मोदी सरकार पंजाब के बाढ़ प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध- अमित शाह

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार पंजाब के लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और राज्य के बाढ़ प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करने के प्रति कटिबद्ध है. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार की शाम को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और उन्हें मानसून के दौरान आई बाढ़ से राज्य में हुए नुकसान की जानकारी दी. उन्होंने आपदा राहत एवं पुनर्स्थापन के लिए राज्य के लिए अतिरिक्त धनराशि स्वीकृत करने की भी मांग की. बैठक के दौरान मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) में राज्य के पास 12,589.59 करोड़ रुपए की पर्याप्त धनराशि उपलब्ध है, जिसका उपयोग भारत सरकार के मानदंडों के अनुसार प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने और तत्काल पुनर्वास के लिए किया जा सकता है. केंद्र सरकार ने राज्य में हाल ही में आई बाढ़ के दौरान खोज, बचाव और तत्काल पुनर्वास के लिए केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से राज्य प्रशासन को हरसंभव सहायता प्रदान की है. प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का किया आंकलन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 सितंबर को पंजाब का दौरा किया था और राज्य में बाढ़ की स्थिति और उससे हुए नुकसान की समीक्षा की थी. प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1,600 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता में से, 805 करोड़ रुपए (एनएचएआई द्वारा स्वीकृत 170 करोड़ रुपए सहित) विभिन्न योजनाओं के तहत राज्य सरकार, लाभार्थियों को पहले ही जारी किए जा चुके हैं और शेष राशि राज्य से संबंधित जानकारी प्राप्त होने पर जारी कर दी जाएगी. इसके अलावा, पंजाब राज्य से ज्ञापन प्राप्त होने की प्रतीक्षा किए बिना, 1 सितंबर को एक अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम (आईएमसीटी) का गठन किया गया था. केंद्रीय टीम ने 3 से 6 सितंबर तक राज्य में मौके पर नुकसान के आंकलन के लिए प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया. हालांकि, राज्य सरकार द्वारा अभी एक विस्तृत ज्ञापन प्रस्तुत करना बाकी है. ज्ञापन प्राप्त होने के बाद भारत सरकार द्वारा स्वीकृत मानदंडों के अनुसार केंद्र सरकार द्वारा उस पर विचार किया जाएगा. इसके अलावा, राज्य, आजीविका और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की बहाली के लिए एक रिकवरी और रिकंस्ट्रक्शन योजना तैयार कर सकता है. गृह मंत्रालय (एमएचए) ने पहले ही 14.08.2024 को एसडीआरएफ और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (एनडीआरएफ ) के तहत रिकवरी और रिकंस्ट्रक्शन फंडिंग विंडो के लिए दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं.

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महाराष्ट्र में फिर छिड़ा भाषा विवाद, MNS ने मेट्रो स्टेशन पर हिंदी को लेकर जताया विरोध

महाराष्ट्र में फिर छिड़ा भाषा विवाद, MNS ने मेट्रो स्टेशन पर हिंदी को लेकर जताया विरोध

महाराष्ट्र में एक बार फिर भाषा को लेकर विवाद सामने आया है. इस बार मामला मुंबई के अंधेरी मेट्रो स्टेशन का है, जहां सिर्फ हिंदी में विज्ञापन लिखे जाने पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध किया. उन्होंने स्टेशन के नाम पर कालिख पोत दी और नारेबाजी की. उनका कहना था कि मराठी को नजरअंदाज करना महाराष्ट्र की अस्मिता का अपमान है. पहले भी विवाद ये कोई पहली बार नहीं है जब भाषा को लेकर विवाद हुआ हो. जुलाई में मीरा रोड पर एक मिठाई दुकानदार को सिर्फ इसलिए पीटा गया क्योंकि उसने मराठी बोलने से इनकार किया था. इस घटना का वीडियो वायरल हुआ और सात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हुई थी. इनमें से तीन को नोटिस भी जारी किया गया. इसके बाद सैकड़ों MNS कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए और मराठी गौरव की रक्षा के लिए विरोध मार्च निकाला. पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया ताकि माहौल बिगड़ने से रोका जा सके. वीरार और पालघर में मारपीट भाषाई विवाद यहीं नहीं रुका. जुलाई 2025 में ही वीरार और पालघर में एक ऑटो-रिक्शा चालक को मराठी न बोलने पर पीटा गया. इस बार हमला शिवसेना (UBT) के कार्यकर्ताओं ने किया. वीडियो में देखा गया कि चालक ने कहा, “हिंदी या भोजपुरी बोलना मेरा हक है.” लेकिन ऐसा कहने पर उसे थप्पड़ मारे गए और सार्वजनिक माफी मांगने को मजबूर किया गया. महाराष्ट्र बैंक की शाखा में मारपीट लोनावाला के महाराष्ट्र बैंक की एक शाखा में भी ऐसा ही मामला सामने आया. वहां MNS कार्यकर्ताओं ने मैनेजर से मराठी में बात करने की मांग की. जब एक कर्मचारी ने हिंदी के इस्तेमाल का समर्थन किया, तो उसे भी पीटा गया. इन घटनाओं से साफ है कि महाराष्ट्र में भाषा को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है. मराठी को लेकर भावनाएं गहरी हैं लेकिन हिंसा और जबरदस्ती से समाधान नहीं निकलता. भाषा का सम्मान जरूरी है लेकिन साथ ही हर नागरिक को अपनी पसंद की भाषा बोलने का अधिकार भी मिलना चाहिए.

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Weather alert in Delhi-NCR

दिल्ली-एनसीआर में मौसम का अलर्ट 

दिल्ली-एनसीआर में मौसम का अलर्ट: हल्की-से-हैवी बारिश, उमस और बदलाव की संभावना नई दिल्ली, 19 सितम्बर 2025। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली और आसपास के इलाकों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है। अधिकतर इलाकों में दोपहर से शाम के बीच हल्की-से-मध्यम बारिश की संभावना जतायी गयी है, जबकि कुछ इलाकों में तेज बारिश या गरज-चमक के साथ तूफानी हवाएँ भी आ सकती हैं। हाल ही में मौसम-अवलोकन से पता चला है कि Palam, Safdarjung और आसपास के ऑब्जर्वेशन स्टेशनों पर बादल छाए हुए हैं, हवा की दिशा बदल रही है, और आर्द्रता अधिक है। इन परिस्थितियों के चलते अचानक मौसम बदलने की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और बुजुर्गों, बच्चों व संवेदनशील लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। बारिश के साथ-साथ तापमान में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। सुबह-शाम की अपेक्षित न्यूनतम तापमान लगभग 23-25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है, जबकि दिन के समय अधिकतम तापमान बढ़-चढ़कर 34-36 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच सकता है। विशेष रूप से बाहर निकलने पर तेज़ धूप और उमस महसूस हो सकती है। जनजीवन पर असर और सुझाव इस मौसम अलर्ट के चलते सड़कें गीली होने के कारण आवाजाही में बाधाएँ हो सकती हैं। जलजमाव की संभावना वाले इलाकों में वाहन धँसाव या पानी के कारण रस्ते फिसलने जैसी घटनाएँ हो सकती हैं। सार्वजनिक परिवहन पर असर हो सकता है, साथ ही उड़ानों या अन्य यात्रा योजनाओं में बदलाव संभव है। वाटरप्रूफ कवच और छतरी साथ रखना ठीक रहेगा। घर से निकलने से पहले स्थानीय मौसम अपडेट देख लें। रात के समय हल्के-बूंदा-बांदी की संभावना के चलते बाहर की गतिविधियों को सीमित करना बेहतर होगा। बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा या फेफड़ों से जुड़ी बीमारी वाले लोगों को विशेष ध्यान देना चाहिए। अगले कुछ दिन का पूर्वानुमान आगामी दो-तीन दिनों में बारिश-विभिन्नता बनी रहने की उम्मीद है। दोपहर या शाम के समय हल्की-मध्यम बारिश की गतिविधियाँ होंगी, कुछ इलाकों में मौसम साफ़ होगा। मौसम विभाग की माने तो मानसून का प्रभाव अब धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन अभी भी अस्थिर मौसम की स्थिति बनी हुई है।

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बुरहानपुर में करंट से युवक की मौत

बुरहानपुर में करंट से युवक की मौत

बुरहानपुर में करंट से युवक की मौत: खेत की रखवाली के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा, जंगली सूअरों से बचाने लगाए गए थे तार बुरहानपुर। जिले के नेपानगर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत निंबोला थाना क्षेत्र से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां ग्राम अंबा के मलगांव निवासी एक युवक की खेत में करंट लगने से मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ, जब वह अपने खेत के पास पहुंचा और जंगली सूअरों से फसल बचाने के लिए बिछाए गए करंट युक्त तारों की चपेट में आ गया। युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। ग्रामीण इलाकों में आम हो रहा करंट का जुगाड़ स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, पिछले कुछ समय से इलाके में जंगली सूअरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। सूअरों के झुंड खेतों में घुसकर खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुँचा रहे हैं। इससे परेशान किसान सुरक्षा के लिए खेतों के चारों ओर बिजली के तार बिछा रहे हैं और उनमें करंट प्रवाहित कर देते हैं। यह तरीका भले ही फसलों को बचा लेता हो, लेकिन इंसानों और पालतू जानवरों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। पुलिस ने मर्ग कायम कर शुरू की जांच घटना की जानकारी मिलते ही निंबोला थाना पुलिस मौके पर पहुँची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि खेत में करंट डालने के लिए किसकी जिम्मेदारी थी। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। बढ़ती घटनाओं से ग्रामीण दहशत में ग्रामीणों ने बताया कि यह पहली बार नहीं है जब करंट से किसी की मौत हुई हो। आए दिन इस तरह की घटनाएं सुनने को मिल रही हैं। जंगली सूअरों के आतंक और किसानों की मजबूरी के चलते खेतों में करंट फैलाने का तरीका ग्रामीणों में आम होता जा रहा है। प्रशासन के पास इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं है, जिससे ग्रामीण खुद के स्तर पर सुरक्षा इंतज़ाम कर रहे हैं। ग्रामीणों ने की प्रशासन से मांग ग्रामवासियों ने जिला प्रशासन और वन विभाग से अपील की है कि जंगली सूअरों से फसलों को बचाने के लिए ठोस और सुरक्षित व्यवस्था की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते समाधान नहीं किया गया तो इस तरह के हादसे और भी बढ़ सकते हैं।

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देहरादून में बादल फटा

देहरादून में बादल फटा: सहस्त्रधारा क्षेत्र में तबाही, होटल-दुकानें बहीं, दो लोग लापता

देहरादून, 16 सितंबर 2025 उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के सहस्त्रधारा क्षेत्र में मंगलवार सुबह बादल फटने से भारी तबाही मच गई। Karligaad (Karliguard) नाले के पास अचानक आई जलप्रलय ने पूरे इलाके का स्वरूप बदल दिया। कई होटल और दुकानें बह गईं, जबकि सड़कों पर मलबा भर गया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में दो लोग लापता प्रशासन के अनुसार, इस आपदा में दो लोग लापता हैं। SDRF और NDRF की टीमें लगातार तलाश अभियान चला रही हैं। अब तक किसी की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन भारी नुकसान की खबरें सामने आई हैं। मंदिर भी आया पानी की चपेट में तेज़ बारिश के कारण Tamsa नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। नदी का उफान इतना तेज़ था कि प्रसिद्ध Tapkeshwar Mahadev मंदिर पानी में डूब गया। मंदिर के आसपास बने घाट पूरी तरह जलमग्न हो गए। होटल और दुकानों को भारी नुकसान सहस्त्रधारा क्षेत्र पर्यटकों के लिए खासा लोकप्रिय है। यहाँ बने होटल और दुकानों को सबसे ज़्यादा नुकसान हुआ है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि मलबे और पानी के तेज़ बहाव से कई दुकानें और छोटे होटल बह गए, जिससे करोड़ों का नुकसान हुआ है। बचाव और राहत कार्य जारी घटना की सूचना मिलते ही SDRF, NDRF, पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुँच गईं। प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है। प्रशासन ने हाई-अलर्ट जारी कर दिया है और राहत शिविर बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हालात पर नज़र बनाए रखने के निर्देश दिए हैं और जिला प्रशासन को हर संभव मदद उपलब्ध कराने को कहा है। स्कूल बंद, रेड अलर्ट जारी जिला प्रशासन ने एहतियातन प्रभावित क्षेत्र के स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया है। उधर, भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तराखंड के कई हिस्सों के लिए भारी बारिश और तूफ़ानी हवाओं का रेड अलर्ट जारी किया है। स्थानीय लोगों में दहशत इस घटना के बाद सहस्त्रधारा क्षेत्र और आसपास के गाँवों में दहशत का माहौल है। लोग ऊँचाई वाले सुरक्षित स्थानों पर शरण ले रहे हैं। कई परिवारों को अस्थायी शिविरों में पहुँचाया गया है।

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राहुल गांधी का पंजाब दौरा: बाढ़ पीड़ितों से मिले, सरकार पर निशाना साधा

राहुल गांधी का पंजाब दौरा: बाढ़ पीड़ितों से मिले, सरकार पर निशाना साधा

अमृतसर/गुरदासपुर, 15 सितंबर 2025 पंजाब में हाल ही में आई बाढ़ से हुई तबाही का जायज़ा लेने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी सोमवार को पंजाब पहुँचे। उन्होंने अमृतसर जिले के अजनाला क्षेत्र के घोनेवाल गांव से अपने दौरे की शुरुआत की। यहाँ उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की, खेतों और टूटे हुए घरों का मुआयना किया और ग्रामीणों की समस्याएँ सुनीं। राहुल गांधी का कार्यक्रम अमृतसर, गुरदासपुर और पठानकोट जिलों के कई गांवों तक फैला है। उन्होंने गुरुद्वारा बाबा बुधा साहिब (रामदास, अमृतसर) में मत्था टेका और स्थानीय लोगों से बातचीत की। इसके बाद वे गुरदासपुर के गुरचाक और मककोरा पट्‌टन गांवों सहित सीमावर्ती क्षेत्रों का भी दौरा करेंगे। बाढ़ से सबसे ज़्यादा नुकसान किसानों को हुआ है। राज्य सरकार के मुताबिक अब तक लगभग 1.98 लाख हेक्टेयर फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। राहुल गांधी ने खेतों का मुआयना करते हुए कहा कि कांग्रेस किसानों की हरसंभव मदद करेगी। उन्होंने पीड़ित परिवारों को भरोसा दिलाया कि उनकी आवाज़ दिल्ली तक पहुँचाई जाएगी। आपदा प्रबंधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ से अब तक 56 लोगों की मौत हो चुकी है और हज़ारों परिवार बेघर हो गए हैं। कई गांवों में सड़कें और पुल टूट गए हैं, जिससे राहत कार्य प्रभावित हो रहा है। राहुल गांधी के दौरे से पहले भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि “कांग्रेस-शासित राज्यों ने पंजाब की मदद के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए। सिर्फ़ दौरा करना पर्याप्त नहीं है।” वहीं, पंजाब कांग्रेस ने कहा कि राहुल गांधी का दौरा जनता के दुख-दर्द को करीब से समझने और समाधान निकालने की दिशा में एक अहम कदम है। – जनता की उम्मीदें ग्रामीणों ने राहुल गांधी से अपनी परेशानियाँ साझा करते हुए कहा कि बाढ़ के कारण उनका सबकुछ बर्बाद हो गया है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर उन्हें उचित मुआवज़ा और राहत प्रदान करेंगी।

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पीएम मोदी का बिहार दौरा

पीएम मोदी का बिहार दौरा

पीएम मोदी का बिहार दौरा: पूर्णिया में बड़े विकास प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन, एयरपोर्ट व मखाना बोर्ड शामिल पूर्णिया (बिहार), 15 सितंबर 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज पूर्णिया के दौरे पर रहे और यहां राज्य के लिए कई बड़े विकास परियोजनाओं का उद्घाटन तथा शिलान्यास किया। केंद्रीय नेतृत्व के अनुसार इन परियोजनाओं का उद्देश्य स्थानीय बुनियादी ढांचे, परिवहन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देना है।  पीएम ने इस दौरे के दौरान उत्तर बिहार के एक लंबे समय से प्रतीक्षित कदम के रूप में पूर्णिया एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का भी उद्धाटन किया, जिसे क्षेत्र की हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण बताया जा रहा है। साथ ही केंद्र और राज्य के सहयोग से कई लोक-कल्याणकारी और अवसंरचनात्मक परियोजनाओं की घोषणा की गई, जिनकी कुल लागत मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक करीब ₹36,000–40,000 करोड़ के आसपास बताई जा रही है।  प्रधानमंत्री का यह दौरा उस राजनीतिक और विकासात्मक संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है जिसमें बिहार अगले कुछ महीनों में निर्वाचन की तैयारियों के बीच है; केन्द्र की नीतियों और प्रोजेक्ट्स को स्थानीय स्तर पर दिखाने का यह एक रणनीतिक अवसर भी माना जा रहा है। पदयात्रा के एजेंडे में कृषि, ऊर्जा, रेल व महिला-समर्थन से जुड़े कई प्रोजेक्ट शामिल थे, जिनके जरिए रोजगार और कनेक्टिविटी में बढ़ोतरी का दावा किया गया है।  इस यात्रा से पहले प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल (कोलकाता) में 16वीं कम्बाइंड कमांडर्स कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन भी किया — केंद्रीय कार्यक्रमों और राज्य यात्राओं का यह समन्वय बताता है कि इसी दिन पीएम कई राज्यों के कार्यक्रमों में जुड़े हुए थे। केंद्र सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर भी 13-15 सितंबर के बीच कई पूर्वनिर्धारित राज्यों के दौरे का बयान जारी किया गया था।  स्थानीय प्रतिक्रिया के संदर्भ में, क्षेत्रीय राजनीतिक दलों व नागरिकों ने परियोजनाओं के लाभ-हानि दोनों पहलुओं पर अपने-अपने विचार व्यक्त किए हैं — जहां कुछ लोगों ने विकास और कनेक्टिविटी की उम्मीद जताई, वहीं आलोचक परियोजनाओं की प्राथमिकता व चुनावी मकसद पर सवाल उठा रहे हैं। ऐसे समय में यह देखना बाकी है कि घोषित निवेश स्थानीय लोगों तक कितनी तेजी और पारदर्शिता के साथ पहुंचेगा। 

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नेपाल में जारी हिंसा के बीच छतरपुर के 14 लोग फंसे, पीएम-सीएम से सुरक्षित वापसी की गुहार

नेपाल में जारी हिंसा के बीच छतरपुर के 14 लोग फंसे, पीएम-सीएम से सुरक्षित वापसी की गुहार

नेपाल में जारी हिंसा और विरोध प्रदर्शनों के कारण वहां फंसे भारतीय नागरिकों की चिंता बढ़ गई है। हजारों भारतीयों के बीच मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के 14 लोग भी काठमांडू में फंसे हुए हैं। इनमें चार परिवार शामिल हैं, जिनमें छोटे बच्चे भी मौजूद हैं। सभी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री से सुरक्षित भारत वापसी की अपील की है। जानकारी के मुताबिक छतरपुर के कोतवाली क्षेत्र के गल्ला मंडी निवासी व्यापारी पप्पू मातेले, ट्रांसपोर्ट कारोबारी निर्देश अग्रवाल, गुड्डू अग्रवाल और एक कुशवाहा परिवार नेपाल घूमने गए थे। लेकिन अचानक बढ़ी हिंसा के कारण सभी काठमांडू के एक होटल में फंस गए। हिंसा की वजह से नेपाल में आगजनी, तोड़फोड़ और मौतों की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में वहां मौजूद भारतीय परिवारों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। निर्देश अग्रवाल ने होटल की खिड़की से बाहर हो रही आगजनी और हिंसा का वीडियो भेजकर स्थिति की गंभीरता दिखाई है। इस बीच, छतरपुर विधायक ललिता यादव ने नेपाल में फंसे व्यापारियों और उनके परिवारों से फोन पर बातचीत की और उन्हें भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी सुरक्षित वापसी के लिए हर संभव प्रयास करेगी। फिलहाल छतरपुर के इन परिवारों सहित हजारों भारतीय नेपाल में हिंसा के बीच फंसे हुए हैं और जल्द सुरक्षित घर लौटने की उम्मीद कर रहे हैं।

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पंजाब में बाढ़: जनजीवन अस्त-व्यस्त, राहत कार्य जारी

पंजाब इस समय भीषण बाढ़ की मार झेल रहा है। लगातार हो रही भारी वर्षा और पहाड़ी इलाकों से छोड़े गए अतिरिक्त पानी के कारण नदियाँ उफान पर हैं। कई जिलों के सैकड़ों गाँव पानी में डूब चुके हैं। गाँव की गलियाँ, खेत और घर जलमग्न हो गए हैं। लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में अपने घर छोड़ने को मजबूर हैं। फसलों और पशुधन पर भारी असर पंजाब, जिसे देश का अन्नदाता कहा जाता है, आज फसल बर्बादी के गहरे संकट से जूझ रहा है। धान और मक्का जैसी प्रमुख फसलें पानी में पूरी तरह डूब गई हैं। किसानों की मेहनत और सालभर की कमाई एक ही झटके में खत्म हो गई। साथ ही, हज़ारों मवेशियों और पोल्ट्री को भी बाढ़ ने प्रभावित किया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर और गहरा असर पड़ा है। जनहानि और पलायन कई लोगों की मौत की खबरें सामने आई हैं और हजारों परिवार बेघर हो गए हैं। राहत शिविरों में शरण लेने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। महिलाएँ, बच्चे और बुज़ुर्ग सबसे अधिक प्रभावित हैं। स्वास्थ्य सेवाओं और साफ पीने के पानी की कमी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। राहत और बचाव कार्य राज्य सरकार और प्रशासनिक टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। एनडीआरएफ और स्थानीय स्वयंसेवी संगठन नावों और ट्रैक्टरों की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचा रहे हैं। कई जगहों पर अस्थायी शिविर, भोजन वितरण केंद्र और चिकित्सा सुविधाएँ भी स्थापित की गई हैं। राजनीतिक बहस और भविष्य की चुनौती बाढ़ ने न केवल पंजाब की आर्थिक स्थिति को झकझोरा है, बल्कि राजनीतिक हलकों में भी बहस छेड़ दी है। सरकार पर पर्याप्त तैयारी न करने के आरोप लग रहे हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि समय रहते बाँधों और तटबंधों की मरम्मत की जाती और जल निकासी की व्यवस्था सुधारी जाती, तो नुकसान कम हो सकता था। सिर्फ एक प्राकृतिक आपदा नहीं  पंजाब की यह बाढ़ सिर्फ एक प्राकृतिक आपदा नहीं है, बल्कि चेतावनी भी है कि हमें जल प्रबंधन और आपदा नियंत्रण की योजनाओं को और मज़बूत करना होगा। आज सबसे बड़ी ज़रूरत है कि प्रभावित परिवारों को तुरंत राहत मिले और भविष्य में ऐसी त्रासदी को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएँ। PunjabFloods #punjabNews#punjabfloods2025 #PunjabRescue #floods #PunjabFloodSituation #BreakingNews #FloodAlert

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Chirag Paswan's Bold Move in Bihar 2025 Polls

Chirag Paswan: राजनीतिक विरासत के युवा चेहरे की मजबूत दस्तक, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में LJP की भूमिका

जनता के बीच चिराग पासवान (Chirag Paswan) का नाम हमेशा से ही युवा ऊर्जा और राजनीतिक बदलाव का पर्याय रहा है। राम विलास पासवान के बेटे और केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री, चिराग ने अपनी अगुआई में लोक जनशक्ति पार्टी (Lok Janshakti Party) को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया है। 2025 के बिहार विधानसभा चुनावों में उनकी सक्रियता और रणनीति ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। युवा चेहरे की मजबूती चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि वह बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट (Bihar First and Bihari First) सोच को 2025 विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2025) में अगली पंक्ति की लड़ाई में बदलना चाहते हैं । उन्होंने आरा में नव संकल्प महासभा (Nav Sankalp Mahasabha) आयोजन किया, जिसमें उन्होंने घोषणा की कि वे खुद चुनाव लड़ेंगे, हालांकि अभी यह तय नहीं कि वे किस सीट से मैदान में उतरेंगे। उन्होंने यह भी कहा, “मैं बिहार से चुनाव नहीं लड़ूंगा, बल्कि बिहार के लिए लड़ूंगा।”   243 सीटों की चुनौती छपरा में आयोजित विशाल रैली में चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने ऐलान किया कि उनकी पार्टी सभी 243 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी उतारने की तैयारी कर रही है। उनका मानना है कि इस कदम से एनडीए गठबंधन (NDA alliance) को मजबूती मिलेगी, लेकिन इससे बीजेपी–जेडीयू गठबंधन (BJP-JDU Alliance) को सीट शेयरिंग में कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है  LJP(RV) की रणनीति और गठबंधन समन्वय चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने खुद को नए बिहार के एजेंट के रूप में प्रस्तुत करते हुए, दलित–पिछड़ा वोट बैंक को अपनी ओर आकर्षित करने की योजना बनाई है। उन्होंने नालंदा में बहुजन भीम संकल्प समागम (Bahujan Bhim Sankalp Samagam) की शुरुआत की जिसका मकसद जनता के बीच मजबूत पैठ बनाना है। BJP उन्हेंNDA में सीटों के लिए दबाव बनाते हुए देख रही है – 30 से 40 सीटों की उनकी मांग चर्चा में है। जेडीयू भी सतर्क है और गठबंधन पर फिर से बातचीत की संभावना संकेत दे रहा है। नीतीश–चिराग का गठबंधन राजनीतिक समीकरण के मुताबिक, चिराग ने संकेत दिए हैं कि यदि NDA सहयोगी बने रहें, तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ही मुख्यमंत्री का चेहरे होंगे।  हालांकि उनका इरादा सिर्फ मुख्यमंत्री बनने का नहीं है बल्कि दलित, युवा और पिछड़े वर्गों की आवाज़ बनकर उनकी परेशानियों को दूर करना है। युवा और दलित वोट बैंक आकर्षित चिराग पासवान (Chirag Paswan) की अपील में यह स्पष्ट झलकता है कि वे युवा और दलित मतदाताओं को सबसे पहले प्राथमिकता देंगे। बिहार में दलित लगभग 19% आबादी बनाते हैं, और इस समूह पर उनकी पकड़ मजबूत होती दिख रही है । दलित वर्ग को जोड़ने के लिए उनके बहुजन–भीम समूह अभियान पीछे नहीं रहे। इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में हिंदी के विरोध में एकजुट दिखे उद्धव और राज ठाकरे, 20 साल बाद एक ही मंच पर आए साथ  नई रणनीतिक योजना उनकी रणनीति में शामिल हैं: चिराग पासवान बिहार की राजनीति में अब तक केंद्र में रहे युवा नेता के रूप में सामने आए हैं – उन्होंने दिल्ली वाली राजनीति से ध्यान हटाकर बिहार की जमीन पर आकर मजबूत स्वरुप अपनाया है। उनका बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट (Bihar First and Bihari First) विजन बड़े बदलाव की ओर इशारा करता है। 2025 के विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2025) तक चिराग का राजनीतिक जोर बढ़ा हुआ दिखता है। अगर वे गठबंधन और सीट वितरण की कवायद में संतुलन बनाए रखते हुए, अपनी रणनीति को धरातल पर ला पाए, तो बिहार की राजनीति (Bihar Politics) में उनका हस्ताक्षर आनेवाला है। चिराग पासवान (Chirag Paswan) केवल चुनाव लड़ने की तैयारी नहीं कर रहे, वे बिहार में राजनीतिक नवप्रवर्तन लाना चाहते हैं। उनका युवा नेतृत्व, ‘दलित–युवा’ आधारित नीतियां और गठबंधन की चालबाजी 2025 के चुनावी समीकरण को नए स्वरूप देने वाली है। Latest News in Hindi Today Hindi news Chirag Paswan #ChiragPaswan #BiharElection2025 #LJP #YouthLeader #BiharPolitic

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