Mumbai attacks accused

Tahawwur Rana confession: एनआईए  की पूछताछ में मुंबई हमले के आरोपी तहव्वुर राणा ने किया यह बड़ा खुलासा

मुंबई हमले के साजिशकर्ताओं में शामिल मुख्य आरोपी तहव्वुर राणा को अमेरिका से भारत लाने के बाद एनआईए की स्पेशल सेल में रखा गया है। एनआईए को राणा से पूछताछ के लिए 18 दिन की रिमांड मिली है। इस बीच एनआईए के अधिकारी लगातार पूछताछ कर रहे हैं। पूछताछ के दौरान राणा ने कई अहम जानकारियां दी (Tahawwur Rana confession) हैं। पूछताछ में राणा ने यह भी खुलासा किया था कि “मुंबई पर जो हमला 26/11 को हुआ था वह पहले किसी और भी दिन होने वाला था, लेकिन कुछ कारणों से नहीं हो सका था।” किसी कारणों से हेडली ने हमले को कुछ दिनों के लिए टाल दिया (Tahawwur Rana confession) था जानकारी के लिए बता दें कि तहव्वुर राणा से एनआईए ने मुंबई हमले को लेकर घंटों पूछताछ (Tahawwur Rana confession) की। यहाँ तक कि हेडली से उसके संपर्क और बाकी आतंकियों के संपर्क को लेकर भी जानकारियां जुटाई जा रही है। इस दौरान उससे 26/11 पर भी पूछा गया। पूछताछ ने उसने कहा कि “हमला तो 26/11 से और पहले ही हो जाता लेकिन हेडली ने कुछ कारणों से इसे कुछ दिनों के लिए टाला था।” दरअसल, तहव्वुर राणा ने बताया कि मुंबई हमले की साजिश पहले ही रची गई थी और हमले की तैयारी भी कर ली गई थी लेकिन अरब सागर में उफान के कारण समंदर की तेज लहरों के कारण आतंकियों के समुंदर के रास्ते आने में खतरा महसूस हो रहा था। जिसके चलते हमले को कुछ दिन के लिए टालना पड़ा  वरना तैयारी पूरी हो चुकी थी। हेडली ने राणा को यह जानकारी दी थी कि हमला कुछ दिनों के लिए टाला जा रहा है। समंदर की लहरें थोड़ा शांत होने के बाद हमला किया जाएगा। इसे भी पढ़ें: – महाराष्ट्र के ठाणे में डॉ बाबासाहेब अंबेडकर की प्रतिमा पर पहले माल्यार्पण करने को लेकर दो गुटों में हुई झड़प मौसम और समुद्र की लहरों तक के उफान का गंभीरता से जायजा (Tahawwur Rana confession) लिया था एनआईए की पूछताछ में राणा ने यह भी बताया (Tahawwur Rana confession) कि हमले से पहले हेडली ने जहां-जहां अटैक किया जाना है, उन स्थानों की गंभीरता से रेकी की थी। गोलियां चलने के बाद लोगों के भागने के रास्तों से लेकर आतंकियों के निकलने के रास्ते का प्लान और उनके छिपने के लिए जगह, सबकी रेकी की गई थी। राणा ने ये भी बताया कि हमले के लिए समंदर के रास्ते किस समय आना सही है, यहां तक कि मौसम और समुद्र की लहरों तक के उफान का गंभीरता से जायजा लिया था। इतना सबकुछ करने के बाद ही हमले की साजिश को अंजाम दिया गया था। बहरहाल, पूछताछ जारी है। जैसे-जैसे पूछताछ आगे बढ़ेगी वैसे-वैसे आगे चलकर नए-नए खुलासे हो सकते हैं।   Latest News in Hindi Today Hindi news  Tahawwur Rana confession #TahawwurRanaConfession #NIAInterrogation #MumbaiAttacks #26_11Case #TerrorRevealed #TahawwurRanaNews #NIAUpdate #IndiaSecurity #TerrorAccused #PakistanLink

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Ambedkar statue clash Thane

Ambedkar statue clash Thane: महाराष्ट्र के ठाणे में डॉ बाबासाहेब अंबेडकर की प्रतिमा पर पहले माल्यार्पण करने को लेकर दो गुटों में हुई झड़प

महाराष्ट्र के ठाणे जिले के डोंबिवली में सोमवार को डॉ बाबासाहेब अंबेडकर की जयंती के अवसर पर आयोजित एक समारोह के दौरान हुई मामलू कहासुनी को लेकर दो गुटों में (Ambedkar statue clash Thane) झड़प हो गई। दरअसल, यह झड़प बाबासाहेब अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने को लेकर कहासुनी के बाद हुई। संबंधित मामले में सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। जानकारी के मुताबिक डोंबिवली पुलिस थाने के अधिकारी ने बताया कि “घटना मशाल चौक पर हुई। अधिक जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि “लोग रविवार देर रात 1:45 बजे से ही समारोह स्थल पर एकत्र होने लगे थे। एक समूह बाबासाहेब की प्रतिमा पर पहले माल्यार्पण करना चाहता था, लेकिन दूसरे समूह के लोगों ने इस पर आपत्ति जताई। इसे लेकर उनके बीच हुई बहस झड़प में तब्दील हो गई। इस झड़प में कुछ लोग घायल हुए और वाहनों को नुकसान पहुँचाया। उन्होंने कहा, “गिरफ्तार और घायलों में महिलाएं भी शामिल हैं। हालाँकि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। फ़िलहाल घटना की जांच जारी है।” आयोजित कार्यक्रम के दौरान अराजक तत्वों ने विवाद कर शुरू कर (Ambedkar statue clash Thane) दिया पथराव  यही नहीं, इसके अलावा अकोला शहर के गंगा नगर बाईपास के पास अंबेडकर जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान कुछ अराजक तत्वों ने विवाद कर पथराव शुरू कर (Ambedkar statue clash Thane) दिया। सूचना पाते ही ओल्ड सिटी पुलिस की टीम घटनास्थल पर जा पहुंची। और पहुंचकर सबसे पहले स्थिति को नियंत्रण में किया। हालांकि इस बीच दोनों समूहों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया। जानकारी के मुताबिक कार्यक्रम के दौरान किसी अनजान शख्स ने पास में खड़ी गाड़ी पर पत्थर फेंका। इस बीच मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों ने बीच-बचाव किया। ओल्ड सिटी के पीएसओ ने मौके पर पहुंचकर जमा भीड़ को हटाया और कार्यक्रम को बंद कराया।  इसे भी पढ़ें: – मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री अब्दुल्ला अहमद बदावी का निधन सीम देवेंद्र फडणवीस ने बाबासाहेब आंबेडकर की 134वीं जयंती पर मुंबई के चैत्यभूमि में उन्हें पुष्पांजलि की अर्पित  बता दें कि सोमवार को महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बाबासाहेब आंबेडकर की 134वीं जयंती पर मुंबई के चैत्यभूमि में उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। इसके साथ ही उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार, विधान परिषद के अध्यक्ष राम शिंदे, संजय शिरसाट और राज्य कैबिनेट मंत्री आशीष शेलार ने भी मध्य मुंबई के शिवाजी पार्क में स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर (Ambedkar statue clash Thane) के अंतिम विश्राम स्थल चैत्यभूमि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। बता दें कि इससे पहले फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा कि “एक प्रख्यात अर्थशास्त्री, सामाजिक न्याय के वैश्विक प्रतीक और भारतीय संविधान के जनक, भारत रत्न बाबासाहेब आंबेडकर को उनकी जयंती पर नमन।”  Latest News in Hindi Today Hindi news Ambedkar statue clash Thane #AmbedkarStatueClash #ThaneNews #BabasahebAmbedkar #MaharashtraPolitics #DalitRights #AmbedkarJayanti #StatueDispute #CasteConflict #PoliticalClash #ThaneViolence

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Mamata Banerjee statement

Mamata Banerjee statement: वक्फ कानून के विरोध में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कही यह बात, भड़की बीजेपी  

वक्फ कानून के विरोध में पश्चिम बंगाल के कई जिलों में हिंसक विरोध-प्रदर्शन हो रहा है। मुर्शिदाबाद में नए कानून के विरोध में शुक्रवार को मालदा, मुर्शिदाबाद, दक्षिण 24 परगना और हुगली जिलों में हिंसा भड़कने के दौरान पुलिस वैन समेत कई वाहनों को आग लगा दी गई, सुरक्षा बलों पर पत्थर फेंके गए और सड़कें जाम कर दी गईं। बता दें कि वक्फ कानून के विरोध में पश्चिम बंगाल में हो रहे विरोध-प्रदर्शन और हिंसा के बीच टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी की पहली प्रतिक्रिया (Mamata Banerjee statement) सामने आई है। जारी इस हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को सोशल मीडिया पोस्ट एक्स पर कहा कि “सभी धर्मों के लोगों से मेरी विनम्र अपील है कि कृपया शांत रहें, संयमित रहें। धर्म के नाम पर किसी भी अधार्मिक गतिविधि में शामिल न हों। हर इंसान की जान कीमती है। राजनीति के लिए दंगे न भड़काएं। जो लोग दंगे भड़का रहे हैं, वे समाज को नुकसान पहुंचा रहे हैं।” मुख्यमंत्री ने कहा कि “याद रखें, हमने वह कानून नहीं बनाया, जिस पर बहुत से लोग भड़के हुए हैं। यह कानून केंद्र सरकार ने बनाया है। इसलिए आप जो जवाब चाहते हैं, वह केंद्र सरकार से मांगना चाहिए।” इस दौरान उन्होंने पूछा कि “हमने इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है कि “हम इस कानून का समर्थन नहीं करते। यह कानून हमारे राज्य में लागू नहीं होगा। तो दंगा किसलिए?” दंगा भड़काने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी (Mamata Banerjee statement) ममता बनर्जी ने कहा (Mamata Banerjee statement) कि “दंगा भड़काने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हम किसी भी हिंसक गतिविधि का समर्थन नहीं करते। कुछ राजनीतिक दल राजनीतिक लाभ के लिए धर्म का दुरुपयोग करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके बहकावे में न आएं।” ममता ने आगे कहा कि “मुझे लगता है कि धर्म का मतलब मानवता, सद्भावना, सभ्यता और सद्भाव है। मैं सभी से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील करती हूं।” बता दें कि मुर्शिदाबाद में वक्फ कानून के विरोध में बीते एक सप्ताह में दो बार हिंसा भड़की हुई है। इसे लेकर भाजपा लगातार ममता बनर्जी पर निशाना साध रही है। इसे भी पढ़ें:-ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में ममता बनर्जी के भाषण के दौरान हुआ जमकर हंगामा, बोलो दीदी को कोई फर्क नहीं पड़ता  केंद्र सरकार के वक्फ संशोधन कानून को अपने राज्य में लागू नहीं होने देंगी- ममता बनर्जी  पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा (Mamata Banerjee statement) कि “वे केंद्र सरकार के वक्फ संशोधन कानून को अपने राज्य में लागू नहीं होने देंगी।” उन्होंने यह भी कहा कि “लोग उन पर भरोसा करें कि यह कानून बंगाल में नहीं आएगा।” क्या सच में ममता बनर्जी अपने राज्य में वक़्फ़ संसोधन बोल को नहीं लागू करेंगी, आखिर क्यों? ऐसे में यहाँ जानना जरूरी यह कि राज्य सरकारें केंद्रीय कानूनों को रोकने में कितनी सक्षम हैं? तो अनुच्छेद 254 के अनुसार, अगर केंद्र का कानून लागू है, तो राज्य सरकार उसके खिलाफ नहीं जा सकती। लेकिन राजनीतिक कारणों से, राज्य सरकारें कानूनों को लागू करने में बाधा डालने की कोशिश कर सकती हैं। खैर, यह एक संवैधानिक मुद्दा बन सकता है। जानकारों की माने तो अनुच्छेद 256 के मुताबिक राज्य सरकारें केंद्र द्वारा कानून और उनके निर्देशों का पालन करने से मना नहीं सकती हैं। केंद्र के निर्देशों को पालन करना राज्यों का दायित्व है। Latest News in Hindi Today Hindi news Mamata Banerjee statement #WaqfActControversy #WestBengalPolitics #MamataBanerjee #BJPVsTMC #WaqfDebate #MinorityRights #PoliticalClash #IndiaNews #WaqfLawProtest #PropertyDispute

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Vasundhara Raje's Rift Shakes BJP

Vasundhara Raje BJP rift: वसुंधरा राजे की नाराजगी से बीजेपी में मचा हड़कंप, अशोक गहलोत ने तंज कसते हुए कही यह बात

राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे की नाराजगी ने (Vasundhara Raje BJP rift) बीजेपी खेमे में हलचल मचा दी है। राजे के बयान का असर यह हुआ कि आनन-फानन मेंसीएम भजनलाल शर्मा को जलदाय विभाग के अधिकारियों को तलब करना पड़ा। दरअसल, पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने झालावाड़ से राजस्थान में पानी के संकट का मुद्दा उठाया था। जिसके बाद से सूबे सियासत गरमा गई थी।  विपक्ष ने सवाल उठाया कि अगर वसुंधरा राजे हकीकत में पानी के संकट पर गंभीर हैं तो पूरे राजस्थान को लेकर बात करनी चाहिए। इसके बाद बीजेपी बैकफुट पर आ गई। सीएम भजनलाल ने संबंधित विभाग से जुड़े अधिकारियों की क्लास ले ली। और सख्त चेतावनी देते हुए सूबे में पानी का विशेष इंतजाम करने की हिदायत दे दी।  पानी की किल्लत के चलते राजे ने अफसरों को लगाई फटकार (Vasundhara Raje BJP rift)  बता दें कि बीते दिनों पूर्व सीएम वसुंधरा राजे झालावाड़ के अपने निर्वाचन क्षेत्र में अचानक जा पहुंची और तपती गर्मी के बीच ग्रामीण इलाके में लोगों की समस्याएं सुनने लगी। स्थानीय लोगों ने पानी संकट की बात रखी, तो राजे ने अफसरों को फटकार (Vasundhara Raje BJP rift) लगाते हुए कहा कि “अफसर सो रहे हैं। जनता रो रही है, वे ऐसा नहीं होने देंगी।” गौर करने वाली बात यह कि राजस्थान में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष की कार्यकारिणी का फैसला होना है। और ऐसे समय में राजे ने भजनलाल सरकार की ब्यूरोक्रेसी की क्लास उस समय लगाकर सीएम को सकते में डाल दिया है। कहने की जरूरत नहीं, राजे की इस नाराजगी को भजनलाल सरकार पर बिना नाम लिए हमला माना जा रहा है। माना जा रहा है कि वसुंधरा राजे पानी का मुद्दा उठाकर अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा करके खुद की भी नाराजगी जाहिर कर दी। राजे की नाराजगी के बाद सकते में आई बीजेपी ने सफाई दी। पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि “राजे अपनी क्षेत्र की चिंता कर रही हैं। उन्हें अधिकारियो को ऐसे समझना पड़ा।  इसे भी पढ़ें:- काशी मेरी और मैं काशी का हूं, पीएम मोदी ने वाराणसी को दी 3880 करोड़ रुपये से अधिक की सौगात राजे के इस बयान (Vasundhara Raje BJP rift) ने विपक्ष को बीजेपी को आड़े हाथों लेने का मौका दे दिया है कहने की जरूरत नहीं, राजे के इस बयान (Vasundhara Raje BJP rift) ने विपक्ष को बीजेपी में गुटबाजी और सरकार से नाराजगी पर वार करने का मौका दे दिया। पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने राजे के बयान को जायज ठहराते हुए कहा कि “वसुंधरा राजे ने ठीक मुद्दा उठाया लेकिन वो दो बार सीएम रह चुकी हैं और सरकार को पानी को लेकर काम से संतुष्ट नहीं है तो पूरे राज्य के हित में इस मुद्दे को उठाना चाहिए और सरकार की पानी की योजना की खामियों को गिनाना चाहिए।” इत्तेफ़ाक की बात यह कि वसुंधरा राजे बयान के अगले दिन ही उनके करीबी सिविल लाइन विधायक गोपाल शर्मा ने अतिक्रमण हटाने के सरकारी अभियान का विरोध करते हुए अपनी ही सरकार पर हिन्दू विरोधी काम करने का आरोप मढ़ दिया। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि एक बार फिर राजथान बीजेपी की गुटबाजी खुलकर जाहिर होने लगी है।  Latest News in Hindi Today Hindi News Vasundhara Raje BJP rift #VasundharaRaje #BJP #AshokGehlot #RajasthanPolitics #PoliticalRift #BJPNews #RajeVsBJP #GehlotRemark #BJPConflict #IndianPolitics

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NIA's Fear Over Tahawwur Rana Forces Tight Security Measures

Tahawwur Rana NIA fear: एनआईए को सता रहा इस बात का डर, कहीं तहव्वुर राणा….सख्त किया पहरा

26/11 को मुंबई में हुए आतंकी हमले के साजिशकर्ताओं में से एक आतंकी तहव्वुर हुसैन राणा को अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित किये जाने के बाद एनआईए मुख्यालय के भीतर बनी सबसे सुरक्षित सेल में रखा गया है। मुंबई हमले के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक 64 वर्षीय राणा (Tahawwur Rana NIA fear) के इर्द-गिर्द कड़े सुरक्षा के इंतजाम किया गए हैं। सुरक्षा का आलम यह है कि 24 घंटे सीसीटीवी के माध्यम से उसकी निगरानी की जा रही है। इसके अलावा सुरक्षाकर्मी भी कड़ा पहरा दे रहे हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक लोधी रोड पर स्थित एनआईए मुख्यालय को कड़ी सुरक्षा में रखा गया है। उसे ग्राउंड फ्लोर पर 14×14 सेल में रखा गया है। उसकी सुरक्षा का अंदाजा इसीसे लगा सकते हैं कि वो खुद की किसी भी तरह से नुकसान न पहुंचा ले इस हेतु उसे लिखने के लिए सिर्फ सॉफ्ट-टिप पेन के इस्तेमाल की ही अनुमति होगी। बता दें कि राणा को आत्महत्या की निगरानी पर रखा गया है। बेशक पूछताछ में कई जानकारी सामने आने की उम्मीद है। एनआईए ने शुक्रवार को आतंकी हमले के पीछे की बड़ी साजिश को उजागर करने के लिए राणा (Tahawwur Rana NIA fear) से पूछताछ शुरू कर दी है मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एनआईए ने शुक्रवार को आतंकी हमले के पीछे की बड़ी साजिश को उजागर करने के लिए राणा (Tahawwur Rana NIA fear) से पूछताछ शुरू कर दी है। शुरूआती पूछताछ में आईएसआई के साथ उसके संबंधों के अलावा भारत में छुपे स्लीपर सेल, विशेष रूप से उसके सहयोगी डेविड कोलमैन हेडली उर्फ ​​दाऊद गिलानी से जुड़े लोगों पर ध्यान केंद्रित करने की संभावना है। दरअसल, हेडली पर पुष्कर, गोवा, दिल्ली और अन्य स्थानों पर स्लीपर सेल की भर्ती करने का संदेह है। खैर, इस बीच मुंबई आतंकी हमले के मुख्य आरोपियों में से एक आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा को अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित किए जाने के मामले में कांग्रेस ने कहा कि “मोदी सरकार ने इस प्रक्रिया की शुरुआत नहीं की और वास्तव में यूपीए के तहत शुरू हुई।”  इसे भी पढ़ें:- स्टील की दीवारें, मोशन सेंसर, बायोमेट्रिक लॉक और 24 घंटे SWAT तैनात, तहव्वुर राणा को जहां रखा गया उसकी सुरक्षा है बेहद खास मोदी सरकार इस घटनाक्रम का श्रेय (Tahawwur Rana NIA fear) ले रही है-पी चिदंबरम बता दें कि पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि “मोदी सरकार इस घटनाक्रम का श्रेय (Tahawwur Rana NIA fear) ले रही है, जबकि सच्चाई कोसों दूर है।” चिदंबरम ने कहा कि “यह प्रत्यर्पण किसी दिखावे का नतीजा नहीं है, यह इस बात का प्रमाण है कि जब कूटनीति, कानून प्रवर्तन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग ईमानदारी से और बिना किसी तरह की छाती ठोकने के साथ किया जाता है, तो भारत क्या हासिल कर सकता है।” वो यही यहीं रुके और उन्होंने कहा कि “यह प्रक्रिया 11 नवंबर, 2009 को शुरू हुई, जब एनआईए ने कहा कि अमेरिकी नागरिक डेविड कोलमैन हेडली और कनाडाई नागरिक राणा और 26/11 की साजिश में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ नई दिल्ली में मामला दर्ज किया था।” Latest News in Hindi Today Hindi News Tahawwur Rana NIA fear #TahawwurRana #NIA #ExtraditionCase #TerrorAlert #IndiaUSRelations #SecurityUpdate #2611Attack #NIAAlert #TerrorSuspect #BreakingNews

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BJP-AIADMK coalition

BJP-AIADMK coalition: एनडीए हुआ और मजबूत, बीजेपी-एआईडीएमके गठबंधन का हुआ ऐलान

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई को पद से हटाए जाने के बाद एआईडीएमके के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में वापसी का ऐलान भी हो (BJP-AIADMK coalition) गया है। चेन्नई में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस गठबंधन का ऐलान किया गया। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव राज्य में ई. पलानीस्वामी के नेतृत्व में लड़े जाएंगे, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन का चेहरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी होंगे। केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि “1998 से जयललिता जी और अटल जी के समय से हम मिलकर चुनाव लड़ते आए हैं। एक समय ऐसा था जब हमने 39 में से 30 लोकसभा सीटें साथ मिलकर जीती थीं।” बीजेपी और एआईडीएमके का गठबंधन सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि विश्वास और विचारधारा पर आधारित रहा है।” इस दौरान अमित शाह ने पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता और प्रधानमंत्री मोदी के बीच रिश्तों को भी याद किया और कहा कि “दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के साथ मिलकर हमेशा तमिलनाडु के विकास के लिए काम किया है।” चुनाव के बाद बीजेपी तय करेगी कि वह सरकार में शामिल होगी या (BJP-AIADMK coalition) नहीं।  इस बीच शाह ने यह भी स्पष्ट किया कि “बीजेपी चुनाव के बाद तय करेगी कि वह सरकार में शामिल होगी या (BJP-AIADMK coalition) नहीं। एआईएडीएमके ने कोई मांग नहीं रखी है और उनके आंतरिक मामलों में भाजपा का कोई हस्तक्षेप नहीं है। यह गठबंधन दोनों दलों के लिए उपयोगी है और हम मिलकर चुनाव लड़ेंगे। मंत्रियों की संख्या और सीटों के बंटवारे का निर्णय उचित समय पर लिया जाएगा। फिलहाल एनडीए का मुख्य लक्ष्य राज्य में भ्रष्ट डीएमके सरकार को हटाना है।” यही नहीं अमित शाह ने डीएमके पर करारा हमला करते हुए कहा कि “सनातन धर्म और भाषा जैसे मुद्दे डीएमके जानबूझकर उठा रही है ताकि लोगों का ध्यान असली मुद्दों से भटका सके।” उन्होंने कहा कि तमिलनाडु चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा भ्रष्टाचार होगा और जनता इस बार विकास और पारदर्शिता को चुनेगी।” शाह ने अटल बिहारी वाजपेयी और जयललिता के समय से चले आ रहे गठबंधन को याद करते हुए कहा कि “और एआईएडीएमके ने मिलकर पहले भी बड़ी सफलता हासिल की है। उन्होंने भरोसा जताया कि इस बार भी जनता एनडीए को बहुमत दिलाएगी।” इसे भी पढ़ें:- काशी मेरी और मैं काशी का हूं, पीएम मोदी ने वाराणसी को दी 3880 करोड़ रुपये से अधिक की सौगात डीएमके सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर (BJP-AIADMK coalition) लगाए आरोप  यही नहीं, अमित शाह ने आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव को लेकर कहा कि “डीएमके सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर (BJP-AIADMK coalition) आरोप लगाए हैं। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की सरकार ने अब तक करीब 39,000 करोड़ रुपए के घोटाले किए हैं, जिनमें शराब घोटाला और मनरेगा घोटाला प्रमुख है। हम डीएमके सरकार के घोटालों का खुलासा करेंगे। तमिलनाडु की जनता स्टालिन और उदयनिधि को इस भ्रष्टाचार के लिए कभी माफ नहीं करेगी।” इसके अलावा चुनाव से पहले ही अमित शाह ने इशारों इशारों में यह भी बता दिया कि तमिलनाडु का अगला BJP अध्यक्ष कौन होगा। उन्होंने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इसके बारे में बताया।  Latest News in Hindi Today Hindi News BJP-AIADMK coalition NDAAlliance #BJPNews #AIADMK #IndianPolitics #Election2025 #BJPAlliance

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PM Modi Kashi projects

PM Modi Kashi projects: काशी मेरी और मैं काशी का हूं, पीएम मोदी ने वाराणसी को दी 3880 करोड़ रुपये से अधिक की सौगात

शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में 3880 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन PM (Modi Kashi projects) किया। वाराणसी पहुंचने पर पीएम मोदी को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सम्मानित किया। बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली यूपी सरकार के 8 साल पूरे होने के बाद पीएम मोदी का यह पहला वाराणसी दौरा है। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि “पूर्वांचल के अनेक हिस्सों में जुड़ी ढेर सारी परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है। यह सारी बातें, यह सारी योजनाएं पूर्वांचल को विकसित पूर्वांचल बनाने की दिशा में मिल का पत्थर बनने वाली है।” जानकारी के मुताबिक मेंहदीगंज स्थित जनसभा में पीएम मोदी ने काशी वासियों को 39 करोड़ की नई परियोजनाओं की सौगात दी। इसके साथ ही 3 बुजुर्गों को आयुष्मान कार्ड प्रदान किया। इस दौरान पीएम मोदी ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि “आज काशी सिर्फ पुरातन नहीं मेरी काशी प्रगतिशील भी है। पूर्वांचल के आर्थिक नक्शे के केंद्र में है। काशी के स्वयं महादेव रखवाले हैं।” पीएम मोदी ने आगे कहा कि “पूर्वांचल के अनेक हिस्सों में जुड़ी ढेर सारी परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है। यह सारी बातें, यह सारी योजनाएं पूर्वांचल को विकसित पूर्वांचल बनाने की दिशा में मिल का पत्थर बनने वाली है। काशी के हर निवासी को इन योजनाओं से खूब लाभ मिलेगा। इन सभी विकास कार्यों के लिए बनारस के लोगों को पूर्वांचल के लोगों को मैं ढेर सारी बधाई देता हूं।” काशी की जनता आज विकास (Modi Kashi projects) का उत्सव मनाने यहां इकट्ठी हुई है- पीएम मोदी  अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि “हमरे परिवार के हमरे लोगन के हमार प्रणाम। आप सब लोग यहां हमें आपन आशीर्वाद देला। हम ई प्रेम के कर्जदार हौ। काशी हमार हौ, हम काशी के हौ। संकटमोचन के दर्शन का सौभाग्य मिला। काशी की जनता आज विकास (Modi Kashi projects) का उत्सव मनाने यहां इकट्ठी हुई है।” इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि “काशी महाकुंभ 2025 के भव्य आयोजन की भी गवाह है। हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली में विधानसभा चुनावों में जीत और महाकुंभ के सफल आयोजन के बाद, प्रधानमंत्री आज यहां काशी पहुंचे हैं। काशी महाकुंभ के भव्य आयोजन की भी गवाह रही है। पीएम मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में, भक्त नई काशी में आने के लिए उत्साहित थे। 45-दिवसीय (महाकुंभ) के दौरान, 3 करोड़ से अधिक भक्तों ने काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की।”  इसे भी पढ़ें:- इस गाँव में पानी की किल्लत के चलते लड़कों की नहीं हो पा रही है शादी, महिलाएं छोड़ रही हैं ससुराल 356 ग्रामीण पुस्तकालय और 100 आंगनवाड़ी केंद्रों सहित कई परियोजनाओं का उद्घाटन (Modi Kashi projects) भी किया View this post on Instagram A post shared by JaiRashtra_News (@jai.rashtranews) इस बीच बुनियादी ढांचे के विकास, विशेष रूप से वाराणसी में सड़क संपर्क बढ़ाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप पीएम मोदी ने क्षेत्र में विभिन्न सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इसके अलावा, पीएम मोदी ने वाराणसी रिंग रोड और सारनाथ के बीच एक सड़क पुल के साथ-साथ शहर के भिखारीपुर और मंडुआडीह क्रॉसिंग पर फ्लाईओवर और वाराणसी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एनएच-31 पर एक हाईवे अंडरपास रोड सुरंग की आधारशिला रखी। जिसकी लागत तकरीबन 980 करोड़ रुपये से अधिक है। यही नहीं, इस दौरान प्रधानमंत्री ने पिंडरा में सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज, बरकी गांव में सरदार वल्लभभाई पटेल सरकारी कॉलेज, 356 ग्रामीण पुस्तकालय और 100 आंगनवाड़ी केंद्रों सहित कई परियोजनाओं का उद्घाटन (Modi Kashi projects) भी किया। उन्होंने स्मार्ट सिटी मिशन के तहत 77 प्राथमिक स्कूल भवनों के जीर्णोद्धार और चोलापुर, वाराणसी में कस्तूरबा गांधी स्कूल के लिए एक नए भवन के निर्माण की आधारशिला भी रखी। पीएम मोदी ने गंगा नदी पर सामने घाट और शास्त्री घाट के पुनर्विकास, जल जीवन मिशन के तहत 345 करोड़ रुपये से अधिक की 130 ग्रामीण पेयजल योजनाओं, वाराणसी के छह नगरपालिका वार्डों के सुधार और वाराणसी के विभिन्न स्थलों पर भूनिर्माण और मूर्तिकला की स्थापना का भी उद्घाटन किया। Latest News in Hindi Today Hindi News Modi Kashi projects #PMModi #KashiDevelopment #VaranasiProjects #ModiInKashi #3880CroreGift #NewKashi #ModiInVaranasi #KashiTransformation #PMInauguration #KashiInfra

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Why Tahawwur Rana Wore a Brown Jumpsuit in India

Why brown jumpsuit: आखिर ब्राउन रंग के जंपसूट में ही भारत क्यों लाया गया तहव्वुर राणा?

26/11 मुंबई आतंकी हमले का मास्टमाइंड और खूंखार आतंकी तहव्वुर राणा को अमेरिका से भारत लाया जा चुका है। अब उसे एएनआई की कस्टडी में सौंप दिया गया है। इस बीच एनआईएए कस्टडी में उसकी एक फोटो जारी की गई, जो देखते-ही-देखते पूरे मडिया जगत में छा गई। संभवतः सुरक्षा कारणों की उसका चेहरा तो नहीं दिखाया गया लेकिन उसके सिर के पके हुए हुए बाल बहुत ककुछ बयां कर रहे थे। पके बालों के साथ उसके कपड़ों ने भी सभी का ध्यान आकर्षित किया। वो इसलिए कि आमतौर पर अपराधी को काली सफ़ेद पट्टी वाली ड्रेस में देखा गया है। लेकिन इस खूंखार आतंकी को ब्राउन रंग का ढीला सा जंपसूट पहनाया गया था। जिसने में भी उसे इस ड्रेस में देखा उसके मन में यही सवाल आया कि आखिर आतंकी को क्यों इस तरह के ड्रेस में (Why brown jumpsuit) अमेरिका से लाया गया है? विशेष परिस्थितियों में ही कैदियों को इस तरह की यूनिफॉर्म (Why brown jumpsuit) पहनाई जाती है आमतौर पर लोग पैंट-शर्ट, टीशर्ट या कुर्ते पायजामे में दिखाई देते हैं लेकिन तहव्वुर जंपसूट में क्यों? उसका यही जंपसूट लोगों के चर्चा का विषय बना हुआ है। ऐसा नहीं है कि ब्राउन रंग का जंपसूट आतंकी तहव्वुर ने खुद अपनी मर्जी से नहीं पहना है। दरअसल, ब्राउन रंग का जंपसूट अमेरिका में कुछ खास कैदियों की एक तरह से यूनिफॉर्म है। बता दें कि कुछ विशेष परिस्थितियों में ही कैदियों को इस तरह की यूनिफॉर्म (Why brown jumpsuit) पहनाई जाती है। जानकारी के मुताबिक मीडियम से हाई रिस्क वाले कैदियों को इस तरह की यूनिफॉर्म पहनाई जाती है। ऐसा इसलिए कि ताकि उनकी पहचान अलग से हो सके। यही नहीं, भूरे रंग को मनोबल गिराने वाला माना जाता है। आमतौर पर कैदियों में आत्मचिंतन की भावना आए, इस हेतु से भी कैदियों को इस रंग की यूनिफॉर्म दी जाती है। बता दें कि अमेरिका में पहले कैदियों को ऑरेंज रंग की वर्दी भी पहनाई जाती थी।  इसे भी पढ़ें:- इस गाँव में पानी की किल्लत के चलते लड़कों की नहीं हो पा रही है शादी, महिलाएं छोड़ रही हैं ससुराल कैदियों की यूनिफॉर्म महज कपड़े ही नहीं बल्कि सिस्टम और अपराध की प्रकृति को भी (Why brown jumpsuit) दर्शाते हैं गौर करने वाली बात यह कि अमेरिका में समय-समय पर कैदियों की यूनिफॉर्म बदलती रही है। बता दें कि अमेरिका में 1820 से 1930 के बीच जेलों में कैदियों को काली-सफेद पट्टियों वाली वर्दी पहनाई जाती थी। कैदियों की यूनिफॉर्म महज कपड़े ही नहीं बल्कि सिस्टम और अपराध की प्रकृति को भी (Why brown jumpsuit) दर्शाते हैं। यही नहीं, यहां समय के साथ कैदियों के कपड़ों के रंग में भी बदलाव होता रहता है। कभी काली-सफेद पट्टियों वाली यूनिफॉर्म तो कभी चमकीली ऑरेंज रंग की ड्रेस, फिर गुलाबी और अब ब्राउन रंग के जंपसूट।  Latest News in Hindi Today Hindi News  Why brown jumpsuit #TahawwurRana #BrownJumpsuit #ExtraditionNews #IndiaNews #26NovemberAttack #PrisonUniform #RanaExtradition #MumbaiAttack #FBIExtradition #BreakingNews

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Marriage issues due to water shortage

Water crisis affecting marriages: इस गाँव में पानी की किल्लत के चलते लड़कों की नहीं हो पा रही है शादी, महिलाएं छोड़ रही हैं ससुराल

आमतौर पर लड़कों की शादी नहीं होने की कई वजहें हो सकती हैं। मसलन, रंग-रूप नौकरी-चाकरी खानदान इत्यादि। यह तो समझ में आता है कि लड़का गैरजिम्मेदार है या नौकरीपेशा नहीं है तो शादी नहीं हो होती या शादी में दिक्क्तें आती हैं। लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि कहीं पानी के लिए शादी लड़कों की शादी नहीं हो रही है? जी हाँ, सही पढ़ा आपने। बता दें कि ओडिशा के नबरंगपुर जिले के पापड़ाहांडी ब्लॉक में स्थित आदिवासी गांव में पानी की किल्लत की वजह से लड़कों की शादी (water crisis affecting marriages) नहीं हो पा रही है। एक तो गर्मी का गर्म मौसम और ऊपर से बढ़ती पानी की किल्लत दोनों बदाबरली गांव की हालत खस्ता कर दी है। मौजूदा समय में बदाबरली गाँव भयंकर जल संकट से जूझ रहा है। इसका अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि यहाँ के लोगों का जीना दुश्वार हो गया है। यहाँ तक कि न सिर्फ पानी की कमी के चलते युवाओं की शादी हो रही है बल्कि महिलाएं ससुराल छोड़कर अपने मायके लौट जा रही हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो गांव के करीब 200 से ज्यादा परिवारों को रोज पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है।  लोग अपनी बेटियों की शादी यहां करने से (water crisis affecting marriages) कर रहे हैं मना  बढ़ती गर्मी के कारण पानी की मांग तेजी से बढ़ रही है। लेकिन ओडिशा के नबरंगपुर जिले के पापड़ाहांडी ब्लॉक में स्थित आदिवासी गांव बदाबरली इस वक्त भयंकर जल संकट से जूझ रहा है। यहां पानी की ऐसी हालत हो चुकी है कि न सिर्फ लोगों का जीना मुश्किल हो गया है, बल्कि युवाओं की शादी भी टल रही है और कई महिलाएं ससुराल छोड़कर वापस अपने मायके लौट रही हैं। आलम यह है कि गांव के सारे हैंडपंप खराब हो चुके हैं। यही नहीं, आस-पास कोई तालाब या कुआं भी नहीं है। स्थनीय लोगों की माने तो रोजाना उन्हें 1.5 से 2 किलोमीटर दूर पैदल चलकर झरनों से पानी लाना पड़ता है या फिर दूसरे गांवों में जाकर पानी लाना पड़ता है। इसी पानी की किल्लत के चलते लोग अपनी बेटियों की शादी इस गांव में करना ही नहीं चाहते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गांव के ही निवासी रवींद्र नाग ने बताया कि “हमारे गांव में पानी सबसे बड़ी मुसीबत बन गया है। लोग अपनी बेटियों की शादी यहां करने से मना (water crisis affecting marriages)  कर रहे हैं। गांव के तकरीबन 80 युवाओं की शादी नहीं हो पाईहै। इस परेशानी के चलते कई महिलाएं शादी के कुछ दिन बाद ही ससुराल छोड़कर चली गईं।”  इसे भी पढ़ें:- स्टील की दीवारें, मोशन सेंसर, बायोमेट्रिक लॉक और 24 घंटे SWAT तैनात, तहव्वुर राणा को जहां रखा गया उसकी सुरक्षा है बेहद खास जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई नहीं (water crisis affecting marriages) निकला समाधान  शिकायत करने की बात पर गांव वालों का कहना है कि “उन्होंने कई बार जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं (water crisis affecting marriages) निकला। गांव को आधिकारिक तौर पर वॉटर स्कार्सिटी रेड ज़ोन घोषित किया गया है। बदाबरली गांव के लिए एक मेगा ड्रिंकिंग वॉटर प्रोजेक्ट की योजना बनी थी, जिससे पापड़ाहांडी ब्लॉक के 50 गांवों को पानी मिलना था। लेकिन यह योजना नेशनल हाइवे डिपार्टमेंट से पाइपलाइन बिछाने की अनुमति न मिलने के चलते अधर में ही अटकी हुई है। खैर, इस बीच रूरल वाटर सप्लाई एंड सनिटेशन के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर प्रतीक कुमार राउत ने बताया कि “बदाबरली गांव को हमने हाइड्रोलॉजिकल मैप के आधार पर रेड जोन पाया है। पहले गांव में 4 ट्यूबवेल थे, जिनमें 3 खराब हो चुके हैं। हमारी कोशिश है कि जून तक पापड़ाहांडी ब्लॉक के 50 गांवों तक पानी पहुंचाया जाए।” तो वहीं गाँववालों का कहना है कि “यदि जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो वे जोरदार आंदोलन शुरू करेंगे।” ऐसे में बड़ा सवाल यह कि जब सड़क और बिजली गांव तक पहुंच सकती है, तो पीने का पानी क्यों नहीं? कुछ भी हो, सरकार को बिना अधिक देर गंवाए जल्द से जल्द इस गंभीर मुद्दे पर ध्यान देना चाहिए। नहीं तो आने वाले समय में पानी की किल्लत का संकट गहरा सकता है।  Latest News in Hindi Today Hindi News water crisis affecting marriages #WaterCrisis #MarriageProblems #VillageLife #IndianVillages #WaterShortage #BridesLeaving #RuralIndia #WaterScarcity #MarriageCrisis #VillageNews

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Congress Strategy to Counter BJP-RSS Revealed

Congress new strategy: बीजेपी-आरएसएस का मुकाबला करने के लिए अब इस ठोस रणनीति के साथ आगे बढ़ेगी कांग्रेस

अहमदाबाद के अधिवेशन में कांग्रेस ने बीजेपी के खिलाफ लड़ने की रणनीति (Congress new strategy) लगभग तैयार कर ली है। दरअसल, कांग्रेस ने बीजेपी और संघ के खिलाफ राजनीतिक तौर पर ही नहीं बल्कि वैचारिक स्तर पर भी लड़ने का रोडमैप तैयार किया है। अब कांग्रेस अपनी परंपरागत राजनीति से बाहर निकलकर सामाजिक न्याय वाले एजेंडे पर आगे बढ़ने कम मन बना रही है। कारण यही जो, बीजेपी से मुकाबला करने के लिए कांग्रेस ने अपने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और इंडिया गठबंधन के साथ चलने का विजन रखा है। जानकारी के मुताबिक यह रणनीति सामाजिक न्याय, दलित-ओबीसी अधिकारों और संविधान की रक्षा पर केंद्रित है। खैर, इस अधिवेशन में जाति जनगणना और आरक्षण को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं।  मंथन से निकलने वाले निचोड़ को कांग्रेस ने न्याय पथ (Congress new strategy) का दिया है नाम  बता दें कि अहमदाबाद में दो दिनों तक चले चिंतन और मंथन से निकलने वाले निचोड़ को कांग्रेस ने न्याय पथ (Congress new strategy) का नाम दिया है। देशभर से आए तकरीबन 2 हजार नेताओं के बीच कांग्रेस ने जब प्रस्तावना के रूप में अपना आगामी संकल्प सामने रखा, तो वहां मौजूद सभी प्रतिनिधियों ने अपने दोनों हाथ उठाकर इसका स्वागत किया। जानकारी के मुताबिक मौजूदा मोदी सरकार से निपटने के लिए कांग्रेस ने सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक बिंदुओं के साथ-साथ राष्ट्रवाद, विदेश नीति पर प्रस्ताव रखते हुए किसान, युवा, महिलाओं और मुस्लिमों के पक्ष में खड़े रहते हुए उनकी लड़ाई लड़ने की बात कही है।   केवल कांग्रेस ही बीजेपी और संघ से कर सकती है मुकाबला (Congress new strategy) इस दौरान राहुल गांधी ने अपनी बात पर जोर देते हुए कहा कि “कांग्रेस को अन्य पिछड़ा वर्ग तक अपनी पहुंच बढ़ानी होगी और उन्हें उनके हितों की रक्षा करने से पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने कहा कि “पार्टी को निजी क्षेत्र में वंचित वर्गों के लिए आरक्षण की मांग करनी चाहिए। दरअसल, कांग्रेस का पूरा फोकस दलित, ओबीसी और अल्पसंख्यक वोटों को जोड़ने की है। जातीय जनगणना के मुद्दो को उठाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि “हम सत्ता में आएंगे तो हरहाल में जातिगत जनगणना कराएंगे। साथ ही आरक्षण की 50 फीसदी लिमिट को भी खत्म करने की बात कह कर सियासी संदेश दे दिया है।” साथ ही राहुल गांधी ने कहा कि “कांग्रेस और बीजेपी के बीच लड़ाई विचारधारा (Congress new strategy) की है और केवल कांग्रेस ही बीजेपी और संघ से मुकाबला कर सकती है और उन्हें हरा सकती है।” राहुल ने साफ कहा कि “जिन पार्टियों के पास विचाराधारा की स्पष्टता नहीं है, वो बीजेपी और संघ से नहीं लड़ पाएंगे।”  इसे भी पढ़ें:-  रसोई गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ाने पर भड़के तेजस्वी यादव, कहा-‘केंद्र में जब तक एनडीए सरकार रहेगी, देश का नुकसान करेगी’ इंडिया गठबंधन को न सिर्फ मजबूत करना होगा बल्कि इसके तहत एकजुट रहना होगा- मल्लिकार्जुन खरगे अहमदाबाद के कांग्रेस अधिवेशन में पारित राजनीतिक प्रस्ताव (Congress new strategy) में न सिर्फ इंडिया गठबंधन के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता पर जोर दिया गया बल्कि इसके गठन में पार्टी की भूमिका के बारे में भी बताया गया। इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इंडिया गठबंधन का उल्लेख करते हुए कहा कि “संसद में वक्फ विधेयक का विरोध करने में इंडिया ब्लॉक पूरी तरह से एकजुट था। इसलिए हमें इंडिया गठबंधन को न सिर्फ मजबूत करना होगा बल्कि इसके तहत एकजुट रहना होगा और आगे बढ़ना होगा। कुल-मिलाकर अहम बात यह कि बीजेपी के धार्मिक ध्रुवीकरण या फिर हिंदुत्व के दांव को काउंटर करने के लिए कांग्रेस ने सामाजिक न्याय को सियासी हथियार बनाने का फैसला किया है।  Latest News in Hindi Today Hindi News  Congress new strategy #CongressNewStrategy #BJPRSSCounter #IndianPolitics2025 #RahulGandhi #CongressVsBJP #PoliticalPlan #IndiaPolitics #RSSOpposition #CongressUpdates #BJPStrategy

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