Man with swords in Ajmer

Man with swords in Ajmer: अजमेर शरीफ दरगाह में तीन तलवार लेकर अंदर घुसा अर्धनग्न व्यक्ति, मचा हड़कंप 

राजस्थान की प्रसिद्ध अजमेर शरीफ दरगाह में लाखों हिन्दू और मुस्लिम श्रद्धालु मत्था टेकने जाते हैं। वैसे तो अजमेर शरीफ की सुरक्षा चाकचौबंद होती है लेकिन एक शख्स ने सुरक्षा को धता बताते हुए एक दो नहीं बल्कि 3 तलवारों के साथ अंदर प्रवेश (Man with swords in Ajmer) कर गया। तीन तलवार लेकर घुसे अर्धनग्न व्यक्ति को देख मुस्लिम श्रद्धालुओं में हड़कंप मच गया। दरगाह के भीतर जब मौजूद लोगों ने उस शख्स को देखा तो उनके होश फाख्ता हो गए। मौके की नज़ाकत को समझते हुए लोगों ने त्वरित कार्रवाई की। अहम बात यह कि अजमेर शरीफ दरगाह की सुरक्षा में यह चूक ईद के ठीक अगले दिन हुई है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक दरगाह के सभी 10 प्रवेश द्वारों पर सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। बता दें कि अजमेर शरीफ का मुख्य द्वार निजाम गेट कहलाता है। वहां पर आरएसी के तकरीबन10 जवान तैनात रहते हैं। इसके अलावा मेटल डिटेक्टर और बैग स्कैनर भी लगे हुए हैं। लेकिन, फिर भी व्यक्ति का अंदर तक पहुंच जाना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता ही है।  एक स्थानीय व्यक्ति ने साहस दिखाया और संदिग्ध युवक से तलवार छीन (Man with swords in Ajmer) ली जानकारी के मुताबिक एक स्थानीय व्यक्ति ने साहस दिखाया और संदिग्ध युवक से तलवार छीन (Man with swords in Ajmer) ली। इस छीना-झपटी के दौरान युवक जख्मी हो गया। इस दौरान उसके हाथ से खून बहने लगा। इसके बावजूद उसने हार नहीं मानी और दिलेरी दिखाते हुए अन्य श्रद्धालुओं की मदद से अर्धनग्न व्यक्ति को पकड़कर स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया। हालांकि पुलिस ने तुरंत आरोपी को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू कर दी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि वह व्यक्ति कौन था और उसके मंसूबे क्या थे? खैर, पुलिस घटना की गंभीरता से जांच कर रही है। साथ यह भी देखा जा रहा है कि सुरक्षा में चूक हुई तो भी कैसे हुई? हालाँकि इस घटना के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है और दरगाह की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। वो बात और है कि इस घटना के बाद से श्रद्धालुओं में डर का माहौल जरूर बना हुआ है। कुछ भी हो लेकिन एक अच्छी बात यह कि स्थानीय लोगों की सतर्कता और बहादुरी से एक संभावित बड़ी घटना टल गई।  इसे भी पढ़े:– अजमेर शरीफ पर पीएम मोदी के इस कदम से भड़की हिंदू सेना, कही यह बात प्रधानमंत्री से लेकर मशहूर हस्तियों ने यहाँ चादर भेजी और चढ़ाई है (Man with swords in Ajmer) बता दें कि अजमेर शरीफ दरगाह का निर्माण मुस्लिम शासक इल्तुतमिश के शासनकाल में हुआ था। जिसे बाद में मुगल सम्राट हुमायूं के शासनकाल में पूरा किया गया। दरगाह का यह स्थल, धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यधिक महत्वपूर्ण है। गौर करने वाली बात यह कि आज भी यह हिन्दू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लिए श्रद्धा का केंद्र है। यही नहीं, देश के प्रधानमंत्री से लेकर मशहूर हस्तियों ने यहाँ चादर भेजी और चढ़ाई है। लोगों का विश्वास है कि यहां मांगी गई मुराद कभी खाली नहीं जाती।  Latest News in Hindi Today Hindi news Man with swords in Ajmer AjmerSharif #AjmerDargah #BreakingNews #IndiaNews #SecurityBreach #AjmerIncident #DargahAlert #AjmerLatest #ReligiousSite #ViralNews

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Mumbai bomb blast verdict

Mumbai bomb blast verdict: मुंबई बम धमाके के 32 साल बाद विशेष अदालत ने सुनाया बड़ा फैसला, टाइगर मेमन को लगा झटका

साल 1993 में देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे। इस कदर अचनाक हुए बम धमाकों से मुंबई दहल गई थी। इस हादसे के जख्म आज भी हरे हैं। आखिरकार 32 इस हमले के साजिशकर्ता टाइगर मेमन को लेकर मुंबई की एक विशेष अदालत ने बड़ा फैसला (Mumbai bomb blast verdict) दिया है। आदेश के मुताबिक, मुंबई में 1993 में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के कथित मुख्य साजिशकर्ता में से एक टाइगर मेमन तथा उसके परिवार की 14 संपत्तियां केंद्र सरकार को सौंपी जाएंगी। आतंकवादी और विध्वंसकारी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम-1987 (TADA) अदालत के आदेश के बाद ये संपत्तियां 1994 से बंबई उच्च न्यायालय के ‘रिसीवर’ के कब्जे में थीं। जानकारी के मुताबिक पिछले सप्ताह 26 मार्च को पारित अपने एक आदेश में विशेष टाडा अदालत के न्यायाधीश वी.डी. केदार ने कहा कि “अचल संपत्तियों का कब्जा केंद्र सरकार को सौंप दिया जाना चाहिए।” आदेश में कहा गया कि “केंद्र को सौंपी जाने वाली संपत्तियां ऋणभार से मुक्त हैं और इस तरह सक्षम प्राधिकारी के माध्यम से केंद्र सरकार 14 अचल संपत्तियों पर कब्जा पाने की हकदार है।”  केंद्र सरकार को उन्हें जब्त करने का (Mumbai bomb blast verdict ) देना है आदेश   खैर, इस बीच तस्कर और विदेशी मुद्रा छलसाधक (संपत्ति समपहरण) अधिनियम के तहत सक्षम प्राधिकारी ने संपत्तियों को छोड़ने की मांग की थी। याचिका में कहा गया कि “उपरोक्त अधिनियम का कार्य विदेशी मुद्रा छलसाधक और मादक पदार्थों के तस्करों की अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों का पता लगाना और केंद्र सरकार को उन्हें जब्त करने का आदेश  (Mumbai bomb blast verdict ) देना है।” गौरतलब हो कि टाइगर मेमन की 14 संपत्तियों में बांद्रा (वेस्ट) की एक इमारत में एक फ्लैट, माहिम में एक कार्यालय परिसर, माहिम में ही एक भूखंड, सांताक्रूज (ईस्ट) में एक भूखंड और एक फ्लैट यही नहीं, इसके अलावा कुर्ला की एक इमारत में दो फ्लैट, मोहम्मद अली रोड पर एक कार्यालय, डोंगरी में एक दुकान और भूखंड, मनीष मार्केट में तीन दुकानें और मुंबई की शेख मेमन स्ट्रीट पर स्थित एक इमारत शामिल है। इसे भी पढ़ें:–चीन के इशारे पर नॉर्थईस्ट का कार्ड खेल दबाव बना रहा बांग्लादेश, पीएम मोदी से द्विपक्षीय बैठक को क्यों बेचैन युनूस विशेष अदालत ने (Mumbai bomb blast verdict ) बम धमाकों के मुख्य साजिशकर्ता टाइगर मेमन को दिया बड़ा झटका  बता दें कि मुंबई के अलग-अलग इलाकों में 12 मार्च 1993 को हुए सिलसिलेवार 13 बम धमाकों में 257 लोगों की जान चली गई थी और 700 से भी अधिक लोग घायल हुए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे चलकर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ले ली थी। सीबीआई के मुताबिक, साल 1993 के धमाकों की साजिश कथित तौर पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ने आईएसआई के इशारे पर अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम ने अपने साथी टाइगर मेमन और मोहम्मद दोसा की मदद से रची थी। ध्यान देने वाली बात यह कि दाऊद इब्राहिम और टाइगर मेमन दोनों अब भी वांछित आरोपी हैं। टाइगर मेमन के भाई याकूब मेमन को इस मामले में दोषी ठहराया गया था और साल 2015 में उसे मृत्युदंड दिया गया था। खैर,एक तरह से 32 साल बाद ही सही मुंबई की एक विशेष अदालत ने  (Mumbai bomb blast verdict ) बम धमाकों के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक, टाइगर मेमन तथा उसके परिवार को एक बड़ा झटका दिया है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Mumbai bomb blast verdict MumbaiBlasts #TigerMemon #MumbaiVerdict #JusticeServed #TerrorismTrial #CourtRuling #IndiaNews

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street namaz controversy

street namaz controversy: हिंदुओं से सीखें धार्मिक अनुशासन, सड़क पर नमाज न पढ़ने को लेकर योगी आदित्यनाथ ने कही यह बड़ी बात

इन दिनों देश में हिन्दू-मुस्लिम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज होती जा रही है। आए दिन नेतागण किसी न किसी बहाने हिंदू-मुस्लिम के मुद्दों को भुनाने का एक भी मौका नहीं गंवाना चाहते। इस बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़क पर होने वाली नमाज (street namaz controversy) को लेकर साफ़ तौर पर कहा है कि ये नहीं हो सकती है। दरअसल, समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए एक साक्षात्कार में सड़कों पर नमाज पढ़ने को लेकर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “सड़कें चलने के लिए होती हैं और जो लोग ऐसा कह रहे हैं उन्हें हिंदुओं से अनुशासन सीखना चाहिए। प्रयागराज में 66 करोड़ लोग आए। कहीं कोई लूटपाट नहीं हुई, कहीं कोई आगजनी नहीं हुई, कहीं कोई छेड़छाड़ नहीं हुई, कहीं कोई तोड़फोड़ नहीं हुई, कहीं कोई अपहरण नहीं हुआ, यही अनुशासन है, यही धार्मिक अनुशासन है। वे श्रद्धा के साथ आए, महास्नान में भाग लिया और फिर अपने गंतव्य की ओर बढ़ गए। त्योहार और उत्सव या ऐसे कोई भी आयोजन उदंडता का माध्यम नहीं बनने चाहिए। अगर आप सुविधा चाहते हैं, तो उस अनुशासन का पालन करना भी सीखें।”   नमाज पढ़ने के नाम पर क्या घंटों सड़क जाम (street namaz controversy) करेंगे? इस पर उन्होंने आगे कहा कि “ईद में कौन सा प्रदर्शन करेंगे? नमाज पढ़ने के नाम पर क्या घंटों सड़क जाम (street namaz controversy) करेंगे? नमाज पढ़ने के लिए ईदगाह और मस्जिद हैं, न कि सड़क। इसके लिए ठीक तो बोला जा रहा है। और वैसे भी मैं किसी एक वर्ग विशेष के लिए सभी को असुविधा में नहीं डाल सकता। मुझे पूरे प्रदेश के लोगों को हर जरूरी सुविधा उपलब्ध करानी है।” इस बीच सड़क पर नमाज की तुलना कांवड़ यात्रा से करने पर सीएम ने कहा कि “कांवड़ यात्रा से तुलना की जा रही है, कावंड़ यात्रा हरिद्वार से लेकर गाजियाबाद और एनसीआर के क्षेत्रों तक जाती है। वो सड़क पर ही चलेगी। क्या हमने कभी परंपरागत मुस्लिम जुलूस को रोक, कभी भी नहीं रोक। मुहर्रम के जुलूस निकलते हैं। हां, ये जरूर कहा है कि ताजिया का साइज थोड़ा छोटा रखें क्योंकि तुम्हारी सुरक्षा के लिए है। रास्ते में हाईटेंशन तार होंगे, जोकि आपके लिए बदले नहीं जाएंगे। हाईटेंशन की चपेट में आने से मर जाओगे। यही होता है, कांवड़ यात्रा में भी यही बोला जाता है कि डीजे का साइज छोटा करो, जो ऐसा नहीं करता है तो सख्ती की जाती है। कानून सभी के लिए बराबर लागू होता है। फिर कैसे तुलना की जा रही है।”  इसे भी पढ़ें:- वक्फ संशोधन बिल 2 अप्रैल को लोकसभा में हो सकता है पेश, राज्यसभा में मिलेगी चुनौती  सुधार समय की मांग (street namaz controversy) है वक्फ (संशोधन) विधेयक पर पूछे गए सवाल का प्रश्न का उत्तर देते हुए सीएम योगी ने कहा कि “सुधार समय की मांग (street namaz controversy) है। हर अच्छे काम का विरोध होता है।इसी तरह वक्फ संशोधन विधेयक पर भी हंगामा हो रहा है, जो लोग इस मुद्दे पर हंगामा कर रहे हैं, मैं उनसे पूछना चाहता हूँ, क्या वक्फ बोर्ड ने कोई कल्याण किया है? सब कुछ छोड़िए, क्या वक्फ ने मुसलमानों का भी कोई कल्याण किया है? वक्फ निजी स्वार्थ का केंद्र बन गया है। यह किसी भी सरकारी संपत्ति पर जबरन कब्जा करने का माध्यम बन गया है और सुधार समय की मांग है और हर सुधार का विरोध किया जाता है।” Latest News in Hindi Today Hindi news street namaz controversy YogiAdityanath #ReligiousDiscipline #Namaz #Hinduism #UttarPradesh #IndianPolitics #ReligiousFreedom

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Wakf Amendment Bill

वक्फ संशोधन बिल 2 अप्रैल को लोकसभा में हो सकता है पेश, राज्यसभा में मिलेगी चुनौती 

संसद में बजट सत्र (Parliament Budget Session) के दूसरा चरण में अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा लगातार जारी है। इस चरण के अब कुछ दिन ही बाकि रह गए हैं, ऐसे में केंद्र सरकार बड़े बिल लाने की तैयारी कर रही है। इसमें से ही एक वक्फ संशोधन बिल (Waqf Amendment Bill) भी है। कहा जा रहा है कि वक्फ संशोधन बिल को कल यानी 2 अप्रैल को संसद में पेश किया जाएगा। अगर सरकार इस वक्फ संशोधन बिल (Wakf Amendment Bill) को  2 अप्रैल को लाती है तो इसे दोनों सदनों से पारित कराने के लिए मात्र दो दिन ही मिलेंगे। ऐसे में आखिरी के दिनों में सदन के अंदर भारी हंगामा होने का अंदेशा जताया जा रहा है।  संसद के पिछले सत्र के दौरान सदन में पेश किया गया था वक्फ संशोधन बिल बता दें कि वक्फ संशोधन बिल (Waqf Amendment Bill) को संसद के पिछले सत्र के दौरान सदन में पेश किया गया था। इस बिल का विरोध करते हुए विपक्षी सदस्यों ने भारी हंगामा किया था। जिसके बाद बिल में सुधार करने के लिए इसे संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास भेज दिया गया था। वक्फ बिल में सुधार के लिए भाजपा (BJP) सांसद जगदंबिका पाल की अगुवाई में जेपीसी का गठन हुआ था। इस जेपीसी ने बिल में कई सुझावों के साथ संशोधन करने के बाद बजट सत्र के दौरान अंतिम रिपोर्ट लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को सौंप दी थी। इस रिपोर्ट में भाजपा (BJP) की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सहयोगी दलों की तरफ से दिए गए सुझावों को शामिल किया गया है। वहीं, विपक्ष के सदस्यों ने आरोप लगाया था कि बिल में उनके सुझावों को शामिल नहीं किया गया। जिसके बाद विपक्षी सदस्यों ने डिसेंट नोट दिए हैं।  जेडीयू और टीडीपी कर सकती हैं खेल  विपक्षी दलों को वक्फ संशोधन बिल को रोकने में सबसे ज्यादा उम्मीद जेडीयू और टीडीपी का साथ मिलने का है। माना जा रहा है कि एनडीए के दो दोनों सहयोगी दल बिल में कुछ बदलाव को लेकर विरोध कर सकते हैं। लेकिन भाजपा (BJP) का कहना है कि इस बिल को लेकर दोनों दलों की सभी चिंताओं का पहले ही निवारण कर दिया गया है। जेपीसी में भी दोनों दलों के संसद मौजूद थे और इनके सुझावों को शामिल किया गया। ऐसे में इनसे कोई खतरा नहीं है।  इसे भी पढ़ें: तो ये हैं वक्फ बिल में किये जाने वाले 14 प्रस्तावित बदलाव? कितने असरकारक होंगे ये बदलाव? राज्यसभा में छोटे दलों से भाजपा को उम्मीद  भाजपा के पास लोकसभा में बहुमत तो है, लेकिन राज्यसभा में वक्फ बिल पारित कराने के लिए जरूरी बहुमत से थोड़ी पीछे है। ऐसे में भाजपा को यहां पर कुछ छोटे दलों के समर्थन की जरूरत पड़ेगी। राज्यसभा में पूर्ण बहुमत नहीं होने के पहले भी भाजपा कई महत्वपूर्ण बिलों को पास नहीं करा पाई है। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि वक्फ बिल पर भाजपा को छोटे दलों का साथ मिलता है कि नहीं। Latest News in Hindi Today Hindi news Waqf Amendment Bill WaqfAmendmentBill #LokSabha #RajyaSabha #IndianParliament #MuslimLaw #PropertyRights #PoliticalDebate

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Ajmer chemical factory gas leak

Ajmer chemical factory gas leak; अजमेर की केमिकल फैक्ट्री में गैस लीक होने से मचा हड़कंप, एक की मौत, 40 से अधिक बीमार

राजस्थान के अजमेर जिले के ब्यावर में बलाड रोड पर स्थित वार्ड संख्या 51 में स्थित सुनील सिंघल की केमिकल फैक्टरी में नाइट्रेट गैस लीक होने से फैक्ट्री मालिक की मौत हो गई। गैस लीक (Ajmer chemical factory gas leak) की घटना से चारों तरफ हड़कंप मच गया। इसके बाद तकरीबन16 लोगों को राजकीय अमृत कौर चिकित्सालय पहुंचाया गया। जहां उन्हें ऑक्सीजन दी गई। घटना की जानकारी वार्ड के पूर्व पार्षद हंसराज शर्मा को लगते ही उन्होंने तुरंत कार्रवाई करते हुए दमकल विभाग को सूचना दी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, टैंकर में 27 टन नाइट्रेट गैस थी। जिसमें से 18 टन पहले ही खाली हो चुकी थी। बाकी उसमें 7 टन अभी बची थी। न जाने किसी ने जानबूझकर व अनजाने में गैस भरे टैंकर के ढक्कन को खोल दिया। जिससे गैस का रिसाव होने लगा। देखते ही देखते गैस चारों तरफ फ़ैल गई और इसके फैलते ही मौजूद लोग इसके चपेट में आने लगे। इसके प्रभाव से कर्मचारियों और स्थानीय लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। इस बीच आनन-फानन में प्रशासन को सूचित किया गया। मौके पर पहुंचे प्रशासन और दमकल विभाग के कर्मचारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए टैंकर पर पानी की तेज धार से छिड़काव के ढक्कन बंद किया।  गैस लीक (Ajmer chemical factory gas leak) होने से 40 से अधिक लोग हुए बीमार खबर के मुताबिक इस गैस लीक (Ajmer chemical factory gas leak) में 40 से अधिक लोग बीमार हो गए। गैस के असर से लोगों को सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन और घबराहट होने लगी। प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री के आसपास का क्षेत्र खाली कराया और प्रभावित लोगों को स्थानीय सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक घटना में गंभीर रूप से चपेट में आये सुनील कुमार को अजमेर के जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया है। इस भयानक घटना की जानकारी मिलते ही जिला कलेक्टर डॉ. महेंद्र खडगावत और एसपी श्याम सिंह अस्पताल पहुंचे। और पहुंचकर पीड़ितों की स्थिति का जायजा लिया। घटना के बाद जागी जिला प्रशासन ने रिहायशी इलाकों में इस तरह के खतरनाक केमिकल कारोबार पर सख्ती बरतने और सुरक्षा उपायों को लागू करने के निर्देश दिए हैं।  इसे भी पढ़ें:- सूटकेस में मिला महिला का शव, पति ने ही गर्दन और पेट में घोंपा चाकू केमिकल गोदाम में टैंकर से नाइट्रोजन गैस खाली (Ajmer chemical factory gas leak) करने के दौरान हुआ हादसा  बता दें कि सूचना मिलते ही एसडीएम दिव्यांश सिंह, सीओ सिटी राजेश कसाना, सदर थाना और साकेत नगर थाने का पुलिस बल भी मौके पर पहुंचा और पहुंचकर हालात पर काबू पाया। यही नहीं, घटना की जानकारी मिलने पर कलेक्टर डॉक्टर महेंद्र खडगावत, एसपी श्याम सिंह भी राजकीय अमृत कौर चिकित्सालय पहुंचे। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों से उनकी कुशलक्षेम पूछी और उन्हें धैर्य बंधाते हुए जल्द स्वस्थ होने का आश्वासन दिया।इस पूरे मामले पर एसडीएम दिव्यांश सिंह ने बताया कि “केमिकल गोदाम में टैंकर से नाइट्रोजन गैस खाली (Ajmer chemical factory gas leak) करने के दौरान अचानक रिसाव होने से यह हादसा हुआ। प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई करते हुए हालात को नियंत्रित कर लिया। अब प्रशासन गैस रिसाव के कारणों की जांच कर रहा है।” Latest News in Hindi Today Hindi news Ajmer chemical factory gas leak AjmerGasLeak #ChemicalFactoryAccident #NitrateGasLeak #RajasthanNews #IndustrialAccident #EmergencyResponse #SafetyFirst

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IPL 2025 Mumbai Indians victory

IPL 2025 Mumbai Indians victory: लगातार दो हार के बाद मुंबई इंडियंस की टीम ने आईपीएल 2025 में की शानदार जीत दर्ज

मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में कोलकाता नाइट राइडर्स और मुंबई इंडियंस के बीच आईपीएल 2025 का 12वां मुकाबला खेला गया। इस मुकाबले में एकतरफा जीत दर्ज करते हुए मुंबई इंडियंस की टीम ने सीजन में शानदार वापसी (IPL 2025 Mumbai Indians victory) की। दरअसल, टॉस जीतने के बाद मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पंड्या ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। उनका यह फैसला कारगर भी सिद्ध हुआ। मुंबई इंडियंस की घातक गेंदबाजी के आगे केकेआर के बल्लेबाजों ने घुटने टेक दिए और उनकी पूरी टीम 116 रन पर ही सिमट गई। मुंबई इंडियंस की इस रोमांचक जीत में गेंदबाजों का बड़ा योगदान रहा। विशेषकर युवा गेंदबाज अश्विनी कुमार का, जिन्होंने अपने डेब्यू मैच में ही केकेआर की टीम को दातों तले चने चबवा दिए।  गेंदबाजों के प्रदर्शन के बदौलत मुंबई इंडियंस इस सीजन में अपनी पहली जीत (IPL 2025 Mumbai Indians victory) दर्ज की।  जीत के मुख्य सूत्रधार रहे आश्विन ने केकेआर के अहम चार विकेट झटके। बता दें कि इस मैच में अश्विनी कुमार को क्विंटन डिकॉक के रूप में पहली सफलता मिली। उन्होंने न सिर्फ कोलकाता के चार बल्लेबाजों को पेवेलियन का रास्ता दिखाया बल्कि साथ ही अपनी पहली ही आईपीएल की गेंद पर विकेट लेने का रिकॉर्ड भी बनाया। इस तरह वो आईपीएल के इतिहास में पहली गेंद पर विकेट लेने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में चौथे गेंदबाज बन गए हैं। उनके इस प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड भी दिया गया। इस मैच में कमाल की बात यह रही कि अश्विनी कुमार ने कोलकाता के खिलाफ अपना आईपीएल डेब्यू मैच खेला और उससे भी बड़ा कमाल यह कि उन्होंने अपने पहले ही मैच में बाकमाल का प्रदर्शन भी किया। उनके इस प्रदर्शन के बदौलत मुंबई इंडियंस ने इस सीजन में अपनी पहली जीत (IPL 2025 Mumbai Indians victory) दर्ज की।  इस जीत (IPL 2025 Mumbai Indians victory) में मुंबई इंडियंस के गेंदबाजो का रहा अहम रोल  कहने की जरूरत नहीं, इस जीत (IPL 2025 Mumbai Indians victory) में मुंबई इंडियंस के गेंदबाजो का अहम रोल रहा। उन्होंने पहले बल्लेबाजी करने वाली कोलकाता की टीम के बल्लेबाजों को उखाड़ फेका। मुंबई के लिए पहला ओवर ट्रेंट बोल्ट ने किया। उन्होंने अपने और टीम के पहले ओवर की दूसरी ही गेंद पर सुनिल नारायण को आउट कर दिया। इसके बाद से कोलकाता के विकेटों की झड़ी सी लग गई। मानों एक तरफ से कोलकाता के बल्लेबाजों ने मुंबई के गेंदबाजों के सामने सेरेंडर ही कर दिया था। बड़ी बात यह कि इस मैच में कोलकाता की तरफ से किसी भी बल्लेबाज ने अर्धशतक नहीं लगाया। कोलकाता की तरफ से अंगकृष रघुवंशी ने सबसे अधिक 26 रन बनाए। उन्हींकी वजह से ही टीम 100 रनों का आंकड़ा पार कर पाई। इसके बाद रमनदीस सिंह ने 22 और मनीष पांडे ने 19 रन बनाए। बाकी के बल्लेबाज बुरी तरह से फ्लॉप रहे। गौर करने वाली बात यह कि मुंबई इंडियंस की गेंदबाजी के आगे केकेआर की पूरी टीम सिर्फ 116 रन ही बना सकी। और तो और सिर्फ 16.2 ओवर ही खेल पाई।  इसे भी पढ़ें:- चेन्नई सुपर किंग्स को मिली लगातार दूसरी हार, इस बार राजस्थान रॉयल्स ने दी करारी शिकस्त 116 रनों के स्कोर का पीछा करने उतरी मुंबई की टीम ने इसे 12.5 ओवर में ही बना (IPL 2025 Mumbai Indians victory) लिया कोलकाता के द्वारा दिए गए 116 रनों के स्कोर का पीछा करने उतरी मुंबई की टीम ने इसे 12.5 ओवर में ही बना (IPL 2025 Mumbai Indians victory) लिया। मुंबई की तरफ से सबसे ज्यादा रन रियान रिकल्टन ने बनाए। रिकल्टन ने 41 गेंदों का सामना करते हुए 62 रन बनाए और सूर्यकुमार यादव ने 27 रन का योगदान दिया। इसके साथ ही केकेआर के खिलाफ जीत दर्ज करते ही मुंबई की टीम ने इतिहास रच दिया है। इस तरह मुंबई इंडियंस की टीम आईपीएल के किसी ग्राउंड पर एक विरोधी टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा जीत दर्ज करने वाली टीम बन गई है। मुंबई इंडियंस ने आईपीएल में वानखेड़े स्टेडियम में केकेआर के खिलाफ कुल 10 मैच जीते हैं। बता दें कि इससे पहले केकेआर की टीम के नाम आईपीएल में कोलकाता के ईडन गार्डन्स मैदान पर पंजाब किंग्स के खिलाफ सबसे अधिक 9 मैच जीतने का रिकॉर्ड था। इस तरह मुंबई इंडियंस ने केकेआर के इस रिकॉर्ड को भी ध्वस्त कर दिया।  Latest News in Hindi Today Hindi news IPL 2025 Mumbai Indians victory IPL2025 #MumbaiIndians #MIvsKKR #MIWin #CricketFever #T20Cricket #IndianPremierLeague

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Hanuman Jayanti 2025

हनुमान जयंती 2025: जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

हिंदू धर्म में हनुमान जयंती (Hanuman Jayanti) का विशेष महत्व है। यह त्योहार भगवान हनुमान के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। हनुमान जी को भक्ति, शक्ति, साहस और निष्ठा का प्रतीक माना जाता है। उनकी भक्ति और बलिदान की गाथाएं हर युग में प्रेरणा का स्रोत रही हैं। हनुमान जयंती हर साल चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है।  हनुमान जयंती का महत्व हनुमान जयंती (Hanuman Jayanti) का पर्व पूरे देश में बड़े ही उत्साह और भक्ति के साथ मनाया जाता है। हनुमान जी को रामभक्त और संकटमोचन के रूप में जाना जाता है। उनकी पूजा करने से भक्तों के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। हनुमान जी की पूजा विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार को की जाती है, लेकिन हनुमान जयंती के दिन उनकी आराधना का विशेष महत्व होता है। हनुमान जयंती 2025  (Hanuman Jayanti 2025) की तिथि और मुहूर्त साल 2025 में हनुमान जयंती 12 अप्रैल, शनिवार को मनाई जाएगी। चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि 12 अप्रैल को सुबह 3:21 से शुरू होगी और 13 अप्रैल को शाम 05:21 पर समाप्त होगी। हनुमान जयंती, जो हनुमान जी के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है, राम नवमी के ठीक छह दिन बाद आती है। इस वर्ष राम नवमी 6 अप्रैल 2025 को मनाई जाएगी। हनुमान जयंती पूजा विधि हनुमान जयंती (Hanuman Jayanti) के दिन भक्त सुबह जल्दी उठकर स्नान करते हैं और स्वच्छ वस्त्र धारण करते हैं। इसके बाद हनुमान जी की मूर्ति या चित्र को स्थापित करके उनकी पूजा की जाती है। पूजा में हनुमान जी को सिंदूर, चमेली का तेल, फूल, धूप, दीप और प्रसाद अर्पित किया जाता है। इस दिन हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करने का विशेष महत्व होता है। इसे भी पढ़ें:- प्रेमानंद जी महाराज: गुरु दक्षिणा का सही अर्थ और महत्व हनुमान जयंती के दिन क्या करें? हनुमान जयंती पर विशेष आयोजन हनुमान जयंती (Hanuman Jayanti) के दिन देश के प्रसिद्ध हनुमान मंदिरों में विशेष आयोजन किए जाते हैं। इनमें से कुछ प्रमुख मंदिर हैं: नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Hanuman Jayanti #HanumanJayanti2025 #HanumanJayanti #JaiShriRam #PujaVidhi #AuspiciousMuhurat #HanumanBhakti #SpiritualFestival #HinduFestivals #LordHanuman #HanumanChalisa

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Modi Successor 2029 BJP’s Next PM Fadnavis’ Big Reveal

Modi successor 2029: साल 2029 में बीजेपी जीती तो कौन होगा पीएम? देवेंद्र फडनवीस ने किया बड़ा खुलासा

संजय राउत ने दावा किया कि आरएसएस देश में राजनीतिक नेतृत्व में बदलाव चाहता है। इस पर उन्होंने आगे कहा कि “मोदी शायद सितंबर में रिटायरमेंट की अर्जी देने आरएसएस मुख्यालय गए थे।” दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सितंबर में 75 साल के हो जाएंगे। कहा जाता है भाजपा में 75 वर्ष के बाद किसी भी नेता को पद नहीं दिया जाता। दरअसल, 11 साल में पहली बार रविवार को पीएम मोदी ने बतौर प्रधानमंत्री नागपुर के आरएसएस मुख्यालय का दौरा किया था। यह दूसरा मौका था जब कोई मौजूदा पीएम आरएसएस मुख्यालय पहुंचा हो। बता दें कि इससे पहले साल 2000 में अटल बिहारी वाजपेयी वहां गए थे। आरएसएस मुख्यालय के दौरे के बाद से संजय राउत ने मोदी के रिटायरमेंट का अंदेशा जताया था। पीएम नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री के तौर पर अपना तीसरा कार्यकाल साल 2029 में पूरा करेंगे। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि क्‍या यह उनका आखिरी कार्यकाल (Modi successor 2029) होगा? फिलहाल इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है।  हमारे यहां जब पिताजी जिंदा हों, तो उत्तराधिकार (Modi successor 2029) की बात नहीं करते- फडणवीस  इस बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को यह साफ कर दिया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराधिकारी को लेकर चल रही अटकलों में कोई दम नहीं है। मोदी अभी कई वर्षों तक देश का नेतृत्व करते रहेंगे। दरअसल, फडणवीस ने नागपुर में पत्रकारों से रूबरू होते हुए कहा कि साल 2029 में भी हम मोदी को फिर से प्रधानमंत्री के रूप में देखेंगे। उनके उत्तराधिकारी की बात करने की कोई जरूरत नहीं है। वे हमारे नेता हैं और आगे भी रहेंगे।” इस बीच उन्होंने भारतीय संस्कृति का हवाला देते हुए कहा कि “जब नेता सक्रिय हो, तब उसके उत्तराधिकार की बात करना ठीक नहीं।” यही नहीं, फडणवीस ने तंज कसते हुए कहा कि “हमारे यहां जब पिता जिंदा हों, तो उत्तराधिकार (Modi successor 2029) की बात नहीं करते। यह मुगल संस्कृति है, हमारी नहीं। अभी इसका समय नहीं आया।  इसे भी पढ़ें:-  मुंबई में हिंदू युवकों की पिटाई पर मचा बवाल, बजरंग दल ने दी यह चेतावनी पूरा संघ परिवार देश के नेतृत्व में बदलाव (Modi successor 2029) चाहता है-संजय राउत बता दें कि शिवसेना यूबीटी के नेता संजय राउत ने पीएम के नागपुर दौरे के बाद कहा कि “वो रिटायरमेंट की और आगे बढ़ रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि “पीएम मोदी पिछले 10-11 सालों में आरएसएस मुख्यालय नहीं गए थे, अब वहां मोहन भागवत को टाटा, बाय-बाय कहने गए थे। आरएसएस भी देश के नेतृत्व में बदलाव चाहता है, इसलिए पीएम मोदी को बुलाया गया था।” उन्होंने कयास लगाते हुए कहा कि “मुझे जितना समझ में आता है, पूरा संघ परिवार देश के नेतृत्व में बदलाव (Modi successor 2029) चाहता है। पीएम मोदी का समय खत्म हो गया है और वे (आरएसएस नेतृत्व) बदलाव चाहते हैं। वे बीजेपी के अगले अध्यक्ष को भी चुनना चाहते हैं।” जिसके बाद इस बात पर बहस छिड़ गई थी कि क्या पीएम मोदी अपना कार्यकाल पूरा करेंगे या नहीं?   Latest News in Hindi Today Hindi News Modi successor 2029 #ModiSuccessor2029 #DevendraFadnavis #BJPPM2029 #IndianPolitics #NarendraModi #BJPNextPM #LokSabhaElections2029 #ModiLegacy #FuturePM #PoliticalNews

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Mumbai Hindu Youth Attack Sparks Outrage & Protests

Mumbai Hindu youth attack: मुंबई में हिंदू युवकों की पिटाई पर मचा बवाल, बजरंग दल ने दी यह चेतावनी

मुंबई के मलाड स्थित कुरार विलेज इलाके में कलश यात्रा के दौरान युवकों की पिटाई (Mumbai Hindu youth attack) का मामला तूल पकड़ता दिख रहा है। दरअसल, गुड़ी पाड़वा के दिन कलश यात्रा निकाली गई थी। इस बीच दो समुदायों के लोग आपस में भिड़ गए और मारपीट शुरू हो गई थी। प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस दौरान हिंदू ऊन युवकों के साथ मारपीट की गई थी। जो भगवा झंडा लेकर जा रहे थे। अनायास हुई मारपीट के बाद से बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद ने चेतावनी दी है कि मारपीट करने वाले आरोपियों की दो दिन में गिरफ्तारी नहीं हुई, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। विहीप और बजरंग दल के कार्यकर्ता मुंबई के कुरार पुलिस स्टेशन पहुंचे हैं। कार्यकर्ताओं की मांग है कि हिंदुओं के ऊपर जो हमला हुआ है उनके आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। इस दरम्यान उन्होंने कहा कि “भारत में जय श्री राम के नारे नहीं लगेंगे तो क्या पाकिस्तान में लगेंगे? उद्धव ठाकरे के विधायक के दबाव के चलते अब तक नहीं हुई कोई गिरफ्तारी (Mumbai Hindu youth attack) मामला गरमाता देख अब इस मामले में संजय निरुपम भी कूद गए हैं। शिवसेना नेता संजय निरुपम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर युवकों की पिटाई (Mumbai Hindu youth attack) का वीडियो शेयर किया है। वीडियो शेयर कर निरुपम ने कहा कि “कल पठानवाड़ी में ये सब तब हुआ जब कलश यात्रा में भाग लेने के लिए हिंदू बच्चे हाथ में भगवा झंडा लेकर पिंपरीपाड़ा जा रहे थे। बच्चों की उम्र 12 से 14 साल के थे। उन्हें जिहादियों ने रास्ते में पीटा। उनसे भगवा छीना।’ निरुपम ने आरोप लगाए कि उद्धव ठाकरे के विधायक के दबाव के चलते अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। बता दें कि 39 सेकेंड के वीडियो में सफेद कपड़े और टॉपी में दिख रही भीड़ कुछ युवकों की पिटाई कर रही थी। मुंबई के तथाकथित वीडियो में देखा गया कि वहां विशेष समुदाय के लोगों की भीड़ थी। बीच में एक भगवा झंडा दिखाई दे रहा है। इसी वीडियो में आगे देखा गया कि कुछ लोग झंडे को फाड़ने की कोशिश कर रहे थे, जबकि कुछ लोग भगवा पहने दो युवकों को जमकर पीट रहे हैं। वो युवक वहां से बचकर निकलने की कोशिश कर रहे थे। कल पठानवाड़ी में यह सब तब हुआ जब कलश यात्रा मे भाग लेने के लिए हिंदू बच्चे हाथ में भगवा झंडा लेकर पिंपरीपाड़ा जा रहे थे।बच्चे 12,13,14 साल की उमर के थे।उन्हें जिहादियों ने रास्ते में पीटा।उनसे भगवा छीना।उबाठा के आमदार के दबाव में अब तक कोई गिरफ़्तारी नहीं हुई है। pic.twitter.com/0F2Fobk8xI — Sanjay Nirupam (@sanjaynirupam) March 31, 2025 इसे भी पढ़ें:- नक्सलियों को बख्शने के मूड में नहीं है मोदी सरकार, सरेंडर करो या मारे जाओ जय श्रीराम का नारा लगाने पर हुई झड़प (Mumbai Hindu youth attack) प्राप्त जानकारी के मुताबिक आरोप है कि मस्जिद के सामने से गुजर रहे एक रिक्शे में मौजूद कुछ लोगों ने कथित तौर पर जय श्रीराम के नारे लगाए। इसके बाद दो गुटों में झड़प हो (Mumbai Hindu youth attack) गई। मुस्लिम पक्ष के शिकायत के बाद कुरार पुलिस स्टेशन ने अज्ञात लोगों के खिलाफ धार्मिक भावना भड़काने का मामला दर्ज किया है। खबर है कि कुरार पुलिस स्टेशन में 9-10 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 324 और दंगा फैलाने की धाराएं में मुकदमा दर्ज हुआ है। आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु पुलिस तलाशी अभियान चला रही है।  Latest News in Hindi Today Hindi News Mumbai Hindu youth attack #MumbaiAttack #HinduYouth #BajrangDal #MumbaiViolence #HinduRights #JusticeForHindus #MumbaiNews #HinduSafety #ProtestAlert #BreakingNews

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Eid celebrations India

Eid celebrations India: चांद के दीदार के बाद भारत में मना जश्न, देश भर में मनाई जा रही है ईद

रविवार देर शाम ईद का चांद दिखाई देने के बाद से मुंबई सहित देशभर में सोमवार को ईद-उल-फितर का त्योहार बड़े धूमधाम से मनाया (Eid celebrations India) जा रहा है। इस दौरान ईदगाह और मस्जिदों में ईद की नमाज पढ़ी जा रही है। दिल्ली की जामा मस्जिद में बड़ी तादाद में लोग नमाज अदा करने हेतु जुटे हैं और एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दे रहे हैं। ईद का चांद नजर आते ही रविवार शाम से ही जामा मस्जिद के बाजार में खरीदारों की भीड़ उमड़ पड़ी। दरअसल, चांद देखने के बाद अगले दिन ईद मनाई जाती है। 30 मार्च को ईद का चांद दिखने का दावा किया गया था। इसकी पुष्टि होने के बाद लोग ईद की खरीदारी करने निकल पड़े। देर रात तक कपड़ों की दुकानों पर भीड़ लगी रही। देर रात तक बाजार खुला रहा। यही नहीं, रमजान के इस पावन महीने में बाजारों को सजाया गया था। इस दौरान बाजारों में सेवइयों और ड्राई फ्रूट्स की दुकानों पर खरीदारों की भारी संख्या देखने को मिली। इस बीच राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को ईद की बधाई दी।  ईद-उल-फितर का त्योहार (Eid celebrations India) दुनिया भर के मुस्लिम समुदाय द्वारा मनाया जाता है ईद-उल-फितर का त्योहार (Eid celebrations India) दुनिया भर के मुस्लिम समुदाय द्वारा खुशी और भाईचारे के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। इस दिन का प्रमुख उद्देश्य एकता, प्रेम और समाज में सहयोग बढ़ाना है। रमजान के बाद ईद उल फितर का पर्व मनाया जाता है और चांद देखने के बाद ही यह तिथि निर्धारित होती है। बता दें कि सऊदी अरब में रमजान का महीना भारत से एक दिन पहले शुरू होता है, इसलिए वहां चांद दिखाई देने के बाद ही भारत में ईद मनाने की तिथि तय होती है। गौर करने वाली बात यह कि इस साल सऊदी अरब में 1 मार्च से रमजान की शुरुआत हुई थी। जबकि 2 मार्च से भारत में यह  शुरू हुआ था। सऊदी अरब में चांद दिखने के बाद ही वहां के उलेमा और समितियां भारत में ईद की तिथि घोषित करती हैं। इस बार भारत में चांद 30 मार्च को दिखाई दिया और 31 मार्च ईद मनाई जा रही है।  इसे भी पढ़ें:- नक्सलियों को बख्शने के मूड में नहीं है मोदी सरकार, सरेंडर करो या मारे जाओ रमजान के महीने के बाद मनाई (Eid celebrations India) जाती है ईद  जानकारी के लिए बता दें कि ईद उल फितर, रमजान के महीने के बाद मनाई (Eid celebrations India) जाती है। इस दिन लोग एक-दूसरे से गले मिलते हैं। खुशियां बांटते हैं और जरूरतमंदों की मदद करते हैं। यह एक ऐसा दिन होता है। इस दिन हर किसी को अपने परिवार और समुदाय के साथ मिलकर घुल-मिलकर रहने का मौका मिलता है। इस दिन स्वादिष्ट पकवान बनाए जाते हैं। विशेषकर मीठी सेवइयां। ईद का त्योहार न सिर्फ खुशी का बल्कि दूसरों की मदद करने और एकजुट होने का भी संदेश देता है। इस दिन बच्चों को तोहफे और ईदी दी जाती है। यही नहीं, इस दिन लोग खुदा से एक दूसरे की सलामती की दुआ करते हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi News  Eid celebrations India #Eid2025 #EidMubarak #EidCelebration #EidInIndia #EidUlFitr #RamadanEnds #FestivalOfJoy #MoonSighting #EidFeast #EidPrayers

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