यूपी में 199 किलो विस्फोटक बरामद! BJP से जुड़े पूर्व जिला पंचायत प्रत्याशी समेत दो गिरफ्तार, दिवाली से पहले पुलिस की बड़ी कार्रवाई
चित्रकूट, उत्तर प्रदेश, 7 नवंबर 2026: उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में दिवाली से पहले पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बोलेरो वाहन से लगभग 199 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री बरामद की है। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें भाजपा के समर्थन से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ चुके हरीगोपाल मिश्रा उर्फ बबलू मिश्रा भी शामिल हैं। वाहन से भारी मात्रा में जिलेटिन, फ्यूज, तार और विस्फोटक पाउडर बरामद हुआ है। आरोपियों के पास विस्फोटक सामग्री के परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज नहीं मिले। पुलिस ने मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। चित्रकूट में वाहन चेकिंग के दौरान मिला विस्फोटक घटना 3 नवंबर 2026 की शाम की है। चित्रकूट जिले के मारकुंडी थाना क्षेत्र में पुलिस त्योहारों को देखते हुए वाहनों की चेकिंग कर रही थी। पुलिस टीम किहुनिया गांव स्थित थाना तिराहे के पास संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान मध्य प्रदेश की ओर से आ रही एक बोलेरो गाड़ी को रोककर उसकी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान वाहन के अंदर भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री मिली। पुलिस ने जब बोलेरो में सवार दोनों व्यक्तियों से विस्फोटक सामग्री से संबंधित दस्तावेज मांगे, तो वे आवश्यक कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर विस्फोटक सामग्री और वाहन जब्त कर लिया। बोलेरो से 199 किलो जिलेटिन और 100 फ्यूज बरामद पुलिस के अनुसार, बोलेरो वाहन से लगभग 199 किलोग्राम जिलेटिन सहित अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद की गई। जब्त सामग्री में आठ जिलेटिन पैकेट या छड़ों के समूह, 100 लाल रंग के फ्यूज, सात बंडल लाल तार और तीन प्लास्टिक पैकेट में रखा लगभग 2.945 किलोग्राम पाउडर शामिल था। बरामद सामग्री का इस्तेमाल आमतौर पर नियंत्रित विस्फोट से जुड़े कुछ औद्योगिक और पत्थर तोड़ने जैसे कार्यों में किया जा सकता है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था। BJP से जुड़े पूर्व प्रत्याशी समेत दो गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरीगोपाल मिश्रा उर्फ बबलू मिश्रा और पप्पू तिवारी के रूप में हुई है। दोनों चित्रकूट जिले के रैपुरा थाना क्षेत्र के भौंरी गांव के निवासी बताए गए हैं। पुलिस जांच और स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हरीगोपाल मिश्रा पहले भाजपा के समर्थन से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ चुके हैं। हालांकि वर्तमान में उनके पास भाजपा का कोई आधिकारिक पद होने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में राजनीतिक संबंध सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा भी शुरू हो गई है। मध्य प्रदेश से लाई गई थी विस्फोटक सामग्री पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि विस्फोटक सामग्री मध्य प्रदेश के मझगवां क्षेत्र से लाई जा रही थी। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे इसका इस्तेमाल कुआं खोदने के दौरान पथरीली जमीन और चट्टानों को तोड़ने के लिए करने वाले थे। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विस्फोटक सामग्री के परिवहन के लिए आवश्यक दस्तावेज और अनुमति प्रस्तुत नहीं की गई। इस कारण दोनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई। पुलिस अब सामग्री की खरीद, परिवहन और संभावित उपयोग से संबंधित जानकारी जुटा रही है। पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने दी जानकारी चित्रकूट के पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि त्योहारों के मद्देनजर जिले में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। इसी अभियान के तहत मारकुंडी थाना पुलिस ने संदिग्ध बोलेरो वाहन की तलाशी ली थी। पुलिस अधीक्षक के अनुसार, वाहन में विस्फोटक सामग्री मिलने के बाद दोनों आरोपियों से उसके परिवहन से संबंधित दस्तावेज मांगे गए थे। दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर विस्फोटक सामग्री जब्त कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बरामद सामग्री किस स्रोत से प्राप्त की गई और उसका वास्तविक इस्तेमाल कहां होना था। विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 की धारा 4 और 5 के तहत मामला दर्ज किया है। मारकुंडी थाने में मुकदमा संख्या 69/2026 दर्ज किया गया है। इसके अलावा विस्फोटक सामग्री के परिवहन में इस्तेमाल बोलेरो वाहन को भी सीज कर दिया गया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। मामले में आगे की जांच जारी है। दिवाली मेले से पहले सुरक्षा व्यवस्था सख्त चित्रकूट धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान है। दिवाली के अवसर पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और परिक्रमा के लिए पहुंचते हैं। रामघाट, कामदगिरि परिक्रमा मार्ग और अन्य धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है। ऐसे में त्योहार से पहले भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री की बरामदगी को पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से गंभीरता से ले रही है। प्रशासन ने जिले में प्रवेश करने वाले वाहनों और संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी बढ़ाई है। हालांकि पुलिस ने बरामद विस्फोटक सामग्री का किसी आतंकी गतिविधि या धार्मिक आयोजन पर हमले की योजना से संबंध होने की पुष्टि नहीं की है। विस्फोटक का वास्तविक उद्देश्य क्या था? पुलिस जांच का प्रमुख विषय यह है कि लगभग 199 किलोग्राम जिलेटिन और अन्य सामग्री किस उद्देश्य से ले जाई जा रही थी। आरोपियों ने दावा किया है कि विस्फोटक का इस्तेमाल कुआं खोदने के लिए होना था। हालांकि पुलिस को अभी इस दावे की पुष्टि करनी है। जांच अधिकारी यह भी पता लगा रहे हैं कि सामग्री किसने उपलब्ध कराई, इसे कहां पहुंचाया जाना था और क्या इसके परिवहन के लिए आवश्यक सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन किया गया था। इस मामले में किसी बड़े आपराधिक नेटवर्क की संलिप्तता के बारे में फिलहाल कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। भाजपा से संबंध को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी आरोपी हरीगोपाल मिश्रा का नाम भाजपा से जुड़े पूर्व चुनावी प्रत्याशी के रूप में सामने आया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने पहले भाजपा के समर्थन से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा था। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि वर्तमान में वह भाजपा के सक्रिय पदाधिकारी हैं या नहीं। किसी व्यक्ति के राजनीतिक संबंध के आधार पर संबंधित दल की इस मामले में संलिप्तता स्थापित नहीं…

