बेंगलुरु, 10 सितंबर 2026: भारत रत्न से सम्मानित प्रख्यात वैज्ञानिक प्रोफेसर C. N. R. Rao का नाम Karnataka में चल रही Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया के दौरान voter-list की “discrepancy elector” report में सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया। शुरुआती reports में दावा किया गया कि 92 वर्षीय वैज्ञानिक को अपनी पहचान साबित करने के लिए notice भेजा गया है, लेकिन election officials ने बाद में स्पष्ट किया कि उन्हें कोई formal notice जारी या serve नहीं किया गया है।
‘Self-Name Mismatch’ के कारण Flag हुआ नाम
Chief Electoral Officer, Karnataka की online discrepancy report में Prof. Rao का नाम “self-name mismatch” category में दिखाई दिया।
Bengaluru Urban District Election Officer Maheshwar Rao के अनुसार 2002 की electoral roll में Rao का नाम अलग तरीके से दर्ज था, जबकि मौजूदा voter list में उनकी entry अलग नाम के साथ मौजूद है। इसी mismatch के कारण system ने उनका record flag किया।
2002 और Current Electoral Roll में अलग Entry
Official clarification के मुताबिक 2002 की voter list में Prof. Rao की entry Malleshwaram Assembly constituency में “Rama” नाम से दर्ज थी।
वर्तमान electoral roll में उनका नाम “Prof. C. N. Rao M” के रूप में दर्ज है। इसी अंतर के कारण discrepancy सामने आई।
BLO ने नहीं जारी किया Notice
Election officials के अनुसार discrepancy सामने आने के बाद Booth Level Officer (BLO) ने Prof. Rao को notice जारी करने के बजाय सीधे उनका नाम final electoral roll में शामिल करने की recommendation की।
District Election Officer ने स्पष्ट कहा कि Prof. Rao को SIR प्रक्रिया के संबंध में कोई formal notice नहीं दिया गया है।
CNR Rao के Office ने भी Notice मिलने से किया इनकार
Prof. Rao के office ने भी कहा कि उन्हें notice मिलने की जानकारी नहीं है।
उनके assistant Chandrashekar ने The Indian Express को बताया कि registered mobile number या email पर भी किसी notice या alert की जानकारी नहीं मिली है।
शुरुआती Reports से क्यों हुआ Confusion?
9 सितंबर को कई media reports में दावा किया गया था कि Prof. Rao के नाम में spelling mismatch के कारण उन्हें hearing के लिए बुलाया गया है।
कुछ reports ने current voter entry में “Prof” और “Proff” जैसे spelling difference का भी जिक्र किया था। बाद में authorities की clarification आने के बाद साफ हुआ कि system में discrepancy दिखाई दी थी, लेकिन notice formally serve नहीं किया गया।
43 लाख Voters के लिए Generate हुए हैं Notices
The Indian Express के मुताबिक Karnataka में SIR exercise के दौरान करीब 43 लाख voters ऐसे हैं जिनके records में discrepancies के कारण notices generate हुए हैं।
जिन voters को actual notice मिलता है, उन्हें final electoral roll में नाम बनाए रखने के लिए relevant documents देकर verification कराना पड़ सकता है। Final electoral roll अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में प्रकाशित होने की संभावना है।
CNR Rao कौन हैं?
Prof. C. N. R. Rao भारत के सबसे प्रतिष्ठित scientists में शामिल हैं और solid-state तथा structural chemistry के क्षेत्र में उनके काम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है।
उन्हें 2014 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। वह यह सम्मान पाने वाले देश के चुनिंदा वैज्ञानिकों में शामिल हैं।
आज की Fresh Update क्या है?
इस मामले की 10 सितंबर की प्रमुख fresh update यही है कि election authorities ने उन reports को स्पष्ट रूप से खारिज किया है जिनमें कहा गया था कि Prof. CNR Rao को अपनी पहचान साबित करने के लिए notice दिया गया है।
उनका नाम discrepancy list में जरूर था, लेकिन अधिकारियों के अनुसार उनका नाम final voter list में शामिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है।
source – The Indian Express / PTI / Election Officials
जय राष्ट्र न्यूज़

