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Operation Sindoor ने दुनिया को दिखाई IAF की तेज Combat Readiness: Air Chief Marshal AP Singh

गाजियाबाद: भारतीय वायुसेना प्रमुख Air Chief Marshal A.P. Singh ने कहा है कि Operation Sindoor ने भारतीय वायुसेना (IAF) की तेज परिचालन क्षमता और युद्ध के लिए तैयार रहने की ताकत को प्रदर्शित किया। उन्होंने 8 अक्टूबर 2026 को हिंडन एयरबेस पर वायुसेना के 94वें स्थापना दिवस के अवसर पर कहा कि बदलते सुरक्षा माहौल में एयर पावर की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है और IAF किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तैयार है। Operation Sindoor से मिली अहम सीख Air Chief Marshal AP Singh के मुताबिक, पिछले वर्ष हुए Operation Sindoor ने भारतीय वायुसेना की परिचालन गति, आपसी समन्वय और combat preparedness को प्रदर्शित किया। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर वायुसेना बेहद कम समय में अपने संसाधनों को सक्रिय कर सकती है और मिशन की आवश्यकताओं के अनुसार तेजी से कार्रवाई कर सकती है। इस ऑपरेशन से मिली सीख भविष्य की रणनीति और सैन्य तैयारियों के लिए भी महत्वपूर्ण है। हर चुनौती के लिए तैयार है IAF वायुसेना प्रमुख ने कहा कि भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमताएं लगातार मजबूत हो रही हैं। बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों और नई सैन्य तकनीकों के बीच वायुसेना को सतर्क और युद्ध के लिए तैयार रहना जरूरी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी आपात स्थिति में प्रभावी प्रतिक्रिया देने के लिए प्रशिक्षण, समन्वय और संसाधनों की उपलब्धता महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। Network-centric force बन रही भारतीय वायुसेना AP Singh ने भारतीय वायुसेना को तेजी से विकसित होती नेटवर्क-केंद्रित सैन्य शक्ति बताया। आधुनिक युद्ध में लड़ाकू विमानों के साथ सेंसर, निगरानी प्रणालियों, संचार नेटवर्क और हथियार प्लेटफॉर्म के बीच बेहतर तालमेल जरूरी हो गया है। इन प्रणालियों का प्रभावी एकीकरण वायुसेना को तेजी से जानकारी जुटाने, परिस्थितियों का आकलन करने और सटीक निर्णय लेने में मदद करता है। राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अहम है Air Power वायुसेना प्रमुख ने कहा कि मौजूदा सुरक्षा माहौल में एयर पावर की भूमिका केवल युद्ध के मैदान तक सीमित नहीं है। यह राष्ट्रीय हितों की रक्षा, संभावित विरोधियों को रोकने और संकट के समय तेजी से कार्रवाई करने के लिए भी महत्वपूर्ण है। बदलते क्षेत्रीय और वैश्विक हालात के बीच मजबूत वायु शक्ति देश की सुरक्षा रणनीति का अहम हिस्सा बनी हुई है। Operation Sindoor में IAF की भूमिका Operation Sindoor के दौरान भारतीय वायुसेना ने अपने लड़ाकू और सहायक प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हुए सैन्य अभियानों में भाग लिया था। Air Chief के अनुसार, इस ऑपरेशन से मिले अनुभव भविष्य की परिचालन योजनाओं और सैन्य आधुनिकीकरण में उपयोगी साबित हो सकते हैं। ऑपरेशन ने कम समय में तैयारी करने, विभिन्न सैन्य संसाधनों के बीच तालमेल और मिशन के अनुसार तेजी से प्रतिक्रिया देने की अहमियत को भी रेखांकित किया। आधुनिक तकनीक पर बढ़ रहा फोकस भारतीय वायुसेना पारंपरिक लड़ाकू विमानों के साथ आधुनिक तकनीकों को भी अपनी युद्ध क्षमता में शामिल करने पर जोर दे रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन, उन्नत मिसाइलें, एकीकृत एयर डिफेंस नेटवर्क और स्वदेशी रक्षा प्लेटफॉर्म भविष्य के युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इन तकनीकों के प्रभावी इस्तेमाल से निगरानी, लक्ष्य की पहचान, संचार और परिचालन समन्वय को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। Fighter squadron की संख्या बनी चुनौती भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमता के बावजूद लड़ाकू स्क्वाड्रनों की संख्या एक महत्वपूर्ण चुनौती बनी हुई है। वायुसेना को अपनी आवश्यक परिचालन क्षमता बनाए रखने के लिए नए लड़ाकू विमानों की समय पर आपूर्ति और पुराने विमानों के स्थान पर आधुनिक प्लेटफॉर्म शामिल करने की जरूरत है। Air Chief पहले भी कह चुके हैं कि आवश्यक स्तर बनाए रखने के लिए भारत को हर साल लगभग 36 से 40 लड़ाकू विमान शामिल करने की आवश्यकता है। Tejas Mk-1A की डिलीवरी में देरी पर चिंता Tejas Mk-1A कार्यक्रम में देरी ने वायुसेना के आधुनिकीकरण की योजनाओं पर दबाव बढ़ाया है। लड़ाकू स्क्वाड्रनों की संख्या निर्धारित स्तर से कम होने के कारण नए विमानों की समय पर डिलीवरी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले वर्षों में स्वदेशी लड़ाकू विमानों को शामिल करना वायुसेना की क्षमता बढ़ाने और परिचालन जरूरतों को पूरा करने के लिहाज से अहम होगा। Future warfare के लिए तैयारी Air Chief ने भविष्य के युद्धों में गति, सटीकता, खुफिया जानकारी और तकनीक की बढ़ती भूमिका पर जोर दिया। वायुसेना पारंपरिक एयर पावर के साथ साइबर, अंतरिक्ष, मानवरहित प्रणालियों और नेटवर्क आधारित अभियानों पर भी ध्यान बढ़ा रही है। आधुनिक युद्ध की बदलती प्रकृति के अनुरूप तैयारी करना वायुसेना की दीर्घकालिक रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। भारतीय वायुसेना का 94वां स्थापना दिवस भारतीय वायुसेना ने 8 अक्टूबर 2026 को अपना 94वां स्थापना दिवस मनाया। हिंडन एयरबेस पर आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों और पूर्व वायुसेना प्रमुखों सहित कई गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर वायुसेना की उपलब्धियों, बदलती परिचालन जरूरतों और भविष्य की चुनौतियों पर जोर दिया गया। जवानों की ट्रेनिंग और अनुशासन को बताया ताकत Air Chief Marshal AP Singh ने वायुसेना के कर्मियों की पेशेवर क्षमता, समर्पण और अनुशासन की सराहना की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विमान और आधुनिक तकनीक महत्वपूर्ण हैं, लेकिन किसी भी सैन्य बल की वास्तविक ताकत उसके जवानों के प्रशिक्षण, अनुशासन और तैयारी में होती है। Operation Sindoor का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वायुसेना को भविष्य में भी तेज प्रतिक्रिया और मजबूत combat readiness बनाए रखने की दिशा में काम करना होगा। स्रोत: Hindustan Times, The Times of India, The Economic Times और Bharat Shakti जय राष्ट्र न्यूज़

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‘बालाकोट से ऑपरेशन सिंदूर तक आतंक को मिला करारा जवाब’—PM मोदी

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 138वें एपिसोड में आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले एक दशक में सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक भारत ने यह संदेश दिया है कि देश के खिलाफ आतंकी कार्रवाई होने पर उसका जवाब दिया जाएगा। प्रधानमंत्री ने यह टिप्पणी 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक के 10 वर्ष पूरे होने के अवसर पर की। सर्जिकल स्ट्राइक के 10 साल पूरे प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 28-29 सितंबर 2016 की रात भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा पार कर आतंकवादी लॉन्च पैड्स पर सर्जिकल स्ट्राइक की थी। उन्होंने इसे भारत की आतंकवाद विरोधी नीति में महत्वपूर्ण बदलाव बताते हुए कहा कि उस कार्रवाई ने दुनिया के सामने भारत की नई counter-terrorism approach का उदाहरण पेश किया। बालाकोट से ऑपरेशन सिंदूर तक का किया जिक्र प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बीते एक दशक में बालाकोट एयर स्ट्राइक से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक भारत ने आतंकवाद के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की नीति को सामने रखा है। उन्होंने कहा कि अगर आतंकवादी भारत की तरफ आंख उठाते हैं तो उन्हें “करारा जवाब” दिया जाएगा। यह बयान भारत की मौजूदा आतंकवाद विरोधी नीति के संदर्भ में दिया गया। 2019 में हुई थी बालाकोट एयर स्ट्राइक फरवरी 2019 में पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में कार्रवाई की थी। भारत ने उस समय कहा था कि इस कार्रवाई में आतंकी प्रशिक्षण केंद्रों को निशाना बनाया गया। प्रधानमंत्री ने अपने हालिया संबोधन में बालाकोट का उल्लेख सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर के साथ किया। ऑपरेशन सिंदूर को बताया नई नीति का हिस्सा प्रधानमंत्री मोदी इससे पहले भी ऑपरेशन सिंदूर को आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति में एक नया मानक बता चुके हैं। उनके मुताबिक भारत पर आतंकी हमला होने की स्थिति में जवाब भारत अपनी शर्तों और अपने समय के अनुसार देगा। उन्होंने आतंकवाद और उसे समर्थन देने वाले ढांचे के खिलाफ सख्त रुख की बात भी दोहराई। आतंकवाद पर Zero-Tolerance Policy की बात ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान भारत आतंकवाद के खिलाफ Zero-Tolerance Policy के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति को अधिक स्पष्ट और जवाबी कार्रवाई केंद्रित बनाया है। दिल्ली और मुंबई आतंकी हमलों को भी किया याद प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में 13 सितंबर 2008 के दिल्ली सीरियल ब्लास्ट और उसी वर्ष हुए 26/11 मुंबई आतंकी हमले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत लंबे समय तक आतंकवादी हमलों का सामना करता रहा है और इसी पृष्ठभूमि में सरकार ने पिछले वर्षों में आतंकवाद के खिलाफ अपनी रणनीति मजबूत की है। सेना के साहस की की सराहना प्रधानमंत्री ने 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक को याद करते हुए भारतीय सेना के जवानों के साहस की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय सैनिकों ने नियंत्रण रेखा पार कर आतंकवादी ठिकानों पर कार्रवाई की और मिशन के बाद सुरक्षित वापस लौटे। ऑपरेशन सिंदूर पर पहले भी दे चुके हैं बयान ऑपरेशन सिंदूर को लेकर प्रधानमंत्री मोदी पहले भी कई बार बयान दे चुके हैं। उन्होंने इसे आतंकवाद के खिलाफ भारत की निर्णायक कार्रवाई और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता से जोड़ा है। उन्होंने पहलगाम हमले के बाद की कार्रवाई के संदर्भ में भी कहा था कि आतंकवाद से जुड़े ठिकानों के खिलाफ भारत सख्त कार्रवाई करेगा। राष्ट्रीय सुरक्षा पर सरकार का संदेश प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक के दस वर्ष पूरे हो रहे हैं। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट और ऑपरेशन सिंदूर को जोड़ते हुए सरकार की आतंकवाद विरोधी नीति को दोहराया और कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ Zero-Tolerance के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। source – Prime Minister of India / Press Information Bureau जय राष्ट्र न्यूज़

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BJP के वरिष्ठ नेता विजय कुमार मल्होत्रा के निधन से दिल्ली और भाजपा में शोक की लहर

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के विकास में अहम योगदान देने वाले विजय कुमार मल्होत्रा का निधन हो गया है. उनके निधन से दिल्ली के राजनीतिक, व्यापारिक और खेल जगत में शोक की लहर छा गई है. भाजपा नेताओं ने उनके निधन को दिल्ली और पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति बताया है. प्रवीण खंडेलवाल ने मल्होत्रा के खेल प्रेम को किया याद भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रवीण खंडेलवाल ने मल्होत्रा को दिल्ली का सच्चा मित्र और व्यापारियों का मसीहा करार दिया. उन्होंने कहा, “मल्होत्रा जी ने दिल्ली के आधुनिक विकास की नींव रखी और राजधानी की प्रगति का मार्ग प्रशस्त किया. वे व्यापारिक समुदाय के लिए हमेशा उपलब्ध रहते थे और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशील थे. उनका सहयोग व्यापारियों के लिए ताकत का स्रोत था.” खंडेलवाल ने उनके खेल प्रेम को भी याद किया और कहा कि मल्होत्रा का खेलों के विकास में योगदान हमेशा सम्मान के साथ याद किया जाएगा. उन्होंने ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति और परिवार को दुख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की. मनोज सिंह बिष्ट ने भी मल्होत्रा के निधन पर जताया गहरा दुख वहीं, भाजपा नेता मनोज सिंह बिष्ट ने भी मल्होत्रा के निधन पर गहरा दुख जताया. उन्होंने कहा, “विजय कुमार मल्होत्रा दिल्ली भाजपा के पहले अध्यक्ष थे. वे कुशल संगठनकर्ता थे और कार्यकर्ताओं को जोड़ने में माहिर थे. वे हमेशा दिल्ली के विकास के बारे में सोचते थे. उनका निधन दिल्ली भाजपा और शहर के लिए बड़ा नुकसान है.” बिष्ट ने मुस्तफाबाद विधानसभा की जनता की ओर से प्रार्थना की कि ईश्वर उनकी आत्मा को अपने चरणों में स्थान दें. कौन हैं विजय कुमार मल्होत्रा? बता दें कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता विजय कुमार मल्होत्रा का मंगलवार सुबह दिल्ली के एम्स अस्पताल में 93 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. दिसंबर 1931 में लाहौर में जन्मे विजय कुमार मल्होत्रा दिल्ली से पांच बार सांसद और दो बार विधायक रह चुके थे. वे 1972 से 1975 तक दिल्ली जनसंघ के अध्यक्ष रहे और इसके बाद दो बार भाजपा दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष (1977-80 और 1980-84) के पद पर भी रहे.

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PM Shehbaz’s Advisor Reveals 30-45 Sec Response Window

हमारे पास 30 से 45 सेकंड थे’, भारत के ब्रह्मोस मिसाइल हमले पर PM शहबाज के सलाहकार का बड़ा खुलासा

ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के दौरान भारत ने पाकिस्तान पर ब्रह्मोस मिसाइलें दागी (Brahmos Missile Attack On Pakistan) थी, जिसने पाकिस्तान घुटनों पर आकर सीजफायर की भीख मांगने लगा था। हालांकि सीजफायर होने के बाद पाकिस्तान अपने इस नाकामी को छुपाने में जुट गया, लेकिन पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif) के प्रमुख सलाहकार राणा सनाउल्लाह (Rana Sanaullah) ने ही इस झूठ की पोल खोल दी है। राणा सनाउल्लाह (Rana Sanaullah) ने पाकिस्तानी मीडिया को दिए अपने एक इंटरव्यू में कहा, ”भारत ने जब हम पर ब्रह्मोस मिसाइल दागी, तो हमारे नेतृत्व के पास ये तय करने के लिए सिर्फ 30 से 45 सेकंड ही थे कि यह इन मिसाइलों में परमाणु हथियार है कि नहीं।  राणा सनाउल्लाह (Rana Sanaullah) ने इंटरव्यू के दौरान बताया कि, भारत ने जब ब्रह्मोस मिसाइल (Brahmos Missile Attack On Pakistan) रावलपिंडी के नूर खान एयरबेस पर दागी, तो हमारे एयर डिफेंस सिस्टम हाई अलर्ट का संकेत भेजने लगा। जिसने पाकिस्तान के पूरे रक्षा तंत्र को ही हिलाकर रख दिया था। उस समय हमारे नेतृत्व के पास सिर्फ 30 से 45 सेकेंड यह तय करने के लिए थे कि इस मिसाइल में परमाणु हथियार है कि नहीं। यहां पर एक चूक महाविनाश ला सकती थी। सनाउल्लाह ने कहा कि, ”मैं यह नहीं कह रहा हूं कि भारत ने परमाणु हथियार का इस्तेमाल न करके अच्छा किया, लेकिन पाकिस्तान के लोग अगर गलति से इसे परमाणु हमला समझ लेते तो परमाणु युद्ध छिड़ सकता था।” ट्रंप ने निभाई युद्ध रूकवाने में अहम भूमिका- सनाउल्लाह    इंटरव्यू के दौरान राण सनाउल्लाह भले ही अपने डर को जाहिर करते हुए सच्चाई स्वीकार्य कर गए हों, लेकिन वो पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा फैलाने से नहीं चकू। अपने पाकिस्तानी आकाओं की तरह   सनाउल्लाह ने भी सीजफायर का क्रेडिट डोनाल्ड ट्रंप को देते हुए कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को कम करने और युद्ध रोकने में ट्रंप ने अहम भूमिका निभाई। ट्रंप ने अगर परमाणु युद्ध टालने में भूमिका निभा कर दुनिया को बड़े विनाश से बचाया है, तो दुनिया को भी उनके इस  भूमिका का निष्पक्ष आंकना कर उनकी सराहना करनी चाहिए। सनाउल्लाह (Rana Sanaullah) ने कहा कि इस बात को पाकिस्तान अच्छे से समझता है और इसीलिए पीएम शहबाज शरीफ ने ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार देने के लिए नामित किया है। हालांकि, भारत ने सीजफायर में ट्रंप के किसी भी तरह के भूमिका से इंकार करते हुए कहा है कि सीजफायर के लिए पाकिस्तान ने अनुरोध किया था। भारत ने अपने लक्ष्य को हासिल कर लिया था, इसलिए पाकिस्तान की तरफ से फोन कॉल आने के बाद युद्ध को रोका गया। इसे भी पढ़ें:-  मीरा रोड थप्पड़ कांड पर संजय निरुपम ने सरकार से की कार्रवाई की मांग, आखिर पुलिस क्यों नहीं ले रही है कोई एक्शन? भारत के हमले से खौफ में था पाकिस्तान नेतृत्व  बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के दौरान भारत ने 10 मई को ब्रह्मोस मिसाइलों से पाकिस्तान के कई एयरबेस पर हमला किया था। भारत के हमले में नूर खान एयरबेस समेत पाकिस्तान के कई एयरबेस के रनवे, बंकर और हैंगर को भारी नुकसान हुआ। भारत के इस हमले से पाकिस्तान की सैन्य क्षमता बुरी तरह से प्रभावित हुई और पाकिस्तान के फाइटर जेट उड़ान तक नहीं भर पाए। सनाउल्लाह ने इंटरव्यू के दौरान भारत के इसी हमले का जिक्र करते हुए स्वीकार किया कि भारत के तरफ से हुए इस भीषण हमले से पाकिस्तान को दहशत फैल गया था। इसकी वजह से परमाणु संघर्ष की आशंका बढ़ गई थी।  पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने भी कुछ दिन पहले मीडिया से बातचीत में यह स्वीकार किया था कि भारत के हमले में पाकिस्तान के एयरबेस को बड़ा नुकसान हुआ था। भारत ने जब हमला किया तो हम भारत पर हमला करने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन भारत ने चौकानें वाला हमला करके हमारी योजना को ध्वस्त कर दिया। पाकिस्तान की तरफ से एक के बाद एक इस तरह के बयान तब आ रहे हैं, जब पाकिस्तानी सेना इस युद्ध में अपनी जीत का दावा करते हुए किसी भी तरह के क्षति से इनकार कर चुकी है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Rana Sanaullah #IndiaBrahMos #PakistanReaction #ShehbazSharif #BrahMosMissile #DefenseAlert #IndiaPakistanTensions #MissileStrike

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Defense Attaché's 'Operation Sindoor'

डिफेंस अताशे के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर बयान ने मचाया हंगामा, कांग्रेस के आरोप पर भारतीय दूतावास ने दी सफाई

इंडोनेशिया में एक सेमिनार को संबोधित करते हए भारतीय डिफेंस अताशे (Indian Defence Attaché) कैप्टन शिव कुमार (नौसेना) द्वारा ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) पर दिए गए एक बयान से विवाद खड़ा हो गया है। नौसेना कैप्टन शिव कुमार ने सेमिनार में दावा किया था कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) के प्रथम चरण में 7 मई को भारतीय वायुसेना को “कुछ लड़ाकू विमानों का नुकसान हुआ था”। क्योंकि हमारे राजनीतिक नेतृत्व ने पाकिस्तान के किसी भी सैन्य प्रतिष्ठान पर हमला न करने को कहा था। सेना को सिर्फ आतंकवादी ठिकानों को ध्वस्त करने का आदेश मिला था। जिसका वो पालन कर रही थी।   कैप्टन शिव कुमार ने इंडोनेशिया में यह बयान 10 जून को दिया था, जिसका वीडियो अब वायरल हुआ। इस वीडियो में कैप्टन शिव कुमार यह कहते दिख रहे हैं कि, “भारत को प्रारंभिक चरण में सिर्फ इसलिए नुकसान उठाना पड़ा क्योंकि हमारे राजनीतिक नेतृत्व ने पाकिस्तान की किसी भी सैन्य संरचना या एयर डिफेंस को निशाना न बनाने का निर्देश दिया था। लेकिन शुरूआती नुकसान के बाद हमारी सेना इस रणनीति पर फिर से विचार किया और उसमें बदलाव करते हुए दुश्मन की एयर डिफेंस को निशाना बनाना शुरू किया। ब्रह्मोस मिसाइलों से सफल हमला कर दुश्मन को भारी नुकसान पहुंचाया गया। हमारी सेना ने दुश्मन को पंगु बना दिया था।”  कांग्रेस ने लगाया राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करने का आरोप  कैप्टन का यह बयान वायरल होने के बाद अब विवाद शुरू हो गया है। कांग्रेस (Congress) ने इसे मुद्दा बनाते हुए सरकार पर हमला बोल दिया है। कांग्रेस (Congress) प्रवक्ता पवन खेड़ा ने इसे मोदी सरकार की विफलता करार देते हुए कहा कि, ”प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) इस मुद्दे पर जानकारी देने के लिए ऑल-पार्टी मीटिंग क्यों नहीं बुला रहे हैं। हमारे डिफेंस अताशे का यह बयान सीधे तौर पर सरकार की जवाबदेही तय करती है।” पवन खेड़ा ने पीएम मोदी (PM Modi) और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत पूरी केंद्र सरकार पर देश की सुरक्षा से समझौता करने का गंभीर आरोप लगाते हुए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान के उस बयान का भी हवाला दिया, जिसमें जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के प्रथम चरण में नुकसान की बात स्वीकार की थी। बता दें कि, पिछले महीने सीडीएस ने सिंगापुर में ब्लूमबर्ग न्यूज को एक इंटरव्यू देते हुए बताया था कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के शुरुआती चरण में विमान खोने के बाद अपनी रणनीति बदली और पाकिस्तान को करारा जवाब दिया। हालांकि इस दौरान सीडीएस ने पाकिस्तान के उस दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया, जिसमें वो छह भारतीय फाइटर जेट को मार गिराने की बात कह रहा है।  इसे भी पढ़ें:- ‘लालू परिवार की जमीन पर होगा सरकार का कब्जा, बनेगा भूमिहीन गरीबों का घर’, JDU नेता के बयान से सियासी हलचल तेज भारतीय दूतावास ने आरोप लगता देख जारी की सफाई डिफेंस अताशे (Indian Defence Attaché) के बयान पर विवाद बढ़ता देख भारतीय दूतावास (जकार्ता) ने भी सफाई दी है। दूतावास ने अपने X पोस्ट में कहा, ”हमारे डिफेंस अताशे के बयान को बिना किसी संदर्भ पेश किया गया और मीडिया में भी गलत तरीके से दिखाया जा रहा है। कैप्टन कुमार ने सिर्फ यह बताने की कोशिश की है कि हमारी सेना राजनैतिक नेतृत्व के अधीन काम करती है, जो भारतीय लोकतांत्र की शानदार परंपरा को दिखाती है।” दूतावास के बयान में यह भी कहा गया कि ऑपरेशन सिंदूर का मकसद सिर्फ आतंकी अड्डों को ध्वस्त करना था। भारत की कार्रवाई न तो उकसावे वाली थी और न ही किसी देश को नुकसान पहुंचाने वाली।  आपको बता दे कि डिफेंस अताशे किसी भी देश का एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी होता है, जो उस देश के दूतावास में तैनात होता है। यह अपने देश के रक्षा प्रतिष्ठान का प्रतिनिधित्व करने के साथ डिफेंस से जुड़े सभी कार्यों को देखता है। इसके माध्यम से ही रक्षा उत्पादों की खरीद-बिक्री की जाती है।   Latest News in Hindi Today Hindi news Congress सीडीएस #OperationSindoor #DefenseAttaché #Congress #IndianEmbassy #DiplomaticRow #IndiaNews

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Eknath Shinde on Operation Sindoor

ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल करने वाले पाक एजेंट, इन्हें पाकिस्तान से अवॉर्ड चाहिए- एकनाथ शिंदे ने राहुल गांधी और उद्धव ठाकरे पर बोला हमला 

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना मुखिया एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने पार्टी की स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में विपक्षी दलों पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल उठाने वाले लोगों को ‘गद्दार’ बताते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को पाकिस्तानी एजेंट तक कह दिया। एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने इस दौरान शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) पर भी निशाना साधा और उन पर  हिंदुत्व की विचारधारा छोड़ने का आरोप लगाया।  हमें भारत के इस ऑपरेशन पर गर्व है- एकनाथ शिंदे एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) वर्ली के एनएससीआई डोम में आयोजित पार्टी कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए शिंदे ने कहा, “हमें भारत के इस ऑपरेशन पर गर्व है। इस ऑपरेशन ने पाकिस्तान को हमारी ताकत का एहसास करा दिया। लेकिन जो लोग हमारी सेना की ताकत पर संदेह करते हैं, उन्हें भारतीय सेना पर भरोसा नहीं है। ऐसे लोगों को पाकिस्तान के सेना प्रमुख पर भरोसा है। जिसके कारण ही ये लोग हमारी सेना की वीरता को सलाम करने की जगह हमारे नुकसान के बारे में सवाल पूछ रहे हैं। इस तरह देश की सेना पर सवाल उठाना देशद्रोह की तरह है। राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और उनकी पार्टी इस समय पाकिस्तानी एजेंट की तरह काम करके देश को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही है।” शिंदे ने आगे कहा कि कांग्रेस के लोग भारतीय सेना पर जिस तरह सवाल उठा कर पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं, इसके लिए इन्हें पाकिस्तान से अवॉर्ड मिलना चाहिए। जो लोग हमारी सेना पर सवाल उठा कर पूछ रहे हैं कि हमने कितने फाइटर जेट खोए और हमें कितना नुकसान हुआ, क्या उन्हें पाकिस्तान से इनाम चाहिए?” उद्धव ठाकरे पर भी जमकर बरसे शिंदे  एकनाथ शिंदे इस दौरान उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) पर भी जमकर बरसे। उन्होंने उद्धव ठाकरे पर हिंदुत्व त्यागने का आरोप लगाते हुए कहा कि वो सत्ता में वापसी के लिए हिंदुत्व से समझौता करने वाले कार्यक्रम आयोजित करा रहे हैं। जबकि हम दिवंगत बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा और उनके द्वारा बताए गए रास्ते पर चलते हुए हिन्दुत्व पर आधारित कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। शिंदे ने UBT गुट पर ठाकरे की विरासत को छोड़ने का आरोप लगाते हुए कहा, “वे लोग सत्ता में वापसी के लिए इधर-उधर भाग रहे हैं, गठबंधन के लिए विचारधारा के खिलाफ जाने वाली पार्टियों से भी विनती कर रहे हैं।” राज्य में स्थानीय निकाय चुनाव जब एकबार फिर से नजदीक आ चुका है, तो उन्हें अचानक हिंदुत्व याद आने लगा, मराठी मानुस याद आने लगा, लेकिन महाराष्ट्र की जनता अब समझ चुकी है कि यह केवल इन लाेगों का पाखंड है।” बता दें कि एकनाथ शिंदे बाल ठाकरे द्वारा 1966 में स्थापित शिवसेना का 59वें स्थापना दिवस मना रहे थे। इस दौरान मुंबई में कई जगह शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना द्वारा रैली भी निकाली गई और विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन हुआ।  इसे भी पढ़ें:- Rahul Gandhi’s Entry Into Politics: जन्मदिन विशेष: इस तरह हुई थी राहुल गाँधी की सियासत में इंट्री शिवसेना को मिटाने वाले खुद मिट जाएंगे- उद्धव ठाकरे उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) की शिवसेना (यूबीटी) ने भी स्थापना दिवस को मनाया और विभिन्न जगहों पर रैली निकाली। उद्धव ठाकरे की पार्टी का मुख्य कार्यक्रम सायन इलाके के षणमुखानंद हॉल में आयोजित हुआ। यहां पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने फिल्मी अंदाज विरोधियों को चैलेंज किया- कम ऑन किल मी, बाद में उन्होंने कहा कि जो लोग शिवसेना को मिटाने का सपना देख रहे हैं, वे आने वाले दिनों में खुद मिट जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वो गद्दारों को पूरा सबक सिखाएंगे। उनका यह इशारा एकनाथ शिंदे की तरफ था। इस दौरार उद्धव ठाकरे ने यह भी कहा कि उनकी अगुवाई वाली पार्टी ही असली शिवसेना है और स्थानीय निकाय चुनाव में यह पार्टी भारी जीत हासिल करने वाली है।  Latest News in Hindi Today Hindi  Uddhav Thackeray #EknathShinde #RahulGandhi #UddhavThackeray #OperationSindoor #PoliticalNews #IndiaPolitics #PakistanAgent #BJPvsCongress

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PM Modi and President Trump

Modi-Trump की 35 मिनट की बातचीत: आतंकवाद पर कड़ा संदेश, अमेरिका का भारत को समर्थन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बुधवार को फोन पर महत्वपूर्ण बातचीत हुई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मोदी और ट्रंप (Modi and Trump) की बात तकरीबन  35 मिनट तक चली। यह बातचीत ऐसे समय में हुई जब राष्ट्रपति ट्रंप को अपनी पहले से तय भारत की यात्रा स्थगित कर अमेरिका लौटना पड़ा, जिससे दोनों नेताओं की संभावित मुलाकात टल गई है। ट्रंप के आग्रह पर यह फोन कॉल हुआ, जिसमें कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। मोदी और ट्रंप की आतंकवाद मुद्दे पर हुई बात  प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) ने बातचीत के दौरान आतंकवाद के मामले पर भारत की स्थिति को साफ तरीके से ट्रंप के साथ साझा किया। उन्होंने कहा कि भारत अब आतंकवाद को ‘छद्म युद्ध’ के रूप में देखता है और इसके खिलाफ कार्रवाई को प्राथमिकता देता है। इस क्रम में उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) का भी जिक्र किया जो फिलहाल जारी है। इस ऑपरेशन के तहत भारत ने हाल ही में पाकिस्तान के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। दोनों नेताओं के बीच पहलगाम आतंकी हमले (Pahalgam Terror Attack) के बाद भारत-पाकिस्तान के बढ़ते तनाव (India-Pakistan Tension) पर भी विस्तार से चर्चा हुई। पीएम मोदी ने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील (PM Modi and President Trump) या अमेरिका की किसी मध्यस्थता पर कोई चर्चा नहीं हुई। पाकिस्तान के आग्रह पर ही भारत और पाकिस्तान के बीच वार्ता हुई थी। प्रधानमंत्री ने ट्रंप को यह भी आश्वस्त किया कि भारत की ओर से कोई ऐसी पहल नहीं हुई जो अमेरिका को बीच में लाने की ओर संकेत दे। इस बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप (President Trump) ने भारत के आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष में पूरी सहानुभूति और समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) की बातों को गंभीरता से सुना और कहा कि अमेरिका इस लड़ाई में भारत के साथ है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने भी इस बातचीत के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मोदी और ट्रंप की मुलाकात जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान होनी थी, लेकिन ट्रंप के अमेरिका लौटने के कारण ऐसा नहीं हो पाया। ट्रंप ने मोदी को अमेरिका आने का दिया निमंत्रण  बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी को अमेरिका आने का निमंत्रण भी दिया। उन्होंने पूछा कि क्या पीएम मोदी कनाडा से वापसी में अमेरिका आ सकते हैं। लेकिन पीएम मोदी (PM Modi) ने पहले से तय कार्यक्रमों का हवाला देते हुए असमर्थता जताई। इसके बावजूद दोनों नेताओं ने भविष्य में शीघ्र मिलने की बात पर सहमति जताई। इसके अलावा विदेश सचिव ने यह भी जानकारी दी कि 9 मई की रात अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पीएम मोदी को कॉल किया था और आगाह किया था कि पाकिस्तान भारत पर बड़ा हमला कर सकता है। पीएम मोदी ने स्पष्ट कहा कि अगर पाकिस्तान ऐसा करता है तो भारत जवाब देने में देर नहीं करेगा और यह जवाब पहले से भी ज्यादा शक्तिशाली होगा। इसके अगले ही दिन 10 मई को भारत ने पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों पर सशक्त कार्रवाई की, जिससे उसे भारी नुकसान उठाना पड़ा। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक यह बातचीत भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी और वैश्विक सुरक्षा मसलों पर साझा दृष्टिकोण को और मजबूती देने का संकेत है। पीएम मोदी की यह पहल भारत की स्पष्ट विदेश नीति और आतंकवाद के खिलाफ सख्त रवैये को दर्शाती है। वहीं अमेरिका की ओर से मिला समर्थन भारत के लिए कूटनीतिक रूप से एक अहम संकेत है कि उसकी सुरक्षा चिंताओं को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर गंभीरता से लिया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप (PM Modi and President Trump) की यह बातचीत न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण रही, बल्कि यह भी दर्शाती है कि भारत अब किसी भी तरह के आतंकवादी हमले के जवाब में संकोच नहीं करेगा और वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति को मजबूती से रखेगा।  Latest News in Hindi Today Hindi news  #ModiTrumpTalks #IndiaUSRelations #GlobalTerrorism #Diplomacy #USSupportsIndia

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General Anil Chauhan

CDS अनिल चौहान का बड़ा दावा: ‘ऑपरेशन सिंदूर के तहत 8 घंटे में पाकिस्तान को किया ध्वस्त’

भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान (General Anil Chauhan) ने सिंगापुर में आयोजित प्रतिष्ठित शांगरी-ला डायलॉग में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर अहम बयान दिया। उन्होंने  प्रतिष्ठित शांगरी-ला डायलॉग के मंच से कहा है कि पाकिस्तान को 40 देशों के सामने बेनकाब किया गयाऔर बताया कि कैसे भारत ने सैन्य और रणनीतिक कौशल का प्रदर्शन करते हुए एक बड़ी उपलब्धि हासिल की। जनरल चौहान ने कहा कि इस ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के दौरान युद्ध केवल सैन्य मोर्चे तक सीमित नहीं था, बल्कि उसमें राजनीतिक संकेत भी जुड़े थे। यह युद्ध की आधुनिक शैली को दर्शाता है, जिसमें डिप्लोमैसी और सैन्य कार्रवाई साथ-साथ चलती है। हवाई हमले में मिली सफलता पुणे विश्वविद्यालय में भविष्य के युद्ध और युद्धकला विषय पर बात करते हुए जनरल चौहान ने ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) को हवाई युद्ध की दृष्टि से एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने विरोधी की हवाई रक्षा प्रणाली को भेदते हुए गहराई तक सफलतापूर्वक हमला किया। यह इस बात का संकेत है कि भारतीय वायुसेना सटीकता और आक्रामक रणनीति के साथ कार्य करने में सक्षम है। पाकिस्तान की सीमित क्षमताएं और भारत की तैयारी जनरल अनिल चौहान (General Anil Chauhan) ने पाकिस्तान की ड्रोन क्षमताओं को भारत के मुकाबले कमजोर बताया और कहा कि भारतीय सेना पूरी तरह से पेशेवर है जो केवल नुकसान पर नहीं, बल्कि परिणामों पर ध्यान केंद्रित करती है। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान भारत के साथ 48 घंटे की लड़ाई की योजना बना रहा था, लेकिन भारत ने उसे महज 8 घंटे में ध्वस्त कर दिया। भारत की इस रणनीतिक प्रतिक्रिया ने यह साफ कर दिया कि भारत अब पारंपरिक युद्धों की बजाय त्वरित, निर्णायक और तकनीकी रूप से उन्नत सैन्य कार्रवाइयों में विश्वास रखता है। परमाणु धमकी नहीं सहन करेगा भारत सीडीएस (CDS) ने पाकिस्तान को साफ चेतावनी दी है कि भारत किसी भी प्रकार की परमाणु धमकी को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि पहलगाम में जो कुछ हुआ वह अमानवीय था और इसकी प्रतिक्रिया उसी स्तर पर दी गई। यह संदेश अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के मजबूत रुख को दर्शाता है। इसे भी पढ़ें:- अमेरिका में इस वजह से एक सनकी ने यहूदी भीड़ पर फेंका पेट्रोल बम, लगाया ‘फ्री फिलिस्तीन’ का नारा लंबे युद्ध से परहेज, लेकिन सतर्कता आवश्यक जनरल अनिल चौहान (General Anil Chauhan) ने कहा कि भारत लंबे समय तक चलने वाले संघर्ष में नहीं पड़ना चाहता। उन्होंने ऑपरेशन प्रकरम और बालाकोट हमले के बाद की स्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे संघर्षों में भारी संसाधनों की आवश्यकता होती है और यह आर्थिक, सामाजिक और रणनीतिक रूप से नुकसानदेह हो सकते हैं। ऑपरेशन सिंदूर की खास बात यह थी कि यह एक सीमित लेकिन प्रभावी कार्रवाई थी, जिसे समय रहते रोक दिया गया, ताकि अनावश्यक युद्ध को टाला जा सके। ऑपरेशन सिंदूर: जारी है संघर्ष सीडीएस (CDS) ने यह भी स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है। यह एक सतत प्रक्रिया है जिसमें भारत को अपनी चौकसी बनाए रखनी होगी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने महसूस किया कि वह लगातार अपनी स्थिति खो रहा है और अगर यह स्थिति अधिक समय तक बनी रहती, तो उसकी स्थिति और खराब हो सकती थी। इसी डर के चलते उसने बातचीत का विकल्प चुना। ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) भारत की नई सैन्य सोच और रणनीतिक दृष्टिकोण का प्रमाण है। यह केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि भारत की राजनीतिक, कूटनीतिक और रणनीतिक दृढ़ता का प्रतीक है। जनरल अनिल चौहान के वक्तव्य ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत अब केवल प्रतिक्रिया देने वाला देश नहीं रहा, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर पहल करने से भी पीछे नहीं हटेगा। इस पूरे घटनाक्रम ने न केवल पाकिस्तान को वैश्विक मंच पर बेनकाब किया, बल्कि भारत की सैन्य नीति और आत्मनिर्भरता को भी मजबूती से प्रस्तुत किया। Latest News in Hindi Today Hindi news General Anil Chauhan #CDSAnilChauhan #OperationSindoor #PakistanStrike #IndianArmy #DefenceNews #IndiaPakistan #MilitaryAction #NationalSecurity

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BJP MP Khatana

‘दुनिया से भीख मांगता है पाकिस्तान और उसी पैसे से आतंकवाद फैलाता है’, भाजपा सांसद खटाना ने लंदन में जमकर लताड़ा

भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना (Ghulam Ali Khatana) ने ब्रिटेन में आतंकवाद समर्थित पाकिस्तान की पोल खोलते हुए आड़े हाथों लिया है। गुलाम अली खटाना (Ghulam Ali Khatana) ने लंदन के इंडिया हाउस में भारतीय प्रवासियों से बातचीत करते हुए कहा कि पाकिस्तान एक तरफ तो दुनिया से भीख मांगता है और उसी पैसे से दूसरी तरफ आतंकवाद फैलाने का काम करता है। संसद का यह डेलीगेशन ब्रिटेन समेत दुनिया को यह संदेश देने आया है कि भारत आतंकवाद के फन को कुचलना अच्छी तरह जानता है। हमे किसी के मध्यस्थता की जरूरत नहीं है, हम इससे खुद निपट लेंगे। बता दें कि गुलाम अली खटाना (Ghulam Ali Khatana) जम्मू-कश्मीर से आते हैं और भाजपा के राज्यसभा सांसद हैं। खटाना उस सर्वदलीय डेलीगेशन के हिस्सा हैं जिसका नेतृत्व सांसद रविशंकर प्रसाद (Ravi Shankar Prasad) कर रहे हैं। यह डेलीगेशन इस समय लंदन में है और यहां पर ब्रिटेन के डेलीगेशन मुलाकात करने के अलावा भारतीय प्रवासियों से भी बातचीत की।  इस दौरान खटाना ने कहा, ‘पाकिस्तान एक तरफ तो हाथ फैलाकर भीख मांगता है, दूसरी तरफ आतंकवाद फैलाने का काम करता है। लेकिन अब यह समय चला गया है, अब हम आतंकवाद को कुचलना जानते हैं। इस समय हम यूरोप में हैं और हमारे दूसरे सांसद मित्र दुनिया के दूसरे हिस्सों में यह संदेश दे रहे हैं कि भारत आतंकवाद को अकेले ही खत्म करने में सक्षम हैं। हमें किसी दूसरे देश की मध्यस्थता की जरूरत नहीं है।’ खटाना ने कहा कि, ‘हम आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे। हमारी सेना बॉर्डर पर लड़ेगी, हम यहां कूटनीतिक लड़ाई लड़ेंगे, सोशल मीडिया की लड़ाई लड़ेंगे। हमें लड़ना ही है और अपना दृष्टिकोण दुनिया के सामने स्पष्ट करना है।’ लोकतांत्र में जम्मू-कश्मीर की भागीदारी बढ़ने से पाकिस्तान परेशान खटाना ने आगे कहा कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के खत्म होने के बाद यहां पर लोकतांत्रिक भागीदारी बढ़ी है, लोगों का लोकतंत्र में विश्वास बढ़ा है, पर्यटन बढ़ा है, बुनियादी ढांचे में उछाल आया जिससे पाकिस्तान परेशान है और फिर से आतंकवाद फैलाने की कोशिश कर रहा है। लेकिन हम पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार हैं। इस दौरान खटाना ने सिंधु जल समझौता का भी जिक्र किया और कहा, ‘भारत अपने तीन नदियों का पानी पाकिस्तान के साथ साझा करता है, लेकिन बदले में भारत को घुसपैठ, ड्रग्स और आतंकवाद मिला। पिछले 30 वर्षों में घाटी के अंदर 4000 से ज्यादा लोग मारे गए। हजारों बच्चे अनाथ है, हजारों लोग यहां से चले गए, खासकर कश्मीरी पंडित। जो हमारी ऐतिहासिक विरासत का अहम हिस्सा थे। इसलिए अब भारत ने इस संधि को स्थगित करने का फैसला किया है।’  इसे भी पढ़ें:- अमेरिका में इस वजह से एक सनकी ने यहूदी भीड़ पर फेंका पेट्रोल बम, लगाया ‘फ्री फिलिस्तीन’ का नारा एमजे अकबर ने भी पाकिस्तान को घेरा  इस डेलीगेशन के हिस्सा पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर (MJ Akbar) ने भी लोगों को संबोधित किया और कहा कि पहलगाम में आतंकवादी हमला जातीय संहार और फासीवाद का आतंक था। यह आतंकवाद का  कोई सामान्य रूप नहीं है। संक्षेप में कहूं तो पाकिस्तान का जन्म ही हिंसा से हुआ है, यह किसी जन आंदोलन से पैदा नहीं हुआ था। पाकिस्तान का अंकुर 1946 के कलकत्ता नरसंहार से पड़ा और 1971 में ढाका नरसंहार के बाद ये खत्म हो गया। लेकिन इसके बाद भी यह देश हिंसा की नीति को अपनाया हुआ है। इस देश की यही नीति इसे पूरी तरह से खत्म कर देगा।’  Latest News in Hindi Today Hindi news Ghulam Ali Khatana #BJPMpKhatana #PakistanTerror #LondonSpeech #GlobalPolitics #PakistanExposed #IndiaUKRelations #TerrorFunding

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Shashi Tharoor

Shashi Tharoor slams Columbia: इस वजह से शशि थरूर ने लगाई कोलंबिया की क्लास

ऑपरेशन सिन्दूर के बाद से भारत विश्वपटल पर पाकिस्तान को परत दर परत बेनकाब करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। कांग्रेस नेता शशि थरूर के नेतृत्व वाला डेलिगेशन पनामा और गुयाना के दौरे के बाद गुरुवार को कोलंबिया पहुंचा है। शशि थरूर ने यहाँ आतंकवाद के मुद्दे पर कोलंबिया को आड़े हाथों लिया। उन्होंने पाकिस्तान को लेकर कोलंबियाई सरकार की प्रतिक्रिया पर घनघोर निराशा जाहिर की है। दरअसल, कोलंबिया ने आतंकवाद के पीड़ितों के बजाय भारतीय हमलों से पाकिस्तान में जानमाल की हानि पर गहरी संवेदना जताई थी। कोलंबिया के इस रवैये से शशि थरूर ने कहा, हम कोलंबियाई सरकार की प्रतिक्रिया से थोड़े निराश (Shashi Tharoor slams Columbia) हैं। क्योंकि कोलंबिया ने आतंकवाद के पीड़ितों के प्रति सहानुभूति दिखाने के बजाय भारतीय हमलों के बाद पाकिस्तान में हुई जानमाल की हानि पर संवेदना व्यक्त की है। हमें लगता है कि जब ये बयान दिया गया तब शायद स्थिति को पूरी तरह से नहीं समझा गया था। उन्होंने आगे कहा कि ये समझना हमारे लिए बेहद जरूरी है। हम एक ऐसा देश हैं, जो वास्तव में दुनिया में रचनात्मक प्रगति के लिए एक ताकत रहे हैं। हमें निश्चित रूप से उम्मीद है कि अन्य सरकारें उन लोगों से कहेंगी जो आतंकवादियों को सुरक्षित पनाह और संरक्षण देते हैं कि वे ऐसा करना बंद करें। यह वास्तव में बहुत मददगार होगा, चाहे सुरक्षा परिषद में हो या उसके बाहर।  आतंकवादियों को भेजने वालों और उनका विरोध करने वालों के बीच कोई समानता (Shashi Tharoor slams Columbia) नहीं हो सकती कोलंबिया के अतीत पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, हम कोलंबिया (Shashi Tharoor slams Columbia) में अपने मित्रों से कहेंगे कि आतंकवादियों को भेजने वालों और उनका विरोध करने वालों के बीच कोई समानता नहीं हो सकती। हमला करने वालों और बचाव करने वालों के बीच कोई समानता नहीं हो सकती। हम केवल आत्मरक्षा के अपने अधिकार का प्रयोग कर रहे हैं और यदि इस मुद्दे पर कोई गलतफहमी है, तो हम ऐसी किसी भी गलतफहमी को दूर करने के लिए यहां हैं। हम परिस्थितियों के बारे में कोलंबिया से विस्तार से बात करके बहुत खुश हैं, जैसे कोलंबिया ने कई आतंकवादी हमलों को झेला है, वैसे ही हमने भारत में भी झेला है। हमने लगभग चार दशकों तक बहुत बड़ी संख्या में हमलों को झेला है।   हमें युद्ध में कोई दिलचस्पी नहीं है, हम सिर्फ (Shashi Tharoor slams Columbia) आतंकवादी हमले का बदला ले रहे थे- कांग्रेस सांसद शशि थरूर इस बीच किसी तीसरे देश की मध्यस्थता के सवाल पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, हमें अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारियों व तमाम देशों, सऊदी अरब, फ्रांस, यूएई के वरिष्ठ अधिकारियों से कई फोन कॉल (Shashi Tharoor slams Columbia) आए। हमने इन सभी देशों को जो संदेश दिया, वह बिल्कुल एक जैसा था। थरूर ने कहा, हमें युद्ध में कोई दिलचस्पी नहीं है। सिर्फ एक आतंकवादी हमले का बदला ले रहे थे। अगर वे रुकते हैं, तो हम भी रुक जाएंगे। अगर ये संदेश इन देशों की ओर से पाकिस्तान को दिया जाता, तो पाकिस्तान को रोकने के लिए राजी करने में इसका असर हो सकता था। क्योंकि उन्हें पता था कि उनके रुकने का मतलब यह होगा कि भारत भी चीजों को रोक देगा इसलिए ऐसा हो सकता है कि ऐसा ही हुआ हो, लेकिन निश्चित रूप से मध्यस्थता की कोई सक्रिय प्रक्रिया नहीं थी।  इसे भी पढ़ें:-  इन देशों के साथ-साथ अब भारत भी एयर डिफेंस सिस्टम पर बढ़ा रहा है अपना फोकस 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हुए पाकिस्तान द्वारा आतंकवादी हमले 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी गौरतलब हो कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हुए पाकिस्तान द्वारा आतंकवादी हमले 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। 6 और 7 मई की दरम्यानी रात भारत ने ऑपरेशन सिन्दूर के तहत पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूत किया था। इस कार्रवाई के बाद पाकिस्तान बौखला उठा था। जवाबी कार्रवाई में उसने भारत के ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया था। लेकिन भारत के एयर डिफेन्स सिस्टम ने उसे नाकाम कर दिया था। दोनों पक्षों के डीजीएमओ के बीच हुई बातचीत के बाद दोनों देश सीज फायर के लिए राजी हुए थे। इसके बाद भारत सरकार ने  Latest News in Hindi Today Hindi news  Shashi Tharoor slams Columbia #ShashiTharoor #ColumbiaUniversity #GazaConflict #ShashiTharoorNews #InternationalPolitics #Gaza #ColumbiaControversy

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