street namaz controversy

street namaz controversy: हिंदुओं से सीखें धार्मिक अनुशासन, सड़क पर नमाज न पढ़ने को लेकर योगी आदित्यनाथ ने कही यह बड़ी बात

इन दिनों देश में हिन्दू-मुस्लिम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज होती जा रही है। आए दिन नेतागण किसी न किसी बहाने हिंदू-मुस्लिम के मुद्दों को भुनाने का एक भी मौका नहीं गंवाना चाहते। इस बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़क पर होने वाली नमाज (street namaz controversy) को लेकर साफ़ तौर पर कहा है कि ये नहीं हो सकती है। दरअसल, समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए एक साक्षात्कार में सड़कों पर नमाज पढ़ने को लेकर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “सड़कें चलने के लिए होती हैं और जो लोग ऐसा कह रहे हैं उन्हें हिंदुओं से अनुशासन सीखना चाहिए। प्रयागराज में 66 करोड़ लोग आए। कहीं कोई लूटपाट नहीं हुई, कहीं कोई आगजनी नहीं हुई, कहीं कोई छेड़छाड़ नहीं हुई, कहीं कोई तोड़फोड़ नहीं हुई, कहीं कोई अपहरण नहीं हुआ, यही अनुशासन है, यही धार्मिक अनुशासन है। वे श्रद्धा के साथ आए, महास्नान में भाग लिया और फिर अपने गंतव्य की ओर बढ़ गए। त्योहार और उत्सव या ऐसे कोई भी आयोजन उदंडता का माध्यम नहीं बनने चाहिए। अगर आप सुविधा चाहते हैं, तो उस अनुशासन का पालन करना भी सीखें।”   नमाज पढ़ने के नाम पर क्या घंटों सड़क जाम (street namaz controversy) करेंगे? इस पर उन्होंने आगे कहा कि “ईद में कौन सा प्रदर्शन करेंगे? नमाज पढ़ने के नाम पर क्या घंटों सड़क जाम (street namaz controversy) करेंगे? नमाज पढ़ने के लिए ईदगाह और मस्जिद हैं, न कि सड़क। इसके लिए ठीक तो बोला जा रहा है। और वैसे भी मैं किसी एक वर्ग विशेष के लिए सभी को असुविधा में नहीं डाल सकता। मुझे पूरे प्रदेश के लोगों को हर जरूरी सुविधा उपलब्ध करानी है।” इस बीच सड़क पर नमाज की तुलना कांवड़ यात्रा से करने पर सीएम ने कहा कि “कांवड़ यात्रा से तुलना की जा रही है, कावंड़ यात्रा हरिद्वार से लेकर गाजियाबाद और एनसीआर के क्षेत्रों तक जाती है। वो सड़क पर ही चलेगी। क्या हमने कभी परंपरागत मुस्लिम जुलूस को रोक, कभी भी नहीं रोक। मुहर्रम के जुलूस निकलते हैं। हां, ये जरूर कहा है कि ताजिया का साइज थोड़ा छोटा रखें क्योंकि तुम्हारी सुरक्षा के लिए है। रास्ते में हाईटेंशन तार होंगे, जोकि आपके लिए बदले नहीं जाएंगे। हाईटेंशन की चपेट में आने से मर जाओगे। यही होता है, कांवड़ यात्रा में भी यही बोला जाता है कि डीजे का साइज छोटा करो, जो ऐसा नहीं करता है तो सख्ती की जाती है। कानून सभी के लिए बराबर लागू होता है। फिर कैसे तुलना की जा रही है।”  इसे भी पढ़ें:- वक्फ संशोधन बिल 2 अप्रैल को लोकसभा में हो सकता है पेश, राज्यसभा में मिलेगी चुनौती  सुधार समय की मांग (street namaz controversy) है वक्फ (संशोधन) विधेयक पर पूछे गए सवाल का प्रश्न का उत्तर देते हुए सीएम योगी ने कहा कि “सुधार समय की मांग (street namaz controversy) है। हर अच्छे काम का विरोध होता है।इसी तरह वक्फ संशोधन विधेयक पर भी हंगामा हो रहा है, जो लोग इस मुद्दे पर हंगामा कर रहे हैं, मैं उनसे पूछना चाहता हूँ, क्या वक्फ बोर्ड ने कोई कल्याण किया है? सब कुछ छोड़िए, क्या वक्फ ने मुसलमानों का भी कोई कल्याण किया है? वक्फ निजी स्वार्थ का केंद्र बन गया है। यह किसी भी सरकारी संपत्ति पर जबरन कब्जा करने का माध्यम बन गया है और सुधार समय की मांग है और हर सुधार का विरोध किया जाता है।” Latest News in Hindi Today Hindi news street namaz controversy YogiAdityanath #ReligiousDiscipline #Namaz #Hinduism #UttarPradesh #IndianPolitics #ReligiousFreedom

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Wakf Amendment Bill

वक्फ संशोधन बिल 2 अप्रैल को लोकसभा में हो सकता है पेश, राज्यसभा में मिलेगी चुनौती 

संसद में बजट सत्र (Parliament Budget Session) के दूसरा चरण में अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा लगातार जारी है। इस चरण के अब कुछ दिन ही बाकि रह गए हैं, ऐसे में केंद्र सरकार बड़े बिल लाने की तैयारी कर रही है। इसमें से ही एक वक्फ संशोधन बिल (Waqf Amendment Bill) भी है। कहा जा रहा है कि वक्फ संशोधन बिल को कल यानी 2 अप्रैल को संसद में पेश किया जाएगा। अगर सरकार इस वक्फ संशोधन बिल (Wakf Amendment Bill) को  2 अप्रैल को लाती है तो इसे दोनों सदनों से पारित कराने के लिए मात्र दो दिन ही मिलेंगे। ऐसे में आखिरी के दिनों में सदन के अंदर भारी हंगामा होने का अंदेशा जताया जा रहा है।  संसद के पिछले सत्र के दौरान सदन में पेश किया गया था वक्फ संशोधन बिल बता दें कि वक्फ संशोधन बिल (Waqf Amendment Bill) को संसद के पिछले सत्र के दौरान सदन में पेश किया गया था। इस बिल का विरोध करते हुए विपक्षी सदस्यों ने भारी हंगामा किया था। जिसके बाद बिल में सुधार करने के लिए इसे संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास भेज दिया गया था। वक्फ बिल में सुधार के लिए भाजपा (BJP) सांसद जगदंबिका पाल की अगुवाई में जेपीसी का गठन हुआ था। इस जेपीसी ने बिल में कई सुझावों के साथ संशोधन करने के बाद बजट सत्र के दौरान अंतिम रिपोर्ट लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को सौंप दी थी। इस रिपोर्ट में भाजपा (BJP) की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सहयोगी दलों की तरफ से दिए गए सुझावों को शामिल किया गया है। वहीं, विपक्ष के सदस्यों ने आरोप लगाया था कि बिल में उनके सुझावों को शामिल नहीं किया गया। जिसके बाद विपक्षी सदस्यों ने डिसेंट नोट दिए हैं।  जेडीयू और टीडीपी कर सकती हैं खेल  विपक्षी दलों को वक्फ संशोधन बिल को रोकने में सबसे ज्यादा उम्मीद जेडीयू और टीडीपी का साथ मिलने का है। माना जा रहा है कि एनडीए के दो दोनों सहयोगी दल बिल में कुछ बदलाव को लेकर विरोध कर सकते हैं। लेकिन भाजपा (BJP) का कहना है कि इस बिल को लेकर दोनों दलों की सभी चिंताओं का पहले ही निवारण कर दिया गया है। जेपीसी में भी दोनों दलों के संसद मौजूद थे और इनके सुझावों को शामिल किया गया। ऐसे में इनसे कोई खतरा नहीं है।  इसे भी पढ़ें: तो ये हैं वक्फ बिल में किये जाने वाले 14 प्रस्तावित बदलाव? कितने असरकारक होंगे ये बदलाव? राज्यसभा में छोटे दलों से भाजपा को उम्मीद  भाजपा के पास लोकसभा में बहुमत तो है, लेकिन राज्यसभा में वक्फ बिल पारित कराने के लिए जरूरी बहुमत से थोड़ी पीछे है। ऐसे में भाजपा को यहां पर कुछ छोटे दलों के समर्थन की जरूरत पड़ेगी। राज्यसभा में पूर्ण बहुमत नहीं होने के पहले भी भाजपा कई महत्वपूर्ण बिलों को पास नहीं करा पाई है। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि वक्फ बिल पर भाजपा को छोटे दलों का साथ मिलता है कि नहीं। Latest News in Hindi Today Hindi news Waqf Amendment Bill WaqfAmendmentBill #LokSabha #RajyaSabha #IndianParliament #MuslimLaw #PropertyRights #PoliticalDebate

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Modi Successor 2029 BJP’s Next PM Fadnavis’ Big Reveal

Modi successor 2029: साल 2029 में बीजेपी जीती तो कौन होगा पीएम? देवेंद्र फडनवीस ने किया बड़ा खुलासा

संजय राउत ने दावा किया कि आरएसएस देश में राजनीतिक नेतृत्व में बदलाव चाहता है। इस पर उन्होंने आगे कहा कि “मोदी शायद सितंबर में रिटायरमेंट की अर्जी देने आरएसएस मुख्यालय गए थे।” दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सितंबर में 75 साल के हो जाएंगे। कहा जाता है भाजपा में 75 वर्ष के बाद किसी भी नेता को पद नहीं दिया जाता। दरअसल, 11 साल में पहली बार रविवार को पीएम मोदी ने बतौर प्रधानमंत्री नागपुर के आरएसएस मुख्यालय का दौरा किया था। यह दूसरा मौका था जब कोई मौजूदा पीएम आरएसएस मुख्यालय पहुंचा हो। बता दें कि इससे पहले साल 2000 में अटल बिहारी वाजपेयी वहां गए थे। आरएसएस मुख्यालय के दौरे के बाद से संजय राउत ने मोदी के रिटायरमेंट का अंदेशा जताया था। पीएम नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री के तौर पर अपना तीसरा कार्यकाल साल 2029 में पूरा करेंगे। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि क्‍या यह उनका आखिरी कार्यकाल (Modi successor 2029) होगा? फिलहाल इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है।  हमारे यहां जब पिताजी जिंदा हों, तो उत्तराधिकार (Modi successor 2029) की बात नहीं करते- फडणवीस  इस बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को यह साफ कर दिया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराधिकारी को लेकर चल रही अटकलों में कोई दम नहीं है। मोदी अभी कई वर्षों तक देश का नेतृत्व करते रहेंगे। दरअसल, फडणवीस ने नागपुर में पत्रकारों से रूबरू होते हुए कहा कि साल 2029 में भी हम मोदी को फिर से प्रधानमंत्री के रूप में देखेंगे। उनके उत्तराधिकारी की बात करने की कोई जरूरत नहीं है। वे हमारे नेता हैं और आगे भी रहेंगे।” इस बीच उन्होंने भारतीय संस्कृति का हवाला देते हुए कहा कि “जब नेता सक्रिय हो, तब उसके उत्तराधिकार की बात करना ठीक नहीं।” यही नहीं, फडणवीस ने तंज कसते हुए कहा कि “हमारे यहां जब पिता जिंदा हों, तो उत्तराधिकार (Modi successor 2029) की बात नहीं करते। यह मुगल संस्कृति है, हमारी नहीं। अभी इसका समय नहीं आया।  इसे भी पढ़ें:-  मुंबई में हिंदू युवकों की पिटाई पर मचा बवाल, बजरंग दल ने दी यह चेतावनी पूरा संघ परिवार देश के नेतृत्व में बदलाव (Modi successor 2029) चाहता है-संजय राउत बता दें कि शिवसेना यूबीटी के नेता संजय राउत ने पीएम के नागपुर दौरे के बाद कहा कि “वो रिटायरमेंट की और आगे बढ़ रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि “पीएम मोदी पिछले 10-11 सालों में आरएसएस मुख्यालय नहीं गए थे, अब वहां मोहन भागवत को टाटा, बाय-बाय कहने गए थे। आरएसएस भी देश के नेतृत्व में बदलाव चाहता है, इसलिए पीएम मोदी को बुलाया गया था।” उन्होंने कयास लगाते हुए कहा कि “मुझे जितना समझ में आता है, पूरा संघ परिवार देश के नेतृत्व में बदलाव (Modi successor 2029) चाहता है। पीएम मोदी का समय खत्म हो गया है और वे (आरएसएस नेतृत्व) बदलाव चाहते हैं। वे बीजेपी के अगले अध्यक्ष को भी चुनना चाहते हैं।” जिसके बाद इस बात पर बहस छिड़ गई थी कि क्या पीएम मोदी अपना कार्यकाल पूरा करेंगे या नहीं?   Latest News in Hindi Today Hindi News Modi successor 2029 #ModiSuccessor2029 #DevendraFadnavis #BJPPM2029 #IndianPolitics #NarendraModi #BJPNextPM #LokSabhaElections2029 #ModiLegacy #FuturePM #PoliticalNews

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Mumbai Hindu Youth Attack Sparks Outrage & Protests

Mumbai Hindu youth attack: मुंबई में हिंदू युवकों की पिटाई पर मचा बवाल, बजरंग दल ने दी यह चेतावनी

मुंबई के मलाड स्थित कुरार विलेज इलाके में कलश यात्रा के दौरान युवकों की पिटाई (Mumbai Hindu youth attack) का मामला तूल पकड़ता दिख रहा है। दरअसल, गुड़ी पाड़वा के दिन कलश यात्रा निकाली गई थी। इस बीच दो समुदायों के लोग आपस में भिड़ गए और मारपीट शुरू हो गई थी। प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस दौरान हिंदू ऊन युवकों के साथ मारपीट की गई थी। जो भगवा झंडा लेकर जा रहे थे। अनायास हुई मारपीट के बाद से बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद ने चेतावनी दी है कि मारपीट करने वाले आरोपियों की दो दिन में गिरफ्तारी नहीं हुई, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। विहीप और बजरंग दल के कार्यकर्ता मुंबई के कुरार पुलिस स्टेशन पहुंचे हैं। कार्यकर्ताओं की मांग है कि हिंदुओं के ऊपर जो हमला हुआ है उनके आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। इस दरम्यान उन्होंने कहा कि “भारत में जय श्री राम के नारे नहीं लगेंगे तो क्या पाकिस्तान में लगेंगे? उद्धव ठाकरे के विधायक के दबाव के चलते अब तक नहीं हुई कोई गिरफ्तारी (Mumbai Hindu youth attack) मामला गरमाता देख अब इस मामले में संजय निरुपम भी कूद गए हैं। शिवसेना नेता संजय निरुपम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर युवकों की पिटाई (Mumbai Hindu youth attack) का वीडियो शेयर किया है। वीडियो शेयर कर निरुपम ने कहा कि “कल पठानवाड़ी में ये सब तब हुआ जब कलश यात्रा में भाग लेने के लिए हिंदू बच्चे हाथ में भगवा झंडा लेकर पिंपरीपाड़ा जा रहे थे। बच्चों की उम्र 12 से 14 साल के थे। उन्हें जिहादियों ने रास्ते में पीटा। उनसे भगवा छीना।’ निरुपम ने आरोप लगाए कि उद्धव ठाकरे के विधायक के दबाव के चलते अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। बता दें कि 39 सेकेंड के वीडियो में सफेद कपड़े और टॉपी में दिख रही भीड़ कुछ युवकों की पिटाई कर रही थी। मुंबई के तथाकथित वीडियो में देखा गया कि वहां विशेष समुदाय के लोगों की भीड़ थी। बीच में एक भगवा झंडा दिखाई दे रहा है। इसी वीडियो में आगे देखा गया कि कुछ लोग झंडे को फाड़ने की कोशिश कर रहे थे, जबकि कुछ लोग भगवा पहने दो युवकों को जमकर पीट रहे हैं। वो युवक वहां से बचकर निकलने की कोशिश कर रहे थे। कल पठानवाड़ी में यह सब तब हुआ जब कलश यात्रा मे भाग लेने के लिए हिंदू बच्चे हाथ में भगवा झंडा लेकर पिंपरीपाड़ा जा रहे थे।बच्चे 12,13,14 साल की उमर के थे।उन्हें जिहादियों ने रास्ते में पीटा।उनसे भगवा छीना।उबाठा के आमदार के दबाव में अब तक कोई गिरफ़्तारी नहीं हुई है। pic.twitter.com/0F2Fobk8xI — Sanjay Nirupam (@sanjaynirupam) March 31, 2025 इसे भी पढ़ें:- नक्सलियों को बख्शने के मूड में नहीं है मोदी सरकार, सरेंडर करो या मारे जाओ जय श्रीराम का नारा लगाने पर हुई झड़प (Mumbai Hindu youth attack) प्राप्त जानकारी के मुताबिक आरोप है कि मस्जिद के सामने से गुजर रहे एक रिक्शे में मौजूद कुछ लोगों ने कथित तौर पर जय श्रीराम के नारे लगाए। इसके बाद दो गुटों में झड़प हो (Mumbai Hindu youth attack) गई। मुस्लिम पक्ष के शिकायत के बाद कुरार पुलिस स्टेशन ने अज्ञात लोगों के खिलाफ धार्मिक भावना भड़काने का मामला दर्ज किया है। खबर है कि कुरार पुलिस स्टेशन में 9-10 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 324 और दंगा फैलाने की धाराएं में मुकदमा दर्ज हुआ है। आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु पुलिस तलाशी अभियान चला रही है।  Latest News in Hindi Today Hindi News Mumbai Hindu youth attack #MumbaiAttack #HinduYouth #BajrangDal #MumbaiViolence #HinduRights #JusticeForHindus #MumbaiNews #HinduSafety #ProtestAlert #BreakingNews

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Eid celebrations India

Eid celebrations India: चांद के दीदार के बाद भारत में मना जश्न, देश भर में मनाई जा रही है ईद

रविवार देर शाम ईद का चांद दिखाई देने के बाद से मुंबई सहित देशभर में सोमवार को ईद-उल-फितर का त्योहार बड़े धूमधाम से मनाया (Eid celebrations India) जा रहा है। इस दौरान ईदगाह और मस्जिदों में ईद की नमाज पढ़ी जा रही है। दिल्ली की जामा मस्जिद में बड़ी तादाद में लोग नमाज अदा करने हेतु जुटे हैं और एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दे रहे हैं। ईद का चांद नजर आते ही रविवार शाम से ही जामा मस्जिद के बाजार में खरीदारों की भीड़ उमड़ पड़ी। दरअसल, चांद देखने के बाद अगले दिन ईद मनाई जाती है। 30 मार्च को ईद का चांद दिखने का दावा किया गया था। इसकी पुष्टि होने के बाद लोग ईद की खरीदारी करने निकल पड़े। देर रात तक कपड़ों की दुकानों पर भीड़ लगी रही। देर रात तक बाजार खुला रहा। यही नहीं, रमजान के इस पावन महीने में बाजारों को सजाया गया था। इस दौरान बाजारों में सेवइयों और ड्राई फ्रूट्स की दुकानों पर खरीदारों की भारी संख्या देखने को मिली। इस बीच राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को ईद की बधाई दी।  ईद-उल-फितर का त्योहार (Eid celebrations India) दुनिया भर के मुस्लिम समुदाय द्वारा मनाया जाता है ईद-उल-फितर का त्योहार (Eid celebrations India) दुनिया भर के मुस्लिम समुदाय द्वारा खुशी और भाईचारे के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। इस दिन का प्रमुख उद्देश्य एकता, प्रेम और समाज में सहयोग बढ़ाना है। रमजान के बाद ईद उल फितर का पर्व मनाया जाता है और चांद देखने के बाद ही यह तिथि निर्धारित होती है। बता दें कि सऊदी अरब में रमजान का महीना भारत से एक दिन पहले शुरू होता है, इसलिए वहां चांद दिखाई देने के बाद ही भारत में ईद मनाने की तिथि तय होती है। गौर करने वाली बात यह कि इस साल सऊदी अरब में 1 मार्च से रमजान की शुरुआत हुई थी। जबकि 2 मार्च से भारत में यह  शुरू हुआ था। सऊदी अरब में चांद दिखने के बाद ही वहां के उलेमा और समितियां भारत में ईद की तिथि घोषित करती हैं। इस बार भारत में चांद 30 मार्च को दिखाई दिया और 31 मार्च ईद मनाई जा रही है।  इसे भी पढ़ें:- नक्सलियों को बख्शने के मूड में नहीं है मोदी सरकार, सरेंडर करो या मारे जाओ रमजान के महीने के बाद मनाई (Eid celebrations India) जाती है ईद  जानकारी के लिए बता दें कि ईद उल फितर, रमजान के महीने के बाद मनाई (Eid celebrations India) जाती है। इस दिन लोग एक-दूसरे से गले मिलते हैं। खुशियां बांटते हैं और जरूरतमंदों की मदद करते हैं। यह एक ऐसा दिन होता है। इस दिन हर किसी को अपने परिवार और समुदाय के साथ मिलकर घुल-मिलकर रहने का मौका मिलता है। इस दिन स्वादिष्ट पकवान बनाए जाते हैं। विशेषकर मीठी सेवइयां। ईद का त्योहार न सिर्फ खुशी का बल्कि दूसरों की मदद करने और एकजुट होने का भी संदेश देता है। इस दिन बच्चों को तोहफे और ईदी दी जाती है। यही नहीं, इस दिन लोग खुदा से एक दूसरे की सलामती की दुआ करते हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi News  Eid celebrations India #Eid2025 #EidMubarak #EidCelebration #EidInIndia #EidUlFitr #RamadanEnds #FestivalOfJoy #MoonSighting #EidFeast #EidPrayers

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Surrender or Face Action

Naxal crackdown India: नक्सलियों को बख्शने के मूड में नहीं है मोदी सरकार, सरेंडर करो या मारे जाओ

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने  31 मार्च 2026 से पहले देश को नक्सल मुक्त करने का बीड़ा उठाया है। इस दिशा में सुरक्षाबल पहले एक-एक जिले को नक्सल मुक्त कराने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। जिसके तहत छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के साथ पूरी बस्तर रेंज को नक्सल मुक्त करने की तरफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इस सिलसिले में पिछले महीनों से छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों (Naxal crackdown India) के खिलाफ सफाई अभियान छेड़ रखा है। जिस तरह एक के बाद एक नक्सलियों को ढेर किया जा रहा है उसे देख कर तो यही लग रहा है कि नक्सलियों के सामने दो ही विकल्प रह गए हैं, या तो सरेंडर कर दें या फिर यमराज के दर्शन ही कर लें। बता दें कि छत्तीसगढ़ में एक बार फिर से नक्सलियों के साथ सुरक्षाबलों की मुठभेड़ शुरू हो गई है। दंतेवाड़ा जिले में सुरक्षाबलों ने माओवादियों को घेर लिया है और एनकाउंटर जारी है। इस एनकाउंटर के दौरान एक महिला नक्सली की लाश मिली है। दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों के सीमावर्ती इलाकों में मुठभेड़ (Naxal crackdown India) जारी है दंतेवाड़ा पुलिस ने जारी इस एनकाउंटर (Naxal crackdown India) की जानकारी देते हुए कहा कि “सुरक्षा बलों ने एक मारी गई महिला नक्सली का शव बरामद किया है। दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों के सीमावर्ती इलाकों में मुठभेड़ जारी है। मुठभेड़ स्थल से एक इंसास राइफल और अन्य गोला-बारूद के साथ ही दैनिक उपयोग की वस्तुएं बरामद की गई हैं।” प्राप्त जानकारी के मुताबिक पुलिस अधिकारियों ने बताया कि “दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ में एक महिला माओवादी मारी गई।” इस दौरान अधिकारियों ने यह भी कहा कि “इस क्षेत्र में सुरक्षाबलों को माओवादी विरोधी अभियान के लिए भेजा गया था। अधिक जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान सोमवार सुबह लगभग नौ बजे से माओवादियों और सुरक्षाबलों के बीच लगातार गोलीबारी जारी है।” इसे भी पढ़ें:- औरंगजेब विवाद में कूदे राज ठाकरे, बोले- मराठों को नष्ट करने की कोशिश करने वाला यहीं हुआ दफन  नक्सलियों के खिलाफ लगातार एनकाउंटर (Naxal crackdown India) जारी है बता दें कि छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ लगातार एनकाउंटर (Naxal crackdown India) जारी है। इस दौरान कुछ नहीं तो दर्जनों नक्सली मारे जा चुके हैं। सुकमा और बीजापुर जिले में शनिवार को सुरक्षाबलों ने दो मुठभेड़ों में 11 महिलाओं समेत 18 नक्सलियों को मार गिराया था। इस बीच बड़ी बात यह कि भारी संख्या में नक्सली सरेंडर भी कर रहे हैं। इसी सिलसिले में रविवार को ही तकरीबन 50 नक्सलियों ने सरेंडर किया था। 50 नक्सलियों के सरेंडर करने की तारीफ करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने रविवार को कहा कि “जो लोग हथियार छोड़कर विकास का रास्ता अपनाएंगे, उनका पुनर्वास किया जाएगा।” इस दौरान उन्होंने एक बार फिर उन लोगों से अपील की, जो सरेंडर नहीं कर रहे हैं, वे हथियार छोड़कर मुख्यधारा में शामिल हो जाये। इस बीच उन्होंने कहा कि “31 मार्च 2026 के बाद देश में नक्सलवाद इतिहास बन जाएगा।” आशा है, बस्तर रेंज को जल्द ही नक्सल मुक्त करा दिया जाएगा। Latest News in Hindi Today Hindi News  Naxal crackdown India #Naxal #Naxalism #ModiGovernment #NaxalAttack #IndianArmy #CRPF #SurrenderOrDie #NaxalCrackdown #IndianSecurityForces #AntiNaxal

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Dr. K.K. Muhammad on Secularism & Muslim Majority

Muslim majority and secularism: यदि मुस्लिम बहुसंख्यक होते, तो भारत कभी नहीं होता सेक्युलर- डॉ. के.के. मुहम्मद

भारत सिर्फ इसलिए धर्मनिरपेक्ष है क्योंकि यह हिंदू बहुल देश है, यदि मुस्लिम बहुसंख्यक होते, तो भारत कभी सेक्युलर नहीं (Muslim majority and secularism) होता। ये बोल हैं, इंडियन काउंसिल ऑफ हिस्टोरिकल रिसर्च के सदस्य और पद्मश्री डॉ. के.के. मुहम्मद के। बता दें कि 70 वर्षीय आर्कियोलॉजिस्ट डॉ. के.के. मुहम्मद ने राम जन्मभूमि मंदिर की जांच के बाद अहम निभाई थी। इन दिनों सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में वह कहते दिख रहे हैं कि “भारत धर्मनिरपेक्ष इसलिए है, क्योंकि यह हिंदू बहुल देश है।” इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि “अगर राम और कृष्ण आपके इतिहास पुरुष, आपके राष्ट्रीय नायक नहीं हैं, तो आप एक आदर्श मुसलमान नहीं हैं।” दरअसल, लेखक आनंद रंगनाथन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर डॉ. के.के. मुहम्मद का एक वीडियो शेयर करते हुए कैप्‍शन में लिखा कि “भारत सिर्फ़ इसलिए धर्मनिरपेक्ष है क्योंकि यह हिंदू बहुल देश है। यही हिंदू धर्म की महानता है। अगर राम और कृष्ण आपके इतिहास पुरुष, आपके राष्ट्रीय नायक नहीं हैं, तो आप एक आदर्श मुसलमान नहीं हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी लिखा कि “डॉ. के.के. मुहम्मद, जिन्हें यह पता लगाने के लिए निलंबित कर दिया गया था कि बाबरी के नीचे कभी एक मंदिर था।  साल 1976-77 में पुरातत्वविद प्रो बी बी लाल के नेतृत्व में अयोध्या राम जन्मभूमि स्थान की खाेदाई हुई थी (Muslim majority and secularism) India is secular only because it is a Hindu majority country. This is the greatness of Hinduism. If Rama and Krishna are not your Itihasa purusha, your national heroes, you are not a perfect Muslim. – Dr KK Muhammed, suspended for discovering that a temple once stood under Babri. pic.twitter.com/Bh0RKC3XbC — Anand Ranganathan (@ARanganathan72) March 30, 2025 केरल के कोझिकोड में जन्में करिंगमन्‍नू कुझियिल मुहम्‍मद (के.के. मुहम्मद) ने अपनी जीवन यात्रा को मलयाली में एक किताब की शक्ल दी है। जिसका हिंदी अनुवाद है, मैं भारतीय हूं। बता दें, इस किताब में उन्होंने राम जन्मभूमि मंदिर की खोज यात्रा को बहुत विस्तार से लिखा है। वो लिखते हैं कि “जब अयोध्या में राम जन्मभूमि के मालिकाना हक को लेकर 1990 में पहली बार पूरे देश में बहस जोर पकड़ रही थी, तब मुझे 1976-77 वाले कॉलेज के दिन याद आ रहे थे। तब पढ़ाई की खातिर मुझे अयोध्या भेजा गया (Muslim majority and secularism) था। साल 1976-77 में पुरातत्वविद प्रो बी बी लाल के नेतृत्व में अयोध्या राम जन्मभूमि स्थान की खाेदाई हुई थी, उस खोदाई में मैं भी शामिल था। उस खोदाई में वहां राम मंदिर के प्रमाण मिले थे। मगर जब यह बात मेंने वर्ष 1990 में सार्वजनिक रूप से कही, तो मेरी नौकरी जाते जाते बची थी। दरअसल, साल 1990 में एक अखबार के लेख के माध्यम से उन्होंने स्वीकार किया था कि “उन्होंने मस्जिद के नीचे राम मंदिर के अवशेष देखे थे। बता दें कि केंद्र सरकार की ओर से उन्हें वर्ष 2019 में पद्म श्री से सम्मानित किया जा चुका है।  इसे भी पढ़ें:- औरंगजेब विवाद में कूदे राज ठाकरे, बोले- मराठों को नष्ट करने की कोशिश करने वाला यहीं हुआ दफन  मुसलमानों को खुद ही मथुरा और ज्ञानवापी मस्जिद के स्थान को हिंदुओं को उपहार की तरह सौंप देना (Muslim majority and secularism) चाहिए यही नहीं, पद्मश्री डॉ. के.के. मुहम्मद ने इससे पहले भारतीय मुसलमानों से कहा था कि “मथुरा और ज्ञानवापी मस्जिद के स्थान को खुद ही हिंदुओं को उपहार की तरह सौंप देना (Muslim majority and secularism) चाहिए। उनकी जो पवित्र इमारत है, उसे कहीं अन्य उपयुक्त स्थल पर स्थानांतरित करने के लिए मुसलमानों को स्वयं आगे आना चाहिए। इससे सरकार एवं सर्व समाज से भी सहयोग मिल सकेगा। उनके इस बयान की भी खूब चर्चा हुई थी। खैर, वह लगातार अपनी बातें खुलकर रखने के लिए जाने जाते हैं। Latest News in Hindi Today Hindi News  Muslim majority and secularism #IndiaSecularism #DrKKMuhammad #SecularIndia #MuslimMajority #IndianHistory #ReligiousDebate

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BJP mismanagement

BJP mismanagement: भाजपा सरकार की भाई-भतीजावाद और कुप्रबंधन ने बैंकिंग क्षेत्र को संकट में डाल दिया है- राहुल गांधी

रायबरेली से कांग्रेस के सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शनिवार को बीजेपी और केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए जमकर निशाना साधा। राहुल ने कहा कि “भाजपा सरकार की भाई-भतीजावाद और कुप्रबंधन (BJP mismanagement) ने भारत के बैंकिंग क्षेत्र को संकट में डाल दिया है।  इसका बोझ अंततः जूनियर कर्मचारियों पर पड़ता है, जो तनाव और विषाक्त कार्य स्थितियों को झेलते हैं। इससे जूनियर कर्मचारियों को नुकसान हो रहा है। इन्हें तनाव और विषाक्त कार्य स्थितियों को सहना पड़ रहा है।” केंद्र की मोदी सरकार पर अपने अरबपति मित्रों के लिए 16 लाख करोड़ रुपये माफ करने का आरोप लगाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि “सरकार के आर्थिक कुप्रबंधन की मानवीय कीमत हजारों ईमानदार कामकाजी पेशेवरों को प्रभावित करती है।” जानकारी के मुताबिक एक्स पर एक पोस्ट में राहुल ने एक निजी बैंक के पूर्व कर्मचारियों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ अपनी बैठक का एक वीडियो साझा करते हुए उन्होंने कहा कि “कुप्रबंधन के कारण उन्हें नुकसान उठाना पड़ा है। कांग्रेस ऐसे कामकाजी वर्ग के पेशेवरों के लिए लड़ेगी और कार्यस्थल उत्पीड़न और शोषण को समाप्त करेगी।” इस दरम्यान उन्होंने उन लोगों से भी आग्रह किया जिन्होंने इसी तरह के अन्याय का सामना किया है कि वे उन्हें लिखें। अपनी कहानी https://rahulgandhi.in/awaazbharatki पर मेरे साथ करें साझा (BJP mismanagement) इस मामले पर अपनी बेबाक राय रखते हुए सांसद राहुल गाँधी ने कहा कि “इस बैंक के 782 पूर्व कर्मचारियों की ओर से एक प्रतिनिधिमंडल ने कल संसद में उनसे मुलाकात की। उनकी कहानियों से एक परेशान करने वाला पैटर्न सामने आता है। मसलन, कार्यस्थल पर उत्पीड़न, जबरन तबादला, एनपीए उल्लंघनकर्ताओं को गलत कर्ज देने का खुलासा करने के लिए प्रतिशोध और उचित प्रक्रिया के बिना बर्खास्तगी, इत्यादि।” उन्होंने आगे कहा कि “भाजपा सरकार के आर्थिक कुप्रबंधन की मानवीय कीमत चुकानी पड़ रही है, क्योंकि इससे देश भर के हजारों ईमानदार कामकाजी पेशेवर प्रभावित हो रहे हैं (BJP mismanagement)। यदि आप ऐसे कामकाजी पेशेवर हैं, जिन्होंने इसी तरह के अन्याय का सामना किया है, तो अपनी कहानी https://rahulgandhi.in/awaazbharatki पर मेरे साथ साझा करें।” इसे भी पढ़ें:- उद्धव की ‘बची-खुची’ शिवसेना का बीएमसी चुनावों में होगा सफाया, कुणाल कामरा का सपोर्ट करने पर भड़के संजय निरुपम बैंक द्वारा अनुचित बर्खास्तगी का आरोप लगाने वाले कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल ने राहुल से की मुलाकात (BJP mismanagement) बता दें कि बैंक द्वारा अनुचित बर्खास्तगी का आरोप लगाने वाले कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को राहुल से मुलाकात की थी और मेडिकल लीव पर होने या प्रबंधन प्रथाओं के बारे में चिंता जताने पर अचानक नौकरी से निकाले जाने के बारे में बताया (BJP mismanagement) था। इस बीच कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा कर कहा कि “बैंक द्वारा अनुचित बर्खास्तगी का आरोप लगाने वाले कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल ने संसद भवन परिसर में राहुल से उनके कार्यालय में मुलाकात की। निजी बैंक की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। उन्होंने चिकित्सा अवकाश पर होने, स्वीकृत अनुपस्थिति की अवधि के दौरान या प्रबंधन प्रथाओं के बारे में चिंता जताने पर अचानक नौकरी से निकाले जाने के बारे में बताया। कर्मचारियों ने इस बात पर प्रकाश डाला कि इस तरह का सिस्टम सिर्फ इस निजी बैंक तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि निजी क्षेत्र के बैंकों में व्यापक प्रवृत्ति को दर्शाती हैं, जो मुनाफे को अधिकतम करने के बढ़ते दबाव से प्रेरित हैं।” Latest News in Hindi Today Hindi News BJP mismanagement #RahulGandhi #BJPMismanagement #BankingCrisis #Nepotism #IndianPolitics #CongressVsBJP #FinancialCrisis #ModiGovt #EconomicDownfall #PublicSector

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Uddhav Thackeray's Shiv Sena

उद्धव की ‘बची-खुची’ शिवसेना का बीएमसी चुनावों में होगा सफाया, कुणाल कामरा का सपोर्ट करने पर भड़के संजय निरुपम

कॉमेडियन कुणाल कामरा (Kunal Kamra) द्वारा महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) पर गद्दार की टिप्पणी करने के बाद से शिवसेना के दोनों गुटों में जुबानी जंग लगातार तेज होती जा रही है। शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) द्वारा कुणाल कामरा (Kunal Kamra) को सही बताने और भाजपा के सौगात-ए-मोदी कार्यक्रम पर सवाल उठाने के बाद अब शिंदे गुट के नेता संजय निरुपम ने जवाबी हमला किया है। निरुपम ने उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) गुट की शिवसेना को ‘बची-खुची’ शिवसेना बताते हुए कहा कि संजय राउत हमारे गठबंधन के नेताओं को गधा बता रहे हैं। निरुपम ने कहा कि अगर शिवसेना के नेताओं की यही स्थिति रही तो आगामी बीएमसी चुनावों में बची-खुची शिवसेना को भी लोग खत्म कर देंगे। विदित  हो कि इससे पहले गुरुवार को संजय निरुपम ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कुणाल कामरा (Kunal Kamra) को लेकर कहा था कि वह झुकेगा तो नहीं, लेकिन हमसे छिपेगा जरूर। उसे अपने कर्मों की सजा तो भुगतनी ही पड़ेगी। निरुपम ने कहा था कि इस मामले में मुंबई पुलिस जरूर कार्रवाई करेगी। महाराष्ट्र की जनता चुनाव में दे चुकी उद्धव गुट को संदेश  संजय निरुपम ने कहा कि उद्धव गुट को जनता लगातार अपना संदेश दे रही है। पहले लोकसभा चुनाव में फिर विधानसभा चुनावों में हराकर महाराष्ट्र की जनता बता चकी है कि कौन असली है और कौन नकली शिवसेना है। विधानसभा चुनावों में हमारी शिवसेना का स्ट्राइक रेट 70.37 प्रतिशत रहा था जबकि उद्धव गुट वाली शिवसेना का स्ट्राइक रेट 21.05 प्रतिशत रहा था। यह जनता द्वारा दिया गया साफ संदेश है। इसे भी पढ़ें:- प्रेमानंद जी महाराज: गुरु दक्षिणा का सही अर्थ और महत्व उद्धव बाला साहब के बेटे जरूर हैं, लेकिन उनके वारिस नहीं- संजय निरुपम संजय निरुपम ने उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) पर तंज कसते हुए कहा कि वह बाला साहब के बेटे जरूर हैं, लेकिन उनके वारिस नहीं। बाला साहब के असली वारिस एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) हैं। जो उनकी विचारधारा पर चहते हुए पार्टी का विस्तार कर रहे हैं। उद्धव और उनकी पार्टी को अब हार स्वीकार कर लेना चाहिए। वहीं, मीडिया ने जब निरुपम से यह पूछा गया है कि उद्धव ठाकरे ने भाजपा के सौगात-ए मोदी कार्यक्रम की आलोचना की है, तो निरुपम ने इसका जवाब देते हुए कहा कि न तो हम मुस्लिमों के खिलाफ हैं और न ही बाला साहब ठाकरे थे। शिवसेना हो या फिर भाजपा, हम रोहिंग्याओं, बांग्लादेशियों और पाकिस्तान का सपोर्ट करने वाले मुस्लिमों के खिलाफ हैं। निरुपम ने कहा कि, उद्धव ठाकरे को अब सबसे बड़ा डर यही है कि बाला साहब ठाकरे का वोटबैंक पहले ही सिखक चुका है और अब अगर अल्पसंख्यक भी हमारे साथ आ गए तो उनकी शिवसेना खत्म हो जाएगी। Latest News in Hindi Today Hindi News Uddhav Thackeray #UddhavThackeray #ShivSena #BMCelections #KunalKamra #SanjayNirupam #MumbaiPolitics #Maharashtra #BJPvsShivSena #Elections2024 #PoliticalDebate

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Yogi Adityanath third term: सीएम योगी ने अपने तीसरे टर्म को लेकर कही यह बड़ी बात, मचा सियासी हड़कंप 

साल 2027 में उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होना है। ऐसे में संभल पर छिड़ी सियासत के बीच सीएम बुधवार को योगी ने न्यूज एजेंसी एएनआई को पॉडकास्ट इंटरव्यू दिया। इस पॉडकास्ट इंटरव्यू में उनसे कई तरह के सवाल-जवाब किये गए। इसी बीच उनसे उनके तीसरे कार्यकाल को लेकर भी एक सवाल पूछा गया। जिसके जवाब ने सभी चौंका दिया है। दरअसल, उनसे पूछा गया कि क्या आप तीसरा टर्म (Yogi Adityanath third term) भी ट्राई करेंगे, क्या आपकी नजर हैट्रिक पर है? इस पेंचीदे सवाल के जवाब पर सीएम योगी ने बड़ी सफाई से अपनी बात रखते हुए कहा कि “वह खुद इसकी कोशिश नहीं करेंगे।” बता दें कि तीसरी बार सीएम बनने के सवाल पर मैं कहना चाहता हूं कि मैं कोशिश नहीं करूंगा। यह मेरी पार्टी पर निर्भर है। मेरी पार्टी कोशिश करेगी और फैसला लेगी। ये बात जगजाहिर है कि सीएम योगी अपनी बात बिना किसी लाग-लपेट के रखते हैं। भले ही इसका जवाब उन्होंने जो भी दिया, लेकिन वो भाजपा की रणनीति का ही एक हिस्सा है। कहने की जरूरत नहीं कि सीएम योगी के जवाब से साफ पता चलता है कि कैसे भाजपा अखिलेश यादव की सपा और राहुल गांधी की कांग्रेस से अलग सोचती है। और यही उसे अन्य दलों से अलहदा बनाती है।  पार्टी लाइन पर छोड़ा सीएम का फैसला (Yogi Adityanath third term) निश्चित ही सबके मन में यह सवाल होगा कि सीएम योगी के जवाब का भाजपा की रणनीति से क्या मतलब? तो इसका मतलब साफ़ है कि भाजपा आखिरी तक अपने पत्ते नहीं खोलती। अंदरूनी कलह से बचने के लिए शायद पार्टी ऐसा करती हो। कारण चाहे कुछ भी, लेकन इसका बड़ा फायदा यह कि पार्टी गुटबाजी से बच जाती है।  इसके साथ ही वह यह संदेश देना चाहती है कि बूथ स्तर का कार्यकर्ता भी उसके लिए उतना ही महत्व रखता है, जितना की कोई कद्दावर नेता। पार्टी यह संदेश देना चाहती है कि भाजपा में कोई भी कार्यकर्ता मुख्यमंत्री बन सकता है। वजह यही जो सीएम योगी ने जो जवाब दिया, उसके मायने बड़े गहरे हैं। इस बात से इंकार नहीं कि वर्तमान में सीएम योगी की लोकप्रियता सातवें आसमान पर है। ऐसे में वो चाहते तो अपने तीसरे टर्म (Yogi Adityanath third term) के लिए खुद को सीएम फेस घोषित कर सकते थे, लेकिन उन्होंने यह फैसला पार्टी लाइन पर छोड़ दिया। खैर, यह तो वक़्त ही बताएगा कि साल 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत होती है या हार। और यदि भाजपा हैट्रिक मारती है, तो सीएम योगी मुख्यमंत्री पद के दावेदार होंगे या नहीं? बेशक उनके जवाब से न सिर्फ उत्तर प्रदेश में सियासी सुगबुगाहट तेज हो गई है बल्कि सियासी पंडितों के बीच भी चर्चा का विषय बना गई है। इसे भी पढ़ें:- क्या है अटल कैंटीन योजना? हम अदालत का ही कहना मान रहे हैं, वरना अभी तक वहां बहुत कुछ हो गया होता बता दें कि संभल से लेकर वाराणसी तक नए मंदिर खोजने के सवाल पर योगी ने कहा कि “हम जितने मंदिर खोज पाएंगे, खोजेंगे। मथुरा मामले के कोर्ट में होने के सवाल पर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “हम अदालत का ही कहना मान रहे हैं, वरना अभी तक वहां बहुत कुछ हो गया होता (Yogi Adityanath third term)।” उन्होंने यह भी कहा कि “प्रशासन ने अब तक संभल में कुल 54 धार्मिक स्थलों को चिन्हित किया है। इसके अलावा कुछ और के लिए भी प्रयास किया जा रहा है। जितना मिलेगा हम सब खोदकर निकालेंगे।” Latest News in Hindi Today Hindi News  Yogi Adityanath third term #YogiAdityanath #UPPolitics #ThirdTerm #CMYogi #BJP #IndianPolitics #YogiGovt #Election2024 #UttarPradesh #ModiYogi

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