प्रमुख खबरें

छत्रपति संभाजीनगर के Asian Hospital में तड़के भीषण आग; NICU के 9 नवजात समेत 58 मरीज सुरक्षित निकाले गए

छत्रपति संभाजीनगर: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर स्थित Asian Hospital में शुक्रवार, 4 सितंबर की तड़के आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। घटना के समय अस्पताल की पहली मंजिल पर 58 मरीज भर्ती थे, जिनमें NICU में इलाज करा रहे 9 नवजात बच्चे भी शामिल थे। Hospital staff, Police और Fire Brigade की तेज कार्रवाई से सभी मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। किसी की मौत या घायल होने की सूचना नहीं है। रात करीब 2:20 बजे लगी आग आग Akashwani Chowk इलाके में स्थित Asian Hospital में रात करीब 2:20 बजे लगी। Hospital staff ने धुआं और आग दिखाई देने के बाद तुरंत Fire Brigade और Police को सूचना दी और patients को evacuate करना शुरू कर दिया। कुछ ही मिनटों में अस्पताल के हिस्से में घना धुआं फैल गया, जिससे मरीजों और उनके परिजनों में दहशत फैल गई। NICU में भर्ती थे 9 Newborns घटना के वक्त NICU में नौ नवजात बच्चों का इलाज चल रहा था। Rescue teams ने सबसे पहले उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने पर focus किया। Police के मुताबिक इनमें से 5 बच्चों को Government Medical College and Hospital (GHATI), 3 को MGM Hospital और 1 को Sanjeevani Hospital में shift किया गया। सभी newborns को आगे के treatment और monitoring के लिए दूसरे hospitals में रखा गया है। 58 मरीजों को किया गया Evacuate Hospital की पहली मंजिल पर कुल 58 patients थे। इनमें: भर्ती थे। करीब 30 ambulances की मदद से patients को अलग-अलग safe medical facilities तक पहुंचाया गया। Fire Brigade और Police teams ने hospital staff के साथ मिलकर evacuation operation पूरा किया। 10-15 मिनट में आग पर पाया काबू Indian Express के मुताबिक पांच fire tenders मौके पर पहुंचे और firefighters ने करीब 10 से 15 मिनट में आग को नियंत्रण में ले लिया। Jawahar Nagar Police और RCP personnel भी rescue operation में शामिल रहे। हालांकि कुछ शुरुआती reports में तीन fire tenders का उल्लेख किया गया था। बाद की detailed reporting में पांच tenders की जानकारी सामने आई। AC Unit में Short Circuit की आशंका Fire की exact वजह अभी officially confirm नहीं हुई है। शुरुआती जानकारी में NICU के air-conditioning unit में short circuit को संभावित कारण माना जा रहा है। Fire Department और Police अब electrical systems और hospital की fire-safety arrangements की जांच कर रहे हैं। नुकसान का final assessment भी अभी बाकी है। बड़ी राहत—कोई Casualty नहीं इतनी संवेदनशील जगह पर आग लगने के बावजूद सभी 58 patients का safely evacuate होना बड़ी राहत है। खास तौर पर NICU में भर्ती नौ newborns को समय रहते बाहर निकाले जाने से बड़ा हादसा टल गया। Authorities ने कहा है कि incident की detailed investigation जारी है और fire के सही कारण का पता जांच पूरी होने के बाद चलेगा। स्रोत – Chhatrapati Sambhajinagar Police, Fire Brigade, The Indian Express, Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

ISRO ने EOS-05 को सफलतापूर्वक लॉन्च किया, भारत का पहला Geosynchronous Imaging Satellite अंतरिक्ष में पहुंचा

श्रीहरिकोटा, 4 सितंबर 2026: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने शुक्रवार तड़के GSLV-F17 के जरिए EOS-05 Earth Observation Satellite का सफल प्रक्षेपण किया। मिशन के बाद ISRO ने पुष्टि की कि EOS-05 को निर्धारित Sub-Geosynchronous Transfer Orbit में स्थापित कर दिया गया है। GSLV-F17 से हुआ प्रक्षेपण मिशन का प्रक्षेपण आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित Satish Dhawan Space Centre के Second Launch Pad से किया गया। लॉन्च का निर्धारित समय सुबह 2:55 बजे IST था। GSLV-F17 भारत के Geosynchronous Satellite Launch Vehicle की 19वीं उड़ान है। निर्धारित कक्षा में पहुंचा EOS-05 ISRO के अनुसार GSLV-F17 ने EOS-05 को सफलतापूर्वक Sub-Geosynchronous Transfer Orbit में स्थापित किया। एजेंसी ने मिशन को सफल घोषित करते हुए कहा कि लॉन्च व्हीकल ने अपने निर्धारित उद्देश्य को पूरा किया। भारत के लिए क्यों खास है EOS-05 EOS-05 एक advanced Earth Observation spacecraft है। ISRO के मुताबिक यह भारत का पहला imaging satellite है जिसे Geosynchronous orbit से Earth observation के लिए विकसित किया गया है। Earth Observation क्षमता को मिलेगा बढ़ावा EOS-05 का मुख्य उद्देश्य पृथ्वी का अवलोकन करना है। Geosynchronous orbit आधारित imaging capability भारत की Earth observation infrastructure में एक महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धि मानी जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने ISRO को दी बधाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिशन की सफलता पर ISRO की टीम को बधाई दी और इसे देश के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने EOS-05 मिशन को भारत के space sector की बढ़ती तकनीकी क्षमता और innovation का उदाहरण बताया। source – ISROजय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

नेपाल बाढ़: भारत की मदद पर PM Balendra Shah ने संसद में जताया आभार; आज 21.5 टन राहत सामग्री की नई खेप पहुंची

काठमांडू: विनाशकारी बाढ़ से जूझ रहे नेपाल के प्रधानमंत्री Balendra ‘Balen’ Shah ने भारत की त्वरित मानवीय सहायता और rescue support के लिए संसद में आभार जताया है। संसद को संबोधित करते हुए Shah ने कहा कि संकट की इस घड़ी में India, China, United States समेत कई देशों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से नेपाल को मदद मिली, जिसने बड़े पैमाने पर चल रहे rescue और relief operations को मजबूती दी। संसद में भारत की मदद का किया जिक्र 2 सितंबर को Nepal Parliament में flood situation पर जवाब देते हुए PM Shah ने बताया कि हजारों लोगों को प्रभावित क्षेत्रों से बचाया जा चुका है और बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल समय में कई देशों ने Nepal का साथ दिया और विशेष रूप से India और China की ओर से तेजी से भेजी गई relief supplies और specialised assistance rescue operation में उपयोगी रही। आपदा के तुरंत बाद PM Modi ने दिया था मदद का भरोसा 26 अगस्त को बाढ़ की खबर सामने आने के बाद प्रधानमंत्री Narendra Modi ने Balendra Shah से फोन पर बात की थी। PM Modi ने जान-माल के नुकसान पर संवेदना जताते हुए कहा था कि भारत इस मुश्किल समय में Nepal के लोगों के साथ खड़ा है और हर संभव humanitarian assistance उपलब्ध कराने के लिए तैयार है। भारतीय और नेपाली agencies ने इसके बाद rescue तथा relief efforts में coordination बढ़ाया। भारत ने भेजी Relief और Specialised Rescue Teams बाढ़ के बाद India ने Nepal को कई चरणों में relief material पहुंचाया। इसमें medicines, food packets, blankets, sleeping bags, tarpaulins, hygiene kits, water-purification supplies और portable generators जैसी आवश्यक सामग्री शामिल रही। इसके साथ India ने hydropower tunnels में फंसे लोगों की तलाश के लिए specialised tunnel-rescue experts और बड़ी संख्या में मृत व लापता लोगों की पहचान में मदद के लिए forensic support भी उपलब्ध कराया है। आज दो C-130J विमानों से पहुंची 21.5 टन मदद भारत की सहायता आज, 4 सितंबर, भी जारी रही। External Affairs Ministry के मुताबिक Indian Air Force के दो C-130J aircraft कुल 21.5 tonnes humanitarian assistance लेकर Kathmandu पहुंचे। Relief consignment Nepal के Science, Technology and Innovation Minister Mahabir Pun को सौंपी गई। इससे साफ है कि PM Shah के parliamentary acknowledgement के बाद भी India का relief operation लगातार जारी है। बाढ़ से अरबों डॉलर का नुकसान नेपाल अब rescue के साथ-साथ reconstruction की बड़ी चुनौती से भी जूझ रहा है। Nepal की National Disaster Risk Reduction and Management Authority के मुताबिक flood damage का शुरुआती अनुमान लगभग 387.5 billion Nepali rupees यानी $2.56 billion तक पहुंच गया है। करीब 7,500 घर पूरी तरह नष्ट हुए हैं और authorities का अनुमान है कि लगभग 20,000 homes को rebuild करने की जरूरत पड़ सकती है। Roads, bridges और hydropower infrastructure को भी भारी नुकसान हुआ है। Rescue Operation अभी भी जारी 4 सितंबर को rescue teams को एक बड़ी सफलता भी मिली, जब Upper Trishuli-3A hydropower tunnel से दो workers को नौ दिन बाद जीवित निकाला गया। Nepal Army और international experts अभी भी tunnels तथा दूसरे प्रभावित इलाकों में search operations चला रहे हैं। इसलिए सबसे accurate headline होगी: नेपाल बाढ़: भारत की मदद पर PM Balendra Shah ने संसद में जताया आभार; आज 21.5 टन राहत सामग्री की नई खेप पहुंची स्रोत – Nepal Parliament, Ministry of External Affairs, PMO India, Akashvani News, Reuters जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

6 साल के आदित्य का धरना खत्म; Pappu Yadav ने न्याय की लड़ाई में साथ देने का दिया भरोसा

पटना: अपने माता-पिता के साथ कथित पुलिस ज्यादती के खिलाफ पटना के Gardanibagh में धरने पर बैठे 6 वर्षीय आदित्य कुमार ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया है। पूर्णिया सांसद Pappu Yadav 31 अगस्त की देर रात धरना स्थल पहुंचे और आदित्य तथा उसके परिवार से मुलाकात की। उन्होंने परिवार को न्याय दिलाने और जरूरत पड़ने पर मामले को अदालत तक ले जाने का भरोसा दिया। इसके बाद आदित्य ने दो दिनों से चल रहा अपना धरना खत्म कर दिया। माता-पिता के लिए न्याय मांग रहा था आदित्य आदित्य ने 30 अगस्त को Gardanibagh में धरना शुरू किया था। परिवार का आरोप है कि 25 अगस्त को BPSC और TRE-4 अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के दौरान police ने उसके माता-पिता के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार किया। आदित्य संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा था। हालांकि Patna Police ने परिवार के आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि बच्चे को भीड़ के बीच उसकी सुरक्षा के लिए अलग किया गया था। हाथ में संविधान लेकर बैठा था धरने पर छह वर्षीय आदित्य की तस्वीरें और videos सोशल मीडिया पर तेजी से viral हुए, जिनमें वह हाथ में भारतीय संविधान की किताब लिए दिखाई दिया। आदित्य पहली कक्षा का छात्र है और उसने धरने के दौरान भी कहा था कि “पढ़ाई और लड़ाई साथ-साथ चलेंगे।” वह अपने माता-पिता के लिए न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रखने की बात कह रहा था। Pappu Yadav ने देर रात कराया धरना खत्म 31 अगस्त की देर रात Pappu Yadav Gardanibagh पहुंचे और आदित्य को समझाकर धरना खत्म कराया। उन्होंने कहा कि परिवार को न्याय दिलाने के लिए जरूरत पड़ने पर Patna High Court और Supreme Court तक कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। आदित्य ने भी कहा कि धरना खत्म करना उसकी हार नहीं है और उसकी लड़ाई अदालत में जारी रहेगी। पहले भी Aditya की पढ़ाई में कर चुके हैं मदद PTI की report के मुताबिक आदित्य ने कहा कि Pappu Yadav ने कठिन समय में उसका school admission कराने में मदद की थी। इसी वजह से उसने Pappu Yadav की बात मानकर धरना खत्म किया। कुछ media reports में अब यह भी कहा जा रहा है कि Pappu Yadav ने आदित्य की आगे की शिक्षा में मदद और पढ़ाई न रुकने देने की बात कही है। हालांकि पूरी पढ़ाई का खर्च उठाने की formal घोषणा mainstream PTI/ABP reports में स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं है, इसलिए इसे सावधानी के साथ लिखना बेहतर होगा। अब कानूनी रास्ते से आगे बढ़ेगी लड़ाई धरना समाप्त होने के बाद परिवार की मुख्य मांग अभी भी वही है—कथित police action की जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई। Pappu Yadav ने परिवार को legal support का भरोसा दिया है, जबकि Police अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को पहले ही खारिज कर चुकी है। इसलिए मामले में अंतिम तथ्य आगे की जांच और judicial proceedings से ही स्पष्ट होंगे। इसलिए सबसे accurate headline होगी: 6 साल के आदित्य का धरना खत्म; Pappu Yadav ने न्याय की लड़ाई में साथ देने और पढ़ाई जारी रखने में मदद का दिया भरोसा स्रोत – PTI, ABP News, NDTV India, ThePrint जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

नेपाल बाढ़ के बाद अपनों की तलाश जारी; 4,200 से ज्यादा लापता, आठ दिन बाद टूटने लगी परिवारों की उम्मीद

काठमांडू: नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के आठ दिन बाद भी हजारों परिवार अपने लापता परिजनों की तलाश कर रहे हैं। Hospitals, morgues, rescue camps और प्रभावित इलाकों में लगातार खोज के बावजूद कई लोगों का कोई सुराग नहीं मिला है। 3 सितंबर तक कम से कम 1,204 लोगों की मौत और 4,200 से ज्यादा लोगों के लापता होने की जानकारी है। समय बीतने के साथ जीवित लोगों के मिलने की उम्मीद कमजोर पड़ रही है। कई परिवार अब अपने लापता परिजनों के शव तक न मिलने पर कुश से प्रतीकात्मक पुतले बनाकर अंतिम संस्कार करने को मजबूर हो रहे हैं। आठ दिन बाद भी हजारों का सुराग नहीं Rasuwa, Nuwakot और Trishuli नदी के आसपास के इलाकों में floodwaters ने पूरे के पूरे settlements को तबाह कर दिया था। कई परिवारों के एक से अधिक सदस्य अब भी missing हैं। Kathmandu Post के मुताबिक केवल Bidur Municipality-7 के Sole इलाके में करीब 100 लोगों के लापता होने की बात स्थानीय पीड़ितों ने कही है। कई परिवार hospitals और police records में तस्वीरें देखकर अपने रिश्तेदारों की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं। शव न मिलने पर प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार लंबे इंतजार के बाद कुछ परिवारों ने अपने लापता परिजनों के जीवित मिलने की उम्मीद छोड़नी शुरू कर दी है। Kathmandu के Pashupati Aryaghat में बुधवार को कई परिवारों ने कुश घास से बने प्रतीकात्मक शरीर का अंतिम संस्कार किया। Nuwakot के Nirajan Poudel ने बाढ़ में अपने माता-पिता सहित परिवार के पांच सदस्यों को खो दिया। कोई शव नहीं मिलने के बाद परिवार ने सभी के symbolic funeral rites किए। DNA Samples से पहचान की कोशिश Disaster के बाद बड़ी संख्या में मिले शवों की पहचान भी authorities के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। कई bodies की हालत ऐसी है कि visual identification संभव नहीं है। Authorities परिवारों से DNA samples लेने और recovered bodies के records तैयार करने का काम कर रही हैं। कुछ unidentified bodies को temporary graves में रखा गया है, ताकि बाद में DNA matching के जरिए उनकी पहचान की जा सके। Hydropower Tunnels में अब भी उम्मीद आम search areas में survivors मिलने की उम्मीद कम हुई है, लेकिन hydropower projects के tunnels में rescue operation अभी भी जारी है। Reuters के मुताबिक सैकड़ों workers अब भी missing हैं और rescuers को उम्मीद है कि कुछ लोग tunnel के ऐसे हिस्सों में हो सकते हैं जहां हवा, पानी या emergency supplies उपलब्ध हों। Rasuwagadhi project में 46 workers के एक सुरक्षित chamber में जीवित होने की संभावना अधिकारियों ने जताई है। India, China और दूसरे देशों की technical teams भी Nepal के rescue operations में सहायता कर रही हैं। घर भी गए, अपनों का भी पता नहीं बाढ़ में 7,000 से ज्यादा घर बह गए या गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। कई survivors Kathmandu पहुंच तो गए हैं, लेकिन उनके पास न रहने की स्थायी जगह है और न ही मृत या लापता परिजनों के mourning rituals करने के लिए पर्याप्त स्थान। Kathmandu के कई Kiriyaputri Bhawan पूरी तरह भर चुके हैं। कुछ जगह अतिरिक्त tents लगाकर पीड़ित परिवारों के लिए व्यवस्था करनी पड़ी है। Rescue से Rehabilitation की ओर बढ़ रहा Nepal एक सप्ताह से ज्यादा समय बीतने के बाद Nepal government का focus धीरे-धीरे rescue के साथ relief, rehabilitation और reconstruction की तरफ बढ़ रहा है। हालांकि missing लोगों की तलाश बंद नहीं की गई है। Roads, bridges, power projects और communication infrastructure को हुए भारी नुकसान के बीच प्रभावित परिवारों को shelter, food और basic services उपलब्ध कराना अब बड़ी चुनौती है। 3 सितंबर तक सबसे दर्दनाक तस्वीर उन परिवारों की है जो अब भी किसी phone call, photograph, DNA match या rescue-team update का इंतजार कर रहे हैं। वहीं कई परिवार आठ दिनों की तलाश के बाद अपने लापता रिश्तेदारों का प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार करने लगे हैं। स्रोत – Nepal Disaster Authorities, Associated Press, Reuters, The Kathmandu Post जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

पलवल में KMP एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा; खड़े ट्रक से टकराई श्रद्धालुओं की पिकअप, 6 की मौत

पलवल: हरियाणा के पलवल जिले में Kundli-Manesar-Palwal (KMP) Expressway पर हुए भीषण सड़क हादसे में उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 14 लोग घायल हो गए। श्रद्धालुओं से भरी पिकअप सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से जा टकराई। हादसा 1 सितंबर की सुबह करीब 5:30 बजे Maheshpur/Yadavpur गांव के पास हुआ। राजस्थान से वृंदावन जा रहे थे श्रद्धालु पुलिस के मुताबिक श्रद्धालुओं का दल उत्तर प्रदेश के Mainpuri से धार्मिक यात्रा पर निकला था। राजस्थान में Khatu Shyam और Salasar Balaji समेत धार्मिक स्थलों के दर्शन के बाद समूह Vrindavan की ओर जा रहा था। इसी दौरान KMP Expressway पर उनकी पिकअप सामने खड़े ट्रक के पिछले हिस्से से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हादसे की टक्कर बेहद जोरदार थी। पिकअप का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और कई यात्री वाहन में फंस गए। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने पुलिस तथा emergency services को जानकारी दी। घायलों को बाहर निकालकर Palwal Civil Hospital पहुंचाया गया, जहां छह लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। छह मृतकों की हुई पहचान पुलिस ने मृतकों की पहचान Vijay Singh Yadav, Raj Kumar, Kamla Devi, Reshma Devi, Sudha Devi और Mahesh के रूप में की है। सभी Mainpuri, Uttar Pradesh से थे। घायल यात्रियों का Palwal और आसपास के hospitals में इलाज कराया गया। सड़क किनारे गलत तरीके से खड़ा था Truck Police investigation में सामने आया कि जिस truck से पिकअप टकराई, वह expressway के किनारे कथित रूप से गलत तरीके से खड़ा था। Palwal Sadar Police के SHO Hari Kishan के मुताबिक हादसे के तुरंत बाद truck driver वाहन लेकर मौके से भाग गया। Police उसकी तलाश और दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। Driver को नींद आने का भी शक पुलिस ने शुरुआती जांच में यह आशंका भी जताई है कि लंबी यात्रा के कारण pickup driver को झपकी आ गई हो, जिसके बाद वाहन stationary truck से जा टकराया। हालांकि दुर्घटना का final cause investigation पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। इसलिए parked truck की स्थिति और pickup driver की alertness—दोनों angles से जांच की जा रही है। हादसे ने फिर उठाए Expressway Safety पर सवाल High-speed expressway पर unauthorized तरीके से vehicles खड़े करना गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है। इस हादसे के बाद KMP Expressway पर roadside parking, night-time visibility और enforcement को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। 3 सितंबर तक उपलब्ध विश्वसनीय reports में truck driver की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं मिली है और मामले की जांच जारी बताई गई है। इसलिए सबसे accurate headline होगी: पलवल में KMP एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा; खड़े ट्रक से टकराई श्रद्धालुओं की पिकअप, 6 की मौत और 14 घायल स्रोत – Palwal Police, Hindustan Times, Times of India, India Today जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

मुंबई में महंगाई का डबल झटका; CNG-PNG महंगी, ऑटो-टैक्सी किराया भी बढ़ा

मुंबई: मुंबई और Mumbai Metropolitan Region (MMR) में सितंबर की शुरुआत आम लोगों के लिए महंगी साबित हुई है। Mahanagar Gas Limited (MGL) ने CNG की कीमत ₹2 प्रति किलो और घरेलू PNG की कीमत ₹1 प्रति SCM बढ़ा दी है। इसके साथ ही auto-rickshaw और black-and-yellow taxi के revised fares भी 1 सितंबर से लागू हो गए हैं। CNG अब ₹88 प्रति किलो नई दरों के बाद मुंबई और आसपास के इलाकों में CNG ₹86 से बढ़कर ₹88 प्रति किलो हो गई है। वहीं domestic PNG की कीमत ₹1 प्रति standard cubic metre बढ़कर ₹53 प्रति SCM पहुंच गई है। MGL ने बढ़ती input cost को price hike की मुख्य वजह बताया है। West Asia Crisis से बढ़ी Gas Cost MGL के मुताबिक international gas prices में तेजी और West Asia में जारी तनाव के कारण imported gas महंगी हुई है। CNG की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कंपनी को महंगे spot Regasified Liquefied Natural Gas (RLNG) पर ज्यादा निर्भर होना पड़ रहा है, जिससे overall supply cost बढ़ गई है। Auto का Minimum Fare ₹27 Mumbai Metropolitan Region Transport Authority ने auto-rickshaw का minimum fare ₹26 से बढ़ाकर ₹27 कर दिया है। यह fare शुरुआती 1.5 kilometre के लिए लागू होगा। इसके बाद per-kilometre fare ₹17.14 से बढ़कर करीब ₹18.22 हो गया है। Kaali-Peeli Taxi का किराया ₹33 Black-and-yellow taxi का minimum fare भी ₹31 से बढ़ाकर ₹33 कर दिया गया है। Taxi का revised per-kilometre rate ₹20.66 से बढ़कर करीब ₹21.90 हो गया है। नई दरें Mumbai, Thane, Navi Mumbai, Kalyan, Vasai-Virar और Panvel सहित MMR के कई हिस्सों में लागू हैं। नवंबर तक Meter Recalibration Auto और taxi drivers को revised fares के हिसाब से electronic meters recalibrate कराने के लिए 30 नवंबर 2026 तक का समय दिया गया है। तब तक drivers RTO-approved revised tariff card के आधार पर यात्रियों से नया किराया ले सकते हैं। तय समय तक meter update नहीं कराने पर कार्रवाई की जा सकती है। यात्रियों और Drivers दोनों की जेब पर असर CNG की कीमत बढ़ने से लाखों CNG-powered vehicles के operating costs बढ़ेंगे। दूसरी ओर commuters को अब रोजाना auto और taxi rides के लिए ज्यादा भुगतान करना होगा। कुछ driver unions का कहना है कि किराया बढ़ने से मिली राहत CNG की कीमत में हुई बढ़ोतरी के कारण काफी हद तक कम हो गई है। इसलिए सबसे accurate headline होगी: मुंबई में महंगाई का डबल झटका; CNG ₹88 प्रति किलो, PNG ₹53 प्रति SCM हुई, ऑटो-टैक्सी किराया भी बढ़ा स्रोत – Mahanagar Gas Limited, Mumbai Metropolitan Region Transport Authority, The Indian Express, India Today जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

हैदराबाद में BJP कार्यालय के घेराव की कोशिश; Youth Congress का जोरदार प्रदर्शन, गेट पर पोता काला रंग

हैदराबाद: तेलंगाना की राजनीति में Congress और BJP के बीच तनाव बढ़ गया है। Telangana Youth Congress के कार्यकर्ताओं ने 31 अगस्त को हैदराबाद के Nampally स्थित BJP state headquarters का घेराव करने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों ने BJP और केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए, कार्यालय के एक गेट पर काला रंग पोता और केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah का पुतला जलाया। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने हस्तक्षेप किया और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। Mallikarjun Kharge से जुड़े विवाद पर भड़का प्रदर्शन Youth Congress का मुख्य विरोध Uttarakhand के Haldwani में Congress president Mallikarjun Kharge की रैली के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ कार्यक्रम को लेकर था। Congress ने इस घटना को Kharge के अपमान और caste discrimination से जोड़ते हुए BJP-RSS पर निशाना साधा है। दूसरी ओर Uttarakhand के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने BJP की भूमिका से इनकार करते हुए Congress पर मामले का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है। Students पर Pellet Gun के इस्तेमाल का भी विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व Telangana Youth Congress president Jakkidi Shiva Charan Reddy ने किया। प्रदर्शनकारियों ने हालिया student protests के दौरान कथित pellet-gun use का भी विरोध किया और Union Home Minister Amit Shah के इस्तीफे की मांग की। कार्यकर्ता BJP office की ओर बढ़े और कुछ प्रदर्शनकारी उसके gate तक पहुंच गए। इसी दौरान gate पर black paint लगाया गया और बाहर Amit Shah का effigy जलाया गया। Police ने कई Youth Congress कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने BJP headquarters के भीतर जाने की कोशिश की, जिसके बाद police ने उन्हें रोक दिया। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए कई protesters को हिरासत में लिया गया। हिरासत में लिए गए नेताओं में Youth Congress state president Jakkidi Shiva Charan Reddy भी शामिल थे। BJP ने Police पर उठाए सवाल केंद्रीय गृह राज्य मंत्री Bandi Sanjay Kumar ने घटना की निंदा करते हुए Telangana Police पर प्रदर्शनकारियों को रोकने में नाकाम रहने का आरोप लगाया। उन्होंने इसे intelligence failure बताते हुए police leadership से जवाब मांगा और Congress से माफी की मांग की। ये BJP के आरोप हैं; Telangana Police की ओर से इन आरोपों को स्वीकार करने वाली कोई पुष्टि उपलब्ध reports में नहीं है। Hyderabad से Nalgonda तक पहुंचा राजनीतिक टकराव Hyderabad की घटना के बाद तनाव Nalgonda तक फैल गया। BJP कार्यकर्ताओं ने Telangana minister Komatireddy Venkat Reddy के camp office के बाहर प्रदर्शन किया, उनके effigy और banners को नुकसान पहुंचाया तथा eggs और tomatoes फेंके जाने की reports सामने आईं। इसके बाद Congress workers पर BJP district president Nagam Varshith Reddy के office और residence पर हमला तथा vandalism करने के आरोप लगे। दोनों पक्षों के बीच बढ़ते तनाव के बाद police deployment बढ़ाया गया। 1 September को BJP State Chief House Arrest मामले में आज, 1 सितंबर 2026, नई development सामने आई। Telangana BJP president N Ramchander Rao को Nalgonda जाने से पहले police ने house arrest कर दिया। Police ने संभावित law-and-order situation को इसकी वजह बताया, जबकि Rao ने आरोप लगाया कि Congress government उन्हें अपने party leader से मिलने से रोक रही है। इस तरह 31 अगस्त को Hyderabad में शुरू हुआ BJP-Congress confrontation अब Telangana में बड़े राजनीतिक टकराव का रूप लेता दिखाई दे रहा है। स्रोत – The New Indian Express, Times of India, PTI, The South First जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

‘गोरखपुर स्पेन’ बयान पर काजल निषाद का पलटवार; सड़कों, स्वास्थ्य और स्कूलों को लेकर रवि किशन को घेरा

गोरखपुर: भाजपा सांसद रवि किशन के गोरखपुर की तुलना स्पेन से करने वाले बयान पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी की नेता काजल निषाद ने रवि किशन पर तीखा पलटवार करते हुए शहर की सड़कों, स्वास्थ्य व्यवस्था और सरकारी स्कूलों की स्थिति पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि विकास के दावों के बजाय शहर की जमीनी स्थिति को देखा जाना चाहिए। काजल निषाद की प्रतिक्रिया 31 अगस्त को सामने आई थी। आज 1 सितंबर को भी ‘Gorakhpur-Spain’ बयान को लेकर राजनीतिक बहस जारी है और विपक्ष के दूसरे नेता भी इसे लेकर भाजपा पर हमला कर रहे हैं। Ravi Kishan ने क्यों की थी Spain से तुलना? रवि किशन ने गोरखपुर के Basharatpur में Kalyan Mandapam के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान शहर में हुए विकास की तारीफ की थी। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath भी मंच पर मौजूद थे। अपने संबोधन में रवि किशन ने कहा कि उन्हें गोरखपुर अब Spain जैसा महसूस होता है और इसे एक शानदार Smart City बताया। उनके बयान पर मंच पर मौजूद मुख्यमंत्री समेत कई लोग हंसते दिखाई दिए थे। Kajal Nishad ने कसा तीखा तंज रवि किशन के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए काजल निषाद ने बेहद तीखे और व्यंग्यात्मक अंदाज में सवाल उठाया कि ऐसी स्थिति में गोरखपुर Spain कैसे हो गया। उन्होंने रवि किशन पर कटाक्ष करते हुए ‘समोसे में गांजा’ वाली टिप्पणी भी की। यह एक राजनीतिक तंज था, रवि किशन के नशीले पदार्थ के इस्तेमाल का कोई स्थापित तथ्य नहीं है। सड़कों और Health System पर उठाए सवाल काजल निषाद ने कहा कि गोरखपुर में जमीन पर जाकर देखने पर कई सड़कों पर गड्ढे दिखाई देंगे। उन्होंने शहर की healthcare व्यवस्था को भी लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने सरकारी स्कूल बंद होने को लेकर भी एक आंकड़ा पेश किया, लेकिन उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्ट्स में ‘500 सरकारी स्कूल बंद होने’ के उनके दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं मिली है। इसलिए इसे काजल निषाद का दावा ही माना जाना चाहिए, verified सरकारी आंकड़ा नहीं। Congress भी कर चुकी है बयान पर हमला रवि किशन के Spain वाले बयान पर सिर्फ समाजवादी पार्टी ही नहीं, Congress भी निशाना साध चुकी है। Congress ने social media पर Gorakhpur के waterlogging वाले visuals को Spain की तस्वीरों के साथ जोड़कर BJP सांसद के comparison का मजाक उड़ाया था। पार्टी ने इस बयान को शहर की वास्तविक समस्याओं से दूर बताया। अब Chandrashekhar Azad ने भी ली चुटकी आज 1 सितंबर को Azad Samaj Party के अध्यक्ष और Nagina सांसद Chandrashekhar Azad ने भी Ravi Kishan के बयान पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि वह शुक्रगुजार हैं कि Gorakhpur आने के लिए उन्हें passport या visa की जरूरत नहीं पड़ी। इसके साथ उन्होंने civic infrastructure और दूसरी स्थानीय समस्याओं को लेकर UP सरकार को घेरा। Ravi Kishan और Kajal Nishad पुराने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी रवि किशन और काजल निषाद पहले भी सीधे चुनावी मुकाबले में आमने-सामने रह चुके हैं। 2024 Lok Sabha election में Gorakhpur सीट से BJP ने Ravi Kishan और Samajwadi Party ने Kajal Nishad को मैदान में उतारा था। अब Spain वाले बयान ने दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक जुबानी जंग को एक बार फिर तेज कर दिया है। फिलहाल विवाद का केंद्र यही है कि BJP इसे Gorakhpur में हुए infrastructure development की उपलब्धि के तौर पर पेश कर रही है, जबकि विपक्ष roads, waterlogging, health और education जैसे स्थानीय मुद्दे उठाकर इस तुलना पर सवाल खड़े कर रहा है। स्रोत – India Today, Moneycontrol, InKhabar, TrendKia, IANS जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

Nepal-Tibet में भीषण Flash Flood से तबाही: 750 मौतें, 3,000 से ज्यादा लापता; आज फिर नई बाढ़ का Alert

काठमांडू/तिब्बत: Nepal-Tibet border पर आई विनाशकारी flash flood ने भारी तबाही मचाई है। आज, 30 अगस्त 2026 की latest update में Nepal और Tibet को मिलाकर confirmed death toll 750 तक पहुंच गया है, जबकि 3,044 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। Nepal में सबसे ज्यादा 734 मौतें दर्ज की गई हैं, जबकि Tibet में 16 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। Rescue operation के बीच आज Nepal में नई बाढ़ की warning भी जारी की गई है। Bhotekoshi River में पानी का level बढ़ने के बाद flood-hit districts के residents को high alert पर रहने और जरूरत पड़ने पर ऊंचे स्थानों पर जाने को कहा गया है। Nepal में 734 मौतें, Tibet में 16 Sunday को authorities की latest figures के मुताबिक Nepal में flood disaster से confirmed death toll बढ़कर 734 हो गया। China की तरफ Tibet के Gyirong County में 16 deaths confirm की गई हैं। दोनों को मिलाकर Nepal-Tibet disaster का confirmed death toll: 750 तक पहुंच गया है। यह आंकड़ा आने वाले घंटों और दिनों में और बदल सकता है क्योंकि बड़े पैमाने पर search operations अभी भी जारी हैं। 3,044 लोग अब भी लापता Death toll से भी ज्यादा चिंताजनक missing persons का आंकड़ा है। Latest official figures के मुताबिक: है। Rescue teams debris, mud, damaged roads और difficult Himalayan terrain के बीच survivors की तलाश कर रही हैं। आज फिर जारी हुआ Fresh Flood Alert Disaster के पांचवें दिन भी खतरा खत्म नहीं हुआ है। Nepalese authorities ने आज रविवार सुबह fresh flood warnings जारी कीं, क्योंकि Bhotekoshi River में पानी का स्तर फिर बढ़ने लगा। Nepal की National Disaster Risk Reduction and Management Authority के मुताबिक Chinese authorities ने upstream water flow बढ़ने की जानकारी Nepal को दी थी। इसके बाद downstream areas में alert जारी किया गया। कई residents को अपने mobile phones पर warning messages मिले और कुछ लोग bridges तथा ऊंचे स्थानों पर पहुंच गए। गांवों में सिर्फ Mud और Debris Flood-hit areas की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। Nuwakot और Dhading के कई इलाकों में: AP की ground reporting में पूरे villages को thick grey-brown sediment से ढका हुआ बताया गया है। Hydropower Tunnels में फंसे Workers की तलाश Rescue operation का एक बड़ा focus Nepal के hydropower projects पर है। Rasuwa district में Trishuli 3A और Trishuli 3B hydropower sites पर 100 से ज्यादा workers के tunnels में trapped होने की आशंका है। Nepal Army ने Trishuli 3A tunnel में एक pipe डालने में सफलता हासिल की है और उसके जरिए अंदर air supply भेजी जा रही है। Thick mud के कारण tunnels तक पहुंचना मुश्किल बना हुआ है। 933 Hydropower Workers Missing Nepal की disaster authority के मुताबिक missing लोगों में 933 hydropower workers भी शामिल हैं। Flood ने Nepal के महत्वपूर्ण hydropower infrastructure को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। कई construction sites, power projects और connecting roads पानी तथा debris में बह गए या पूरी तरह damage हुए हैं। Tibet में 261 Foreign Nationals लापता आज China ने पहली बार Tibet side पर missing foreigners का detailed nationality breakdown जारी किया। Chinese authorities के मुताबिक 23 देशों के 261 foreign nationals Gyirong area में missing हैं। इनमें: शामिल हैं। Indian pilgrims की बड़ी संख्या इस region से Kailash Manasarovar की तरफ travel कर रही थी। 49 Indians अब भी Tibet Side पर Missing Indian audience के लिए सबसे महत्वपूर्ण fresh update यह है कि Chinese authorities की Sunday list में 49 Indian nationals अभी भी unaccounted for बताए गए हैं। China ने कहा है कि missing foreigners के बारे में संबंधित foreign missions को जानकारी दी जा रही है। Nepal और Tibet दोनों sides पर भारतीय नागरिकों की tracing का काम अलग-अलग agencies और diplomatic channels के जरिए चल रहा है। हजारों लोगों को Rescue किया गया Rescue teams helicopters, military personnel, drones और ground teams के जरिए stranded लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। Reuters की Sunday update के मुताबिक Nepal में अब तक 7,514 लोगों को rescue किया जा चुका है। हालांकि rescue figures अलग-अलग समय पर जारी होने के कारण agencies की reports में कुछ अंतर हो सकता है। Prithvi Highway पर भी असर Nepal की राजधानी Kathmandu के लिए बेहद महत्वपूर्ण Prithvi Highway भी flood से प्रभावित हुआ है। AP के मुताबिक highway का ज्यादातर हिस्सा operational है, लेकिन कुछ sections में अभी repair work और connectivity problems बनी हुई हैं। यह highway food, fuel और दूसरी essential supplies को Kathmandu तक पहुंचाने वाले प्रमुख routes में से एक है। कैसे आई इतनी भयानक Flash Flood? Disaster की शुरुआत 26 अगस्त को Himalayan region में massive glacier/ice-rock collapse के बाद हुई। एक विशाल मात्रा में ice, rocks, mud और debris river system में गिरा और उसके बाद तेज flood wave mountain valleys से नीचे की ओर बढ़ी। Flood इतनी powerful थी कि कई buildings, bridges, roads और power infrastructure कुछ ही मिनटों में बह गए। Chinese state broadcaster CCTV ने Chinese scientists के assessment के आधार पर glacier instability को लंबे समय के global warming effects से जोड़ा है। हालांकि इस specific disaster में climate change की precise भूमिका पर broader scientific analysis अभी जारी है। 90,000 से ज्यादा लोग प्रभावित होने का अनुमान Reuters के मुताबिक Red Cross का अनुमान है कि disaster से 90,000 से ज्यादा लोग प्रभावित हो सकते हैं। Flood से homes, livelihoods, roads, bridges, electricity और tourism infrastructure को भारी नुकसान हुआ है। Nepal सरकार पहले ही reconstruction cost करीब $4 billion से $5 billion तक होने का शुरुआती अनुमान दे चुकी है। India ने भेजी Technical और Relief Help India ने Nepal की मदद के लिए relief material और specialised technical assistance भेजी है। Reuters के मुताबिक India तीन flights के जरिए करीब 60 tonnes relief supplies, जिसमें medicines, food और blankets शामिल हैं, Nepal भेज चुका है। Indian tunnel experts की एक team भी rescue operation में मदद के लिए पहुंची है। China ने भी tunnel rescue experts, emergency workers, supplies और technical data उपलब्ध कराया है। खतरा अभी पूरी तरह खत्म नहीं Authorities के लिए सबसे बड़ी…

आगे और पढ़ें
Translate »