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कर्मभूमि एक्सप्रेस में भीषण आग! चार कोच आग की चपेट में, 1500 यात्रियों में मची अफरा-तफरी; बड़ा रेल हादसा टला

राजपुरा, पंजाब, 7 नवंबर 2026: पंजाब के पटियाला जिले में शुक्रवार, 6 नवंबर को बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। अमृतसर से पश्चिम बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी जा रही कर्मभूमि एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 12508) में अचानक भीषण आग लग गई। राजपुरा के पास सराय बंजारा रेलवे स्टेशन के नजदीक ट्रेन के चार जनरल कोच आग की चपेट में आ गए। देखते ही देखते डिब्बों से आग की ऊंची लपटें और काले धुएं का गुबार उठने लगा। ट्रेन में लगभग 1500 यात्री सवार थे। रेलवे कर्मचारियों और बचाव दल की तत्परता से यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हादसे में किसी की मौत नहीं हुई, हालांकि कुछ यात्रियों को मामूली चोटों और सांस लेने में परेशानी के कारण अस्पताल ले जाया गया। दोपहर करीब एक बजे चलती ट्रेन में लगी आग यह घटना शुक्रवार, 6 नवंबर की दोपहर करीब एक बजे की है। अमृतसर से न्यू जलपाईगुड़ी जा रही कर्मभूमि एक्सप्रेस पंजाब के राजपुरा-सिरहिंद रेलखंड से गुजर रही थी। ट्रेन दोपहर करीब 12:58 बजे फतेहगढ़ साहिब जिले के साधुगढ़ रेलवे स्टेशन से आगे बढ़ी थी। इसके कुछ समय बाद सराय बंजारा और बसंतपुरा रेलवे स्टेशनों के बीच एक जनरल कोच में आग लगने की सूचना मिली। कुछ ही देर में आग आसपास के डिब्बों तक फैल गई। धुआं उठता देखकर यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। तीन कोच बुरी तरह जले, चौथे को भी नुकसान रेलवे अधिकारियों के अनुसार, आग सबसे पहले ट्रेन के एक अनारक्षित कोच में लगी थी। तेज हवा के कारण आग आसपास के दो अन्य डिब्बों तक फैल गई। इससे तीन जनरल कोच बुरी तरह प्रभावित हुए, जबकि चौथे कोच के बाहरी हिस्से को आंशिक नुकसान पहुंचा। आग इतनी तेज थी कि कई खिड़कियों से लपटें बाहर निकलती दिखाई दीं। घटना के वीडियो में ट्रेन के डिब्बों से आसमान की ओर उठता काला धुआं साफ दिखाई दे रहा था। आग लगने के बाद ट्रेन को तत्काल रोक दिया गया और प्रभावित कोचों को बाकी डिब्बों से अलग करने की कार्रवाई शुरू की गई। 1500 यात्रियों की जान बचाने के लिए रेलवे ने उठाए तत्काल कदम कर्मभूमि एक्सप्रेस में करीब 1500 यात्री सवार थे। आग की जानकारी मिलते ही लोको पायलट और गार्ड ने तुरंत कार्रवाई की। ट्रेन को सुरक्षित स्थान पर रोककर यात्रियों को डिब्बों से बाहर निकाला गया। इसके बाद आग प्रभावित कोचों को बाकी ट्रेन से अलग कर दिया गया, ताकि आग अन्य डिब्बों तक न फैल सके। रेलवे कर्मचारियों, स्थानीय लोगों, पुलिस और दमकल विभाग की संयुक्त कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया। कई यात्री अस्पताल पहुंचे, किसी की मौत नहीं शुरुआती आधिकारिक जानकारी में किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं दी गई थी। हालांकि बाद में स्थानीय अस्पतालों से मिली जानकारी के अनुसार, कुछ यात्रियों को मामूली चोटों, जलने और सांस लेने में परेशानी के कारण उपचार दिया गया। राजपुरा सिविल अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. शरणप्रीत सिंह ने बताया कि कुल 15 यात्रियों को अस्पताल लाया गया था। इनमें आठ यात्रियों को मामूली रूप से जलने की शिकायत थी। अन्य यात्रियों को खरोंच, चोट या सांस लेने में परेशानी हुई थी। डॉक्टरों के अनुसार, मरीजों की हालत स्थिर थी। फतेहगढ़ साहिब अस्पताल में भी एक यात्री को मामूली चोट के कारण उपचार दिया गया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी यात्री की मौत नहीं हुई। पंखे में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका कर्मभूमि एक्सप्रेस में आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। राजकीय रेलवे पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में एक कोच के पंखे में शॉर्ट सर्किट होने की आशंका जताई गई है। कुछ यात्रियों ने भी पंखे के पास चिंगारी निकलने की जानकारी दी। इसके बाद डिब्बे में धुआं फैलने लगा और आग ने आसपास के हिस्सों को अपनी चपेट में ले लिया। हालांकि रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आग लगने के वास्तविक कारण की अंतिम पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही होगी। शॉर्ट सर्किट को फिलहाल संभावित कारण माना जा रहा है। दमकल की चार गाड़ियों ने पाया आग पर काबू घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की चार गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। रेलवे पुलिस, स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें भी घटनास्थल पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने आग प्रभावित डिब्बों पर लगातार पानी डालकर लपटों को नियंत्रित किया। इस दौरान रेलवे कर्मचारियों ने प्रभावित कोचों को अलग करने और यात्रियों को सुरक्षित दूरी पर रखने की व्यवस्था की। आग पर नियंत्रण पाने के बाद रेलवे और पुलिस अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त डिब्बों का निरीक्षण किया। रेल यातायात भी हुआ प्रभावित आग लगने के बाद राजपुरा-सिरहिंद रेलखंड पर रेल संचालन प्रभावित हुआ। यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए घटनास्थल के आसपास ओवरहेड बिजली आपूर्ति बंद की गई। इसके अलावा संबंधित रेल लाइनों पर ट्रेनों की आवाजाही को नियंत्रित किया गया। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि आग प्रभावित कोचों को अलग करने के बाद अन्य रेल सेवाओं को सुरक्षित तरीके से संचालित करने की प्रक्रिया शुरू की गई। इस दौरान कुछ ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई। यात्रियों के लिए दूसरी ट्रेन की व्यवस्था आग लगने के कारण कर्मभूमि एक्सप्रेस की आगे की यात्रा बाधित हो गई। इसके बाद रेलवे ने यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की। अंबाला रेल मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक यशंजित सिंह ने बताया कि यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने और आगे की यात्रा सुनिश्चित करने के लिए दूसरी ट्रेन की व्यवस्था की गई। यात्रियों को नजदीकी रेलवे स्टेशन तक पहुंचाने के लिए भी आवश्यक प्रबंध किए गए। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा और उन्हें उनके गंतव्य तक पहुंचाना है। रेलवे ने दिए उच्चस्तरीय जांच के आदेश हादसे के बाद भारतीय रेलवे ने आग लगने की घटना की उच्चस्तरीय जांच कराने का निर्णय लिया है। अंबाला रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक विनोद कुमार भाटिया ने घटना की जानकारी लेते हुए जांच के निर्देश दिए। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, आग के कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी और फॉरेंसिक जांच की जाएगी। इसमें कोच की विद्युत व्यवस्था, पंखों,…

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