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रघुवीर घाट में भूस्खलन, 15–20 गांवों का संपर्क प्रभावित; सड़क पर गिरीं विशाल चट्टानें

रत्नागिरी, महाराष्ट्र: रत्नागिरी और सातारा जिलों को जोड़ने वाले रघुवीर घाट में भारी भूस्खलन के कारण यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। 3 सितंबर की रात पहाड़ी से मिट्टी, पत्थर और बड़ी-बड़ी चट्टानें सड़क पर गिर गईं, जिसके बाद दोनों तरफ से वाहनों की आवाजाही रुक गई। इस घटना से घाट क्षेत्र के करीब 15 से 20 गांवों का रत्नागिरी से संपर्क प्रभावित हुआ है।

रत्नागिरी-सातारा के बीच महत्वपूर्ण स्थानीय मार्ग

रघुवीर घाट रत्नागिरी जिले के खेड क्षेत्र को सातारा की कंदाटी घाटी से जोड़ता है। आसपास के कई गांवों के लोग शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, बाजार और अन्य जरूरी कामों के लिए इसी रास्ते से खेड आते-जाते हैं। सड़क बंद होने से स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही पर बड़ा असर पड़ा है।

स्कूली छात्रों की बस भी नहीं जा सकी आगे

भूस्खलन का पता उस समय चला जब स्थानीय State Transport बस के चालक और परिचालक ने सुबह रास्ते पर बड़ी चट्टानें और मलबा देखा। यह बस आसपास के 15–20 गांवों से करीब 40–50 विद्यार्थियों को खेड लेकर जाती है। रास्ता पूरी तरह बंद होने के कारण बस को वापस लौटना पड़ा।

बड़ी चट्टानों ने बढ़ाई प्रशासन की मुश्किल

घटना की जानकारी मिलने के बाद Ratnagiri PWD, पुलिस और संबंधित प्रशासनिक टीमें मौके पर पहुंचीं। सड़क से मलबा हटाने के लिए भारी मशीनों और breakers का इस्तेमाल किया गया, लेकिन कई विशाल चट्टानों को हटाना आसान नहीं था। अधिकारियों ने जरूरत पड़ने पर blasting के जरिए चट्टानों को हटाने की योजना बनाई।

छात्रों और ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ीं

रास्ता बंद होने से स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों के साथ-साथ इलाज, नौकरी, खरीदारी और अन्य जरूरी कामों के लिए खेड आने वाले ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रघुवीर घाट स्थानीय गांवों के लिए महत्वपूर्ण connectivity route है।

मानसून में पहले भी हो चुके हैं Landslides

रघुवीर घाट में बारिश के मौसम के दौरान पहले भी भूस्खलन और चट्टानें गिरने की घटनाएं सामने आती रही हैं। ताजा घटना के बाद स्थानीय लोगों ने संवेदनशील इलाकों का सर्वे कर स्थायी सुरक्षा उपाय करने की मांग फिर उठाई है।

प्रशासन ने लोगों से रास्ता पूरी तरह सुरक्षित और यातायात के लिए बहाल होने तक सावधानी बरतने की अपील की है।

source – Times of India / Loksatta
जय राष्ट्र न्यूज़

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