वॉशिंगटन/नई दिल्ली: अमेरिका ने वीज़ा और ग्रीन कार्ड प्रक्रिया से जुड़े नए इमिग्रेशन नियम लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं, जिसके बाद भारतीय छात्रों, आईटी पेशेवरों और ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने वाले लोगों के बीच चिंता बढ़ गई है। अमेरिकी प्रशासन ने “Public Charge Rule” को फिर से लागू करने की घोषणा की है, जिसके तहत ग्रीन कार्ड आवेदन का मूल्यांकन करते समय यह भी देखा जाएगा कि आवेदक सरकारी सहायता योजनाओं पर अत्यधिक निर्भर तो नहीं है। यह नियम 18 सितंबर 2026 से प्रभावी होने वाला है।
क्या है नया नियम?
अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) द्वारा पुनः लागू किए जा रहे Public Charge Rule के अनुसार, यदि किसी आवेदक को भविष्य में सरकारी सहायता पर निर्भर रहने की संभावना अधिक मानी जाती है, तो उसके ग्रीन कार्ड आवेदन पर इसका असर पड़ सकता है। अधिकारियों का कहना है कि इस नियम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि स्थायी निवास (Permanent Residence) पाने वाले लोग आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हों।
भारतीयों पर क्या असर पड़ सकता है?
भारत से हर वर्ष बड़ी संख्या में छात्र, आईटी पेशेवर और कुशल कर्मचारी अमेरिका जाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार—
- ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने वालों को अपनी वित्तीय स्थिति से जुड़े दस्तावेज़ अधिक सावधानी से तैयार करने होंगे।
- H-1B जैसे वर्क वीज़ा धारकों में नियमों को लेकर सवाल बढ़े हैं, हालांकि सभी आवेदकों पर समान प्रभाव नहीं पड़ेगा।
- जो लोग सरकारी सहायता योजनाओं पर निर्भर नहीं हैं, उन पर व्यावहारिक असर सीमित रहने की संभावना है।
ग्रीन कार्ड बैकलॉग पहले से चुनौती
भारतीय आवेदकों को पहले ही रोजगार-आधारित ग्रीन कार्ड श्रेणियों में लंबी प्रतीक्षा का सामना करना पड़ रहा है। अमेरिकी विदेश विभाग ने हाल में बताया कि भारत के लिए EB-2 और कुछ अन्य श्रेणियों की वार्षिक सीमा वित्त वर्ष 2026 के लिए पूरी हो चुकी है, जिससे कई आवेदकों को अगले वित्तीय वर्ष तक इंतजार करना पड़ेगा।
विशेषज्ञ क्या कह रहे हैं?
इमिग्रेशन विशेषज्ञों का कहना है कि घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने वाले लोगों को—
- अपनी आय और रोजगार से जुड़े रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने चाहिए।
- आवेदन में दी गई सभी जानकारी सही और पूर्ण होनी चाहिए।
- आधिकारिक USCIS और अमेरिकी विदेश विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए।
आगे क्या होगा?
नया नियम सितंबर 2026 से लागू होने वाला है। इसके बाद अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसियां नए मानकों के आधार पर पात्रता का मूल्यांकन करेंगी। यदि भविष्य में नियमों में और बदलाव होते हैं, तो उनकी आधिकारिक जानकारी संबंधित एजेंसियों द्वारा जारी की जाएगी।
निष्कर्ष
अमेरिका के नए वीज़ा और ग्रीन कार्ड नियमों ने भारतीय आवेदकों के बीच चिंता जरूर बढ़ाई है, लेकिन इनका प्रभाव प्रत्येक आवेदक की व्यक्तिगत परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर सही दस्तावेज़, वित्तीय पारदर्शिता और आधिकारिक दिशानिर्देशों का पालन करने से आवेदन प्रक्रिया अधिक सुचारु रह सकती है।
Source: U.S. Department of Homeland Security (DHS), U.S. Department of State, Reuters एवं अन्य विश्वसनीय रिपोर्ट।
जय राष्ट्र न्यूज़






