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वित्त मंत्रालय में डिप्टी सेकेट्ररी को BMW कार ने मारी टक्कर हुई मौत पत्नी के साथ गुरुद्वारे से बाइक पर थे नवजोत सिंह

वित्त मंत्रालय में डिप्टी सेकेट्ररी को BMW कार ने मारी टक्कर हुई मौत

दिल्ली के कैंट मेट्रो स्टेशन के पास एक बीएमडब्लू कार ने बाइक को टक्कर मारी l ये बाइक केंद्रीय वित्त मंत्रालय में डिप्टी सेक्रेट्री नवजोत सिंह चला रहे थे l उनकी मौत हो गई और उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हैं। BMW कार को एक महिला चला रही थी और उसके पति भी कार में मौजूद थे l डिप्टी सेक्रेट्री अपनी पत्नी के साथ बांग्ला साहब गुरुद्वारे से लौट रहे थे। इतने बड़े अधिकारी होने के बाद भी उनकी सादगी बेमिसाल थी। वो निजी उपयोग में सरकारी वाहन का उपयोग नहीं करते थे। जब कार ने उन्हें टक्कर मारी और तो उनकी बाइक बस से टकराई और वो गंभीर रूप से घायल हो गये l बीएमडब्लू कार चला रही महिला और उसके पति घायल नवजोत सिंह और उनकी पत्नी को कैब में अस्पताल ले गए। यहां भी गलती ये रही कि उन्हें 17 किलोमीटर दूर जीटीबी नगर के अस्पताल ले जाया गया जहां नवजोत सिंह को मृत घोषित कर दिया गया। कार चलाने वाली महिला और उसके पति को भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है जो गुरुग्राम के रहने वाले हैं और कारोबारी हैं। एक्सीडेंट में कार भी बुरी तरह डैमेज हुई है ।

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राहुल गांधी का पंजाब दौरा: बाढ़ पीड़ितों से मिले, सरकार पर निशाना साधा

राहुल गांधी का पंजाब दौरा: बाढ़ पीड़ितों से मिले, सरकार पर निशाना साधा

अमृतसर/गुरदासपुर, 15 सितंबर 2025 पंजाब में हाल ही में आई बाढ़ से हुई तबाही का जायज़ा लेने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी सोमवार को पंजाब पहुँचे। उन्होंने अमृतसर जिले के अजनाला क्षेत्र के घोनेवाल गांव से अपने दौरे की शुरुआत की। यहाँ उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की, खेतों और टूटे हुए घरों का मुआयना किया और ग्रामीणों की समस्याएँ सुनीं। राहुल गांधी का कार्यक्रम अमृतसर, गुरदासपुर और पठानकोट जिलों के कई गांवों तक फैला है। उन्होंने गुरुद्वारा बाबा बुधा साहिब (रामदास, अमृतसर) में मत्था टेका और स्थानीय लोगों से बातचीत की। इसके बाद वे गुरदासपुर के गुरचाक और मककोरा पट्‌टन गांवों सहित सीमावर्ती क्षेत्रों का भी दौरा करेंगे। बाढ़ से सबसे ज़्यादा नुकसान किसानों को हुआ है। राज्य सरकार के मुताबिक अब तक लगभग 1.98 लाख हेक्टेयर फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। राहुल गांधी ने खेतों का मुआयना करते हुए कहा कि कांग्रेस किसानों की हरसंभव मदद करेगी। उन्होंने पीड़ित परिवारों को भरोसा दिलाया कि उनकी आवाज़ दिल्ली तक पहुँचाई जाएगी। आपदा प्रबंधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ से अब तक 56 लोगों की मौत हो चुकी है और हज़ारों परिवार बेघर हो गए हैं। कई गांवों में सड़कें और पुल टूट गए हैं, जिससे राहत कार्य प्रभावित हो रहा है। राहुल गांधी के दौरे से पहले भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि “कांग्रेस-शासित राज्यों ने पंजाब की मदद के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए। सिर्फ़ दौरा करना पर्याप्त नहीं है।” वहीं, पंजाब कांग्रेस ने कहा कि राहुल गांधी का दौरा जनता के दुख-दर्द को करीब से समझने और समाधान निकालने की दिशा में एक अहम कदम है। – जनता की उम्मीदें ग्रामीणों ने राहुल गांधी से अपनी परेशानियाँ साझा करते हुए कहा कि बाढ़ के कारण उनका सबकुछ बर्बाद हो गया है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर उन्हें उचित मुआवज़ा और राहत प्रदान करेंगी।

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पीएम मोदी का बिहार दौरा

पीएम मोदी का बिहार दौरा

पीएम मोदी का बिहार दौरा: पूर्णिया में बड़े विकास प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन, एयरपोर्ट व मखाना बोर्ड शामिल पूर्णिया (बिहार), 15 सितंबर 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज पूर्णिया के दौरे पर रहे और यहां राज्य के लिए कई बड़े विकास परियोजनाओं का उद्घाटन तथा शिलान्यास किया। केंद्रीय नेतृत्व के अनुसार इन परियोजनाओं का उद्देश्य स्थानीय बुनियादी ढांचे, परिवहन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देना है।  पीएम ने इस दौरे के दौरान उत्तर बिहार के एक लंबे समय से प्रतीक्षित कदम के रूप में पूर्णिया एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का भी उद्धाटन किया, जिसे क्षेत्र की हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण बताया जा रहा है। साथ ही केंद्र और राज्य के सहयोग से कई लोक-कल्याणकारी और अवसंरचनात्मक परियोजनाओं की घोषणा की गई, जिनकी कुल लागत मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक करीब ₹36,000–40,000 करोड़ के आसपास बताई जा रही है।  प्रधानमंत्री का यह दौरा उस राजनीतिक और विकासात्मक संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है जिसमें बिहार अगले कुछ महीनों में निर्वाचन की तैयारियों के बीच है; केन्द्र की नीतियों और प्रोजेक्ट्स को स्थानीय स्तर पर दिखाने का यह एक रणनीतिक अवसर भी माना जा रहा है। पदयात्रा के एजेंडे में कृषि, ऊर्जा, रेल व महिला-समर्थन से जुड़े कई प्रोजेक्ट शामिल थे, जिनके जरिए रोजगार और कनेक्टिविटी में बढ़ोतरी का दावा किया गया है।  इस यात्रा से पहले प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल (कोलकाता) में 16वीं कम्बाइंड कमांडर्स कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन भी किया — केंद्रीय कार्यक्रमों और राज्य यात्राओं का यह समन्वय बताता है कि इसी दिन पीएम कई राज्यों के कार्यक्रमों में जुड़े हुए थे। केंद्र सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर भी 13-15 सितंबर के बीच कई पूर्वनिर्धारित राज्यों के दौरे का बयान जारी किया गया था।  स्थानीय प्रतिक्रिया के संदर्भ में, क्षेत्रीय राजनीतिक दलों व नागरिकों ने परियोजनाओं के लाभ-हानि दोनों पहलुओं पर अपने-अपने विचार व्यक्त किए हैं — जहां कुछ लोगों ने विकास और कनेक्टिविटी की उम्मीद जताई, वहीं आलोचक परियोजनाओं की प्राथमिकता व चुनावी मकसद पर सवाल उठा रहे हैं। ऐसे समय में यह देखना बाकी है कि घोषित निवेश स्थानीय लोगों तक कितनी तेजी और पारदर्शिता के साथ पहुंचेगा। 

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PM Modi on his first visit after Manipur violence

हिंसा के बाद पहली बार दौरे पर पीएम मोदी

मणिपुर में शांति बहाली की बड़ी पहल, हिंसा के बाद पहली बार दौरे पर पीएम मोदी लंबे इंतजार के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मणिपुर का दौरा करेंगे। मई 2023 में भड़की नस्लीय हिंसा के बाद यह उनकी पहली यात्रा होगी। इस दौरान वे इंफाल और चुड़ा चांदपुर—दोनों इलाकों में विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। 10,800 करोड़ की परियोजनाएं प्रधानमंत्री चुड़ा चांदपुर में 7,300 करोड़ और इंफाल में 3,600 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इसके अलावा 2,500 करोड़ रुपये की लागत से राष्ट्रीय राजमार्ग की पांच परियोजनाएं, मणिपुर इंफोटेक डेवलपमेंट प्रोजेक्ट और नौ जिलों में वर्किंग वुमेन हॉस्टल भी शुरू किए जाएंगे। हिंसा के बाद बदले हालात 3 मई 2023 को मणिपुर हाईकोर्ट के फैसले के बाद कुकी और मैतेयी समुदायों के बीच हिंसा भड़की थी। हालात बिगड़ने पर फरवरी 2024 में राष्ट्रपति शासन लगाया गया। सरकार ने इसके बाद दोनों समुदायों से लगातार बातचीत की और अब पीएम मोदी का यह दौरा शांति की दिशा में अगला कदम माना जा रहा है। सियासी महत्व विपक्ष लगातार यह सवाल उठाता रहा है कि पीएम ने हिंसा के बाद मणिपुर का दौरा क्यों नहीं किया। ऐसे में यह यात्रा राजनीतिक रूप से भी अहम मानी जा रही है। मणिपुर के बाद प्रधानमंत्री असम, पश्चिम बंगाल और बिहार में भी कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।

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रक्षा मंत्रालय ने झूंसी में 100 घरों पर लगाया लाल निशान, खाली करने का फरमान

रक्षा मंत्रालय ने झूंसी में 100 घरों पर लगाया लाल निशान, खाली करने का फरमान

प्रयागराज झूंसी के नए इलाक़े पूरे सूरदास में गुरुवार को हड़कंप मच गया, जब सेना ने करीब 100 मकानों और दुकानों पर लाल निशान लगाकर उन्हें खाली करने का फरमान जारी कर दिया। सेना का दावा है कि जिस ज़मीन पर ये घर और दुकानें बने हुए हैं, वह रक्षा मंत्रालय की संपत्ति है, जिस पर स्थानीय लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। अधिकारियों ने नोटिस जारी करते हुए मकान मालिकों को 17 सितंबर तक अपने घर और ज़मीन के दस्तावेज़ लेकर कार्यालय में पेश होने का आदेश दिया है। गौरतलब है कि सेना की ज़मीन पर अवैध कॉलोनियां और पूरा मोहल्ला तक खड़ा हो चुका है। पहले भी मकान मालिकों को नोटिस दिया गया था, लेकिन उस पर अमल नहीं हुआ। अब लाल निशान लगने के बाद पूरे क्षेत्र में खलबली मची हुई है और लोग अपने-अपने घरों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं।

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turmoil of Maharashtra

महाराष्ट्र की राजनीतिक घमासान में एक दो नहीं 4-4 ‘संजय’ पर चर्चा, तीखी जुबानी जंग से लेकर हाथापाई तक 

महाराष्ट्र की राजनीति में एक तरफ जहां मराठी बनाम हिंदी भाषा का मुद्दा गर्म है, वहीं राज्य में संजय नाम के नेता भी सुर्खियों में हैं। एक तरफ जहां उद्धव ठाकरे गुट के मुख्य प्रवक्ता और राज्य सभा सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) अपने बयानों को लेकर हमेशा चर्चा में रहते हैं, तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस से शिंदे गुट वाली शिवसेना में आए संजय निरुपम (Sanjay Nirupam) भी विपक्ष पर तीखा पलटवार करने के कारण मीडिया में छाए रहते हैं। इन दोनों संजय के अलावा महाराष्ट्र में संजय नाम से दो और ऐसे नेता हैं, जो चर्चा में बने रहते हैं। ये हैं संजय शिरसाट (Sanjay Shirsat) और संजय गायकवाड़ (Sanjay Gaikwad)।  संजय शिरसाट (Sanjay Shirsat) राज्य सरकार में सामाजिक न्याय मंत्री हैं और इस समय कैश कांड वीडियो को लेकर चर्चा में बने हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ संजय गायकवाड़ मुंबई के आकाशवाणी की कैंटीन में खराब खाने को लेकर मारपीट करने के चक्कर में चर्चित हो चुके हैं। महाराष्ट्र की राजनीति में देखें तो ये चारों संजय इस समय एक दूसरे पर हमलवार हैं। संजय राउत (Sanjay Raut) जहां शिरसाट और गायकवाड़ को घेरने में जुटे हैं, तो वहीं संजय निरुपम (Sanjay Nirupam) अपने बयानों से राउत पर प्रहार कर रहे हैं।  संजय राउत बनाम संजय शिरसाट और संजय निरुपम बता दें कि मंत्री संजय शिरसाट (Sanjay Shirsat) को आयकर विभाग ने संपत्ति में गड़बड़ी को लेकर नोटिस भेजा हुआ है। इस पर राजनीति अभी थमी भी नहीं थी कि संजय राउत (Sanjay Raut) ने शिरसाट के बेडरूम का एक वीडियो जारी किया। जिसमें शिरसाट कथित तौर पर नोटों से भरे एक बैग के पास सिगरेट पीते नजर आ रहे हैं। संजय राउत ने इस वीडियो के माध्यम से शिंदे की शिवसेना पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए घेरा है। वहीं संजय शिरसाट ने बैग में कपड़े होने का दावा करते हुए राउत पर मानहानि का केस करने की चेतावनी दी है।  वहीं दूसरी तरफ संजय निरुपम और संजय राउत (Sanjay Raut) भी एक दूसरे पर लगातार प्रहार करने में जुटे हैं। पिछले दिनों संजय राउत ने दावा किया था कि गुरु पूर्णिमा के दिन एकनाथ शिंदे अपने “गुरु” गृह मंत्री अमित शाह से मिलने दिल्ली गए थे। राउत के इस दावे को संजय निरुपम ने झूठा बातते हुए घेरा। निरुपम ने कहा कि गुरु पूर्णिमा के दिन अमित शाह झारखंड में थे और वहां एक कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे थे। यह सभी को पता है, लेकिन इसके बाद भी राउत ने गंदी राजनीति के लिए झूठ फैलाया। इसके लिए राउत को बिना किसी शर्त एकनाथ शिंदे से माफी मांगनी चाहिए। साथ ही राउत को चटुकार तक कह दिया। इसके बाद से ही दोनों में एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है।   इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में हिंदी के विरोध में एकजुट दिखे उद्धव और राज ठाकरे, 20 साल बाद एक ही मंच पर आए साथ संजय गायकवाड़ भी भर रहे हुंकार बुलढाणा विधानसभा से विधायक संजय गायकवाड़ अपने कैंटीन प्रकरण को लेकर चर्चा में बने हुए हैं। गायकवाड़ ने खराब खाने का आरोप लगाते हुए कैंटीन कर्मचारियों के साथ मारपीट की थी, जिसका वीडियो वायरल हो गया। गायकवाड़ के इस हरकत पर महराष्ट्र में खूब बवाल हुआ है। विवाद बढ़ने के बाद सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कार्रवाई के लिए यह मामला विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर को रेफर कर दिया है। अब देखना यह होगा कि स्पीकर इस मामले में क्या एक्शन लेते हैं। संजय गायकवाड़ अपनी हरकतों और बयानों को लेकर अक्सर कंट्रोवर्सी में रहते हैं। कैंटीन कर्मचारियों को पीटने के बाद गायकवाड़ ने विवादित बयान देते दक्षिण भारतीयों पर भी निशाना साधा था। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा था साउथ इंडियन डांस और लेडीज बार चला मराठा संस्कृति को खराब कर रहे हैं। ऐसे लोगों को कैंटीन के ठेके नहीं मिलने चाहिए। Latest News in Hindi Today Hindi news  #Maharashtraelection #Election2025 #Mumbai #Devendrafadnavish

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Election Commission

बिहार में वोटर लिस्ट से कट सकते हैं 35 लाख से ज्यादा नाम,  वेरिफिकेशन प्रक्रिया में अब तक 88% मतदाताओं ने भरा गणना पत्र

बिहार में चुनाव आयोग (Election Commission) द्वारा कराया जा रहा मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण और सत्यापन कार्य (SIR) अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। आयोग की यह महत्त्वाकांक्षी पहल 24 जून 2025 को राज्यभर में गणना फॉर्म भरवाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी, जो 25 जुलाई तक चलेगा। मतलब अब इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए मात्र 10 दिन और रह गए हैं। एसआईआर (SIR) के तहत अब तक 7 करोड़ 90 लाख से अधिक पंजीकृत मतदाताओं में से 6 करोड़ 60 लाख 67 हजार 208 लोगों ने अपने गणना फॉर्म सफलतापूर्वक भरकर जमा करा दिए हैं। यह आंकड़ा कुल मतदाताओं का लगभग 88 फीसदी है, जो आयोग के लिए उत्साहजनक माना जा रहा है। हालांकि, इस प्रक्रिया में जो सबसे चौकाने वाली सामने आई है, वह यह है कि अब तक के सर्वेक्षण और फॉर्म सत्यापन के आधार पर करीब 35 लाख 69 हजार से अधिक मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट (Voter List) से हटाए जा सकते हैं। यह आंकड़ा उन मतदाताओं का है, जो सत्यापन के दौरान या तो मृत पाए गए या एक से ज्यादा स्थानों पर पंजीकृत मिले या फिर स्थायी रूप से किसी दूसरे स्थान पर स्थानांतरित हो गए। मतदाता सूची से हट सकता है बिहार के 4.52% लोगों का नाम चुनाव आयोग (Election Commission) की वेबसाइट पर अब तक कुल 5 करोड़ 74 लाख से अधिक प्रपत्र अपलोड किए जा चुके हैं। दस्तावेजों के आधार पर बताया गया है कि सत्यापन के दौरान 1.59% मतदाता मृत पाए गए और 2.2% ने स्थायी रूप से अपने निवास स्थान बदल चुक हैं। इसके अलावा 0.73% मतदाता ऐसे भी मिले हैं जो एक से ज्यादा स्थानों पर पंजीकृत पाए गए। कुल मिलाकर आयोग को इन तीनों श्रेणियों में 4.52% मतदाता ऐसे मिले हैं जिनके नाम मतदाता सूची से हटाया जा सकता है।   वहीं, अब भी करीब 11.82% मतदाता ऐसे हैं जिन्होंने अपने फॉर्म आयोग के पास जमा नहीं किए हैं। आयोग इन बचे हुए मतदाताओं तक पहुंचने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। तीसरे दौर में राज्यभर में एक लाख बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) को फिर से मैदान में उतारा गया है ताकि घर-घर जाकर बचे हुए मतदाताओं से फॉर्म भरवाया जा सके। इस कार्य में चुनाव आयोग को विभन्न राजनीतिक दलों द्वारा तैनात 1.5 लाख बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) का भी सहयोग मिल रहा है।  मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण और सत्यापन कार्य (SIR) के लिए बिहार के सभी 261 विधानसभा क्षेत्र के 5,683 वार्डों में विशेष शिविर लगाया गया है। इन शिविरों का उद्देश्य सभी विधानसभा में  मतदाता फॉर्म का सत्यापन करना है। साथ ही जो मतदाता अस्थायी रूप से राज्य से बाहर गए हैं, उनके लिए भी जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है ताकि वे भी ऑनलाइन या अन्य माध्यमों से समय रहते अपना फॉर्म जमा कर सकें। इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? आयोग 1 अगस्त को जारी करेगा ड्राफ्ट वोटर लिस्ट चुनाव आयोग (Election Commission) के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया के बाद 1 अगस्त 2025 को मतदाता सूची का ड्राफ्ट संस्करण प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद मतदाताओं को आपत्ति और सुधार के लिए कुछ दिन के लिए समय दिया जाएगा, ताकि अंतिम सूची में किसी भी प्रकार की त्रुटि न रह जाए। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद फाइनल मतदाता सूची जारी कर विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी जाएगी।   बिहार में चल रही इस मतदाता सत्यापन प्रक्रिया को भाजपा समेत एनडीए गठबंधन के दल जहां लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम बता रहे हैं, वहीं विपक्ष इसका विरोध कर रहा है। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान वैध मतदाताओं का नाम भी सूची से हटाया जा रहा है।  Latest News in Hindi Today Hindi news  #ElectionCommission #Biharelection2025 #Voterlist #SIR #Biharassemblyelection

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ULFA-1

भारतीय सेना का म्यांमार में मिलिटेंट ग्रुप ULFA-1 पर ड्रोन हमला? 3 टॉप लीडर समेत कई आतंकी ढेर

म्यांमार में रहकर भारत के खिलाफ आतंकी घटनाओं को अंजाम देने वाले मिलिटेंट ग्रुप उल्फा (।) (ULFA) पर भारत ने ड्रोन हमला किया है। इस घटना में इस मिलिटेंट संगठन के टॉप लीडर्स समेत कई आतंकियों की मौत हुई है। यह दावा खुद इस मिलिटेंट संगठन ने किया है। उल्फा (I) (ULFA)  ने एक बयान जारी कर बताया कि भारतीय सेना (Indian Army) ने उसके कैंप पर ड्रोन से हमला किया है, जिसमें उसके टॉप लीडर्स को मौत हुई है। हालांकि भारतीय सेना (Indian Army) ने इस तरह के किसी भी ऑपरेशन को करने से इंकार करते हुए बताया कि उनकी तरफ से न तो सीमा पार कोई ऑपरेशन चलाया गया और न ही इस तरह के किसी ऑपरेशन के बारे में कोई जानकारी है।  उल्फा (I) (ULFA)  की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि भारतीय सेना ने म्यामांर में मौजूद उनके कैंप्स पर ड्रोन के जरिए हमला किया है। इस आतंकी संगठन ने बताया कि, यह हमला देर रात 2 से 4 के बीच उस समय हुआ, जब उसके टॉप लीडर्स कैंप में आराम कर रहे थे। इस ड्रोन अटैक में उल्फा (।) का लेफ्टिनेंट जनरल नयान मेधी उर्फ नायन एसोम, ब्रिगेडियर गणेश एसोम और कर्नल प्रदीप एसोम समेत कई आतंकियों की मौत हो गई। इसके अलावा 20 से ज्यादा आतंकी घायल हो गए। इस आतंकी संगठन की तरफ से जारी एक दूसरे बयान में यह भी दावा किया गया है कि भारतीय सेना ने ड्रोन के बाद मिसाइल से भी हमला किया।  भारतीय सेना ने कहा- हमने नहीं किया कोई हमला  उल्फा (I) का प्रवक्ता ईशान एसोम ने यह बयान जारी करते हुए जवाबी कार्रवाई तक की धमकी दी है। उसने कहा कि भारतीय सेना फाइटर जेट की मदद से लगातार ऐसे हमले कर रही है। हमने असम के लोगों को यह बता दिया है कि इस कायरता पूर्ण हमले का बदला लेने का हमें भी हक है। हम जल्द ही भार को उनके इस हमले का ठोस जवाब देंगे। एक तरफ जहां उल्फा (I) भारत पर हमले का आरोप लगाते हुए जवाबी कार्रवाई की धमकी दे रहा है। वहीं भारतीय सेना (Indian Army) इस तरह के किसी भी हमले से इंकार किया है। भारतीय सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने इस संबंध में मीडिया द्वारा पूछ गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि उनके पास सीमा पार इस तरह के किसी भी ऑपरेशन की कोई जानकारी नहीं है। भारतीय सेना ने इस तरह का कोई ऑपरेशन नहीं चलाया है।  वहीं असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने भी म्यांमार में उल्फा (I) के कैंप पर इस तरह के  किसी ड्रोन हमले से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि इस तरह का कोई भी ऑपरेशन न तो असम की धरती पर हुआ है और न ही असम पुलिस इसमें किसी भी तरह से शामिल है। भारतीय सेना अगर ऐसा कोई ऑपरेशन करती तो उसके बारे में बयान जारी करती, लेकिन अभी तक ऐसा कुछ नहीं हुआ है। शायद कुछ दिनों के बाद इस कथित हमले को लेकर ज्यादा जानकारी सामने आएगी।  इसे भी पढ़ें:- 7 Demanding Courses: ये हैं 7 डिमांडिंग कोर्स, जिसमें आप भी बना सकते हैं करियर भारत और असम सरकार ने 2003 में उल्फा (I) के साथ किया था समझौता  बता दें कि उल्फा (I) जहां पर भारतीय हमले का जिक्र किया है, वह म्यांमार का सगईंग क्षेत्र है। आंतरिक गृहयुद्ध से प्रभावित म्यांमार के इस क्षेत्र में कई नक्सल और मिलिशिया समूह रहते हैं। यह क्षेत्र भारतीय विरोधी आतंकी समूहों का भी ठिकाना बना हुआ है। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि केंद्र और असम की राज्य सरकार ने उल्फा (I) के साथ 2023 में पीस पैक्ट साइन किया था। जिसके बाद से ही इसके भारत विरोधी अभियान रूके हुए थे। हालांकि बीते दिनों प्रकाशित कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया था कि उल्फा (I) चीन के समर्थन से फिर अपने आप को मजबूत करने में जुटी है। ऐसे में इस आतंकी संगठन पर हमला होना बड़ी घटना है। Latest News in Hindi Today Hindi news  #IndianArmy #ULFA #Asam #CMHimantaBiswaSarma #ULFA1

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Chirag Paswan's Bold Move in Bihar 2025 Polls

Chirag Paswan: राजनीतिक विरासत के युवा चेहरे की मजबूत दस्तक, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में LJP की भूमिका

जनता के बीच चिराग पासवान (Chirag Paswan) का नाम हमेशा से ही युवा ऊर्जा और राजनीतिक बदलाव का पर्याय रहा है। राम विलास पासवान के बेटे और केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री, चिराग ने अपनी अगुआई में लोक जनशक्ति पार्टी (Lok Janshakti Party) को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया है। 2025 के बिहार विधानसभा चुनावों में उनकी सक्रियता और रणनीति ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। युवा चेहरे की मजबूती चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि वह बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट (Bihar First and Bihari First) सोच को 2025 विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2025) में अगली पंक्ति की लड़ाई में बदलना चाहते हैं । उन्होंने आरा में नव संकल्प महासभा (Nav Sankalp Mahasabha) आयोजन किया, जिसमें उन्होंने घोषणा की कि वे खुद चुनाव लड़ेंगे, हालांकि अभी यह तय नहीं कि वे किस सीट से मैदान में उतरेंगे। उन्होंने यह भी कहा, “मैं बिहार से चुनाव नहीं लड़ूंगा, बल्कि बिहार के लिए लड़ूंगा।”   243 सीटों की चुनौती छपरा में आयोजित विशाल रैली में चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने ऐलान किया कि उनकी पार्टी सभी 243 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी उतारने की तैयारी कर रही है। उनका मानना है कि इस कदम से एनडीए गठबंधन (NDA alliance) को मजबूती मिलेगी, लेकिन इससे बीजेपी–जेडीयू गठबंधन (BJP-JDU Alliance) को सीट शेयरिंग में कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है  LJP(RV) की रणनीति और गठबंधन समन्वय चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने खुद को नए बिहार के एजेंट के रूप में प्रस्तुत करते हुए, दलित–पिछड़ा वोट बैंक को अपनी ओर आकर्षित करने की योजना बनाई है। उन्होंने नालंदा में बहुजन भीम संकल्प समागम (Bahujan Bhim Sankalp Samagam) की शुरुआत की जिसका मकसद जनता के बीच मजबूत पैठ बनाना है। BJP उन्हेंNDA में सीटों के लिए दबाव बनाते हुए देख रही है – 30 से 40 सीटों की उनकी मांग चर्चा में है। जेडीयू भी सतर्क है और गठबंधन पर फिर से बातचीत की संभावना संकेत दे रहा है। नीतीश–चिराग का गठबंधन राजनीतिक समीकरण के मुताबिक, चिराग ने संकेत दिए हैं कि यदि NDA सहयोगी बने रहें, तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ही मुख्यमंत्री का चेहरे होंगे।  हालांकि उनका इरादा सिर्फ मुख्यमंत्री बनने का नहीं है बल्कि दलित, युवा और पिछड़े वर्गों की आवाज़ बनकर उनकी परेशानियों को दूर करना है। युवा और दलित वोट बैंक आकर्षित चिराग पासवान (Chirag Paswan) की अपील में यह स्पष्ट झलकता है कि वे युवा और दलित मतदाताओं को सबसे पहले प्राथमिकता देंगे। बिहार में दलित लगभग 19% आबादी बनाते हैं, और इस समूह पर उनकी पकड़ मजबूत होती दिख रही है । दलित वर्ग को जोड़ने के लिए उनके बहुजन–भीम समूह अभियान पीछे नहीं रहे। इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में हिंदी के विरोध में एकजुट दिखे उद्धव और राज ठाकरे, 20 साल बाद एक ही मंच पर आए साथ  नई रणनीतिक योजना उनकी रणनीति में शामिल हैं: चिराग पासवान बिहार की राजनीति में अब तक केंद्र में रहे युवा नेता के रूप में सामने आए हैं – उन्होंने दिल्ली वाली राजनीति से ध्यान हटाकर बिहार की जमीन पर आकर मजबूत स्वरुप अपनाया है। उनका बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट (Bihar First and Bihari First) विजन बड़े बदलाव की ओर इशारा करता है। 2025 के विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2025) तक चिराग का राजनीतिक जोर बढ़ा हुआ दिखता है। अगर वे गठबंधन और सीट वितरण की कवायद में संतुलन बनाए रखते हुए, अपनी रणनीति को धरातल पर ला पाए, तो बिहार की राजनीति (Bihar Politics) में उनका हस्ताक्षर आनेवाला है। चिराग पासवान (Chirag Paswan) केवल चुनाव लड़ने की तैयारी नहीं कर रहे, वे बिहार में राजनीतिक नवप्रवर्तन लाना चाहते हैं। उनका युवा नेतृत्व, ‘दलित–युवा’ आधारित नीतियां और गठबंधन की चालबाजी 2025 के चुनावी समीकरण को नए स्वरूप देने वाली है। Latest News in Hindi Today Hindi news Chirag Paswan #ChiragPaswan #BiharElection2025 #LJP #YouthLeader #BiharPolitic

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CM Yogi Adityanath Bold Statement

CM Yogi’s Bold Statement on Changur Baba Sparks Stir: छांगुर बाबा को लेकर सीएम योगी का बड़ा बयान, कही ऐसी बात कि मचा हड़कंप

उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में अवैध धर्मांतरण का खेल खेलने वाले छांगुर बाबा से जुड़े एक के बाद एक बड़े खुलासे हो रहे हैं। गौरतलब हो कि उत्तर प्रदेश आंतकवाद रोधी दस्ते की टीम ने पिछले सप्ताह छांगुर बाबा और उसके एक सहयोगी को लखनऊ से गिरफ्तार किया था। पुलिस ने छांगुर बाबा पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया हुआ (CM Yogi’s Bold Statement on Changur Baba Sparks Stir) था। पुलिस के मुताबिक, बाबा और उसके सहयोगियों पर 100 करोड़ के विदेशी फंडिग का भी आरोप है, जिसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कर रही है। इस मामले में जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा को गिरफ्तार किया गया है। अवैध धर्मांतरण और छांगुर बाबा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा बयान दिया है। धर्मांतरण की साजिश पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि “बलरामपुर में धर्मांतरण की साजिश की गई। धर्मांतरण कराने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।” उन्होंने आगे कहा कि “धर्मांतरण कराने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है।”  कैसे धर्मांतरण करना है, इसका उसने रेट भी तय (CM Yogi’s Bold Statement on Changur Baba Sparks Stir) किया थे सीएम योगी ने बाबा छांगुर के कारनामों का जिक्र करते हुए कहा कि “कैसे धर्मांतरण करना है, इसका उसने रेट भी तय किया थे। ऐसे लोग देश का स्वरूप बिगाड़ने का काम कर रहे हैं।” योगी ने कहा कि “आपने देखा होगा किस प्रकार की साजिशें हो (CM Yogi’s Bold Statement on Changur Baba Sparks Stir) रही हैं। अभी बलरामपुर में हम लोगों ने बड़ी कार्रवाई को आगे बढ़ाया। आपने देखा होगा, उसने रेट तय किए, धर्मांतरण के कार्यक्रम को कैसे आगे बढ़ाना है। हिंदुओं में, ब्राह्मणों में, क्षत्रियों में, सिखों में, ओबीसी जातियों में, अनुसूचित जाति-जनजाति के लोगों में, लोगों को कैसे धर्मांतरण करना है, सबके रेट उसने तय किए हुए थे। विदेशों से धनराशि आ रही थीं।” सीएम योगी ने आगे कहा कि “आप सोचिए, 100 करोड़ से अधिक का ट्रांजेक्शन अब तक उसके 40 खातों में प्राप्त हुआ है और वह लगातार उस अभियान को बढ़ाने का कार्य कर रहा था। इस रूप में देश का स्वरूप बिगाड़ने का काम कर रहे हैं। परिस्थितियां बदली हैं, उद्देश्य उनका वही है जो उस समय था, हां, काम का तरीका उन्होंने बदला है।” इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में हिंदी के विरोध में एकजुट दिखे उद्धव और राज ठाकरे, 20 साल बाद एक ही मंच पर आए साथ औरंगजेब का उद्देश्य था कि सनातन धर्म को समाप्त किया (CM Yogi’s Bold Statement on Changur Baba Sparks Stir) जाए बता दें कि योगी ने गुरु तेग बहादुर महाराज की 350वें शहीदी वर्ष को समर्पित श्री तेग बहादुर संदेश यात्रा में शामिल हुए थे। सीएम ने कहा कि “सनातन धर्म की रक्षा के लिए गुरू तेग बहादुर महाराज ने शहादत दी (CM Yogi’s Bold Statement on Changur Baba Sparks Stir) थी। इस यात्रा और कार्यक्रमों के माध्यम से 350 वर्षों के पूरे इतिहास को एक जीवंतता प्रदान की जा रही है। वह कैसा कालखंड रहा होगा जब औरंगजेब जैसा क्रूर और बर्बर शासक रहा हो। उस समय हर जगह से अत्याचार के समाचार आते थे। औरंगजेब का उद्देश्य था कि सनातन धर्म को समाप्त किया जाए। वह इस्लामीकरण के जिस बड़े अभियान को लेकर आगे बढ़ा था, उसमें उसे सबसे पहले चुनौती गुरू तेग बहादुर महाराज ने दी थी। खैर, इस दौरान उन्होंने कहा कि “अनुसूचित जाति के लोगों का धर्मांतरण भय और लालच देकर कराया जा रहा है।” उन्होंने बताया कि “देश के स्वरूप को बदलने के लिए विदेश से पैसे आ रहे हैं और छांगुर बाबा के 40 खातों में सौ करोड़ से अधिक का ट्रांजेक्शन हुआ है।” खैर, पुलिस के मुताबिक, एटीएस इससे पहले छांगुर बाबा के बेटे और नवीन रोहर को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। एटीएस ने बुधवार को छांगुर बाबा और उसके सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन को एक सप्ताह के लिए रिमांड पर लिया था।  Latest News in Hindi Today Hindi news CM Yogi’s Bold Statement on Changur Baba Sparks Stir #CMYogi #ChangurBaba #YogiAdityanath #UPPolitics #BreakingNews #ViralNews #YogiStatement #PoliticalBuzz

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