सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल 20वें दिन में, 20 जुलाई तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान

नई दिल्ली: पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुक्रवार को 20वें दिन में प्रवेश कर गई। जंतर-मंतर पर जारी इस आंदोलन के दौरान वांगचुक ने कहा कि वे 20 जुलाई तक हर हाल में आंदोलन जारी रखेंगे और उसी दिन प्रस्तावित शांतिपूर्ण संसद मार्च में हिस्सा लेंगे। उनकी सेहत को लेकर बढ़ती चिंता के बीच समर्थकों, सामाजिक संगठनों और कई सार्वजनिक हस्तियों ने सरकार से संवाद शुरू करने की अपील की है। क्या कहा सोनम वांगचुक ने? वांगचुक ने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि वे शारीरिक रूप से कमजोर महसूस कर रहे हैं, लेकिन मानसिक रूप से पूरी तरह दृढ़ हैं। उन्होंने लोगों से 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की और कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को संसद तक पहुंचाना उनका उद्देश्य है। सेहत को लेकर बढ़ी चिंता भूख हड़ताल लंबी खिंचने के कारण वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उनका वजन काफी कम हुआ है और चिकित्सकीय निगरानी जारी है। इसके बावजूद उन्होंने आंदोलन जारी रखने का फैसला दोहराया है। आंदोलन की प्रमुख मांगें वांगचुक का कहना है कि उनका आंदोलन लद्दाख से जुड़े पर्यावरणीय और प्रशासनिक मुद्दों के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था और युवाओं से जुड़े सवालों पर ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। उनका आग्रह है कि सरकार इन मुद्दों पर संवाद कर ठोस समाधान निकाले। राजनीतिक और सार्वजनिक प्रतिक्रिया आंदोलन को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों और सार्वजनिक हस्तियों की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कई नेताओं ने सरकार से बातचीत का रास्ता अपनाने की अपील की है। फिल्मकार किरण राव ने भी संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया, जबकि अभिनेता आमिर खान ने वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। 20 जुलाई के संसद मार्च पर नजर अब सबकी नजर 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च पर है। वांगचुक ने कहा है कि यह मार्च शांतिपूर्ण रहेगा और इसका उद्देश्य लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात संसद तक पहुंचाना है। सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियों पर भी नजर रखी जा रही है। निष्कर्ष सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन चुकी है। आंदोलन के 20वें दिन उनकी सेहत, सरकार की संभावित प्रतिक्रिया और 20 जुलाई के संसद मार्च को लेकर पूरे देश की नजर इस घटनाक्रम पर बनी हुई है। Source: PTI एवं सार्वजनिक रूप से उपलब्ध विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट। Original Report: उपलब्ध आधिकारिक और सार्वजनिक जानकारी के आधार पर तैयार। जय राष्ट्र न्यूज़

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IMD का भारी बारिश अलर्ट: ओडिशा, बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर राज्यों में अगले 24 घंटे सतर्क रहने की सलाह

नई दिल्ली: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में सक्रिय दक्षिण-पश्चिम मानसून और बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने सशक्त निम्न दबाव क्षेत्र (Well-Marked Low Pressure Area) को देखते हुए ओडिशा, बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में गरज-चमक, तेज़ हवाओं और जलभराव की भी आशंका जताई है। किन राज्यों में सबसे अधिक असर? IMD के अनुसार, सबसे अधिक प्रभाव ओडिशा में देखने को मिल सकता है, जहां कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना है। इसके अलावा बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, गंगीय पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड तथा अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है। बारिश की वजह क्या है? मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और ओडिशा–पश्चिम बंगाल तट के पास बना निम्न दबाव क्षेत्र लगातार सक्रिय है। इसके प्रभाव से पूर्वी, उत्तर-पूर्वी और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में नमी की आपूर्ति बढ़ी है, जिससे व्यापक वर्षा की स्थिति बनी हुई है। बाढ़ और भूस्खलन का खतरा भारी वर्षा वाले इलाकों में निचले क्षेत्रों में जलभराव, छोटी नदियों के जलस्तर में वृद्धि, पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन तथा सड़क यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। स्थानीय प्रशासन को आवश्यक एहतियाती कदम उठाने और संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने की सलाह दी गई है। लोगों के लिए IMD की सलाह मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि— दिल्ली-NCR का मौसम जहां पूर्वी भारत में भारी बारिश का दौर जारी है, वहीं दिल्ली-एनसीआर में गर्म और उमस भरा मौसम बने रहने का अनुमान है। हालांकि कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बादल छाए रहने की संभावना जताई गई है। कृषि पर असर विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार वर्षा खरीफ फसलों के लिए कई क्षेत्रों में लाभदायक हो सकती है, लेकिन अत्यधिक बारिश वाले इलाकों में जलभराव से धान, सब्जियों और अन्य फसलों को नुकसान भी पहुंच सकता है। किसानों को मौसम आधारित कृषि सलाह का पालन करने की सलाह दी गई है। निष्कर्ष सक्रिय मानसून और निम्न दबाव क्षेत्र के कारण पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। IMD ने लोगों से सतर्क रहने, मौसम संबंधी आधिकारिक अपडेट पर नजर रखने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है। Source: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD), पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय। Original Report: IMD के आधिकारिक मौसम बुलेटिन और विश्वसनीय समाचार रिपोर्टों के आधार पर तैयार। जय राष्ट्र न्यूज़

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IMD Heavy Rain Alert 2026: पूर्वी, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी

IMD Heavy Rain Alert 2026: कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी नई दिल्ली: IMD Heavy Rain Alert 2026 के तहत भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज पूर्वी, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का ताज़ा अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र (Low Pressure Area) और मानसून ट्रफ की सक्रियता के कारण अगले 24 से 48 घंटों के दौरान कई इलाकों में तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है। किन राज्यों के लिए जारी हुआ अलर्ट? IMD के अनुसार आज ओडिशा, पश्चिम बंगाल (गंगीय क्षेत्र), बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कई स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है। वहीं उत्तराखंड और पूर्वी हिमालयी क्षेत्रों में भी कुछ स्थानों पर तेज बारिश की संभावना जताई गई है। क्यों बढ़ी बारिश की गतिविधि? मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने निम्न दबाव क्षेत्र और सक्रिय मानसून ट्रफ के कारण पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में नमी की मात्रा बढ़ गई है। यही प्रणाली अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में लगातार बारिश का कारण बन सकती है। क्या हो सकता है असर? IMD ने चेतावनी दी है कि लगातार भारी बारिश के कारण— प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। लोगों के लिए IMD की सलाह मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि— किसानों और यात्रियों के लिए सलाह विशेषज्ञों ने किसानों को खेतों में जलनिकासी की व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी है। वहीं यात्रियों को यात्रा से पहले मौसम की जानकारी लेने और संभावित देरी को ध्यान में रखते हुए योजना बनाने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों की राय मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जुलाई के मध्य में मानसून की यह सक्रिय स्थिति सामान्य मौसमी चक्र का हिस्सा है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा के कारण स्थानीय स्तर पर बाढ़ और भूस्खलन जैसी स्थितियां बन सकती हैं। इसलिए सतर्कता और समय पर चेतावनी का पालन करना आवश्यक है। निष्कर्ष IMD Heavy Rain Alert 2026 के तहत पूर्वी, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में अगले 24–48 घंटों तक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने नागरिकों से सतर्क रहने और केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर भरोसा करने की अपील की है। प्रशासन भी संभावित आपदा की स्थिति से निपटने के लिए तैयारियों में जुटा हुआ है। Source: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय। Original Report: IMD द्वारा 16 जुलाई 2026 को जारी आधिकारिक मौसम बुलेटिन और नवीनतम चेतावनियों के आधार पर तैयार। जय राष्ट्र न्यूज़

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18वें दिन भी जारी सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल, जंतर-मंतर पहुंचीं स्वरा भास्कर

नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधार के पैरोकार सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल 18वें दिन भी जारी है। वह कथित परीक्षा अनियमितताओं के मुद्दे पर जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच अभिनेत्री स्वरा भास्कर जंतर-मंतर पहुंचीं और आंदोलन में शामिल होकर सोनम वांगचुक से मुलाकात की। उन्होंने सोशल मीडिया पर मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए आंदोलन का समर्थन किया और लिखा कि यह “बच्चों के भविष्य की लड़ाई” है। वहीं, अभिनेता अभय देओल, नसीरुद्दीन शाह, ओमी वैद्य, रुबीना दिलैक और जीनत अमान सहित कई कलाकार भी पहले ही वांगचुक के समर्थन में अपनी प्रतिक्रिया दे चुके हैं। जय राष्ट्र न्यूज | सच के साथ

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IMD ने कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया, उत्तराखंड सहित पूर्वी भारत में विशेष निगरानी

नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई राज्यों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा और पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान तेज बारिश होने की संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में जलभराव की आशंका को देखते हुए प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। उत्तराखंड में रेड अलर्ट, संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर IMD ने उत्तराखंड के कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। देहरादून, रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी, चमोली, उत्तरकाशी, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जैसे पहाड़ी जिलों में अत्यधिक वर्षा की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने चारधाम यात्रा मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी है और यात्रियों से मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की अपील की है। पूर्वी भारत में भी भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग के अनुसार, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर राज्यों में सक्रिय मानसूनी प्रणाली के कारण कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। निचले इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में वृद्धि की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासनों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। शहरी क्षेत्रों में जलभराव की आशंका दिल्ली-एनसीआर सहित कई बड़े शहरों में रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। वहीं कोलकाता, पटना, गुवाहाटी, देहरादून और अन्य शहरों में भारी वर्षा के कारण ट्रैफिक प्रभावित हो सकता है। नगर निकायों को जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने और आपातकालीन टीमें तैनात रखने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों के लिए IMD की सलाह मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों में न रहने और मौसम विभाग द्वारा जारी आधिकारिक चेतावनियों का पालन करने की भी सलाह दी गई है। राहत और बचाव एजेंसियां अलर्ट पर राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और स्थानीय प्रशासन को संवेदनशील जिलों में अलर्ट मोड पर रखा गया है। संभावित बाढ़ और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, बचाव उपकरण और आपातकालीन दलों की तैनाती की जा रही है। कृषि पर भी पड़ेगा असर कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बारिश से धान, मक्का और अन्य खरीफ फसलों को कुछ क्षेत्रों में लाभ मिल सकता है, लेकिन अत्यधिक वर्षा वाले इलाकों में जलभराव के कारण फसलों को नुकसान भी पहुंच सकता है। किसानों को मौसम विभाग की सलाह के अनुसार खेतों में जल निकासी की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है। निष्कर्ष देश के कई हिस्सों में सक्रिय मानसून के चलते अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। IMD ने नागरिकों से सतर्क रहने, प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और मौसम संबंधी अपडेट केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त करने की अपील की है। Source: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA)। Original Report: IMD द्वारा जारी नवीनतम मौसम बुलेटिन और आधिकारिक चेतावनी के आधार पर तैयार। जय राष्ट्र न्यूज़

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उत्तराखंड के लिए IMD का रेड अलर्ट, कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी; प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील

नई दिल्ली/देहरादून: भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मानसून की सक्रियता को देखते हुए उत्तराखंड के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि राज्य के कई पर्वतीय क्षेत्रों में अत्यधिक से बहुत भारी वर्षा, तेज गर्जना, आकाशीय बिजली और अचानक जलभराव तथा भूस्खलन जैसी घटनाएं हो सकती हैं। इसके साथ ही बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम, मेघालय और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। उत्तराखंड में रेड अलर्ट क्यों? IMD के अनुसार, उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान अत्यधिक बारिश होने की संभावना है। भारी वर्षा के कारण नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ सकता है, जबकि संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा भी बना हुआ है। मौसम विभाग ने स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। किन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट? मौसम विभाग के अनुसार उत्तराखंड के अलावा बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कई स्थानों पर गरज-चमक, तेज हवाएं और बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है। चारधाम यात्रा और पहाड़ी इलाकों में विशेष सतर्कता लगातार हो रही बारिश को देखते हुए चारधाम यात्रा मार्गों और अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने यात्रियों से मौसम की ताज़ा जानकारी लेकर ही यात्रा करने को कहा है। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। प्रशासन अलर्ट मोड पर उत्तराखंड सहित कई राज्यों में जिला प्रशासन, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और अन्य एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है तथा आवश्यकता पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की गई है। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन का पालन करने की अपील की है। लोगों के लिए IMD की सलाह मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान नदी-नालों के किनारे जाने से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही न करने और बिजली चमकने के समय खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है। पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही किसानों और यात्रियों से भी मौसम अपडेट पर लगातार नजर रखने को कहा गया है। अन्य राज्यों में भी असर दिल्ली-एनसीआर में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में गिरावट और उमस से राहत मिल सकती है। हालांकि कुछ स्थानों पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी व्यक्त की गई है। वहीं पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मानसून की गतिविधियां अधिक सक्रिय रहने का अनुमान है। निष्कर्ष मानसून के सक्रिय दौर को देखते हुए भारतीय मौसम विभाग ने उत्तराखंड के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए लोगों से अत्यधिक सतर्क रहने की अपील की है। कई अन्य राज्यों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। ऐसे में नागरिकों को मौसम विभाग की आधिकारिक सलाह का पालन करना चाहिए और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए। Source: भारतीय मौसम विभाग (IMD) एवं संबंधित राज्य प्रशासन। Original Report: IMD के आधिकारिक मौसम बुलेटिन और विश्वसनीय समाचार रिपोर्टों के आधार पर तैयार। जय राष्ट्र न्यूज़

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दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत में लगातार बारिश के बीच प्रशासन अलर्ट पर, कई जिलों में एहतियाती कदम

नई दिल्ली, 11 जुलाई। दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश के बाद प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) द्वारा अगले 24 से 48 घंटों तक भारी वर्षा की संभावना जताए जाने के बाद दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद सहित कई जिलों में आपदा प्रबंधन, नगर निकाय, पुलिस और बिजली विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है। कई स्थानों पर जलभराव, ट्रैफिक जाम और निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति को देखते हुए विशेष निगरानी की जा रही है। कई विभागों को किया गया अलर्ट दिल्ली सरकार, जिला प्रशासन और नगर निगमों ने बारिश से उत्पन्न होने वाली किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए नियंत्रण कक्ष सक्रिय कर दिए हैं। जल निकासी व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पंप लगाए गए हैं ताकि जलभराव को जल्द से जल्द हटाया जा सके। ट्रैफिक और परिवहन पर असर लगातार बारिश के कारण कई प्रमुख सड़कों पर वाहनों की गति धीमी रही। ट्रैफिक पुलिस ने नागरिकों से आवश्यक होने पर ही यात्रा करने तथा मौसम और ट्रैफिक अपडेट देखकर घर से निकलने की अपील की है। कुछ स्थानों पर जलभराव के कारण वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह भी दी गई है। उत्तर प्रदेश और हरियाणा में भी सतर्कता दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कई जिलों में भी प्रशासन ने बाढ़ नियंत्रण और राहत दलों को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। नदियों और नालों के आसपास रहने वाले लोगों से सावधानी बरतने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। आपदा प्रबंधन टीमें तैनात संभावित आपात स्थिति को देखते हुए राष्ट्रीय और राज्य आपदा प्रबंधन एजेंसियों के साथ स्थानीय प्रशासन समन्वय बनाए हुए है। जलभराव वाले इलाकों, संवेदनशील पुलों और निचले क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव अभियान तुरंत शुरू किए जाने की तैयारी है। नागरिकों के लिए जारी सलाह प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि— मौसम विभाग का पूर्वानुमान भारतीय मौसम विभाग के अनुसार सक्रिय मानसून के प्रभाव से अगले दो दिनों तक दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की भी संभावना है, जिससे जलभराव और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित हो सकता है। प्रशासन की अपील अधिकारियों ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन तथा प्रशासन द्वारा जारी सूचनाओं का पालन करने की अपील की है। सभी संबंधित विभागों को चौबीसों घंटे निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। स्रोत:भारतीय मौसम विभाग (IMD), दिल्ली सरकार, संबंधित राज्य प्रशासन एवं सार्वजनिक मौसम बुलेटिन। मूल रिपोर्ट:11 जुलाई 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक मौसम अपडेट और प्रशासनिक जानकारी के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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बारुईपुर बलात्कार-हत्या मामला: पश्चिम बंगाल पुलिस ने जांच तेज की; झोपड़ी को संभावित अपराध स्थल के रूप में जांचा जा रहा है

पोस्टमार्टम से पता चलता है कि शव को फेंके जाने के समय पीड़ित जीवित था। रविवार को पुलिस ने जिले के बारुईपुर इलाके में किशोरी के घर के पास एक तालाब से उसका शव बरामद किया , जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। क्रोधित भीड़ ने घटना में संलिप्तता के संदेह में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी। मामला सामने आते ही पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर घटना की जांच शुरू कर दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, नाबालिग के सिर पर किसी भारी वस्तु से प्रहार किया गया था या उसे किसी कठोर सतह पर पटका गया था। इसके अलावा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चलता है कि बच्ची को जब तालाब में फेंका गया था तब वह जीवित थी, क्योंकि उसके फेफड़ों और पेट में पानी पाया गया था। पीटीआई ने पुलिस के हवाले से बताया कि सिर में गंभीर चोट लगने और डूबने से अत्यधिक रक्तस्राव के कारण महिला की मौत हुई। सोमवार को पुलिस ने इस मामले के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, इससे पहले दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जा चुका था। घटना के संबंध में तीन अन्य व्यक्तियों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था। एसआईटी ने जांच तेज की रविवार को इस मामले की जांच के लिए छह सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था। बलात्कार-हत्या और पीट-पीटकर हत्या की घटना की चल रही जांच के तहत अधिकारियों ने चार एफआईआर भी दर्ज की हैं। समाचार एजेंसी ने एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के हवाले से बताया, “जांच एक महत्वपूर्ण चरण में है। हम सभी सबूतों की जांच कर रहे हैं। प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट की पुष्टि जांच के दौरान एकत्र की गई अन्य सामग्री से की जा रही है।” इसके अलावा, जांचकर्ता उस इलाके के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रहे हैं जिसमें कथित तौर पर चार लोग 12 वर्षीय बच्ची को ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस संदिग्धों की पहचान करने और अपराध में उनकी भूमिका निर्धारित करने के लिए फुटेज का विश्लेषण भी कर रही है। कथित बलात्कार और हत्या को लेकर जनता के बढ़ते आक्रोश के बीच, भारतीय न्याय सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत बरुइपुर और आसपास के इलाकों के कुछ हिस्सों में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भी लड़की के पिता से बात की और उन्हें आश्वासन दिया कि दोषियों को गिरफ्तार कर न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। बातचीत के दौरान, पिता ने कथित तौर पर आरोपी के लिए मृत्युदंड की मांग की।

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मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के ‘मिसिंग लिंक’ मार्ग पर यातायात बहाल, भूस्खलन के बाद प्रशासन अलर्ट

मुंबई, 7 जुलाई। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के नए ‘मिसिंग लिंक’ (कनेक्टिंग लिंक) सेक्शन पर भारी मानसूनी बारिश के कारण हुए भूस्खलन के बाद बंद किया गया मुंबई की ओर जाने वाला मार्ग अब दोबारा खोल दिया गया है। महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) ने मलबा हटाने और विस्तृत सुरक्षा निरीक्षण पूरा होने के बाद यातायात बहाल करने की अनुमति दी। टनल-2 के पास हुआ भूस्खलन अधिकारियों के अनुसार भूस्खलन टनल-2 के निकास क्षेत्र के पास हुआ, जहां भारी बारिश के कारण बड़ी मात्रा में मिट्टी और चट्टानें सड़क पर आ गईं। एहतियात के तौर पर मुंबई की ओर जाने वाला मार्ग तत्काल बंद कर दिया गया ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो। 18 घंटे बाद यातायात सामान्य MSRDC, पुलिस और आपदा प्रबंधन टीमों ने युद्धस्तर पर मलबा हटाने का अभियान चलाया। सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद लगभग 18 घंटे के भीतर यातायात दोबारा शुरू कर दिया गया। हालांकि कुछ हिस्सों में वाहनों की गति नियंत्रित रखी गई है और निगरानी जारी है। मानसून के बीच बढ़ाई गई निगरानी लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन ने पूरे घाट क्षेत्र में अतिरिक्त निगरानी शुरू कर दी है। संवेदनशील स्थानों पर इंजीनियरों और तकनीकी टीमों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी संभावित भूस्खलन की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। यात्रियों से सावधानी बरतने की अपील अधिकारियों ने यात्रियों से मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की अपील की है। भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और यातायात पुलिस द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की भी अपील की गई है। राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज घटना के बाद एक्सप्रेसवे परियोजना की गुणवत्ता और मानसून के लिए तैयारियों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। राज्य सरकार ने कहा है कि रिकॉर्ड बारिश के कारण यह स्थिति बनी और भविष्य में ऐसे जोखिम कम करने के लिए तकनीकी समीक्षा कराई जाएगी। भविष्य की रणनीति विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिमी घाट जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार भू-वैज्ञानिक निगरानी, ढलानों की मजबूती और वर्षा जल निकासी व्यवस्था को और बेहतर बनाने की आवश्यकता है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मानसून के पूरे मौसम में मिसिंग लिंक सेक्शन पर 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। स्रोत:महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC), महाराष्ट्र पुलिस एवं आधिकारिक प्रशासनिक जानकारी। मूल रिपोर्ट:7 जुलाई 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक जानकारी और विश्वसनीय समाचार स्रोतों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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मुंबई में भारी बारिश के कारण आज स्कूल-कॉलेज बंद, सरकारी और निजी कार्यालय सामान्य रूप से खुले

मुंबई, 6 जुलाई। मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए आज सभी स्कूलों और कॉलेजों में अवकाश घोषित किया है। विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। वहीं, सरकारी और निजी कार्यालय सामान्य रूप से खुले रहेंगे, हालांकि कर्मचारियों को यात्रा के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित बीते कई घंटों से जारी भारी बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। कुछ प्रमुख सड़कों पर यातायात धीमा पड़ा है और कई स्थानों पर जल निकासी का कार्य लगातार जारी है। विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता प्रशासन का कहना है कि मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए छात्रों और अभिभावकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी कारण स्कूलों और कॉलेजों को एक दिन के लिए बंद रखने का निर्णय लिया गया है। शैक्षणिक संस्थानों ने भी विद्यार्थियों और अभिभावकों को आधिकारिक माध्यमों से सूचना जारी कर दी है। कार्यालय रहेंगे खुले सरकारी और निजी कार्यालयों में सामान्य कार्य जारी रहेगा। हालांकि प्रशासन ने संस्थानों से कर्मचारियों को आवश्यकता के अनुसार लचीला कार्य समय या वर्क फ्रॉम होम जैसी सुविधाएं देने पर भी विचार करने की सलाह दी है, यदि मौसम की स्थिति और अधिक खराब होती है। BMC और प्रशासन अलर्ट पर बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC), पुलिस, अग्निशमन विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी कर रही हैं। जलभराव वाले क्षेत्रों में पंपिंग सिस्टम के जरिए पानी निकालने का कार्य जारी है और आपातकालीन सेवाओं को पूरी तरह सक्रिय रखा गया है। IMD ने जारी की चेतावनी भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले कुछ घंटों तक मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है। नागरिकों से समुद्र तटों, जलभराव वाले इलाकों और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है। लोगों के लिए एडवाइजरी प्रशासन ने नागरिकों से मौसम विभाग की आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने, आपात स्थिति में हेल्पलाइन का उपयोग करने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है। यात्रा से पहले ट्रैफिक और सार्वजनिक परिवहन की स्थिति की जानकारी लेने की भी सलाह दी गई है। आगे की राह मौसम विभाग की अगली समीक्षा के बाद स्कूलों और कॉलेजों के संचालन पर आगे का निर्णय लिया जाएगा। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए जा सकते हैं। स्रोत:बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC), भारतीय मौसम विभाग (IMD) एवं महाराष्ट्र प्रशासन की आधिकारिक जानकारी। मूल रिपोर्ट:6 जुलाई 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक मौसम बुलेटिन और प्रशासनिक अपडेट के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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