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PM Modi आज Gujarat और Maharashtra दौरे पर, Vadodara को ₹35,000 करोड़ से ज्यादा के Projects; Mumbai में Global Fintech Fest का उद्घाटन

नई दिल्ली, 8 सितंबर 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज Gujarat और Maharashtra के महत्वपूर्ण दौरे पर हैं। Vadodara में वह ₹35,000 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पण करेंगे। इसके बाद शाम को Mumbai पहुंचकर Global Fintech Fest (GFF) 2026 का उद्घाटन करेंगे और कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। दोपहर 12 बजे Vadodara में बड़ा कार्यक्रम Prime Minister’s Office के मुताबिक PM Modi दोपहर करीब 12 बजे Vadodara में विभिन्न infrastructure projects की शुरुआत करेंगे। इनमें railway, highways, freight corridor, urban infrastructure, housing, water supply और renewable energy से जुड़े projects शामिल हैं। Western Dedicated Freight Corridor होगा पूरी तरह Operational दौरे का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा Western Dedicated Freight Corridor (WDFC) के तीन sections को राष्ट्र को समर्पित करना है। इन तीन sections की कुल लंबाई 326 route kilometres है और इन पर ₹20,700 करोड़ से अधिक खर्च हुआ है। इनमें: शामिल हैं। इन sections के शुरू होने के साथ Dedicated Freight Corridor network अपनी पूरी लंबाई में operational हो जाएगा। JNPA तक मिलेगी Direct Freight Connectivity New JNPT section के शुरू होने से Jawaharlal Nehru Port Authority (JNPA) को Dedicated Freight Corridor से सीधी connectivity मिलेगी। सरकार का कहना है कि इससे export-import cargo की आवाजाही तेज होगी, logistics cost कम करने में मदद मिलेगी और Mumbai railway network पर freight traffic का दबाव भी घटेगा। तीन Railway Projects पर ₹9,700 करोड़ से ज्यादा खर्च PM Modi आज तीन नई railway projects की foundation stone भी रखेंगे। इनकी कुल लंबाई करीब 329 km और लागत ₹9,700 करोड़ से अधिक है। Projects में: शामिल हैं। इनसे Gujarat और Madhya Pradesh के बीच passenger और freight capacity बढ़ने की उम्मीद है। ₹1,780 करोड़ के तीन Highway Projects प्रधानमंत्री तीन National Highway projects का भी शिलान्यास करेंगे, जिनकी लागत करीब ₹1,780 करोड़ है। इसमें NH-48 के Kamrej–Chalthan section को six-lane करना, Tapi और Narmada पर अतिरिक्त major bridges और NH-53 पर Abhava, Mindhola तथा Khajod junctions पर grade-separated structures शामिल हैं। Kadana Dam पर बनेगा 110 MW Floating Solar Project Gujarat government की करीब ₹2,600 करोड़ की परियोजनाएं भी आज शुरू या inaugurate होंगी। इनमें Vadodara Urban Development Authority Ring Road Phase-II और Kadana Dam पर 110 MW floating solar project प्रमुख हैं। इसके अलावा Vadodara Municipal Corporation के नए office, PMAY housing और पूर्वी Vadodara के 11 गांवों के लिए water-supply project भी शामिल हैं। शाम 5:45 बजे Mumbai में Global Fintech Fest Vadodara के बाद PM Modi Maharashtra पहुंचेंगे। शाम करीब 5:45 बजे Mumbai में Global Fintech Fest 2026 का उद्घाटन करेंगे। GFF का सातवां edition 8 से 11 सितंबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। इसमें policymakers, central banks, financial institutions, fintech companies, technology firms और global investors हिस्सा ले रहे हैं। AI, Tokenisation और Quantum पर रहेगा Focus इस साल Global Fintech Fest की theme है: “Potential to Impact: Agentic AI, Tokenisation, Quantum – Trusted, Connected, Global Systems for Inclusive Finance.” सम्मेलन में Agentic AI, programmable finance, tokenisation, quantum technologies और emerging financial technologies के जरिए inclusive और secure financial systems विकसित करने पर चर्चा होगी। Infrastructure से Fintech तक एक दिन में दो बड़े कार्यक्रम PM Modi का आज का Gujarat-Maharashtra दौरा infrastructure और technology दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण है। Vadodara में freight, railway, highways और renewable-energy projects पर जोर रहेगा, जबकि Mumbai में focus भारत की digital payments और fintech leadership को global level पर आगे बढ़ाने पर होगा। source – Prime Minister’s Office / PIBजय राष्ट्र न्यूज़

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सत्य निकेतन में पांच मंजिला PG इमारत भरभराकर गिरी, 7 की मौत; मलबे में अब भी लोगों की तलाश

नई दिल्ली, 7 सितंबर 2026: दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में छात्रों के PG के रूप में इस्तेमाल की जा रही पांच मंजिला इमारत के ढहने से बड़ा हादसा हो गया। रविवार दोपहर अचानक पूरी इमारत कुछ ही सेकंड में जमींदोज हो गई। आज तक हादसे में 7 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 11 लोगों को बचाया गया है। राहत एवं बचाव टीमें मलबे में फंसे अन्य लोगों की तलाश कर रही हैं। दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ हादसा Delhi Police को 6 सितंबर को दोपहर करीब 1:30 बजे Satya Niketan में building collapse की PCR call मिली थी। सूचना मिलते ही Delhi Police, Delhi Fire Services, NDRF, DDMA और ambulance teams मौके पर पहुंचीं और बड़े स्तर पर rescue operation शुरू किया गया। CCTV में कैद हुआ इमारत गिरने का खौफनाक मंजर हादसे का CCTV footage भी सामने आया है। वीडियो में इमारत से पहले मलबा गिरता दिखाई देता है और कुछ ही सेकंड बाद पूरी building भरभराकर नीचे आ जाती है। पास मौजूद एक दुकानदार खतरा देखकर समय रहते भागता हुआ भी दिखाई देता है। Basement और Ground Floor पर चल रहा था काम पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि लगभग 40 से 50 साल पुरानी इमारत में renovation और basement से जुड़ा काम चल रहा था। अधिकारियों को आशंका है कि structural pillar या walls से छेड़छाड़ के कारण building कमजोर हुई होगी। हादसे के सही कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चलेगा। PG में रहते थे Delhi University के छात्र इस building का इस्तेमाल student PG के रूप में किया जा रहा था। Satya Niketan Delhi University के South Campus के नजदीक है और यहां बड़ी संख्या में छात्र PG और hostels में रहते हैं। हादसे के समय इमारत के अंदर कई छात्रों के मौजूद होने की आशंका जताई गई थी। Building Owner के खिलाफ FIR Delhi Police ने कथित building owner Hariram Bansal और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। मामला BNS की धारा 105, 290 और 125(a) सहित संबंधित provisions के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस ने मालिक की तलाश के लिए कई teams बनाई हैं और उसके खिलाफ Look Out Circular भी जारी किया गया है। पांच MCD अधिकारी Suspended आज Delhi government ने हादसे के बाद बड़ी administrative कार्रवाई करते हुए MCD के पांच अधिकारियों को suspend कर दिया। इनमें South Zone के Deputy Commissioner और building department से जुड़े engineering officials शामिल हैं। आसपास की unsafe buildings की जांच और demolition की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। PM Modi ने जताया दुख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। PMO ने कहा कि authorities मौके पर राहत और सहायता उपलब्ध करा रही हैं। Rescue Operation जारी NDRF और अन्य agencies मलबा हटाकर search operation चला रही हैं। आसपास की कमजोर इमारतों को भी खाली कराया जा रहा है ताकि किसी और हादसे का खतरा न रहे। हादसे ने Satya Niketan में चल रहे student PGs की building safety और construction norms पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। source – India Today / Aaj Tak / PIBजय राष्ट्र न्यूज़

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India-China के बीच Arunachal Pradesh में पहली Corps Commander-level talks, LAC के मुद्दों पर चर्चा

नई दिल्ली, 6 सितंबर 2026: भारत और चीन के बीच Line of Actual Control (LAC) पर तनाव कम करने और लंबित सीमा मुद्दों पर बातचीत के लिए आज Arunachal Pradesh में पहली बार Corps Commander-level military talks आयोजित की गईं। दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी Wacha-Damai Border Meeting Point पर आमने-सामने बैठे। Eastern Sector में पहली Corps Commander-level Meeting Eastern sector में दोनों देशों के Corps Commander स्तर के अधिकारियों के बीच यह अपनी तरह की पहली बैठक बताई जा रही है। इससे पहले India-China military talks का मुख्य फोकस Eastern Ladakh में बने friction points पर रहा था। Lt Gen Girish Kalia ने किया भारतीय पक्ष का नेतृत्व रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व III Corps Commander Lieutenant General Girish Kalia कर रहे हैं। III Corps का मुख्यालय Nagaland के Rangapahar में है और इसकी जिम्मेदारियों में Arunachal Pradesh के central और eastern sectors के हिस्से शामिल हैं। LAC के लंबित मुद्दों पर फोकस बैठक में Arunachal Pradesh से लगती LAC पर मौजूदा स्थिति, unresolved issues और border पर peace तथा stability बनाए रखने के तरीकों पर चर्चा प्रमुख एजेंडे में है। हाल के दिनों में Upper Subansiri जिले के Taksing क्षेत्र को लेकर भी तनाव की रिपोर्ट सामने आई थी। Doval-Wang बैठक के बाद Military Dialogue यह बातचीत National Security Adviser Ajit Doval और Chinese Foreign Minister Wang Yi के बीच 25 अगस्त को Beijing में हुई 25वीं Special Representatives-level boundary talks के कुछ दिनों बाद हो रही है। उस बैठक में दोनों पक्षों ने सीमा क्षेत्रों में शांति बनाए रखने और संवाद के मौजूदा mechanisms को मजबूत करने पर जोर दिया था। नए Military Hotlines पर भी चल रही चर्चा भारत और चीन सीमा पर किसी गलतफहमी या escalation को रोकने के लिए नए military communication mechanisms पर भी काम कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक Indian Army के Eastern और Central Commands को Chinese side से जोड़ने के लिए नए hotlines स्थापित करने की योजना पर विचार किया जा रहा है। अभी Outcome का इंतजार आज की Corps Commander-level meeting को दोनों देशों के बीच eastern sector में military communication बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि बातचीत से किसी समझौते, disengagement या अन्य निर्णय की official घोषणा अभी सामने नहीं आई है। source – Times of India / India Today / Hindustan Timesजय राष्ट्र न्यूज़

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स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के बाद समर्थकों का प्रदर्शन, केस वापस लेने की मांग; पुलिस स्टेशन के बाहर बढ़ाई गई सुरक्षा

नई दिल्ली, 6 सितंबर 2026: जंतर-मंतर मारपीट मामले में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थकों ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किया। समर्थक Parliament Street Police Station के बाहर जुटे और भारद्वाज के खिलाफ की गई पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग की। पुलिस स्टेशन के बाहर बढ़ाई गई सुरक्षा समर्थकों के जुटने की सूचना के बाद Parliament Street Police Station के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। पुलिस ने कई स्थानों पर barricades लगाए और एहतियात के तौर पर paramilitary personnel भी तैनात किए। समर्थकों ने कार्रवाई को बताया एकतरफा प्रदर्शन में शामिल लोगों ने आरोप लगाया कि स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई एकतरफा तरीके से की जा रही है। समर्थकों ने दावा किया कि जंतर-मंतर पर हुई मारपीट की परिस्थितियों और भारद्वाज के self-defence के दावे को भी जांच में ध्यान में रखा जाना चाहिए। ये प्रदर्शनकारियों के दावे हैं और मामले की जांच अभी जारी है। SC/ST Act और POCSO को लेकर भी जताया विरोध भारद्वाज के समर्थकों ने मामले में जोड़ी गई SC/ST Act की धाराओं और एक अलग शिकायत पर दर्ज POCSO case को लेकर भी सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और पुलिस से भारद्वाज के खिलाफ दर्ज मामलों की समीक्षा और उन्हें वापस लेने की मांग की। जंतर-मंतर की घटना से जुड़ा है मामला स्वतंत्र भारद्वाज पर आरोप है कि जुलाई में जंतर-मंतर पर हुए CJP-led protest के दौरान उन्होंने एक नाबालिग छात्र कार्यकर्ता के पिता के साथ मारपीट की थी। मामला उस समय फिर सुर्खियों में आया जब भारद्वाज का एक podcast clip वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने हमले को लेकर विवादित दावे किए थे। भारद्वाज बाद में इसे self-defence में हुई घटना बताते रहे हैं। Bulandshahr से हिरासत में लिए गए थे भारद्वाज Delhi Police ने भारद्वाज को 4 सितंबर को उत्तर प्रदेश के Bulandshahr से हिरासत में लिया था। इसके बाद 5 सितंबर को उन्हें formally arrest किया गया और अदालत ने एक दिन की police custody मंजूर की। आज Judicial Custody में भेजा गया मामले में आज 6 सितंबर को नई कानूनी कार्रवाई हुई। दिल्ली की अदालत ने स्वतंत्र भारद्वाज को एक दिन की judicial custody में भेज दिया। उन्हें video conferencing के जरिए duty magistrate के सामने पेश किया गया। मामले में जांच और न्यायिक प्रक्रिया जारी है। समर्थकों और शिकायतकर्ताओं के अलग-अलग दावों की अंतिम सत्यता अदालत और जांच एजेंसियों की प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी। source – PTI / The Tribune / ABP Newsजय राष्ट्र न्यूज़

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रघुवीर घाट में भूस्खलन, 15–20 गांवों का संपर्क प्रभावित; सड़क पर गिरीं विशाल चट्टानें

रत्नागिरी, महाराष्ट्र: रत्नागिरी और सातारा जिलों को जोड़ने वाले रघुवीर घाट में भारी भूस्खलन के कारण यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। 3 सितंबर की रात पहाड़ी से मिट्टी, पत्थर और बड़ी-बड़ी चट्टानें सड़क पर गिर गईं, जिसके बाद दोनों तरफ से वाहनों की आवाजाही रुक गई। इस घटना से घाट क्षेत्र के करीब 15 से 20 गांवों का रत्नागिरी से संपर्क प्रभावित हुआ है। रत्नागिरी-सातारा के बीच महत्वपूर्ण स्थानीय मार्ग रघुवीर घाट रत्नागिरी जिले के खेड क्षेत्र को सातारा की कंदाटी घाटी से जोड़ता है। आसपास के कई गांवों के लोग शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, बाजार और अन्य जरूरी कामों के लिए इसी रास्ते से खेड आते-जाते हैं। सड़क बंद होने से स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही पर बड़ा असर पड़ा है। स्कूली छात्रों की बस भी नहीं जा सकी आगे भूस्खलन का पता उस समय चला जब स्थानीय State Transport बस के चालक और परिचालक ने सुबह रास्ते पर बड़ी चट्टानें और मलबा देखा। यह बस आसपास के 15–20 गांवों से करीब 40–50 विद्यार्थियों को खेड लेकर जाती है। रास्ता पूरी तरह बंद होने के कारण बस को वापस लौटना पड़ा। बड़ी चट्टानों ने बढ़ाई प्रशासन की मुश्किल घटना की जानकारी मिलने के बाद Ratnagiri PWD, पुलिस और संबंधित प्रशासनिक टीमें मौके पर पहुंचीं। सड़क से मलबा हटाने के लिए भारी मशीनों और breakers का इस्तेमाल किया गया, लेकिन कई विशाल चट्टानों को हटाना आसान नहीं था। अधिकारियों ने जरूरत पड़ने पर blasting के जरिए चट्टानों को हटाने की योजना बनाई। छात्रों और ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ीं रास्ता बंद होने से स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों के साथ-साथ इलाज, नौकरी, खरीदारी और अन्य जरूरी कामों के लिए खेड आने वाले ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रघुवीर घाट स्थानीय गांवों के लिए महत्वपूर्ण connectivity route है। मानसून में पहले भी हो चुके हैं Landslides रघुवीर घाट में बारिश के मौसम के दौरान पहले भी भूस्खलन और चट्टानें गिरने की घटनाएं सामने आती रही हैं। ताजा घटना के बाद स्थानीय लोगों ने संवेदनशील इलाकों का सर्वे कर स्थायी सुरक्षा उपाय करने की मांग फिर उठाई है। प्रशासन ने लोगों से रास्ता पूरी तरह सुरक्षित और यातायात के लिए बहाल होने तक सावधानी बरतने की अपील की है। source – Times of India / Loksattaजय राष्ट्र न्यूज़

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सालों तक नहीं सुनी गई गुहार, ग्रामीणों ने खुद बना डाला अस्थायी पुल; बच्चों के लिए बना सहारा

सुंदरगढ़, ओडिशा: सुंदरगढ़ जिले के गुरुण्डिया ब्लॉक स्थित साना बुरुडा गांव के ग्रामीणों ने सरकारी मदद का इंतजार छोड़कर खुद ही अस्थायी पुल तैयार कर लिया। ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से स्थायी पुल और बेहतर संपर्क मार्ग की मांग कर रहे थे, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं मिलने के बाद उन्होंने अपने स्तर पर रास्ता बनाने का फैसला किया। बारिश में रास्ता बन जाता है बड़ी परेशानी मानसून के दौरान गांव के रास्ते में पड़ने वाला नाला उफान पर आ जाता है, जिससे लोगों की आवाजाही मुश्किल हो जाती है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों और पंचायत व ब्लॉक कार्यालय जाने वाले ग्रामीणों को होती है। पेड़ की शाखाओं, पत्थरों और पोल से बनाया पुल ग्रामीणों ने स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पेड़ की शाखाओं, पत्थरों और बिजली के पोल का इस्तेमाल कर नाले के ऊपर अस्थायी पुल तैयार किया। इसमें गांव के पुरुषों और महिलाओं ने मिलकर काम किया। बारिश से सड़क टूटी तो बनाया दूसरा रास्ता भारी बारिश से गांव की मुख्य सड़क का एक हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद ग्रामीण जंगल से लकड़ी के लट्ठे लेकर आए और आवाजाही बहाल करने के लिए एक अन्य अस्थायी पुल तैयार किया। प्रशासन तक पहले भी पहुंच चुकी थी शिकायत गुरुण्डिया के BDO हाबिल खाका के मुताबिक पुल से जुड़ी शिकायत प्रशासन को पहले ही मिल चुकी थी। Rural Development Department के अधिकारियों ने इलाके का निरीक्षण किया है और PMGSY के तहत सर्वे भी कराया गया है। DMF से मिल सकती है स्थायी पुल को मंजूरी BDO ने कहा कि मामले की जानकारी फिर संबंधित अधिकारियों को दी गई है। उन्होंने स्थायी निर्माण की लागत का आकलन कर जल्द काम शुरू करने की जरूरत बताई और कहा कि परियोजना के लिए District Mineral Foundation (DMF) के जरिए मंजूरी का प्रयास किया जा सकता है। स्थायी समाधान की मांग बरकरार ग्रामीणों का बनाया पुल फिलहाल बच्चों और स्थानीय लोगों के लिए जरूरी संपर्क मार्ग बन गया है, लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है। ग्रामीणों की मांग है कि सरकार जल्द पक्का पुल बनाए, ताकि हर मानसून में उन्हें इसी परेशानी का सामना न करना पड़े। source – Deccan Chronicleजय राष्ट्र न्यूज़

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श्रीनगर एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला, नवी मुंबई से पहुंची IndiGo फ्लाइट पार्किंग के दौरान पोल से टकराई

श्रीनगर, 5 सितंबर 2026: श्रीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर नवी मुंबई से पहुंची IndiGo की फ्लाइट 6E-225 लैंडिंग के बाद पार्किंग के दौरान हादसे का शिकार हो गई। विमान Bay No. 6 पर खड़ा किए जाने के दौरान Visual Docking Guidance System (VDGS) pole से टकरा गया। राहत की बात यह रही कि विमान में मौजूद सभी यात्री और crew members सुरक्षित रहे और किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। सुबह करीब 9:02 बजे हुई घटना Airports Authority of India के अनुसार विमान, जिसका registration VT-NOG है, शुक्रवार सुबह करीब 9:02 बजे Bay No. 6 पर position किया जा रहा था। इसी दौरान विमान VDGS pole के संपर्क में आ गया। सभी यात्रियों और crew को सुरक्षित उतारा गया घटना के बाद यात्रियों और crew members को manual aircraft stairs की मदद से सुरक्षित विमान से उतारा गया। किसी यात्री या crew member के घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई है। विमान को हुआ नुकसान पोल से टकराने के कारण aircraft को नुकसान पहुंचा है। घटना के बाद विमान की technical inspection की गई और संबंधित अधिकारियों ने परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी। ब्रेक फेल होने की पुष्टि नहीं कुछ शुरुआती रिपोर्टों में brake system में खराबी की बात कही गई थी, लेकिन Airports Authority of India ने इसका कारण officially confirm नहीं किया है। AAI के अनुसार घटना की सही वजह जांच पूरी होने के बाद ही तय की जाएगी और फिलहाल किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा गया है। एयरपोर्ट संचालन रहा सामान्य इस घटना के बावजूद श्रीनगर एयरपोर्ट पर flight operations प्रभावित नहीं हुए। अधिकारियों के मुताबिक arrivals और departures निर्धारित schedule के अनुसार जारी रहे। source – Airports Authority of India / PTIजय राष्ट्र न्यूज़

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छत्रपति संभाजीनगर के Asian Hospital में तड़के भीषण आग; NICU के 9 नवजात समेत 58 मरीज सुरक्षित निकाले गए

छत्रपति संभाजीनगर: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर स्थित Asian Hospital में शुक्रवार, 4 सितंबर की तड़के आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। घटना के समय अस्पताल की पहली मंजिल पर 58 मरीज भर्ती थे, जिनमें NICU में इलाज करा रहे 9 नवजात बच्चे भी शामिल थे। Hospital staff, Police और Fire Brigade की तेज कार्रवाई से सभी मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। किसी की मौत या घायल होने की सूचना नहीं है। रात करीब 2:20 बजे लगी आग आग Akashwani Chowk इलाके में स्थित Asian Hospital में रात करीब 2:20 बजे लगी। Hospital staff ने धुआं और आग दिखाई देने के बाद तुरंत Fire Brigade और Police को सूचना दी और patients को evacuate करना शुरू कर दिया। कुछ ही मिनटों में अस्पताल के हिस्से में घना धुआं फैल गया, जिससे मरीजों और उनके परिजनों में दहशत फैल गई। NICU में भर्ती थे 9 Newborns घटना के वक्त NICU में नौ नवजात बच्चों का इलाज चल रहा था। Rescue teams ने सबसे पहले उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने पर focus किया। Police के मुताबिक इनमें से 5 बच्चों को Government Medical College and Hospital (GHATI), 3 को MGM Hospital और 1 को Sanjeevani Hospital में shift किया गया। सभी newborns को आगे के treatment और monitoring के लिए दूसरे hospitals में रखा गया है। 58 मरीजों को किया गया Evacuate Hospital की पहली मंजिल पर कुल 58 patients थे। इनमें: भर्ती थे। करीब 30 ambulances की मदद से patients को अलग-अलग safe medical facilities तक पहुंचाया गया। Fire Brigade और Police teams ने hospital staff के साथ मिलकर evacuation operation पूरा किया। 10-15 मिनट में आग पर पाया काबू Indian Express के मुताबिक पांच fire tenders मौके पर पहुंचे और firefighters ने करीब 10 से 15 मिनट में आग को नियंत्रण में ले लिया। Jawahar Nagar Police और RCP personnel भी rescue operation में शामिल रहे। हालांकि कुछ शुरुआती reports में तीन fire tenders का उल्लेख किया गया था। बाद की detailed reporting में पांच tenders की जानकारी सामने आई। AC Unit में Short Circuit की आशंका Fire की exact वजह अभी officially confirm नहीं हुई है। शुरुआती जानकारी में NICU के air-conditioning unit में short circuit को संभावित कारण माना जा रहा है। Fire Department और Police अब electrical systems और hospital की fire-safety arrangements की जांच कर रहे हैं। नुकसान का final assessment भी अभी बाकी है। बड़ी राहत—कोई Casualty नहीं इतनी संवेदनशील जगह पर आग लगने के बावजूद सभी 58 patients का safely evacuate होना बड़ी राहत है। खास तौर पर NICU में भर्ती नौ newborns को समय रहते बाहर निकाले जाने से बड़ा हादसा टल गया। Authorities ने कहा है कि incident की detailed investigation जारी है और fire के सही कारण का पता जांच पूरी होने के बाद चलेगा। स्रोत – Chhatrapati Sambhajinagar Police, Fire Brigade, The Indian Express, Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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ISRO ने EOS-05 को सफलतापूर्वक लॉन्च किया, भारत का पहला Geosynchronous Imaging Satellite अंतरिक्ष में पहुंचा

श्रीहरिकोटा, 4 सितंबर 2026: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने शुक्रवार तड़के GSLV-F17 के जरिए EOS-05 Earth Observation Satellite का सफल प्रक्षेपण किया। मिशन के बाद ISRO ने पुष्टि की कि EOS-05 को निर्धारित Sub-Geosynchronous Transfer Orbit में स्थापित कर दिया गया है। GSLV-F17 से हुआ प्रक्षेपण मिशन का प्रक्षेपण आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित Satish Dhawan Space Centre के Second Launch Pad से किया गया। लॉन्च का निर्धारित समय सुबह 2:55 बजे IST था। GSLV-F17 भारत के Geosynchronous Satellite Launch Vehicle की 19वीं उड़ान है। निर्धारित कक्षा में पहुंचा EOS-05 ISRO के अनुसार GSLV-F17 ने EOS-05 को सफलतापूर्वक Sub-Geosynchronous Transfer Orbit में स्थापित किया। एजेंसी ने मिशन को सफल घोषित करते हुए कहा कि लॉन्च व्हीकल ने अपने निर्धारित उद्देश्य को पूरा किया। भारत के लिए क्यों खास है EOS-05 EOS-05 एक advanced Earth Observation spacecraft है। ISRO के मुताबिक यह भारत का पहला imaging satellite है जिसे Geosynchronous orbit से Earth observation के लिए विकसित किया गया है। Earth Observation क्षमता को मिलेगा बढ़ावा EOS-05 का मुख्य उद्देश्य पृथ्वी का अवलोकन करना है। Geosynchronous orbit आधारित imaging capability भारत की Earth observation infrastructure में एक महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धि मानी जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने ISRO को दी बधाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिशन की सफलता पर ISRO की टीम को बधाई दी और इसे देश के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने EOS-05 मिशन को भारत के space sector की बढ़ती तकनीकी क्षमता और innovation का उदाहरण बताया। source – ISROजय राष्ट्र न्यूज़

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नेपाल बाढ़: भारत की मदद पर PM Balendra Shah ने संसद में जताया आभार; आज 21.5 टन राहत सामग्री की नई खेप पहुंची

काठमांडू: विनाशकारी बाढ़ से जूझ रहे नेपाल के प्रधानमंत्री Balendra ‘Balen’ Shah ने भारत की त्वरित मानवीय सहायता और rescue support के लिए संसद में आभार जताया है। संसद को संबोधित करते हुए Shah ने कहा कि संकट की इस घड़ी में India, China, United States समेत कई देशों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से नेपाल को मदद मिली, जिसने बड़े पैमाने पर चल रहे rescue और relief operations को मजबूती दी। संसद में भारत की मदद का किया जिक्र 2 सितंबर को Nepal Parliament में flood situation पर जवाब देते हुए PM Shah ने बताया कि हजारों लोगों को प्रभावित क्षेत्रों से बचाया जा चुका है और बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल समय में कई देशों ने Nepal का साथ दिया और विशेष रूप से India और China की ओर से तेजी से भेजी गई relief supplies और specialised assistance rescue operation में उपयोगी रही। आपदा के तुरंत बाद PM Modi ने दिया था मदद का भरोसा 26 अगस्त को बाढ़ की खबर सामने आने के बाद प्रधानमंत्री Narendra Modi ने Balendra Shah से फोन पर बात की थी। PM Modi ने जान-माल के नुकसान पर संवेदना जताते हुए कहा था कि भारत इस मुश्किल समय में Nepal के लोगों के साथ खड़ा है और हर संभव humanitarian assistance उपलब्ध कराने के लिए तैयार है। भारतीय और नेपाली agencies ने इसके बाद rescue तथा relief efforts में coordination बढ़ाया। भारत ने भेजी Relief और Specialised Rescue Teams बाढ़ के बाद India ने Nepal को कई चरणों में relief material पहुंचाया। इसमें medicines, food packets, blankets, sleeping bags, tarpaulins, hygiene kits, water-purification supplies और portable generators जैसी आवश्यक सामग्री शामिल रही। इसके साथ India ने hydropower tunnels में फंसे लोगों की तलाश के लिए specialised tunnel-rescue experts और बड़ी संख्या में मृत व लापता लोगों की पहचान में मदद के लिए forensic support भी उपलब्ध कराया है। आज दो C-130J विमानों से पहुंची 21.5 टन मदद भारत की सहायता आज, 4 सितंबर, भी जारी रही। External Affairs Ministry के मुताबिक Indian Air Force के दो C-130J aircraft कुल 21.5 tonnes humanitarian assistance लेकर Kathmandu पहुंचे। Relief consignment Nepal के Science, Technology and Innovation Minister Mahabir Pun को सौंपी गई। इससे साफ है कि PM Shah के parliamentary acknowledgement के बाद भी India का relief operation लगातार जारी है। बाढ़ से अरबों डॉलर का नुकसान नेपाल अब rescue के साथ-साथ reconstruction की बड़ी चुनौती से भी जूझ रहा है। Nepal की National Disaster Risk Reduction and Management Authority के मुताबिक flood damage का शुरुआती अनुमान लगभग 387.5 billion Nepali rupees यानी $2.56 billion तक पहुंच गया है। करीब 7,500 घर पूरी तरह नष्ट हुए हैं और authorities का अनुमान है कि लगभग 20,000 homes को rebuild करने की जरूरत पड़ सकती है। Roads, bridges और hydropower infrastructure को भी भारी नुकसान हुआ है। Rescue Operation अभी भी जारी 4 सितंबर को rescue teams को एक बड़ी सफलता भी मिली, जब Upper Trishuli-3A hydropower tunnel से दो workers को नौ दिन बाद जीवित निकाला गया। Nepal Army और international experts अभी भी tunnels तथा दूसरे प्रभावित इलाकों में search operations चला रहे हैं। इसलिए सबसे accurate headline होगी: नेपाल बाढ़: भारत की मदद पर PM Balendra Shah ने संसद में जताया आभार; आज 21.5 टन राहत सामग्री की नई खेप पहुंची स्रोत – Nepal Parliament, Ministry of External Affairs, PMO India, Akashvani News, Reuters जय राष्ट्र न्यूज़

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