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मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट से लिया संन्यास! 13 साल के शानदार सफर को कहा अलविदा, 64 मैचों में झटके 229 विकेट

नई दिल्ली, 7 नवंबर 2026: भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। 36 वर्षीय शमी ने शुक्रवार, 6 नवंबर को सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा करते हुए अपने 13 साल लंबे टेस्ट करियर को अलविदा कहा। उन्होंने भारत के लिए 64 टेस्ट मैचों में 229 विकेट हासिल किए। हालांकि शमी ने स्पष्ट किया है कि वह वनडे और टी20 जैसे सीमित ओवरों के प्रारूपों में खेलना जारी रखेंगे। सोशल मीडिया पर भावुक संदेश के साथ किया संन्यास का ऐलान मोहम्मद शमी ने इंस्टाग्राम पर अपने टेस्ट करियर की यादें साझा करते हुए संन्यास की घोषणा की। उन्होंने लिखा कि वह सफेद जर्सी को अलविदा कह रहे हैं, लेकिन उससे जुड़ी यादें हमेशा उनके दिल में रहेंगी। शमी ने अपने साथी खिलाड़ियों, कोच, परिवार, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और प्रशंसकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि टेस्ट क्रिकेट उनके जीवन का बेहद खास हिस्सा रहा है और इस सफर में मिले अनुभव हमेशा उनके साथ रहेंगे। 64 टेस्ट मैचों में हासिल किए 229 विकेट मोहम्मद शमी ने 6 नवंबर 2013 को वेस्टइंडीज के खिलाफ कोलकाता के ईडन गार्डन्स में अपना टेस्ट डेब्यू किया था। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने टेस्ट पदार्पण के ठीक 13 साल बाद उसी तारीख को संन्यास की घोषणा की। अपने टेस्ट करियर में शमी ने 64 मैच खेले और 27.71 की औसत से 229 विकेट लिए। इस दौरान उन्होंने छह बार एक पारी में पांच या उससे अधिक विकेट हासिल किए। शमी भारतीय टेस्ट इतिहास के सफल तेज गेंदबाजों में शामिल रहे हैं। 2023 में खेला था आखिरी टेस्ट मैच मोहम्मद शमी ने भारत के लिए अपना आखिरी टेस्ट जून 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में खेला था। यह मुकाबला इंग्लैंड के द ओवल मैदान पर आयोजित हुआ था। इसके बाद चोट और फिटनेस संबंधी परेशानियों के कारण वह लंबे समय तक टेस्ट टीम से बाहर रहे। हाल के समय में भारतीय टेस्ट टीम में उनकी वापसी नहीं हो सकी। अब उन्होंने आधिकारिक रूप से इस प्रारूप से संन्यास लेने का फैसला किया है। दक्षिण अफ्रीका में यादगार रहा प्रदर्शन मोहम्मद शमी ने विदेशों में भी भारतीय टीम के लिए कई महत्वपूर्ण प्रदर्शन किए। वर्ष 2018 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जोहान्सबर्ग टेस्ट की दूसरी पारी में उन्होंने 28 रन देकर पांच विकेट हासिल किए थे। उनके इस प्रदर्शन की मदद से भारत ने मुकाबले में जीत दर्ज की थी। इसके अलावा सेंचुरियन में भी उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए भारतीय टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। वनडे और टी20 क्रिकेट खेलते रहेंगे शमी टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बावजूद मोहम्मद शमी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अन्य प्रारूपों से संन्यास नहीं लिया है। वह वनडे और टी20 क्रिकेट के लिए उपलब्ध रहेंगे। शमी 2023 वनडे विश्व कप में भारत के सबसे सफल गेंदबाज रहे थे। उन्होंने केवल सात मैचों में 24 विकेट हासिल किए थे। उनकी तेज गेंदबाजी, सीम मूवमेंट और सटीक लाइन-लेंथ ने उन्हें भारतीय क्रिकेट के प्रमुख गेंदबाजों में स्थापित किया। भारतीय क्रिकेट में याद रखा जाएगा शमी का योगदान मोहम्मद शमी ने अपने 13 साल के टेस्ट करियर में भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को मजबूती दी। जसप्रीत बुमराह और अन्य तेज गेंदबाजों के साथ उनकी साझेदारी भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण रही। अब टेस्ट क्रिकेट में उनका सफर समाप्त हो गया है, लेकिन सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनके प्रदर्शन पर प्रशंसकों की नजर बनी रहेगी। 64 टेस्ट मैचों में 229 विकेट के साथ शमी ने भारतीय क्रिकेट इतिहास में अपनी अलग पहचान बनाई है। स्रोत: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC), प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (PTI), द इंडियन एक्सप्रेस, इंडिया टुडे, क्रिकबज। जय राष्ट्र न्यूज़

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भारत की बड़ी जीत! श्रीलंका को 165 रन से हराकर India ने Galle Test में मारी बाजी

गाले: भारतीय क्रिकेट टीम ने श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में शानदार प्रदर्शन करते हुए मेजबान टीम को 165 रन से हरा दिया। गाले इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए मुकाबले के पांचवें दिन भारत ने श्रीलंका की दूसरी पारी को 206 रन पर समेट दिया और दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। मानव सुथार बने जीत के हीरो भारत की इस शानदार जीत के सबसे बड़े नायक युवा बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार रहे। अपने सिर्फ दूसरे टेस्ट मैच में सुथार ने दूसरी पारी में 6 विकेट लेकर श्रीलंकाई बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। उन्होंने 23.4 ओवर में 55 रन देकर 6 विकेट हासिल किए। पूरे मैच में सुथार के नाम 10 विकेट रहे, जो उनके टेस्ट करियर का पहला 10 विकेट हॉल है। श्रीलंका के सामने 372 रन का लक्ष्य भारत ने श्रीलंका के सामने जीत के लिए 372 रन का लक्ष्य रखा था। मेजबान टीम ने पांचवें दिन लक्ष्य का पीछा करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने लगातार दबाव बनाए रखा। श्रीलंका की पूरी टीम 77.4 ओवर में 206 रन पर ऑलआउट हो गई। सोनल दिनुषा ने 84 रन और धनंजया डी सिल्वा ने 59 रन बनाकर संघर्ष किया, लेकिन वे टीम को जीत तक नहीं पहुंचा सके। देवदत्त पडिक्कल की शानदार पारी भी रही अहम भारत की जीत की नींव बल्लेबाजों ने पहले ही रख दी थी। देवदत्त पडिक्कल ने पहली पारी में शानदार 167 रन बनाए, जबकि केएल राहुल ने 82 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। पडिक्कल के शानदार प्रदर्शन के साथ भारतीय गेंदबाजों ने भी मैच पर अपनी पकड़ बनाए रखी और श्रीलंका को लगातार दबाव में रखा। भारत ने सीरीज में बनाई 1-0 की बढ़त इस जीत के साथ शुभमन गिल की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने दो मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है। यह मुकाबला भारत का 600वां टेस्ट मैच भी था, जिससे इस जीत की अहमियत और बढ़ गई। भारत को इस जीत से वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के 12 महत्वपूर्ण अंक भी मिले हैं। अब दोनों टीमों की नजरें सीरीज के दूसरे और आखिरी टेस्ट पर होंगी। गाले में मिली इस जीत से भारतीय टीम का आत्मविश्वास काफी बढ़ा है और श्रीलंका के सामने सीरीज बराबर करने की चुनौती होगी। स्रोत: AP, ESPNcricinfo, Reuters Jai Rashtra News

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भारत-श्रीलंका अभ्यास मैच में ऋषभ पंत का फुटबॉल अंदाज वायरल, भारत ने 6 विकेट से दर्ज की जीत

कोलंबो: भारत और श्रीलंका क्रिकेट टीमों के बीच कोलंबो में खेले गए अभ्यास मैच में भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत अपने क्रिकेट खेल के साथ-साथ एक अलग अंदाज को लेकर भी चर्चा में आ गए। मैच के दौरान पंत ने मैदान पर फुटबॉल जैसा कौशल दिखाया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। अभ्यास मैच में भारत ने श्रीलंका क्रिकेट इलेवन को 6 विकेट से हराकर अपनी तैयारियों को मजबूत किया। मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने उपयोगी पारियां खेलीं, जबकि गेंदबाजों को भी परिस्थितियों के अनुरूप खुद को परखने का मौका मिला। पंत का फुटबॉल अंदाज बना आकर्षण मैच के दौरान ऋषभ पंत ने एक गेंद को अपने पैर से इस तरह खेला कि उनका अंदाज क्रिकेट से ज्यादा फुटबॉल जैसा नजर आया। पंत की इस हरकत ने मैदान पर मौजूद लोगों का ध्यान खींचा और बाद में इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पंत अपने आक्रामक और बेफिक्र अंदाज के लिए पहले से ही जाने जाते हैं। इस बार उनके फुटबॉल कौशल ने प्रशंसकों को मनोरंजन का एक और मौका दे दिया। बल्लेबाजी में भी दिखाया आक्रामक अंदाज पंत को बल्लेबाजी के दौरान शुरुआत में रन बनाने में कुछ समय लगा। रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने 21 गेंदों के बाद अपना खाता खोला, लेकिन इसके बाद उन्होंने तेजी से रन बनाए और आक्रामक शॉट लगाए। पंत ने अपनी पारी के दौरान तीन छक्के भी लगाए। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने एक बार फिर दिखाया कि वह दबाव की स्थिति में मैच का रुख तेजी से बदलने की क्षमता रखते हैं। भारत ने 6 विकेट से जीता अभ्यास मैच अभ्यास मैच में श्रीलंका क्रिकेट इलेवन ने अपनी पहली पारी में 363 रन पर 8 विकेट बनाए। इसके जवाब में भारत ने पहली पारी में 357 रन पर 6 विकेट बनाए। इसके बाद दूसरी पारी में श्रीलंका क्रिकेट इलेवन ने 200 रन पर 6 विकेट बनाए। भारत को जीत के लिए मिले लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम ने 214 रन पर 4 विकेट बनाकर मुकाबला 6 विकेट से अपने नाम कर लिया। देवदत्त पडिक्कल की शानदार पारी भारत की बल्लेबाजी में देवदत्त पडिक्कल का प्रदर्शन खास रहा। उन्होंने पहली पारी में शानदार 142 रन बनाए और भारतीय पारी को मजबूती दी। उनकी लंबी पारी ने टीम को श्रीलंका क्रिकेट इलेवन के बड़े स्कोर के करीब पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गेंदबाजी में भी टीम को मिला अभ्यास अभ्यास मैच का उद्देश्य केवल नतीजा हासिल करना नहीं बल्कि खिलाड़ियों को आगामी मुकाबलों के लिए परिस्थितियों में ढलने का मौका देना भी था। भारतीय गेंदबाजों को श्रीलंका की परिस्थितियों और पिच पर गेंदबाजी करने का अनुभव मिला। वहीं बल्लेबाजों को लंबी पारियां खेलने और अलग-अलग परिस्थितियों में रन बनाने का मौका मिला। गुर्नूर बराड़ की तेज पारी भी चर्चा में भारतीय टीम की ओर से गुर्नूर बराड़ ने भी तेज बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। उन्होंने सिर्फ 18 गेंदों में 36 रन बनाए और पारी के अंत में तेजी से रन जोड़ने में योगदान दिया। उनकी पारी में बड़े शॉट देखने को मिले, जिससे भारतीय टीम ने अंतिम चरण में तेजी से रन बनाए। आगामी सीरीज से पहले महत्वपूर्ण अभ्यास श्रीलंका के खिलाफ यह अभ्यास मुकाबला भारतीय टीम के लिए आगामी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों से पहले तैयारियों का अहम हिस्सा रहा। खिलाड़ियों को श्रीलंका की परिस्थितियों में खेलने का अनुभव मिला और टीम प्रबंधन को अलग-अलग खिलाड़ियों की फॉर्म तथा उपयोगिता परखने का अवसर मिला। पंत पर भी रहेंगी निगाहें ऋषभ पंत भारतीय टीम के महत्वपूर्ण विकेटकीपर-बल्लेबाज हैं और उनके प्रदर्शन पर प्रशंसकों के साथ-साथ टीम प्रबंधन की भी नजर रहती है। अभ्यास मैच में उनके फुटबॉल कौशल ने भले ही सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोरी हों, लेकिन आगामी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में उनकी बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग प्रदर्शन ज्यादा महत्वपूर्ण रहेगा। सोशल मीडिया पर वीडियो ने मचाई हलचल पंत के फुटबॉल वाले अंदाज का वीडियो सामने आने के बाद प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर इसे जमकर साझा किया। क्रिकेट प्रशंसकों के बीच पंत की यह मजेदार हरकत चर्चा का विषय बन गई। पंत का मैदान पर इस तरह का बेफिक्र अंदाज उनके प्रशंसकों के बीच पहले से लोकप्रिय है और इस वीडियो ने एक बार फिर उनकी मनोरंजक शैली को सामने ला दिया। निष्कर्ष भारत ने श्रीलंका क्रिकेट इलेवन के खिलाफ अभ्यास मैच 6 विकेट से जीतकर अपनी तैयारियों को मजबूत किया। मुकाबले में देवदत्त पडिक्कल की शानदार 142 रन की पारी और अन्य बल्लेबाजों के प्रदर्शन ने टीम को मजबूती दी। हालांकि, मैच के दौरान ऋषभ पंत का फुटबॉल अंदाज भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ। पंत ने मैदान पर अपने कौशल से प्रशंसकों का मनोरंजन किया और बल्लेबाजी में भी तीन छक्कों के साथ आक्रामक अंदाज दिखाया। Source: Times of India / मैच रिपोर्ट्स जय राष्ट्र न्यूज़

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युवा खिलाड़ियों को मौका देने की रणनीति पर भारतीय टीम का फोकस

नई दिल्ली, 24 जून 2026। भारतीय क्रिकेट टीम का फोकस इन दिनों युवा खिलाड़ियों को अधिक अवसर देने और भविष्य की मजबूत टीम तैयार करने पर है। टीम प्रबंधन और चयनकर्ता लगातार उन खिलाड़ियों पर नजर बनाए हुए हैं जिन्होंने घरेलू क्रिकेट, आईपीएल और अन्य प्रमुख प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया है। भारतीय क्रिकेट में पिछले कुछ वर्षों में कई युवा खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया है। इन्हीं खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैयार करने के लिए टीम प्रबंधन चरणबद्ध रणनीति पर काम कर रहा है। आगामी सीरीज और टूर्नामेंटों में कई नए चेहरों को मौका मिलने की संभावना जताई जा रही है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी टीम की सफलता के लिए अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का संतुलन बेहद जरूरी होता है। भारतीय टीम भी इसी दिशा में आगे बढ़ रही है, जहां वरिष्ठ खिलाड़ियों के अनुभव के साथ युवा खिलाड़ियों की ऊर्जा और प्रतिभा का लाभ उठाने की योजना बनाई जा रही है। हाल के वर्षों में भारतीय क्रिकेट के पास प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की लंबी सूची तैयार हुई है। घरेलू टूर्नामेंटों और इंडियन प्रीमियर लीग में लगातार उभर रही नई प्रतिभाएं चयनकर्ताओं के लिए विकल्पों को और मजबूत बना रही हैं। यही कारण है कि टीम चयन में युवा खिलाड़ियों को अधिक प्राथमिकता मिलने लगी है। टीम प्रबंधन का मानना है कि खिलाड़ियों को शुरुआती दौर में ही अंतरराष्ट्रीय अनुभव देना भविष्य के बड़े टूर्नामेंटों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। इससे खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे बड़े मंच पर बेहतर प्रदर्शन करने के लिए तैयार होंगे। खेल विश्लेषकों के अनुसार यह रणनीति आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट को और मजबूत बना सकती है। नई प्रतिभाओं को समय पर अवसर मिलने से टीम की बेंच स्ट्रेंथ बढ़ेगी और विभिन्न प्रारूपों में प्रतिस्पर्धा करने के लिए अधिक विकल्प उपलब्ध होंगे। फिलहाल भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों की नजर टीम चयन और आगामी मुकाबलों पर बनी हुई है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में कई युवा खिलाड़ी भारतीय टीम में अपनी जगह पक्की करने में सफल होंगे और देश का नाम रोशन करेंगे। स्रोत:भारतीय क्रिकेट से संबंधित सार्वजनिक जानकारी एवं खेल विशेषज्ञों की राय मूल रिपोर्ट:विभिन्न खेल समाचार स्रोतों और क्रिकेट विश्लेषण के आधार पर जय राष्ट्र न्यूज़

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