प्रमुख खबरें

UPI लेनदेन पर शुल्क लगेगा? संजय सिंह का मोदी सरकार पर हमला, बिल वापस लेने की मांग

नई दिल्ली: UPI भुगतान को लेकर संसद में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने Taxation and Other Laws (Amendment) Bill, 2026 को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्तावित व्यवस्था से UPI के जरिए होने वाले भुगतान पर कारोबारियों पर टैक्स का बोझ बढ़ सकता है, जिसका असर आगे चलकर आम लोगों पर पड़ सकता है। आम आदमी पार्टी ने सरकार से इस प्रावधान को वापस लेने की मांग की है। संजय सिंह ने संसद में उठाया UPI का मुद्दा राज्यसभा में विधेयक पर चर्चा के दौरान संजय सिंह ने UPI लेनदेन से जुड़े प्रस्ताव पर सवाल उठाए। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि एक तरफ डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिया जा रहा है और दूसरी तरफ ऐसे प्रावधान लाए जा रहे हैं जिनसे छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है। संजय सिंह ने इस मुद्दे को आम आदमी और छोटे कारोबारियों से जोड़ते हुए सरकार से बिल वापस लेने की मांग की। “व्यापारियों से टैक्स लिया तो जनता पर पड़ेगा बोझ” AAP की ओर से जारी बयान के मुताबिक संजय सिंह का कहना है कि अगर UPI से होने वाले भुगतान पर कारोबारियों से अतिरिक्त शुल्क या टैक्स लिया जाता है, तो उसका बोझ अंततः ग्राहकों तक पहुंच सकता है। उनका तर्क है कि छोटे दुकानदार और कारोबारी अपनी अतिरिक्त लागत को वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में शामिल कर सकते हैं। ऐसे में डिजिटल भुगतान करने वाले ग्राहकों पर अप्रत्यक्ष रूप से असर पड़ने की आशंका जताई गई है। सरकार का जवाब—आम यूजर से UPI चार्ज नहीं लिया जाएगा हालांकि इस मामले में सरकार की ओर से महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण भी सामने आया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में कहा कि आम UPI यूजर्स से किसी तरह का UPI चार्ज नहीं लिया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि छोटे व्यापारियों पर MDR (Merchant Discount Rate) लगाने की बात नहीं है। संसद ने Taxation and Other Laws (Amendment) Bill, 2026 को मंजूरी भी दे दी है। तो क्या UPI से पैसे भेजने पर लगेगा चार्ज? इस विवाद में सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि आम लोगों के UPI भुगतान पर सीधे कोई नया शुल्क लगाए जाने की घोषणा नहीं हुई है। यानी अगर कोई व्यक्ति दुकान पर QR Code स्कैन करके ₹500 या ₹1,000 का भुगतान करता है, तो सरकार के मौजूदा स्पष्टीकरण के अनुसार ग्राहक से अलग से UPI चार्ज वसूलने की व्यवस्था नहीं है। संजय सिंह का विरोध मुख्य रूप से विधेयक में टैक्स से जुड़े प्रावधानों और उनके संभावित प्रभाव को लेकर है। छोटे कारोबारियों को लेकर AAP की चिंता AAP का कहना है कि छोटे व्यापारियों पर किसी भी अतिरिक्त लागत का प्रभाव व्यापक हो सकता है। पार्टी ने इसे छोटे कारोबारियों और आम जनता के हित से जोड़ते हुए सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी का दावा है कि डिजिटल इंडिया और कैशलेस भुगतान को बढ़ावा देने के बाद UPI से जुड़े लेनदेन पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालना विरोधाभासी होगा। मोदी सरकार पर संजय सिंह का राजनीतिक हमला संजय सिंह ने इस मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर भी राजनीतिक हमला बोला। AAP के मुताबिक उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों का फायदा बड़े और विदेशी निवेशकों को मिल रहा है, जबकि छोटे कारोबारियों पर बोझ बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने सरकार से इस प्रावधान को वापस लेने की मांग की है। Taxation Bill 2026 को संसद की मंजूरी इस पूरे विवाद के बीच Taxation and Other Laws (Amendment) Bill, 2026 संसद से पारित हो चुका है। रिपोर्ट के अनुसार राज्यसभा ने चर्चा के बाद Money Bill को लोकसभा को लौटाया और बाद में विधेयक को संसद की मंजूरी मिल गई। वित्त मंत्री ने इस दौरान UPI यूजर्स और छोटे व्यापारियों को लेकर आश्वासन दिया कि उन पर सीधे UPI/MDR चार्ज नहीं लगाया जाएगा। UPI भुगतान करने वालों के लिए क्या बदलेगा? फिलहाल आम UPI यूजर्स के लिए सबसे अहम बात यह है कि UPI से पैसे भेजने या QR Code के जरिए भुगतान करने पर कोई नया सीधा शुल्क लागू होने की घोषणा नहीं की गई है। हालांकि टैक्स व्यवस्था में बदलाव और उसके कारोबारी प्रभाव को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। इसलिए भविष्य में नियमों में कोई बदलाव होता है तो उसके आधिकारिक विवरण को देखना जरूरी होगा। निष्कर्ष UPI को लेकर संसद में जारी बहस के बीच संजय सिंह ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए Taxation Bill 2026 के प्रावधानों का विरोध किया है और इसे वापस लेने की मांग की है। AAP का दावा है कि व्यापारियों पर टैक्स या अतिरिक्त लागत बढ़ने से इसका असर आम उपभोक्ताओं तक पहुंच सकता है। वहीं, सरकार की ओर से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया है कि आम UPI यूजर्स और छोटे व्यापारियों से नया UPI/MDR चार्ज नहीं लिया जाएगा। इसलिए फिलहाल यह कहना सही नहीं होगा कि UPI से भुगतान करने वाले आम लोगों पर नया शुल्क लगा दिया गया है। Source: Aam Aadmi Party / Indian Express / The Statesman / Live Hindustan जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

“CJP को मिली पूरी फंडिंग PM CARES Fund से!”—आशुतोष रांका का दावा, ऑडिट की मांग

नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक आशुतोष रांका का PM CARES Fund को लेकर दिया गया एक बयान चर्चा में है। एक लाइव डिबेट के दौरान CJP आंदोलन की फंडिंग को लेकर सवाल पूछे जाने पर रांका ने दावा किया कि CJP को मिलने वाली पूरी फंडिंग PM CARES Fund से मिली है। इसके साथ ही उन्होंने PM CARES Fund के ऑडिट की मांग भी उठाई। फंडिंग के सवाल पर आशुतोष रांका का जवाब मामला उस समय चर्चा में आया जब एक पत्रकार ने आशुतोष रांका से CJP के आंदोलन के लिए फंडिंग के स्रोत को लेकर सवाल किया। रिपोर्ट के अनुसार, रांका ने जवाब में दावा किया कि आंदोलन की पूरी फंडिंग PM CARES Fund से हुई है और इसी के साथ उन्होंने फंड की जांच और ऑडिट कराने की मांग रखी। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा में आया है और इसे लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। PM CARES Fund के ऑडिट की मांग आशुतोष रांका ने अपने बयान में केवल फंडिंग का दावा ही नहीं किया, बल्कि PM CARES Fund के ऑडिट की मांग भी उठाई। CJP की ओर से पहले भी PM CARES Fund को लेकर सार्वजनिक ऑडिट और पारदर्शिता की मांग की जाती रही है। संगठन की वेबसाइट पर आंदोलन की प्रमुख मांगों में PM CARES Fund का सार्वजनिक ऑडिट शामिल है। CJP आंदोलन पहले से चर्चा में CJP का आंदोलन पिछले कुछ समय से परीक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर चर्चा में रहा है। संगठन ने NEET और अन्य परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं। संगठन की ओर से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी आंदोलन का प्रमुख हिस्सा रही है। PM CARES Fund को लेकर पहले से उठते रहे हैं सवाल PM CARES Fund की स्थापना कोविड-19 महामारी के दौरान मार्च 2020 में की गई थी। इसके संचालन, पारदर्शिता और सूचना उपलब्धता को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। फंड को एक public charitable trust के रूप में स्थापित किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इसकी ऑडिटिंग के लिए एक स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्म नियुक्त की गई थी। इसलिए CJP की ओर से अब जिस तरह के सार्वजनिक ऑडिट की मांग की जा रही है, वह इसी पारदर्शिता की बहस से जुड़ी हुई है। क्या वास्तव में CJP की फंडिंग PM CARES से हुई? यहां एक महत्वपूर्ण बात ध्यान देने वाली है। आशुतोष रांका का PM CARES Fund से CJP की पूरी फंडिंग होने वाला बयान एक दावा है। उपलब्ध रिपोर्टिंग में इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि या ऐसा कोई आधिकारिक दस्तावेज सामने नहीं आया है, जिससे यह साबित हो कि CJP आंदोलन को वास्तव में PM CARES Fund से फंडिंग मिली। इसलिए इस दावे को तथ्य के रूप में नहीं बल्कि रांका के बयान/दावे के रूप में देखना उचित होगा। सोशल मीडिया पर भी बयान की चर्चा रांका के बयान का वीडियो और उसके अंश सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे हैं। कई यूजर्स इस बयान को लेकर सवाल उठा रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे PM CARES Fund की पारदर्शिता पर बहस से जोड़ रहे हैं। हालांकि सोशल मीडिया प्रतिक्रियाओं को किसी वित्तीय लेनदेन या फंडिंग के आधिकारिक प्रमाण के तौर पर नहीं देखा जा सकता। CJP की मुख्य मांगों में PM CARES ऑडिट भी शामिल CJP की आधिकारिक वेबसाइट पर आंदोलन से जुड़ी मांगों में PM CARES Fund के सार्वजनिक ऑडिट की मांग भी दर्ज है। संगठन ने इसके साथ बेरोजगारी, NEET जवाबदेही, प्रधानमंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस और अन्य मुद्दों को भी अपनी मांगों में शामिल किया है। निष्कर्ष CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका के PM CARES Fund से आंदोलन की पूरी फंडिंग मिलने वाले दावे ने नई चर्चा शुरू कर दी है। रांका ने इसी के साथ PM CARES Fund के ऑडिट की मांग भी उठाई है। हालांकि, CJP को PM CARES Fund से फंडिंग मिलने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल उपलब्ध नहीं है, इसलिए इसे रांका के बयान के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। अब इस मुद्दे पर सबसे अहम सवाल यही है कि क्या भविष्य में इस दावे के समर्थन में कोई आधिकारिक वित्तीय दस्तावेज या प्रमाण सामने आता है। Source: Patrika / CJP official website / Latest reports जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

भारतीय पर्यटकों के लिए अबू धाबी का बड़ा ऑफर, पात्र यात्रियों को मिलेगी मुफ्त UAE एंट्री वीजा सुविधा

अबू धाबी: भारतीय पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए अबू धाबी ने एक नई वीजा पहल शुरू की है। इसके तहत पात्र भारतीय यात्रियों को UAE का complimentary entry visa दिया जाएगा। यह सुविधा उन यात्रियों के लिए है जो तय शर्तों के तहत अबू धाबी में होटल और रिटर्न फ्लाइट की बुकिंग करते हैं। इस पहल से भारत से अबू धाबी घूमने जाने वाले यात्रियों को यात्रा लागत कम करने में मदद मिल सकती है। किसे मिलेगा मुफ्त UAE वीजा? नई पहल के तहत ऐसे भारतीय पर्यटक पात्र हो सकते हैं जिनके पास अबू धाबी की कम से कम तीन रातों की होटल बुकिंग और वापसी की उड़ान की पुष्टि हो। हालांकि यह सुविधा सभी भारतीय यात्रियों के लिए स्वतः उपलब्ध नहीं है। यात्रियों को कार्यक्रम में निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करना होगा और वीजा आवेदन प्रक्रिया के दौरान आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे। अबू धाबी ने क्यों शुरू की यह पहल? अबू धाबी लंबे समय से भारतीय पर्यटकों के लिए एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पर्यटन बाजार के रूप में भारत पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। नई वीजा सुविधा का उद्देश्य भारतीय यात्रियों के लिए अबू धाबी की यात्रा को आसान और अधिक आकर्षक बनाना है। इससे पर्यटन, होटल और एयरलाइन क्षेत्र को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। 20,000 यात्रियों तक की सुविधा रिपोर्टों के मुताबिक इस पायलट कार्यक्रम के तहत अधिकतम 20,000 वीजा जारी किए जाने का प्रावधान है। यह पहल सीमित अवधि के लिए लागू की गई है और इसके तहत पात्र भारतीय पर्यटकों को अबू धाबी की यात्रा के दौरान वीजा शुल्क से राहत मिल सकती है। 31 अक्टूबर 2026 तक चल सकता है कार्यक्रम यह विशेष पहल 31 अक्टूबर 2026 तक चलने की योजना के साथ शुरू की गई है। यानी पात्र भारतीय यात्री इस अवधि के दौरान निर्धारित शर्तों के तहत इसका लाभ उठा सकते हैं। हालांकि यात्रियों को आवेदन करने से पहले मौजूदा नियमों और पात्रता की पुष्टि करनी चाहिए, क्योंकि वीजा नियमों में बदलाव संभव है। होटल बुकिंग होगी अहम इस ऑफर में होटल बुकिंग की भूमिका महत्वपूर्ण है। पात्र यात्रियों को अबू धाबी में कम से कम तीन रातों के ठहरने की पुष्टि करनी होगी। इसके साथ रिटर्न फ्लाइट की जानकारी भी आवश्यक हो सकती है। इसलिए यात्रा की योजना बनाते समय होटल और फ्लाइट की बुकिंग से जुड़े दस्तावेज सुरक्षित रखना जरूरी होगा। भारतीय पर्यटकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह ऑफर? UAE भारतीयों के बीच लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में शामिल है। दुबई के अलावा अबू धाबी भी अपनी आधुनिक वास्तुकला, समुद्र तटों, सांस्कृतिक स्थलों और मनोरंजन सुविधाओं के कारण तेजी से लोकप्रिय हुआ है। वीजा लागत में राहत मिलने से परिवार, कपल्स और अन्य पर्यटकों के लिए अबू धाबी ट्रिप का कुल खर्च कुछ कम हो सकता है। यात्रा से पहले नियम जरूर जांचें पर्यटकों को ध्यान रखना चाहिए कि complimentary visa का मतलब बिना किसी शर्त के UAE में प्रवेश नहीं है। वीजा पात्रता, पासपोर्ट की वैधता, होटल बुकिंग, रिटर्न टिकट और अन्य इमिग्रेशन नियम लागू रहेंगे। इसलिए यात्रा से पहले आधिकारिक वीजा और अबू धाबी पर्यटन स्रोतों से नवीनतम नियमों की पुष्टि करना जरूरी है। अबू धाबी टूरिज्म के लिए भारत बड़ा बाजार भारत अबू धाबी के महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय पर्यटन बाजारों में से एक है। भारतीय यात्रियों की बड़ी संख्या को देखते हुए अबू धाबी पर्यटन क्षेत्र लगातार भारत-केंद्रित प्रचार और यात्रा सुविधाओं पर जोर दे रहा है। नई पहल का उद्देश्य यात्रियों के लिए यात्रा प्रक्रिया को सरल बनाने के साथ-साथ अबू धाबी में भारतीय पर्यटकों की संख्या बढ़ाना है। निष्कर्ष भारतीय पर्यटकों के लिए अबू धाबी का यह complimentary UAE entry visa offer यात्रा को अधिक आकर्षक बनाने वाली महत्वपूर्ण पहल है। हालांकि इसका लाभ सिर्फ पात्र यात्रियों को ही मिलेगा और इसके लिए होटल, फ्लाइट तथा अन्य निर्धारित शर्तों को पूरा करना जरूरी होगा। पायलट कार्यक्रम के तहत 20,000 तक वीजा की सुविधा और 31 अक्टूबर 2026 तक की अवधि इसे भारतीय यात्रियों के लिए खास अवसर बनाती है। यात्रा की योजना बनाने वालों को आवेदन से पहले पात्रता और मौजूदा वीजा नियमों की आधिकारिक पुष्टि जरूर करनी चाहिए। Source: Abu Dhabi Tourism / Latest Travel Reports जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

आज भी ₹100 के पार पेट्रोल, दिल्ली में ₹102.12 और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर

नई दिल्ली: देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर आज, 11 अगस्त 2026 को भी लोगों की नजर बनी हुई है। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल की कीमत ₹95.20 प्रति लीटर बनी हुई है। मंगलवार को प्रमुख शहरों में ईंधन की कीमतों में बड़ा बदलाव नहीं हुआ। दिल्ली में पेट्रोल ₹102 के पार राष्ट्रीय राजधानी में पेट्रोल लगातार ₹100 प्रति लीटर से ऊपर बना हुआ है। आज दिल्ली में पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर पर बिक रहा है, जबकि डीजल की कीमत ₹95.20 प्रति लीटर है। उपलब्ध ताजा आंकड़ों के अनुसार दोनों दरों में आज कोई बदलाव नहीं हुआ है। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत ₹100 के पार पहुंचने के बाद वाहन चालकों पर ईंधन खर्च का दबाव बढ़ा है। रोजाना वाहन इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए पेट्रोल की कीमत में मामूली बदलाव भी मासिक बजट पर असर डाल सकता है। मुंबई में पेट्रोल ₹111 के पार मुंबई में ईंधन की कीमत दिल्ली की तुलना में और ज्यादा है। मंगलवार को मुंबई में पेट्रोल ₹111.18 प्रति लीटर और डीजल करीब ₹99.82 प्रति लीटर पर रहा। महानगरों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में अंतर मुख्य रूप से स्थानीय टैक्स और अन्य शुल्कों के कारण देखने को मिलता है। अन्य बड़े शहरों में भी ईंधन के दाम ऊंचे 11 अगस्त को देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें अलग-अलग स्तर पर बनी हुई हैं। दिल्ली के अलावा मुंबई, चेन्नई, कोलकाता और अन्य बड़े शहरों में भी वाहन चालकों की नजर रोजाना के ईंधन रेट पर है। शहरों के बीच कीमतों में अंतर राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले VAT और स्थानीय करों के कारण होता है। कच्चे तेल की कीमतों पर भी नजर ईंधन कीमतों के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भी चर्चा में है। मंगलवार की रिपोर्टों के मुताबिक Brent crude करीब 5% बढ़कर $87.72 प्रति बैरल तक पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भारत के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में लगातार तेजी रहने पर आगे ईंधन बाजार पर दबाव बढ़ सकता है। आज पेट्रोल-डीजल के दाम क्यों नहीं बदले? अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बावजूद 11 अगस्त को प्रमुख भारतीय शहरों में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें स्थिर रहीं। इसका मतलब यह है कि आज कच्चे तेल की तेजी का सीधा असर घरेलू पेट्रोल-डीजल के दामों में दिखाई नहीं दिया है। सुबह 6 बजे जारी होते हैं नए रेट भारत में सरकारी तेल कंपनियां आम तौर पर पेट्रोल और डीजल के दैनिक रेट सुबह 6 बजे अपडेट करती हैं। इसलिए वाहन चालकों के लिए रोजाना नए रेट की जांच करना महत्वपूर्ण है। अगर किसी शहर में टैक्स या अन्य स्थानीय स्तर पर बदलाव होता है तो संबंधित क्षेत्र में पेट्रोल-डीजल की कीमत अलग हो सकती है। आम आदमी की जेब पर असर पेट्रोल की कीमत ₹100 से ऊपर बने रहने का सीधा असर निजी वाहन इस्तेमाल करने वाले लोगों के बजट पर पड़ता है। लंबी दूरी की यात्रा, रोजाना ऑफिस आने-जाने और व्यावसायिक वाहनों के खर्च में भी ईंधन की कीमत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। डीजल की कीमतें भी परिवहन क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि माल ढुलाई और कई व्यावसायिक वाहनों में डीजल का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। आगे क्या रहेगा नजर में? आने वाले दिनों में बाजार की नजर कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों, भू-राजनीतिक तनाव, रुपये की डॉलर के मुकाबले स्थिति और तेल की वैश्विक आपूर्ति पर रहेगी। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी रहती है तो भारतीय ईंधन बाजार पर भी दबाव बना रह सकता है। हालांकि घरेलू पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतों का अगला बदलाव तेल कंपनियों के दैनिक मूल्य निर्धारण पर निर्भर करेगा। निष्कर्ष 11 अगस्त 2026 को दिल्ली में पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर पर स्थिर है। मुंबई में पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹99.82 प्रति लीटर के आसपास है। वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में Brent crude की कीमतों में तेजी के बीच घरेलू ईंधन दरों में आज बड़ा बदलाव नहीं हुआ। आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक घटनाक्रमों पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा। Source: Business Today / NDTV Profit / Indian fuel price data जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

रुपया शुरुआती कारोबार में 8 पैसे कमजोर होकर ₹95.38 प्रति डॉलर पर पहुंचा, कच्चे तेल की कीमतों से दबाव

मुंबई: भारतीय रुपया मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 8 पैसे कमजोर होकर ₹95.38 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। वैश्विक बाजारों में जारी अनिश्चितता और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच रुपये पर दबाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में रुपये पर दबाव इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया कमजोर स्तर पर खुला और शुरुआती कारोबार में ₹95.38 प्रति डॉलर तक पहुंच गया। पिछले कारोबारी सत्र में रुपया करीब ₹95.30 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। मंगलवार की शुरुआत में रुपये की कमजोरी के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारक बताए जा रहे हैं। West Asia संकट का बाजार पर असर West Asia में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच वैश्विक निवेशकों की चिंता बनी हुई है। क्षेत्र में शांति वार्ता को लेकर स्पष्ट प्रगति नहीं होने से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। कच्चे तेल की कीमत बढ़ने का सीधा असर भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। इससे देश का आयात बिल बढ़ने और डॉलर की मांग बढ़ने की संभावना रहती है, जिसका दबाव रुपये पर पड़ता है। महंगा कच्चा तेल बना बड़ी चिंता अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने भारतीय मुद्रा पर दबाव बढ़ाया है। रिपोर्टों के मुताबिक Brent crude में भी तेजी देखने को मिली है और बाजार की नजर West Asia से जुड़े घटनाक्रम पर बनी हुई है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़ी मात्रा में कच्चे तेल का आयात करता है। ऐसे में तेल महंगा होने पर देश को ज्यादा डॉलर खर्च करने पड़ते हैं। शेयर बाजार में कमजोरी का भी असर रुपये पर दबाव का एक कारण घरेलू शेयर बाजार में शुरुआती कमजोरी भी रही। मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक शुरुआती कारोबार में दबाव में नजर आए। Reuters के अनुसार शुरुआती कारोबार में Nifty करीब 0.43% और Sensex करीब 0.48% नीचे थे। वित्तीय और बैंकिंग शेयरों में कमजोरी ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया। RBI की भूमिका से बड़ी गिरावट पर रोक रुपये में कमजोरी के बावजूद बाजार में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की संभावित दखलंदाजी पर भी नजर बनी हुई है। बाजार सूत्रों के मुताबिक सरकारी बैंकों के जरिए डॉलर की बिक्री से रुपये को कुछ समर्थन मिला, जिससे शुरुआती गिरावट सीमित रही। विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भी रुपये की दिशा के लिए महत्वपूर्ण बनी हुई हैं। महंगाई पर भी पड़ सकता है असर रुपये में कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर आने वाले समय में महंगाई पर भी पड़ सकता है। अगर आयातित तेल महंगा होता है, तो परिवहन और उत्पादन लागत बढ़ सकती है। इसका असर पेट्रोलियम उत्पादों के अलावा कई अन्य वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों पर भी अप्रत्यक्ष रूप से पड़ सकता है। निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों पर अब बाजार की नजर कई महत्वपूर्ण घटनाक्रमों पर है। खासतौर पर West Asia संकट, कच्चे तेल की कीमतें, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां रुपये की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। इसके अलावा अमेरिकी महंगाई के आंकड़े और भारत के आगामी आर्थिक आंकड़े भी बाजार की धारणा को प्रभावित कर सकते हैं। रुपये के लिए आगे की चुनौती रुपया पिछले कुछ समय से डॉलर के मुकाबले कमजोर स्तरों के आसपास कारोबार कर रहा है। सोमवार को भी शुरुआती कारोबार में रुपया 8 पैसे कमजोर होकर ₹95.25 प्रति डॉलर पर पहुंचा था। ऐसे में अगर कच्चे तेल की कीमतों में और तेजी आती है या वैश्विक तनाव बढ़ता है, तो रुपये पर अतिरिक्त दबाव देखने को मिल सकता है। वहीं RBI की कार्रवाई और विदेशी पूंजी प्रवाह रुपये को समर्थन दे सकते हैं। निष्कर्ष 11 अगस्त 2026 को शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया 8 पैसे कमजोर होकर ₹95.38 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। West Asia संकट के बीच कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और घरेलू शेयर बाजार में कमजोरी ने रुपये पर दबाव बढ़ाया। हालांकि RBI की संभावित दखलंदाजी और विदेशी पूंजी प्रवाह से गिरावट को सीमित करने में मदद मिल रही है। आने वाले कारोबार में कच्चे तेल, डॉलर इंडेक्स, विदेशी निवेश और West Asia से जुड़ी खबरें रुपये की दिशा के लिए सबसे अहम संकेतक रहेंगे। Source: PTI / Reuters / Economic Times जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

NEET PG 2026 City Intimation Slip जारी, उम्मीदवारों को मिला परीक्षा शहर; 30 अगस्त को होगी परीक्षा

नई दिल्ली: NEET PG 2026 की तैयारी कर रहे लाखों मेडिकल उम्मीदवारों के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। National Board of Examinations in Medical Sciences (NBEMS) ने 11 अगस्त 2026 को उम्मीदवारों के लिए Test City Intimation जारी किया है। इसमें उम्मीदवारों को यह जानकारी मिलेगी कि उनकी NEET PG परीक्षा किस शहर में आयोजित की जाएगी। यह अपडेट उम्मीदवारों के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अब उन्हें परीक्षा शहर की जानकारी मिलने के बाद यात्रा और ठहरने की तैयारी करने का पर्याप्त समय मिल सकेगा। आज जारी हुई परीक्षा शहर की जानकारी NEET PG 2026 के आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार उम्मीदवारों को 11 अगस्त 2026 को परीक्षा शहर की जानकारी दी जानी है। इसके बाद उम्मीदवार अपने आवेदक लॉगिन के माध्यम से आवंटित शहर की जानकारी देख सकते हैं। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे NBEMS की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने लॉगिन विवरण के जरिए जानकारी चेक करें। 30 अगस्त को होगी NEET PG 2026 परीक्षा NEET PG 2026 परीक्षा 30 अगस्त 2026 को आयोजित की जाएगी। परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के लिए अब तैयारी का अंतिम चरण शुरू हो गया है। City Intimation Slip मिलने के बाद उम्मीदवारों को अपने परीक्षा शहर तक पहुंचने की योजना पहले से बनानी चाहिए, खासकर यदि आवंटित शहर उनके गृह शहर से अलग है। City Intimation Slip और Admit Card अलग-अलग हैं उम्मीदवारों को एक महत्वपूर्ण बात ध्यान में रखनी चाहिए कि City Intimation Slip एडमिट कार्ड नहीं है। इसमें मुख्य रूप से परीक्षा के लिए आवंटित शहर की जानकारी दी जाती है। परीक्षा केंद्र का पूरा पता और परीक्षा से जुड़ी अंतिम जानकारी एडमिट कार्ड में दी जाएगी। NEET PG 2026 के कार्यक्रम के अनुसार Admit Card 27 अगस्त 2026 को जारी किया जाना निर्धारित है। कैसे चेक करें NEET PG City Intimation Slip? उम्मीदवार अपनी परीक्षा शहर की जानकारी देखने के लिए NBEMS की वेबसाइट पर जाकर इन चरणों का पालन कर सकते हैं: उम्मीदवारों को सलाह है कि वे अपनी जानकारी में नाम, आवेदन संख्या और आवंटित शहर को ध्यान से जांच लें। परीक्षा केंद्र की जानकारी कब मिलेगी? City Intimation Slip में केवल परीक्षा शहर की जानकारी मिलना महत्वपूर्ण है। सटीक परीक्षा केंद्र का पता एडमिट कार्ड में उपलब्ध कराया जाएगा। इसलिए उम्मीदवारों को अभी से यात्रा की योजना बनाते समय शहर की जानकारी का उपयोग करना चाहिए, लेकिन अंतिम परीक्षा केंद्र की पुष्टि एडमिट कार्ड जारी होने के बाद ही करनी चाहिए। उम्मीदवार अभी से बना लें यात्रा की योजना अगर किसी उम्मीदवार को अपने गृह शहर से अलग शहर आवंटित किया गया है, तो उसे यात्रा और होटल की व्यवस्था पहले से कर लेना फायदेमंद रहेगा। खासकर ट्रेन और बस से यात्रा करने वाले उम्मीदवारों को अंतिम समय की भीड़ से बचने के लिए समय रहते टिकट की योजना बनाने की सलाह दी जाती है। एडमिट कार्ड 27 अगस्त को जारी होगा आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार NEET PG 2026 का Admit Card 27 अगस्त को जारी किया जाना है। इसके बाद उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र का पूरा विवरण और परीक्षा से संबंधित आवश्यक निर्देश मिलेंगे। उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के बाद उस पर दर्ज सभी विवरणों को ध्यान से जांचना चाहिए। 30 सितंबर तक परिणाम आने की उम्मीद NEET PG 2026 का परिणाम 30 सितंबर 2026 तक घोषित किए जाने का कार्यक्रम है। यानी परीक्षा के लगभग एक महीने के भीतर परिणाम जारी किए जाने की उम्मीद है। इसके बाद मेडिकल पीजी सीटों में प्रवेश के लिए आगे की काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होगी। उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर नजर रखें NBEMS की ओर से परीक्षा से जुड़ी किसी भी नई सूचना, एडमिट कार्ड, परीक्षा केंद्र या अन्य निर्देशों के लिए उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट पर नजर रखने की सलाह दी जाती है। सोशल मीडिया या अनधिकृत वेबसाइटों पर वायरल होने वाली जानकारी के बजाय उम्मीदवारों को NBEMS की आधिकारिक सूचना को ही अंतिम मानना चाहिए। निष्कर्ष NEET PG 2026 City Intimation Slip आज 11 अगस्त को जारी कर दी गई है, जिससे उम्मीदवारों को उनके आवंटित परीक्षा शहर की जानकारी मिल सकेगी। यह परीक्षा 30 अगस्त 2026 को आयोजित होगी, जबकि एडमिट कार्ड 27 अगस्त को जारी किया जाना निर्धारित है। अब उम्मीदवारों को अपनी City Intimation Slip चेक करने के साथ-साथ परीक्षा की तैयारी पर ध्यान देना चाहिए और यदि परीक्षा शहर अलग है तो यात्रा की योजना समय रहते बना लेनी चाहिए। Source: NBEMS / NEET PG 2026 Information Bulletin / Latest Education Reports जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

देश के कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, दिल्ली-UP समेत कई इलाकों में तेज बारिश की संभावना

नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है। दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक और केरल समेत कई राज्यों में आने वाले दिनों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने कुछ क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, यातायात प्रभावित होने और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति बनने का खतरा भी बना हुआ है। दिल्ली-NCR में बारिश को लेकर अलर्ट राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में मानसून की सक्रियता के कारण तेज बारिश की संभावना जताई गई है। बारिश के दौरान कई स्थानों पर जलभराव और ट्रैफिक की समस्या सामने आ सकती है। दिल्ली-NCR के लोगों को मौसम में अचानक बदलाव और तेज बारिश के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खासतौर पर निचले इलाकों और जलभराव वाले रास्तों पर अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है। उत्तर प्रदेश में भी तेज बारिश का दौर उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। कुछ इलाकों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। लगातार बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव और फसलों पर असर पड़ने की आशंका है। स्थानीय प्रशासन को भी संवेदनशील इलाकों पर नजर रखने की जरूरत है। कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार देश के अलग-अलग हिस्सों में मानसून की गतिविधियां अलग-अलग स्तर पर बनी हुई हैं। राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक और केरल के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। पश्चिमी तट और दक्षिण भारत के कुछ क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर मुश्किलें बढ़ सकती हैं। राजस्थान और गुजरात में भी बारिश का असर राजस्थान और गुजरात के कई इलाकों में मानसूनी बारिश का दौर जारी है। कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण सड़कों पर पानी भरने और यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने और लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर ध्यान देने की सलाह दी जा रही है। महाराष्ट्र और कर्नाटक में भी सतर्कता महाराष्ट्र और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना के बीच स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने की जरूरत है। पहाड़ी और निचले इलाकों में बारिश के दौरान भूस्खलन, जलभराव और अचानक जलस्तर बढ़ने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। केरल में भी बारिश का अलर्ट केरल में मानसून के कारण कई क्षेत्रों में बारिश जारी रहने की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश के कारण नदियों और जलाशयों के जलस्तर पर भी नजर रखी जा रही है। बारिश के दौरान समुद्र के आसपास रहने वाले लोगों और मछुआरों को स्थानीय प्रशासन तथा मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी जाती है। आंधी और बिजली गिरने का भी खतरा भारी बारिश के साथ कुछ राज्यों में गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाओं का खतरा भी बना हुआ है। मौसम खराब होने के दौरान खुले मैदान, पेड़ के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना जरूरी है। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। जलभराव और ट्रैफिक को लेकर बढ़ी चिंता शहरी इलाकों में तेज बारिश का सबसे बड़ा असर सड़क यातायात पर देखने को मिलता है। कम समय में ज्यादा बारिश होने पर निचले इलाकों में पानी जमा हो सकता है। दिल्ली-NCR जैसे बड़े शहरी क्षेत्रों में बारिश के दौरान ट्रैफिक जाम और जलभराव की समस्या लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है। भारी बारिश के दौरान गैर-जरूरी यात्रा से बचना और जलभराव वाले रास्तों पर जाने से परहेज करना सुरक्षित रहेगा। निष्कर्ष देश के कई राज्यों में मानसून सक्रिय रहने के कारण भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। दिल्ली-NCR और उत्तर प्रदेश समेत कई क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक और जलभराव की स्थिति बन सकती है। लोगों को सलाह है कि वे मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों पर नजर रखें और भारी बारिश के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहें। Source: India Meteorological Department (IMD) / Weather reports जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

राष्ट्रीय | छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर संसद में हंगामा, अमित शाह के बयान की मांग पर लोकसभा फिर स्थगित

नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को छात्रों के प्रदर्शन पर कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया। विपक्षी सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस मामले पर सदन में बयान देने की मांग की। लगातार नारेबाजी और हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही मिनट बाद दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्ष ने उठाया छात्र प्रदर्शन का मुद्दा लोकसभा की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे शुरू हुई। जैसे ही अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल शुरू करने की कोशिश की, विपक्षी सांसदों ने छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाना शुरू कर दिया। विपक्ष की मांग थी कि गृह मंत्री अमित शाह स्वयं सदन में आकर इस पूरे मामले पर जवाब दें। लगातार नारेबाजी के कारण प्रश्नकाल सामान्य तरीके से आगे नहीं बढ़ सका। अमित शाह के बयान पर अड़ा विपक्ष विपक्षी सांसदों का मुख्य जोर गृह मंत्री अमित शाह के व्यक्तिगत बयान पर है। विपक्ष का आरोप है कि छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर सरकार को सदन में स्पष्ट जवाब देना चाहिए। हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, विपक्ष 20 जुलाई को परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई और कथित तौर पर पेलेट गन के इस्तेमाल को लेकर चर्चा और शाह के बयान की मांग कर रहा है। सरकार ने कहा—गृह मंत्री जवाब देने को तैयार संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू की ओर से पहले ही कहा गया था कि सरकार इस मुद्दे पर सदन में चर्चा के लिए तैयार है और अमित शाह भी छात्रों से जुड़े पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर जवाब देने के लिए तैयार हैं। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी सदन में विपक्षी सांसदों को यही जानकारी दी और उनसे प्रश्नकाल को चलने देने की अपील की। स्पीकर ओम बिरला ने की बार-बार अपील हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्षी सांसदों से सदन की कार्यवाही चलने देने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल सरकार से जवाबदेही सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है और सांसदों को सदन में चर्चा तथा बहस के जरिए अपनी बात रखनी चाहिए। बिरला ने सदस्यों से पोस्टर और बैनर दिखाने के बजाय संसदीय प्रक्रिया के तहत चर्चा करने की अपील की। इसके बावजूद नारेबाजी जारी रही। कुछ ही मिनट में लोकसभा स्थगित विपक्ष के लगातार विरोध के चलते लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के लगभग चार मिनट बाद ही स्थगित कर दी गई। अब सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे दोबारा शुरू होने के लिए निर्धारित की गई है। राज्यसभा में भी इसी मुद्दे को लेकर हंगामा हुआ। वहां की कार्यवाही भी बाधित हुई और सदन को दोपहर 12 बजे तक स्थगित किया गया। दो सप्ताह से जारी है संसद में गतिरोध छात्र प्रदर्शन से जुड़े इस मुद्दे को लेकर संसद में पिछले करीब दो सप्ताह से राजनीतिक गतिरोध बना हुआ है। विपक्ष लगातार पुलिस कार्रवाई पर चर्चा और गृह मंत्री के बयान की मांग कर रहा है। वहीं, सरकार का कहना है कि वह इस विषय पर चर्चा के लिए तैयार है और गृह मंत्री सदन में जवाब देने को तैयार हैं। इसके बावजूद दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन पा रही है। 20 जुलाई के प्रदर्शन पर है विवाद विवाद का मुख्य केंद्र 20 जुलाई का छात्र प्रदर्शन है। यह प्रदर्शन परीक्षा में कथित अनियमितताओं और तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हुआ था। विपक्ष का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों के खिलाफ पुलिस ने जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया। इसी कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री से संसद में जवाब मांगा जा रहा है। सरकार और विपक्ष के बीच बढ़ता टकराव सोमवार को सरकार की ओर से छात्रों से जुड़े मुद्दे और पुलिस कार्रवाई पर चर्चा कराने की पेशकश की गई थी। हालांकि विपक्ष ने केवल सामान्य चर्चा के बजाय गृह मंत्री अमित शाह से सीधे जवाब की मांग पर जोर दिया। इसी मुद्दे पर मंगलवार को भी संसद की कार्यवाही प्रभावित हुई और दोनों पक्षों के बीच गतिरोध जारी रहा। मानसून सत्र पर भी असर लगातार हंगामे का असर संसद के मानसून सत्र के कामकाज पर भी पड़ रहा है। सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर पहले से मतभेद हैं और छात्र प्रदर्शन का मुद्दा अब इस राजनीतिक टकराव का प्रमुख केंद्र बन गया है। संसदीय कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने को लेकर लोकसभा अध्यक्ष लगातार दोनों पक्षों से सहयोग की अपील कर रहे हैं। निष्कर्ष छात्र प्रदर्शन पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर संसद में जारी गतिरोध मंगलवार को भी खत्म नहीं हो सका। विपक्ष अमित शाह से सदन में स्पष्ट बयान की मांग पर अड़ा रहा, जबकि सरकार का कहना है कि गृह मंत्री इस मुद्दे पर जवाब देने के लिए तैयार हैं। लगातार नारेबाजी के कारण लोकसभा को कुछ ही मिनटों में दोपहर 2 बजे तक स्थगित करना पड़ा। अब नजर इस बात पर है कि दोपहर बाद सदन की कार्यवाही सुचारु हो पाती है या छात्र प्रदर्शन का मुद्दा एक बार फिर संसद में हंगामे का कारण बनता है। Source: News On AIR / Hindustan Times / Economic Times जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन से पहले कांटेदार तारों की बैरिकेडिंग पर सवाल

10 जुलाई 2026 को झारखंड में छात्रों का शांतिपूर्ण आंदोलन प्रस्तावित है। अपने अधिकारों और भविष्य से जुड़े सवालों को लेकर छात्र सड़क पर उतरने की तैयारी में हैं। वहीं, प्रदर्शन स्थल पर कांटेदार तारों से की गई बैरिकेडिंग की तस्वीर सामने आने के बाद सवाल उठ रहे हैं—क्या शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन के लिए ऐसी बैरिकेडिंग जरूरी है? सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन लोकतंत्र में छात्रों के सवालों का जवाब कांटों से नहीं, संवाद से होना चाहिए। छात्र सवाल लेकर आए हैं… सामने कांटेदार तार क्यों? #Jharkhand#StudentProtest#JPSC#JSSC#StudentVoice Democracy JayRashtraNews

आगे और पढ़ें

एथेनॉल विवाद पर भाजपा सांसद जनार्दन मिश्रा का बयान—“शुद्ध पेट्रोल तुम्हारे बाप के घर से आएगा?”

मध्य प्रदेश के रीवा से भाजपा सांसद जनार्दन मिश्रा अपने एक बयान को लेकर चर्चा में हैं। रीवा एयरपोर्ट पर एक कार्यक्रम के दौरान एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का विरोध करने वालों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा—“आंदोलन हो रहा है एथेनॉल नहीं चलेगा, शुद्ध पेट्रोल चलेगा। शुद्ध पेट्रोल तुम्हारे बाप के घर से आएगा?” सांसद मिश्रा रीवा से भोपाल और कोलकाता के लिए शुरू हुई नई उड़ानों के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने देश की आर्थिक स्थिति और एथेनॉल नीति पर भी अपनी बात रखी। #JanardanMishra#RewaNews#MadhyaPradesh#Ethanol#BJPNews BreakingNews JayRashtraNews

आगे और पढ़ें
Translate »