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Supreme Court से NSE को बड़ी राहत, SEBI की Co-location और Dark Fibre मामलों की appeals खत्म

नई दिल्ली, 4 सितंबर 2026: Supreme Court ने National Stock Exchange (NSE) के खिलाफ Securities and Exchange Board of India (SEBI) की लंबे समय से लंबित appeals को खत्म कर दिया है। ये मामले NSE की co-location facility और dark fibre connectivity से जुड़े थे, जिनमें कुछ brokers को allegedly unfair और preferential access मिलने के आरोप लगे थे। ₹1,491 करोड़ के settlement के बाद फैसला Supreme Court ने NSE और SEBI के बीच हुए settlement को ध्यान में रखते हुए petitions dispose कीं। SEBI ने जुलाई 2026 में करीब ₹1,491.21 करोड़ में इन regulatory matters को settle करने की in-principle approval दी थी। NSE ने settlement amount का भुगतान भी पूरा कर दिया है। क्या था Co-location विवाद? NSE ने 2009 में co-location facility शुरू की थी, जिसके तहत brokers अपने servers exchange के premises के पास रख सकते थे। आरोप था कि कुछ high-frequency traders को NSE systems तक दूसरों की तुलना में तेज और preferential access मिला, जिससे उन्हें trading advantage मिल सकता था। SAT ने पहले दी थी NSE को राहत SEBI ने 2019 में NSE के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब ₹625 करोड़ के disgorgement का आदेश दिया था। बाद में Securities Appellate Tribunal (SAT) ने 2023 में disgorgement order को रद्द करते हुए NSE पर due diligence में कमी के लिए ₹100 करोड़ की penalty लगाई थी। SEBI ने इसी फैसले को Supreme Court में चुनौती दी थी। NSE के IPO का बड़ा रास्ता साफ Supreme Court में इन appeals के खत्म होने से NSE के लंबे समय से प्रस्तावित IPO के रास्ते की एक बड़ी regulatory बाधा दूर हो गई है। NSE ने जून 2026 में अपने IPO के लिए draft documents दाखिल किए थे। अन्य संबंधित proceedings जारी रह सकती हैं Supreme Court की राहत मुख्य रूप से NSE से जुड़े settled co-location और dark fibre matters तक सीमित है। Former NSE executives और अन्य व्यक्तियों से संबंधित अलग proceedings इस settlement से स्वतः समाप्त नहीं होतीं और उन्हें अलग से तय किया जा सकता है। source – Reuters / PTIजय राष्ट्र न्यूज़

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Wai Wai बनाने वाली CG Foods India पर FSSAI की बड़ी कार्रवाई, 32 हजार किलो से ज्यादा स्टॉक जब्त

नई दिल्ली, 4 सितंबर 2026: Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) ने Wai Wai noodles बनाने वाली CG Foods India Pvt Ltd के राजस्थान स्थित manufacturing unit पर बड़ी कार्रवाई की है। जांच के दौरान unsafe processing, hygiene violations, बिना लाइसेंस bhujia production और packaging से जुड़ी कथित अनियमितताएं मिलने के बाद कंपनी को Veg Bhujia Namkeen का उत्पादन रोकने का निर्देश दिया गया है। अजमेर के Roopangarh unit में हुई जांच FSSAI ने राजस्थान के Roopangarh, Ajmer स्थित CG Foods India facility का निरीक्षण किया था। जांच का उद्देश्य manufacturing process, hygiene और food-safety standards के compliance की जांच करना था। जमीन से इकट्ठे टूटे noodles इस्तेमाल करने का आरोप FSSAI के मुताबिक inspection के दौरान allegedly जमीन पर गिरे और टूटे noodles को इकट्ठा कर बिना heat treatment के bhujia बनाने में दोबारा इस्तेमाल किया जा रहा था। Regulator ने इसे गंभीर food-safety concern माना है। 32,107 किलो से ज्यादा stock जब्त कार्रवाई के दौरान FSSAI ने कुल 32,107.2 kg stock जब्त किया। इसके अलावा 1,925 boxes expired finished products भी मिले, जिन्हें authorities ने detain कर लिया। बिना लाइसेंस Wai Wai bhujia बनाने का आरोप Inspection में Wai-Wai MaMa और Wai-Wai Mama Punte bhujia variants का allegedly बिना जरूरी licence के production किए जाने की बात भी सामने आई। FSSAI के अनुसार यह Food Safety and Standards Act, 2006 की Section 31(1) के उल्लंघन का मामला हो सकता है। Predated packaging भी मिली Regulator ने unit में predated packaging dates इस्तेमाल किए जाने की भी जानकारी दी है। इन findings के बाद company को जरूरी approvals और corrective measures के बिना Veg Bhujia Namkeen production जारी नहीं रखने का निर्देश दिया गया है। Laboratory reports के बाद हो सकती है आगे की कार्रवाई FSSAI ने कहा है कि laboratory analysis और inspection findings के आधार पर Food Safety and Standards Act के तहत आगे की regulatory और legal action तय की जाएगी। source – FSSAI / PTIजय राष्ट्र न्यूज़

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नई दिल्ली में BRICS Chief Justices’ Forum शुरू, CJI सूर्यकांत करेंगे कई देशों के न्यायिक प्रमुखों से बैठक

नई दिल्ली, 4 सितंबर 2026: भारत की मेजबानी में BRICS Chief Justices’ Forum आज नई दिल्ली में शुरू हो गया। तीन दिवसीय यह फोरम 4 से 6 सितंबर तक चलेगा, जिसमें BRICS सदस्य और Partner Countries के Chief Justices, Supreme Courts के Presidents और वरिष्ठ न्यायिक प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। Supreme Court of India कर रहा मेजबानी इस अंतरराष्ट्रीय न्यायिक सम्मेलन की मेजबानी Supreme Court of India कर रहा है। फोरम का उद्देश्य विभिन्न देशों की न्यायपालिकाओं के बीच संवाद बढ़ाना और न्याय व्यवस्था से जुड़े समकालीन मुद्दों पर अनुभव साझा करना है। CJI सूर्यकांत की द्विपक्षीय बैठकें फोरम के पहले दिन Chief Justice of India Justice Surya Kant रूस, चीन, मिस्र, इंडोनेशिया, UAE, बेलारूस, कजाकिस्तान, दक्षिण अफ्रीका, ईरान और उज्बेकिस्तान के न्यायिक प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। न्याय व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय विवादों पर चर्चा फोरम में justice delivery, international dispute resolution, technology और sustainable development जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी। इसका मकसद सदस्य और साझेदार देशों के बीच न्यायिक सहयोग को मजबूत करना है। AI और Judiciary भी प्रमुख एजेंडा सम्मेलन में Artificial Intelligence के न्यायपालिका में बढ़ते उपयोग और judicial administration के भविष्य पर भी विचार-विमर्श होगा। इसके अलावा international commercial disputes में mediation और cross-border arbitral awards के enforcement जैसे मुद्दे भी एजेंडे में शामिल हैं। 6 सितंबर तक चलेगा Forum तीन दिवसीय BRICS Chief Justices’ Forum में विभिन्न देशों के न्यायिक प्रमुख अपने अनुभव और दृष्टिकोण साझा करेंगे। भारत में हो रहा यह आयोजन BRICS देशों तथा Partner Countries के बीच संस्थागत और न्यायिक सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। source – Supreme Court of India / Akashvani Newsजय राष्ट्र न्यूज़

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मणिपुर में हाईवे जाम करने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी

इंफाल, 4 सितंबर 2026: मणिपुर सरकार ने राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों सहित सार्वजनिक सड़कों को अवरुद्ध करने, यातायात बाधित करने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। राज्य के गृह विभाग ने अधिकारियों को ऐसे मामलों में तत्काल कदम उठाने और दोषियों के खिलाफ संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। बंद और नाकेबंदी पर सरकार सख्त सरकार ने कहा कि उसे विभिन्न संगठनों, समूहों और व्यक्तियों द्वारा बंद, सड़क नाकेबंदी, जबरन आवाजाही रोकने और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों की जानकारी मिली है। इनसे आम लोगों को परेशानी होने के साथ जरूरी वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। आवश्यक सेवाओं की आवाजाही रोकने पर भी कार्रवाई आदेश के तहत ईंधन, दवाइयों, आवश्यक वस्तुओं, आपातकालीन सेवाओं, सार्वजनिक परिवहन, मालवाहक और निजी वाहनों की आवाजाही रोकने या बाधित करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। DC और SP को तत्काल कार्रवाई के निर्देश मणिपुर सरकार ने सभी Deputy Commissioners, Superintendents of Police और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सड़कों और राजमार्गों पर निर्बाध यातायात सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने को कहा है। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बिना किसी अतिरिक्त चेतावनी के कानूनी कार्रवाई शुरू की जा सकती है। पांच साल तक की सजा का प्रावधान सरकारी आदेश में National Highways Act, Prevention of Damage to Public Property Act, Motor Vehicles Act, Bharatiya Nyaya Sanhita और Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita सहित संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई का उल्लेख किया गया है। National Highways Act की धारा 8B के तहत राजमार्ग को असुरक्षित या आवाजाही के लिए बाधित करने पर पांच साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। शांति और सामान्य आवाजाही बनाए रखने की अपील सरकार ने नागरिकों, छात्र संगठनों, सामाजिक संस्थाओं, यूनियनों और अन्य समूहों से शांति बनाए रखने और बंद, सड़क नाकेबंदी तथा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी गतिविधियों से दूर रहने की अपील की है। source – Manipur Home Department / The Indian Expressजय राष्ट्र न्यूज़

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स्मृति मंधाना ने रचा इतिहास, महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बनीं सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज

नई दिल्ली, 4 सितंबर 2026: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने इतिहास रचते हुए महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सभी प्रारूपों को मिलाकर सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। मंधाना ने महिला एशिया कप में Hong Kong, China के खिलाफ शानदार शतकीय पारी के दौरान पूर्व भारतीय कप्तान मिताली राज को पीछे छोड़ा। 10,880 अंतरराष्ट्रीय रन पूरे मंधाना ने Hong Kong के खिलाफ 64 गेंदों में 124 रन की विस्फोटक पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 14 चौके और सात छक्के लगाए। इस पारी के बाद उनके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कुल 10,880 रन हो गए, जबकि मिताली राज ने अपने करियर में 10,868 रन बनाए थे। शतकों का रिकॉर्ड भी अपने नाम मंधाना ने केवल सर्वाधिक रन का रिकॉर्ड ही नहीं तोड़ा, बल्कि उनका यह सभी प्रारूपों को मिलाकर 18वां अंतरराष्ट्रीय शतक भी रहा। इसके साथ उन्होंने पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान मेग लैनिंग को पीछे छोड़कर महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। भारत ने Hong Kong को 137 रन से हराया मंधाना की शानदार पारी की बदौलत भारत ने 20 ओवर में 193/5 का मजबूत स्कोर बनाया। जवाब में Hong Kong की टीम केवल 56 रन पर सिमट गई और भारत ने मुकाबला 137 रन से जीत लिया। इस जीत के साथ भारतीय टीम एशिया कप के सेमीफाइनल में भी पहुंच गई। मंधाना ने मिताली राज को बताया प्रेरणा रिकॉर्ड बनाने के बाद मंधाना ने कहा कि बल्लेबाजी के दौरान उन्हें यह पता नहीं था कि उन्होंने कौन-सा रिकॉर्ड तोड़ा है। उन्होंने मिताली राज और मेग लैनिंग जैसी दिग्गज खिलाड़ियों को अपनी क्रिकेट यात्रा में प्रेरणास्रोत बताया। भारतीय महिला क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि 30 वर्षीय मंधाना ने 2013 में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। अब 10,880 रन और 18 अंतरराष्ट्रीय शतकों के साथ वह महिला क्रिकेट के दो बड़े ऑल-फॉर्मेट रिकॉर्ड अपने नाम कर चुकी हैं। source – ICC / Reutersजय राष्ट्र न्यूज़

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छत्रपति संभाजीनगर के Asian Hospital में तड़के भीषण आग; NICU के 9 नवजात समेत 58 मरीज सुरक्षित निकाले गए

छत्रपति संभाजीनगर: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर स्थित Asian Hospital में शुक्रवार, 4 सितंबर की तड़के आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। घटना के समय अस्पताल की पहली मंजिल पर 58 मरीज भर्ती थे, जिनमें NICU में इलाज करा रहे 9 नवजात बच्चे भी शामिल थे। Hospital staff, Police और Fire Brigade की तेज कार्रवाई से सभी मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। किसी की मौत या घायल होने की सूचना नहीं है। रात करीब 2:20 बजे लगी आग आग Akashwani Chowk इलाके में स्थित Asian Hospital में रात करीब 2:20 बजे लगी। Hospital staff ने धुआं और आग दिखाई देने के बाद तुरंत Fire Brigade और Police को सूचना दी और patients को evacuate करना शुरू कर दिया। कुछ ही मिनटों में अस्पताल के हिस्से में घना धुआं फैल गया, जिससे मरीजों और उनके परिजनों में दहशत फैल गई। NICU में भर्ती थे 9 Newborns घटना के वक्त NICU में नौ नवजात बच्चों का इलाज चल रहा था। Rescue teams ने सबसे पहले उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने पर focus किया। Police के मुताबिक इनमें से 5 बच्चों को Government Medical College and Hospital (GHATI), 3 को MGM Hospital और 1 को Sanjeevani Hospital में shift किया गया। सभी newborns को आगे के treatment और monitoring के लिए दूसरे hospitals में रखा गया है। 58 मरीजों को किया गया Evacuate Hospital की पहली मंजिल पर कुल 58 patients थे। इनमें: भर्ती थे। करीब 30 ambulances की मदद से patients को अलग-अलग safe medical facilities तक पहुंचाया गया। Fire Brigade और Police teams ने hospital staff के साथ मिलकर evacuation operation पूरा किया। 10-15 मिनट में आग पर पाया काबू Indian Express के मुताबिक पांच fire tenders मौके पर पहुंचे और firefighters ने करीब 10 से 15 मिनट में आग को नियंत्रण में ले लिया। Jawahar Nagar Police और RCP personnel भी rescue operation में शामिल रहे। हालांकि कुछ शुरुआती reports में तीन fire tenders का उल्लेख किया गया था। बाद की detailed reporting में पांच tenders की जानकारी सामने आई। AC Unit में Short Circuit की आशंका Fire की exact वजह अभी officially confirm नहीं हुई है। शुरुआती जानकारी में NICU के air-conditioning unit में short circuit को संभावित कारण माना जा रहा है। Fire Department और Police अब electrical systems और hospital की fire-safety arrangements की जांच कर रहे हैं। नुकसान का final assessment भी अभी बाकी है। बड़ी राहत—कोई Casualty नहीं इतनी संवेदनशील जगह पर आग लगने के बावजूद सभी 58 patients का safely evacuate होना बड़ी राहत है। खास तौर पर NICU में भर्ती नौ newborns को समय रहते बाहर निकाले जाने से बड़ा हादसा टल गया। Authorities ने कहा है कि incident की detailed investigation जारी है और fire के सही कारण का पता जांच पूरी होने के बाद चलेगा। स्रोत – Chhatrapati Sambhajinagar Police, Fire Brigade, The Indian Express, Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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ISRO ने EOS-05 को सफलतापूर्वक लॉन्च किया, भारत का पहला Geosynchronous Imaging Satellite अंतरिक्ष में पहुंचा

श्रीहरिकोटा, 4 सितंबर 2026: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने शुक्रवार तड़के GSLV-F17 के जरिए EOS-05 Earth Observation Satellite का सफल प्रक्षेपण किया। मिशन के बाद ISRO ने पुष्टि की कि EOS-05 को निर्धारित Sub-Geosynchronous Transfer Orbit में स्थापित कर दिया गया है। GSLV-F17 से हुआ प्रक्षेपण मिशन का प्रक्षेपण आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित Satish Dhawan Space Centre के Second Launch Pad से किया गया। लॉन्च का निर्धारित समय सुबह 2:55 बजे IST था। GSLV-F17 भारत के Geosynchronous Satellite Launch Vehicle की 19वीं उड़ान है। निर्धारित कक्षा में पहुंचा EOS-05 ISRO के अनुसार GSLV-F17 ने EOS-05 को सफलतापूर्वक Sub-Geosynchronous Transfer Orbit में स्थापित किया। एजेंसी ने मिशन को सफल घोषित करते हुए कहा कि लॉन्च व्हीकल ने अपने निर्धारित उद्देश्य को पूरा किया। भारत के लिए क्यों खास है EOS-05 EOS-05 एक advanced Earth Observation spacecraft है। ISRO के मुताबिक यह भारत का पहला imaging satellite है जिसे Geosynchronous orbit से Earth observation के लिए विकसित किया गया है। Earth Observation क्षमता को मिलेगा बढ़ावा EOS-05 का मुख्य उद्देश्य पृथ्वी का अवलोकन करना है। Geosynchronous orbit आधारित imaging capability भारत की Earth observation infrastructure में एक महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धि मानी जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने ISRO को दी बधाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिशन की सफलता पर ISRO की टीम को बधाई दी और इसे देश के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने EOS-05 मिशन को भारत के space sector की बढ़ती तकनीकी क्षमता और innovation का उदाहरण बताया। source – ISROजय राष्ट्र न्यूज़

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मथुरा में दरोगा पंकज कुमार का गोली लगा शव मिला; गोकुल बैराज के पास सर्विस पिस्टल बरामद, जांच जारी

मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा में ट्रैफिक पुलिस में तैनात सब-इंस्पेक्टर पंकज कुमार यादव का गोली लगा शव मिलने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। उनका शव गुरुवार, 3 सितंबर 2026 को सदर थाना क्षेत्र के गोकुल बैराज के पास यमुना किनारे मिला। घटनास्थल के पास उनकी service pistol भी बरामद हुई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। SP Traffic के कार्यालय में थे तैनात पंकज कुमार 2019 batch के sub-inspector थे और वर्तमान में SP Traffic के पेशकार/पैरोकार के रूप में तैनात थे। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के एटा जिले के रहने वाले थे। उनकी पत्नी भी Uttar Pradesh Police में constable हैं और Mathura के Sadar थाना क्षेत्र में तैनात बताई गई हैं। माथे पर मिला गोली का निशान पुलिस को सूचना मिली कि गोकुल बैराज के पास वर्दी में एक पुलिसकर्मी का शव पड़ा है। मौके पर पहुंची Police और forensic team ने क्षेत्र को सुरक्षित कर साक्ष्य जुटाए। शुरुआती जांच में पंकज कुमार के सिर पर गोली लगने की बात सामने आई है और पास से उनकी सरकारी pistol बरामद हुई। शुरुआती जांच में आत्महत्या की आशंका Mathura SSP Shlok Kumar के मुताबिक प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि घटना के कारणों और परिस्थितियों की हर पहलू से जांच की जा रही है। कुछ reports में पारिवारिक विवाद को संभावित कारण बताया गया है, लेकिन इसे अभी अंतिम निष्कर्ष नहीं माना गया है। उसी दिन जारी कराई थी Service Pistol पुलिस की शुरुआती जानकारी के मुताबिक पंकज कुमार ने घटना वाले दिन ही अपनी service pistol जारी कराई थी। Investigators अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि वह गोकुल बैराज तक किन परिस्थितियों में पहुंचे और घटना से पहले उनकी activities क्या थीं। Postmortem Report पर टिकी जांच Police ने शव को postmortem के लिए भेज दिया है। घटना स्थल से मिले forensic evidence, service weapon और अन्य circumstances की जांच के बाद मौत की सही वजह और sequence को लेकर तस्वीर अधिक स्पष्ट होगी। फिलहाल उपलब्ध आधिकारिक और विश्वसनीय reports में किसी बाहरी हमलावर की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए मामले को हत्या बताने के बजाय संदिग्ध परिस्थितियों में मौत और police investigation के रूप में report करना ज्यादा accurate है। स्रोत – Mathura Police, SSP Shlok Kumar, Amar Ujala, Navbharat Times जय राष्ट्र न्यूज़

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जालंधर में गद्दे की फैक्ट्री में भीषण आग; धमाकों से दहला इलाका, कई दमकल गाड़ियों ने पाया काबू

जालंधर: पंजाब के जालंधर में बस्ती पीर दाद रोड, बस्ती बावा खेल इलाके में स्थित मोदी मैट्रेस फैक्ट्री में गुरुवार, 3 सितंबर की सुबह भीषण आग लग गई। आग ने कुछ ही मिनटों में फैक्ट्री के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया और आसमान में काले धुएं का घना गुबार छा गया। शुक्रवार, 4 सितंबर की latest reporting के मुताबिक किसी की मौत नहीं हुई है, हालांकि एक कर्मचारी के घायल होने की जानकारी सामने आई है। सुबह करीब 9:15 बजे लगी आग Fire Department के मुताबिक आग सुबह करीब 9:15 बजे लगी, उस समय फैक्ट्री में कर्मचारी मौजूद थे। आग दिखाई देते ही workers को बाहर निकालने का काम शुरू किया गया। अलग-अलग reports में सुरक्षित निकाले गए कर्मचारियों की संख्या अलग बताई गई है, लेकिन authorities ने किसी fatality की पुष्टि नहीं की है। The Tribune के मुताबिक बाहर निकलने के दौरान एक worker फिसलकर घायल हो गया और उसे hospital ले जाया गया। कुछ अन्य local reports ने उसके झुलसने की बात कही है। धमाकों से आसपास के इलाके में दहशत आग लगने के बाद factory परिसर में कई तेज धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। Local reports के मुताबिक फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में mattress-making material, chemicals और दूसरे ज्वलनशील पदार्थ मौजूद थे, जिससे flames तेजी से फैल गईं। घटना के बाद आसपास रहने वाले लोगों में भी दहशत फैल गई। कुछ स्थानीय निवासियों ने residential area के पास industrial units के संचालन को लेकर safety concerns उठाए। करीब 10 Fire Tenders लगाए गए आग की गंभीरता को देखते हुए Fire Department की कई गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। शुरुआती जानकारी में 5-6 fire tenders का उल्लेख था, जबकि बाद की reports में करीब 10 दमकल गाड़ियों को firefighting operation में लगाए जाने की जानकारी दी गई। दमकलकर्मियों को आग पर नियंत्रण पाने में करीब दो से तीन घंटे लगे। कुछ vehicles और factory में रखा सामान भी आग की चपेट में आया। लाखों के नुकसान की आशंका आग से factory में रखा mattress material, machinery और अन्य सामान जलने की खबर है। Punjabi Jagran ने शुरुआती नुकसान लाखों रुपये में होने की बात कही है, हालांकि प्रशासन की ओर से अभी final financial assessment जारी नहीं हुआ है। आग लगने का कारण अभी साफ नहीं Fire Department और Police घटना की जांच कर रहे हैं। कुछ शुरुआती local reports में short circuit की आशंका जताई गई है, लेकिन authorities ने आग लगने के exact cause की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। फिलहाल आग पर काबू पाया जा चुका है और सबसे बड़ी राहत यह है कि इतने बड़े अग्निकांड में किसी की मौत की सूचना नहीं है। स्रोत – Jalandhar Fire Department, Hindustan Times, The Tribune, Amar Ujala जय राष्ट्र न्यूज़

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नेपाल बाढ़: भारत की मदद पर PM Balendra Shah ने संसद में जताया आभार; आज 21.5 टन राहत सामग्री की नई खेप पहुंची

काठमांडू: विनाशकारी बाढ़ से जूझ रहे नेपाल के प्रधानमंत्री Balendra ‘Balen’ Shah ने भारत की त्वरित मानवीय सहायता और rescue support के लिए संसद में आभार जताया है। संसद को संबोधित करते हुए Shah ने कहा कि संकट की इस घड़ी में India, China, United States समेत कई देशों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से नेपाल को मदद मिली, जिसने बड़े पैमाने पर चल रहे rescue और relief operations को मजबूती दी। संसद में भारत की मदद का किया जिक्र 2 सितंबर को Nepal Parliament में flood situation पर जवाब देते हुए PM Shah ने बताया कि हजारों लोगों को प्रभावित क्षेत्रों से बचाया जा चुका है और बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल समय में कई देशों ने Nepal का साथ दिया और विशेष रूप से India और China की ओर से तेजी से भेजी गई relief supplies और specialised assistance rescue operation में उपयोगी रही। आपदा के तुरंत बाद PM Modi ने दिया था मदद का भरोसा 26 अगस्त को बाढ़ की खबर सामने आने के बाद प्रधानमंत्री Narendra Modi ने Balendra Shah से फोन पर बात की थी। PM Modi ने जान-माल के नुकसान पर संवेदना जताते हुए कहा था कि भारत इस मुश्किल समय में Nepal के लोगों के साथ खड़ा है और हर संभव humanitarian assistance उपलब्ध कराने के लिए तैयार है। भारतीय और नेपाली agencies ने इसके बाद rescue तथा relief efforts में coordination बढ़ाया। भारत ने भेजी Relief और Specialised Rescue Teams बाढ़ के बाद India ने Nepal को कई चरणों में relief material पहुंचाया। इसमें medicines, food packets, blankets, sleeping bags, tarpaulins, hygiene kits, water-purification supplies और portable generators जैसी आवश्यक सामग्री शामिल रही। इसके साथ India ने hydropower tunnels में फंसे लोगों की तलाश के लिए specialised tunnel-rescue experts और बड़ी संख्या में मृत व लापता लोगों की पहचान में मदद के लिए forensic support भी उपलब्ध कराया है। आज दो C-130J विमानों से पहुंची 21.5 टन मदद भारत की सहायता आज, 4 सितंबर, भी जारी रही। External Affairs Ministry के मुताबिक Indian Air Force के दो C-130J aircraft कुल 21.5 tonnes humanitarian assistance लेकर Kathmandu पहुंचे। Relief consignment Nepal के Science, Technology and Innovation Minister Mahabir Pun को सौंपी गई। इससे साफ है कि PM Shah के parliamentary acknowledgement के बाद भी India का relief operation लगातार जारी है। बाढ़ से अरबों डॉलर का नुकसान नेपाल अब rescue के साथ-साथ reconstruction की बड़ी चुनौती से भी जूझ रहा है। Nepal की National Disaster Risk Reduction and Management Authority के मुताबिक flood damage का शुरुआती अनुमान लगभग 387.5 billion Nepali rupees यानी $2.56 billion तक पहुंच गया है। करीब 7,500 घर पूरी तरह नष्ट हुए हैं और authorities का अनुमान है कि लगभग 20,000 homes को rebuild करने की जरूरत पड़ सकती है। Roads, bridges और hydropower infrastructure को भी भारी नुकसान हुआ है। Rescue Operation अभी भी जारी 4 सितंबर को rescue teams को एक बड़ी सफलता भी मिली, जब Upper Trishuli-3A hydropower tunnel से दो workers को नौ दिन बाद जीवित निकाला गया। Nepal Army और international experts अभी भी tunnels तथा दूसरे प्रभावित इलाकों में search operations चला रहे हैं। इसलिए सबसे accurate headline होगी: नेपाल बाढ़: भारत की मदद पर PM Balendra Shah ने संसद में जताया आभार; आज 21.5 टन राहत सामग्री की नई खेप पहुंची स्रोत – Nepal Parliament, Ministry of External Affairs, PMO India, Akashvani News, Reuters जय राष्ट्र न्यूज़

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