Benefits of okra for hair

सेहत ही नहीं बालों के लिए भी फायदेमंद है भिंडी, जानें क्या है इसके इस्तेमाल का तरीका?

भिंडी (Okra) एक ऐसी सब्जी है, जो भारतीय रसोईघरों में अधिकतर बनती है और कई लोगों को पसंद होती है। आमतौर पर भिंडी (Okra) को सब्जी के रूप में खाया जाता है या सांभर आदि में ड़ाल कर इसका सेवन किया जाता है। भिंडी में कई जरूरी विटामिन्स और मिनरल्स होते हैं जैसे विटामिन सी, इ और के आदि। यही नहीं इनमें आयरन, कॉपर, मैग्नीशियम, फोलेट आदि मिनरल्स भी होते हैं। आपको यह जानकर हैरानी हो सकती है कि भिंडी केवल सेहत ही नहीं बल्कि बालों के लिए भी बहुत लाभदायक है। इसका इस्तेमाल करने से बालों में नयी जान आ जाती हैं। जानिए भिंडी के बालों के लिए बेनेफिट्स (Benefits of okra for hair) के बारे में। इसका बालों पर कैसे इस्तेमाल करें, यह भी जानें। बालों के लिए भिंडी के बेनेफिट्स (Benefits of okra for hair) हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार भिंडी (Okra) हार्ट हेल्थ, ब्लड शुगर आदि को सही रखने के लिए फायदेमंद है। इसके साथ ही प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए भी इसे फायदेमंद माना गया है। भिंडी के बालों के लिए बेनेफिट्स (Benefits of okra for hair) इस प्रकार हैं:  इसे भी पढ़ें: इस National Infertility Awareness week जानिए क्यों जरूरी है यंग महिलाओं में फर्टिलिटी टेस्टिंग? भिंडी का बालों पर कैसे करें इस्तेमाल?  आप कई तरह से भिंडी का बालों के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। इनमें से कुछ इस प्रकार हैं:  नोट:– यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Benefits of okra for hair #Benefitsofokraforhair #Benefitsofokra #okra #hair #scalp

आगे और पढ़ें
Double pneumonia

पोप फ्रांसिस की मौत का कारण है Double Pneumonia, जानिए इसके लक्षण और कारण

हाल ही में पोप फ्रांसिस की 88 साल की उम्र में मृत्यु हो गई। पोप फ्रांसिस इतिहास के पहले लेटिन अमेरिकी पोप थे, जो अपनी उदारता और गरीबों के लिए दयाभावना के लिए जाने जाते रहेंगे। उनकी मृत्यु का कारण डबल निमोनिया (Double pneumonia) को माना जा रहा है। आपने निमोनिया (Pneumonia) के बारे में सुना होगा, लेकिन डबल निमोनिया (Double pneumonia) इससे भी गंभीर रोग है। निमोनिया (Pneumonia) में रोगी के केवल एक ही फेफड़े में इंफेक्शन होता है लेकिन डबल निमोनिया दोनों फेफड़ों को प्रभावित करता है। यह स्थिति बहुत अधिक गंभीर हो सकती है। इस रोग के बारे में जानकारी होना बहुत जरूरी है। आइए जानें डबल निमोनिया (Double pneumonia)  के बारे में विस्तार से। डबल निमोनिया (Double pneumonia) क्या है?  हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार डबल निमोनिया (Double pneumonia)  एक फेफड़ों का इन्फेक्शन है, जो दोनों फेफड़ों को प्रभावित करता है। यह इंफेक्शन फेफड़ों में एयर सैक्स या अल्विओली में सूजन पैदा कर देता है। इसके कारण इनमें फ्लूइड और पस भर जाती है और रोगियों को सांस लेने में समस्या हो सकती है। यह बीमारी सीरियस हो सकती है और जानलेवा भी साबित हो सकती है। डबल निमोनिया के लक्षण (Double pneumonia symptoms) डबल निमोनिया के लक्षण (Double pneumonia symptoms) निमोनिया (Pneumonia) के समान हो सकते हैं। इसके डबल निमोनिया के लक्षण (Double pneumonia symptoms) इस प्रकार हैं: डबल निमोनिया के कारण निमोनिया (Pneumonia) का मुख्य कारण होता है वायरस या बैक्टीरिया। इसके अलावा कुछ कवक भी इसका कारण बन सकते हैं। डबल निमोनिया (Double pneumonia) की समस्या भी तब होती है, जब संक्रमित माइक्रोब दोनों फेफड़ों में निमोनिया का कारण बनते हैं। इसके कुछ मुख्य कारण इस प्रकार हैं: इसे भी पढ़ें: इस National Infertility Awareness week जानिए क्यों जरूरी है यंग महिलाओं में फर्टिलिटी टेस्टिंग? डबल निमोनिया का उपचार डबल निमोनिया (Double pneumonia) का उपचार इसके कारणों पर निर्भर करता है। इसके अलावा यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि इससे शरीर कैसे प्रभावित है? इसके उपचार के कुछ विकल्प इस प्रकार हैं: नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Double pneumonia #Doublepneumonia #pneumonia #doublepneumoniasymptoms

आगे और पढ़ें
National Infertility Awareness week

इस National Infertility Awareness week जानिए क्यों जरूरी है यंग महिलाओं में फर्टिलिटी टेस्टिंग?

इनफर्टिलिटी (Infertility) गर्भधारण न कर पाने की असमर्थता को कहा जाता है। आमतौर पर इनफर्टिलिटी (Infertility) यानी 12 महीने तक नियमित और असुरक्षित संभोग के बाद भी कंसीव न कर पाना। इनफर्टिलिटी को अधिकतर महिलाओं से जोड़ कर देखा जाता है लेकिन यह समस्या महिलाओं और पुरुषों दोनों को हो सकती है। अप्रैल 23 से अप्रैल 29 तक को नेशनल इनफर्टिलिटी अवेयरनेस वीक (National Infertility Awareness Week) के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है। आजकल बहुत से लोग इनफर्टिलिटी (infertility) की समस्या से प्रभावित हैं। ऐसे में कम उम्र की महिलाओं को जल्दी फर्टिलिटी टेस्टिंग की सलाह दी जाती है। आइए जानें इस वीक और यंग महिलाओं में फर्टिलिटी टेस्टिंग (Fertility Testing in Young Women) के बारे में विस्तार से। नेशनल इनफर्टिलिटी अवेयरनेस वीक  (National Infertility Awareness Week) क्यों मनाया जाता है? रिजॉल्व: द नेशनल इनफर्टिलिटी एसोसिएशन (RESOLVE: The National Infertility Association) के अनुसार नेशनल इनफर्टिलिटी अवेयरनेस वीक  (National Infertility Awareness Week) को रिप्रोडक्शन हेल्थ से सम्बन्धित चुनौतियों के बारे में लोगों को शिक्षित करने के लिए मनाया जाता है। इसके अलावा इस सप्ताह उन लोगों को सक्षम बनाया जाता है जो बांझपन जैसी समस्या से गुजर रहे हैं।  कम उम्र की महिलाओं में फर्टिलिटी टेस्टिंग (Fertility Testing in Young Women) की क्यों दी जाती है? वीमन फर्टिलिटी प्रॉब्लम्स (Women Fertility Problem) की वजह है जीवन जीने के तरीके में खराबी। हालांकि, इसके अन्य कुछ कारण भी हो सकते हैं। यह समस्या सिर्फ 30 या 40 साल की उम्र की महिलाओं को प्रभावित नहीं कर रही है बल्कि आजकल 20 साल की उम्र की लड़कियों पर भी इसका असर हो रहा है। इस उम्र की लड़कियों में खासतौर पर लो ओवेरियन रिजर्व (Low ovarian reserve) समस्या देखने को मिल रही है।  इसीलिए डॉक्टर यंग महिलाओं में फर्टिलिटी टेस्टिंग (Fertility Testing in Young Women) की सलाह देते हैं, ताकि लो ओवेरियन रिजर्व (Low ovarian reserve) की समस्या से बचा जा सके। ऐसे में डॉक्टर्स का कहना है कि जल्दी चेकअप और जागरूक रहने से महिलाएं इस समस्या से कुछ हद तक बच सकती है। इसके कुछ समाधान इस प्रकार हैं: यह तो थी जानकारी कि यंग महिलाओं में फर्टिलिटी टेस्टिंग (Fertility Testing in Young Women) की क्यों दी जाती है? इसके कारणों के बारे में जानकारी होना भी आवश्यक है ताकि महिलाएं इन्हें अवॉयड कर सकें।  इसे भी पढ़ें: जानिए प्रोटीन के उन 6 बेहतरीन वेजिटेरियन सोर्सस के बारे में, जो बना सकते हैं आपको हेल्दी फर्टिलिटी प्रॉब्लम के कारण कम उम्र की महिलाओं में फर्टिलिटी प्रॉब्लम और लो ओवेरियन रिजर्व (Low ovarian reserve) के कई कारण हो सकते हैं, जो इस प्रकार हैं: नोट:– यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi National Infertility Awareness Week #Lowovarianreserve #NationalInfertilityAwarenessWeek #Infertility #FertilityTestinginYoungWomen

आगे और पढ़ें
Tips to Prevent sunburn in summer

तेज धूप से बेजान त्वचा की खोई चमक वापस पाने के लिए अपनाएं ये आसान उपाय

हर चीज की अधिकता हमारे लिए अच्छी नहीं होती। यह बात धूप के लिए सही बैठती है। ऐसा माना गया है कि धूप हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी है, इससे हमें विटामिन डी मिलता है। लेकिन, अधिक धूप हमारी स्किन और शरीर के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। गर्मी के मौसम में अधिक धूप सनबर्न, समय से पहले एजिंग, झुर्रियां, पिगमेंटेशन जैसी समस्याओं का कारण बन सकती है। यही नहीं, इसकी वजह से स्किन कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है। लेकिन, कुछ चीजों का ध्यान रख कर हम इस समस्या से बच सकते हैं। आइए जानें कि गर्मी के मौसम में धूप से बचने के उपाय (Tips to Prevent sunburn in summer) कौन से हैं? गर्मी के मौसम में धूप से बचने के उपाय (Tips to Prevent sunburn in summer) गर्मी के मौसम में धूप से बचाव बहुत जरूरी है। इस मौसम में जितना हो सके घर में रहें, खासतौर पर दिन के उस समय जब धूप सबसे अधिक तेज होती है यानी दोपहर के समय। अगर घर के बाहर जाना है तो खास सावधानियां बरते। गर्मी के मौसम में धूप से बचने के उपाय (Tips to Prevent sunburn in summer) इस प्रकार हैं: चश्मा पहनें सूरज की हानिकारक किरणें (Harmful sun rays) सुबह दस से शाम के चार बजे तक बहुत खतरनाक होती हैं। यह किरणें आंखों (Eye) को भी नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसलिए, इस समय बाहर जानें से बचें। अगर बाहर जाना हो तो चश्मा पहनें, हैट और छाते का इस्तेमाल करें। ध्यान रखें कि काले रंग का हर चश्मा सूरज की हानिकारक किरणों से बचाव नहीं करता है। इसलिए, खरीदने से पहले लेबल को अवश्य पढ़ें। सही कपड़े पहनें गर्मी में सूरज की हानिकारक किरणे (Harmful sun rays) हमारी स्किन के लिए नुकसानदायक हैं। ऐसे में धूप में निकलने से पहले लम्बी बाजू वाली कमीज और पेंट पहनें। ढीले और कॉटन के कपड़े पहनें। अपने सिर को ढक कर रखें। इसे भी पढ़ें: Virgin Mojito: एक ताजा और स्वादिष्ट पेय जो गर्मी से दिलाये राहत सनस्क्रीन (Sunscreen) का इस्तेमाल करें सूरज की हानिकारक किरणें (Harmful sun rays) से बचने के लिए सनस्क्रीन (Sunscreen) का प्रयोग करें इसका SPF 30 या इससे अधिक हो। हर दो घंटे के बाद इसे स्किन पर लगाएं। अपने होंठों पर SPF 15 युक्त लिप बाम लगाएं। स्विमिंग के बाद या धूप में इसका खास ख्याल रखें। स्किन के हर उस हिस्से में सनस्क्रीन (Sunscreen) लगाएं जो ढका हुआ न हो। अगर आपने शूज की जगह सैंडल पहनें हैं, तो पैरों में भी इसका प्रयोग करें। यह थे गर्मी के मौसम में धूप से बचने के उपाय (Tips to Prevent sunburn in summer)। अपनी स्किन को धूप में बचाने के लिए स्किन को मॉनिटर करना भी जरूरी है। अगर आप अपनी स्किन में किसी भी तरह का बदलाव नोटिस करते हैं या आपको सनबर्न का कोई लक्षण नजर आता है तो डॉक्टर की सलाह अवश्य लें। नोट:– यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना बिलकुल भी न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Tips to Prevent sunburn in summer #sunray  #sunrays #Tipstoavoidsunburninsummer #harmfulsunrays #sunscreen

आगे और पढ़ें
Benefits of Sattu Sharbat

सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक

क्या आपके दिन की शुरुआत भी चाय या कॉफी से होती है? यह एक ऐसी आदत है जिसे छोड़ना बहुत मुश्किल है। लेकिन, अगर आप अपनी इस आदत को बदल देते हैं, तो इससे होने वाले फायदे आपको हैरान कर सकते हैं। चाय या कॉफी की जगह आप अपने दिन की शुरुआत करें एक हेल्दी ड्रिंक से करें जिसका नाम है सत्तू शरबत। यह ड्रिंक सस्ता है और आसानी से मिलने वाला है। यही नहीं, यह न्यूट्रिएंट से भी भरपूर होता है। इसमें प्रोटीन, फाइबर और मिनरल्स होते हैं। इस ड्रिंक को सत्तू के आटे से बनाया जाता है और इस हेल्दी ड्रिंक को बनाने के लिए चने को रोस्ट किया जाता है। जानिए सत्तू शरबत के बेनेफिट्स (Benefits of Sattu Sharbat) क्या हो सकते हैं? सत्तू शरबत के बेनेफिट्स (Benefits of Sattu Sharbat) नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन (National Library of Medicine) की मानें तो सत्तू (Sattu) बहुत अधिक न्यूट्रिशनल बेनेफिट्स देता है, जिससे हमें कई हेल्थ बेनेफिट्स मिलते हैं। यह हैं सत्तू शरबत के बेनेफिट्स (Benefits of Sattu Sharbat): पेट के लिए फायदेमंद  अगर इस ड्रिंक को खाली पेट पिया जाए, तो यह सत्तू शरबत (Sattu Sharbat) हमारे शरीर के लिए एक वरदान की तरह साबित हो सकता है। इससे डाइजेस्टिव ट्रैक्ट को सही से काम करने में मदद मिलती है और डायजेशन के लिए भी यह बेहतरीन है। सत्तू (Sattu) में पाया जाने वाले नमक, आयरन और फाइबर पेट सम्बन्धी समस्याओं को कम करने में सहायक हैं और बाउल मूवमेंट्स को सुधारते हैं। टॉक्सिन्स को निकाले बाहर सत्तू (Sattu) एक ऐसा एजेंट है, जिसके सेवन से शरीर और इंटेस्टाइन से हानिकारक तत्वों को बाहर निकलने में मदद मिल सकती है। सत्तू शरबत (Sattu Sharbat) से शरीर एनर्जी से भरा रहता है और कई हेल्थ प्रॉब्लम्स से भी सुरक्षा होती है। यही नहीं, इस ड्रिंक में शरीर को ठंडा और हाइड्रेट रहने के गुण भी होते हैं। डायबिटीज के रोगियों के लिए फायदेमंद सत्तू (Sattu) में कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स (Glycemic Index) होता है। यानी यह, डायबिटीज पेशेंट्स के लिए फायदेमंद है। हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थों से ब्लड में ग्लूकोज और इंसुलिन का लेवल बढ़ सकता है, ग्लूकोज इन्टोलेरेंस की समस्या हो सकती है और टाइप 2 डायबिटीज का खतरा भी बढ़ सकता है। यही नहीं सत्तू शरबत (Sattu Sharbat) पीने से ब्लड प्रेशर को रेगुलेट करने में भी मदद मिलती है। सत्तू (Sattu) में फाइबर भी अधिक होता है इसलिए हाई कोलेस्ट्रॉल वाले रोगियों के लिए भी एक अच्छा ड्रिंक है।  वजन कम करने में करे मदद अगर कोई व्यक्ति अपना वेट कम करना चाहता है, तो वो इस ड्रिंक को आजमाए और खाली पेट सत्तू शरबत (Sattu Sharbat) पीये। इसे पीने से ब्लोटिंग कम होती है और मेटाबॉलिज्म भी बढ़ता है। यानी, यह ड्रिंक वजन कम करने में फायदेमंद साबित हो सकता है। भूख सुधारे सत्तू शरबत के बेनेफिट्स (Benefits of Sattu Sharbat) भूख में सुधार से भी जुड़े हुए हैं। सत्तू में पोटैशियम और मैग्नीशियम होता है, जिससे भूख को सुधारने में मदद मिलती है। एक स्टडी के अनुसार सत्तू (Sattu) में पोटैशियम, कैल्सियम, सोडियम, आयरन, मैंगनीज और कॉपर होते हैं। अगर आपको भूख न लगने की समस्या है, तो आप सत्तू शरबत (Sattu Sharbat) का सेवन कर सकते हैं।  इसे भी पढ़ें: रोजाना अनार का सेवन और हमारी सेहत: जानिए इसके 5 अद्भुत फायदों के बारे में एनर्जी बढ़ाए सत्तू (Sattu) में मौजूद आयरन की वजह से शरीर में रेड ब्लड सेल्स (RBC) का विकास तेजी से होता है। ज्यादा रेड ब्लड सेल्स की वजह से शरीर को ज्यादा ऑक्सीजन मिलती है। इसलिए, अगर आप लो और सुस्त महसूस कर रहे हैं, तो सत्तू शरबत (Sattu Sharbat) का सेवन करें इससे आप लम्बे समय तक एनर्जी महसूस करेंगे। नोट:– यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Sattu Benefits #BenefitsofSattuSharbat #SattuSharbat #Sattu #healthydrink #drinkofsummer

आगे और पढ़ें
high blood pressure and kidney function

साइलेंट किलर: क्या हाई ब्लड प्रेशर से किडनी फंक्शन को हो सकता है नुकसान?

हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure) एक सामान्य कंडीशन है , जिसमें शरीर की आर्टरीज प्रभावित होती हैं। इसे हायपरटेंशन भी कहा जाता है। अगर किसी को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है, तो उसके शरीर में आर्टरीज वॉल्स के अगेंस्ट ब्लड का फाॅर्स लगातार बहुत अधिक होता है। इसमें हार्ट को ब्लड को पंप करने के लिए बहुत अधिक मेहनत करनी पड़ती है। ब्लड प्रेशर को मिलीमीटर्स मर्क्युरी यानी (mm Hg) में मापा जाता है। हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure) को एक गंभीर समस्या माना जाता है। हाल ही की गई एक स्टडी में यह पाया गया है कि हाई ब्लड प्रेशर किडनी फंक्शन (Kidney function) पर बुरा प्रभाव ड़ाल सकता है। चिंता की बात यह है कि इसका पहले कोई लक्षण भी नजर नहीं आता है। आइए जानें कि हाई ब्लड प्रेशर और किडनी फंक्शन के बारे में स्टडी (Study on high blood pressure and kidney function) क्या कहती है? हाई ब्लड प्रेशर और किडनी फंक्शन के बारे में स्टडी (Study on high blood pressure and kidney function) अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (American Heart Association) के अनुसार हाई ब्लड प्रेशर कई अन्य गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है जैसे हार्ट अटैक और स्ट्रोक आदि। इससे पीड़ित अधिकतर लोगों को यह पता भी नहीं होता कि उन्हें यह समस्या है। एक स्टडी में यह बात पता चली है कि हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure) किडनी फंक्शन (Kidney function) पर असर ड़ाल सकता है और इसका पहले कोई लक्षण नजर नहीं आता है। बियना मेडिकल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के अनुसार हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure) किडनी के फिल्टरिंग सेल्स में असामान्यताएं पैदा कर सकता है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि रोगी को अन्य कोई समस्याएं हैं या नहीं जैसे डायबिटीज आदि। लेकिन, इस समस्या के जल्दी निदान और उपचार से किडनी डिजीज की प्रोसेस को स्लो करने और इसके नुकसान को कम करने में मदद मिल सकती है। यह तो थी हाई ब्लड प्रेशर और किडनी फंक्शन के बारे में स्टडी (Study on high blood pressure and kidney function) के बारे में जानकारी। अब जानते हैं इस स्टडी के परिणामों के बारे में। क्या कहती हैं स्टडी? इस स्टडी में 99 लोगों के किडनी टिश्यूज को एनालाइज किया गया। इनमें से कुछ लोगों को हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure) और डायबिटीज की समस्या थी, जबकि कुछ को नहीं थी। किडनी टिश्यूज को एनालाइज करने के लिए नए और बेहतर तरीकों का इस्तेमाल किया गया था जैसे मॉडर्न इमेजिंग और कंप्यूटर-असिस्टेड तरीके। इस स्टडी के परिणाम यह बताते हैं कि हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure) के मरीजों में किडनी के फिल्टरिंग सेल्स यानी पोडोसाइट्स की डेंसिटी कम होती है और उनके सेल न्यूक्लाई हेल्दी कंट्रोल्स की तुलना में बड़े होते हैं। यह चेंजेज डायबिटीज से सम्बन्धित नहीं है और यह बदलाव किडनी फंक्शन (Kidney function) की तरफ पहला कदम हो सकता है और यह बदलाव इतना छोटा होता है कि इसे केवल माइक्रोस्कोप से ही देखा जा सकता है। इसे भी पढ़ें: रोजाना अनार का सेवन और हमारी सेहत: जानिए इसके 5 अद्भुत फायदों के बारे में हाई ब्लड प्रेशर से बचाव के लिए क्या करें?  जीवनशैली में सही बदलावों से ब्लड प्रेशर लेवल को प्राकृतिक रूप से कम करने में मदद मिल सकती है। इसके कुछ तरीके इस प्रकार हैं: नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi High blood pressure and kidney function #Studyonhighbloodpressureandkidneyfunction #Highbloodpressure #kidneyfunction #bloodpressure # #kidney

आगे और पढ़ें
Pomegranate

रोजाना अनार का सेवन और हमारी सेहत: जानिए इसके 5 अद्भुत फायदों के बारे में

अनार (Pomegranate) एक गोल और लाल रंग का फल होता है, जिसके छिलके के नीचे क्रंची और जूसी दाने खाने में बेहद स्वादिष्ट होते हैं। इस फल को अपने हेल्दी जूस के लिए ही नहीं जाना जाता, बल्कि इस अनोखे फल के और भी बहुत से फायदे हैं। अनार (Pomegranate) में एंटीऑक्सीडेंट्स (Antioxidants) और एंटी-इंफ्लेमेटरी सब्सटांस होते हैं। इंफ्लेमेटरी कंडीशंस और डायबिटीज के लिए इस फल के जूस को फायदेमंद माना गया है। यही नहीं, विटामिन सी का भी यह अच्छा स्त्रोत है। यानी,रोजाना एक अनार खाना हमारे लिए फायदेमंद हो सकता है। आइए जानें अनार के बेनेफिट्स (Benefits of pomegranate) के बारे में विस्तार से। अनार के बेनेफिट्स (Benefits of pomegranate): पाएं जानकारी हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार अनार (Pomegranate) न केवल कैलोरीज में लो होता है बल्कि यह फाइबर,विटामिन और मिनरल्स मेंभी हाई होता है। इनके फायदों में हार्ट हेल्थ, यूरिनरी हेल्थ, एंटीऑक्सीडेंट्स (Antioxidants) आदि शामिल हैं। आइए जानें की इस फल को खाने से आपको क्या फायदे हो सकते हैं। अनार के बेनेफिट्स (Benefits of pomegranate) इस प्रकार हैं: हार्ट डिजीज के रिस्क को करे कम अनार (Pomegranate) प्रोटेक्टिव कंपाउंड्स से भरा होता है, जिसमें एंटीऑक्सीडेंट प्रॉपर्टीज होती है। यह फल हेल्थ के लिए बेनेफिशियल होते हैं क्योंकि यह केवल हमारे सेल्स को ही डैमेज होने से प्रोटेक्ट नहीं करता बल्कि कोलेस्ट्रॉल जैसे कंपाउंड से भी हमें बचाता है। इसका अर्थ है कि नियमित रूप से इसे खाने से एथेरोस्क्लेरोसिस के रिस्क को कम करने में मदद मिल सकती है। एंटीऑक्सीडेंट इफेक्ट्स अनार (Pomegranate) पॉलीफेनोल्स से भरपूर होता है, जो एक पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट (Antioxidants) हैं। फलों में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर में रिएक्टिव ऑक्सीजन स्पीशीज (ROS) के लेवल को कम करने में मदद कर सकते हैं, जो एक तरह का फ्री रेडिकल है। हमारा शरीर रिएक्टिव ऑक्सीजन स्पीशीज (ROS) को मेटाबॉलिज्म और अन्य प्रक्रियाओं के दौरान प्रोड्यूज करता है। टॉक्सिन्स के सम्पर्क में आने से यह लेवल बढ़ सकता है। इस फल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स (Antioxidants) रिएक्टिव ऑक्सीजन स्पीशीज को रिमूव करने में मदद कर सकते हैं और शरीर को नुकसान से बचाते हैं। कैंसर से बचाव कैंसर को एक ऐसी प्राकृतिक रेमेडीज के रूप में जाना जाता है ,जो प्रोस्टेट कैंसर के उपचार और बचाव में मदद कर सकती है। इसमें मौजूद पॉलीफेनोल्स प्रोस्टेट कैंसर से जुड़े कैंसर सेल्स की ग्रोथ से बचा सकते हैं। स्टडीज यह भी बताती हैं कि अनार (Pomegranate) का एक्सट्रेक्ट प्रोस्टेट-स्पेसिफिक एंटीजन लेवल में कमी और ट्यूमर ग्रोथ को रोकता है। ऐसा भी माना गया है कि ब्रेस्ट, लंग और स्किन कैंसर से बचाव में भी यह मददगार है, लेकिन इस बारे में अभी और स्टडी की जानी जरूरी है। पाचन को रखे सही अनार के बेनेफिट्स (Benefits of pomegranate) पाचन से भी संबंधित हैं ऐसा भी माना गया है कि इंफ्लेमेटरी बॉवेल डिजीज से पीड़ित लोगों के लिए फायदेमंद है। इसका कारण अनार में मौजूद पॉलीफिनॉल कंटेंट को माना गया है। लेकिन इस बात का भी ध्यान रखें की कुछ लोग अनार (Pomegranate) खाने के बाद डायरिया का अनुभव कर सकते हैं, जो इंफ्लेमेटरी बॉवेल डिजीज का ही एक लक्षण है। इसके बारे में भी अभी और शोध किए जाने जरुरी हैं। इसे भी पढ़ें: जानिए प्रोटीन के उन 6 बेहतरीन वेजिटेरियन सोर्सस के बारे में, जो बना सकते हैं आपको हेल्दी डायबिटीज के रोगियों के लिए फायदेमंद कई लोग पारंपरिक रूप से अनार (Pomegranate) को एक मेडिसिनल प्लांट और डायबिटीज का उपचार मानते हैं, और कुछ एविडेंस भी इसको सपोर्ट भी करते हैं। कुछ पुराने शोधों से पता चलता है कि अनार (Pomegranate) में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स (Antioxidants) एक्टिविटी टाइप 2 डायबिटीज (Type 2 diabetes) से पीड़ित लोगों के लिए फायदेमंद हो सकती है। इस बात के प्रमाण मिले हैं कि अनार में मौजूद कंपाउंड उपवास के दौरान ब्लड ग्लूकोज लेवल को कम करने में मदद कर सकते हैं। इसके बारे में भी और शोध किया जाना जरूरी है। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi Benefits of Pomegranate #Benefitsofpomegranate #pomegranate #antioxidants #reactiveoxygenspecies

आगे और पढ़ें
Best vegetarian sources of protein

जानिए प्रोटीन के उन 6 बेहतरीन वेजिटेरियन सोर्सस के बारे में, जो बना सकते हैं आपको हेल्दी

प्रोटीन (Protein) एक जरूरी न्यूट्रिएंट है, जो हमारे शरीर की लगभग हर प्रक्रिया में शामिल होता है। प्रोटीन मांसपेशियों के साथ-साथ हॉर्मोन और एंजाइम के निर्माण में भी सहायक है। यही नहीं, यह हेल्दी बाल, नाखून और त्वचा के लिए भी आवश्यक है। इसके सेवन से लम्बे समय तक हमारा पेट भरा रहता है और जल्दी भूख नहीं लगती। यानी, वजन को सही बनाए रखने में भी इसे फायदेमंद माना गया है। अंडे को प्रोटीन (Protein) का अच्छा स्त्रोत माना गया है। यही कारण है कि अधिकतर लोग अपने आहार में अंडों को शामिल करते हैं। लेकिन, कुछ वेजिटेरियन फूड्स से भी हम प्रोटीन प्राप्त कर सकते हैं। जानें प्रोटीन के बेहतरीन वेजिटेरियन सोर्स (Best vegetarian sources of protein) कौन से हैं? प्रोटीन के बेहतरीन वेजिटेरियन सोर्स (Best vegetarian sources of protein): पाएं जानकारी हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार वेजिटेरियन और वीगन डायट्स से जुड़ी सबसे बड़ी समस्या है पर्याप्त प्रोटीन (Protein) का न होना। लेकिन, कुछ प्लांट और अन्य सोर्सेज से प्रोटीन प्राप्त किया जा सकता है। आइए जानें प्रोटीन के बेहतरीन वेजिटेरियन सोर्स (Best vegetarian sources of protein) के बारे में: दालें (Lentils) क्या आप जानते हैं कि केवल दालों की आधी कटोरी 8 ग्राम प्रोटीन (Protein) प्रदान कर सकती है। यही नहीं भारत में लगभग 65,000 से भी अधिक दालों के प्रकार पाए जाते हैं। एक्सपर्ट्स यह मानते हैं कि हमें एक हफ्ते में पांच विभिन्न तरह की दालें खानी चाहिए। इन्हें विभिन्न तरह से खाया जा सकता है जैसे दाल, सूप, डोसा, वड़ा, खिचड़ी आदि।  पम्पकिन सीड्स (Pumpkin Seeds) पम्पकिन सीड्स (Pumpkin Seeds) यानी कद्दू के बीज में भी प्रोटीन (Protein) का अच्छा स्त्रोत है। 30 ग्राम पम्पकिन सीड्स (Pumpkin Seeds) से हमें  8.5 प्रोटीन मिलती है। यही नहीं, इन बीजों में फाइबर, जिंक, आयरन, पोटैशियम, मैग्नीशियम, सेलेनियम और कॉपर भी होता है। इन बीजों को आप सलाद में ड़ाल सकते हैं या ऐसे भी खा सकते हैं। इससे आपकी प्रोटीन (Protein) की जरूरत पूरी होने में मदद मिलती है।  चना (Chickpeas) अगर आपको चना (Chickpeas) पसंद है, तो आपको यह जानकार अच्छा लगेगा कि इन्हें खाने से आपको स्वाद के साथ ही प्रोटीन (Protein) भी मिलेगी। एक कटोरी चना (Chickpeas) 8 ग्राम प्रोटीन प्रदान करता है। हम अक्सर इन्हें सब्जी के रूप में खा सकते हैं,सलाद या चाट के रूप में इनका सेवन कर सकते हैं या चने का हमस बना कर भी सेवन किया जा सकता है जो एक लोकप्रिय डिश है।   सोयाबीन (Soybean) प्रोटीन के बेहतरीन वेजिटेरियन सोर्स (Best vegetarian sources of protein) में सोयाबीन भी शामिल है। यह प्रोटीन (Protein) का बेहतरीन स्त्रोत है। ऐसा माना जाता है कि एक कप सोयाबीन में 29 ग्राम प्रोटीन होता है। यह प्रोटीन (Protein) का एक ऐसा प्लांट बेस्ड सोर्स है, जिस पर आप पूरी तरह से विश्वास कर सकते हैं।  क्विनोआ (Quinoa) क्विनोआ के कई फायदे हैं। बहुत से लोग इसका सेवन वजन कम करने के लिए करते हैं। यह एक ग्लूटेन फ्री अनाज है जिसमे फाइबर पर्याप्त मात्रा में होता है। प्रोटीन (Protein) का भी यह अच्छा स्त्रोत है और इसके साथ ही इसमें सभी जरूरी एमिनो एसिड्स भी होते हैं जिसमें मसल-प्रमोटिंग-एल-अर्गनीन शामिल है। एक कप क्विनोआ में 8 ग्राम प्रोटीन होता है। इसे भी पढ़ें: Ayurvedic Herb for Women: महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए आयुर्वेद की 5 सबसे प्रभावी हर्ब्स ग्रीक योगर्ट (Greek yogurt) ग्रीक योगर्ट में घर के बने दही की तुलना में दोगुना प्रोटीन (Protein) होता है। इसे खाने से पेट लम्बे समय तक भरा रहता है और यह प्रोबायोटिक्स का अच्छा स्त्रोत है। एक कप फैट फ्री 170 ग्राम ग्रीक योगर्ट यानी से 17 ग्राम प्रोटीन मिलता है।  यह तो थी जानकारी प्रोटीन के बेहतरीन वेजिटेरियन सोर्स (Best vegetarian sources of protein) की। इनके अलावा एडामे बीन्स, आलमंड  बटर, कॉटन चीज, ओटमील, हेम्प सीड्स भी ऐसे फूड की लिस्ट में शामिल हैं, जो पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन (Protein) प्रदान करते हैं। नोट:– यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi Best vegetarian sources of protein #Bestvegetariansourcesofprotein #protein #PumpkinSeeds #Chickpeas #Soybean

आगे और पढ़ें
how to handle wife’s affair

How to handle wife’s affair: वाइफ के एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर होने पर क्रोधित न हों, आजमाएं इन पांच तरीकों को 

किसी भी शादीशुदा जिंदगी में सबसे जरूरी है, ‘आपसी विश्वास’। दुनिया का कोई भी रिश्ता विश्वास और एक दूसरे के सम्मान पर ही टिका हुआ है। जब तक विश्वास है, तब तक रिश्ता बना रहता है। विश्वास के डगमगाते ही रिश्ता भी डगमगा जाता है। कभी-कभी शक के चलते हालात इस कदर बन जाते हैं कि प्रगाढ़ से प्रगाढ़ रिश्तों में भी दरार आ जाती है। वैसे भी कौन किसे कब धोखा दे, कहा नहीं जा सकता। कहीं पति, पत्नी से दगाबाजी कर बैठता है तो कहीं पत्नी पति से। एक तरह से देखा जाए तो दोनों धोखा देने के मामले में एक-दूसरे से कम (how to handle wife’s affair) नहीं हैं। हालाँकि पहले मर्दों के ही अफेयर होते थे, अब औरतों के भी अफेयर होने लगे हैं। पहले वासना लोगों के बस में हुआ करती थी, अब लोग वासना के बस में हैं। बस बात इतनी सी है।  हो रही मौतों और दगाबाजी का एकमत्र वजह है विवाहोत्तर (how to handle wife’s affair) संबंध खैर, वर्तमान हालात पर नजर डालें तो कोई एक्स्ट्रा मैरिटल रिलेशन के चक्कर में अपने लवर के साथ मिलकर अपनी पत्नी को तो कहीं कोई अपने पति को ही  ठिकाने लगा दे रहा है। हो रही मौतों और दगाबाजी का एकमत्र वजह है विवाहोत्तर (how to handle wife’s affair) संबंध। यह एक बड़ी गंभीर समस्या है, जिससे आज का युवा पीड़ित है। एक दूसरे पर शक करने की बीमारी ने सात जन्मों के पवित्र रिश्तों को खोखला कर दिया है। ऐसे में मान लो यदि आपकी अपनी वाइफ का दिल किसी और पर आ जाये या फिर वो किसी और के प्रेम में पड़ जाए तो? कहने की जरूरत नहीं, यह भी पति के लिए मुश्किल भरा क्षण हो सकता है। ऐसी स्थिति में आगबबूला होने के बजाय समझदारी से काम लें। यहाँ हम आपको कुछ ऐसे तरीके बताने जा रहे हैं, जिसके जरिए आप आसानी से इस तरह की सिचुएशन को टैकल कर सकते हैं। यदि आपको अपनी पत्नी के एक्स्ट्रा मैरिटल के बारे में पता चलता हैं, तो इन पांच तरीकों को आजमाएं।  शांत होकर और खुले मन से करें (how to handle wife’s affair) बात  कहने की जरूरत नहीं, दुनिया का कोई भी पति नहीं चाहेगा कि उसकी अपनी पत्नी का किसी और के साथ अफेयर हो। यह किसी भी पति के लिए नाकाबिले बर्दाश्त है। ऐसे में गुस्से में आकर पत्नी पर अनावश्यक लांछन लगाने अथवा कुछ भी कहने से बचें। सबसे पहले न सिर्फ शांत मन से बात को समझने की कोशिश करें बल्कि पत्नी की भावनाओं को भी समझें। धैर्यपूर्वक उनकी बातों (how to handle wife’s affair) को सुनें और मामले को हर संभव सुलझाने की कोशिश करें। पत्नी को ऐसा न करने की हिदायत दें। यदि परिवार है, तो उन्हें परिवार की जिम्मेदारी का अहसास कराएं। और किसी भी तरह का कदम उठाने से पहले उन्हें गहन विचार-विमर्श करने की सलाह दें।  रिश्तों के महत्व  को (how to handle wife’s affair) समझाएं  आपको चाहिए कि आप अपने अनमोल पलों का उन्हें अहसास (how to handle wife’s affair) कराएं। अपने रिश्तों की गहराई और प्रेम को समझाएं। एक दूसरे के साथ साझा किए गए लम्हों की उनसे चर्चा करें, ताकि उन्हें रिश्तों के महत्व का अहसास हो सके। निश्चित यह उन्हें सोचने पर मजबूर करेगा कि क्या नया अट्रैक्शन उनके पुराने रिश्ते की गहराई से ज्यादा कीमती है।  पत्नी की भावनाओं का सम्मान करें  अपनी पत्नी के इमोशंस को अनदेखा करने या उनका मजाक उड़ाने से बचें। हो सकता है, उनके जज्बात सच्चे हों, वो बात और है कि ये आपके लिए दुखदायी हो। उनकी भावनाओं की कदर करें और उसे स्वीकारने की कोशिश करें। उन्हें अपनी पीड़ा का अहसास कराएं। उन्हें यह समझाएं कि उनका यह कृत्य किस तरह उन्हें भीतर ही भीतर खाये जा रहा है। बेशक आपका ये नजरिया रिश्तों को मधुर बना (how to handle wife’s affair) सकता है।  इग्नोर करने से रिश्तों में आ जाती है कड़वाहट  कभी-कभी वाइफ को इग्नोर करने से रिश्तों में कड़वाहट आ (how to handle wife’s affair) जाती है। पति को चाहिए कि वो खुद आगे बढ़कर रिश्ते को सुधारने की पहल करे। मसलन, एक साथ क्वालिटी टाइम बिताना, छोटी-छोटी खुशियां शेयर करना अथवा उनकी पसंद-नापसंद का ख्याल रखना। इससे उनकी नजर में आपकी छवि अपने रिश्तों को बनाये रहने वाले के रूप में होगी। दरअसल,  ये दर्शाएगा कि आप रिश्ते को बचाने के लिए कितने गंभीर हैं।  इसे भी पढ़ें: Health issues in summer: गर्मी में होने वाली 5 सामान्य स्वास्थ्य समस्याएं और उनसे सुरक्षित रहने के टिप्स समझदार इंसान से (how to handle wife’s affair) सलाह लें  यदि बातचीत से हालात सुधरते न दिखें, तो कपल काउंसलिंग या मैरिज थेरपी का सहारा लें। एक निष्पक्ष व्यक्ति भी दोनों पक्षों की बात सुनकर रिश्ते को मजबूत करने के तरीके सुझा सकता है। यह कदम रिश्ते को टूटने से बचा (how to handle wife’s affair) सकता है। यदि आपके परिवार में कोई समझदार इंसान हो तो नकी मदद लेना भी एक समझदारी से भरा कदम हो सकता है।  Latest News in Hindi Today Hindi how to handle wife’s affair RelationshipAdvice #MarriageCounseling #ExtramaritalAffair #EmotionalHealing #MentalPeace # MarriageCrisis #HandleAffairWisely #SelfGrowth #TrustIssues #CalmInChaos

आगे और पढ़ें
Ayurvedic Herb for Women

Ayurvedic Herb for Women: महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए आयुर्वेद की 5 सबसे प्रभावी हर्ब्स

वीमेन हेल्थ में महिलाओं की शारीरिक, मानसिक और सोशल स्वास्थ्य आदि शामिल है। इनमें रिप्रोडक्टिव हेल्थ और कुछ ऐसी कंडीशंस शामिल हैं, जो पुरुषों की तुलना में महिलाओं को अलग तरह से प्रभावित करती हैं जैसे हार्ट डिजीज, डायबिटीज आदि। ऐसा माना जाता है कि आयुर्वेदिक हर्ब (Ayurvedic Herb) और स्पाइसेस आयुर्वेदिक मेडिसिन के सिस्टम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। आयुर्वेद (Ayurveda) के बारे में यह भी माना आता है कि यह हर्ब कई बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करती हैं, मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हैं और पाचन में भी मदद करती हैं। इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको जानकारी देने वाले हैं कुछ आयुर्वेदिक हर्ब (Ayurvedic Herb) के बारे में, जो महिलाओं की हेल्थ केयर के फायदेमंद हैं। जानिए महिलाओं की हेल्थ केयर के लिए फायदेमंद आयुर्वेदिक हर्ब (Ayurvedic Herb beneficial for women’s health care) के बारे में। महिलाओं की हेल्थ केयर के लिए फायदेमंद आयुर्वेदिक हर्ब (Ayurvedic Herb beneficial for women’s health care): पाएं जानकारी नेशनल सेंटर फॉर कॉम्प्लिमेंटरी एंड इंटीग्रेटिव हेल्थ (National center for complementary and integrative health) के अनुसार आयुर्वेद (Ayurveda) एक पुराना इंडियन मेडिकल सिस्टम है जो प्राचीन राइटिंग पर बेस्ड है। यह शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए प्राकृतिक और समग्र एप्रोच पर निर्भर करता है। आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट में हर्ब्स और अन्य उत्पादों के इस्तेमाल के साथ ही डायट, एक्सरसाइज और लाइफस्टाइल भी शामिल है। महिलाओं की हेल्थ केयर के लिए फायदेमंद आयुर्वेदिक हर्ब (Ayurvedic Herb beneficial for women’s health care) इस प्रकार हैं: आंवला (Gooseberry) आयुर्वेद (Ayurveda) में आंवला को महत्वपूर्ण मेडिसिनल एजेंट है। यह आयुर्वेदिक हर्ब (Ayurvedic Herb) मेंस्ट्रुअल साइकिल को रेगुलेट करने में मदद करता है और यूटरस को मजबूत बनाता है। आंवला में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो पीरियड्स के दौरान टॉक्सिन्स को बाहर निकलने में मदद करते हैं और हॉर्मोन्स के बैलेंस को बनाए रखते हैं। यही नहीं, इनसे पीसीओएस के लक्षणों को कम करने में भी मदद मिलती है जैसे मोटापा, अनवांटेड ग्रोथ आदि। शतावरी (Shatavari) महिलाओं की हेल्थ केयर के लिए फायदेमंद आयुर्वेदिक हर्ब (Ayurvedic Herb beneficial for women’s health care) में शतावरी भी शामिल है। इस आयुर्वेदिक हर्ब (Ayurvedic Herb) में सैपोनिन और फ्लेवोनोइड जैसे फाइटोएस्ट्रोजेन होते हैं। यह शरीर में हॉर्मोनल लेवल को बैलेंस को बनाए रखने में मदद करता है। यह हर्ब फीमेल रिप्रोडक्टिव सिस्टम को सही रखती है और मेनोपॉजल लक्षणों से राहत पहुंचाती है। यही नहीं, इस हर्ब के इस्तेमाल से स्ट्रेस लेवल और फर्टिलिटी पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। शताबरी का सेवन करने से इम्यून सिस्टम स्ट्रांग होता है जिससे महिलाएं कई बीमारियों से बच सकती हैं। गोक्षुरा (Gokshura) गोक्षुरा को महिलाओं और पुरुषों में लिबिडो को बढ़ाने के लिए जाना जाता है। इसके साथ ही इससे स्पर्म प्रोडक्शन और ओवुलेशन प्रोमोट होने में मदद मिलती है। यह आयुर्वेदिक हर्ब (Ayurvedic Herb) मेनोपॉज के लक्षणों को कम करने में मदद करती है जैसे नाईट स्वेट, नींद सम्बन्धी समस्याएं, वजाइनल ड्राइनेस, मूड स्विंग आदि। महिलाओं में होने वाले ब्रैस्ट कैंसर और ओवेरियन कैंसर के उपचार के लिए भी इसका उपयोग किया जाता है। शिग्रु (Moringa oleifera) यह हर्ब खासतौर पर महिलाओं के लिए फायदेमंद है क्योंकि यह एनीमिया, बोन हेल्थ, मीनोपॉज और लैक्टेशन आदि के उपचार में मददगार हो सकती है। ड्रमस्टिक की छाल पत्ते, फल और बीज का उपयोग थेराप्यूटिक पर्पज के लिए किया जाता है। यह हर्ब शरीर को सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज और अनियमित मासिक धर्म की समस्याओं से भी बचाती है। इसे भी पढ़ें: Hantavirus: कैलिफोर्निया में हंता वायरस से दहशत, जानिए हंता वायरस के लक्षण और बचाव अश्वगंधा (Ashwagandha) महिलाओं की हेल्थ केयर के लिए फायदेमंद आयुर्वेदिक हर्ब (Ayurvedic Herb beneficial for women’s health care) में अश्वगंधा का नाम भी शामिल है। इसके कई फायदे है जैसे स्ट्रेस कम करना, एजिंग को कम करना, फर्टिलिटी को बढ़ाना आदि। यह नेचुरल हर्ब एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-एजिंग और इम्यूनटी बिल्डिंग इफेक्ट्स के कारण कई तरह से महिलाओं के लिए फायदेमंद है। पीएमएस और मेनोपॉज पीरियड के लक्षणों जैसे रात को पसीना आना और चिंता, अवसाद, आदि की समस्याओं को कम करने में भी यह फायदेमंद है।  नोट:– यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi Ayurvedic Herb #AyurvedicHerbsbeneficialforwomenshealthcare #AyurvedicHerb #aayurveda #womenshealthcare

आगे और पढ़ें
Translate »