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Maharashtra MLC चुनाव से पहले Mahayuti में बढ़ी खींचतान, BJP उम्मीदवारों के खिलाफ Shinde Sena के नेताओं ने खोला मोर्चा

मुंबई/पुणे, 19 अक्टूबर 2026: महाराष्ट्र विधान परिषद की पांच सीटों पर 23 अक्टूबर को होने वाले चुनाव से पहले सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के भीतर BJP और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के बीच मतभेद सामने आए हैं। पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र और छत्रपति संभाजीनगर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में शिंदे सेना के कुछ नेताओं ने BJP समर्थित उम्मीदवारों के बजाय दूसरे प्रत्याशियों का समर्थन करने का रुख अपनाया है। इससे गठबंधन के भीतर चुनावी तालमेल को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पुणे में BJP उम्मीदवार के बजाय निर्दलीय को समर्थन पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में BJP ने Kaustubh Gawade को उम्मीदवार बनाया है। हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक, शिंदे सेना ने निर्दलीय उम्मीदवार Sachin Sanap को समर्थन देने का फैसला किया है। गठबंधन के सहयोगी दलों के बीच अलग-अलग उम्मीदवारों के समर्थन से महायुति की एकजुटता पर चर्चा तेज हो गई है। संभाजीनगर में Abdul Sattar का अलग रुख छत्रपति संभाजीनगर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में शिंदे सेना के विधायक Abdul Sattar ने महायुति के उम्मीदवार के बजाय महाविकास अघाड़ी (MVA) के Satish Chavan का समर्थन करने की बात कही है। इस रुख के बीच पार्टी के अंतिम निर्णय को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में एकनाथ शिंदे के निर्देश को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अमरावती और नागपुर में भी असंतोष गठबंधन के भीतर असंतोष की स्थिति केवल पुणे और संभाजीनगर तक सीमित नहीं है। अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भी BJP और शिंदे सेना से जुड़े बागी नेताओं को लेकर तनाव की खबरें सामने आई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, BJP ने अपने कुछ बागी नेताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है, जबकि शिंदे सेना का रुख अपेक्षाकृत नरम रहा। दोनों सहयोगी दलों के अलग-अलग तरीकों ने गठबंधन के भीतर मतभेदों को और चर्चा में ला दिया है। Devendra Fadnavis को मतभेद सुलझने की उम्मीद मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने भरोसा जताया है कि महायुति के भीतर के मतभेद सुलझा लिए जाएंगे। इस बीच, गठबंधन में अंतिम चुनावी दिशा को लेकर एकनाथ शिंदे की भूमिका अहम मानी जा रही है। Fadnavis का सांगली दौरा भी चुनावी अभियान के समन्वय और कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल मजबूत करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 23 अक्टूबर को पांच सीटों पर मतदान महाराष्ट्र विधान परिषद की पांच सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होना निर्धारित है। इनमें तीन स्नातक और दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। चुनाव से पहले सहयोगी दलों के नेताओं के अलग-अलग रुख ने महायुति के सामने विपक्ष से मुकाबले के साथ-साथ गठबंधन के भीतर तालमेल बनाए रखने की चुनौती भी खड़ी कर दी है। Source: The Indian Express, Jansatta, Loksatta, Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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महाराष्ट्र में शिवसेना सांसदों की राजनीतिक हलचल, नए समीकरणों पर बढ़ी चर्चा

जय राष्ट्र न्यूज़ | राजनीति डेस्क | 23 जून 2026 मुख्य समाचार महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जहां शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के छह लोकसभा सांसदों ने आधिकारिक रूप से एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का दामन थाम लिया है। इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है और आने वाले चुनावों से पहले राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने इन सांसदों का स्वागत किया। शिंदे ने इसे 2022 में शुरू हुए राजनीतिक आंदोलन का दूसरा बड़ा चरण बताया। किन सांसदों ने बदला पक्ष? शिंदे गुट में शामिल होने वाले सांसदों में संजय दीना पाटिल, संजय देशमुख, संजय जाधव, भाऊसाहेब वाकचौरे, नागेश पाटिल-अष्टीकर और ओमप्रकाश राजेनिंबालकर शामिल हैं। इन नेताओं के कदम को उद्धव ठाकरे गुट के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। उद्धव ठाकरे गुट पर असर राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घटनाक्रम से लोकसभा में उद्धव ठाकरे गुट की ताकत प्रभावित हो सकती है। हाल के दिनों में पार्टी के भीतर असंतोष और संभावित टूट की चर्चाएं पहले से चल रही थीं। रिपोर्ट्स के अनुसार कुछ विधायकों की गतिविधियों को लेकर भी राजनीतिक हलकों में अटकलें लगाई जा रही हैं, जिससे भविष्य में और बदलावों की संभावना पर चर्चा हो रही है। शिंदे गुट की बढ़ती ताकत एकनाथ शिंदे ने इस घटनाक्रम को अपनी राजनीतिक रणनीति की सफलता बताया है। उनके समर्थकों का दावा है कि इससे पार्टी की लोकसभा में स्थिति और मजबूत होगी। कुछ नेताओं ने इसे “ऑपरेशन टाइगर” की सफलता करार दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम महाराष्ट्र में शिवसेना की आंतरिक शक्ति संतुलन को और बदल सकता है। आगामी चुनावों पर प्रभाव राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार यह बदलाव केवल वर्तमान शक्ति प्रदर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर आगामी स्थानीय निकाय, विधानसभा और संसदीय चुनावों पर भी पड़ सकता है। महाराष्ट्र में गठबंधन राजनीति के चलते हर राजनीतिक बदलाव का व्यापक प्रभाव देखने को मिलता है। राष्ट्रीय राजनीति में महत्व महाराष्ट्र देश के सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक राज्यों में से एक है। यहां होने वाले राजनीतिक घटनाक्रम अक्सर राष्ट्रीय राजनीति को भी प्रभावित करते हैं। इसलिए शिवसेना के भीतर यह नया बदलाव राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। स्रोत: News On AIR, Economic Times मूल रिपोर्ट:https://newsonair.gov.in/six-shiv-sena-ubt-mps-join-shiv-sena-says-maharashtra-dy-cm-eknath-shinde/ जय राष्ट्र न्यूज़

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