सहरसा, बिहार: बिहार के सहरसा जिले से शिक्षक और विद्यार्थियों के बीच गहरे लगाव की एक भावुक घटना सामने आई थी। जिले के सोनपुरा मध्य विद्यालय में प्रधानाध्यापक राजीव कुमार सिंह के तबादले के बाद आयोजित विदाई समारोह में छात्राएं अपने आंसू नहीं रोक सकीं। जैसे ही उनके प्रिय प्रिंसिपल के स्कूल छोड़ने का समय आया, कई छात्राएं उनसे लिपटकर रोने लगीं। इस भावुक पल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। घटना जुलाई 2022 की है, जिसकी एक बार फिर चर्चा हो रही है।
प्रिंसिपल के तबादले की खबर सुनकर रोने लगीं छात्राएं
यह घटना सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड स्थित सोनपुरा मध्य विद्यालय की है।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक राजीव कुमार सिंह का शिक्षा विभाग की ओर से दूसरे स्थान पर तबादला किया गया था।
इस अवसर पर स्कूल में विदाई समारोह आयोजित किया गया, जिसमें शिक्षक, विद्यार्थी और स्थानीय ग्रामीण मौजूद थे।
जैसे ही छात्राओं को एहसास हुआ कि उनके प्रिय शिक्षक अब विद्यालय में नहीं पढ़ाएंगे, वे भावुक हो गईं।
कई छात्राएं प्रधानाध्यापक के पास पहुंचीं और उन्हें पकड़कर रोने लगीं। कुछ बच्चियां उनसे स्कूल नहीं छोड़ने की विनती करती रहीं।
सिर्फ छह महीने में बच्चों के दिलों में बनाई खास जगह
राजीव कुमार सिंह ने सोनपुरा मध्य विद्यालय में तबादले से लगभग छह महीने पहले ही प्रधानाध्यापक के रूप में कार्यभार संभाला था।
इतने कम समय में उन्होंने बच्चों के साथ मजबूत रिश्ता बना लिया था।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, उनके आने के बाद विद्यालय की शिक्षा व्यवस्था में सुधार हुआ था।
वे बच्चों को पढ़ाई के प्रति जागरूक करने के साथ उनकी समस्याओं को भी समझने का प्रयास करते थे।
उनके व्यवहार के कारण विद्यार्थी उन्हें केवल शिक्षक नहीं, बल्कि अभिभावक जैसा मानने लगे थे।
छात्राओं के आंसू देखकर प्रिंसिपल भी हुए भावुक
विदाई समारोह के दौरान जब छात्राएं राजीव कुमार सिंह से लिपटकर रोने लगीं तो वह खुद भी भावुक हो गए।
उन्होंने बच्चियों को समझाने और शांत कराने की कोशिश की।
लेकिन छात्राएं उनसे अलग होने को तैयार नहीं थीं।
इस दौरान मौजूद शिक्षकों और ग्रामीणों ने भी बच्चों और प्रधानाध्यापक के बीच गहरे लगाव को महसूस किया।
विदाई का यह भावुक दृश्य कैमरे में रिकॉर्ड हो गया, जिसके बाद इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा।
पढ़ाने का तरीका बच्चों को आया पसंद
राजीव कुमार सिंह ने अपने कार्यकाल के दौरान बच्चों की पढ़ाई में रुचि बढ़ाने के लिए गतिविधियों पर आधारित शिक्षण पद्धति अपनाई थी।
उन्होंने विशेष रूप से विज्ञान और गणित जैसे विषयों को बच्चों के लिए सरल और रोचक बनाने का प्रयास किया।
उनका मानना था कि बच्चों को जहां स्नेह और प्रोत्साहन मिलता है, वे वहां पढ़ाई में अधिक रुचि लेते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए भी प्रेरित किया।
विद्यालय के बच्चों और शिक्षकों के अनुसार, उनके प्रयासों से स्कूल का शैक्षणिक वातावरण बेहतर हुआ था।
ग्रामीणों ने भी की प्रधानाध्यापक के काम की सराहना
विद्यालय के प्रधानाध्यापक के तबादले पर केवल छात्राएं ही नहीं, बल्कि स्थानीय ग्रामीण भी भावुक दिखाई दिए।
ग्रामीणों का कहना था कि राजीव कुमार सिंह ने कम समय में विद्यालय की व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास किया।
उन्होंने बच्चों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और नियमित पढ़ाई सुनिश्चित करने पर ध्यान दिया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि प्रधानाध्यापक के सरल व्यवहार और बच्चों के प्रति लगाव ने उन्हें पूरे गांव में लोकप्रिय बना दिया था।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ भावुक वीडियो
विदाई समारोह का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने इस घटना को शिक्षक और विद्यार्थियों के बीच मजबूत रिश्ते का उदाहरण बताया।
वीडियो में बच्चियों को अपने शिक्षक से लिपटकर रोते और उनसे नहीं जाने की विनती करते देखा गया।
कई लोगों ने प्रधानाध्यापक के व्यवहार और बच्चों के प्रति उनके समर्पण की सराहना की।
यह घटना बताती है कि शिक्षक का विद्यार्थियों के जीवन में योगदान केवल किताबों तक सीमित नहीं होता, बल्कि उनका व्यवहार और मार्गदर्शन भी बच्चों पर गहरा प्रभाव डाल सकता है।
शिक्षक और विद्यार्थी के रिश्ते की मिसाल
स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षक विद्यार्थियों के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
एक अच्छा शिक्षक बच्चों को पढ़ाई के साथ आत्मविश्वास, अनुशासन और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देता है।
सोनपुरा मध्य विद्यालय की यह घटना इसी रिश्ते का उदाहरण बनी।
प्रधानाध्यापक राजीव कुमार सिंह के तबादले पर छात्राओं की भावुक प्रतिक्रिया ने दिखाया कि छह महीने के छोटे कार्यकाल में भी एक शिक्षक बच्चों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव छोड़ सकता है।
विदाई का यह पल आज भी लोगों को करता है भावुक
बिहार के सहरसा में हुई इस घटना ने शिक्षक और विद्यार्थियों के बीच विश्वास और अपनापन दिखाया।
राजीव कुमार सिंह के तबादले पर छात्राओं की आंखों से निकले आंसू उनके प्रति गहरे सम्मान और लगाव को दर्शाते थे।
विदाई समारोह का वीडियो उस समय सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में रहा था।
यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि शिक्षक की पहचान केवल उसकी नौकरी या पद से नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के जीवन में उसके योगदान से भी बनती है।
स्रोत: एबीपी न्यूज़ (21 जुलाई 2022), आजतक (20 जुलाई 2022)।
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