US-Canada tension

US-Canada tensions : अमेरिका की धमकी से डरे जस्टिन ट्रूडो मदद के लिए पहुंचे किंग चार्ल्स के पास,करेंगे ट्रंप की शिकायत

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो (Justin Trudeau) यूरोपीय संघ (ईयू) की बैठक में हिस्सा लेने के लिए इस समय ब्रिटेन यात्रा पर हैं। इस दौरान ट्रूडो सोमवार को ब्रिटेन के किंग चार्ल्स तृतीय (King Charles III) से भी मुलाकात करेंगे। कहा जा रहा है कि इस मुलाकात में जस्टिन ट्रूडो कनाडा और अमेरिका के बीच बढ़ते विवाद की जानकारी देते हुए किंग चार्ल्स से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की शिकायत भी कर सकते हैं। ब्रिटिश मीडिया दावा कर रही है कि इस बैठक में जस्टिन ट्रूडो, ट्रंप के उस धमकी का मुद्दा उठाएंगे, जिसमें ट्रंप ने कनाडा को अमेरिका में मिलाने को कहा था। ब्रिटिश मीडिया के मुताबिक, प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो (Justin Trudeau) और किंग चार्ल्स तृतीय (King Charles III) की मुलाकात सोमवार को होने वाली है। इस दौरान वह किंग से डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की शिकायत करते हुए उनकी उस धमकी पर चर्चा करेंगे, जिसमें ट्रंप ने कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने को कहा था। हालांकि, किंग चार्ल्स अभी तक ट्रंप की धमकियों पर चुप्प ही नजर आए हैं, ऐसे में कम ही उम्मीद है कि वो जस्टिन ट्रूडो का समर्थन करेंगे।  बैठक से पहले जस्टिन ट्रूडो ने भी दी जानकारी  किंग चार्ल्स तृतीय के साथ बैठक से पहले प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो (Justin Trudeau) ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि वह किंग के सामने कनाडाई लोगों से जुड़े महत्वपूर्ण मद्दों को उठाने वाले हैं। कनाडा के लोगों के लिए राष्ट्र की संप्रभुता और स्वतंत्रता से अधिक महत्वपूर्ण इस समय कुछ नहीं है। आज हमारे राष्ट्र को तोड़ने की कोशिश हो रही है, हमें धमकी दी जा रही। इसलिए हम कनाडा के राष्ट्र प्रमुख से इस संबंध में चर्चा करेंगे। हम अपने लिए सुरक्षा चाहते हैं।    इसे भी पढ़ें :– भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर बनी बात, साल के अंत तक होगा अमल कनाडा के भी राष्ट्र प्रमुख हैं किंग चार्ल्स बता दें कि ब्रिटने के किंग चार्ल्स तृतीय (King Charles III) कनाडा के भी राष्ट्र प्रमुख हैं। क्योंकि कनाडा भी कई दूसरे देशों की तरह पूर्व उपनिवेशों के ब्रिटिश राष्ट्रमंडल का सदस्य है। कनाडा अभी इस राजशाही को स्वीकार्य करता है। वहां पर कभी भी इसका विरोध नहीं हुआ है। हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) द्वारा कनाडा को अमेरिकी में मिला लेने की लगातार धमकी देने के बाद भी किंग चार्ल्स ने चुप्पी साध रखी है। जिसका कुछ लोग विरोध भी कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि क्या जस्टिन ट्रूडो से मुलाकात के बाद किंग चार्ल्स अमेरिका के विरोध में कोई बयान देते हैं या फिर वो पहले की तरह ही मौन धारण किए रहते हैं।    Latest News in Hindi Today Hindi news Justin Trudeau King Charles III #JustinTrudeau #KingCharlesIII #DonaldTrump #USCanadaTensions #TrudeauVsTrump #RoyalIntervention #Geopolitics #CanadaUK #PoliticalDrama #GlobalRelations

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food shortage in Pakistan

Pakistan food crisis: पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में खाने के लाले, इफ्तारी का भी नहीं हो पा रहा है जुगाड़

1 मार्च से इस्लाम धर्म के पवित्र महीने रमजान की शुरुआत हो चुकी है। ऐसे में दुनिया भर करोड़ों लोग रोजा रखते हैं और शाम को इफ्तारी करते हैं। मुस्लिम देशों में बड़ी धूमधाम के साथ इफ्तारी मनाई जाती है। बता दें कि इफ्तारी में कई तरह के व्यंजन का समावेश होता है। लेकिन आप जानते हैं पड़ोसी मूल पाकिस्तान में लोगों की हालत इस कदर खस्ता (Pakistan food crisis) है कि वो इफ्तारी भी नहीं कर पा रहे हैं। दरअसल, पाकिस्तान में महंगाई अपने चरम पर है। पाकिस्तान में इफ्तारी के लिए जरूरी सामान की कीमतें आसमान छू रही है। आपको जानकार हैरानी होगी कि पाकिस्तान में सिर्फ फलों की कीमत ही नहीं बल्कि सब्जियों की कीमतें भी आसमान छू रही हैं। रमजान से पहले ही राशन की दुकानों में आटा, चावल, दाल और बेसन जैसे बुनियादी चीजों की कमी हो गई है। कारण यही जो पाकिस्तान के लिए इफ्तारी बड़ी महंगी पड़ रही है। वैसे भी त्योहारों के मौके पर देश भर महंगाई अपने आप बढ़ जाती है।  पिछले 6 महीने से स्थिति हो गई है बेहद खराब (Pakistan food crisis)  दुकानदारों के अनुसार पिछले 6 महीने से स्थिति बेहद खराब (Pakistan food crisis) हो गई है और ग्राहकों की लंबी कतारें लगी हैं। महंगाई की मार से बचने ग्राहक स्थानीय बड़े बाजारों की ओर रुख कर रहे हैं और अधिक कीमतों वाले सामान खरीदने के लिए मजबूर हो रहे हैं। अभी भी लोगों को कोई राहत की उम्मीद नहीं दिखाई दे रही है, क्योंकि सरकार ने कुछ बड़ा कदम नहीं उठाया है। इस बढ़ती महंगाई के खिलाफ लोगों के मन में रोष है। लोगों का कहना है कि सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है। उसे लोगों की कोई परवाह नहीं है। आसमान छूती महंगाई के इस दौर में रोजेदार भला इफ्तारी करे भी तो कैसे करे? सरकार को हम गरीबों के बारे में सोचना चाहिए और जरूरी कदम उठाने चाहिए।  सब्जी, फल और मीट की कीमतों में काफी (Pakistan food crisis) हो चुकी है वृद्धि  जानकारी के लिए बता दें कि पाकिस्तान में रमजान से पहले ही सब्जी, फल और मीट की कीमतों में काफी वृद्धि (Pakistan food crisis) हो चुकी है। पाकिस्तान की न्यूज वेबसाइट समा टीवी के मुताबिक पिछले तीन दिनों की तुलना में कीमतों में काफी अंतर देखा गया है। रोजमर्रा की चीजें मसलन, टमाटर, केले लहसुन और सेब की कीमतें कई गुना बढ़ गई हैं। कीमतें सुनकर आप हैरत में पड़ जाएंगे। बात करें लाहौर की तो, लाहौर में सेब 335 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। अंडे के दाम 200 रुपये से बढ़कर 290 रुपये हो गया है। यही नहीं, मीट की कीमतें भी आसमान छू रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लाहौर में मीट 800 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। इसे भी पढ़ें :–  चैंपियंस ट्राफी के बीच पाकिस्तान में आत्मघाती हमला, 5 की मौत पाकिस्तान के लोग हैं कि इफ्तारी का भी (Pakistan food crisis) नहीं कर पा रहे हैं जुगाड़  बता दें कि 1 मार्च को रमजान का चांद दिखने के साथ ही तरावीह शुरू हो गई है और इसी दिन से माहे रमजान की शुरुआत हो गई जबकि 2 मार्च से पहला रोजा रखा गया। इस्लामिक मान्यता के अनुसार पवित्र रमजान के महीने में अपनों ईमानदारी से कमाए गए पैसों से सहरी और इफ्तार की जाती है। गौर करने वाली बात यह कि रमजान के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोग सूर्य उदय से पहले उठकर सहरी करते हैं और फिर नमाज पढ़ते हैं। इसके बाद दिनभर रोजेदार रोजा रखते हैं। सूर्यास्त होने के बाद वे खजूर खाकर अपना रोजा खोलते हैं। रोजा खोलने के बाद शाम को नमाज पढ़ी जाती है। उसके बाद इफ्तार शुरू होता है। इफ्तार के लिए स्वादिष्ट पकवान बनाए जाते हैं। लोग अपने परिजनों, दोस्तों और शुभ​ चिंतकों के साथ मिलकर इफ्तारी करते हैं। लेकिन पाकिस्तान के लोग हैं कि इफ्तारी का भी जुगाड़ (Pakistan food crisis) नहीं कर पा रहे हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news Pakistan food crisis #PakistanFoodCrisis #PakistanHunger #FoodShortage #RamadanCrisis #PakEconomy #InflationPakistan #PakCrisis #IftarStruggle #FoodInflation #PakistanNews

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Trump Zelensky conflict

Trump Zelensky conflict: ट्रंप हुई तीखी नोकझोंक के बाद जेलंस्की ने माफ़ी मानाने से किया इंकार, दंग रह गई दुनिया

28 फरवरी 2025 को ओवल ऑफिस में मीटिंग के दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की ने अमेरिका को पूरी दुनिया के सामने जमकर खरी-खोटी (Trump Zelensky conflict) सुनाई। दरअसल, ओवल ऑफिस में जब मीटिंग हो रही थी तभी जेलेंस्की और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप में जमकर बहस हुई। इस बहस का वीडियो अब जमकर वायरल हो रहा है। बहस के बाद जेलेंस्की ने साफ कर दिया है कि वह कतई माफी नहीं मांगेगे। जेलेंस्की ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि “यह स्थिति दोनों देशों के लिए ठीक नहीं थी। महत्वपूर्ण यह कि जेलेंस्की और ट्रंप के बीच यह बहस ओवल ऑफिस में कैमरों के सामने हुई। गौर करने वाली बात यह कि जब यह लड़ाई हुई तब अमेरिका में यूक्रेन की राजदूत ओक्साना मार्करोवा ने सिर पर हाथ रख लिया। यह वीडियो अब वायरल हो गया है। लगभग 46 मिनट चली प्रेस कॉन्फ्रेंस में आखिरी 8 मिनट तक तीखी नोकझोंक हुई। दरअसल, बैठक के दौरान ट्रंप और जेलेंस्की के बीच रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के तरीकों पर मतभेद उभरे, जिससे बातचीत तनावपूर्ण हो गई। ट्रंप ने जेलेंस्की पर अपमानजनक व्यवहार का आरोप लगाया था, जबकि जेलेंस्की ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के वादों पर सवाल उठाए। इस विवाद के बाद ट्रंप ने बैठक को समाप्त कर दिया और जेलेंस्की से व्हाइट हाउस छोड़ने के लिए कहा गया।  जेलेंस्की ने अपनी गलती मानने से किया इनकार (Trump Zelensky conflict)  बहस बाद जेलेंस्की ने फॉक्स न्यूज के साथ हुए साक्षात्कार में जब शो के होस्ट ब्रेट बेयर ने जेलेंस्की से पूछा कि क्या वह इस मीटिंग में जो कुछ हुआ उसके लिए माफी मांगेंगे? इस प्रश्न पर जेलेंस्की ने किसी भी गलती से इनकार (Trump Zelensky conflict) कर दिया। उन्होंने कहा कि “नहीं, मैं राष्ट्रपति और अमेरिकी जनता का सम्मान करता हूं। हमें खुला और ईमानदार रहना चाहिए। मुझे नहीं लगता कि हमने कुछ गलत किया है। शायद कुछ चीजों पर मीडिया से अलग चर्चा करनी चाहिए।” खैर, जेलेंस्की से जब पूछा गया कि क्या यह बहस यूक्रेन के हित में रही? तो उन्होंने कहा कि “यह दोनों पक्षों के लिए सही नहीं थी। मैं स्पष्ट हूं कि अमेरिका और यूरोप हमारे सबसे अच्छे दोस्त हैं और रूस के राष्ट्रपति पुतिन हमारे दुश्मन हैं।” अपनी बात पर जोर देते हुए जेलेंस्की ने कहा कि “ट्रंप ही नहीं हम खुद इस युद्ध को रोकना चाहते हैं, क्योंकि हम इस युद्ध को लड़ रहे हैं और इससे पीड़ित हैं। ट्रंप पहले कहते रहे हैं कि वह इस युद्ध को रोक सकते हैं और हम चाहते हैं कि वह ऐसा करें। जेलेंस्की से जब पूछा गया कि क्या यह बातचीत बंद दरवाजों के पीछे होनी चाहिए थी और क्या उन्हें इसका अफसोस है? इसपर जेलेंस्की ने कहा कि “हां मुझे लगता है कि यह सही नहीं था।” ट्रंप यूक्रेन को दी जाने वाली सभी सैन्य सहायता बंद (Trump Zelensky conflict) करने पर विचार कर रहे हैं- ट्रंप  प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस विवाद के बाद अमेरिकी अधिकारियों ने यूक्रेन को दी जा रही सहायता में संभावित धोखाधड़ी और दुरुपयोग की जांच तेज करने का निर्णय लिया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि एलन मस्क और उनकी डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी पहले से ही यूक्रेन को प्रदान की गई बड़ी आर्थिक और सुरक्षा सहायता में संभावित समस्याओं की जांच कर रहे थे, लेकिन अब इन प्रयासों में तेजी लाई जाएगी। इस अधिकारी ने यह भी कहा कि “वे पहले से ही समस्याएं खोज रहे हैं। यही नहीं, इसके अलावा ट्रंप यूक्रेन को दी जाने वाली सभी सैन्य सहायता बंद (Trump Zelensky conflict) करने पर विचार कर रहे हैं। हालांकि इस मीटिंग के बाद एलन मस्क ने भी इसकी जांच के संकेत दिए थे। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि यह पता लगाने का समय आ गया है कि यूक्रेन को भेजे गए सैकड़ों अरब डॉलर का वास्तव में आखिर क्या हुआ? इसे भी पढ़ें :– भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर बनी बात, साल के अंत तक होगा अमल  लाखों लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ करने हेतु ट्रंप ने जेलेंस्की को लगाई कड़ी फटकार  बता दें कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शुक्रवार को ओवल ऑफिस में एक मीटिंग के दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की पर जमकर (Trump Zelensky conflict) बरसे। उन्होंने लाखों लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ करने के लिए जेलेंस्की को फटकार लगाई। ट्रंप ने कहा कि “यूक्रेनी राष्ट्रपति की कार्रवाई तीसरा विश्व युद्ध भड़का सकती है। इसके बाद जेलेंस्की ने अमेरिका के साथ महत्वपूर्ण खनिज समझौते पर हस्ताक्षर किए बिना अचानक व्हाइट हाउस छोड़ दिया। ट्रंप ने इस समझौते की मांग की थी और कहा था कि “यह यूक्रेन को भविष्य के समर्थन के लिए एक शर्त है।” Latest News in Hindi Today Hindi news Trump Zelensky conflict #TrumpZelenskyConflict #ZelenskyTrumpClash #UkraineCrisis #TrumpVsZelensky #GlobalTensions #PoliticalShowdown #USUkraineRelations #WorldShocked #DiplomaticRift #BreakingNews

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