइंड के नाम का खुलासा

मंगलवार को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में दोपहर तकरीबन तीन बजे हुए कायराना आतंकी हमले 26 निर्दोष नागरिकों को मौत के घाट उतार दिया गया था। इस हमले के बाद देश भर में रोष व्याप्त है। भारत ही नहीं दुनिया भर के देशों ने इस कायराना हमले की भर्त्सना की है। इस हमले की शक की सुई पाकिस्तान की ओर थी। भारत का शक सही साबित हुआ भी। ऐसा इसलिए कि पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार आदिल राजा ने गंभीर आरोप अपने ही देश पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आदिल राजा का दावा है कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर (Terror attack mastermind) के इशारे पर ही पहलगाम में आतंकी हमला हुआ है। दरअसल, आदिल राजा ने पाकिस्तान के खुफिया सूत्रों के हवाले से कहा है कि “असीम ने जानबूझकर पहलगाम में हमला कराया है, जिससे उसके खिलाफ चल रहे मामले को शांत किया जा सके।” बता दें कि आदिल राजा पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार होने के साथ-साथ ह्यूमन राइट्स वाच के लिए भी काम करते हैं। इस बीच पोस्ट लिखते हुए आदिल राजा ने कहा कि “यह पोस्ट जब मैं लिख रहा हूं तो लोग मुझे भारतीयों का एजेंट बताएंगे, लेकिन जो सच है कि वो यह कि पहलगाम का हमला मुनीर के कहने पर ही हुआ है। कई वरिष्ठ अधिकारियों ने यह बात ऑफ रिकॉर्ड कही है।” बता दें कि राजा ने खुफिया सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि मुनीर ने जानबूझकर यह हमला करवाया। जनके इस खुलासे ने पाकिस्तान में भी हलचल मचा दी है।  विदेशी पाकिस्तानियों को बुलाकर भड़काऊ बयान देने के बाद करवाया हमला (Terror attack mastermind)  यही नहीं, आदिल के मुताबिक, असीम मुनीर ने ही पहले विदेशी पाकिस्तानियों को बुलाकर भड़काऊ बयान देने के बाद यह हमला (Terror attack mastermind) करवाया। मुनीर के इस गलती का खामियाजा पूरे पाकिस्तानी भुगतेंगे। शहबाज तुरंत मुनीर को हटाएं नहीं तो मामला और बिगड़ेगा।” महत्वपूर्ण बात यह कि आदिल राजा के इस पोस्ट को इमरान खान की पार्टी के समर्थक खूब शेयर कर रहे हैं। इमरान समर्थकों का कहना है कि “मुनीर को हटाकर खान को वापस लाया जाए, तभी पाकिस्तान की स्थिति सुधर सकती है।” बता दें कि आदिल की गिनती पाकिस्तान के उन पत्रकारों में होती है, जो सेना और सरकार के खिलाफ लगातार मुखर रहते हैं। 17 साल से पाकिस्तान की पत्रकारिता में सक्रिय आदिल राजा पेशावार के मूल निवासी हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई लिखाई इस्लामाबाद के कैद-ए-आजम यूनिवर्सिटी से की है। वर्तमान में वे अपना एक ब्लॉग सैनिकों की सुनो नाम से चलाते हैं। पीपीपी के प्रमुख और सरकार के हिस्सेदार बिलावल भुट्टो जरदारी भी आदिल को फॉलो करते हैं। आदिल अक्सर इमरान खान के लिए लिखते हैं।  इसे भी पढ़ें:- मोदी सरकार ने की वॉटर स्ट्राइक, बूंद-बूंद के लिए तरसेगा पाकिस्तान भारत ने इस हमले के लिए पाकिस्तान को ठहराया (Terror attack mastermind) है जिम्मेदार  गौरतलब हो कि जम्मू कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को द रेजिडेंट फ्रंट (टीआरएफ) के आतंकवादियों ने 26 लोगों की हत्या कर दी। इस घटना के बाद से ही भारत में उबाल है। भारत ने इसके लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया (Terror attack mastermind) है। द रेजिडेंट फ्रंट की स्थापना 2019 में पाकिस्तान में हुई थी। टीआरएफ को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी से ही फंड मिलता है। कारण यही जो टीआरएफ के आकाओं को भी पाकिस्तान ही शरण देता है।  Latest News in Hindi Today Hindi Terror attack mastermind #PahalgamAttack #TerrorMastermind #KashmirTerror #PakistanIndia #BreakingNews #PoliticalPlot #SecurityAlert #PahalgamNews #TerrorExposed #KashmirUpdate

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Water strike by India

Water strike by India: मोदी सरकार ने की वॉटर स्ट्राइक, बूंद-बूंद के लिए तरसेगा पाकिस्तान

22 अप्रैल (मंगलवार) को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की निर्मम हत्या और 17 से अधिक लोगों के घायल होने के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त एक्शन लेते हुए कड़े कदम उठाए हैं। इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान-आधारित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े समूह ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) ने ली है। महत्वपूर्ण  बात यह कि हमला ऐसे समय में हुआ जब भारत सरकार कश्मीर में पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयास कर रही थी। भारत के सख्त तेवर देख पाकिस्तान में डर का (Water strike by India) माहौल है। यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान की कायराना हरकत के बाद जवाब न दिया हो। याद करें बालाकोट हमला। इस हमले का भारत ने एयरस्ट्राइक से जवाब दिया था और तो और पुलवामा में हमलों का भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक से जवाब दिया। ऐसे में अब पहलगाम में हमले का भारत ने वॉटर स्ट्राइक से जवाब दिया है। कहने की जरूरत नहीं, भारत के इस कदम से पाकिस्तान का जीना मुहाल हो जायेगा।  भारत ने सिंधु जल संधि पर लगा दी है (Water strike by India) रोक  यहाँ सबसे यह समझना जरूरी है कि आखिर ये वॉटर स्ट्राइक (Water strike by India) है क्या? दरअसल, भारत ने सिंधु जल संधि पर रोक लगा दी है। बता दें कि सिंधु जल संधि साल 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच एक महत्वपूर्ण जल-बंटवारा समझौता है। इसे विश्व बैंक की मध्यस्थता में तैयार किया गया था। इस संधि का मुख्य उद्देश्य सिंधु नदी प्रणाली के जल संसाधनों के उपयोग को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच होनेवाले विवादों को टालना था। इस समझौते के तहत सिंधु नदी प्रणाली की छह प्रमुख नदियों को दो समूहों में विभाजित किया गया था। पूर्वी नदियों में ब्यास, रावी और सतलुज का अधिकार भारत को दिया गया था। तो वहीं पश्चिमी नदियों सिंधु, झेलम और चिनाब के जल का उपयोग पाकिस्तान को सौंपा गया था। इस समझौते के तहत भारत को अपनी पूर्वी नदियों के जल का पूरा उपयोग करने की अनुमति मिली, तो वहीं वह पश्चिमी नदियों के जल का सीमित उपयोग सिंचाई, घरेलू जरूरतों और गैर-उपभोग वाले उद्देश्यों के लिए कर सकता था। लेकिन अब भारत ने इस समझौते को खत्म कर दिया है।  इसे भी पढ़ें:-  इसलिए पीएम मोदी ने सऊदी से भारत लौटते समय पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र का नहीं किया इस्तेमाल क्या होगा इस वॉटर स्ट्राइक (Water strike by India) का असर  बता दें कि पाकिस्तान की लगभग 80 फीसदी खेती तकरीबन 1.6 करोड़ हेक्टेयर क्षेत्र में फैली है। पाकिस्तान की खेती सिंधु नदी पर पूरी तरह निर्भर है। गौरतलब हो कि इस नदी से मिलने वाले पानी का लगभग 93 प्रतिशत हिस्सा केवल सिंचाई के काम में आता है। ऐसे में कहने की जरूरत नहीं कि अगर यह पानी न मिले, तो देश में खेती लगभग असंभव हो (Water strike by India) जाएगी। महत्वपूर्ण बात यह कि सिंधु बेसिन क्षेत्र में रहने वाली पाकिस्तान की 61 प्रतिशत आबादी यानी लगभग 23.7 करोड़ लोग सिंधु नदी पर निर्भर हैं। यही नहीं, पाकिस्तान के प्रमुख जलविद्युत परियोजनाएं भी सिंधु नदी पर आधारित हैं। ऐसे में भारत द्वारा सिंधु जल समझौता खत्म करने से पाकिस्तान में खाद्य उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। जिससे लाखों लोगों की खाद्य सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। सिंधु जल आपूर्ति बाधित होने से पाकिस्तान के शहरी इलाकों में जल संकट उत्पन्न हो सकता है।  Latest News in Hindi Today Hindi Water strike by India #WaterStrike #IndiaPakistan #ModiGovernment #IndusWatersTreaty #IndiaFirst #PakistanWaterCrisis #StrategicStrike #ModiAction #NationalSecurity #WaterWar

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Harsimrat Randhawa Shot Dead in Canada

Harsimrat Randhawa shooting Canada: कनाडा में भारतीय छात्रा हरसिमरत रंधावा की गोली मारकर हत्या

कनाडा के हैमिल्टन शहर में एक 21 वर्षीय भारतीय छात्रा हरसिमरत रंधावा की गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। हरसिमरत रंधावा एक होनहार छात्रा थीं। वो अपने सपनों को लेकर कनाडा गई थीं। जानकारी के मुताबिक जब वह काम पर जाने के लिए बस स्टॉप पर इंतजार कर रही थी, तभी एक कार के अंदर से अंधाधुंध गोलियां चलाई गईं। इसी बीच एक गोली लड़की को जा लगी और गोली लगने उसकी जान चली (Harsimrat Randhawa shooting Canada) गई। हरसिमरत ओंटारियो प्रांत के हैमिल्टन स्थित एक कॉलेज में पढ़ाई कर रही थीं। घटना के वक्त बस स्टॉप पर बस का इंतजार कर रही थीं। बेशक यह छात्रों और भारतीय समुदाय के लिए यह खबर बेहद चौंकाने वाली है।  इस पूरे मामले पर हैमिल्टन पुलिस ने कहा कि “एक काली कार के यात्री ने एक सफेद सेडान पर गोलियां चलाईं। तभी एक गोली बस स्टैंड पर खड़ी एक लड़की को लग गई। गोलीबारी की घटना के बाद तुरंत बाद काली कार में सवार यात्री घटनास्थल से फरार हो गए। गोलियां पास के एक घर की पिछली खिड़की में भी घुस गईं।” घटना (Harsimrat Randhawa shooting Canada) बीते गुरुवार शाम करीब 7:30 बजे की है दरअसल, पुलिस के मुताबिक घटना (Harsimrat Randhawa shooting Canada) बीते गुरुवार शाम करीब 7:30 बजे की है। पुलिस को अपर जेम्स और साउथ बेंड रोड के पास गोलीबारी की सूचना मिली। घटनास्थल पर जब पुलिस पहुंची तो उसे हरसिमरत रंधावा गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिलीं। छात्रा के सीने में गोली लगी थी। पुलिसकर्मियों ने तुरंत एम्बुलेंस की मदद से छात्रा को अस्पताल पहुंचाया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गोलीबारी किसी दो गाड़ियों के बीच आपसी विवाद का नतीजा थी। इसी फायरिंग की चपेट में बस स्टॉप पर खड़ी हरसिमरत भी आ गईं। हैमिल्टन पुलिस अब न सिर्फ इस हत्याकांड की हर एंगल से जांच कर रही है बल्कि दो संदिग्ध कार सवारों की पहचान करने की कोशिश में भी जुटी है। स्थानीय पुलिस के अनुसार, वह एक निर्दोष छात्रा थी, जो दो वाहनों में हुई गोलीबारी की घटना का शिकार हो गई। पुलिस के अधिकारी मृतक लड़की के परिवारवालों के साथ संपर्क साधने में लगे हुए हैं। पुलिस के मुताबिक मृतक के परिजनों को सभी आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी।  इसे भी पढ़ें:- मस्जिद के सामने महिला पर भीड़ ने ‘लाठी-डंडे और पत्थर से बोला हमला, कर्नाटक में ‘तालिबानी सजा’ का खौफनाक मंजर टोरंटो स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने इस घटना (Harsimrat Randhawa shooting Canada) पर व्यक्त किया गहरा दुख  इस घटना (Harsimrat Randhawa shooting Canada) पर टोरंटो स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने गहरा दुख व्यक्त किया है। शुक्रवार को जारी किये एक पोस्ट में दूतावास ने कहा कि “हम हैमिल्टन, ओंटारियो में भारतीय छात्रा हरसिमरत रंधावा की दुखद मौत से बेहद दुखी हैं। स्थानीय पुलिस के अनुसार, यह घटना दो कार सवारों की आपसी गोलीबारी में हुई है। हम पीड़िता के परिवार के साथ लगातार संपर्क में हैं और हर संभव मदद पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।” कहने की जरूरत नहीं, इस घटना के बाद स्थानीय भारतीय समुदाय में रोष है। लोग सोशल मीडिया पर न्याय की मांग कर रहे हैं। और सही ही आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग उठा रहे हैं। खैर, पुलिस घटना से जुड़े और भी सबूत इकट्ठा कर रही है। शाम 7.15 बजे से 7.45 बजे के बीच डैशकैम या सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी हुई है। पुलिस के मुताबिक जल्द से जल्द आरोपियों पकड़ लिया जायेगा।  Latest News in Hindi Today Hindi News Harsimrat Randhawa shooting Canada #HarsimratRandhawa #IndianStudentShot #CanadaShooting #JusticeForHarsimrat #PunjabiStudentKilled #CanadaCrime #InternationalStudentNews #IndianStudentAbroad #GunViolenceCanada #StudentMurderCanada

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US plane hijack

US plane hijack: अमेरिकी शख्स ने की प्लेन को हाइजैक करने की कोशिश, पैसेंजर ने विमान में ही मारी गोली, कई लोग घायल

मध्य अमेरिका के पूर्वी तट पर स्थिति बेलीज में एक छोटे विमान को हाईजैक करने (US plane hijack) की कोशिश की गई। यह घटना उस समय हुई जब बेलीज की ट्रॉपिक एयर का एक विमान कोरोजाल शहर से 14 यात्रियों के साथ उड़ान भर चुका था। विमान कोरोजल से सैन पेड्रो जा रहा था। इस बीच एक अमेरिकी नागरिक ने इस विमान को हाईजैक करने की कोशिश की। न सिर्फ हाईजैक की बल्कि इस दौरान चाकू से पायलट और यात्रियों पर हमला भी किया गया। इसी बीच विमान में सवार एक अन्य यात्री ने हाईजैक की कोशिश करने वाले शख्स को गोली मार दी।  यात्री द्वारा चलाई गई गोली लगने से मारा (US plane hijack) गया हाईजैकर  बेलीज के पुलिस आयुक्त चेस्टर विलियम्स ने आगे कहा कि “टेलर एक यात्री द्वारा चलाई गई गोली लगने से मारा (US plane hijack) गया। यात्री के पास बंदूक रखने का लाइसेंस था और उसने बाद में बंदूक पुलिस को सौंप दी।” इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि “टेलर की मांग थी कि उसे देश से बाहर ले जाया जाए।” यही नहीं बेलीज में अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता ल्यूक मार्टिन ने बताया कि “टेलर ने अमेरिका ले जाने की मांग की थी।” इस बीच न्यूयॉर्क पोस्ट ने अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक बताया कि “चाकू से लैस एक अमेरिकी नागरिक ने विमान को हाईजैक करने के प्रयास में यात्रियों पर ताबड़तोड़ चाकू से हमला करना शुरू कर दिया। इस दौरान विमान में मौजूद तीन लोग घायल हो गए।   हमलावर की पहचान अमेरिकी नागरिक अकिनीला सावा टेलर के (US plane hijack) रूप में हुई चेस्टर विलियम्स के अनुसार, हमलावर की पहचान अमेरिकी नागरिक अकिनीला सावा टेलर के (US plane hijack) रूप में हुई। उसने जिस ट्रिपोक एयर विमान का अपहरण किया था उसमें 14 यात्री और चालक दल के दो सदस्य सवार थे। सभी यात्री और चालक दल के सदस्य सुरक्षित रूप से हवाई अड्डे पर उतर गए हैं। बेलीज और अमेरिका दोनों ने इस घटना की पुष्टि की है। अपहरण की यह घटना बृहस्पतिवार को स्थानीय समयानुसार सुबह लगभग साढ़े आठ बजे हुई। अपहरण के बाद विमान कई घंटों तक इधर-उधर चक्कर लगाता रहा। आखिरकार अंत में उसे तटीय शहर लेडीविले के हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतारा गया। इसे भी पढ़ें:– कोंडागांव-नारायणपुर सीमा के पास मुठभेड़ में दो इनामी नक्सली कमांडर ढेर, एनकाउंटर घायल यात्रियों और पायलट का अस्पताल में इलाज चल रहा है अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने कहा कि “घटना के बारे में विस्तृत जानकारी (US plane hijack) जुटाई जा रही है।” तो वहीं इस पूरी घटना पर एयरलाइंस कंपनी के सीईओ मैक्सिमिलियन ग्रीफ ने कहा कि “पायलट ने साहस और सूझबूझ का परिचय दिया। उसने विमान की सुरक्षित लैंडिंग के लिए कहा, यह आसान नहीं होता है।” घायल यात्रियों और पायलट का अस्पताल में इलाज चल रहा है। न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस आयुक्त विलियम्स ने हस्तक्षेप करने वाले और टेलर को गोली मारने वाले यात्री की प्रशंसा करते हुए उसे “हीरो” कहा। अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि “टेलर विमान में चाकू कैसे ले आया। जानकारी के मुताबिक बेलीज के अधिकारियों ने घटना की जांच में सहायता के लिए अमेरिकी दूतावास से संपर्क किया है।” Latest News in Hindi Today Hindi news US plane hijack #USPlaneHijack #PlaneHijackAttempt #FlightShooting #PassengerShootsHijacker #USNews #AviationSecurity #EmergencyLanding #InFlightIncident #BreakingNews #HijackFoiled

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Iran nuclear weapons,

Iran nuclear weapons: अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा संगठन ने चेताया, परमाणु हथियार बनाने के बेहद करीब पहुंच चुका है ईरान

कई दिनों से यह खबर चर्चा में है की ईरान कभी भी परमाणु बम बना (Iran nuclear weapons) सकता हैं। कारण यही जो, अमेरिका आए दिन ईरान को परमाणु कार्यक्रम न शुरू करने की धमकी देते रहता है। अमेरिका के बाद अब अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा संगठन ने भी ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चेतावना जारी की है। आईएईए के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने कहा है कि “तेहरान परमाणु हथियार बनाने के खतरनाक रूप से बेहद करीब है।” बता दें कि ग्रॉसी बुधवार से तेहरान के दौरे पर हैं। उनका यह बयान तेहरान पहुंचने से पहले आया है। दरअसल, ईरान के विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम पर उसके अधिकारियों और नेताओं के साथ चर्चा करने के लिए आईएईए के प्रमुख तेहरान पहुंचे हैं। फ्रांस के समाचार पत्र ली मोंडे से हुई बातचीत में राफेल ग्रॉसी ने कहा कि “उनके पास यह टुकड़ों में है और वे एक दिन इसे जोड़ सकते हैं। इसके पहले कि वे हथियार बना लें, हमें उन तक पहुंचने का एक रास्ता है। लेकिन हमें यह बात माननी पड़ेगी कि वे इससे दूर नहीं हैं।” गौरतलब हो कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा है कि “ईरान परमाणु हथियार बनाने के काफी करीब पहुंच चुका है।” अमेरिका के साथ दूसरे दौर की परमाणु वार्ता रोम में (Iran nuclear weapons) होगी ईरान ने बुधवार को पुष्टि की कि “अमेरिका के साथ दूसरे दौर की परमाणु वार्ता रोम में (Iran nuclear weapons) होगी। हालांकि पहले इस बात को लेकर भ्रम था कि वार्ता कहां होगी।” लेकिन खबर के मुताबिक ईरान के सरकारी टीवी चैनल ने अब इस बारे में जानकारी दी है। गौर करने वाली बात यह कि ये घोषणा ऐसे वक्त हुई है, जब राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अपने उन उपराष्ट्रपति में से एक के इस्तीफे को औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी है, जो दुनिया के ताकतवर देशों के साथ 2015 के परमाणु समझौते में तेहरान की ओर से प्रमुख वार्ताकार थे।  इसे भी पढ़ें:– कोंडागांव-नारायणपुर सीमा के पास मुठभेड़ में दो इनामी नक्सली कमांडर ढेर, एनकाउंटर राष्ट्रपति पेजेशकियन ने मंगलवार देर रात मोहम्मद जवाद जरीफ के संबंध में (Iran nuclear weapons) की घोषणा  दरअसल, राष्ट्रपति पेजेशकियन ने मंगलवार देर रात मोहम्मद जवाद जरीफ के संबंध में घोषणा (Iran nuclear weapons) की। इसके बाद सरकारी टीवी चैनल ने कहा कि “ओमान फिर से वार्ता की मध्यस्थता करेगा।” मुख्य बात यह कि ओमान के विदेश मंत्री ने पिछले सप्ताहांत ओमान की राजधानी मस्कट में ईरान-अमेरिका के बीच वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभाई। सोमवार को कई अधिकारियों ने कहा था कि “वार्ता रोम में होगी, तो वहीं, ईरान मंगलवार तक कह रहा था कि “वार्ता  ओमान में ही होगी।” हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने अभी तक यह नहीं बताया है कि वार्ता कहां होगी। हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक को फोन किया था। बता दें कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के प्रमुख राफेल मारियानो ग्रॉसी बुधवार से ईरान दौरे पर हैं। ग्रॉसी के दौरे में इस पर बातचीत हो सकती है कि किसी प्रस्तावित समझौते के तहत उनके निरीक्षकों को क्या पहुंच मिल सकती है। Latest News in Hindi Today Hindi news Iran nuclear weapons #IranNuclearThreat #IAEAWarning #NuclearWeapons #MiddleEastTensions #GlobalSecurity #IranCrisis #NuclearDeal #WorldPeaceThreat #IranNews #UNAlert

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Russia Poland conflict

Russia threatens Poland: रूस की खुली धमकी, पोलैंड और बाल्टिक देशों पर होगा हमला

बीते तीन वर्षों से चला आए रहा रूस और यूक्रेन का युद्ध है कि थमने का नाम नहीं ले रहा है। लाख कोशिश के बावजूद शांति स्थापित नहीं हो पाई है। अब इस युद्ध के चलते दूसरों देशों पर भी युद्ध का खतरा मंडराने (Russia threatens Poland) लगा है। इस बीच खबर है की रूस ने पोलैंड और बाल्टिक देशों पर हमले की धमकी दे दी है। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि पुतिन क्या पोलैंड और बाल्टिक देशों को निशाना बनाने की योजना बना रहे हैं? प्राप्त जानकारी के मुताबिक रूस के खुफिया प्रमुख सर्गेई नारिश्किन ने नाटो को खुली धमकी दी है कि अगर पोलैंड और बाल्टिक देश अपनी आक्रामक हरकतें नहीं रोकी, तो रूस जवाबी कार्रवाई करेगा। गौर करने वाली बात यह कि इस बयान के बाद यूक्रेन में रूस की बमबारी तेज कर दी है।  पहले पोलैंड और बाल्टिक देशों को नुकसान (Russia threatens Poland) होगा। जानकारी के मुताबिक रूस के विदेशी खुफिया सेवा के डायरेक्टर सर्गेई नारिश्किन ने मंगलवार को बेलारूस के तानाशाह अलेक्जेंडर लुकाशेंको से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि “अगर नाटो ने रूस और बेलारूस के खिलाफ आक्रामकता दिखाई, तो सबसे पहले पोलैंड और बाल्टिक देशों को नुकसान (Russia threatens Poland) होगा।” इस बीच उन्होंने पोलैंड के उस कथित प्लान का जिक्र किया, जिसमें वह बेलारूस और रूस के कलिनिनग्राद क्षेत्र की सीमा पर 20 लाख एंटी-टैंक माइंस बिछाने की योजना बना रहा है। लातविया के रक्षा मंत्री आंद्रिस स्प्रूड्स ने भी कहा कि “उनका देश अपनी रक्षा को और मजबूत करने के लिए हर संभव विकल्प पर विचार कर रहा है।” इसे भी पढ़ें:– कोंडागांव-नारायणपुर सीमा के पास मुठभेड़ में दो इनामी नक्सली कमांडर ढेर, एनकाउंटर रूस की धमकी के बीच यूक्रेन में बमबारी बढ़ा दी (Russia threatens Poland) गई है इस बीच गौर करने वाली बात यह कि रूस की धमकी के बीच यूक्रेन में बमबारी बढ़ा दी (Russia threatens Poland) गई है। रविवार को यूक्रेन के सूमी शहर पर हुए रूसी मिसाइलों के हमले में 35 लोग मारे गए और 100 से ज्यादा घायल हुए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की पर ही युद्ध शुरू करने का आरोप लगाकर हंगामा खड़ा कर दिया। ट्रंप ने कहा कि आप 20 गुना बड़े देश के खिलाफ युद्ध शुरू नहीं करते और फिर मिसाइलों की उम्मीद करते हैं। ट्रंप ने सूमी हमले को सिर्फ गलती कहकर दुनिया को चौंका दिया।” प्राप्त जानकारी के मुताबिक मंगलवार को नाटो के महासचिव मार्क रुटे ने जेलेंस्की के साथ ओडेसा का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने यूक्रेन को समर्थन देने का वादा किया। दौरे के बाद रुटे ने कहा कि “रूस इस युद्ध का आक्रामक है। इसमें कोई शक नहीं। जेलेंस्की ने नाटो से एयर डिफेंस सिस्टम की मांग की, ताकि रूसी हमलों से बचा जा सके।” इस बीच रुटे ने यह भी साफ किया कि नाटो ट्रंप के सीजफायर प्रस्ताव का समर्थन करता है, लेकिन यूक्रेन के साथ उसका साथ नहीं छूटेगा। बता दें कि स्वीडन ने रूस के राजदूत को तलब कर रूसी हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया।  Latest News in Hindi Today Hindi news Russia threatens Poland #RussiaPolandConflict #RussiaThreat #BalticNations #WW3Alert #NATOUpdate #RussiaNews #PolandNews #Geopolitics #RussiaVsNATO #WorldWarThreat

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Bangladesh plan Bengal

Bangladesh plan Bengal: साजिशकर्ताओं ने बंगाल को बांग्लादेश बनाने की योजना बनाई थी, बांटे गए थे 500-500 रुपए

वक़्फ़ कानून लागू होने के बाद से पश्चिम बंगाल के मुस्लिम बहुल इलाके मुर्शिदाबाद में 10 अप्रैल से लगातार विरोध जारी है। विरोध के दौरान हुई हिंसा में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। यही नहीं, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तकरीबन 500 से अधिक लोगों ने हिंसा के डर से पलायन कर लिया है। वक़्फ़ संसोधन बिल पास होने के बाद से ही हिंसा और उपद्रव का अंदाजा था। ख़ुफ़िया विभाग ने पश्चिम बंगाल में अराजक तत्वों द्वारा हिंसा फ़ैलाने का इनपुट पहले दिया गया था। लेकिन राज्य सरकार की नाकामी के चलते हिंसा भड़क उठी। स्थित नियंत्रण के बाहर होती देख जिले में केंद्रीय सुरक्षा बल को तैनात किया गया है। इस बीच मुर्शिदाबाद दंगा मामले को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों के मुताबिक इस हिंसा की साजिश तीन महीने पहले ही रची गई थी। इसके अलावा तुर्कीए से फंडिंग भी की गई थी। हमलावरों को लूटपाट के लिए बाकायदा 500-500रुपये दिए गए थे। दरअसल, साजिशकर्ताओं का लक्ष्य बंगाल को बांग्लादेश (Bangladesh plan Bengal) जैसा बनाना था।  पहले रामनवमी की तारीख तय थी, लेकिन कड़ी सुरक्षा के चलते योजना को (Bangladesh plan Bengal) पड़ा टालना  भारतीय जांच एजेंसी से जुड़े सूत्रों की माने तो, इस हिंसा की प्लानिंग लंबे समय से की जा रही थी। पिछले 3 महीनों से इलाके के लोग इस घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। जांच के दौरान एजेंसियों को पता चला कि आतंकवाद फैलाने का यह एक नया तरीका है। इस दौरान यह भी पता चला कि दो महीने पहले एटीबी के दो जाने-माने सदस्य मुर्शिदाबाद आए और कहा कि “एक बड़ी दावत होगी।” दरअसल, वो मौके की ताक में थे। पहले रामनवमी की तारीख तय थी। लेकिन कड़ी सुरक्षा के चलते योजना को (Bangladesh plan Bengal) टालना पड़ा।  इसे भी पढ़ें: – जम्मू कश्मीर के पुंछ में मुठभेड़, 2 से 3 आतंकी जंगल में छुपे, गोलीबारी में सेना का एक जवान घायल बांग्लादेश की तर्ज पर पश्चिम बंगाल में भी अराजकता फ़ैलाने की (Bangladesh plan Bengal) थी योजना  इस बीच वक़्फ़ संसोधन बिल पास हो गया और इस बिल ने अराजक तत्वों को अराजकता फ़ैलाने का मौका दे दिया। इसमें हिंदुओं की हत्या करना, उनके घरों को लूटना, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाना और ट्रेनों को बाधित करना उनका पहला मकसद था। उन्हें अधिक से अधिक चीजों का नुकसान करने की हिदायत दी गई थी। हमलावरों से कहा गया था कि जितनी ज्यादा चीजों को खराब करेंगे, उन्हें उतना ही पैसा दिया जाएगा। जांच एजेंसियों की मानें तो इस योजना में शामिल हर हमलावर और पत्थरबाजों को लूटपाट के लिए 500 रुपये दिए गए थे। यही नहीं, पिछले 3 महीनों से इनकी लगातार ट्रेनिंग भी चल रही थी। बांग्लादेश की तर्ज पर पश्चिम बंगाल में भी अराजकता फ़ैलाने की योजना (Bangladesh plan Bengal) थी। हालाँकि मुर्शिदाबाद हिंसा के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लोगों से शांति की अपील करते हुए कहा कि “मैं सभी से कहूंगी कि सभी को अनुमति लेकर शांतिपूर्वक विरोध करने का अधिकार है, लेकिन कानून अपने हाथ में न लें। चाहे कोई भी हो। कानून तोड़ने वालों की कोई जरूरत नहीं है। जो शांत दिमाग रखता है, वही जीतता है।”   Latest News in Hindi Today Hindi news  Bangladesh plan Bengal #BangladeshPlanBengal #BengalConspiracy #WestBengalNews #PoliticalPlot #500RupeeNews #BengalNews #BreakingNews #IndiaAlert #BangladeshLink #ConspiracyExposed

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Trump Xi Jinping warning

Trump Xi Jinping warning: ट्रंप के टैरिफ की मार से चीन हुआ बेहाल, डोनाल्ड ट्रंप ने जिनपिंग को दी यह धमकी

लंबे अरसे से अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक युद्ध चला आ रहा है। ट्रंप प्रशासन में इसे अधिक तेजी (Trump Xi Jinping warning) मिली। गौरतलब हो कि अमेरिका ने चीन से आयातित वस्तुओं पर 145% तक की टैरिफ लगा दिया है। इसके जवाब में चीन ने भी अमेरिकी सामानों पर 125% तक का जवाबी शुल्क लगाया है। हालांकि, इस बीच शुक्रवार को अमेरिका ने स्मार्टफोन, लैपटॉप, सेमीकंडक्टर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों पर टैरिफ में छूट की घोषणा की थी। बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी टैरिफ नीति से पूरी दुनिया को हिला रखा है। अब वह सेमिकंडक्टर पर नया टैरिफ लगाने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि “अनुचित व्यापारिक व्यवहार के लिए ‘किसी को बख्शा नहीं जायेगा।” इस बीच उन्होंने यह भी साफ़ किया कि शुक्रवार को जिन उत्पादों पर टैरिफ छूट दी गई है, वे अब भी 20% फेंटानिल टैरिफ के दायरे में हैं।  हम किसी भी देश, खासकर चीन जैसे दुश्मन व्यापारिक राष्ट्रों के आगे बंधक (Trump Xi Jinping warning) नहीं बन सकते राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा कि “अब समय आ गया है कि हम अपने उत्पादों का निर्माण अमेरिका में ही करें। हम किसी भी देश, खासकर चीन जैसे दुश्मन व्यापारिक राष्ट्रों के आगे बंधक नहीं बन सकते। ये देश दशकों से हमारा व्यापारिक शोषण करते आ रहे हैं, लेकिन अब वो दिन (Trump Xi Jinping warning) लद चुके हैं।” हालांकि उन्होंने यह भी संकेत दिया कि “अमेरिका जल्द ही राष्ट्रीय सुरक्षा टैरिफ जांच के तहत सेमीकंडक्टर और संपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन की समीक्षा करेगा।” अहम बात ये कि यह बयान ऐसे समय आया है जब ट्रंप प्रशासन पर चीन को रियायत देने के आरोप लग रहे हैं। दरअसल, शुक्रवार को स्मार्टफोन, कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अमेरिका की तरफ से लगाए गए टैरिफ से छूट तो दी गई थी, लेकिन अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हावर्ड लुटनिक ने साफ किया है कि “यह सिर्फ एक अस्थायी राहत है, जब तक कि ट्रंप प्रशासन सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए नया टैरिफ ढांचा तैयार नहीं कर लेता।”  इसे भी पढ़ें:– 14,000 करोड़ रुपये डकारने वाला मेहुल चोकसी बेल्जियम में हुआ गिरफ्तार स्थायी टैरिफ नीति पर काम हो (Trump Xi Jinping warning) रहा है कहने की जरूरत नहीं कि इस कदम से ऐसा लगने लगा था कि अमेरिका दबाव कम करने की कोशिश कर रहा है। ट्रंप और वाणिज्य सचिव ने इसे सिर्फ एक अस्थायी कदम बताया। महत्वपूर्ण बात यह कि इस नई छूट से एपल, एनविडिया और डेल जैसी अमेरिकी टेक कंपनियों को राहत मिल सकती है। ये कंपनियां अपने कई उत्पादों का निर्माण चीन में कराती हैं।  विशेषकर आईफोन और अन्य प्रीमियम प्रोडक्ट्स के लिए डोनाल्ड ट्रंप का यह फैसला फायदेमंद साबित हो सकता है। ऐसे में ट्रंप ने खुद स्पष्ट कर दिया है कि “स्थायी टैरिफ नीति पर काम हो (Trump Xi Jinping warning) रहा है।” वैसे आने वाले हफ्तों में यह देखना दिलचस्प होगा कि अमेरिका चीन समेत अन्य देशों के साथ व्यापारिक संबंधों में कितनी सख्ती अपनाता है और इसका वैश्विक अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ता है?  Latest News in Hindi Today Hindi news Trump Xi Jinping warning #TrumpWarning #XiJinping #USChinaTensions #TradeWar #TrumpTariffs #ChinaEconomy #Geopolitics #USChinaRelations #GlobalTrade #TrumpNews

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